Wednesday, June 17, 2026

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बक्सर रैली में मल्लिकार्जुन खड़गे का तीखा हमला: ‘कुर्सी के लिए बार-बार पाला बदलते हैं नीतीश’

बक्सर, बिहार/सर्वोदय: बिहार में इस साल के अंत में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है। इसी कड़ी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को बक्सर के दलसागर स्टेडियम में आयोजित ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बीजेपी-जेडीयू गठबंधन पर जमकर निशाना साधा।
खड़गे ने नीतीश कुमार को ‘मौकापरस्त’ नेता करार देते हुए कहा कि, “कभी हमारी गोद में बैठ जाते हैं, तो कभी मोदी की कुर्सी के लिए उनके साथ चले जाते हैं। नीतीश सिर्फ सत्ता के लिए पाला बदलते हैं।”

नीतीश और बीजेपी गठबंधन को बताया अवसरवादी

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार ने उसी दल से हाथ मिलाया है जिसने महात्मा गांधी की हत्या की विचारधारा को आगे बढ़ाया। उन्होंने लोगों से सवाल करने की अपील की कि वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिहार को दिए जाने वाले 1.25 लाख करोड़ के पैकेज का क्या हुआ? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सिर्फ वादों की “झूठ की फैक्ट्री” चला रहे हैं।
ईडी कार्रवाई को बताया ‘बदले की राजनीति’
नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने को लेकर खड़गे ने बीजेपी पर बदले की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा:
“हम डरने वाले नहीं हैं। इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने देश के लिए शहादत दी है, हम सच के लिए लड़ते रहेंगे।”
BJP और RSS पर समाज को बांटने का आरोप
खड़गे ने अपने भाषण में बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन जाति और धर्म के नाम पर समाज को बांटता है और कमजोर वर्गों, महिलाओं और पिछड़ों के हित में नहीं सोचता।

वक्फ संशोधन बिल पर टिप्पणी

रैली के दौरान वक्फ मुद्दे पर बोलते हुए खड़गे ने कहा कि बीजेपी और संघ जानबूझकर वक्फ संशोधन बिल लाए हैं, ताकि समुदायों के बीच दरार पैदा की जा सके। उन्होंने कहा कि यह सरकार अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला कर रही है।

क्या हर किसी को यह भंडारे का खाना खाना चाहिए? -प्रेमानन्द महराज ने कही महत्व पूर्ण बात

सर्वोदय/धर्म:-  भारत की धार्मिक संस्कृति में भंडारे एक विशेष स्थान रखते हैं। कोई पर्व हो, सावन के सोमवार, नवरात्र या कोई खास दिन — सड़कों और मंदिरों के पास प्रसाद वितरण के लिए भंडारे लगे दिखाई देते हैं। इनमें पूड़ी, सब्जी, हलवा जैसे व्यंजन आमतौर पर बांटे जाते हैं। पर क्या हर किसी को यह भंडारे का खाना खाना चाहिए? इस सवाल पर प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज ने महत्वपूर्ण बात कही है।
प्रेमानंद महाराज का मानना है कि मुफ्त में किसी भी चीज को ग्रहण करना धर्म की दृष्टि से उचित नहीं है, खासकर अगर व्यक्ति सक्षम हो। उन्होंने कहा कि कई लोग सिर्फ स्वाद या सुविधा के लिए भंडारे का प्रसाद ग्रहण कर लेते हैं, जबकि वह जरूरतमंदों और साधु-संतों के लिए होता है।
उन्होंने कहा कि अगर आप भूखे हैं तो घर जाकर नमक-रोटी खा लीजिए. उपवास रहकर परिक्रमा कर लीजिए. लेकिन मुफ्त खाना कभी न खाएं, इससे पुण्य की हानि होती है.
“भूख लगे तो घर जाकर नमक-रोटी खाइए, लेकिन मुफ्त का भंडारा न खाइए। अगर आप साधु-संत नहीं हैं तो सिर्फ स्वाद के लिए खाना लेना पुण्य की हानि करता है।” – प्रेमानंद महाराज
प्रेमानंदर महाराज ने कहा कि आप साधु नहीं हैं. संत नहीं हैं. और भंडारे का आयोजन करने वाले तो आपको खाने के लिए बुलाएंगे ही. लेकिन आप उनका दिल दुखाए बिना प्रणाम कहकर वहां से निकल जाइये. आपको यह सोचना चाहिए कि हम भी पैसा कमाएं और लोगों को हलवा बांटें. खाने की जरूत नहीं है.
प्रेमानंद महाराज ने यह भी कहा कि अगर आप गृहस्थ हैं और किसी आश्रम में जा रहे हैं तो वहां भोजन करने के बाद कुछ रुपया जरूर दे दें. उन्होंने कहा कि मुफ्त में भोजन कभी नहीं करना चाहिए. मुफ्त में कोई सेवा नहीं लेनी चाहिए. तभी आपको पुण्य प्राप्त होगा.

संभल हिंसा मास्टरमाइंड शारिक साटा की दो करोड़ से ज्यादा की संपत्ति ज़ब्त, प्रशासन ने की बड़ी कार्रवाई

संभल/सर्वोदय:- संभल हिंसा के मास्टरमाइंड और कुख्यात फरार वाहन लिफ्टर शारिक साटा पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसकी और उसके गिरोह के सदस्य की पत्नी के नाम पर दर्ज दो करोड़ 31 लाख रुपए की जमीन को जब्त कर सरकारी खाते में अटैच कर लिया है। यह कार्रवाई गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नखासा थाना क्षेत्र के अंतर्गत तुर्तीपुर इल्हा, दिल्ली रोड पर स्थित यह 268 वर्ग मीटर की जमीन, शारिक साटा और उसके सहयोगी सिकंदर की पत्नी के नाम पर दर्ज थी। पुलिस के अनुसार, यह जमीन आपराधिक गतिविधियों से प्राप्त धन से खरीदी गई थी। वर्ष 2009 में दर्ज गैंगस्टर केस के तहत शारिक साटा और सिकंदर आरोपी हैं, जिसके आधार पर प्रशासन ने संपत्ति की जांच शुरू की थी।
जब आरोपियों की पत्नियों से जमीन खरीद में उपयोग किए गए धन के स्रोत की जानकारी मांगी गई और संतोषजनक जवाब न मिलने पर कोर्ट की अनुमति से यह ज़मीन सरकारी खाते में दर्ज कर ली गई। पुलिस अधीक्षक (SP) ने बताया कि इस ज़मीन का उपयोग भविष्य में जनहित कार्यों में किया जाएगा।
गौरतलब है कि इसी इलाके में हाल ही में एक पुलिस चौकी बनाई गई है। इसके पास ही 24 नवंबर को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल में उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव और आगजनी की थी। जांच में सामने आया है कि इस हिंसा की साजिश शारिक साटा ने रची थी, और उसके गिरोह के सदस्यों ने इसमें विदेशी कारतूस का भी इस्तेमाल किया था।
इस पूरे मामले की जांच SIT (विशेष जांच टीम) द्वारा की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शारिक साटा इस समय दुबई में है और वहां से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और दाऊद इब्राहिम के नेटवर्क के लिए काम कर रहा है। इसके पुख्ता सबूत पुलिस को प्राप्त हुए हैं।
प्रशासन की ओर से की गई यह संपत्ति ज़ब्ती की कार्रवाई, शारिक साटा गैंग के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, जिससे कानून प्रवर्तन एजेंसियों का कड़ा संदेश गया है कि अपराधियों की अवैध संपत्तियों को बख्शा नहीं जाएगा।

कैदियों के लिए ‘सेक्स रूम’ की शुरुआत,इटली की जेल में पार्टनर के साथ अंतरंग हो सकेंगे कैदी

सर्वोदय/नेशनल डेस्क (इटली)– इटली की जेलों में एक अनोखा और इंसानी हक की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। देश की अदालती अनुमति के बाद अब कैदियों को जेल के भीतर ही अपने जीवनसाथी या पार्टनर के साथ निजी और अंतरंग पल बिताने की इजाजत दी जा रही है। इसके तहत टेर्नी की जेल में पहला ‘सेक्स रूम’ तैयार किया गया है, जहां शुक्रवार को एक कैदी ने पहली बार अपनी महिला मित्र से मुलाकात की।

अदालत का आदेश, 

जनवरी 2024 में इटली की अदालत ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया था कि कैदियों को बिना किसी निगरानी के अपने पार्टनरों से अंतरंग मुलाकात करने का अधिकार मिलना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, नीदरलैंड और स्वीडन जैसे देशों में पहले से ही इस तरह की व्यवस्था लागू है।

अम्ब्रिया के लोकपाल ग्यूसेप्पे कैफोरियो ने कहा, “हम इस प्रयोग से संतुष्ट हैं। इसमें शामिल लोगों की निजता की सुरक्षा भी बेहद जरूरी है।”

दो घंटे की मुलाकात, सुविधा से युक्त कक्ष

इटली के न्याय मंत्रालय ने हाल ही में ‘सेक्स रूम’ के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के मुताबिक, कैदी और उसका पार्टनर दो घंटे तक इस विशेष रूम में रह सकते हैं। रूम में एक बिस्तर और शौचालय की व्यवस्था होगी। हालांकि, दरवाजा पूरी तरह से बंद नहीं होगा, ताकि जरूरत पड़ने पर गार्ड हस्तक्षेप कर सकें।

भीड़भाड़ और आत्महत्याओं से जूझ रही हैं जेलें

इटली की जेलें इस समय क्षमता से 21 फीसदी अधिक कैदियों को संभाल रही हैं। कुल 62,000 कैदियों के साथ, देश की जेलें यूरोप में सबसे ज्यादा भीड़भाड़ वाली मानी जा रही हैं। हालात इतने खराब हैं कि आत्महत्याओं की दर भी बढ़ी है। ऐसे में यह नई पहल कैदियों की मानसिक और भावनात्मक स्थिति को बेहतर करने में मददगार साबित हो सकती है।

जानें क्यों जरूरी है लिवर का ख्याल रखना, कौन से फूड्स हैं दुश्मन?

सर्वोदय/लाइफस्टाइल :-  हर साल 19 अप्रैल को वर्ल्ड लिवर डे मनाया जाता है ताकि लोगों को इस महत्वपूर्ण अंग के महत्व और इसके स्वास्थ्य को लेकर जागरूक किया जा सके। लिवर हमारे शरीर का एक ऐसा अंग है जो न केवल खून को साफ करता है, बल्कि विषैले पदार्थों को बाहर निकालने, पाचन में मदद करने और जरूरी प्रोटीन व हार्मोन बनाने का काम भी करता है। यही वजह है कि इसकी देखभाल करना हमारी हेल्थ के लिए बेहद जरूरी है।
इस साल वर्ल्ड लिवर डे की थीम है – “भोजन ही दवा है”। इस थीम के जरिए लोगों को बताया जा रहा है कि एक संतुलित और पोषणयुक्त आहार न केवल लिवर को स्वस्थ रखता है, बल्कि गंभीर बीमारियों को भी रोक सकता है। इसका मकसद सरकारों और लोगों को ऐसे खाद्य विकल्पों की तरफ प्रेरित करना है जो सस्ते, सेहतमंद और सबके लिए सुलभ हों।

भोजन और लिवर: क्या है कनेक्शन?

देश के जाने-माने लिवर एक्सपर्ट डॉ. शिवकुमार सरीन के मुताबिक, “लिवर आपका चार्टेड अकाउंटेंट है – जितना खर्च कर सकते हो, उतना ही कमाओ।” यानी, जो हम खाते हैं, वो अगर शरीर के हिसाब से ज्यादा है, तो वो विष, फैट और बीमारियों का कारण बन सकता है।

लिवर के सबसे बड़े दुश्मन फूड्स

मैदा और बेकरी प्रोडक्ट्स
अधिक चीनी
फैटी फूड्स (जैसे तला-भुना खाना)
शराब
प्रोसेस्ड और पैक्ड स्नैक्स
ज्यादा नमक

लिवर के दोस्त फूड्स इनका करें स्वागत

सेब
ब्लूबेरीज
चुकंदर
हरी पत्तेदार सब्जियां
नट्स (बादाम, अखरोट)
फैटी फिश (जैसे सैल्मन)
ऑलिव ऑयल
ग्रीन टी

लिवर को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये आदतें

भरपूर पानी पिएं – डिटॉक्स में मदद करता है
शराब से दूरी बनाएं – लिवर खराब करने का सबसे बड़ा कारण
नियमित एक्सरसाइज करें – फैटी लिवर से बचाव
ओवर द काउंटर दवाओं से बचें – खासकर पेनकिलर्स और एंटीबायोटिक
हेपेटाइटिस A और B का टीका लगवाएं
नियमित जांच कराएं – ताकि समय रहते बीमारियों का पता चल सके

नियमित रूप से व्यायाम करें

शारीरिक रूप से सक्रिय रहने से हेल्दी वजन मेंटेन रखने में मदद मिलती है और इससे फैटी लिवर डिसीस का खतरा कम होता है.

अनावश्यक दवाओं से बचें

दवाओं का अत्यधिक सेवन, विशेष रूप से ओवर-द-काउंटर गोलियां लिवर को नुकसान पहुंचा सकती हैं. बिना डॉक्टर की सलाह के किसी एंटीबायोटिक का सेवन ना करें.

आप अपने खानपान और जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव लाकर अपने लिवर और पूरे शरीर को स्वस्थ रखेंगे। याद रखें, एक अच्छा लिवर ही एक अच्छा जीवन दे सकता है।

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे का बड़ा बयान,’…तो बंद कर देनी चाहिए संसद’

नई दिल्ली/ सर्वोदय:-  वक्फ कानून के समर्थन और विरोध के बीच उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने न्यायपालिका और विधायिका को लेकर नई बहस छेड़ दी है. वहीं अब बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने शनिवार (19 अप्रैल) को सुप्रीम कोर्ट को लेकर बड़ा बयान दे दिया. उन्होंने कहा कि कानून अगर शीर्ष अदालत ही बनाएंगी तो संसद भवन को बंद कर देना चाहिए. बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, “देश में धार्मिक युद्ध भड़काने के लिए केवल सुप्रीम कोर्ट जिम्मेदार है. सुप्रीम कोर्ट अब अपनी सीमाओं से बाहर जा रहा है. अगर हर बात के लिए सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ता है तो संसद और विधानसभा बंद कर देनी चाहिए. भारत के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना इस देश में हो रहे सभी गृहयुद्धों के लिए जिम्मेदार हैं.

‘मुख्य न्यायाधीश पर भी जताई आपत्ति’

दुबे ने आगे कहा, “आप अपॉइंटिंग अथॉरिटी को निर्देश कैसे दे सकते हैं? राष्ट्रपति भारत के मुख्य न्यायाधीश को नियुक्त करते हैं. संसद इस देश का कानून बनाती है. आपने नया कानून कैसे बनाया? किस कानून में लिखा है कि राष्ट्रपति को तीन महीने के भीतर फैसला करना है? इसका मतलब है कि आप इस देश को अराजकता की ओर ले जाना चाहते हैं. जब संसद बैठेगी तो इस पर विस्तृत चर्चा होगी.” निशिकांत दुबे की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब वक्फ (संशोधन) अधिनियम की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर शीर्ष अदालत में सुनवाई चल रही है अधिनियम को इस महीने की शुरूआत में संसद ने पारित किया था. न्यायालय द्वारा इस कानून के कुछ विवादास्पद प्रावधानों पर सवाल उठाए जाने के बाद केंद्र सरकार ने अगली सुनवाई तक उन्हें लागू न करने पर सहमति व्यक्त की है.

संविधानिक प्रक्रिया पर सवाल

राष्ट्रपति को भेजे गए विधेयकों पर निर्णय लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल में समयसीमा निर्धारित किये जाने पर भी बहस शुरू हो गई है उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शीर्ष अदालत के इस निर्णय से असहमति जताई है. वहीं दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने शीर्ष अदालत के उक्त निर्देश के साथ-साथ वक्फ (संशोधन) अधिनियम मामले में उच्चतम न्यायालय की कार्यवाही की सराहना की है|

झारखंड के गोड्डा से सांसद दुबे अक्सर लोकसभा में अपने प्रतिद्वंद्वियों पर बीजेपी के राजनीतिक हमलों में अग्रणी भूमिका में रहते हैं और विभिन्न मुद्दों पर सत्तारूढ़ पार्टी का रुख स्पष्टता से सदन में रखते हैं.

 

 

लोको पायलटों को दी जा रही बेहतरीन सुविधायें, वर्किंग कंडीशन में आया है सुधार

गोरखपुर/सर्वोदय:-   पूर्वोत्तर रेलवे पर सभी बड़ी लाइनों पर शत-प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हो चुका है, जिसके फलस्वरूप सभी ट्रेनों का संचालन इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के द्वारा किया जा रहा है। इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के आ जाने से लोको पायलट के वर्किंग कंडीशन में उल्लेखनीय सुधार हुये हैं; जैसे कि डीजल लोकोमोटिव की तरह इसमें शोर नहीं होता है, इसकी कैब में पर्याप्त जगह है, लोको पायलट की सीट आरामदायक है तथा बड़ी विंडो साइज होने से दृश्यता भी बेहतर है। इससे लोको पायलट की सुविधायें बढ़ी हैं तथा संरक्षा में भी सुधार हुआ है। लोको पायलट को पर्याप्त रेस्ट मिल पाये, इस हेतु पूर्वोत्तर रेलवे पर स्थित सभी 18 रनिंग रूम में ए.सी. लगाया गया है।

पिछले 10 वर्षों में आधे से ज्यादा लोको केबिनों को एर्गोनोमिक सीटों, वातानुकूलन और अन्य सुधारों के साथ अपग्रेड किया गया है। सभी नये लोकोमोटिव के कैब एयर कंडीशन्ड आ रहे हैं, पूर्वोत्तर रेलवे पर 176 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव में ए.सी. लगे हुये हैं। इसके अतिरिक्त 90 लोकोमोटिव में ए.सी. लगाने के लिये स्वीकृति मिल चुकी है। सभी नये लोकोमोटिव्स में शौचालय लगाये जा रहे हैं। 2014 से पहले यह निर्माण योजना का हिस्सा भी नहीं था। पुराने लोकोमोटिव्स में शौचालय लगाने के लिये रेट्रोफिटिंग की जा रही है। इसके लिये डिज़ाइन में संशोधन भी किये जा रहे हैं।

मालगाड़ियां कई स्टेशनों और यार्ड में रुकती हैं। इन स्टेशनों पर पर्याप्त समय होता है, जिससे कर्मचारी शौचालय का उपयोग कर सकते हैं। साथ ही यह समय नाश्ते के लिये भी उपयोग में लाया जा सकता है। सबअर्बन तथा मेट्रो ट्रेनों का परिचालन अल्प दूरी के लिये किया जाता है और इनके चालक दल टर्मिनल स्टेशनों पर शौचालय का उपयोग करते हैं।पैसेंजर ट्रेनों पर कार्यरत कर्मचारी स्टेशन पर ट्रेन के खड़े रहने के दौरान ट्रेन के शौचालय का उपयोग करते हैं और इस समय का उपयोग नाश्ते के लिये भी करते हैं। स्टेशन के कर्मचारी लोको पायलटों को सदैव सहयोग देते हैं। लोको पायलटों को वॉकी टॉकी की सुविधा भी दी गई है इसके द्वारा वह स्टेशन कर्मचारियों के सम्पर्क में रहते हैं।

जिन मार्गों पर भारी ट्रैफिक रहता है, वहाँ नये रनिंग रूम बनाये जा रहे हैं। इन प्रयासों से लोको पायलटो के वर्किंग आवर्स में उल्लेखनीय कमी आई है। कोहरे में सुरक्षा के लिये फॉग- सेफ्टी उपकरण, कवच, ड्राइवर अलर्ट सिस्टम और इंप्रूव्ड ब्रेकिंग सिस्टम जैसी तकनीकों से रेलवे सेफ्टी बेहतर हुई है और लोको पायलटों को भी काफी सुविधा मिली है। ऑनबोर्ड सुविधायें, उन्नत तकनीकें और रेस्ट के लिये पर्याप्त समय से लोको पायलटों के कार्य वातावरण लगातार बेहतर हुये हैं।

आईपीएल को मिला सबसे कम उम्र का क्रिकेटर,तोड़े सारे रिकॉर्ड

IPL 2025 सर्वोदय/खेल जगत:-  इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 में एक ऐतिहासिक पल देखने को मिला जब मात्र 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल में अपना डेब्यू कर रिकॉर्ड बना दिया। वह अब तक के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने आईपीएल में पहला मुकाबला खेला है। राजस्थान रॉयल्स ने इस युवा प्रतिभा को आईपीएल ऑक्शन 2025 में ₹1.10 करोड़ की बड़ी रकम में खरीदा था। रविवार को राजस्थान रॉयल्स और लखनऊ सुपरजायंट्स के बीच हुए मुकाबले में सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया।

कप्तानी में बदलाव, मिला मौका

राजस्थान रॉयल्स के नियमित कप्तान संजू सैमसन चोट की वजह से इस मुकाबले में नहीं खेल पाए, उनकी जगह रियान पराग ने कप्तानी की। टॉस लखनऊ सुपरजायंट्स के कप्तान ऋषभ पंत ने जीता और पहले गेंदबाजी का फैसला किया।कप्तान रियान पराग ने टॉस के बाद ही साफ कर दिया कि इस मैच से वैभव सूर्यवंशी डेब्यू कर रहे हैं। यह फैसला टीम के भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया, और देश के करोड़ों क्रिकेट फैंस के लिए यह पल गर्व और उम्मीद से भरा रहा।

बिहार से आईपीएल तक का सफर

वैभव सूर्यवंशी बिहार के एक छोटे से शहर से आते हैं और उन्होंने घरेलू क्रिकेट और अंडर-16 टूर्नामेंट्स में शानदार प्रदर्शन किया है। उनकी बल्लेबाज़ी की तकनीक, आत्मविश्वास और गेम सेंस ने उन्हें स्काउट्स की नजरों में ला खड़ा किया। इतनी कम उम्र में आईपीएल जैसे मंच पर उतरना उनकी कड़ी मेहनत और लगन का नतीजा है।

क्रिकेट की दुनिया में नया सितारा

आईपीएल जैसे वैश्विक मंच पर 14 साल की उम्र में डेब्यू करना ना सिर्फ रिकॉर्ड है बल्कि यह आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट के उज्जवल भविष्य की झलक भी देता है। वैभव सूर्यवंशी अब सभी की नजरों में हैं और फैंस उन्हें आगे और भी शानदार प्रदर्शन करते देखने के लिए उत्सुक हैं।

वृद्धावस्था पेंशन का सत्यापन प्रारंभ, मृतक और अपात्र हटेंगे, नए पात्र पेंशन पाएंगे

लखनऊ/ सर्वोदय:- उत्तर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत पेंशन प्राप्त कर रहे 61 लाख लाभार्थियों का सत्यापन प्रारंभ कर दिया है। नए वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना का लाभ केवल वास्तविक और पात्र व्यक्तियों को मिले, इसके लिए मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को सत्यापन का कार्य 25 मई तक पूरा कराने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

नए लाभार्थियों को मिलेगा मौका

सत्यापन के दौरान जो पेंशनर्स मृतक या अपात्र पाए जाएंगे, उन्हें सूची से हटाकर नए पात्र वृद्धजनों को पेंशन दी जाएगी। समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा कि “सरकार बुजुर्गों की सुरक्षा, सम्मान और स्वास्थ्य के लिए प्रतिबद्ध है। पेंशन राशि पात्र वृद्धजनों को डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खातों में भेजी जाएगी।”

पात्रता का निर्धारण स्पष्ट

60 वर्ष या उससे अधिक आयु के ऐसे वृद्धजन, जिनकी वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्रों में ₹46,080 और शहरी क्षेत्रों में ₹56,460 से कम है, योजना के पात्र हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सत्यापन बीडीओ और शहरी क्षेत्रों में एसडीएम अथवा ईओ के माध्यम से किया जा रहा है।

गलत सत्यापन पर सख्ती

सत्यापन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु 10% क्रॉस वेरिफिकेशन की जिम्मेदारी मंडलीय उप निदेशकों और समाज कल्याण अधिकारियों को दी गई है। यदि किसी जीवित पेंशनर्स को मृतक दिखाया गया, तो जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर जिलाधिकारी के माध्यम से दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।

‘जीरो पावर्टी’ से जुड़ेंगे वृद्धजन

‘जीरो पावर्टी’ अभियान के तहत चिन्हित परिवारों के 60+ वृद्धों को पेंशन योजना से जोड़ने की कार्यवाही जारी है। पात्र पाए जाने पर उन्हें जून माह से प्रथम किश्त का भुगतान शुरू किया जाएगा, जिससे उनका जीवन यापन थोड़ा सहज हो सके।

तकनीक से जुड़ी पारदर्शिता

पेंशन वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने हेतु आधार प्रमाणीकरण, मोबाइल नंबर और बैंक खातों की लिंकिंग अनिवार्य की गई है। एकीकृत पोर्टल की मदद से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी व्यक्ति एक से अधिक पेंशन का लाभ न उठा सके

तेज बारिश के बावजूद जारी रखा जनसेवा, 300 लोगों की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुनीं समस्याएं

गोरखपुर/सर्वोदय:- शनिवार सुबह तेज बारिश के कारण एक बार यह लगा था कि शायद इतने प्रतिकूल मौसम में जनता दर्शन कार्यक्रम न हो पाए। पर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार ने ऐसी आशंका को निर्मूल सिद्ध कर दिया। तेज बारिश के बावजूद सीएम योगी ने जनसेवा का अनुष्ठान जारी रखा। जनता दर्शन का आयोजन सुनिश्चित कराने के साथ ही उन्होंने करीब 300 लोगों की समस्याएं सुनीं और इन समस्याओं के त्वरित, गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और संतोषजनक निस्तारण के निर्देश अधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर प्रवास पर होने के चलते शनिवार सुबह कई लोग जनता दर्शन में शामिल होने पहुंचे थे। पर, तेज बारिश के कारण उन्हें यह आशंका थी कि शायद उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री से न हो पाए। पर, मुख्यमंत्री ने प्रतिकूल मौसम को देखते हुए लोगों के बैठने की व्यवस्था महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में कराई। इस दौरान उन्होंने 300 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। सभी को आश्वस्त किया सबकी समस्या का निस्तारण करना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। किसी के साथ अन्याय नहीं होने पाएगा। सीएम ने लोगों की समस्याओं से संबंधित प्रार्थना पत्र लेकर उसे अधिकारियों की इस निर्देश के साथ हस्तगत किया कि समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपरक निस्तारण सुनिश्चित करें। जनता दर्शन में सीएम योगी ने आत्मीयता से सभी लोगों को समस्या निस्तारण का भरोसा देते हुए कहा कि किसी की चिंता करने या परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। सबकी समस्या पर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित कराई जाएगी।
पुलिस और राजस्व के मामले शीघ्र करें निस्तारित
उन्होंने पुलिस व राजस्व से जुड़े मामलों में कार्रवाई करने में अनावश्यक विलंब न होने की हिदायत दी तो जमीन कब्जा करने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए दबंग और भू माफिया पर नकेल कसने के निर्देश दिए। पुलिस से जुड़े कुछ मामलों पर मुख्यमंत्री ने कहा प्राथमिकी दर्ज करने और उसके बाद विधिक कार्यवाही में कोताही नहीं होनी चाहिए। घरेलू विवाद के मामले में उन्होंने परस्पर संवाद से समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए।

हर बार की भांति इस बार भी जनता दर्शन में कुछ लोग गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में इस्टीमेट की प्रक्रिया को शीघ्रता से पूर्ण कर शासन को भेजें। इलाज के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। लोगों को आश्वस्त किया कि धन के अभाव में किसी का इलाज बाधित नहीं होगा।

समस्या निस्तारण कराओ, चाय भी पिलाओ
जनता दर्शन में समस्या लेकर आई आंशिक रूप से शारीरिक अक्षमता की शिकार कर महिला और उसके साथ बच्चे को देखकर मुख्यमंत्री भावुक हो गए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि इनकी समस्या का निस्तारण कराओ और इन्हें चाय भी पिलाओ। इस दौरान कुछ अन्य लोगों के साथ आए उनके बच्चों को सीएम योगी ने प्यार, दुलारकर आशीर्वाद दिया। उन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए चॉकलेट दिया।

तेज बारिश में भी मंदिर परिसर का भ्रमण किया सीएम ने
गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान शनिवार सुबह तेज बारिश का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। खराब मौसम में भी वह गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन और अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा समक्ष शीश झुकाने के बाद मंदिर परिसर का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेने निकले