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राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर पहली बार बोले सीएम योगी, कहा- SIT जांच से सामने आएगा सच

अयोध्या/रुदौली। राम मंदिर में चढ़ावे की कथित अनियमितताओं और उसकी जांच को लेकर जारी चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। अयोध्या के रुदौली विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान आयोजित जनसभा में उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है और जांच पूरी होने तक अनावश्यक बयानबाजी से बचना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं ने राम मंदिर निर्माण के लिए सदियों तक इंतजार किया है, इसलिए जांच पूरी होने तक कुछ और समय धैर्य रखना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एसआईटी पूरे मामले की गहन पड़ताल करेगी और यदि किसी भी स्तर पर कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जांच पूरी होने तक संयम बरतने की अपील

सीएम योगी ने कहा कि राम मंदिर और अयोध्या से जुड़ी खबरों के सामने आने के बाद ट्रस्ट की ओर से जांच की मांग की गई थी, जिसके आधार पर एसआईटी का गठन किया गया। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया के दौरान ऐसे बयान देने से बचना चाहिए, जिनसे राम भक्तों की भावनाएं प्रभावित हों या जांच पर असर पड़े।

उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी के पास मामले से जुड़े तथ्य या दस्तावेज हों तो उन्हें सीधे जांच एजेंसी को उपलब्ध कराएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम ने मर्यादा और अनुशासन का संदेश दिया है, इसलिए सभी को उसी भावना के अनुरूप व्यवहार करना चाहिए।

विपक्ष पर साधा निशाना

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों, विशेष रूप से Akhilesh Yadav पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल अयोध्या और राम जन्मभूमि की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जो लोग पहले रामभक्तों और “जय श्रीराम” के उद्घोष का विरोध करते थे, वे आज मंदिर और रामभक्तों की चिंता जताने का दावा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अयोध्या के विकास और सम्मान को लेकर सरकार लगातार काम कर रही है, जबकि कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए विवादों को हवा देने की कोशिश कर रहे हैं।

कांग्रेस पर भी किया प्रहार

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी का रुख हमेशा दोहरा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर कांग्रेस ने लंबे समय तक विरोध की राजनीति की और अब वही पार्टी रामभक्तों के सम्मान की बात कर रही है।

सीएम योगी ने कहा कि श्रीराम की आस्था और अयोध्या के गौरव को लेकर जनता सब कुछ जानती है और किसी भी प्रकार के भ्रम या दुष्प्रचार से प्रभावित नहीं होगी।

विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास

रुदौली विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अयोध्या को धार्मिक, सांस्कृतिक और विकास के केंद्र के रूप में आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है और क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद की जांच फिलहाल एसआईटी के पास है और आने वाले दिनों में उसकी रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पहुंचा हाईकोर्ट, स्वतंत्र जांच और CAG ऑडिट की मांग, 22 को सुनवाई

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं का मामला अब न्यायालय की चौखट तक पहुंच गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में इस संबंध में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है, जिसमें पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने और चढ़ावे का ऑडिट नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) से कराने की मांग की गई है।

हालांकि गुरुवार को समयाभाव के कारण मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। अवकाशकालीन पीठ ने अब अगली सुनवाई के लिए 22 जून की तारीख निर्धारित की है।

स्वतंत्र जांच की मांग

याचिकाकर्ता मोहित अशोक की ओर से दाखिल जनहित याचिका में आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे और धनराशि के प्रबंधन की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए तथा पूरे वित्तीय लेन-देन का ऑडिट CAG से कराया जाए।

यह मामला गुरुवार को न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया और न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष सूचीबद्ध था, लेकिन समय की कमी के कारण सुनवाई नहीं हो पाई।

सोशल मीडिया पर उठे आरोपों के बाद बढ़ा विवाद

राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा तब सुर्खियों में आया, जब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर सवाल उठाए। इसके बाद मंदिर के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने चढ़ावे की गणना और धनराशि के प्रबंधन को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे।

महिपाल सिंह ने दावा किया था कि लंबे समय से अनियमितताएं हो रही थीं और इसकी जानकारी संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को भी दी गई थी। हालांकि इन आरोपों की जांच अभी जारी है।

एसआईटी कर रही जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। एसआईटी को निर्धारित समयसीमा के भीतर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। जांच टीम लगातार गणना प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों, ट्रस्ट से जुड़े लोगों और अन्य संबंधित पक्षों से पूछताछ कर रही है। साथ ही पुराने सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेजों की भी समीक्षा की जा रही है।

संजय सिंह ने दर्ज कराई शिकायत

इस बीच आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी मामले को लेकर अयोध्या के राम जन्मभूमि थाने में शिकायत भेजी है। उन्होंने ट्रस्ट से जुड़े कुछ पदाधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच और कार्रवाई की मांग की है।

लखनऊ में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान संजय सिंह ने इस मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार को निशाने पर लिया तथा मामले की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता बताई।

फिलहाल पूरे मामले पर सभी की निगाहें हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई और एसआईटी की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच तेज, ट्रस्टी अनिल मिश्र से एसआईटी की पूछताछ

अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़:- राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और चोरी के मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। जांच के दौरान वर्ष 2021 से अब तक की सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई, जिसमें कुछ संदिग्ध गतिविधियां सामने आने की बात कही जा रही है। जांच एजेंसियां अब विभिन्न पहलुओं पर गहन पड़ताल कर रही हैं।

आंखों के उपचार के बाद अयोध्या लौटे राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र से भी एसआईटी ने पूछताछ की। गुरुवार को उन्होंने निर्धारित समय पर जांच अधिकारियों के सामने उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराया।

कई जिम्मेदार लोगों से हुई पूछताछ

जांच के क्रम में मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव से भी सवाल-जवाब किए गए। इसके अलावा तीर्थ क्षेत्र महासचिव चंपत राय के करीबी माने जाने वाले रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव से जुड़े मुद्दों पर भी जानकारी जुटाई गई। जांच टीम ने टिन्नू यादव की नियुक्ति, जिम्मेदारियों, वेतनमान और नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित दस्तावेजों की जानकारी भी मांगी।

पुरानी सीसीटीवी फुटेज की भी जांच

सूत्रों के मुताबिक एसआईटी ने मंदिर परिसर और चढ़ावा गणना से जुड़े स्थानों की पुरानी सीसीटीवी फुटेज को भी रिकवर कराया है। जांच अधिकारियों को कुछ ऐसी गतिविधियां मिली हैं, जिनकी सत्यता की जांच की जा रही है। चढ़ावे के नोटों की गिनती, बंडल तैयार करने और बैंक तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में है।

इस संबंध में जिला कोषागार के कर्मचारियों से भी तकनीकी जानकारी ली गई है, ताकि पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता का आकलन किया जा सके।

गणनाकर्मियों की नियुक्ति भी जांच के घेरे में

जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि चढ़ावा गणना कार्य से जुड़े कुछ कर्मचारी आपस में रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। एसआईटी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इनकी नियुक्ति किसकी सिफारिश पर हुई और चयन प्रक्रिया में किन मानकों का पालन किया गया।

गुरुवार को दर्जनों गणनाकर्मियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया। सभी से अलग-अलग बातचीत कर उनके बयान दर्ज किए गए।

बदलती रही चढ़ावा गणना की व्यवस्था

जानकारी के अनुसार, राम मंदिर निर्माण से पहले चढ़ावे की गणना विश्वामित्र आश्रम में की जाती थी, जहां सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी सीमित थी। बाद में यह प्रक्रिया श्रीराम जन्मभूमि पुलिस चौकी में स्थानांतरित की गई। इसके बाद पीएफसी भवन बनने पर गणना का कार्य वहीं शुरू किया गया।

बताया जा रहा है कि हालिया विवाद के बाद चढ़ावा गणना की प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अनियमितता की आशंका न रहे।

Aaj Ka Rashifal 19 June 2026: जानें सभी 12 राशियों का दैनिक भविष्यफल

Aaj Ka Rashifal 19 June 2026: ग्रह-नक्षत्रों की चाल के अनुसार आज का दिन कुछ राशियों के लिए सफलता और लाभ लेकर आएगा, जबकि कुछ राशियों को सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन राशि तक सभी राशियों का दैनिक राशिफल।

मेष राशि (Aries)

आज का दिन ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरपूर रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग ला सकती है। परिवार का सहयोग मिलेगा। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

शुभ अंक 9, रंग लाल

वृषभ राशि (Taurus)

नौकरी और व्यवसाय में नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। किसी पुराने मित्र से मुलाकात संभव है। धन लाभ के योग बन रहे हैं। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा।

शुभ अंक 6, रंग सफेद

मिथुन राशि (Gemini)

आज आपको अपनी वाणी पर नियंत्रण रखने की जरूरत है। कार्यस्थल पर विवाद से बचें। छात्रों के लिए दिन अच्छा रहेगा। निवेश से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।

शुभ अंक 5, रंग हरा

कर्क राशि (Cancer)

परिवार के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता मिल सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें।

शुभ अंक 2, रंग क्रीम

सिंह राशि (Leo)

आज आपके नेतृत्व कौशल की सराहना होगी। करियर में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी। यात्रा के योग बन सकते हैं।

शुभ अंक 1, रंग सुनहरा

कन्या राशि (Virgo)

दिन मिश्रित परिणाम देने वाला रहेगा। कार्यों में थोड़ी देरी हो सकती है। धैर्य बनाए रखें। परिवार का सहयोग मिलेगा। खर्चों पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है।

शुभ अंक 5, रंग हरा

तुला राशि (Libra)

व्यापार में लाभ मिलने के संकेत हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

शुभ अंक 6, रंग गुलाबी

वृश्चिक राशि (Scorpio)

आज का दिन सावधानी से बिताने की सलाह है। किसी भी महत्वपूर्ण दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले जांच लें। धन संबंधी मामलों में सतर्क रहें।

शुभ अंक 8, रंग मैरून

धनु राशि (Sagittarius)

भाग्य का साथ मिलेगा। नौकरीपेशा लोगों को शुभ समाचार मिल सकता है। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा।

शुभ अंक 3, रंग पीला

मकर राशि (Capricorn)

कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना होगी। आर्थिक लाभ के नए स्रोत बन सकते हैं। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा।

शुभ अंक 8, रंग नीला

कुंभ राशि (Aquarius)

नई योजनाओं पर काम करने के लिए दिन अनुकूल है। मित्रों का सहयोग मिलेगा। निवेश के लिए समय अच्छा माना जा सकता है। मानसिक तनाव कम होगा।

शुभ अंक 4, रंग आसमानी

मीन राशि (Pisces)

आज रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

शुभ अंक 7, रंग हल्का पीला

मुख्तार की जमीन पर योगी ने घर बनवाकर गरीबों को दिए थे, लगा ध्वस्तीकरण नोटिस, मचा हड़कंप

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के डालीबाग क्षेत्र स्थित एलडीए की सरदार पटेल आवास योजना में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया| दरअसल,मुख्तार अंसारी की जमीन पर योगी सरकार ने गरीबों को जो घर बनवाकर दिए थे सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने उन्हीं फ्लैटों पर गिराने का नोटिस लगा दिया है। बतादेंकि ये वही 72 आवास हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवंबर 2025 में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आवंटित किया था।

छह माह पहले ही मिला था आशियाना

यह आवासीय परियोजना उस जमीन पर विकसित की गई थी, जहां कभी माफिया मुख्तार अंसारी का बंगला स्थित था। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने बंगले को ध्वस्त कर यहां आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 72 फ्लैट तैयार किए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं लाभार्थियों को इन मकानों की चाबी और आवंटन पत्र सौंपे थे। कई परिवार अपने फ्लैटों में रहने भी लगे हैं।

गुरुवार को सिंचाई विभाग की ओर से फ्लैटों पर नोटिस लगाकर सात दिनों के भीतर परिसर खाली करने की चेतावनी दी गई। नोटिस में कहा गया कि भूमि सरकारी है और निर्धारित समय में कब्जा न हटाने पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, होने वाले नुकसान और खर्च की जिम्मेदारी भी कब्जाधारकों पर डाली गई है।

नोटिस से नाराज हुए आवंटी

सिंचाई विभाग का दावा है कि यह जमीन हैदर कैनाल बंधे से संबंधित सरकारी भूमि है। विभाग की इस कार्रवाई के बाद फ्लैटों में रहने वाले परिवारों में चिंता और नाराजगी दोनों देखने को मिलीं।

आवंटियों का कहना है कि जब इसी स्थान पर वर्षों तक मुख्तार अंसारी का आलीशान बंगला मौजूद था, तब किसी विभाग ने जमीन पर दावा नहीं किया। उनका सवाल है कि यदि भूमि विवादित थी, तो निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही इसे स्पष्ट क्यों नहीं किया गया। कई लोगों ने कहा कि उन्हें घर में शिफ्ट हुए अभी छह महीने भी पूरे नहीं हुए हैं और अब बेदखली का नोटिस मिल गया है।

एलडीए ने की हस्तक्षेप, नोटिस हटाने का आश्वासन

मामले की जानकारी सामने आने के बाद एलडीए अधिकारियों में भी हलचल मच गई। सूत्रों के अनुसार, भूमि विवाद और सिंचाई विभाग की कार्रवाई की सूचना शासन स्तर तक पहुंचा दी गई है।

लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि विभागीय अधिकारियों से बातचीत के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि नोटिस लगाने में त्रुटि हुई है। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है और नोटिस हटाने का आश्वासन दिया है। साथ ही फ्लैटों पर बनाए गए लाल क्रॉस के निशान भी मिटाए जाएंगे और आवश्यक पुताई भी कराई जाएगी।

कंगना रनौत पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर सपा विधायक पर केस दर्ज

UP News/सर्वोदय न्यूज़: भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करना समाजवादी पार्टी के विधायक डॉ. आरके वर्मा  को भारी पड़ता नजर आ रहा है। वायरल सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में पुलिस ने विधायक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

साइबर थाना पुलिस के अनुसार, विधायक से जुड़ी एक सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो सामने आया था, जिसमें कंगना रनौत को लेकर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। इस मामले में भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष अंशुमान सिंह ने शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत में क्या आरोप लगाए गए?

शिकायतकर्ता का आरोप है कि विधायक द्वारा सार्वजनिक मंच और सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी महिला सांसद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली है। साथ ही यह पोस्ट सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताई गई है।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352 (शांति भंग करने के उद्देश्य से जानबूझकर अपमान) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

फेसबुक पोस्ट को लेकर उठा विवाद

विवाद उस फेसबुक पोस्ट के बाद शुरू हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कंगना रनौत औरसायोनी घोष की तस्वीर साझा की गई थी। पोस्ट में लिखी गई टिप्पणी पर कई लोगों ने आपत्ति जताई और इसे अशोभनीय बताया।

पुलिस कर रही जांच

साइबर थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

फिलहाल इस मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है और दोनों दलों के समर्थक सोशल मीडिया पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

लोकसभा में NDA दो-तिहाई बहुमत के करीब? जानें अभी कितनी सीटें और किस समीकरण से बदल सकता है खेल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: लोकसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के संभावित संख्या बल को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्षी दलों में टूट और नए समर्थन की अटकलों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या एनडीए पहली बार लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े तक पहुंच सकता है। हालांकि, फिलहाल ऐसी कई चर्चाएं राजनीतिक दावों और संभावनाओं पर आधारित हैं। आधिकारिक तौर पर लोकसभा में किसी बड़े बदलाव की पुष्टि नहीं हुई है।

लोकसभा की कुल 543 सीटों के आधार पर दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा लगभग 362 सीटों के आसपास माना जाता है। किसी संवैधानिक संशोधन जैसे महत्वपूर्ण विधेयकों के लिए यह संख्या बेहद अहम होती है।

2024 चुनाव में NDA का प्रदर्शन

2024 के लोकसभा चुनाव में National Democratic Alliance को कुल 293 सीटें मिली थीं। इनमें सबसे बड़ी पार्टी Bharatiya Janata Party रही, जिसने 240 सीटें जीती थीं।

एनडीए के प्रमुख सहयोगियों में शामिल थे:

  • Telugu Desam Party – 16 सीटें
  • Janata Dal (United) – 12 सीटें
  • Shiv Sena – 7 सीटें
  • Lok Janshakti Party (Ram Vilas) – 5 सीटें

यह संख्या सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत से ऊपर थी, लेकिन दो-तिहाई बहुमत से काफी दूर रही।

किन दावों से बढ़ी चर्चा?

हाल के दिनों में विपक्षी दलों में संभावित टूट को लेकर कई राजनीतिक बयान सामने आए हैं। पश्चिम बंगाल में Mamata Banerjee की पार्टी All India Trinamool Congress और महाराष्ट्र में Uddhav Thackeray की पार्टी को लेकर विभिन्न दावे किए जा रहे हैं।

इसी क्रम में उत्तर प्रदेश में Om Prakash Rajbhar और Keshav Prasad Maurya ने समाजवादी पार्टी के कुछ सांसदों के टूटने की संभावना जताई है। हालांकि, Samajwadi Party ने ऐसे सभी दावों को खारिज करते हुए कहा है कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है।

क्या NDA सचमुच 362 के आंकड़े तक पहुंच सकता है?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वर्तमान संख्या और केवल संभावित समर्थन के आधार पर एनडीए को दो-तिहाई बहुमत तक पहुंचाने के दावे अभी अनुमान मात्र हैं। इसके लिए बड़ी संख्या में अतिरिक्त सांसदों के समर्थन की जरूरत होगी।

जब तक किसी दल का औपचारिक विलय, समर्थन या सांसदों की सदस्यता से जुड़ा निर्णय नहीं हो जाता, तब तक सीटों की वास्तविक संख्या में बदलाव नहीं माना जा सकता।

इतिहास में NDA का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

एनडीए का अब तक का सबसे बेहतर प्रदर्शन 2019 लोकसभा चुनाव में रहा था, जब गठबंधन ने कुल 353 सीटें जीती थीं। यह भी दो-तिहाई बहुमत के लिए आवश्यक 362 सीटों से 9 सीट कम था।

यदि भविष्य में एनडीए 362 या उससे अधिक सीटों का समर्थन जुटाने में सफल होता है, तो यह गठबंधन के इतिहास में पहली बार होगा।

सपा में टूट की अटकलें तेज, ओपी राजभर ने बताया कौन करेगा बागी सांसदों का नेतृत्व

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों समाजवादी पार्टी (सपा) में संभावित टूट को लेकर चर्चाएं तेज हैं। ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) में अंदरूनी खींचतान की खबरों के बीच अब सपा को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख Om Prakash Rajbhar ने दावा किया है कि समाजवादी पार्टी में जल्द ही बड़ी टूट देखने को मिल सकती है। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बागी सांसदों के संभावित गुट का नेतृत्व कौन कर सकता है।

‘बागी भूमि’ का लाल करेगा नेतृत्व

राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि लोग लगातार उनसे पूछ रहे हैं कि क्या वास्तव में सपा में टूट होने वाली है। इसके जवाब में उन्होंने लिखा कि सपा के बागी सांसदों के गुट का नेतृत्व उत्तर प्रदेश की “बागी भूमि” का एक लाल करेगा।

हालांकि उन्होंने किसी नेता या जिले का नाम नहीं लिया, लेकिन उत्तर प्रदेश में “बागी भूमि” के रूप में Ballia को जाना जाता है। राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

ब्राह्मण सम्मेलन का भी किया जिक्र

राजभर ने अपनी पोस्ट में आरोप लगाया कि सपा कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ब्राह्मण समाज का कथित तौर पर अपमान किया गया, जिससे “बागी बलिया” का एक नेता काफी आहत हुआ है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी में असंतोष पहले से था, लेकिन हाल की घटनाओं ने इसे और बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि अब पार्टी में टूट की संभावना और मजबूत हो गई है।

अखिलेश यादव को दी सलाह

राजभर ने सपा प्रमुख Akhilesh Yadav पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें सोशल मीडिया और एसी कमरों की राजनीति छोड़कर अपने सांसदों को संभालने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि नाराज सांसदों से सीधे मुलाकात कर उनकी शिकायतें दूर की जाएं।

अखिलेश यादव का पलटवार

राजभर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भविष्यवाणी करने वालों को पहले अपनी पार्टी का भविष्य देखना चाहिए। साथ ही उन्होंने भाजपा पर विपक्षी दलों को तोड़ने का आरोप लगाया।

अखिलेश ने कहा कि भाजपा लालच और दबाव की राजनीति के जरिए दूसरी पार्टियों में सेंध लगाने की कोशिश करती है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग दबाव में आ जाएंगे, वे पार्टी छोड़ सकते हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी संघर्ष करने वालों की पार्टी है और वह मजबूती से चुनावी लड़ाई लड़ेगी।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज

राजभर के दावों के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। हालांकि समाजवादी पार्टी की ओर से किसी संभावित टूट की पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल यह पूरा मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और दावों तक सीमित है, लेकिन आने वाले दिनों में इस पर सबकी नजर बनी रहेगी।

Gold Silver Price Today: चांदी में 6 हजार रुपये से ज्यादा की गिरावट, सोना भी टूटा; जानें आज का ताजा भाव

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों कीमती धातुओं में बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिसके चलते निवेशकों की नजर बाजार की आगे की दिशा पर टिक गई है।

अगस्त डिलीवरी वाला सोना कारोबार की शुरुआत में करीब 1 प्रतिशत टूटकर 1,52,306 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में यह 1,53,879 रुपये पर बंद हुआ था। वहीं जुलाई डिलीवरी वाली चांदी 2,48,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुली, जो पिछले बंद भाव 2,51,807 रुपये की तुलना में काफी कम रही।

कारोबार के दौरान और बढ़ी गिरावट

शुरुआती सत्र में बिकवाली तेज होने से सोने की कीमत 1,52,304 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर तक फिसल गई। दूसरी ओर चांदी में ज्यादा कमजोरी देखने को मिली और इसका भाव करीब 6,300 रुपये टूटकर 2,45,509 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया।

वैश्विक बाजार में सोने को मिला समर्थन

घरेलू बाजार में कमजोरी के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में मजबूती दर्ज की गई। अमेरिका और ईरान के बीच अंतरिम समझौते के बाद कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई, जिससे महंगाई को लेकर चिंताएं कम हुईं और सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग बढ़ी।

वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 1.4 प्रतिशत बढ़कर 4,316.42 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं स्पॉट सिल्वर भी 1.8 प्रतिशत की तेजी के साथ 69.18 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।

फेडरल रिजर्व के संकेतों का असर

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख ने सोने और चांदी पर दबाव बढ़ाया है। फेड ने अपनी प्रमुख ब्याज दरों को फिलहाल स्थिर रखा है, लेकिन आगे दरों में बढ़ोतरी की संभावना से बाजार की धारणा प्रभावित हुई है।

ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर सोने के लिए नकारात्मक मानी जाती हैं, क्योंकि सोना ब्याज नहीं देता। ऐसे में निवेशक बॉन्ड और अन्य ब्याज आधारित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं। इसके अलावा डॉलर और बॉन्ड यील्ड में मजबूती भी कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव बनाती है।

गोल्ड और सिल्वर का तकनीकी स्तर

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, एमसीएक्स गोल्ड के लिए 1,51,800 रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर प्रमुख सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 1,53,300 रुपये का स्तर रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है। जब तक सोना इस रेजिस्टेंस स्तर को पार नहीं करता, तब तक दबाव बना रह सकता है।

वहीं चांदी के लिए 2,42,000 रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर सपोर्ट और 2,51,000 रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर रेजिस्टेंस माना जा रहा है।

नोट: निवेश से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले वित्तीय विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। बाजार में उतार-चढ़ाव का जोखिम बना रहता है।

रॉकस्टार वाली एंट्री, राहुल गांधी का कोटा में दिखा अलग ही अंदाज- VIDEO Viral

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बुधवार शाम राजस्थान के कोटा में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में एक अलग ही अंदाज में नजर आए। कार्यक्रम से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें राहुल गांधी युवाओं से संवाद करते दिखाई दे रहे हैं। उनके मंच पर पहुंचते ही छात्रों ने उत्साह के साथ उनका स्वागत किया और पूरा माहौल जोश से भर गया।
बतादेंकि कॉलर माइक, फिटिंग शर्ट और सुपरस्टार वाला अंदाज। राहुल गांधी का ये वाला अंदाज देखा क्या? भीड़ में मौजूद युवाओं ने राहुल राहुल राहुल…. ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में एक अलग ही अंदाज में नजर आए|
स्टेज पर आते ही राहुल गांधी ने जैसे ही कहा- गुड ईवनिंग, हाऊ इज़ एवरीवडी? इतना कहते ही उनकी सामने मौजूद युवा जोश से भर गए और राहुल, राहुल, राहुल कहकर चिअर्स करने लगे। सामने मौजूद छात्रों की भीड़ हवा में हाथ लहराती दिखाई दी। राहुल गांधी ने भी उन युवा छात्रों को सपोर्ट करते हुए कहा- यह कोई राजनीतिक मुलाकात नहीं है। यह मुलाकात आपके लिए है। उन युवाओं के लिए है, जो नौकरी पाने खातिर संघर्ष कर रहे हैं। इसके अलावा उनहोंने कहा कि आज शाम मैं किसी भी राजनितिक पार्ट्री चाहे कांग्रेस हो, भाजपाहो, राजनीति, जैसे किसी भी शब्द अपने सम्बोधन में नहीं आने दूंगा।

सुपरस्टार और मोटिवेशनल स्पीकर वाली स्टाइलिस एंट्री की चर्चा तेज

वीडियो में आप राहुल गांधी को कॉलर माइक लगाए हुए देख सकते है| उन्होंने टाइट फिटिंग शर्ट पहनी हुई है। स्टेज भी किसी फिल्मी सेट से कम नहीं दिखाई दी रहा है। स्टेज पर मानो कोई सुपरस्टार आकर अपने फैंस के बीच अपना शो होस्ट कर रहा है। उनके मंच पर आने की शैली, प्रस्तुति और युवाओं के साथ संवाद ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने उनके इस अंदाज की तुलना एक प्रेरक वक्ता और बड़े मंचीय प्रस्तुतकर्ता से की। वहीं, कुछ लोगों ने इसे युवाओं से जुड़ने की नई कोशिश बताया।

शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मौजूदा शिक्षा प्रणाली बच्चों पर अत्यधिक दबाव डालती है और उनकी प्रतिभा को सही दिशा नहीं दे पा रही है। । उन्होंने देश की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था को “लूट का सिस्टम” करार दिया है।उनका दावा था कि बड़ी संख्या में तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवा रोजगार पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जो चिंता का विषय है।
राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य केवल परीक्षाओं और चयन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि छात्रों की क्षमता को विकसित करना और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराना भी होना चाहिए। उन्होंने रोजगार, कौशल विकास और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर व्यापक सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद राहुल गांधी का यह अंदाज सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।