नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ईडी का दावा है कि दोनों नेताओं ने यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की करीब 2,000 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति को अवैध रूप से हासिल करने की साजिश रची।
सोनिया गांधी और राहुल गांधी बने मुख्य आरोपी
ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत दायर अभियोजन शिकायत में 78 वर्षीय सोनिया गांधी को आरोपी नंबर 1 और राहुल गांधी को आरोपी नंबर 2 के रूप में नामित किया है। इसके अलावा पांच अन्य लोगों को भी इस हाई-प्रोफाइल मामले में आरोपी बनाया गया है।
अदालत में ASG वी. राजू का बड़ा बयान
बुधवार से दिल्ली की एक विशेष अदालत में इस केस की दैनिक सुनवाई शुरू हो गई है। इस दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) वी. राजू ने अदालत को बताया कि कांग्रेस पार्टी ने एजेएल की संपत्तियों पर कब्जा करने की सुनियोजित योजना बनाई थी। उन्होंने कहा कि यह साजिश यंग इंडियन नामक कंपनी बनाकर रची गई, जिसमें सोनिया और राहुल के पास 76% शेयर थे।
142 करोड़ की ‘अपराध की आय’ अर्जित करने का आरोप
ईडी ने यह भी बताया कि इस पूरी योजना के जरिए सोनिया और राहुल गांधी ने 142 करोड़ रुपये की अवैध आय (proceeds of crime) अर्जित की है। जांच एजेंसी के अनुसार, कांग्रेस पार्टी ने एजेएल को दिए गए 90 करोड़ रुपये के कर्ज को आधार बनाकर उसकी संपत्तियों पर कब्जा करने का प्रयास किया।
यंग इंडियन और AJL का संबंध
गौरतलब है कि एजेएल वही संस्था है जो ‘नेशनल हेराल्ड’ अखबार का प्रकाशन करती है, जिसकी स्थापना पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने की थी। अब इसका मालिकाना हक यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के पास है, जिसके लाभकारी मालिक सोनिया गांधी और राहुल गांधी बताए जा रहे हैं।
सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई जारी
इस केस की सुनवाई सीबीआई के विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने द्वारा की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे देश के सबसे चर्चित राजनीतिक घोटालों में से एक माना जा रहा है।
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