न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं का मामला अब न्यायालय की चौखट तक पहुंच गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में इस संबंध में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है, जिसमें पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने और चढ़ावे का ऑडिट नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) से कराने की मांग की गई है।
हालांकि गुरुवार को समयाभाव के कारण मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। अवकाशकालीन पीठ ने अब अगली सुनवाई के लिए 22 जून की तारीख निर्धारित की है।
स्वतंत्र जांच की मांग
याचिकाकर्ता मोहित अशोक की ओर से दाखिल जनहित याचिका में आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे और धनराशि के प्रबंधन की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए तथा पूरे वित्तीय लेन-देन का ऑडिट CAG से कराया जाए।
यह मामला गुरुवार को न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया और न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष सूचीबद्ध था, लेकिन समय की कमी के कारण सुनवाई नहीं हो पाई।
सोशल मीडिया पर उठे आरोपों के बाद बढ़ा विवाद
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा तब सुर्खियों में आया, जब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर सवाल उठाए। इसके बाद मंदिर के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने चढ़ावे की गणना और धनराशि के प्रबंधन को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे।
महिपाल सिंह ने दावा किया था कि लंबे समय से अनियमितताएं हो रही थीं और इसकी जानकारी संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को भी दी गई थी। हालांकि इन आरोपों की जांच अभी जारी है।
एसआईटी कर रही जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। एसआईटी को निर्धारित समयसीमा के भीतर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। जांच टीम लगातार गणना प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों, ट्रस्ट से जुड़े लोगों और अन्य संबंधित पक्षों से पूछताछ कर रही है। साथ ही पुराने सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेजों की भी समीक्षा की जा रही है।
संजय सिंह ने दर्ज कराई शिकायत
इस बीच आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी मामले को लेकर अयोध्या के राम जन्मभूमि थाने में शिकायत भेजी है। उन्होंने ट्रस्ट से जुड़े कुछ पदाधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
लखनऊ में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान संजय सिंह ने इस मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार को निशाने पर लिया तथा मामले की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता बताई।
फिलहाल पूरे मामले पर सभी की निगाहें हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई और एसआईटी की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।



