Friday, June 19, 2026

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मुख्तार की जमीन पर योगी ने घर बनवाकर गरीबों को दिए थे, लगा ध्वस्तीकरण नोटिस, मचा हड़कंप

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के डालीबाग क्षेत्र स्थित एलडीए की सरदार पटेल आवास योजना में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया| दरअसल,मुख्तार अंसारी की जमीन पर योगी सरकार ने गरीबों को जो घर बनवाकर दिए थे सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने उन्हीं फ्लैटों पर गिराने का नोटिस लगा दिया है। बतादेंकि ये वही 72 आवास हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवंबर 2025 में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आवंटित किया था।

छह माह पहले ही मिला था आशियाना

यह आवासीय परियोजना उस जमीन पर विकसित की गई थी, जहां कभी माफिया मुख्तार अंसारी का बंगला स्थित था। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने बंगले को ध्वस्त कर यहां आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 72 फ्लैट तैयार किए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं लाभार्थियों को इन मकानों की चाबी और आवंटन पत्र सौंपे थे। कई परिवार अपने फ्लैटों में रहने भी लगे हैं।

गुरुवार को सिंचाई विभाग की ओर से फ्लैटों पर नोटिस लगाकर सात दिनों के भीतर परिसर खाली करने की चेतावनी दी गई। नोटिस में कहा गया कि भूमि सरकारी है और निर्धारित समय में कब्जा न हटाने पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, होने वाले नुकसान और खर्च की जिम्मेदारी भी कब्जाधारकों पर डाली गई है।

नोटिस से नाराज हुए आवंटी

सिंचाई विभाग का दावा है कि यह जमीन हैदर कैनाल बंधे से संबंधित सरकारी भूमि है। विभाग की इस कार्रवाई के बाद फ्लैटों में रहने वाले परिवारों में चिंता और नाराजगी दोनों देखने को मिलीं।

आवंटियों का कहना है कि जब इसी स्थान पर वर्षों तक मुख्तार अंसारी का आलीशान बंगला मौजूद था, तब किसी विभाग ने जमीन पर दावा नहीं किया। उनका सवाल है कि यदि भूमि विवादित थी, तो निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही इसे स्पष्ट क्यों नहीं किया गया। कई लोगों ने कहा कि उन्हें घर में शिफ्ट हुए अभी छह महीने भी पूरे नहीं हुए हैं और अब बेदखली का नोटिस मिल गया है।

एलडीए ने की हस्तक्षेप, नोटिस हटाने का आश्वासन

मामले की जानकारी सामने आने के बाद एलडीए अधिकारियों में भी हलचल मच गई। सूत्रों के अनुसार, भूमि विवाद और सिंचाई विभाग की कार्रवाई की सूचना शासन स्तर तक पहुंचा दी गई है।

लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि विभागीय अधिकारियों से बातचीत के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि नोटिस लगाने में त्रुटि हुई है। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है और नोटिस हटाने का आश्वासन दिया है। साथ ही फ्लैटों पर बनाए गए लाल क्रॉस के निशान भी मिटाए जाएंगे और आवश्यक पुताई भी कराई जाएगी।

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