सुल्तानपुर: ड्यूटी के बाद दरोगा की सरेराह पिटाई, बोले- “कुत्ते की तरह मारा गया… अब सिस्टम से भी मार खा रहा हूं”

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से पुलिस महकमे की छवि को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। नगर कोतवाली में तैनात दरोगा श्रीराम मिश्रा का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वो अपने साथ हुई मारपीट और विभागीय बेरुखी की दास्तान साझा करते नजर आ रहे हैं।

“कुत्ते की तरह मारा गया… पैर से जबड़ा तोड़ दिया”

ये शब्द किसी आम नागरिक के नहीं, बल्कि खाकी पहनने वाले एक दरोगा के हैं, जिनकी गवाही खुद उनकी टूटी जबड़े और आंसुओं में भीगती आवाज दे रही है।

क्या है मामला?

श्रीराम मिश्रा, जो पहले कूरेभार थाने के प्रभारी रह चुके हैं, वर्तमान में नगर कोतवाली में तैनात हैं। बीती रात जुलूस की ड्यूटी खत्म कर वर्दी उतार कर सादे कपड़ों में वह किसी जरूरी काम से निकले थे। इसी दौरान मिंटू सिंह और धर्मवीर नामक दो युवकों ने उन्हें रास्ते में रोका और बिना किसी उकसावे के बुरी तरह पीटा।

पिटाई इतनी बेरहम थी कि पैर से उनका जबड़ा तक तोड़ दिया गया। किसी तरह वह मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार हुआ। लेकिन दरोगा का आरोप है कि कोतवाल साहब अस्पताल जरूर आए, पर उन्होंने गंभीरता नहीं दिखाई। उल्टा जब वह इंसाफ मांगने पहुंचे तो “हटो यहां से” कहकर भगा दिया गया।

पीड़ित दरोगा की व्यथा – “अब अपने ही महकमे से मार खा रहा हूं”

श्रीराम मिश्रा ने कहा:“मुझे कुत्ते की तरह मारा गया… अब सिस्टम भी मुझे मार रहा है। रिपोर्ट लिखवाने में भी मुश्किलें आईं। मुझे वो इज्जत नहीं मिली जो एक पुलिसकर्मी को मिलनी चाहिए।”

कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल

जब एक वर्दीधारी को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़े, तो आम नागरिक किस हाल में होंगे? सवाल सिर्फ मारपीट का नहीं, बल्कि पुलिस महकमे की संवेदनहीनता और लापरवाही का भी है।

निष्कर्ष:- जहां पुलिस को जनता की सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया है, वहीं जब खुद पुलिसकर्मी असहाय हो जाए, तो यह सोचने वाली बात है कि सिस्टम आखिर किसके लिए है? सुल्तानपुर की यह घटना न सिर्फ पुलिस विभाग, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र के लिए एक चेतावनी है।

Source- Google News 

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