न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों समाजवादी पार्टी (सपा) में संभावित टूट को लेकर चर्चाएं तेज हैं। ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) में अंदरूनी खींचतान की खबरों के बीच अब सपा को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख Om Prakash Rajbhar ने दावा किया है कि समाजवादी पार्टी में जल्द ही बड़ी टूट देखने को मिल सकती है। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बागी सांसदों के संभावित गुट का नेतृत्व कौन कर सकता है।
‘बागी भूमि’ का लाल करेगा नेतृत्व
राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि लोग लगातार उनसे पूछ रहे हैं कि क्या वास्तव में सपा में टूट होने वाली है। इसके जवाब में उन्होंने लिखा कि सपा के बागी सांसदों के गुट का नेतृत्व उत्तर प्रदेश की “बागी भूमि” का एक लाल करेगा।
हालांकि उन्होंने किसी नेता या जिले का नाम नहीं लिया, लेकिन उत्तर प्रदेश में “बागी भूमि” के रूप में Ballia को जाना जाता है। राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
ब्राह्मण सम्मेलन का भी किया जिक्र
राजभर ने अपनी पोस्ट में आरोप लगाया कि सपा कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ब्राह्मण समाज का कथित तौर पर अपमान किया गया, जिससे “बागी बलिया” का एक नेता काफी आहत हुआ है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी में असंतोष पहले से था, लेकिन हाल की घटनाओं ने इसे और बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि अब पार्टी में टूट की संभावना और मजबूत हो गई है।
अखिलेश यादव को दी सलाह
राजभर ने सपा प्रमुख Akhilesh Yadav पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें सोशल मीडिया और एसी कमरों की राजनीति छोड़कर अपने सांसदों को संभालने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि नाराज सांसदों से सीधे मुलाकात कर उनकी शिकायतें दूर की जाएं।
अखिलेश यादव का पलटवार
राजभर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भविष्यवाणी करने वालों को पहले अपनी पार्टी का भविष्य देखना चाहिए। साथ ही उन्होंने भाजपा पर विपक्षी दलों को तोड़ने का आरोप लगाया।
अखिलेश ने कहा कि भाजपा लालच और दबाव की राजनीति के जरिए दूसरी पार्टियों में सेंध लगाने की कोशिश करती है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग दबाव में आ जाएंगे, वे पार्टी छोड़ सकते हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी संघर्ष करने वालों की पार्टी है और वह मजबूती से चुनावी लड़ाई लड़ेगी।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
राजभर के दावों के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। हालांकि समाजवादी पार्टी की ओर से किसी संभावित टूट की पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल यह पूरा मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और दावों तक सीमित है, लेकिन आने वाले दिनों में इस पर सबकी नजर बनी रहेगी।



