Wednesday, June 10, 2026

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राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव ने उठाए सवाल; ट्रस्ट ने कहा- ऑडिट जारी

अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़:- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने अयोध्या स्थित Ram Mandir Ayodhya के चढ़ावे की राशि को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि मंदिर के चढ़ावे में आए करोड़ों रुपये गायब पाए गए हैं और इस मामले में अदालत से स्वतः संज्ञान लेने की मांग की है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में अखिलेश यादव ने कहा कि यह मामला दुनिया भर के भगवान राम भक्तों की आस्था से जुड़ा है। उन्होंने इसे मंदिर ट्रस्ट के लिए शर्मनाक स्थिति बताते हुए सरकार की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए।

वहीं, समाजवादी पार्टी के मीडिया सेल ने भी मामले की निष्पक्ष जांच और मंदिर को प्राप्त दान राशि तथा उसके खर्च का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक करने की मांग की है।

दूसरी ओर, Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust के महासचिव Champat Rai ने आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मंदिर की आय और व्यय का समय-समय पर आंतरिक ऑडिट किया जाता है। उन्होंने बताया कि ऑडिट प्रक्रिया में ट्रस्ट और State Bank of India के प्रतिनिधि शामिल रहते हैं और फिलहाल ऑडिट का कार्य जारी है। उनके अनुसार अब तक कोई उल्लेखनीय अनियमितता सामने नहीं आई है।

इस विवाद पर ट्रस्ट के ट्रस्टी Mahant Dinendra Das ने कहा कि यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई होगी तो भगवान राम स्वयं न्याय करेंगे और दोषियों को दंड मिलेगा।

क्या है स्थिति?

सपा प्रमुख ने करोड़ों रुपये गायब होने का दावा किया है। ट्रस्ट ने किसी वित्तीय गड़बड़ी की पुष्टि नहीं की है। ट्रस्ट का कहना है कि नियमित ऑडिट प्रक्रिया चल रही है। अभी तक किसी जांच एजेंसी या ऑडिट रिपोर्ट ने सार्वजनिक रूप से धन गायब होने की पुष्टि नहीं की है।

इसलिए फिलहाल इसे आरोप और जवाब के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि सिद्ध वित्तीय घोटाले के रूप में।

पक्षियों के लिए दाना-पानी अभियान: छोटी पहल, बड़ा प्रभाव

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- गर्मी का मौसम जहां इंसानों के लिए चुनौतियां लेकर आता है, वहीं पक्षियों और बेजुबान जीवों के लिए यह जीवन और मृत्यु का संघर्ष बन जाता है। बढ़ते तापमान, घटते जल स्रोतों और तेजी से फैलते शहरीकरण के कारण हर वर्ष बड़ी संख्या में पक्षी भोजन और पानी की कमी से प्रभावित होते हैं। ऐसे में समाज की छोटी-छोटी पहलें इन जीवों के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती हैं।

इसी उद्देश्य को लेकर चलाया जा रहा “बर्ड फीडिंग एंड वाटर बाउल अभियान” लोगों को पक्षियों और अन्य बेजुबान जीवों के प्रति संवेदनशील बनाने का प्रयास है। अभियान के तहत लोगों से अपने घरों, छतों, बालकनी, खेतों, कार्यालय परिसरों और सार्वजनिक स्थलों पर दाना और स्वच्छ पानी रखने की अपील की जा रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार गर्मियों के दौरान पक्षियों को सबसे अधिक आवश्यकता स्वच्छ पानी, सुरक्षित आश्रय और पर्याप्त भोजन की होती है। कई बार एक छोटे से मिट्टी के पात्र में रखा पानी भी किसी पक्षी के लिए जीवन रक्षक साबित हो सकता है। यह केवल जीव-दया का कार्य नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता को बनाए रखने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण योगदान है।

राजस्थान सहित देश के कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंच रहा है। ऐसी परिस्थितियों में जल स्रोतों का सूखना और पेड़ों की कमी पक्षियों एवं पशुओं के लिए गंभीर संकट पैदा कर रही है। यदि प्रत्येक परिवार अपने घर के बाहर या छत पर पानी और दाने की व्यवस्था करे, तो हजारों जीवों को राहत मिल सकती है।

यह अभियान बच्चों और युवाओं में प्रकृति प्रेम, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का भी माध्यम बन रहा है। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि प्रकृति संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए जनभागीदारी और व्यक्तिगत स्तर पर प्रयास भी उतने ही आवश्यक हैं।

आज आवश्यकता केवल बड़े अभियानों की नहीं, बल्कि उन छोटे मानवीय कार्यों की है जो समाज और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद करें। एक छोटा जल पात्र, मुट्ठीभर दाना और थोड़ी सी संवेदना किसी बेजुबान जीव के लिए जीवनदान बन सकती है।

अभियान का संदेश

“एक कटोरी पानी,
थोड़ा सा दाना,
और थोड़ी सी संवेदना…
किसी बेजुबान की पूरी दुनिया बचा सकती है।”

जनसहभागिता की अपील

डॉ. हेमन्त तिवारी (Veterinary Officer, Rajasthan), डॉ. जयदीप भदौरिया (Senior Veterinary Officer, Rajasthan),डॉ. वीरेंद्र बिश्नोई(Veterinary Officer, Rajasthan),डॉ. मांगीलाल बिश्नोई (Veterinary Officer, Rajasthan) ने इस भीषण गर्मी देखते हुए एक मुहीम की कोशिश की है आइए हम सभी अपने आसपास पक्षियों और पशुओं के लिए पानी एवं भोजन की व्यवस्था करने का संकल्प लें। यह छोटा सा प्रयास न केवल हजारों जीवों के जीवन की रक्षा करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति, पर्यावरण और जीवों के प्रति संवेदनशील बनने की प्रेरणा भी देगा।

यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा: अभ्यर्थियों को रोडवेज बसों में किराए पर 50% छूट, सीएम योगी का बड़ा फैसला

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:-उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले लाखों अभ्यर्थियों को राहत देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य परिवहन निगम की बसों में किराए पर 50 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया है। यह सुविधा परीक्षा अवधि के दौरान अभ्यर्थियों को उनके प्रवेश पत्र के आधार पर उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को पारदर्शी, निष्पक्ष और सुविधाजनक भर्ती प्रक्रिया उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के विभिन्न जिलों में परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके और यात्रा में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की भर्ती परीक्षा 8, 9 और 10 जून 2026 को प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित की जा रही है। इस परीक्षा में करीब 29 लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है।

प्रवेश पत्र दिखाने पर मिलेगी सुविधा

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी अपना एडमिट कार्ड दिखाकर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की बसों में आधे किराए पर यात्रा कर सकेंगे। यह व्यवस्था परीक्षा समाप्त होने तक लागू रहेगी।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परीक्षा के सफल, शांतिपूर्ण और निष्पक्ष आयोजन के लिए सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

पहले दिन करीब 9 लाख अभ्यर्थी देंगे परीक्षा

प्रदेश में सिपाही भर्ती के 32,679 पदों के लिए आयोजित लिखित परीक्षा की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राज्य के 1,183 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा आयोजित की जा रही है।

भर्ती प्रक्रिया के लिए कुल 28.86 लाख महिला एवं पुरुष अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी।

परीक्षा के पहले दिन लगभग 9 लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने का अनुमान है। इसके मद्देनजर सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

17 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने डाउनलोड किए एडमिट कार्ड

पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने सुरक्षा कारणों से परीक्षा तिथि से तीन दिन पहले संबंधित अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र जारी करने की व्यवस्था लागू की है। बोर्ड के अनुसार अब तक 17 लाख से अधिक अभ्यर्थी अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर चुके हैं।

परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सघन जांच, बायोमेट्रिक सत्यापन और ई-केवाईसी की व्यवस्था की गई है। इसके लिए सभी केंद्रों पर आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं।

फर्जीवाड़े और ठगी से सावधान रहने की अपील

भर्ती बोर्ड ने अभ्यर्थियों को सोशल मीडिया पर सक्रिय ठगों और फर्जी दावों से सतर्क रहने की सलाह दी है। हाल ही में इंस्टाग्राम पर ‘UPP Exam’ नाम से संचालित एक पेज के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है, जिस पर परीक्षा का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर अभ्यर्थियों को गुमराह करने का आरोप है।

बोर्ड ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह, फर्जी विज्ञापन या पेपर लीक के दावों पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

INDIA गठबंधन की अहम बैठक दिल्ली में, 23 विपक्षी दल करेंगे मंथन; रणनीति और अंदरूनी मतभेदों पर होगी चर्चा

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- देश की विपक्षी राजनीति के लिए सोमवार का दिन अहम माना जा रहा है। INDIA गठबंधन से जुड़े 23 विपक्षी दल राजधानी दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं। हाल के विधानसभा चुनावों में कुछ प्रमुख सहयोगी दलों के कमजोर प्रदर्शन और गठबंधन के भीतर उभर रहे मतभेदों के बीच यह बैठक भविष्य की रणनीति तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

बैठक का आयोजन दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में किया जाएगा, जिसमें कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (TMC), समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल (RJD), शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) और वामपंथी दलों सहित कई विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश के अनुसार 23 राजनीतिक दलों ने बैठक में शामिल होने की पुष्टि की है।

कई बड़े नेताओं की मौजूदगी

बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, राजद नेता तेजस्वी यादव, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे समेत विभिन्न दलों के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की संभावना है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बैठक केवल समन्वय बैठक नहीं बल्कि विपक्षी एकता की नई दिशा तय करने का प्रयास भी हो सकती है।

DMK और AAP रहेंगी अनुपस्थित

बैठक में आम आदमी पार्टी (AAP) और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के शामिल नहीं होने की संभावना है। AAP पहले ही INDIA गठबंधन से दूरी बना चुकी है और सार्वजनिक रूप से गठबंधन से अलग होने का संकेत दे चुकी है।

वहीं, तमिलनाडु की राजनीति में बदले समीकरणों के बीच DMK ने भी इस बैठक से दूरी बनाने का फैसला किया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि गठबंधन में कुछ नए सहयोगियों को शामिल करने की संभावना पर भी विचार किया जा सकता है।

चुनावी रणनीति और एकजुटता पर रहेगा फोकस

सूत्रों के मुताबिक बैठक में आगामी राज्यों के विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर साझा रणनीति तैयार करने पर चर्चा होगी। इसके अलावा गठबंधन के भीतर उभरे मतभेदों को दूर करने और विपक्षी एकता को मजबूत बनाने पर भी विशेष जोर रहेगा।

कांग्रेस का कहना है कि विपक्षी दलों का साझा उद्देश्य लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती, संविधान की रक्षा और जनता से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाना है।

टीएमसी उठा सकती है राजनीतिक हिंसा का मुद्दा

तृणमूल कांग्रेस की ओर से पश्चिम बंगाल की राजनीतिक परिस्थितियों और पार्टी कार्यकर्ताओं पर कथित हमलों का मुद्दा बैठक में उठाया जा सकता है। टीएमसी नेताओं का कहना है कि विपक्षी दलों को लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक हिंसा के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।

वाम दलों ने भी उठाए सवाल

गठबंधन के भीतर वामपंथी दलों और कांग्रेस के बीच कुछ मुद्दों को लेकर मतभेद सामने आए हैं। CPI(M) की ओर से कांग्रेस नेतृत्व को पत्र लिखकर कुछ राजनीतिक घटनाक्रमों पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। माना जा रहा है कि बैठक के दौरान इन विषयों पर भी चर्चा हो सकती है।

भाजपा ने साधा निशाना

बैठक से पहले भारतीय जनता पार्टी ने INDIA गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठाए हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि विपक्षी दलों के बीच विचारों और नेतृत्व को लेकर मतभेद लगातार सामने आ रहे हैं। वहीं विपक्ष का दावा है कि लोकतांत्रिक मूल्यों और जनहित के मुद्दों पर सभी दल एकजुट हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह बैठक INDIA गठबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों और विभिन्न राज्यों में बदले समीकरणों के बाद विपक्षी दलों के सामने अपनी एकजुटता बनाए रखने की चुनौती है। ऐसे में दिल्ली की यह बैठक आने वाले वर्षों की राजनीति और विपक्षी रणनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

आगरा में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का सरकार पर निशाना, गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की उठाई मांग

आगरा/सर्वोदय न्यूज़:- ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आगरा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय जनता पार्टी और उत्तर प्रदेश सरकार पर कई मुद्दों को लेकर सवाल उठाए। गो संरक्षण एवं जनजागरण के उद्देश्य से निकाली जा रही “गविष्टि यात्रा” के तहत रविवार को राजपुर चुंगी स्थित परशुराम मंदिर पार्क में आयोजित सभा में उन्होंने गाय को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की मांग दोहराई।

शंकराचार्य ने कहा कि देश में लंबे समय से गाय को माता का दर्जा देने के वादे किए जाते रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि जनता की भावनाओं के अनुरूप निर्णय लेने की आवश्यकता है और ऐसे जनप्रतिनिधियों को चुनना चाहिए जो गो संरक्षण के मुद्दे को प्राथमिकता दें।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि अधिकांश लोग शंकराचार्यों का सम्मान करते हैं, लेकिन कुछ लोग अहंकारवश संत समाज का सम्मान नहीं कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास में मुगलों और अंग्रेजों के शासनकाल में भी शंकराचार्यों के सम्मान को इस प्रकार चुनौती नहीं मिली थी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी यात्रा किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति के विरोध में नहीं है, बल्कि गाय को माता का दर्जा दिलाने के उद्देश्य से निकाली जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस दिशा में कदम उठाती है तो उसका स्वागत किया जाएगा।

शंकराचार्य ने दावा किया कि भाजपा के भीतर भी इस विषय पर अलग-अलग विचार मौजूद हैं। उनके अनुसार पार्टी का एक वर्ग गाय और संतों के सम्मान के पक्ष में है, जबकि दूसरा वर्ग इस मुद्दे को प्राथमिकता नहीं देता।

उन्होंने राजनीतिक दलों से सार्वजनिक रूप से अपना रुख स्पष्ट करने की अपील करते हुए कहा कि सभी दलों को यह बताना चाहिए कि वे गाय को माता का दर्जा देने के पक्ष में हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि अब तक इस मुद्दे पर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट समर्थन व्यक्त किया है।

उधर, आगरा पहुंचे उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शंकराचार्य की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि वह शंकराचार्य का सम्मान करते हैं। हालांकि, सैफई में हुए सम्मान कार्यक्रम को लेकर उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता उनके राजनीतिक आचरण को भलीभांति जानती है और प्रदेश की राजनीति में भाजपा का जनाधार लगातार मजबूत हो रहा है।

मोदी कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज,राघव चड्ढा को भी मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़: केंद्र सरकार के संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार आगामी दिनों में मंत्रिपरिषद का विस्तार कर सकती है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जिन राज्यों में आने वाले समय में विधानसभा चुनाव होने हैं, वहां के नेताओं को मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है। पंजाब भी उन राज्यों में शामिल है, जहां अगले चुनाव को लेकर सभी दल अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं।

इसी बीच भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ का नाम संभावित दावेदारों में चर्चा में है। पार्टी संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहने वाले तरुण चुघ को भाजपा नेतृत्व का करीबी माना जाता है। संगठनात्मक अनुभव और विभिन्न राज्यों में पार्टी की जिम्मेदारियां संभालने के कारण उन्हें महत्वपूर्ण भूमिका मिलने की अटकलें लगाई जा रही हैं।

वहीं, कुछ राजनीतिक चर्चाओं में राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम भी सामने आ रहा है। हालांकि, उनके संबंध में सामने आ रही तमाम अटकलों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर विभिन्न नामों की चर्चा होना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व और प्रधानमंत्री स्तर पर ही लिया जाता है।

फिलहाल सभी की नजरें केंद्र सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि मंत्रिमंडल विस्तार होता है तो इससे आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति और राजनीतिक समीकरणों पर भी असर पड़ सकता है।

आज का राशिफल 08 जून 2026: जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का दिन कैसा रहेगा

आज का राशिफल 08 जून 2026: ग्रह-नक्षत्रों की चाल आज कई राशियों के लिए नए अवसर लेकर आ रही है। कुछ लोगों को करियर में सफलता मिल सकती है, जबकि कुछ को आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का आज का राशिफल।

मेष राशि (Aries)

आज का दिन ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरपूर रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी।

वृषभ राशि (Taurus)

निवेश से जुड़े मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और खानपान में संतुलन बनाए रखें।

मिथुन राशि (Gemini)

आज आपके लिए शुभ समाचार मिलने के संकेत हैं। व्यापार में लाभ हो सकता है। मित्रों और रिश्तेदारों का सहयोग मिलेगा। यात्रा का योग बन सकता है।

कर्क राशि (Cancer)

भावनात्मक फैसले लेने से बचें। कार्यक्षेत्र में धैर्य बनाए रखना लाभदायक रहेगा। परिवार में किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो सकती है। आर्थिक मामलों में सतर्कता रखें।

सिंह राशि (Leo)

आज आपकी नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा होगी। नौकरी और व्यवसाय में प्रगति के अवसर मिल सकते हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल है।

कन्या राशि (Virgo)

लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने की संभावना है। करियर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। परिवार के सदस्यों का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

तुला राशि (Libra)

आज संतुलित व्यवहार आपको सफलता दिला सकता है। साझेदारी के कार्यों में लाभ मिलने के संकेत हैं। आर्थिक मामलों में सुधार होगा। वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा।

वृश्चिक राशि (Scorpio)

कार्यस्थल पर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन आपकी सूझबूझ से समस्याएं हल होंगी। खर्चों पर नियंत्रण रखने की जरूरत है। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें।

धनु राशि (Sagittarius)

भाग्य का साथ मिलने से कई कार्य आसानी से पूरे होंगे। नौकरी और व्यापार में लाभ के संकेत हैं। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है।

मकर राशि (Capricorn)

आज अनुशासन और मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा।

कुंभ राशि (Aquarius)

नए लोगों से संपर्क भविष्य में लाभदायक साबित हो सकते हैं। करियर में उन्नति के अवसर मिलेंगे। निवेश संबंधी मामलों में विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा।

मीन राशि (Pisces)

आज रचनात्मक कार्यों में सफलता मिल सकती है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में अच्छे परिणाम मिलने के संकेत हैं। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है।

सास की खूबसूरती पर फ़िदा हुआ दामाद; घर से लेकर भागा, फिर दोनों ने कोर्ट मैरिज

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसकी चर्चा सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर तक हो रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक युवक और उसकी सास ने कथित तौर पर कोर्ट मैरिज कर ली है। शादी के बाद दोनों का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल बताया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि मामला कानपुर देहात के अकबरपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, युवक का अपनी ससुराल में आना-जाना था, जहां समय के साथ उसकी अपनी सास से नजदीकियां बढ़ गईं। चर्चा है कि दोनों के बीच संबंध विकसित हुए और बाद में उन्होंने साथ रहने का फैसला किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों घर छोड़कर चले गए और बाद में कोर्ट में विवाह कर लिया। शादी के बाद एक वीडियो जारी कर उन्होंने दावा किया कि यह फैसला दोनों की सहमति से लिया गया है। वीडियो में दोनों ने लोगों से अपने रिश्ते को स्वीकार करने और आशीर्वाद देने की अपील भी की।

हालांकि, इस मामले को लेकर संबंधित पक्षों या स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में इससे पहले भी सास और दामाद से जुड़े रिश्तों के ऐसे मामले चर्चा में आ चुके हैं। पिछले वर्ष अलीगढ़ जिले में भी एक ऐसा मामला सुर्खियों में आया था, जिसमें एक महिला अपने होने वाले दामाद के साथ घर छोड़कर चली गई थी। बाद में यह मामला भी काफी समय तक चर्चा में रहा।

फिलहाल कानपुर देहात का यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

Dogs घास क्यों खाते हैं? जानिए यह सामान्य आदत है या किसी बीमारी का संकेत

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: कई बार पालतू कुत्तों (Dogs) को घास खाते हुए देखकर उनके मालिक चिंतित हो जाते हैं। आम धारणा है कि कुत्ते केवल तब घास खाते हैं जब उनका पेट खराब होता है, लेकिन पशु चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि इसके पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।

Dr. Hemant Tiwari & Dr. Priyanka Tiwari के अनुसार, कभी-कभार घास खाना अधिकांश कुत्तों में एक सामान्य व्यवहार माना जाता है। हालांकि यदि यह आदत अत्यधिक बढ़ जाए या इसके साथ अन्य स्वास्थ्य संबंधी लक्षण भी दिखाई दें, तो यह किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता है।

कुत्ते घास क्यों खाते हैं?

पशु चिकित्सकों के मुताबिक, कुत्तों के घास खाने के पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं।

1. प्राकृतिक व्यवहार

कुत्तों के पूर्वज जंगली जानवर भी अपने भोजन के साथ पौधों और घास का सेवन करते थे। इसलिए कई कुत्तों में यह व्यवहार स्वाभाविक रूप से देखा जाता है।

2. पेट संबंधी परेशानी

कुछ मामलों में कुत्ते पेट में असहजता, गैस या मतली महसूस होने पर घास खाते हैं। कई बार घास खाने के बाद उन्हें उल्टी भी हो सकती है, जिससे उन्हें अस्थायी राहत मिलती है।

3. बोरियत और तनाव

विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक अकेले रहना, पर्याप्त शारीरिक गतिविधि न मिलना या मानसिक उत्तेजना की कमी भी कुत्तों को घास खाने के लिए प्रेरित कर सकती है।

4. फाइबर की कमी

यदि भोजन में पर्याप्त मात्रा में फाइबर नहीं है, तो कुछ कुत्ते अतिरिक्त फाइबर की तलाश में घास खाना शुरू कर सकते हैं।

5. स्वाद और बनावट पसंद होना

कुछ कुत्ते केवल घास की बनावट या स्वाद पसंद होने के कारण भी इसे खाते हैं। ऐसे मामलों में इसका किसी बीमारी से संबंध नहीं होता।

कब हो सकती है चिंता की बात?

पशु चिकित्सकों के अनुसार यदि कुत्ता बार-बार या अत्यधिक मात्रा में घास खा रहा है और इसके साथ निम्न लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं, तो तुरंत जांच करानी चाहिए—

  • लगातार उल्टी होना
  • भूख कम लगना
  • सुस्ती या कमजोरी
  • दस्त की शिकायत
  • पेट दर्द के संकेत

क्या घास खाना नुकसानदायक हो सकता है?

साफ और रसायन-मुक्त घास थोड़ी मात्रा में खाने से आमतौर पर गंभीर नुकसान नहीं होता। हालांकि बाहर की घास में कई जोखिम मौजूद हो सकते हैं।

इनमें शामिल हैं—

  • कीटनाशकों (Pesticides) का प्रभाव
  • रासायनिक उर्वरक
  • परजीवी संक्रमण
  • जहरीले पौधों का सेवन

इसी वजह से बाहर की घास खाने से संक्रमण या विषाक्तता का खतरा बढ़ सकता है।

Pet Owners क्या करें?

विशेषज्ञ पालतू पशु मालिकों को सलाह देते हैं कि वे—

  • संतुलित और पौष्टिक आहार दें
  • नियमित व्यायाम और खेलकूद सुनिश्चित करें
  • कुत्ते को लंबे समय तक अकेला न छोड़ें
  • समय-समय पर डिवार्मिंग करवाएं
  • घास खाने के साथ अन्य लक्षणों पर भी नजर रखें

क्या इस आदत को पूरी तरह रोकना जरूरी है?

Dr. Hemant Tiwari & Dr. Priyanka Tiwari का कहना है कि यदि कुत्ता कभी-कभार थोड़ी घास खाता है और पूरी तरह स्वस्थ है, तो आमतौर पर चिंता की जरूरत नहीं होती। लेकिन यदि यह व्यवहार लगातार बढ़ रहा हो या इसके साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं दिखाई दें, तो पशु चिकित्सक से परामर्श लेना बेहतर होगा।

निष्कर्ष

कुत्तों में घास खाना एक सामान्य व्यवहार हो सकता है, जिसके पीछे प्राकृतिक आदत, पोषण संबंधी कारण या स्वास्थ्य समस्याएं जिम्मेदार हो सकती हैं। ऐसे में मालिकों को घबराने के बजाय अपने पालतू की गतिविधियों और स्वास्थ्य पर नजर रखनी चाहिए। समय पर विशेषज्ञ की सलाह गंभीर समस्याओं से बचाव में मदद कर सकती है।

हापुड़ में युवक पर हमला, मांस खिलाने को लेकर विवाद का आरोप; पुलिस जांच में जुटी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में शुक्रवार देर रात एक युवक पर हुए हमले के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। मामला बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र का है, जहां एक युवक पर कथित तौर पर चाकू से हमला किए जाने की शिकायत दर्ज कराई गई है।

पुलिस के अनुसार, घटना रात करीब 10:30 बजे की बताई जा रही है। पीड़ित युवक दीपांशु पर 4-5 लोगों के समूह द्वारा हमला किए जाने का आरोप है। शिकायत में कहा गया है कि विवाद मांस खिलाने को लेकर हुआ, जिसके बाद आरोपियों ने युवक पर धारदार हथियार से हमला किया। हमले में युवक के चेहरे और सीने पर गंभीर चोटें आई हैं।

घायल युवक का अस्पताल में इलाज जारी

स्थानीय लोगों ने घायल युवक को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

दो नामजद, कई अज्ञात पर केस

पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। मामले में अरमान और फैजान नाम के दो आरोपियों को नामजद किया गया है, जबकि पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं।

सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने स्थानीय लोगों से पूछताछ भी की है।

घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में बताते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं। वहीं, पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।