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रामदेव-बृजभूषण के बीच खत्म हुआ विवाद? मुलाकात के बाद बोले बाबा- पतंजलि का घी नकली नहीं

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़: योग गुरु बाबा रामदेव और पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बीच पतंजलि के उत्पादों और घी को लेकर चल रही बयानबाजी अब खत्म होती नजर आ रही है। बुधवार को दोनों की मुलाकात के बाद रामदेव ने कहा कि गलतफहमी दूर हो गई है और मामले का पटाक्षेप हो चुका है।

रामदेव ने बताया कि बृजभूषण शरण सिंह से मुलाकात के दौरान उन्होंने बातचीत की और पुराने विवाद को समाप्त करने की बात कही। रामदेव के मुताबिक, बृजभूषण ने उनसे मुलाकात के दौरान सम्मान जताया और कहा कि वह संतों तथा सनातन का सम्मान करते हैं।

सुनी-सुनाई बातों से हुई गलतफहमी- रामदेव

बाबा रामदेव ने कहा कि कई बार लोग सुनी-सुनाई बातों और वीडियो के आधार पर अपनी राय बना लेते हैं। उनके अनुसार, बृजभूषण शरण सिंह के मन में भी ऐसी ही बातों के कारण गलतफहमी पैदा हुई थी, जो मुलाकात के बाद दूर हो गई।

रामदेव ने विवाद खत्म करने की पहल के लिए मध्यस्थता करने वालों का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि अब इस मामले को आगे बढ़ाने की जरूरत नहीं है।

पतंजलि के घी को लेकर रामदेव ने क्या कहा?

नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रामदेव ने पतंजलि के गाय के घी की गुणवत्ता को लेकर उठाए गए सवालों पर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि पतंजलि का गाय का घी नकली नहीं है और कंपनी की दवाओं को लेकर भी उन्होंने किसी तरह की मिलावट से इनकार किया।

रामदेव ने कहा कि पतंजलि के उत्पादों को लेकर फैल रही बातों पर लोगों को केवल सुनी-सुनाई जानकारी के आधार पर भरोसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि पतंजलि के किसी उत्पाद पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

उन्होंने बताया कि बृजभूषण शरण सिंह को घी के दो डिब्बे दिए गए थे। इनमें से एक इस्तेमाल के लिए और दूसरा प्रयोगशाला में जांच के लिए था।

क्या कहा था बृजभूषण शरण सिंह ने?

विवाद की शुरुआत पतंजलि के उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर बृजभूषण शरण सिंह की टिप्पणियों के बाद हुई थी। उन्होंने सार्वजनिक मंच से पतंजलि के घी और अन्य उत्पादों को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने मिलावट के मुद्दे पर रामदेव और पतंजलि की आलोचना भी की थी।

बाद में पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 50 करोड़ रुपये का मानहानि दावा दायर किया था। इस कानूनी कार्रवाई के बाद दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी और तेज हो गई थी।

अब मुलाकात के बाद बदला माहौल

कुछ दिनों तक चले विवाद के बाद बुधवार की मुलाकात से दोनों पक्षों के बीच माहौल नरम पड़ता दिखाई दिया है। रामदेव ने खुद कहा कि अब गलतफहमियां दूर हो गई हैं और विवाद को समाप्त कर दिया गया है।

हालांकि, मानहानि मामले की कानूनी स्थिति और उसके आगे की प्रक्रिया अलग विषय है। दोनों पक्षों की ओर से विवाद को लेकर सार्वजनिक बयान आने के बाद अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि कानूनी कार्रवाई का क्या रुख रहता है।

CEC ज्ञानेश कुमार पर विपक्ष का हमला, महाभियोग से गिरफ्तारी तक की मांग; SIR को लेकर भी सवाल

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़ : मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दलों का विरोध बुधवार को और तेज हो गया। चुनाव आयोग के भीतर दो चुनाव आयुक्तों की ओर से फैसलों पर दर्ज की गई आपत्तियों से जुड़ी रिपोर्ट सामने आने के बाद विपक्षी नेताओं ने CEC को पद से हटाने, उनके खिलाफ कार्रवाई करने और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को रोकने जैसी मांगें उठाई हैं।

The Indian Express की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार चुनाव आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर औपचारिक आपत्ति दर्ज की। इनमें नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने और चुनावी डेटा के केंद्रीकरण जैसे मुद्दे शामिल बताए गए हैं।

पवन खेड़ा ने की महाभियोग की मांग

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग चलाने की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।

खेड़ा ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR से जुड़े मुद्दों को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। उनके बयान राजनीतिक आरोप हैं; इन आरोपों पर चुनाव आयोग की ओर से इस रिपोर्ट के समय कोई विस्तृत प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी। The Indian Express ने अपनी रिपोर्ट पर आयोग से सवाल पूछे थे, लेकिन प्रतिक्रिया नहीं मिलने की बात कही है।

केजरीवाल ने की गिरफ्तारी की मांग

आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी CEC ज्ञानेश कुमार पर कार्रवाई की मांग की। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की बैठकें नियमित रूप से नहीं हुईं और SIR से जुड़े फैसलों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

उन्होंने SIR प्रक्रिया को रद्द करने, इसके तहत किए गए बदलावों को वापस लेने और पुरानी मतदाता सूची बहाल करने की मांग की। साथ ही उन्होंने ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किए जाने की मांग भी रखी।

हालांकि, SIR से जुड़े आंकड़ों और प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों के दावों को चुनाव आयोग की आधिकारिक स्थिति और न्यायिक प्रक्रिया के संदर्भ में देखा जाना जरूरी है।

उद्धव ठाकरे ने भी उठाई कार्रवाई की मांग

शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी CEC ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और जेल भेजने की मांग की। उन्होंने चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से दर्ज आपत्तियों का हवाला देते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

ठाकरे ने महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हुए पिछले विधानसभा चुनावों को रद्द कर दोबारा चुनाव कराने की मांग भी की। उन्होंने इन चुनावों में बैलेट पेपर से मतदान कराने की बात कही।

चुनाव आयोग के भीतर 14 बार दर्ज हुई आपत्ति

The Indian Express की जांच के मुताबिक, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों के दौरान कम से कम 14 बार चुनाव आयोग के फैसलों पर आपत्ति दर्ज की। रिपोर्ट के अनुसार, इन आपत्तियों में नए मतदाताओं को जोड़ने, मतदाता नाम हटाने, फॉर्म-6 में बदलाव और मतदाता डेटा के केंद्रीकरण जैसे विषय शामिल थे।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को लेकर सवाल उठाए थे। फॉर्म-6 नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल किया जाता है। संधू ने कथित तौर पर बदलाव को ‘अनधिकृत’ और ‘गैरकानूनी’ बताते हुए इसे हटाने की बात कही थी।

SIR को लेकर क्या है विवाद?

SIR यानी Special Intensive Revision के तहत मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण को लेकर पहले से ही राजनीतिक विवाद चल रहा है। The Indian Express के अनुसार, बिहार से शुरू हुई प्रक्रिया के बाद 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट मतदाता सूचियों में 13 करोड़ से अधिक नामों को लेकर बदलाव दर्ज हुए हैं। यह संख्या ड्राफ्ट रोल से हटाए या चिह्नित किए गए नामों से संबंधित है और इसे अंतिम रूप से मतदाता सूची से बाहर किए गए लोगों की संख्या के बराबर नहीं माना जाना चाहिए।

पश्चिम बंगाल में भी SIR के दौरान हटाए गए मतदाताओं को लेकर विवाद सामने आया है। चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि 27.16 लाख हटाए गए मतदाताओं में से 22 लाख से अधिक ने दोबारा शामिल किए जाने के लिए अपील की है।

चुनाव आयोग के भीतर मतभेद क्यों महत्वपूर्ण हैं?

चुनाव आयोग तीन सदस्यीय संवैधानिक संस्था है। मौजूदा विवाद में दो चुनाव आयुक्तों द्वारा अलग-अलग मौकों पर दर्ज की गई आपत्तियों ने आयोग के अंदर निर्णय लेने की प्रक्रिया और मतदाता डेटा के प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

The Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों चुनाव आयुक्तों ने मतदाता डेटा के केंद्रीकरण और आयोग के आईटी सिस्टम से जुड़े अधिकारों को लेकर भी चिंता जताई थी।

फिलहाल विपक्षी दलों की ओर से CEC ज्ञानेश कुमार पर कार्रवाई, SIR में बदलाव और कुछ राज्यों में दोबारा चुनाव कराने जैसी मांगें उठाई जा रही हैं। दूसरी ओर, इन मांगों और आरोपों पर अंतिम स्थिति संबंधित संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं से ही स्पष्ट होगी।

UP Election Survey: अवध और बुंदेलखंड में भाजपा गठबंधन को बढ़त का दावा, जानें सर्वे के आंकड़े

UP Election Survey: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज हो गई हैं। भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस समेत प्रमुख दल चुनावी रणनीति को धार देने में जुटे हैं। इसी बीच प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों को लेकर एक चुनावी सर्वे के आंकड़े सामने आए हैं। सर्वे में अवध और बुंदेलखंड क्षेत्र में भाजपा गठबंधन को बढ़त मिलने का दावा किया गया है।

अवध की 56 सीटों में भाजपा गठबंधन को 39 सीटों का अनुमान

न्यूज लीडर और मैटराइज के सर्वे के अनुसार, अवध क्षेत्र की कुल 56 विधानसभा सीटों में भाजपा गठबंधन को 39 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। वहीं, सपा गठबंधन के खाते में 17 सीटें जाने का दावा किया गया है।

सर्वे के आंकड़ों में बसपा और अन्य दलों को कोई सीट मिलने का अनुमान नहीं लगाया गया है। हालांकि, ये आंकड़े चुनावी सर्वे पर आधारित अनुमान हैं और इन्हें अंतिम चुनाव परिणाम नहीं माना जा सकता।

बुंदेलखंड में भी भाजपा गठबंधन आगे

सर्वे में बुंदेलखंड क्षेत्र की 19 विधानसभा सीटों को लेकर भी भाजपा गठबंधन को बढ़त मिलने का दावा किया गया है। यहां भाजपा गठबंधन के खाते में 17 सीटें जाने का अनुमान है, जबकि सपा गठबंधन को दो सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।

इस तरह अवध और बुंदेलखंड की कुल 75 सीटों के सर्वे आंकड़ों में भाजपा गठबंधन को 56 सीटों और सपा गठबंधन को 19 सीटों पर बढ़त का अनुमान लगाया गया है।

75 सीटों के आंकड़ों में क्या तस्वीर सामने आई?

सर्वे के मुताबिक, अवध की 56 और बुंदेलखंड की 19 सीटों को मिलाकर कुल 75 विधानसभा सीटों के अनुमान सामने आए हैं। इनमें भाजपा गठबंधन को 56 सीटें और सपा गठबंधन को 19 सीटें मिलने का अनुमान है।

हालांकि, उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं और यहां प्रस्तुत आंकड़े केवल इन दो क्षेत्रों की 75 सीटों से संबंधित हैं। चुनावी सर्वे के अनुमान समय के साथ बदल सकते हैं और वास्तविक परिणाम मतदान तथा मतगणना के बाद ही स्पष्ट होंगे।

क्षेत्रवार सर्वे के आंकड़े

क्षेत्र कुल सीटें भाजपा गठबंधन सपा गठबंधन बसपा/अन्य
अवध 56 39 17 0
बुंदेलखंड 19 17 2 0
कुल 75 56 19 0

नोट: ये आंकड़े आपके उपलब्ध कराए गए न्यूज लीडर-मैटराइज सर्वे के दावे पर आधारित हैं। सर्वे अनुमान वास्तविक चुनाव परिणाम नहीं होते।

टीम इंडिया के खिलाफ T20 सीरीज के लिए न्यूजीलैंड टीम का ऐलान, 7 तेज गेंदबाजों को मिली जगह; देखें पूरी टीम

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India vs New Zealand T20 Series 2026: भारत के खिलाफ अक्टूबर में होने वाली पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए न्यूजीलैंड ने अपनी टीम घोषित कर दी है। मिचेल सैंटनर को टीम की कमान सौंपी गई है। न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने सीरीज के लिए 16 सदस्यीय स्क्वॉड का ऐलान किया है।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज की शुरुआत 22 अक्टूबर 2026 से होगी। इसके बाद दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी। दौरे के अंत में दो टेस्ट मैच भी प्रस्तावित हैं, जो आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा होंगे।

न्यूजीलैंड टीम में 7 तेज गेंदबाज

कीवी टीम के चयन में सबसे ज्यादा चर्चा सात तेज गेंदबाजों को शामिल किए जाने की है। न्यूजीलैंड ने अपनी 16 सदस्यीय टीम में एडम मिल्ने, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, काइल जैमीसन, जैकब डफी, जैक फाउल्क्स और नाथन स्मिथ को जगह दी है।

टीम में ऐसे कई खिलाड़ी शामिल हैं, जो इस साल फरवरी-मार्च में भारत में खेले गए टी20 विश्व कप का हिस्सा थे। कुल 13 खिलाड़ी उस टूर्नामेंट में न्यूजीलैंड की टीम के साथ थे। इनमें चोट के कारण विश्व कप से बाहर रहे माइकल ब्रेसवेल और एडम मिल्ने भी शामिल हैं।

एडम मिल्ने लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रहे हैं। उन्होंने करीब एक साल से न्यूजीलैंड के लिए कोई इंटरनेशनल मुकाबला नहीं खेला है।

रचिन रविंद्र T20 सीरीज से बाहर

ऑलराउंडर रचिन रविंद्र भारत के खिलाफ टी20 सीरीज में नहीं खेलेंगे। वह चोट के कारण टीम में जगह नहीं बना सके हैं। एक शूट के दौरान उनका कंधा चोटिल हुआ था और कंधा डिसलोकेट हो गया था। हालांकि, रचिन के नवंबर में शुरू होने वाली वनडे सीरीज तक फिट होकर वापसी करने की संभावना है।

वहीं तेज गेंदबाज बेन सीयर्स अभी चोट से उबर रहे हैं। न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड के अनुसार वह फिलहाल रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया से गुजर रहे हैं।

भारत के खिलाफ उतरेंगे ये 16 खिलाड़ी

न्यूजीलैंड की 16 सदस्यीय टी20 टीम में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का मिश्रण है।

मिचेल सैंटनर (कप्तान), फिन एलन, माइकल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, डेवोन कॉनवे, जैकब डफी, लॉकी फर्ग्यूसन, जैक फाउल्क्स, मैट हेनरी, बेवोन जैकब्स, काइल जैमीसन, एडम मिल्ने, डेरिल मिचेल, ग्लेन फिलिप्स, टिम सीफर्ट और नाथन स्मिथ।

टी20 विश्व कप फाइनल के बाद पहली भिड़ंत

भारत और न्यूजीलैंड की टीमें टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल के बाद पहली बार आमने-सामने होंगी। सीरीज का पहला मुकाबला 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च के हेग्ले ओवल में खेला जाएगा।

न्यूजीलैंड के मुख्य कोच रॉब वाल्टर ने भारत के खिलाफ घरेलू सीरीज को लेकर उत्साह जताया। उन्होंने कहा कि घरेलू परिस्थितियों में भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ खेलना न्यूजीलैंड के लिए शानदार मौका होगा।

भारत के न्यूजीलैंड दौरे का T20 शेड्यूल

भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच टी20 मुकाबले खेले जाएंगे।

तारीख मुकाबला स्थान
22 अक्टूबर 2026 पहला T20 क्राइस्टचर्च
24 अक्टूबर 2026 दूसरा T20 क्राइस्टचर्च
27 अक्टूबर 2026 तीसरा T20 वेलिंग्टन
30 अक्टूबर 2026 चौथा T20 ऑकलैंड
1 नवंबर 2026 पांचवां T20 हेमिल्टन

भारत के न्यूजीलैंड दौरे में टी20 सीरीज के बाद वनडे और टेस्ट मुकाबले भी होंगे। ऐसे में दोनों टीमों के लिए यह दौरा आगामी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेगा।

यूपी में आधी रात कमांडो ऑपरेशन, ट्रिपल मर्डर के आरोपी को मार गिराया; मासूम की भी मौत

आजमगढ़/सर्वोदय न्यूज़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में मंगलवार शाम हुए ट्रिपल मर्डर के बाद देर रात पुलिस और एटीएस कमांडो ने बड़ा ऑपरेशन चलाया। पत्नी और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या करने के बाद आरोपी युवक अपने तीन बच्चों के साथ घर के एक कमरे में छिप गया था। बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लखनऊ से एटीएस कमांडो की टीम बुलानी पड़ी।

रात करीब साढ़े 12 बजे कमांडो टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने कमांडो पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया। इस दौरान आरोपी के चार साल के बेटे की भी मौत हो गई, जबकि छह साल की बेटी के हाथ में गोली लगी है। आठ माह की बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

पत्नी और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या

मामला आजमगढ़ के शंभूपुर गांव का बताया जा रहा है। यहां अरविंद सिंह की पत्नी बबिता घर में धार्मिक अनुष्ठान करा रही थीं। परिवार को आशंका थी कि अरविंद पर कथित तौर पर भूत-प्रेत का प्रभाव है। इसी वजह से घर में कई दिनों से पूजा-पाठ और अनुष्ठान चल रहा था।

मंगलवार शाम करीब साढ़े छह बजे अरविंद घर पहुंचा। उस समय उसकी 32 वर्षीय पत्नी बबिता पूजा में बैठी थीं। अहरौला क्षेत्र के पठखौली गांव निवासी 55 वर्षीय महेंद्र पाठक और छिताना गोझा गांव निवासी 50 वर्षीय अखिलेश मिश्र समेत चार पुजारी अनुष्ठान करा रहे थे।

बताया गया कि अरविंद ने पूजा का विरोध किया और पुजारियों से उनका आधार कार्ड मांगने लगा। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। पत्नी ने उसे शांत कराने की कोशिश की, लेकिन मामला बिगड़ गया और आरोपी ने कथित तौर पर रिवॉल्वर निकाल ली।

पत्नी के बाद दोनों पुजारियों को मारी गोली

पुलिस के अनुसार आरोपी ने सबसे पहले अपनी पत्नी को गोली मारी। इसके बाद वहां मौजूद दोनों पुजारियों पर भी फायरिंग कर दी। गोली लगने से तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के दौरान वहां मौजूद दो अन्य पुजारी और परिवार के सदस्य किसी तरह बाहर निकल गए। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी घरों से बाहर आ गए। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया।

इसके बाद आरोपी अपने तीन बच्चों के साथ घर के एक कमरे में जाकर छिप गया। बच्चों की मौजूदगी के कारण पुलिस ने बेहद सावधानी से ऑपरेशन की रणनीति तैयार की।

आरोपी ने कमांडो टीम पर भी की फायरिंग

घटना की सूचना मिलने के बाद डीआईजी सुनील कुमार सिंह और एसएसपी डॉ. अनिल कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। रात करीब साढ़े 11 बजे एडीजी वाराणसी जोन नवीन अरोड़ा भी घटनास्थल पर पहुंच गए।

आरोपी को कमरे से बाहर निकालने और बच्चों को सुरक्षित बचाने के लिए लखनऊ से एटीएस कमांडो की टीम बुलाई गई। करीब साढ़े 12 बजे दर्जनभर कमांडो मौके पर पहुंचे और ऑपरेशन शुरू किया।

एडीजी के मुताबिक आरोपी ने कमांडो टीम पर पांच राउंड फायरिंग की। इसके जवाब में कमांडो टीम ने चार राउंड फायर किए। जवाबी कार्रवाई में आरोपी मारा गया।

चार साल के बेटे की भी मौत

ऑपरेशन के दौरान आरोपी के चार साल के बेटे की भी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक घटना के दौरान आरोपी ने अपने बेटे को भी गोली मारी थी। वहीं छह साल की बेटी के हाथ में गोली लगी है। घायल बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। आठ माह की बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

इस तरह इस घटना में आरोपी सहित कुल पांच लोगों की मौत हुई है, जबकि एक बच्ची घायल हुई है।

मानसिक बीमारी की बात भी सामने आई

एडीजी वाराणसी जोन नवीन अरोड़ा ने बताया कि आरोपी के मानसिक रूप से बीमार होने की जानकारी सामने आई है और उसका इलाज भी चल रहा था। परिवार को उसके ऊपर कथित रूप से भूत-प्रेत का प्रभाव होने का संदेह था, जिसके चलते घर में चार दिनों से अनुष्ठान कराया जा रहा था।

पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि आरोपी के पास हथियार कैसे आया और घटना से पहले तथा घटना के दौरान वास्तव में क्या-क्या हुआ था। अधिकारियों के मुताबिक जांच के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की स्थिति और स्पष्ट होगी।

भाजपा के लिए प्रचार करती दिखेंगी सायोनी घोष? भाजपा का करती थीं विरोध,ममता के खिलाफ लगाएंगी नारे?

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज : पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते दिखाई दे रहे हैं। नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) ने इन दोनों सीटों पर भारतीय जनता पार्टी के समर्थन में प्रचार करने का फैसला किया है। ऐसे में NCPI से जुड़ी सांसद सायोनी घोष के भी भाजपा के पक्ष में प्रचार अभियान में नजर आने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्रचार के लिए किन नेताओं को मैदान में उतारा जाएगा।

नंदीग्राम और रेजीनगर में 6 अक्टूबर 2026 को मतदान और 9 अक्टूबर को मतगणना होनी है। चुनाव आयोग ने दोनों सीटों के लिए उपचुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है।

भाजपा के समर्थन में प्रचार करेगा NCPI

NCPI ने ऐलान किया है कि दोनों विधानसभा सीटों पर वह भाजपा के समर्थन में प्रचार करेगा। पार्टी की ओर से कहा गया कि उसके अपने उम्मीदवार मैदान में नहीं हैं, इसलिए उसने भाजपा को समर्थन देने का निर्णय लिया है।

हालिया रिपोर्टों के मुताबिक NCPI की सांसद सायोनी घोष ने भी उपचुनाव से पहले बंगाल की राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी की है। उन्होंने कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बीच व्यापक विपक्षी एकजुटता की संभावना की बात कही थी।

NCPI नेतृत्व का कहना है कि राज्य में लंबे समय से जारी राजनीतिक टकराव को खत्म कर केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय के साथ काम करने की जरूरत है।

भाजपा ने दोनों सीटों पर उतारे उम्मीदवार

भाजपा ने नंदीग्राम से हासिरानी रथ और रेजीनगर से शाखाराव सरकार को उम्मीदवार बनाया है। हासिरानी रथ, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के दिवंगत सहयोगी चंद्रनाथ रथ की मां हैं। वहीं शाखाराव सरकार मुर्शिदाबाद भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रह चुके हैं।

नंदीग्राम सीट मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के दो सीटों से चुनाव जीतने के बाद खाली हुई थी। उन्होंने बाद में भवानीपुर सीट को बरकरार रखा। रेजीनगर सीट आम जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई।

तृणमूल के भीतर दो गुटों की लड़ाई

इन उपचुनावों से पहले तृणमूल कांग्रेस के भीतर का विवाद भी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर रहा है। चुनाव आयोग ने पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर विवाद के बीच दोनों गुटों को अलग-अलग अस्थायी नाम और प्रतीक आवंटित किए हैं।

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और फुटबॉल खिलाड़ी का चुनाव चिह्न मिला है, जबकि दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और लिफाफा चुनाव चिह्न दिया गया है।

नंदीग्राम में बदला चुनावी समीकरण

नंदीग्राम उपचुनाव में मुकाबला बहुकोणीय हो गया है। भाजपा ने हासिरानी रथ को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने मिलन प्रधान को उम्मीदवार बनाया है। इसके अलावा तृणमूल से जुड़े अलग-अलग गुट भी मैदान में हैं।

ममता बनर्जी के गुट की उम्मीदवार संचित प्रधान के चुनावी दौड़ से हटने के बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की। इसके बाद मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस और ममता गुट की ओर से राजनीतिक आरोप लगाए गए, जबकि संबंधित कानूनी मामलों को लेकर अलग-अलग पक्षों की अपनी दलीलें हैं।

वहीं, दूसरे तृणमूल गुट ने नंदीग्राम से मोहम्मद एतेशामुल हक को उम्मीदवार बनाया है। इस वजह से सीट पर मुकाबला कई दलों और गुटों के बीच बंटा हुआ है।

रेजीनगर में भी बदली तस्वीर

रेजीनगर सीट पर भी तृणमूल खेमे में उम्मीदवार को लेकर घटनाक्रम तेजी से बदला। ममता गुट के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने नामांकन वापस लेने का ऐलान किया था, हालांकि बाद में उन्होंने अपना फैसला बदलते हुए चुनाव लड़ने की बात कही। बाद की रिपोर्टों में उनके नाम वापस लेने की जानकारी भी सामने आई।

इस बीच भाजपा, कांग्रेस, वाम दलों और अन्य राजनीतिक समूहों ने भी अपने-अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं।

कब होगा नंदीग्राम और रेजीनगर में मतदान?

निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार दोनों विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर 2026 को वोट डाले जाएंगे। मतगणना 9 अक्टूबर 2026 को होगी। चुनाव प्रक्रिया 11 अक्टूबर तक पूरी होने की निर्धारित समयसीमा है।

चुनाव कार्यक्रम एक नजर में

  • मतदान: 6 अक्टूबर 2026
  • मतगणना: 9 अक्टूबर 2026
  • चुनाव प्रक्रिया पूरी होने की तारीख: 11 अक्टूबर 2026

नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव ऐसे समय हो रहे हैं जब पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक विवाद, नए चुनाव चिह्नों का आवंटन और विभिन्न विपक्षी दलों की अलग-अलग रणनीतियां चुनावी मुकाबले को प्रभावित कर रही हैं।

यूपी में एक और बड़ा चुनाव: 11 सीटों पर होगा मुकाबला, भाजपा-सपा ने कसी कमर; जानें पूरा शेड्यूल

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राज्य में राज्यसभा चुनाव के साथ अब विधान परिषद की 11 सीटों के लिए भी चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन सीटों पर 23 अक्टूबर 2026 को मतदान कराया जाएगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक पूरी चुनाव प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएगी।

विधान परिषद की जिन 11 सीटों पर चुनाव होना है, उनमें 5 खंड स्नातक और 6 खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन सीटों के मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। चुनाव कार्यक्रम जारी होने के साथ संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है।

29 सितंबर से शुरू होगी चुनावी प्रक्रिया

चुनाव आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार विधान परिषद चुनाव की अधिसूचना 29 सितंबर को जारी होगी। उम्मीदवारों के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर तय की गई है। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे।

इसके बाद 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा। मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।

चुनाव कार्यक्रम एक नजर में

  • अधिसूचना: 29 सितंबर 2026
  • नामांकन की अंतिम तारीख: 6 अक्टूबर
  • नामांकन पत्रों की जांच: 7 अक्टूबर
  • नाम वापसी: 9 अक्टूबर
  • मतदान: 23 अक्टूबर, सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक
  • मतगणना: 27 अक्टूबर
  • चुनाव प्रक्रिया पूरी होने की तारीख: 31 अक्टूबर 2026

किन निर्वाचन क्षेत्रों में होगा चुनाव?

इस बार जिन 11 निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव होना है, उनमें लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक सीटें शामिल हैं। इसके अलावा लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में भी चुनाव होगा।

इन निर्वाचन क्षेत्रों से मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के कारण चुनाव कराया जा रहा है।

इन 11 सदस्यों का कार्यकाल हो रहा खत्म

चुनाव के कारण जिन मौजूदा सदस्यों की सीटें रिक्त होंगी, उनमें लखनऊ खंड स्नातक से अवनीश कुमार सिंह, वाराणसी से आशुतोष सिन्हा, आगरा से डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, मेरठ से दिनेश कुमार गोयल और इलाहाबाद-झांसी से डॉ. मान सिंह यादव शामिल हैं।

वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ से उमेश द्विवेदी, वाराणसी से लाल बिहारी यादव, आगरा से डॉ. आकाश अग्रवाल, मेरठ से श्रीचंद शर्मा, बरेली-मुरादाबाद से हरी सिंह ढिल्लो और गोरखपुर-फैजाबाद से ध्रुव कुमार त्रिपाठी का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।

भाजपा ने पांच सीटों पर पहले ही उतारे प्रत्याशी

भाजपा ने विधान परिषद की इन 11 सीटों में से पांच के लिए प्रत्याशियों का ऐलान पहले ही कर दिया था। पार्टी ने लखनऊ स्नातक सीट से इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह, लखनऊ शिक्षक सीट से उमेश द्विवेदी, आगरा स्नातक सीट से डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट से डॉ. हरि सिंह ढिल्लो और मेरठ शिक्षक सीट से श्रीचंद शर्मा को फिर से प्रत्याशी बनाया है।

बाकी सीटों के लिए पार्टी की ओर से उम्मीदवारों के नाम घोषित किए जाने हैं।

बाकी सीटों पर उम्मीदवारों को लेकर मंथन

भाजपा के सामने अभी गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक, इलाहाबाद-झांसी स्नातक, वाराणसी स्नातक एवं शिक्षक, आगरा शिक्षक और मेरठ स्नातक सीटों के लिए प्रत्याशी तय करने की प्रक्रिया बाकी है। इन सीटों पर संभावित नामों को लेकर पार्टी स्तर पर चर्चा जारी है।

मीडिया रिपोर्टों में गोरखपुर शिक्षक सीट के लिए ध्रुव कुमार त्रिपाठी और इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट के लिए सुरेश त्रिपाठी के नाम की चर्चा की गई है। हालांकि अंतिम प्रत्याशी की पुष्टि पार्टी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही होगी।

सपा सभी 11 सीटों पर कर चुकी है प्रत्याशी घोषित

समाजवादी पार्टी इन 11 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अपने प्रत्याशियों के नाम पहले ही घोषित कर चुकी है। ऐसे में चुनाव कार्यक्रम जारी होने के बाद अब दोनों प्रमुख दलों की चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं।

तीन जिलों को छोड़कर पूरे यूपी में आचार संहिता

विधान परिषद चुनाव की घोषणा के साथ ही उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव को छोड़कर प्रदेश के अन्य जिलों में चुनाव से संबंधित आचार संहिता के प्रावधान लागू रहेंगे।

विधान परिषद के इन चुनावों के साथ ही उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियों का एक और महत्वपूर्ण चरण शुरू हो गया है।

Aaj Ka Rashifal 23 September 2026: 5 राशियों के लिए शुभ रहेगा दिन, धन-करियर में मिल सकता है लाभ; जानें सभी राशियों का हाल

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Aaj Ka Rashifal 23 September 2026: 23 सितंबर 2026 को ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाली है। आज मंगल और गुरु कर्क राशि में विराजमान हैं। केतु सिंह राशि में, जबकि सूर्य और बुध कन्या राशि में स्थित हैं। शुक्र तुला राशि में गोचर कर रहे हैं। चंद्रमा मकर राशि में श्रवण नक्षत्र में रहेंगे। वहीं राहु कुंभ और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं।

ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज चंद्रमा शनि की राशि मकर में रहेंगे। इसके चलते मन में स्थिरता और शीतलता बनी रह सकती है। कार्यक्षेत्र में सक्रियता बढ़ेगी और व्यावसायिक गतिविधियों में तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि कुछ लोगों में थोड़ी चंचलता रह सकती है, लेकिन इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना कम है। आइए जानते हैं 23 सितंबर को मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए दिन कैसा रहेगा।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए आज का दिन कामकाज के लिहाज से अच्छा रहने वाला है। व्यापार में लाभ के अवसर मिल सकते हैं। कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में सफलता मिलने के संकेत हैं। उच्च अधिकारियों का सहयोग प्राप्त हो सकता है। स्वास्थ्य सामान्य से बेहतर रहेगा। प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में थोड़ी सावधानी बरतनी होगी। उपाय: हरी वस्तु का दान करें।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों को आज भाग्य का साथ मिल सकता है। धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी सतर्कता जरूरी है। प्रेम और संतान पक्ष मजबूत रहेगा। व्यापार सामान्य गति से चलता रहेगा और किसी बड़े व्यवधान की संभावना नहीं है। उपाय: शनिदेव को प्रणाम करें।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों को आज स्वास्थ्य के मामले में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। वाहन चलाते समय सतर्क रहें और जल्दबाजी से बचें। प्रेम और संतान पक्ष अनुकूल रहेगा। व्यापार में स्थिति सामान्य बनी रहेगी। उपाय: मां काली का स्मरण करें।

कर्क राशि

कर्क राशि के लिए आज का दिन काफी शुभ संकेत लेकर आ सकता है। जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा और प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी। प्रेमी-प्रेमिका की मुलाकात हो सकती है। अविवाहित लोगों के जीवन में नए प्रेम संबंध की शुरुआत के संकेत भी हैं। भाग्य का साथ मिलेगा और नौकरी से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। उपाय: बजरंगबली को प्रणाम करें।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों का स्वास्थ्य आज अच्छा रह सकता है। सरकारी क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है और धन प्राप्ति के योग बनेंगे। विरोधी सक्रिय रहेंगे, लेकिन वे आपका खास नुकसान नहीं कर पाएंगे। कार्यक्षेत्र में आपका प्रभाव बना रहेगा। प्रेम, संतान और व्यापार के लिहाज से दिन अच्छा है। हालांकि रिश्तों में थोड़ी दूरी महसूस हो सकती है। उपाय: पीली वस्तु अपने पास रखें।

कन्या राशि

कन्या राशि के विद्यार्थियों के लिए आज का दिन अनुकूल रहेगा। पढ़ाई में बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। स्वास्थ्य में सुधार के संकेत हैं। प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में सकारात्मकता रहेगी। कारोबार में भी अच्छे अवसर मिल सकते हैं। उपाय: सूर्यदेव को जल अर्पित करें।

तुला राशि

तुला राशि वालों को आज पारिवारिक जीवन में कुछ तनाव का सामना करना पड़ सकता है, हालांकि घरेलू सुख-सुविधाओं में वृद्धि के योग हैं। भौतिक सुख-संपदा में बढ़ोतरी हो सकती है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। प्रेम और संतान पक्ष थोड़ा कमजोर रह सकता है, जबकि व्यापार में लाभ की स्थिति बनी रहेगी। सरकारी अधिकारियों से विवाद करने से बचें। उपाय: तांबे की वस्तु का दान करें।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए आज पराक्रम और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। कारोबार में सफलता के योग हैं। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में भी परिस्थितियां अनुकूल रहेंगी। व्यापार के लिहाज से दिन बेहद सकारात्मक रह सकता है। उपाय: नीली वस्तु का दान करें।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए आज आय के नए अवसर बन सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार और धन के प्रवाह में वृद्धि के संकेत हैं। सामाजिक दायरा बढ़ेगा और नए लोगों से संपर्क हो सकता है। हालांकि बोलचाल में संयम रखें। जुआ, सट्टा और लॉटरी जैसी गतिविधियों में धन लगाने से बचें। स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी होगा। प्रेम और संतान पक्ष सामान्य से थोड़ा कमजोर रह सकता है। उपाय: नीली वस्तु का दान करें।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए आज का दिन शुभ रहने वाला है। आपका आकर्षण बढ़ेगा और लोग आपकी ओर प्रभावित हो सकते हैं। आत्मविश्वास और ऊर्जा में वृद्धि महसूस होगी। स्वास्थ्य पहले की तुलना में बेहतर रहेगा। प्रेम और संतान पक्ष से अच्छी खबर मिल सकती है। कारोबार में भी सफलता और लाभ के योग हैं। उपाय: लाल वस्तु का दान करें।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों को आज अनावश्यक खर्चों के कारण मानसिक तनाव हो सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। प्रेम और संतान पक्ष में थोड़ी मध्यम स्थिति रह सकती है, जबकि व्यापार में परिस्थितियां ठीक रहेंगी। उपाय: भगवान गणेश का स्मरण करें।

मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए आर्थिक रूप से दिन अच्छा रहने वाला है। आय के स्रोत मजबूत हो सकते हैं। यात्रा के योग बन रहे हैं और कोई शुभ समाचार भी मिल सकता है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। प्रेम और संतान पक्ष अनुकूल रहेगा। व्यापार में लाभ के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। उपाय: पीली वस्तु अपने पास रखें।

बच्चों को दुर्घटनाओं से बचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम, नर्सिंग छात्रों ने पोस्टर और भूमिका-अभिनय से दिया संदेश

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़: बच्चों में होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम और आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ के कॉलेज ऑफ नर्सिंग के विद्यार्थियों ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। चाइल्ड हेल्थ नर्सिंग विभाग के बीएससी नर्सिंग पंचम सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने समूह परियोजना के तहत आरपीजी अस्पताल के बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में यह कार्यक्रम आयोजित किया।

कार्यक्रम में डॉ. श्रीकेश सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, आरपीजी अस्पताल, प्रो. डॉ. शिवकुमार मुदगल, प्राचार्य और प्रो. निपिन कलाल, उप-प्राचार्य की उपस्थिति रही। विद्यार्थियों को कार्यक्रम की तैयारी और प्रस्तुति के लिए श्रीमती लीना प्रवीण जॉन, श्रीमती पार्वथी सी. और श्रीमती वर्षा द्विवेदी ने मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम के आयोजन में नर्सिंग अधीक्षक श्रीमती अल्पना और डीएनएस अधिकारियों का भी सहयोग रहा।

पोस्टर और भूमिका-अभिनय के जरिए दिया जागरूकता संदेश

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अस्पताल की ओपीडी में आने वाले अभिभावकों और आम लोगों को बच्चों की सुरक्षा तथा दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी देना था। नर्सिंग विद्यार्थियों ने पोस्टर और भूमिका-अभिनय के माध्यम से बच्चों के साथ होने वाली सामान्य दुर्घटनाओं और उनसे बचाव के तरीकों को समझाया।

विद्यार्थियों ने गिरने, जलने, दम घुटने, विषाक्त पदार्थों के संपर्क और अन्य चोटों जैसी परिस्थितियों में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी। साथ ही दुर्घटना होने पर प्राथमिक उपचार और समय पर चिकित्सकीय सहायता लेने के महत्व को भी बताया।

घर में सुरक्षित वातावरण बनाने पर जोर

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों को बच्चों की उचित निगरानी करने और घर में उनके लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने की सलाह दी गई। विद्यार्थियों ने विशेष रूप से दवाइयों, रसायनों और अन्य विषैले पदार्थों को बच्चों की पहुंच से दूर रखने के बारे में जागरूक किया।

भूमिका-अभिनय के जरिए यह भी बताया गया कि दुर्घटना की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराना और आवश्यकता पड़ने पर समय रहते चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।

विद्यार्थियों में भी विकसित हुए व्यावहारिक कौशल

समूह परियोजना के माध्यम से नर्सिंग विद्यार्थियों को स्वास्थ्य शिक्षा और जन-जागरूकता से जुड़े व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुए। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के संचार, प्रस्तुतीकरण, भूमिका-अभिनय और सामुदायिक सहभागिता जैसे कौशल विकसित करने में भी योगदान दिया।

इस पहल के माध्यम से बच्चों की सुरक्षा और दुर्घटना रोकथाम को लेकर अभिभावकों एवं आम जनता के बीच जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।

प्लेटलेट्स दान का रिकॉर्ड बना रहे विनय सिंह कुशवाहा, 9वीं बार किया SDP डोनेशन

अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़: जरूरतमंद मरीजों की मदद के लिए रक्तदान और प्लेटलेट्स डोनेट करने का सिलसिला जारी रखते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जिला समन्वयक विनय सिंह कुशवाहा ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की है। उन्होंने राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज, दर्शननगर, अयोध्या में नौवीं बार एसडीपी (Single Donor Platelets) डोनेट किया।

जानकारी के मुताबिक बस्ती जिले के फुलडीह गांव निवासी अजमुलिद्दीन अंसारी बीमारी के चलते प्लेटलेट्स की आवश्यकता थी। इसकी जानकारी मिलने के बाद विनय सिंह कुशवाहा तत्काल दर्शननगर स्थित राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज पहुंचे और जरूरतमंद मरीज के लिए प्लेटलेट्स दान किए।

अब तक 27 बार कर चुके हैं रक्तदान व प्लेटलेट्स डोनेशन

गाजीपुर जिले के देवकली गांव के मूल निवासी विनय सिंह कुशवाहा नियमित रूप से रक्तदान और प्लेटलेट्स डोनेशन के जरिए जरूरतमंद लोगों की सहायता करते रहे हैं। उन्होंने अब तक 18 बार रक्तदान और 9 बार एसडीपी डोनेट किया है। इस तरह कुल 27 बार उन्होंने मानव सेवा से जुड़े इस कार्य में योगदान दिया है।

एसडीपी डोनेशन के जरिए एक जरूरतमंद मरीज की मदद करने के साथ ही विनय सिंह कुशवाहा ने लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करने का भी संदेश दिया है।

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दी बधाई

विनय सिंह कुशवाहा के इस मानवीय कार्य की जानकारी मिलने पर टीम अपना स्कूल से जुड़े खाकी वाले गुरुजी रणजीत यादव और इंद्र कुमार उपाध्याय ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि जरूरत के समय किसी मरीज के लिए रक्त या प्लेटलेट्स उपलब्ध कराना समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण सेवा है।

विनय सिंह कुशवाहा का लगातार रक्तदान और एसडीपी डोनेशन लोगों के लिए प्रेरणा का काम कर रहा है। जरूरतमंद मरीजों की मदद के लिए उनका यह प्रयास मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल पेश करता है।