Wednesday, June 17, 2026

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4 बच्चों की मां समधी के साथ फरार, बेटी के ससुर से रचाया इश्क

बदायूं/सर्वोदय:— उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में सास और दामाद के भागने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब बदायूं जिले से एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां 4 बच्चों की मां अपनी बेटी के ससुर (समधी) के साथ फरार हो गई। इस घटना ने एक बार फिर पारिवारिक रिश्तों की मर्यादा को सवालों के घेरे में ला दिया है।

क्या है पूरा मामला?

घटना बदायूं जिले के दातागंज कस्बे की है। यहां एक महिला को अपने समधी से इस कदर प्यार हो गया कि उसने अपनी बेटी के ससुर के साथ घर से फरार होने का फैसला कर लिया। हैरानी की बात यह है कि महिला की बेटी की शादी को महज तीन साल हुए हैं। महिला का पति पेशे से ट्रक ड्राइवर है और अधिकतर समय लम्बे रूट पर बाहर रहता है। पति का आरोप है कि उसकी पत्नी उसकी गैरहाज़िरी में अपनी बेटी के ससुर को अक्सर घर बुलाती थी और अब तो वह सारे जेवर और नकदी लेकर उसी के साथ भाग गई।

पति का कहना है: “मैं ट्रक चलाता हूं, महीने में एक-दो बार घर आता हूं। पत्नी को समय पर पैसे भेजता था, लेकिन वह मेरी पीठ पीछे मेरी बेटी के ससुर को बुलाती थी। अब वह जेवर, सामान और रुपए लेकर उसी के साथ भाग गई है।”

बेटे का आरोप:

महिला के बेटे ने भी अपनी मां पर गंभीर आरोप लगाए हैं। “पापा अक्सर बाहर रहते थे। मम्मी हर तीसरे दिन अपने समधी को घर बुला लेती थीं। हमें दूसरे कमरे में भेज दिया जाता था। अब वो अपने समधी के साथ टेंपो में बैठकर चली गईं।”

पड़ोसियों ने क्या कहा?

मोहल्ले वालों का कहना है कि महिला अक्सर समधी को बुलाती थी। “महिला का पति तो महीने में दो बार ही आता था। लेकिन समधी तो देर रात आता और सुबह जल्दी निकल जाता। वो रिश्तेदार था, इसलिए किसी ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। अब वही महिला को लेकर फरार हो गया है।”

 

जानिए किस राशि की लव लाइफ में आएंगे बदलाव और किसका दिन रहेगा खास!

लखनऊ/सर्वोदय:- वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हर राशि की अपनी खासियत होती है और यही कारण है कि हर दिन राशियों के जीवन में कुछ न कुछ नया लेकर आता है। आज 19 अप्रैल 2025 का दिन प्रेम जीवन और रिश्तों के लिहाज़ से कैसा रहेगा? आइए जानते हैं मेष से मीन राशि तक का आज का लव राशिफल:
मेष राशि
आज का दिन प्रेम जीवन के लिए बेहद सकारात्मक रहेगा। साथी के साथ बिताया गया वक्त यादगार बन सकता है। कोई प्यारा-सा सरप्राइज दिन को और भी खास बना देगा।
वृषभ राशि
तनाव और टकराव का असर आपके रिश्तों पर दिख सकता है। इस समय धैर्य रखें और सकारात्मक सोच अपनाएं। पार्टनर के साथ खुलकर संवाद करने की जरूरत है।
मिथुन राशि
सिंगल हैं तो आज किसी खास व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। रिश्तों में हैं तो अपने साथी के साथ गहराई से संवाद करें, इससे बंधन मजबूत होगा।
कर्क राशि
रिश्ते में नयापन महसूस होगा। हालांकि किसी दोस्त के साथ हल्की बहस से मन थोड़ा विचलित हो सकता है। भावनाओं को संतुलित रखने की सलाह दी जाती है।
सिंह राशि
आज ईमानदारी और समझदारी से रिश्तों में नजदीकियां बढ़ेंगी। दिल की बात कहने से डरें नहीं, इससे रिश्ते और प्रगाढ़ होंगे।
कन्या राशि
कुछ अनकहे राज सामने आ सकते हैं। वर्तमान और भूतकाल के अनुभवों से प्रेम जीवन के नए पहलुओं को समझने का अवसर मिलेगा।
तुला राशि
थोड़ी उलझन और असमंजस की स्थिति रह सकती है। संदेह और भ्रम से रिश्ते में दरार न आने दें। संवाद के ज़रिए गलतफहमियों को दूर करें।
वृश्चिक राशि
प्रेम के नए अवसर सामने आ सकते हैं। पहली डेट या किसी नए रिश्ते की शुरुआत के लिए दिन अनुकूल है। मौके का लाभ उठाएं।
धनु राशि
आज का दिन रोमांटिक और रिलैक्सिंग रहेगा। सिंगल लोगों के लिए दोस्ती प्यार में बदल सकती है। रिश्तों में धीमी लेकिन स्थायी प्रगति संभव है।
मकर राशि
आपका पार्टनर आपका ध्यान रखेगा और प्रेम में नयापन महसूस कराएगा। सिंगल लोगों के लिए कोई खास इंसान इंतजार कर रहा हो सकता है।
कुंभ राशि
रिश्तों में आ रही समस्याओं को अनदेखा न करें। दिल से जुड़ी बातें सोच-समझकर कहें। जल्दबाज़ी में लिए फैसले नुकसानदायक हो सकते हैं।
मीन राशि
कोई पुराना रिश्ता अचानक से सामने आ सकता है। सोच-समझकर निर्णय लें कि क्या अतीत में लौटना समझदारी होगी या नहीं।

डिस्क्लेमर: यह राशिफल आम ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। इसकी सटीकता की गारंटी नहीं दी जाती। किसी भी निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

मथुरा में कृष्ण लोक पार्क और अयोध्या में बनेगा लव-कुश पार्क व श्रीपुरुषोत्तम दर्शन अनुभव केंद्र

लखनऊ/सर्वोदय:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में मथुरा और अयोध्या में भगवान श्रीकृष्ण और प्रभु श्रीराम के जीवन लीलाओं पर आधारित थीम पार्क और एक्सपीरियंस सेंटर बनने की कार्ययोजना नगर विकास विभाग ने मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की। कचरे से कंचन की तर्ज पर मथुरा में कृष्ण लोक पार्क और अयोध्या में लवकुश पार्क व श्रीपुरुषोत्तम दर्शन अनुभव केंद्र बनाया जाएगा। प्रयागराज में इसी तर्ज पर बनाये गये शिवालय पार्क की तर्ज पर नगर वेस्ट और धातु स्कैप से मथुरा और अयोध्या में भी थीम पार्क बनेंगे। जो धार्मिक नगरियों में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होंगे।

कचरे से कंचन की तर्ज पर बनेंगे अयोध्या और मथुरा में थीम पार्क
सीएम योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में लखनऊ के यूपी दर्शन पार्क और प्रयागराज में बने शिवालय पार्क की तर्ज पर मथुरा और अयोध्या में भी थीम पार्क और एक्सपीरियंस सेंटर बनाये जाएगें। इसकी विस्तृत कार्ययोजना नगर विकास विभाग ने मुख्यमंत्री के सामने विभाग की समीक्षा बैठक में प्रस्तुत की। मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण की जीवन लीलाओं पर आधारित कृष्ण लोकपार्क बनाया जाएगा। जबकि अयोध्या नगरी में प्रभु श्रीराम और लवकुश के जीवन प्रसंगों का चित्रण लवकुश पार्क और श्रीपुरूषोत्तम एक्सपीरिंयस सेंटर का निर्माण किया जाएगा। यूपी नगर विकास विभाग अपनी कचरे से कांचन की निति के तहत शहर के वेस्ट मटेरियल और धातु स्कैप से इन पार्कों का निर्माण होगा। जो पर्यटकों के आकर्षण के केंद्र के साथ नगरीय निकाय के लिए रेवन्यु भी जनरेट करेगा।

मथुरा-वृदांवन क्षेत्र में नगर विकास विभाग बनायेगा कृष्ण लोक पार्क
मथुरा-वृदांवन क्षेत्र में बनने वाले कृष्ण लोक पार्क में 3डी इमेजिंग, इंटरैक्टिव माडल और लाइट एंड साउंड के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विभिन्न प्रसंगों को दिखाया जाएगा। जिनमें भगवान श्री कृष्ण के जन्म की घटना से लेकर पूतना, बकासुर और कंस वध के साथ उनके युवाकाल, द्रौपदी चीर हरण से लेकर महाभारत में गीता का उपदेश देते हुये उनके विराट स्वरूप को भी दर्शाया जाएगा। इसके साथ ही पार्क में आने वाले बच्चों के मनोरंजन के लिए बांसुरी और मयुर आकृति के झूले के साथ द्वापर युगीन मथुरा-वृदांवन का परिदृश्य बनाया जाएगा।

अयोध्या में लवकुश पार्क और श्रीपुरुषोत्तम दर्शन अनुभव केंद्र का होगा निर्माण
भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या में प्रभु श्रीराम और लवकुश के जीवन प्रंसगों पर आधारित लवकुश पार्क का निर्माण किया जाएगा। साथ ही एलईडी डिस्प्ले, इंटरैक्टिव एलईडी वॉल, वाल म्युरलस्, प्रोजेक्शन और टच कियोस्क जैसी आधुनिक तकनीकी का प्रयोग कर श्रीपुरुषोत्तम दर्शन अनुभव सेंटर भी बनाया जा रहा है।

लवकुश पार्क में बच्चों के मनोरंजन के लिए एंटनटेनमेंट जोन भी बनाया जाएगा। जिसमें सेल्फी प्वाइंट, धनुष-बाण का मैदान, घोड़े की सवारी, आब्सटेकल मार्ग, लर्निंग एरिया और इंटरैक्टिव तकनीकि प्रयोग से रामकथा के प्रेरक प्रंसग भी दिखाये जायेंगे। प्रभु राम और कृष्ण के जीवन पर आधारित ये थीम पार्क और अनुभव केंद्र इन नगरियों में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देंगे।

विकास की रोशनी से रौशन हो रहा श्रीराम का प्रिय चित्रकूट

लखनऊ/सर्वोदय:-कभी दस्यु गिरोहों के लिए बदनाम रहा चित्रकूट अब विकास की रोशनी से रौशन हो रहा है। यह वही चित्रकूट है जहां कभी ददुआ, ठोकिया, राधे, बबली कोल, गौरी यादव, साधना पटेल और गोप्पा जैसे दस्यु गिरोहों का समानांतर शासन चलता था। लोगों में हरदम इन दस्युओं को लेकर दहशत का माहौल था। यहां तक कि ये राजनीति को प्रभावित करने की स्थित में थे। लेकिन सीएम योगी के शासन काल में अब यह सब बीते दिनों की बात हो गई है।

वनवास के दौरान भगवान श्री राम ने पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण सहित जिस चित्रकूट में सर्वाधिक समय बिताया था। जो चित्रकूट उनको अयोध्या से भी अच्छा लगने लगा था (अवध सहस सम बनु प्रिय लागा)। उन्होंने यहीं कोल, किरात आदि को खुद से जोड़कर सामाजिक समरसता का संदेश दिया। इसी चित्रकूट में भरत के साथ हुआ उनका मिलन भाई-भाई के प्रेम की मिसाल बन गया। उसी चित्रकूट में वह ऋषियों और मुनियों के संपर्क में आए। कुल मिलाकर राम,लक्ष्मण और सीता के लिए चित्रकूट प्रवास का अहसास जंगल में मंगल जैसा रहा। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निजी रुचि और प्रयासों के नाते चित्रकूट एक बार फिर वैसा ही अहसास करा रहा है।

त्रेता में क्या थी चित्रकूट की ख्याति
त्रेता युग में चित्रकूट की ख्याति क्या थी इसका वर्णन करते हुए तुलसीदास ने रामचरित मानस में लिखा है कि जब वनवास के दौरान वह बाल्मीकि ऋषि से मिलने उनके आश्रम गए थे चलते उनको ऋषिवर ने चित्रकूट में कुछ समय गुजारने के साथ उसकी महिमा का वर्णन कुछ ऐसे किया था, “चित्रकूट गिरि करहु निवासू। तहँ तुम्हार सब भाँति सुपासू। सैलु सुहावन कानन चारू। करि केहरि मृग बिहग बिहारू। नदी पुनीत पुरान बखानी। अत्रिप्रिया निज तपबल आनी। सुरसरि धार नाउँ मंदाकिनि। जो सब पातक पोतक डाकिनि।।
अत्रि आदि मुनिबर बहु बसहीं। करहिं जोग जप तप तन कसहीं”
अब उसी चित्रकूट को योगी सरकार उसी ख्याति
के अनुसार सजा और संवार रही है जिसका वर्णन करते हुए तुलसीदास ने कहा है,”चित्रकूट महिमा अमित कही महामुनि गाइ”

चित्रकूट की बेहतरी के लिए योगी सरकार की ओर से किए गए कार्य
चित्रकूट के समग्र विकास के लिए चित्रकूट धाम तीर्थ विकास परिषद का गठन हो चुका है। बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे से सड़क कनेक्टिविटी बेहतर हुई है। यहां की पहाड़ियों पर एक खूबसूरत एयरपोर्ट भी खुल चुका है। यह सात जिलों वाले बुंदेलखंड का पहला एयरपोर्ट है। कनेक्टिविटी बढ़ने और पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाएं बढ़ने से हाल में यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। प्रयागराज महाकुंभ के दौरान उलट प्रवाह के कारण यहां ढेर सारे पर्यटक आए। आने वाले दिनों में चित्रकूट आने वाले पर्यटकों की संख्या और बढ़ेगी। इसके मद्देनजर योगी सरकार पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाएं लगातार बेहतर कर रही है।

पर्यटक सुविधाओं के विकास के लिए 50 करोड़ की मंजूरी
8 अप्रैल को हुई कैबिनेट की बैठक में भी इसके किए सरकार ने 50 करोड़ रुपए मंजूर किए। इस पैसे से राम वनगमन के पड़ाव स्थल पर पर्यटक सुविधा केंद्र की सुविधाओं को और बेहतर किया जाएगा। इसमें करीब 12 करोड़ रुपए की लागत आएगी। एयरपोर्ट के पास देवांगना में 17.56 करोड़ रुपए की लागत से पर्यटक सुविधा केंद्र बनेगा। इसी क्रम में कामदगिरि परिक्रमा मार्ग के विकास में 20.45 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इन सभी कार्यों के लिए पहली किस्त के रूप में क्रमशः 50, 70 और 75 लाख रुपए जारी भी किए जा चुके हैं। राम के वनवास से जुड़े स्थलों, मंदाकिनी जिसका हमारे धर्मग्रंथों में खासा महत्व है। उसके घाटों खासकर रामघाट, तुलसी दास की जन्म स्थली राजापुर ,महर्षि बाल्मीकि का आश्रम लालपुर आदि का सुंदरीकरण शामिल हैं।

काशी, अयोध्या के बाद धर्मस्थल के रूप में बढ़ा चित्रकूट का क्रेज
उल्लेखनीय है कि काशी और अयोध्या के बाद चित्रकूट में धार्मिक पर्यटन तेजी से बढ़ा है। महाकुंभ के पहले यहां बाहर से प्रति दिन औसतन 2500 वाहन आते थे। महाकुंभ के दौरान इनकी संख्या बढ़कर 7000 के करीब हो गई। सप्ताह के अंत या छुट्टियों के दौरान करीब 14000 हजार वाहन आए। यह धर्म स्थल के रूप में चित्रकूट के बढ़ते क्रेज का प्रमाण है। इस क्रेज को ट्रिपल पी मॉडल से बना रोपवे भी पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है।

सिर्फ पर्यटन ही नहीं चित्रकूट को निवेश का भी हब बना रही सरकार
योगी सरकार का ध्यान सिर्फ पर्यटन पर ही नहीं है, वह चित्रकूट को निवेश का भी हब बनाना चाहती है इसी मंशा से पर्यटकों के साथ निवेशकों को आकर्षित करने के लिए छह जिलों को शामिल करते हुए प्रयागराज-चित्रकूट विकास क्षेत्र का गठन किया गया है। इसमें प्रयागराज एवं चित्रकूट साथ फतेहपुर, बांदा, कौशांबी और हमीरपुर भी शामिल हैं। इसके गठन की घोषणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ में हुई बैठक के दौरान की थी। अयोध्या से लेकर चित्रकूट तक राम वनगमन मार्ग में पड़ने वाले हर महत्वपूर्ण स्थल का सरकार पहले से विकास करा रही। डिफेंस कॉरिडोर के छह नोड्स में से एक चित्रकूट भी है। कुल मिलाकर योगी के कार्यकाल के दौरान चित्रकूट की चमक बढ़ी है। चल रहे विकास कार्यों के पूरा होने पर यह चमक और बढ़ेगी।

पहले ही कार्यकाल से योगी का था चित्रकूट के विकास पर फोकस
दरअसल, श्रीराम की देश दुनियां में स्वीकार्यता के मद्देनजर चित्रकूट को सजाने संवारने का काम 2017 में जब योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने तभी से शुरू हो गया था। रामायण कॉन्क्लेव, रामायण मेले का आयोजन, करीब 52 करोड़ रुपए की लागत से डिजिटल रामायण गैलरी एवं वॉटर स्क्रीन लेजर शो तैयार किया गया। चित्रकूट की ब्रांडिंग के लिए टूर ऑपरेटर्स का फेम टूर पैकेज की भी पहल हुई। साथ दूसरे कार्यकाल के शुरू में ही सरकार ने जिन चुनिंदा धार्मिक स्थलों पर वैश्विक स्तर की बुनियादी सुविधाएं सृजित करने और ब्रांडिंग का लक्ष्य रखा उसमें चित्रकूट भी शामिल था।

चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस वे, राम वनगमन मार्ग, सतना ग्रीनफील्ड हाइवेसे और बेहतर हो जाएगी कनेक्टिविटी
चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस वे ,

बुंदेलखंड को चित्रकूट को बाया प्रयागराज रीवा मार्ग से जोड़ने के लिए एक्सप्रेस वे से जोड़कर चित्रकूट की कनेक्टिविटी को और बेहतर किया जा रहा है। सतना से चित्रकूट को जोड़ने के लिए भी चार लेन के ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे की घोषणा केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी कर चुके हैं। भारत माला परियोजना के तहत इस पर काम भी हो रहा। इससे मध्यप्रदेश और इससे आगे मुंबई तक चित्रकूट की कनेक्टिविटी और बेहतर हो जाएगी।

इसके अलावा फरवरी में लखनऊ में आए नितिन गडकरी ने बताया कि अयोध्या से चित्रकूट तक बनने वाले राम वन गमन मार्ग पर केंद्र सरकार 11000 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। अगले साल तक (2026) तक इसका निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। इससे अयोध्या और चित्रकूट की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी। साथ ही वनगमन के दौरान जिन जगहों पर श्रीराम ने कुछ समय गुजारे थे उनका आकर्षण पर्यटकों के लिए और बढ़ जाएगा। खासकर श्रृंगवेरपुर जहां राम और निषाद राज का मिलन और संवाद हुआ था और निषाद राज ने उन्हें गंगा पार कराया था। इसके बढ़ते महत्व के मद्देनजर श्रृंगवेरपुर में सरकार विकास के कई काम करा चुकी है। साथ ही सामाजिक समरसता के प्रति के रूप में श्रीराम और निषादराज के मिलन को दर्शाती एक विशाल प्रतिमा भी लग चुकी है

प्रेमानंद जी महाराज का समलैंगिक युवक को उत्तर: करुणा, आत्मचिंतन और आत्मविजय की प्रेरणा

वृंदावन/सर्वोदय:-प्रेमानंद जी महाराज केवल एक संत नहीं, बल्कि वे लाखों भक्तों के लिए एक आध्यात्मिक अनुभव हैं। उनकी उपस्थिति किसी तीर्थ की भांति है—जहां पहुंचते ही मन स्थिर हो जाता है और आत्मा शांति में डूब जाती है। उनके शब्दों में सरलता और गहराई होती है, जो जीवन की उलझनों में रास्ता दिखाते हैं। हाल ही में एक ऐसी ही घटना उनके सत्संग में देखने को मिली, जिसने कई लोगों को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित किया।

“मैं समलैंगिक हूं”—भक्त ने किया आत्मस्वीकृति का साहसिक कदम

वृंदावन में आयोजित सत्संग के दौरान एक युवक प्रेमानंद जी महाराज के समक्ष पहुंचा। उसका मन भारी था और आंखों में पछतावे की गहराई साफ नजर आ रही थी। उसने सबके सामने कहा, “मैं समलैंगिक हूं। अब तक 150 से अधिक पुरुषों के साथ संबंध बना चुका हूं, लेकिन अब मैं इससे बाहर निकलना चाहता हूं। मेरा मन शांति चाहता है।”यह सुनकर सभा में मौजूद सभी लोग एक पल के लिए स्तब्ध रह गए।

प्रेमानंद जी महाराज का करुणापूर्ण उत्तर

महाराज ने युवक की बात शांति और करुणा के साथ सुनी और कोई कटु प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने कहा,
*”यह तुम्हारी कोई जन्मजात पहचान नहीं है, बल्कि यह एक मानसिक संस्कार है, जो समय और वातावरण के प्रभाव से विकसित हुआ है। इससे लड़कर, आत्मसाधना और सेवा के मार्ग पर चलकर तुम इससे ऊपर उठ सकते हो। यह शरीर आत्म-विकास और भगवत प्राप्ति के लिए मिला है, किसी एक संस्कार में डूब जाने के लिए नहीं।”*

“तुम भगवत प्राप्त पुरुष बन सकते हो”

महाराज ने उस युवक से पूछा,“इस जीवन से तुम्हें क्या मिला?”
युवक ने उत्तर दिया,“सिर्फ डर और चिंता।”
इस पर प्रेमानंद जी महाराज ने कहा, “अगर तुम्हें स्त्रियों में आकर्षण नहीं है और पुरुषों से संबंध त्याग कर जीवन में ब्रह्मचर्य और साधना को अपनाते हो, तो तुम एक भगवत प्राप्त पुरुष की तरह जीवन जी सकते हो। यह मार्ग कठिन हो सकता है, लेकिन संभव है।”

आध्यात्मिक समाधान का संदेश

इस घटना ने स्पष्ट कर दिया कि प्रेमानंद जी महाराज केवल नैतिकता नहीं, बल्कि आत्मकल्याण के पक्षधर हैं। वे किसी को भी उसकी पहचान के लिए नहीं आंकते, बल्कि उसे आत्म-चिंतन, आत्म-नियंत्रण और आध्यात्मिक विकास के मार्ग पर प्रेरित करते हैं। उनका संदेश है कि कोई भी व्यक्ति चाहे जिस भी स्थिति में क्यों न हो, आत्म-साक्षात्कार की ओर अग्रसर हो सकता है।

Disclaimer:यह लेख सामान्य धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण पर आधारित है । sarvodaynews.com इसकी किसी वैज्ञानिक पुष्टि या व्यक्तिगत विचारधारा की गारंटी नहीं देता।

दिलीप घोष शादी करने जा रहे हैं, जानें कौन हैं उनकी दुल्हन रिंकू मजूमदार

कोलकाता /सर्वोदय :- पश्चिम बंगाल बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष के विवाह के बारे में एक अहम जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, दिलीप घोष शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। दिलीप की दुल्हन का नाम रिंकू मजूमदार है, जो बीजेपी की सक्रिय कार्यकर्ता रही हैं।
रिंकू मजूमदार, जिन्होंने बीजेपी के महिला मोर्चे के साथ-साथ ओबीसी मोर्चा और हथकरघा प्रकोष्ठ जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं, बीजेपी में एक महत्वपूर्ण नाम हैं। रिंकू और दिलीप की मुलाकात की शुरुआत तब हुई जब रिंकू ने दिलीप को लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद समर्थन दिया और उनके सामने शादी का प्रस्ताव रखा। सूत्रों के अनुसार, रिंकू की इस पहल के बाद दिलीप घोष ने फिर से शादी करने पर विचार किया।

शादी का प्रस्ताव और परिवार की अहमियत

दिलीप घोष के करीबी सूत्रों के अनुसार, जब दिलीप हार के बाद उदास थे, तब रिंकू ने उन्हें संबल दिया और बताया कि वह अकेली हैं और दिलीप के साथ अपना जीवन बिताना चाहती हैं। इस प्रस्ताव के बाद दिलीप ने पहले शादी से इंकार किया, लेकिन उनकी मां के आग्रह पर उन्होंने इस संबंध में फिर से विचार किया। धीरे-धीरे दिलीप को महसूस हुआ कि जीवन की इस नई शुरुआत की आवश्यकता है।

शादी एक निजी समारोह होगा

यह शादी एक निजी समारोह के रूप में आयोजित की जाएगी, जिसमें केवल परिवार के सदस्य और करीबी लोग शामिल होंगे। रिंकू तलाकशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है, जो आईटी सेक्टर में काम करता है।

बीजेपी नेता को तृणमूल कांग्रेस की शुभकामनाएं

जहां बीजेपी के नेता दिलीप घोष की इस नई शुरुआत पर खुशी जताते हुए उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं, वहीं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेताओं ने भी उन्हें जीवन के इस नए चरण के लिए बधाई दी है। कुणाल घोष और देबांगशु जैसे नेताओं ने दिलीप घोष को बधाई दी और उनके खुशहाल जीवन की कामना की।

दिलीप घोष का बयान

जब मीडिया ने इस शादी को लेकर उनसे सवाल किए, तो दिलीप घोष ने अपनी खास अंदाज में जवाब दिया, “क्यों, क्या मैं शादी नहीं कर सकता? क्या शादी करना अपराध है?” उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है और वे खुश हैं कि यह कदम उन्हें उठाना चाहिए।

मां की चिंता और आगामी चुनाव

सूत्रों के अनुसार, दिलीप की मां हमेशा चाहती थीं कि उनका बेटा शादी कर एक परिवार शुरू करे। इसके अलावा, आगामी विधानसभा चुनावों में भी दिलीप घोष की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी, जहां वह बीजेपी के लिए प्रचार करेंगे। ऐसे में उनकी मां की देखभाल और उनके साथ समय बिताने के लिए एक परिवार का होना जरूरी था।
इस शादी के साथ दिलीप घोष की जिंदगी में एक नई शुरुआत होने जा रही है, और उनकी मां के साथ उनके रिश्ते की एक नई परिभाषा भी बन सकती है।

‘अदालतें राष्ट्रपति को आदेश नहीं दे सकतीं’ – उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर जताई नाराजगी;

नई दिल्ली/सर्वोदय:- भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा है कि अदालतें भारत के राष्ट्रपति को निर्देश नहीं दे सकतीं। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 142 का हवाला देते हुए न्यायपालिका को लोकतांत्रिक ढांचे के खिलाफ ’24×7 उपलब्ध न्यूक्लियर मिसाइल’ तक करार दिया।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 8 अप्रैल को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया था जिसमें कहा गया कि राज्यपालों द्वारा राष्ट्रपति को भेजे गए विधेयकों पर राष्ट्रपति को तीन महीने के भीतर निर्णय लेना होगा। इस फैसले के तहत कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति को पूर्ण वीटो या पॉकेट वीटो का अधिकार नहीं है और उनके फैसलों की न्यायिक समीक्षा की जा सकती है।

उपराष्ट्रपति की आपत्ति

राज्यसभा के प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा: “हम ऐसी स्थिति नहीं बना सकते जहां अदालतें भारत के राष्ट्रपति को आदेश दें। संविधान के अनुसार राष्ट्रपति सर्वोच्च संवैधानिक पद पर हैं, और उनके कार्यों में हस्तक्षेप लोकतंत्र के संतुलन को खतरे में डालता है।”

उन्होंने आगे कहा कि न्यायपालिका का कार्य संविधान की व्याख्या करना है, न कि कार्यपालिका और विधायिका के अधिकारों में दखल देना। उन्होंने अनुच्छेद 142 को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि इसका उपयोग अब लोकतांत्रिक संस्थाओं पर एकतरफा दबाव बनाने के लिए हो रहा है।

न्यायपालिका बन रही हैसुपर संसद’?

उपराष्ट्रपति ने कहा कि अगर न्यायपालिका कानून बनाएगी, कार्यपालिका के कार्य करेगी और संसद के ऊपर खड़ी होगी, तो यह संविधान की मूल भावना के विपरीत होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा ढांचा भारत के लोकतांत्रिक भविष्य के लिए खतरनाक हो सकता है।

हाईकोर्ट जज के घर से जले हुए नोटों का मामला भी उठाया

अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने दिल्ली हाईकोर्ट के एक जज के घर से जले हुए नोटों के बंडल मिलने की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने पूछा कि इतनी बड़ी घटना सात दिनों तक छुपी कैसे रही? क्या यह देरी समझने या माफ करने योग्य है?

सुप्रीम कोर्ट का तर्क

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि अनुच्छेद 201 के तहत राज्यपालों की ओर से राष्ट्रपति को भेजे गए विधेयकों पर अनिश्चितकालीन विलंब उचित नहीं है। अदालत ने साफ किया कि राष्ट्रपति को फैसले लेने में देरी नहीं करनी चाहिए और यह प्रक्रिया न्यायिक समीक्षा के अंतर्गत आ सकती है।

यह मामला भारत के लोकतांत्रिक तंत्र के तीन स्तंभों – कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका – के बीच शक्ति-संतुलन के मुद्दे को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ चुका है। उपराष्ट्रपति का बयान यह दर्शाता है कि संविधान की व्याख्या और पालन को लेकर शीर्ष स्तर पर गहरे मतभेद उभर रहे हैं।

पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर रचा खौफनाक मर्डर प्लान, सांप से ढकी गई कत्ल की साजिश

मेरठ/सर्वोदय :- उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसमें एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या को सांप के काटने का रूप देने की कोशिश की। यह मामला अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन चुका है।

क्या था मामला?

मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव में अमित कश्यप उर्फ मिक्की की लाश उसके घर के बेड पर पाई गई। शव के पास जहरीला वाइपर सांप भी मौजूद था, जिससे पहली नजर में मामला सांप के डसने से हुई मौत का लगा।हालांकि, जब पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। रिपोर्ट में सामने आया कि अमित की मौत सांप के काटने से नहीं, बल्कि दम घुटने से हुई थी। शरीर में जहर के न फैलने की वजह थी – शव में ब्लड सर्कुलेशन पहले ही बंद हो चुका था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली हत्या की परतें

अमित को सांप ने 10 बार डंसा, लेकिन शरीर में जहर नहीं फैला। पोस्टमार्टम में पता चला कि मौत पहले दम घुटने से हुई थी।  पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की तो पत्नी रविता ने हत्या की साजिश कबूल कर ली।

प्रेमी के साथ मिलकर रची हत्या की खौफनाक साजिश

रविता ने कबूला कि वह अपने प्रेमी अमरदीप के साथ रहना चाहती थी। दोनों ने मिलकर पति अमित को रास्ते से हटाने का फैसला किया। वारदात की रात दोनों ने मिलकर अमित की गला दबाकर हत्या की और फिर शव के पास वाइपर सांप रख दिया ताकि लगे कि मौत सांप के काटने से हुई है।

1,000 रुपये में खरीदा गया था सांप

आरोपी अमरदीप ने कबूला कि उसने महमूदपुर सिखेड़ा गांव के एक सपेरे से 1,000 रुपये में वाइपर सांप खरीदा। रविता ने खुद पति के साथ मां शाकुंभरी देवी के दर्शन के बहाने सहारनपुर तक यात्रा की और लौटकर अमरदीप को बुलाया। रात को की गई हत्या, सुबह फैली नागिन के बदले की अफवाह हत्या के बाद शव के नीचे सांप को रखा गया और उसकी पूंछ को कमर के नीचे दबा दिया गया ताकि वह भाग न सके। सुबह जब शव मिला तो गांव में “नागिन के बदले” की कहानियां फैल गईं। लेकिन विज्ञान और जांच ने सच्चाई उजागर कर दी।

गिरफ्तार हुआ प्रेमी और पत्नी

पुलिस ने हत्या, साजिश और सबूत मिटाने के जुर्म में रविता और अमरदीप को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक ने बयान में कहा कि यह केस शातिर दिमाग और अपराध के खतरनाक मेल का उदाहरण है, लेकिन साक्ष्य और जांच ने सच्चाई उजागर कर दी।

सोहा अली खान ने किया खुलासा: परदादी को आत्मा ने मारा था थप्पड़, पीली कोठी छोड़ भागा था पटौदी परिवार!

सर्वोदय/मनोरंजन :- अभिनेत्री सोहा अली खान अपनी अपकमिंग हॉरर फिल्म ‘छोरी 2’ को लेकर सुर्खियों में हैं, लेकिन हाल ही में उन्होंने एक इंटरव्यू में अपने परिवार से जुड़ा एक ऐसा रहस्योद्घाटन किया, जिसने हर किसी को चौंका दिया।पटौदी परिवार की ‘पीली कोठी’ की रहस्यमयी कहानी सोहा मिर्ची प्लस को दिए इंटरव्यू में जब डरावने शूटिंग सेट्स को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने किसी फिल्म के सेट का नाम तो नहीं लिया, लेकिन अपने खानदानी किस्से से एक सच्ची हॉरर स्टोरी की तरह सबको हैरान कर दिया।उन्होंने बताया कि उनके परिवार के पास एक हवेली थी जिसे ‘पीली कोठी’ कहा जाता था और वो पटौदी पैलेस के नजदीक स्थित थी। लेकिन एक अजीब और डरावनी घटना के बाद परिवार ने उस कोठी को हमेशा के लिए छोड़ दिया

“परदादी को आत्मा ने थप्पड़ मारा था” – सोहा अली खान

सोहा ने कहा: “मैंने सुना है कि मेरी परदादी को एक आत्मा ने थप्पड़ मारा था। उनके चेहरे पर निशान भी दिखे थे। इसके बाद पूरा परिवार तुरंत उस कोठी को छोड़कर पटौदी पैलेस में शिफ्ट हो गया।” सोहा ने यह भी जोड़ा कि वह खुद उस समय मौजूद नहीं थीं, लेकिन यह कहानी कई वर्षों से उनके परिवार में सुनाई जाती रही है।
आज भी वीरान है ‘पीली कोठी’
सोहा के मुताबिक, पीली कोठी आज भी खाली और वीरान पड़ी है, जबकि वह एक महंगी और प्राइम रियल एस्टेट प्रॉपर्टी मानी जाती है। उन्होंने कहा: “अजीब बात ये है कि आज तक कोई वहां नहीं रहना चाहता। अब वो जगह लगभग खंडहर बन चुकी है।”

‘छोरी 2’ में निभा रही हैं डरावनी भूमिका

सोहा अली खान इन दिनों अपनी हॉरर फिल्म ‘छोरी 2’ को लेकर चर्चा में हैं, जिसमें उन्होंने एक भूतिया दासी का किरदार निभाया है। उनके असल जिंदगी के इस किस्से ने फिल्म के प्रति जिज्ञासा और बढ़ा दी है।
क्या पीली कोठी का रहस्य कभी सुलझ पाएगा?
सोहा के इस खुलासे के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या पीली कोठी में वाकई कुछ रहस्यमयी था, या यह सब महज एक पारिवारिक किस्सा है? बॉलीवुड के शाही खानदान की यह अनकही कहानी अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गई है।

रेखा गुप्ता ने अखिलेश यादव से मांगी माफी, बोले अखिलेश – ‘क्षमा कर देना उससे भी बड़ी बात’

लखनऊ/सर्वोदय :-दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर दिए गए विवादित बयान पर माफी मांग ली है। उन्होंने कहा कि उनके बयान से किसी को ठेस पहुंची हो तो वह खेद प्रकट करती हैं। इस माफीनामे के बाद अखिलेश यादव ने भी उदारता दिखाते हुए उन्हें क्षमा कर दिया है।

कुछ दिन पहले एक टीवी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक सवाल के जवाब में अखिलेश यादव को “टोटी चोर” कह दिया था। इस बयान को लेकर समाजवादी पार्टी में जबरदस्त नाराजगी देखी गई। आपको बतादें कि देशभर में सपा कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह प्रदर्शन किए। सपा कार्यकर्ताओं ने रेखा गुप्ता से सार्वजनिक माफी की मांग की थी । सपा के एक नेता ने सुप्रीम कोर्ट में मानहानि की याचिका भी दाखिल की। खुद अखिलेश यादव ने उस चैनल के बहिष्कार की घोषणा कर दी थी।

रेखा गुप्ता ने मांगी माफी, कहा – “मुझसे भी गलतियां हो सकती हैं”

विवाद गहराने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक बयान जारी करते हुए कहा: “आप हर वक्त सही नहीं हो सकते। मुझसे भी गलती हो सकती है। मेरे बयान से यदि किसी बड़े नेता को ठेस पहुंची है, तो मैं दिल से माफी मांगती हूं।” उनका यह कदम राजनीतिक रूप से एक परिपक्व और सकारात्मक संदेश देने वाला माना जा रहा है।

अखिलेश यादव का जवाब – “क्षमा कर देना, उससे भी बड़ी बात”

रेखा गुप्ता की माफी के बाद अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा: “‘क्षमा माँगना’ सभ्यता की एक बड़ी उपलब्धि है और ‘क्षमा कर देना’ उससे भी बड़ी।” इस पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव के व्यक्तित्व और परिपक्वता की सराहना की जा रही है।
राजनीति में संवाद और शालीनता की मिसाल है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह दिखाया है कि राजनीति में भले मतभेद हों, लेकिन संवाद, शालीनता और माफी की संस्कृति हमेशा बड़ा असर डालती है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, दोनों नेताओं का यह रुख आने वाले समय में लोकतांत्रिक संवाद को मजबूती देगा।