Thursday, June 18, 2026

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जनरल कोच में महिला ने मारी लात, गुस्साए युवक ने जड़े 13 चांटे – वीडियो वायरल

लखनऊ/सर्वोदय:- भारतीय रेल के जनरल कोच में भीड़ और अव्यवस्था का आलम किसी से छिपा नहीं है, लेकिन इस बार मामला सिर्फ भीड़ तक सीमित नहीं रहा। सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें ट्रेन के जनरल कोच में एक महिला और पुरुष के बीच हुई कहासुनी ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। वीडियो में महिला द्वारा पहले लात मारने और फिर युवक द्वारा एक के बाद एक 13 चांटे जड़ने का दृश्य है, जिसने इंटरनेट पर जबरदस्त बहस छेड़ दी है।

जनरल कोच बना संघर्ष का मैदान

वीडियो में देखा जा सकता है कि ट्रेन का जनरल कोच यात्रियों से पूरी तरह भरा हुआ है। कुछ लोग दरवाजे पर टिके हुए हैं, कुछ टॉयलेट के पास खड़े हैं और कई यात्री फर्श पर लेटे हैं। इस भीड़-भाड़ के बीच एक महिला – जिसने हरे रंग का दुपट्टा मुंह पर बांध रखा है – कोच में फर्श पर लेटे एक युवक के पास पहुंचती है।

क्यों पहुंचती है और बहस किस बात पर होती है, यह वीडियो में स्पष्ट नहीं है, लेकिन अचानक ही महिला युवक के चेहरे पर लात मार देती है। लात इतनी तेज़ होती है कि आसपास खड़े लोग भी चौंक जाते हैं।

13 चांटों से मिला ‘जवाब’

लात लगते ही युवक गुस्से में खड़ा हो जाता है और बिना कोई मौका गंवाए, महिला को एक के बाद एक 13 बार थप्पड़ मार देता है। यह पूरा घटनाक्रम वीडियो में कैद हो जाता है और अब इंटरनेट पर वायरल है।

सोशल मीडिया पर बंटा जनमत

इस वीडियो पर यूजर्स की राय बंटी हुई नजर आ रही है। कुछ लोग युवक का पक्ष लेते हुए कह रहे हैं कि, “अगर महिला पहले हमला करेगी तो जवाब मिलेगा ही,” जबकि कुछ इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताते हुए कह रहे हैं कि, “कोई भी हो, महिला हो या पुरुष, हिंसा का जवाब हिंसा से नहीं दिया जाना चाहिए।” एक यूजर ने तंज कसते हुए लिखा, “भाई ने तो गिनती की क्लास ले ली – 1, 2, 3… 13 तक सिर्फ चांटे ही चांटे।”

रेलवे कोच की बदहाली भी सवालों के घेरे में

इस घटना ने एक बार फिर रेलवे के जनरल कोच की बदहाल स्थिति को भी उजागर कर दिया है, जहां न तो सुरक्षा का इंतजाम है और न ही यात्रियों की सुविधा का ख्याल। भीड़, अव्यवस्था और सीमित संसाधनों के बीच यात्रियों के लिए ऐसी झड़पें अब आम होती जा रही हैं।

प्यार में मिला धोखा, लेकिन नहीं मानी हार: उत्कर्ष श्रीवास्तव ने क्रैक की UPSC 2024

लखनऊ/सर्वोदय:- कहते हैं कि जब इरादे मजबूत हों, तो कोई भी चुनौती रास्ता नहीं रोक सकती। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले उत्कर्ष श्रीवास्तव ने इस बात को सच कर दिखाया है। UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2024 में ऑल इंडिया रैंक 498 हासिल कर उन्होंने साबित कर दिया कि दर्द को भी ताकत में बदला जा सकता है।

दिल टूटा, लेकिन हौसला नहीं

UPSC जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी के बीच उत्कर्ष को तब बड़ा झटका लगा जब उनकी गर्लफ्रेंड ने उन्हें धोखा दे दिया और रिश्ता खत्म कर दिया। इस भावनात्मक चोट ने उन्हें अंदर से तोड़ने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने हार मानने की बजाय इस दर्द को अपनी तैयारी की ऊर्जा बना लिया।”उसने बात करना बंद कर दिया, लेकिन मैंने अपने सपनों से बात करना शुरू कर दिया,” – उत्कर्ष

हिंदी मीडियम से UPSC में सफलता

उत्कर्ष ने अपनी पढ़ाई हिंदी माध्यम से की और गोरखपुर के दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक किया। वे बताते हैं कि उनकी सफलता के पीछे NCERT की किताबें और एम. लक्ष्मीकांत की ‘भारतीय राजनीति’ जैसी स्तरीय किताबों का अहम योगदान रहा।

संघर्ष बना प्रेरणा

कई बार प्यार में मिले धोखे या ब्रेकअप जैसी घटनाएं युवाओं को भटका देती हैं, लेकिन उत्कर्ष ने इसे अपनी ताकत बना लिया। उन्होंने अपने लक्ष्य पर फोकस बनाए रखा और दिन-रात मेहनत करते हुए UPSC की परीक्षा पास की।

अभी सफर बाकी है

498वीं रैंक पाने के बावजूद उत्कर्ष यहीं नहीं रुकना चाहते। वे आगे भी UPSC की परीक्षा देकर बेहतर रैंक हासिल करना चाहते हैं। उनका मानना है कि सीखने और खुद को बेहतर बनाने की कोई सीमा नहीं होती।

युवाओं के लिए प्रेरणा

उत्कर्ष की कहानी उन लाखों युवाओं के लिए एक मिसाल है जो निजी परेशानियों के चलते अपने लक्ष्य से भटक जाते हैं। उनका यह संदेश है – “अगर दिल टूटे तो टूट जाने दो, लेकिन अपने सपनों को कभी मत तोड़ो।”

गर्लफ्रेंड के साथ चाऊमीन खाते पकड़ा गया बेटा, माता-पिता ने सड़क पर की पिटाई

कानपुर/सर्वोदय:-  उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में शुक्रवार शाम को एक अजीबो-गरीब घटना सामने आई, जब एक युवक को उसकी गर्लफ्रेंड के साथ सड़क किनारे चाऊमीन खाते देख उसके माता-पिता ने सार्वजनिक रूप से उसकी पिटाई कर दी। यह घटना गुजैनी थाना क्षेत्र के रामगोपाल चौराहा पर हुई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

पुलिस के मुताबिक, 21 वर्षीय रोहित अपनी 19 वर्षीय प्रेमिका के साथ एक फूड स्टॉल पर बैठकर चाऊमीन खा रहा था, तभी उसके माता-पिता शिवकरण और सुशीला मौके पर पहुंच गए। बेटे के रिश्ते को लेकर पहले से नाराज़ माता-पिता ने गुस्से में आकर दोनों को भरी सड़क पर डांटा और मारपीट शुरू कर दी।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि लड़के की मां ने युवती को बालों से पकड़ने की कोशिश की और बेटे को भी चप्पल से पीटा। पिता द्वारा भी बेटे पर हाथ उठाए जाने की पुष्टि हुई है। घटना के दौरान मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया। गुजैनी थाना प्रभारी ने बताया कि मामला फिलहाल जांच में है और सभी पक्षों से पूछताछ की जा रही है। कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी जारी है।

श्रावस्ती में अबतक 68 अवैध मदरसे सील, 164 के खिलाफ बेदखली की कार्रवाई

लखनऊ/सर्वोदय:-  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नेपाल सीमा से सटे जिलों में अवैध कब्जों और बिना मान्यता संचालित धार्मिक संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई शनिवार को भी जारी रहा। प्रदेश के पीलीभीत, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और महाराजगंज में प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाया गया। अबतक महाराजगंज में 33 अवैध धार्मिक स्थल और मदरसे मिले हैं, जबकि सिद्धार्थनगर में 21 अवैध धार्मिक स्थल और मदरसे मिले हैं। वहीं सर्वाधिक कार्रवाई श्रावस्ती जनपद में हुई है। यहां अबतक 68 अवैध मदरसे सील किये गये हैं, साथ ही 164 के खिलाफ बेदखली की कार्रवाई की गई है। वहीं पीलीभीत में भी एक अवैध धार्मिक स्थल मिला है। प्रशासन ने इसमें शामिल 6 लोगों के नाम नोटिस जारी किया है।

महाराजगंज में 33 में से 32 पर हुई कार्रवाई

महारागंज जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि कुल 33 अवैध धार्मिक स्थल और मदरसे चिह्नित किये गये हैं। इनमें से 19 मदरसे हैं, जिनमें से 4 के कब्जे हटाये गये हैं, 14 कब्जों के सापेक्ष 67(1) की कार्रवाई की गई है, जबकि एक का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इसी प्रकार 10 अवैध धार्मिक स्थलों पर 67(1) की कार्रवाई की गई है। ऐसे ही सरकारी जमीन पर बनाए गये चार मजारों में से दो को हटा दिया गया है। एक में 67(1) की कार्रवाई की गई है, जबकि एक को वन विभाग की ओर से नोटिस दी गई है।

सिद्धार्थनगर में 21 से सभी 21 अवैध कब्जों पर हुई कार्रवाई

सिद्धार्थनगर जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि जिले में नेपाल सीमा से 10 किलोमीटर अंदर तक कुल 21 अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं, जिनमें चार अवैध धर्मस्थल और 17 अवैध मदरसे शामिल हैं। जिला प्रशासन ने 20 अतिक्रमणों को नोटिस जारी की है, जबकि एक अतिक्रमण को हटा दिया गया है।

बलरामपुर में बंद कराए गये 16 अवैध मदरसे

बलरामपुर जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि जिले में अबतक 34 अवैध मदरसे, धार्मिक स्थल और मजार चिह्नित किये गये हैं। इनमें से 6 से कब्जा हटाया गया है। 16 मदरसे बंद करा दिये गये हैं और 12 को नोटिस दी गई है। एक स्थान पर ईदगाह बना हुआ है, जिसपर कार्रवाई जारी है।

पीलीभीत में 6 लोगों के खिलाफ नोटिस जारी

पीलीभीत जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि जिले में अबतक केवल एक अवैध धार्मिक स्थल मिला है। जिसमें 6 लोगों को नोटिस दे दी गई है।

श्रावस्ती में 68 मदरसे सील, 164 पर बेदखली की कार्रवाई

श्रावस्ती जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि जिले में बिना मान्यता के चल रहे 68 मदरसों को सील कर दिया गया है, जबकि 164 मदरसों पर बेदखली की कार्रवाई की गई है। इसके अतिरिक्त भिनगा तहसील के ग्राम भरथा रोशनगढ़ में एक अवैध धर्मस्थल के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी की गई है।

दलित नेता चंद्रशेखर ने अखिलेश यादव की दलित विरोधी मानसिकता को किया बेनकाब

लखनऊ/सर्वोदय:- उत्तर प्रदेश के नगीना से सांसद और दलित नेता चंद्रशेखर आजाद ने समाजवादी पार्टी (सपा) और इसके नेता अखिलेश यादव पर दलित विरोधी मानसिकता का गंभीर आरोप लगाया है। चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर 2012-17 की सपा सरकार द्वारा अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के 78 एआरओ अभ्यर्थियों की नियुक्ति रोके जाने का मामला उठाया है। उन्होंने इसे दलितों के प्रति सपा की द्वेषपूर्ण सोच का सबूत बताया और सीएम योगी से पीड़ित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग की है। यह मामला सपा की दलित विरोधी छवि को और मजबूत करता है, खासकर तब जब पहले भी सपा की यूथ विंग ने बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा को अपमानित करने का कृत्य किया है। सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भरोसा जताते हुए दलित अभ्यर्थियों को न्याय देने की मांग की है।

सपा की दलित विरोधी मानसिकता उजागर

चंद्रशेखर आजाद ने अपने पत्र में खुलासा किया कि 2012 में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा वैधानिक रूप से चयनित 78 एससी/एसटी अभ्यर्थियों को सपा सरकार ने सचिवालय के एआरओ पदों पर नियुक्ति नहीं दी। उन्होंने इसे सपा की दलित विरोधी मानसिकता का स्पष्ट प्रमाण बताया। चंद्रशेखर के अनुसार, इन अभ्यर्थियों को नियुक्ति से वंचित रखने के लिए सपा सरकार ने संवैधानिक नियमों और कानूनों का खुला उल्लंघन किया, जिससे दलित समुदाय के प्रति उनकी द्वेषपूर्ण सोच उजागर होती है।

सपा के कारण दर-दर की ठोकरें खा रहे दलित युवा

चंद्रशेखर ने पत्र में लिखा कि सपा सरकार की इस कार्रवाई से प्रभावित 78 अभ्यर्थी पिछले एक दशक से अधिक समय से न्याय की आस में भटक रहे हैं। इनमें से कुछ अभ्यर्थी अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। उन्होंने इसे भारत के इतिहास में पहला ऐसा मामला बताया, जहां लोक सेवा आयोग द्वारा विधिवत चयन और संस्तुति के बाद भी अभ्यर्थियों को नियुक्ति से वंचित रखा गया। यह सपा सरकार के दलित विरोधी रवैये का जीता-जागता उदाहरण है।

संवैधानिक नियमों का खुला उल्लंघन

चंद्रशेखर ने अपने पत्र में सपा सरकार पर नियुक्ति संबंधी नियमों को ताक पर रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सपा ने जानबूझकर इन अभ्यर्थियों को नियुक्ति से वंचित रखने के लिए कानूनी प्रक्रियाओं का दुरुपयोग किया। यह कृत्य न केवल दलित समुदाय के प्रति सपा की उदासीनता को दर्शाता है, बल्कि संवैधानिक प्रावधानों के प्रति उनकी अवहेलना को भी उजागर करता है। चंद्रशेखर ने इसे दलितों के अधिकारों का हनन बताया।

दलित अभ्यर्थियों के लिए योगी को माना उम्मीद की किरण

चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस गंभीर मामले में हस्तक्षेप करने और पीड़ित एससी/एसटी अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की अपील की है। उन्होंने मांग की कि इन अभ्यर्थियों को तत्काल नियुक्ति आदेश जारी किए जाएं। चंद्रशेखर का यह पत्र न केवल सपा की दलित विरोधी नीतियों को उजागर करता है, बल्कि योगी सरकार से दलित समुदाय के हित में ठोस कदम उठाने की उम्मीद भी जगाता है।

बार-बार दलितों का अपमान कर रही सपा

चंद्रशेखर ने इस घटना का जिक्र करते हुए कहा कि सपा बार-बार दलित समुदाय के प्रति अपनी संकीर्ण मानसिकता का प्रदर्शन करती रही है। सपा की दलित विरोधी छवि कोई नई बात नहीं है। इससे पहले सपा की यूथ विंग, समाजवादी लोहिया वाहिनी, ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को खंडित कर उस पर अखिलेश यादव का चेहरा लगाने का शर्मनाक कृत्य किया था। इस घटना के खिलाफ एससी/एसटी आयोग ने सख्त कदम उठाते हुए एफआईआर दर्ज की थी।

स्विस तकनीक से सुनिश्चित होगी गंगा एक्सप्रेसवे की क्वॉलिटी और कम्फर्ट

लखनऊ/सर्वोदय:- उत्तर प्रदेश की योगी सरकार गंगा एक्सप्रेसवे को विश्वस्तरीय बनाने के लिए स्विस बेस्ड अत्याधुनिक तकनीक का सहारा ले रही है। स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख की ईटीएच यूनिवर्सिटी और आरटीडीटी लैबोरेट्रीज एजी के साथ हुए करार के तहत आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई)और सेंसर-आधारित तकनीक से रोड की गुणवत्ता और कम्फर्ट की जांच की जा रही है। यह तकनीक निर्माण के दौरान ही खामियों को पकड़कर सुधारने में सक्षम है। गंगा एक्सप्रेसवे पर इस तकनीक का उपयोग करने के बाद इसे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर भी लागू करने की योजना है। उल्लेखनीय है कि 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों को जोड़ेगा और भविष्य में इसे बलिया तक विस्तारित किया जाएगा,जिससे यह देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे बनेगा। स्विस तकनीक का उपयोग इस परियोजना को तकनीकी रूप से उन्नत बनाने के साथ-साथ योगी सरकार के उस विजन को रेखांकित करता है, जो उत्तर प्रदेश को ‘एक्सप्रेस प्रदेश’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है।

सेंसर और एआई से रोड की गहन जांच

उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा)के एसीईओ श्रीहरि प्रताप शाही ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे की राइडिंग क्वॉलिटी और कम्फर्ट को सुनिश्चित करने के लिए स्विस तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इसके तहत वायब्रेशन टेक्नोलॉजी और 7 एक्सेलेरोमीटर सेंसर (4 क्वॉलिटी और 3 कम्फर्ट के लिए) से लैस इनोवा वाहन सभी 6 लेन की जांच कर रहा है। यह वाहन रोड की सतह, कम्फर्ट लेवल और उतार-चढ़ाव का डाटा एकत्र करता है,जिसे ऑनलाइन ग्राफ के रूप में देखा जा सकता है।

ज्यूरिख की विशेषज्ञता से तकनीकी उन्नति

योगी सरकार ने स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख की ईटीएच यूनिवर्सिटी और आरटीडीटी लैबोरेट्रीज एजी के साथ मिलकर यह तकनीक लागू की है। सेंसर-आधारित डिवाइस और डाटा कलेक्शन उपकरण रोड की गुणवत्ता का रियल-टाइम विश्लेषण करते हैं। इस तकनीक से यह तुरंत पता चल जाता है कि सड़क का कौन सा हिस्सा मानकों पर खरा नहीं उतर रहा। निर्माण के दौरान ही इन कमियों को सुधारने से बाद में मेंटेनेंस की लागत और चुनौतियां कम होंगी।

निर्माण के दौरान गुणवत्ता सुनिश्चित

उन्होंने बताया कि पहले सड़क निर्माण के बाद क्वॉलिटी की जांच होती थी, जिससे मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट को ठीक करना मुश्किल होता था। गंगा एक्सप्रेसवे पर स्विस तकनीक के जरिए निर्माण के दौरान ही रोड की क्वालिटी और कम्फर्ट की निगरानी हो रही है। सेंसर रोड के अप्स एंड डाउन्स और कम्फर्ट लेवल को मापते हैं और जहां जरूरत होती है, वहां तुरंत सुधार किया जाता है। यह तकनीक समय और संसाधनों की बचत करती है।

गोरखपुर एक्सप्रेसवे पर भी तकनीक का विस्तार

गंगा एक्सप्रेसवे पर इस तकनीक की सफलता को देखते हुए यूपीडा इसे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर भी लागू करने जा रहा है। यह 91.35 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे गोरखपुर को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। स्विस तकनीक के उपयोग से यह एक्सप्रेसवे भी उच्च गुणवत्ता और कम्फर्ट के साथ तैयार होगा, जो योगी सरकार की आधुनिक बुनियादी ढांचे की सोच को मजबूती देगा।

कार्यस्थल पर महिला उत्पीड़न रोकने को SHe-Box

लखनऊ/सर्वोदय:-  योगी सरकार ने कार्यस्थल पर महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए प्रभावी कदम उठाए हैं। केंद्र के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही योगी सरकार ने SHe-Box पोर्टल के माध्यम से शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत किया है, ताकि प्रदेश की हर कामकाजी महिला सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल में काम कर सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सभी सरकारी और निजी संस्थानों में आंतरिक समिति (IC) के गठन को अनिवार्य किया गया है, जिसके तहत अब तक 84 विभागों ने समिति बनाकर इसकी जानकारी पोर्टल पर अपलोड कर दी है।

योगी सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में यह व्यवस्था लागू हो। जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां आंतरिक समिति का गठन अनिवार्य है, जिसमें कम से कम 50 प्रतिशत महिला सदस्य होंगी और समिति की अध्यक्ष भी महिला ही होगी।

छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को भी मिलेगी सहायता

यह सुविधा न केवल सरकारी बल्कि निजी क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं के लिए भी उपलब्ध है। विशेष बात यह है कि यह प्लेटफॉर्म छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को भी आवाज उठाने का एक गोपनीय और सशक्त माध्यम बनेगा। सरकार ने सभी जिलों में इस अभियान की निगरानी की जिम्मेदारी जिला प्रोबेशन अधिकारियों को सौंपी है। असंगठित क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गैर-सरकारी संगठनों की मदद भी ली जाएगी। महिला कल्याण विभाग का स्पष्ट निर्देश है कि हर संस्था समिति का गठन करे, शिकायतें दर्ज हों और निपटारा समय पर हो। यदि कोई संस्था इस आदेश की अवहेलना करती है तो उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। इन समितियों में 4 से 5 सदस्य होंगे, जो कर्मचारियों की संख्या के आधार पर तय किए जाएंगे। महिला कल्याण विभाग की निगरानी में यह अभियान तेजी से चल रहा है, जिसमें गैर-सरकारी संगठनों की भी मदद ली जा रही है।

शिकायतकर्ता की जानकारी रहेगी अतिगोपनीय

महिला एवं बाल विकास विभाग की डिप्टी डायरेक्टर और नोडल अधिकारी अनु सिंह ने बताया कि SHe-Box पोर्टल एक सिंगल-विंडो ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली है। यह पोर्टल सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं के लिए उपलब्ध है। कोई भी महिला इस पोर्टल पर जाकर यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कर सकती है, जैसे शारीरिक संपर्क, अभद्र इशारे, अश्लील टिप्पणियां या काम के बदले अनुचित मांग। शिकायत दर्ज होने के बाद यह सीधे संबंधित आंतरिक समिति या स्थानीय समिति को भेजी जाती है, जिसे 90 दिनों के भीतर निवारण करना होगा। पोर्टल की खासियत यह है कि यह गोपनीयता सुनिश्चित करता है और शिकायतकर्ता को ट्रैकिंग आईडी के जरिए शिकायत की स्थिति की जानकारी मिलती रहती है।

उत्तर प्रदेश में इस व्यवस्था को तेजी के साथ लागू किया जा रहा है। योगी सरकार का यह कदम महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। योगी सरकार का लक्ष्य है कि कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए सुरक्षित, गरिमामय और समावेशी वातावरण बने। अनु सिंह ने कहा कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं, जो स्थानीय स्तर पर शिकायत दर्ज करने में हिचकती हैं, उनके लिए यह पोर्टल एक सुरक्षित मंच है। सरकार ने सभी संस्थानों से अपील की है कि वे अपने कर्मचारियों को SHe-Box पोर्टल की जानकारी दें और आंतरिक समिति का गठन सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, महिलाओं से भी अपील की गई है कि वे किसी भी उत्पीड़न के खिलाफ चुप न रहें और इस पोर्टल के माध्यम से अपनी आवाज उठाएं।

कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा होगी मजबूत

योगी सरकार ने पहले भी मिशन शक्ति जैसे अभियान के जरिए महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा दिया है। अब SHe-Box पोर्टल के प्रभावी इस्तेमाल से सरकार कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। यह कदम न केवल महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर रहा है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास के साथ कार्य करने का माहौल भी प्रदान कर रहा है।

3 मई 2025: जानिए आज का राशिफल, कैसा रहेगा आपका दिन

Aaj Ka Rashifal/सर्वोदय:-  ग्रहों की चाल के अनुसार 3 मई को कई राशियों के जीवन में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आइए जानते हैं आज का दिन सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहने वाला है।

मेष:
आज स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिलेगा। पारिवारिक और व्यापारिक जीवन में सुखद बदलाव संभव हैं। भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि के संकेत हैं। नए वाहन या संपत्ति की खरीद के योग बन रहे हैं। अनावश्यक विवादों से दूर रहें। कोई लाल वस्तु अपने पास रखें।

वृषभ:
आज आत्मविश्वास और पराक्रम में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में सफलता के संकेत हैं। हालांकि स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। संतान और प्रेम संबंधों में ध्यान देने की आवश्यकता है। कार्यक्षेत्र में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। लाल वस्तु का दान लाभकारी रहेगा।

मिथुन:
धनागमन के योग बन रहे हैं और परिवार में प्रसन्नता बढ़ेगी। हालांकि सेहत को लेकर थोड़ी सावधानी जरूरी है। संतान और प्रेम जीवन में थोड़ी चुनौती हो सकती है। व्यापारिक स्थिति अनुकूल बनी रहेगी।

कर्क:
आज का दिन आपके लिए अत्यंत शुभ है। व्यक्तित्व में चमक देखने को मिलेगी। सेहत में सुधार और पारिवारिक सहयोग मिलेगा। कार्यक्षेत्र में भी लाभ के संकेत हैं। कोई शुभ कार्य संपन्न हो सकता है।

सिंह:
आज अनावश्यक खर्चे मन को परेशान कर सकते हैं। कर्ज की स्थिति बन सकती है। सिरदर्द या आंखों की तकलीफ हो सकती है। प्रेम और व्यापारिक मामलों में स्थिति संतुलित बनी रहेगी। पीली वस्तु साथ रखें।

कन्या:
आर्थिक रूप से आज का दिन शुभ है। अटके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है और नए आय स्रोत सामने आएंगे। यात्रा के योग हैं। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार—तीनों क्षेत्रों में अनुकूलता बनी रहेगी।

तुला:
आज व्यापार में मजबूती आएगी और कोर्ट-कचहरी से संबंधित मामलों में सफलता मिल सकती है। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। सेहत को लेकर थोड़ी सतर्कता जरूरी है। बजरंगबली की आराधना लाभदायक रहेगी।

वृश्चिक:
भाग्य आपका साथ देगा और काम में आने वाली अड़चनें दूर होंगी। स्वास्थ्य में सुधार होगा। प्रेम जीवन और व्यापार में सकारात्मकता बनी रहेगी। पीली वस्तु अपने पास रखें।

धनु:
आज परिस्थितियां अनुकूल नहीं हैं। चोट-चपेट या किसी प्रकार की परेशानी हो सकती है। जोखिम लेने से बचें। सेहत और पारिवारिक जीवन सामान्य रहेगा, जबकि व्यवसाय अच्छा चलेगा।

मकर:
जीवनसाथी का साथ मिलेगा और नौकरी में प्रगति के योग हैं। स्वास्थ्य में सुधार होगा। प्रेम और व्यापार की स्थिति भी अनुकूल बनी रहेगी। माता काली की आराधना से लाभ मिलेगा।

कुंभ:
आज आप विरोधियों पर हावी रहेंगे और ज्ञान की प्राप्ति होगी। बुजुर्गों का सहयोग प्राप्त होगा। हालांकि स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी चिंता रह सकती है। लाल वस्तु का दान करना लाभकारी रहेगा।

मीन:
आज भाग्यवश संतान और प्रेम जीवन में सुधार आएगा। छात्रों के लिए दिन अच्छा है। स्वास्थ्य थोड़ी कमजोरी दिखा सकता है, लेकिन व्यवसाय में लाभ के संकेत हैं। लाल वस्तु अपने पास रखें।

प्रदेश के नगरीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगी सरकार का महत्वपूर्ण कदम

लखनऊ/सर्वोदय:-  उत्तर प्रदेश, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में न केवल विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है, बल्कि नगरीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी अभूतपूर्व कदम उठा रहा है। यूपी जल्द ही देश का ऐसा पहला राज्य बनने जा रहा है, जिसने सर्वाधिक म्युनिसिपल बॉण्ड जारी किये हैं। लखनऊ, गाजियाबाद, आगरा और प्रयागराज के बाद अब वाराणसी नगर निगम भी म्युनिसिपल बॉण्ड जारी करने की तैयारी में है। इस पहल के साथ उत्तर प्रदेश ने महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों को पीछे छोड़ दिया है, जो इस क्षेत्र में अब तक अग्रणी रहे हैं। यह कदम न केवल प्रदेश के बड़े शहरों के ढांचागत विकास को गति देगा, बल्कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

वाराणसी का बॉण्ड जारी होते ही यूपी में होंगे सबसे ज्यादा म्युनिसिपल बॉण्ड वाले नगर निगम

सीएम योगी आदित्यनाथ की आर्थिक नीति और दूरगामी सोच का परिणाम है कि यूपी में सबसे पहले राजधानी लखनऊ और फिर गाजियाबाद, आगरा के बाद प्रयागराज के नगर निगमों के म्युनिसिपल बॉण्ड स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट हो चुके हैं। जल्द ही वाराणसी नगर निगम के म्युनिसिपल बॉण्ड की भी लिस्टिंग होने वाली है। वाराणसी का म्युनिसिपल बॉण्ड जारी होने के साथ 5 नगर निगमों के बॉण्ड जारी करने वाला उत्तर प्रदेश देश का एकमात्र राज्य होगा। इससे पहले गुजरात और महाराष्ट्र राज्य इस सूची में उत्तर प्रदेश से आगे थे। हालांकि बंगलौर देश का पहला नगर निगम था जिसने 1997 में म्युनिसिपल बॉण्ड जारी कर पब्लिक फाइनेंस से 125 करोड़ रूपये जुटाये थे। लेकिन पिछली सरकारों की नीतिगत खामियों के चलते यूपी में 23 साल बाद सीएम योगी के मार्गदर्शन में नवंबर 2020 में सबसे पहले लखनऊ नगर निगम का म्युनिसिपल बॉण्ड जारी हुआ, जिससे लखनऊ नगर निगम ने 200 करोड़ रूपये का फण्ड एकत्रित किया। वर्तमान में पूरे देश में लगभग 19 नगरीय निकायों के म्युनिसिपल बॉण्ड लिस्टेड हैं, जिनमें से 4 उत्तर प्रदेश से हैं।

प्रदेश के नगरीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगी सरकार का महत्वपूर्ण कदम

सीएम योगी आदित्यनाथ के विजन के मुताबिक उत्तर प्रदेश ने लखनऊ के बाद गाजियाबाद फिर आगरा और इस सप्ताह ही प्रयागराज का म्युनिसिपल बॉण्ड जारी किया है। प्रयागराज के म्युनिसिपल बॉण्ड को लेकर निवेशकों का उत्साह ने इसे 4.4 गुना ओवरसब्सक्राइब किया, जो कि प्रदेश में बदलते निवेश के सकारात्मक माहौल और आर्थिक तरक्की को दर्शाता है। यही नहीं प्रदेश का नगर विकास विभाग जल्द ही आध्यात्मिक नगरी वाराणसी का भी म्युनिसिपल बॉण्ड जारी करने जा रहा है। जो कि न केवल वाराणसी के ढांचागत विकास को नई गति देगा, बल्कि इसे वैश्विक स्तर पर एक आधुनिक और आत्मनिर्भर शहर के रूप में विकसित करेगा। म्युनिसिपल बॉण्ड के जरिए जुटाए गए धन का उपयोग शहरों में सड़कों, जलापूर्ति, सीवरेज सिस्टम, स्ट्रीट लाइटिंग, और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास में किया जा रहा है। यह न केवल शहरवासियों के जीवन स्तर को बेहतर बना रहा है, बल्कि शहरी क्षेत्रों में निवेश को भी आकर्षित कर रहा है।

यूपी को वन ट्रिलियन इकॉनमी में बनाने में जरूरी भूमिका निभायेंगे नगर निगमों के म्युनिसिपल बॉण्ड

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार नगर निगमों के म्युनिसिपल बॉण्ड जारी कर एक ओर उन्हें आत्मनिर्भर बना रही है तो दूसरी ओर इसके जरिये इन शहरों बनने वाला आर्थिक निवेश का सकारात्मक माहौल यूपी को वन ट्रिलियन इकॉनमी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि म्युनिसिपल बॉण्ड के जरिये शहरों के ढ़ाचागत विकास के लिए आसानी से पब्लिक फाइनेंस जुटाया जा सकता है। जो न केवल शहरों के विकास को गति देंगे, बल्कि रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास और पर्यटन को भी बढ़ावा देंगे। साथ ही इन शहरों की राज्य सरकार पर निर्भरता को भी कम करता है। खास तौर पर प्रयागराज और वाराणसी जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन वाले शहरों के म्युनिसिपल बॉण्ड जारी होने से ये शहर वैश्विक स्तर पर निवेशकों और पर्यटकों को आकर्षित करेंगे।

राफेल, सुखोई-30 और सुपर हरक्यूलिस लड़ाकू विमानों की गर्जना से गूंजा आसमान

शाहजहाँपुर/सर्वोदय:-  जनपद शाहजहाँपुर की तहसील जलालाबाद अंतर्गत ग्राम पीरू के समीप गंगा एक्सप्रेसवे पर भारतीय वायुसेना ने ऐतिहासिक और भव्य एयर शो का आयोजन किया। पहली बार शाहजहांपुर की धरती पर भारतीय वायुसेना के अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों ने अभ्यास उड़ानें भरकर अपनी युद्ध क्षमता और आपदा राहत योग्यता का जीवंत प्रदर्शन किया।

वायुसेना के अद्वितीय करतबों से मंत्रमुग्ध हुए दर्शक

कार्यक्रम के दौरान राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिग-29, मिराज-2000, जगुआर, एएन-32, सी-130 जे सुपर हरक्यूलिस और एमआई-17 हेलिकॉप्टर समेत अन्य विमानों ने शक्तिशाली हवाई प्रदर्शन किए। आसमान में विमानों की गर्जना और सामरिक चालन ने उपस्थित दर्शकों को रोमांचित कर दिया। कमेंट्री के माध्यम से विमानों की भूमिका और तकनीकी विशेषताओं की जानकारी भी दी गई।

स्कूली बच्चों और ग्रामीणों में दिखा विशेष उत्साह

कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न स्कूलों के बच्चों तथा आसपास के गांवों के नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पहली बार इतने भव्य स्तर पर आयोजित वायुसेना के अभ्यास को देखकर दर्शकों में गर्व और उत्साह का संचार हुआ।

गंगा एक्सप्रेसवे पर युद्धकालीन जरूरतों के लिए तैयार विशेष हवाई पट्टी

गौरतलब है कि गंगा एक्सप्रेसवे, जो मेरठ से प्रयागराज तक 594 किमी लंबा होगा, के निर्माण कार्य का अंतिम चरण जारी है। इस एक्सप्रेसवे पर स्थित 3.5 किमी लंबी हवाई पट्टी को विशेष रूप से वायुसेना के विमानों की आपात लैंडिंग एवं टेकऑफ के लिए डिजाइन किया गया है। यह पट्टी राष्ट्रीय सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।

नाइट लैंडिंग शो का भी आयोजन

एयर शो के तहत रात 9 बजे से 10 बजे तक विशेष नाइट लैंडिंग शो भी आयोजित किया गया, जिसमें वायुसेना की रात्रिकालीन अभियान क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया।

नवंबर 2025 तक राष्ट्र को समर्पित होगा गंगा एक्सप्रेसवे

सरकार का उद्देश्य है कि नवंबर 2025 तक गंगा एक्सप्रेसवे राष्ट्र को समर्पित कर दिया जाए। यह न केवल प्रदेश के आर्थिक और भौगोलिक विकास को गति देगा, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भी यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में स्थापित होगा।

इस गौरवपूर्ण अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ सहकारिता राज्य मंत्री जे.पी.एस. राठौर, केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, सांसद अरुण कुमार सागर, महापौर अर्चना वर्मा, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी के अतिरिक्त क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे।