Saturday, March 28, 2026

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खाने का तेल हुआ महंगा! मिडिल ईस्ट तनाव के बीच LPG संकट के साथ, आम आदमी को झटका

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-  मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, खासकर ईरान से जुड़े हालात का असर अब भारतीय किचन तक पहुंचने लगा है। पहले एलपीजी को लेकर चिंता थी, लेकिन अब खाने के तेल की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।

पूड़ी, पराठा, समोसा से लेकर रोजमर्रा की सब्जियों तक—हर घर में तेल की खपत होती है। ऐसे में कीमतों में बढ़ोतरी सीधे आम आदमी के बजट को प्रभावित कर रही है।

एक महीने में तेल के दाम में उछाल

पिछले एक महीने में विभिन्न खाद्य तेलों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है:

  • सूरजमुखी तेल: 175 → 181 रुपये/किलो
  • पाम ऑयल: 136 → 141 रुपये/किलो
  • सोयाबीन तेल: +4 रुपये/किलो
  • सरसों, मूंगफली और वनस्पति तेल: +3 रुपये/किलो तक

यह बढ़ोतरी धीरे-धीरे किचन खर्च को भारी बना रही है। खाने का तेल सिर्फ स्वाद ही नहीं बढ़ाता, बल्कि पोषण का भी अहम हिस्सा है। यह शरीर को आवश्यक फैट, ऊर्जा और विटामिन देता है—खासकर उन लोगों के लिए जो सीमित संसाधनों में जीवन यापन करते हैं।

आयात पर बढ़ती निर्भरता बनी बड़ी वजह

भारत में खाने के तेल की मांग तेजी से बढ़ रही है, लेकिन उत्पादन उतना नहीं बढ़ पा रहा: 56% तेल आयात किया जाता है जबकि 44% घरेलू उत्पादन से आता है | बतादें कि आयात में प्रमुख हिस्सेदारी, पाम ऑयल: 41%, सोयाबीन तेल: 35% एवं सूरजमुखी तेल: 18% होती है | भारत मुख्य रूप से मलेशिया, इंडोनेशिया और अमेरिका से तेल आयात करता है।

  • 2022-23 में शहरी खपत: ~12 किलो/व्यक्ति/वर्ष
  • ग्रामीण खपत: ~11 किलो/व्यक्ति/वर्ष
  • 2004-05 के मुकाबले खपत में बड़ा उछाल

सरकार का कहना है कि मौजूदा वैश्विक तनाव के बावजूद भारत में खाद्य तेल की सप्लाई पर बड़ा संकट नहीं है।
साथ ही आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल्स-ऑयलसीड्स शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य घरेलू उत्पादन को बढ़ाना है।

तेल के दाम बढ़ने का मतलब  खाना बनाना महंगा इसके अलावा  बाहर का खाना भी महंगा होगा कुल मिलाकर घरेलू बजट पर दबाव होगा |  अगर यही ट्रेंड जारी रहा, तो आने वाले समय में किचन का खर्च और बढ़ सकता है।

रेलवे बोर्ड की सदस्य (वित्त) मंजूषा जैन का आईआरआईटीएम लखनऊ दौरा, प्रशिक्षु अधिकारियों से किया संवाद

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- लखनऊ स्थित भारतीय रेलवे परिवहन प्रबंधन संस्थान (आईआरआईटीएम) में बुधवार को रेलवे बोर्ड की सदस्य (वित्त) मंजूषा जैन का दौरा हुआ। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों, संकाय सदस्यों और भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा (आईआरएमएस) के प्रशिक्षु अधिकारियों से संवाद किया।

संस्थान में हुआ भव्य स्वागत

संस्थान पहुंचने पर महानिदेशक रंजन प्रकाश ठाकुर, अपर महानिदेशक संजय त्रिपाठी और अन्य संकाय सदस्यों ने उनका स्वागत किया।
इस दौरान उन्हें आईआरआईटीएम की अधोसंरचना, शैक्षणिक गतिविधियों और रेलवे अधिकारियों के प्रशिक्षण में उसकी भूमिका की विस्तृत जानकारी दी गई।

 ‘Outstanding’ श्रेणी में मिली मान्यता

अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में संस्थान को क्षमता निर्माण आयोग के राष्ट्रीय मानकों के तहत “सर्वोत्कृष्ट (Outstanding)” श्रेणी में मान्यता प्राप्त हुई है, जो इसकी उत्कृष्ट प्रशिक्षण व्यवस्था को दर्शाता है।

परिसर का किया निरीक्षण

मंजूषा जैन ने संस्थान के विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों और सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्हें परिवहन प्रबंधन, परिचालन, वित्त और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में दिए जा रहे प्रशिक्षण के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

प्रशिक्षु अधिकारियों को किया संबोधित

दौरे के दौरान उन्होंने सभागार में आईआरएमएस प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सेवा में दक्षता और ईमानदारी बेहद जरूरी है।

संस्थागत सहयोग को मिलेगा बढ़ावा

यह दौरा रेलवे बोर्ड और आईआरआईटीएम के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

संस्थान के प्रोफेसर (प्रशासन) कृष्णा तिवारी ने इस संबंध में जानकारी दी और बताया कि इस तरह के उच्च स्तरीय दौरे संस्थान के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यौन शोषण मामले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को अग्रिम जमानत, हाईकोर्ट से बड़ी राहत

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को यौन शोषण के मामले में बड़ी राहत मिली है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदनंद ब्रह्मचारी को यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत उनके खिलाफ दर्ज मामले में अग्रिम जमानत दे दी। यह आदेश न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा ने अविमुक्तेश्वरानंद और मुकुंदानंद की अग्रिम जमानत याचिका पर दिया है। कोर्ट ने शिकायतकर्ता और याची दोनों को इस संबंध में मीडिया के सामने कोई बयान नहीं देने का निर्देश भी दिया है।

कोर्ट का आदेश और शर्तें

यह आदेश न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा ने अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। अदालत ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से परहेज करने का निर्देश भी दिया है।

 कैसे दर्ज हुआ मामला

मामला प्रयागराज के झूंसी थाने में दर्ज किया गया था। यह कार्रवाई पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत के आदेश पर की गई, जिसमें आशुतोष ब्रह्मचारी की अर्जी के आधार पर केस दर्ज हुआ। मुकदमे में पॉक्सो एक्ट और बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धाराएं लगाई गई हैं।

जांच की वर्तमान स्थिति

पुलिस ने जांच के दौरान आरोप लगाने वालों का मेडिकल परीक्षण कराया है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि मेडिकल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

बयान दर्ज, जांच जारी

मामले में संबंधित पक्षों के बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराए जा चुके हैं। हालांकि, जांच एजेंसियों ने अभी तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की पुष्टि नहीं की है।

विशेषज्ञों के अनुसार, उम्र और अन्य तथ्यों की पुष्टि के लिए फॉरेंसिक परीक्षण में दांतों के एक्स-रे और अन्य वैज्ञानिक विधियों का उपयोग किया जाता है।

रामनवमी पर यूपी में दो दिन की छुट्टी, योगी सरकार का बड़ा फैसला; 26 के साथ-साथ 27 मार्च को भी रहेगा अवकाश

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उतर प्रदेश योगी सरकार ने रामनवमी के मौके पर बड़ा फैसला लेते हुए उत्तर प्रदेश में 27 मार्च 2026 को अतिरिक्त सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इससे पहले 26 मार्च को रामनवमी के मुख्य पर्व के चलते पहले से ही छुट्टी निर्धारित थी।

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखकर फैसला

उत्तर प्रदेश सरकार ने यह निर्णय जनभावनाओं और श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए लिया है। खासकर अयोध्या समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों पर हर साल बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

दो दिन की छुट्टी से श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन में आसानी होगी और यात्रा के दौरान होने वाली परेशानियां भी कम होंगी।

भीड़ प्रबंधन में मिलेगी मदद

रामनवमी के दौरान दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के कारण यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर काफी दबाव रहता है। लगातार दो दिन के अवकाश से प्रशासन को भी भीड़ को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिलेगी।

सुरक्षा के कड़े निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अयोध्या, मथुरा और वाराणसी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस और प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतने को कहा गया है।

आस्था और व्यवस्था दोनों पर जोर

सरकार का यह फैसला श्रद्धालुओं की आस्था और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों को संतुलित करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। इससे जहां भक्तों को राहत मिलेगी, वहीं सरकारी कर्मचारियों को भी धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने का पर्याप्त समय मिलेगा।

LPG बुकिंग के नियम पर सरकार ने बताई…, गांव से शहर तक कितने दिन में मिलेगी गैस

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग को लेकर फैली अफवाहों के बीच सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। हाल ही में खबरें सामने आई थीं कि अंतरराष्ट्रीय हालात और सप्लाई दबाव के चलते बुकिंग नियमों में बदलाव किया गया है, लेकिन सरकार ने इन दावों को गलत बताया है।

सरकार ने बताया—नियमों में कोई बदलाव नहीं

प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की ओर से जारी जानकारी में साफ कहा गया है कि एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक बुकिंग से बचें।

गांव और शहर के लिए अलग नियम

सरकार के मुताबिक गैस बुकिंग का अंतर क्षेत्र के आधार पर तय होता है, न कि कनेक्शन के प्रकार पर—

  • शहरी इलाकों में: 25 दिन का अंतर
  • ग्रामीण इलाकों में: 45 दिन का अंतर

यह नियम सभी उपभोक्ताओं पर समान रूप से लागू होता है, चाहे उनके पास सिंगल या डबल सिलेंडर कनेक्शन हो।

कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि-डबल सिलेंडर वालों को 35 दिन बाद बुकिंग मिलेगी | उज्ज्वला योजना लाभार्थियों को 45 दिन इंतजार करना होगा| सिंगल सिलेंडर वालों के लिए 25 दिन का नियम होगा | सरकार ने इन सभी दावों को पूरी तरह गलत बताया है।

पर्याप्त है गैस का स्टॉक

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। इसलिए घबराकर अतिरिक्त बुकिंग करने की जरूरत नहीं है।

सरकार ने लोगों से कहा है कि वे किसी भी भ्रामक जानकारी पर भरोसा न करें और आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लें।

ट्रंप के शांति प्रस्ताव पर नहीं झुका ईरान, रखीं सख्त शर्तें; तंज भी कसा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने संभावित युद्धविराम को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। डोनाल्ड ट्रंप के शांति प्रस्ताव पर तेहरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी दबाव में आकर समझौता नहीं करेगा और बातचीत के लिए कई सख्त शर्तें रखी हैं।

ईरान की प्रमुख शर्तें

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की पहली मांग है कि अमेरिका और इजरायल उसके सैन्य ठिकानों, ऊर्जा ढांचे और परमाणु संयंत्रों पर सभी हमले तुरंत बंद करें।

इसके अलावा ईरान ने बातचीत से पहले अपने शीर्ष नेताओं की सुरक्षा की ठोस गारंटी की मांग भी की है। उसे आशंका है कि शांति वार्ता का इस्तेमाल हमलों के लिए किया जा सकता है।

IRGC की सख्त मांगें

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी कई कड़े प्रस्ताव रखे हैं—खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बंद किया जाए | युद्ध के नुकसान की भरपाई की जाए | सभी अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी प्रतिबंध हटाए जाएं| साथ ही ईरान को बिना रोक-टोक मिसाइल कार्यक्रम जारी रखने दिया जाए |

परमाणु कार्यक्रम पर नहीं समझौता

ईरान ने साफ किया है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सहयोगियों (जैसे हिजबुल्लाह और हमास) पर कोई समझौता नहीं करेगा। वहीं अमेरिका लगातार इन गतिविधियों को रोकने की मांग कर रहा है।

कूटनीतिक स्थिति और गतिरोध

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने हाल ही में कहा कि देश ने कभी युद्धविराम की मांग नहीं की और जरूरत पड़ने पर संघर्ष जारी रहेगा। दोनों पक्षों की मांगों में बड़ा अंतर होने से फिलहाल किसी समझौते की संभावना कम दिख रही है।

ट्रंप का 15-सूत्रीय प्रस्ताव

रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने मध्यस्थों के जरिए 15 बिंदुओं वाला युद्धविराम प्रस्ताव भेजा है, जिसमें पाकिस्तान की भूमिका भी बताई जा रही है। पाकिस्तान ने इस बातचीत की मेजबानी की पेशकश की है।

हालांकि, इसी बीच अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी भी बढ़ाई है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है।

 ईरान का तंज

ईरान ने ट्रंप के दावों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अमेरिका अपनी “रणनीतिक हार” को कूटनीतिक जीत की तरह दिखाने की कोशिश कर रहा है। एक सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि ऐसा लगता है जैसे अमेरिका “खुद से ही बातचीत कर रहा है।”

मिसाइल हमले जारी

जमीनी हालात अब भी तनावपूर्ण हैं। IRGC ने दावा किया है कि उसके हमलों ने इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम को भेदते हुए तेल अवीव और अन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।

महिला आरक्षण लागू हुआ तो बढ़ेंगी सीटें, यूपी में 600 से ज्यादा विधायक; जानें किस राज्य में कितने सांसद

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- देश में लोकसभा और विधानसभाओं में महिला आरक्षण लागू करने को लेकर बड़ी तैयारी चल रही है। प्रस्ताव है कि सीटों की संख्या में करीब 50% तक इजाफा किया जाए, जिससे महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिल सके। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो कई राज्यों की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।

यूपी सबसे आगे, 600 के पार होंगे विधायक

उत्तर प्रदेश इस बदलाव के बाद भी सबसे आगे रहेगा। वर्तमान में राज्य में 403 विधायक और 80 लोकसभा सांसद हैं, लेकिन प्रस्ताव लागू होने पर यहां विधायकों की संख्या बढ़कर 600 से अधिक, यानी करीब 604 हो सकती है। वहीं सांसदों की संख्या भी बढ़कर लगभग 120 तक पहुंच सकती है।

इन राज्यों में भी बड़ा इजाफा

यूपी के बाद दूसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल होगा, जहां करीब 441 विधायक हो सकते हैं। तीसरे स्थान पर महाराष्ट्र (432 विधायक) और चौथे स्थान पर बिहार (करीब 365 विधायक) रहेंगे। इसके अलावा 300 से अधिक विधायकों वाले राज्यों में राजस्थान, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात और तमिलनाडु शामिल होंगे।

सांसदों की संख्या भी बढ़ेगी

लोकसभा सीटों की बात करें तो यूपी के बाद सबसे ज्यादा सांसद महाराष्ट्र से चुने जाएंगे (करीब 72)। इसके बाद पश्चिम बंगाल (63), बिहार (60) और तमिलनाडु (59) का नंबर आएगा। हालांकि, कुल अनुपात में कोई बदलाव नहीं होगा—सिर्फ सीटों की संख्या बढ़ेगी।

दक्षिणी राज्यों की चिंता दूर करने की कोशिश

दक्षिण भारत के राज्यों—जैसे तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक और तेलंगाना—की लंबे समय से चिंता रही है कि नई जनगणना के आधार पर परिसीमन होने से उनकी सीटें कम हो सकती हैं।

इस मुद्दे पर एम. के. स्टालिन और चंद्रबाबू नायडू जैसे नेताओं ने आवाज उठाई है। उनका कहना है कि जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों को नुकसान नहीं होना चाहिए। सरकार ने फिलहाल 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन की बात कहकर संतुलन बनाने की कोशिश की है।

कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बदलाव नहीं

प्रस्ताव के तहत कुछ छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों—जैसे सिक्किम, नागालैंड और मिजोरम—की लोकसभा सीटों में कोई बदलाव नहीं होगा।

वहीं दिल्ली में सांसदों की संख्या 7 से बढ़कर 11 हो सकती है और विधायकों की संख्या 105 तक पहुंचने की संभावना है।
इसी तरह उत्तराखंड में भी 105 विधायक हो सकते हैं, जबकि हरियाणा और छत्तीसगढ़ में यह संख्या 135 तक पहुंच सकती है।

दिल्ली विधानसभा को फिर मिली बम धमकी, 16 IED लगाने का दावा; सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- दिल्ली विधानसभा को लगातार दूसरे दिन बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। ताजा मामले में विधानसभा स्पीकर के ओएसडी को भेजे गए ईमेल में दावा किया गया है कि परिसर में 16 आईईडी बम लगाए गए हैं, जिनमें दोपहर 1:40 बजे विस्फोट होने की बात कही गई है।

यह धमकी ऐसे समय पर आई है जब विधानसभा में बजट सत्र जारी है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और बढ़ा दी गई है।

ईमेल में क्या कहा गया

धमकी भरे ईमेल में भेजने वाले ने खुद को कोयंबटूर का निवासी बताया है। उसने राजनीतिक कारणों से नाराजगी जताते हुए लिखा कि विधानसभा परिसर में आरडीएक्स से लैस 16 आईईडी बम लगाए गए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई कि समय रहते परिसर खाली करा लिया जाए।

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

दिल्ली पुलिस के अनुसार मामले को गंभीरता से लिया गया है और सभी जरूरी सुरक्षा उपाय लागू कर दिए गए हैं। बम निरोधक दस्ते और अन्य सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटी हुई हैं।

एक दिन पहले भी मिली थी धमकी

इससे पहले मंगलवार को भी विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। सुबह करीब 7:28 बजे विधानसभा की आधिकारिक ईमेल आईडी पर संदेश भेजा गया था, जिसके बाद 7:49 बजे विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को भी ईमेल प्राप्त हुआ।

उस ईमेल में विधानसभा के साथ-साथ नजदीकी मेट्रो स्टेशन को भी निशाना बनाने की बात कही गई थी। हालांकि, जांच के बाद उस धमकी को फर्जी पाया गया था।

सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

बजट सत्र के चलते पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी, लेकिन लगातार मिल रही धमकियों के बाद सुरक्षा को और सख्त कर दिया गया है। पूरे परिसर की गहन जांच की जा रही है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

अयोध्या में ‘BIG WASH’ लॉन्ड्री का भव्य उद्घाटन, अब एक ही जगह मिलेंगी हाईटेक सेवाएं

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अयोध्या में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और आधुनिक सुविधाओं की मांग के बीच शहरवासियों को एक नई राहत मिली है। शंकरगढ़ मार्केट, देवकाली बाईपास (अकबरपुर रोड) पर “BIG WASH” नाम से अत्याधुनिक लॉन्ड्री और ड्राई क्लीनिंग सेंटर का भव्य शुभारंभ किया गया।

इस उद्घाटन समारोह का आयोजन 24 मार्च 2026 को किया गया, जिसमें शहर के कई गणमान्य लोग शामिल हुए।

कार्यक्रम में गिरीश पति त्रिपाठी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ सुशील चतुर्वेदी और संतोष मिश्रा समेत कई प्रमुख लोगों ने फीता काटकर इस नई सेवा का उद्घाटन किया।

“BIG WASH” लॉन्ड्री सेंटर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां ग्राहकों को आधुनिक मशीनों और तकनीक के माध्यम से उच्च गुणवत्ता की सेवाएं प्रदान की जाएंगी।
यहां ड्राई क्लीनिंग, सामान्य लॉन्ड्री और स्टीम प्रेस जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं, जिससे लोगों को अलग-अलग जगह जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में समय की कमी के बीच ऐसी सेवाएं लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित होंगी। खासतौर पर नौकरीपेशा, व्यापारियों और परिवारों को इससे काफी सहूलियत मिलेगी।
सेंटर की प्राथमिकता कपड़ों की बेहतर देखभाल, साफ-सफाई और समय पर डिलीवरी रहेगी।

इस कार्यक्रम का आयोजन VAS TRISTAR FAMILY द्वारा किया गया। आयोजकों का कहना है कि उनका लक्ष्य अयोध्या के लोगों को विश्वसनीय और आधुनिक लॉन्ड्री सेवाएं उपलब्ध कराना है, जिससे शहर में सुविधाओं का विस्तार हो सके।

उद्घाटन को लेकर क्षेत्र में खासा उत्साह देखा गया और बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना जताई गई।
“BIG WASH” के शुरू होने से अयोध्या में एक और आधुनिक सुविधा जुड़ गई है, जिससे शहरवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

UP News: 786 नंबर वाले नोटों का खजाना, पीलीभीत के शख्स को दुबई से मिला न्योता

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अनोखी चीजों का संग्रह करने का शौक कई लोगों को होता है, लेकिन उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के पूरनपुर निवासी मोहम्मद उमर खां का शौक बेहद खास और अलग है। उन्होंने पिछले करीब 40 वर्षों में 786 नंबर वाले नोट और सिक्कों का ऐसा अनोखा कलेक्शन तैयार किया है, जिसने अब उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिला दी है।

मोहम्मद उमर खां के पास सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों की ऐसी करेंसी मौजूद है, जिन पर 786 अंक दर्ज है। उनके संग्रह में भारत के 1 रुपये से लेकर 500 रुपये तक के नोट शामिल हैं। इसके अलावा चीन, कनाडा, कतर, सऊदी अरब, इराक, ऑस्ट्रेलिया, नेपाल, थाईलैंड, सिंगापुर, न्यूजीलैंड, यूएई और अमेरिका जैसे देशों की करेंसी भी उनके पास है।

विदेश से मिला निमंत्रण

उनके इस अनोखे कलेक्शन की चर्चा अब देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक पहुंच चुकी है। उमर खां को दुबई और इराक में अपनी प्रदर्शनी लगाने के लिए आमंत्रित किया गया है। जल्द ही वह अपने इस संग्रह को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करेंगे।

40 साल की मेहनत का नतीजा

उमर खां बताते हैं कि उन्होंने यह संग्रह लगभग चार दशकों की मेहनत और लगन से तैयार किया है। उनके पास कई ऐसे पुराने नोट और सिक्के भी हैं, जो अब प्रचलन में नहीं हैं। इस वजह से उनका कलेक्शन ऐतिहासिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

देखने पहुंचते हैं दूर-दूर से लोग

उनके इस अनोखे संग्रह को देखने के लिए मुंबई, दिल्ली और लखनऊ जैसे बड़े शहरों से लोग उनके पास पहुंच चुके हैं। हर कोई उनके इस जुनून और प्रयास की सराहना करता है।

786 से खास लगाव

मोहम्मद उमर खां के लिए 786 नंबर सिर्फ एक अंक नहीं, बल्कि आस्था का प्रतीक है। यही वजह है कि उनके जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण नंबर—जैसे मोबाइल नंबर, वाहन नंबर, बैंक खाते, बिजली मीटर और एटीएम कार्ड—भी 786 पर ही खत्म होते हैं।