उत्तराखंड(सर्वोदय न्यूज़):- उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। केदारनाथ से गुप्तकाशी लौट रहा हेलिकॉप्टर गौरीकुंड और सोनप्रयाग के बीच दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें पायलट सहित 7 लोगों की मौत हो गई। यह हेलिकॉप्टर आर्यन एविएशन कंपनी का था और मौसम खराब होने के कारण दुर्घटना का शिकार हो गया।
हादसा सुबह 5:30 बजे, जंगल में गिरा हेलिकॉप्टर
प्रशासन के मुताबिक, हादसा रविवार सुबह करीब 5:30 बजे हुआ। हेलिकॉप्टर केदारनाथ से श्रद्धालुओं को लेकर लौट रहा था, तभी घाटी में मौसम खराब हो गया और पायलट ने हेली को बाहर निकालने की कोशिश की। इस प्रयास में हेलिकॉप्टर गौरी माई खर्क के ऊपर जंगल क्षेत्र में गिरकर क्रैश हो गया।

हेलिकॉप्टर क्रैश में मारे गए यात्रियों की पहचान
एसडीआरएफ टीम ने मौके से सभी सात शव बरामद कर लिए हैं। मृतकों की पहचान इस प्रकार है:
- कैप्टन राजबीर सिंह चौहान – पायलट, निवासी जयपुर
- विक्रम रावत – बीकेटीसी कर्मचारी, निवासी ऊखीमठ
- विनोद देवी – उत्तर प्रदेश, उम्र 66
- तृष्टि सिंह – उत्तर प्रदेश, उम्र 19
- राजकुमार सुरेश जायसवाल – गुजरात, उम्र 41
- श्रद्धा राजकुमार जायसवाल – महाराष्ट्र
- काशी (बालिका) – उम्र 2 वर्ष, महाराष्ट्र
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, SDRF-NDRF ने संभाला मोर्चा
घटनास्थल कठिन और दुर्गम पहाड़ी जंगल क्षेत्र में है, जिससे रेस्क्यू अभियान में चुनौतियाँ आ रही हैं। SDRF, NDRF, पुलिस बल और स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य जारी है। सभी हेलिकॉप्टर सेवाएं फिलहाल अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई हैं।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जताया दुख
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुर्घटना पर शोक जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा: “जनपद रुद्रप्रयाग में हेलीकॉप्टर दुर्घटना का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। SDRF, स्थानीय प्रशासन एवं अन्य रेस्क्यू दल राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हैं। बाबा केदार से सभी यात्रियों के सकुशल होने की कामना करता हूँ।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) June 15, 2025
विमान दुर्घटना की जांच करेगा DGCA का विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो
एविएशन एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) इस हादसे की जांच करेगा। प्रारंभिक रिपोर्ट्स में दुर्घटना का मुख्य कारण खराब मौसम बताया जा रहा है।
तीसरी बड़ी घटना इस यात्रा सीजन में
इस यात्रा सीजन में केदारघाटी में यह तीसरी बड़ी हेली संबंधित घटना है। इससे पहले दो बार आपात लैंडिंग करानी पड़ी थी। बद्रीनाथ और गंगोत्री में भी दो हेली घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे चारधाम यात्रा के दौरान हेली सेफ्टी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।



