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राम मंदिर दान विवाद पर बोले धीरेंद्र शास्त्री, कहा- ‘श्रद्धा की चोरी करने वालों को मिलेगा भगवान का महादंड’

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के दान और चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले ने देशभर में राजनीतिक और धार्मिक बहस छेड़ दी है। इस बीच इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में हनुमंत कथा कर रहे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कथित आरोपियों पर निशाना साधते हुए कहा कि भगवान के नाम पर किए गए दान में गड़बड़ी करने वालों को कानून के साथ-साथ ईश्वर का भी दंड मिलेगा।

‘रावण का रूप बदल गया है’ : धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

जकार्ता में कथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि त्रेतायुग में रावण ने माता सीता का हरण किया था, जबकि आज कुछ लोग भगवान के नाम पर श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “रावण का रूप बदल गया है। उस समय माता जानकी का हरण हुआ था, लेकिन अब करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास को ठेस पहुंचाने का प्रयास हुआ है। जो भी भगवान राम के दान में गड़बड़ी करेगा, उसे कानून की सजा के साथ भगवान का महादंड भी मिलेगा।”

उन्होंने यह भी कहा कि मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच आगे बढ़ेगी और यदि अन्य लोग दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

दान में कथित गड़बड़ी का मामला क्या है?

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े दानपात्र और रसीद व्यवस्था में कथित अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था।

एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने के बाद राम जन्मभूमि कोतवाली में ट्रस्ट के नवनियुक्त सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है।

8 आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ जारी

एफआईआर दर्ज होने के कुछ घंटों के भीतर पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अनुकल्प मिश्रा, रमाशंकर यादव (टिन्नू), अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कथित तौर पर फर्जी रसीदों और अनधिकृत तरीकों का इस्तेमाल कर श्रद्धालुओं से प्राप्त दान राशि ट्रस्ट तक पहुंचने के बजाय निजी खातों में पहुंचाई जा रही थी। जांच के दौरान कथित रूप से फर्जी दस्तावेज और रसीद बुक भी बरामद किए गए हैं। मामले की जांच अभी जारी है और आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है।

राजनीतिक बयानबाजी भी तेज

मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि केवल छोटे लोगों पर कार्रवाई हो रही है और बड़े जिम्मेदार लोगों तक जांच नहीं पहुंच रही।

वहीं, विश्व हिंदू परिषद (VHP) और भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार दोषियों के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और विपक्ष इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है।

Aaj Ka Rashifal 27 June 2026:इन राशियों पर रहेगी किस्मत की मेहरबानी, कुछ लोगों को स्वास्थ्य और निवेश में बरतनी होगी सावधानी

आज ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई राशियों के लिए नए अवसर लेकर आई है, जबकि कुछ जातकों को स्वास्थ्य, खर्च और निवेश के मामलों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत होगी। वर्तमान गोचर के अनुसार मंगल वृषभ राशि में, सूर्य मिथुन राशि में, बुध, शुक्र और गुरु कर्क राशि में, केतु सिंह राशि में, चंद्रमा वृश्चिक राशि में तथा राहु कुंभ और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। चंद्रमा अनुराधा नक्षत्र में होने से कुछ लोगों के लिए मानसिक तनाव और भ्रम की स्थिति भी बन सकती है। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का आज का राशिफल।

मेष राशि

आज स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही भारी पड़ सकती है। चोट या शारीरिक परेशानी की आशंका है, इसलिए जोखिम भरे कार्यों से दूरी बनाए रखें। प्रेम संबंध और दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। व्यापार में ऊर्जा बनी रहेगी और संतान का सहयोग मिलेगा। शुभ फल के लिए मसूर की दाल का दान करें और बजरंगबली की पूजा करें।

वृषभ राशि

जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा और प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी। निवेश के लिए दिन अनुकूल है। हालांकि मंगल के प्रभाव से शरीर में गर्मी या थकान महसूस हो सकती है। गणेश जी की आराधना करें और लाल वस्त्र का दान करना शुभ रहेगा।

मिथुन राशि

सिरदर्द, आंखों में तकलीफ या हल्की स्वास्थ्य समस्याएं परेशान कर सकती हैं। प्रेम, संतान और व्यापार के लिहाज से दिन अच्छा रहेगा। निवेश से पहले जीवनसाथी या परिवार की सलाह लेना लाभदायक साबित हो सकता है। मसूर की दाल का दान शुभ रहेगा।

कर्क राशि

भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला न लें। मानसिक तनाव और प्रेम संबंधों में विवाद की स्थिति बन सकती है। बच्चों के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें। फिलहाल निवेश टालना बेहतर रहेगा। चने की दाल का दान करें और बजरंगबली की पूजा करें।

सिंह राशि

सरकारी कार्यों में सफलता मिलने के संकेत हैं। व्यापार और संपत्ति से जुड़े मामलों में लाभ मिल सकता है। हालांकि खर्च बढ़ सकता है, इसलिए बजट पर नियंत्रण रखें। छोटे स्तर पर किया गया निवेश लाभ दे सकता है। हरी सब्जियों या पशुओं को चारा खिलाना शुभ रहेगा।

कन्या राशि

आज आपका आत्मविश्वास और कार्यक्षमता दोनों बढ़े रहेंगे। प्रेम संबंध, पारिवारिक सहयोग और व्यापार सभी क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। नए कार्यों की शुरुआत और निवेश के लिए दिन अनुकूल है। मां काली की आराधना करना लाभकारी रहेगा।

तुला राशि

धन हानि की आशंका है, इसलिए निवेश से बचें। वाणी पर नियंत्रण रखें और किसी भी प्रकार के सट्टा या जोखिम भरे निवेश से दूरी बनाएं। व्यापार सामान्य रहेगा और स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। मसूर की दाल का दान शुभ माना गया है।

वृश्चिक राशि

आज आपका व्यक्तित्व आकर्षण का केंद्र रहेगा। आत्मविश्वास बढ़ेगा और कार्यों में सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य, प्रेम, व्यापार और निवेश सभी मामलों में दिन शुभ है। चने की दाल का दान करना लाभकारी रहेगा।

धनु राशि

मानसिक तनाव, सिरदर्द और अनावश्यक भय परेशान कर सकते हैं। खर्च बढ़ने की संभावना है और निवेश में नुकसान हो सकता है, इसलिए सावधानी रखें। व्यापार सामान्य रहेगा। नीले रंग की वस्तु या लोहे का दान करना शुभ रहेगा।

मकर राशि

आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आय के नए स्रोत खुल सकते हैं। पुराने निवेश से भी लाभ मिलने की संभावना है। प्रेम, संतान और व्यापार सभी क्षेत्रों में सफलता के योग हैं। निवेश और व्यावसायिक यात्रा के लिए दिन शुभ रहेगा। मां काली की पूजा करें और मंदिर में इत्र अर्पित करें।

कुंभ राशि

कार्यक्षेत्र में सफलता और अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। कोर्ट-कचहरी के मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। प्रेम संबंधों में क्रोध से बचें। व्यापार अच्छा रहेगा। गणेश जी की पूजा करें और नीले रंग की वस्तु का दान करें।

मीन राशि

भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। यात्रा के योग बन रहे हैं और धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ सकती है। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार में सुधार देखने को मिलेगा। निवेश के लिए समय अनुकूल है। हरी वस्तुओं का दान करना शुभ रहेगा।

राम मंदिर चोरी विवाद पर बोले अविमुक्तेश्वरानंद,बड़े लोगों को छोड़ दिया गया, छोटों पर कराई गई FIR;

संभल/सर्वोदय न्यूज़: ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर दान प्रकरण में दर्ज एफआईआर को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में केवल छोटे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जबकि कथित रूप से जिम्मेदार बड़े लोगों को जांच के दायरे से बाहर रखा गया है।

संभल में अपनी ‘गौ धर्म यात्रा’ के दौरान पत्रकारों से बातचीत में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि राम मंदिर से जुड़े निर्णय शुरू से ही पारंपरिक धार्मिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं लिए गए। उनका कहना था कि ट्रस्ट के गठन में संतों, शंकराचार्यों और धर्माचार्यों की बजाय राजनीतिक रूप से चयनित लोगों को प्राथमिकता दी गई।

‘नोट गिनने वालों पर कार्रवाई, बड़े लोगों पर सवाल नहीं’

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार एफआईआर उन लोगों के खिलाफ दर्ज की गई है जो चढ़ावे की राशि की गणना करते थे। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कथित तौर पर बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितता हुई है तो उसकी जिम्मेदारी तय करने के लिए वरिष्ठ पदाधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि केवल नोट गिनने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई से पूरे मामले की सच्चाई सामने नहीं आएगी और निष्पक्ष जांच के लिए सभी स्तरों पर जवाबदेही तय होना आवश्यक है।

‘आरोपों की जांच जरूरी’

उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा उठाए गए आरोपों को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार यदि मामले में कोई आधार नहीं होता तो जांच की आवश्यकता ही नहीं पड़ती। उन्होंने कहा कि जांच के बाद एफआईआर दर्ज होना इस बात का संकेत है कि मामले में तथ्यों की पड़ताल जरूरी समझी गई।

भाजपा के हिंदुत्व पर भी उठाए सवाल

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने भारतीय जनता पार्टी के हिंदुत्व को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग वेदों और पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं का पालन नहीं करते, वे वास्तविक हिंदुत्व का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकते।

हालांकि, उन्होंने संभल में प्राचीन धार्मिक स्थलों के विकास के प्रयासों का स्वागत किया, लेकिन वाराणसी में मंदिरों से जुड़े कुछ मुद्दों पर राज्य सरकार की आलोचना भी की।

गौ धर्म यात्रा का उद्देश्य बताया

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि वह 3 मई से ‘गौ धर्म यात्रा’ पर हैं। उनका कहना है कि यात्रा का उद्देश्य लोगों को गौ-संरक्षण के प्रति जागरूक करना और ऐसे जनप्रतिनिधियों का समर्थन करने के लिए प्रेरित करना है जो इस विषय पर स्पष्ट प्रतिबद्धता रखते हों।

उन्होंने यह भी कहा कि इस यात्रा का मकसद किसी राजनीतिक दल का समर्थन करना नहीं है। उनके अनुसार यदि कोई भी दल गौ-संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाता है तो उसे इसका राजनीतिक लाभ मिल सकता है।

घर से निकल नहीं पाएंगे…प्रधानों को प्रशासक बनाने पर हाईकोर्ट की रोक, अखिलेश यादव ने ओपी राजभर पर कसा तंज

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़ : इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के उत्तर प्रदेश सरकार के आदेश पर रोक लगाए जाने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इस मुद्दे पर पंचायती राज मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर पर भी तंज कसते हुए कहा कि अब मंत्री गांवों में जाना तो दूर, घर से निकलने की स्थिति में भी नहीं होंगे।

हाईकोर्ट के फैसले के बाद सरकार पर निशाना

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकार के उस आदेश को असंवैधानिक बताया है, जिसमें पंचायत चुनाव न होने की स्थिति में ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने का प्रावधान किया गया था।

उन्होंने लिखा कि सरकार एक तरफ अपनी उपलब्धियों का प्रचार कर रही है, जबकि दूसरी ओर अदालत ने उसके फैसले पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अखिलेश ने सवाल उठाया कि यदि कोई निर्णय असंवैधानिक पाया जाता है तो उसकी जिम्मेदारी कौन तय करेगा।

ओपी राजभर पर कसा तंज

सपा प्रमुख ने अपने पोस्ट में पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जिन ग्राम प्रधानों ने प्रशासक बनने के बाद विकास कार्यों के आश्वासन दिए थे, अब वे जनता और ठेकेदारों के सवालों का सामना करेंगे।

अखिलेश ने लिखा कि ऐसी स्थिति में भाजपा और उसके सहयोगी दलों के नेताओं के लिए गांवों में जाना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि “पंचायती राज मंत्री तो घर से ही नहीं निकल पाएंगे, गांव पहुंचना तो दूर की बात है।”

राजभर ने पहले साधा था अखिलेश पर निशाना

इससे पहले ओम प्रकाश राजभर ने भी सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव पर हमला बोला था। उन्होंने सपा के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) अभियान पर टिप्पणी करते हुए व्यंग्य किया और अखिलेश की तुलना फिल्म “राजा बाबू” के किरदार से की थी।

राजभर ने आरोप लगाया था कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान आतंकवाद से जुड़े मामलों में मुकदमे वापस लेने जैसे फैसले किए गए थे। साथ ही उन्होंने दावा किया कि अखिलेश समय-समय पर अलग-अलग राजनीतिक मुद्दों पर अपना रुख बदलते रहते हैं।

क्या है पूरा मामला?

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगाई है, जिसके तहत पंचायत चुनाव होने तक ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में काम जारी रखने की अनुमति दी गई थी।

अदालत ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 243E के अनुसार पंचायतों का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है और समय पर चुनाव कराना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। कोर्ट ने माना कि कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रधानों को प्रशासक बनाए रखना प्रथम दृष्टया संविधान के अनुरूप नहीं है।

मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को निर्धारित की गई है।

ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने पर हाईकोर्ट की रोक, अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर साधा निशाना

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़: इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार के ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के आदेश पर रोक लगाने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर अपनी उपलब्धियों का प्रचार कर रही है, वहीं दूसरी ओर हाईकोर्ट ने उसके फैसले को असंवैधानिक करार देकर उसकी कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हाईकोर्ट के फैसले पर साधा निशाना

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि भाजपा सरकार प्रचार के जरिए अपनी छवि चमकाने में लगी है, लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट की टिप्पणी ने उसकी पोल खोल दी। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा, “भाजपा बनने चली थी सयानी, निपट गई उसकी ही कहानी।”

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार का फैसला असंवैधानिक है तो इसकी जिम्मेदारी कौन तय करेगा और ऐसे फैसलों के लिए क्या कार्रवाई होगी।

ग्राम प्रधानों में बढ़ेगी नाराजगी

सपा प्रमुख ने कहा कि सरकार के आदेश के बाद कई ग्राम प्रधानों ने गांवों में विकास कार्यों का भरोसा दिया था, लेकिन हाईकोर्ट की रोक के बाद अब वे जनता के बीच असहज स्थिति में हैं।

उन्होंने दावा किया कि अब ग्रामीण यह मानेंगे कि प्रधान अपने वादे पूरे नहीं कर सके और विकास कार्यों के लिए मिला बजट खर्च नहीं हो पाया। इससे ग्राम प्रधानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

भुगतान और खर्च को लेकर जताई चिंता

अखिलेश यादव ने कहा कि जिन दिनों प्रधानों ने प्रशासक के रूप में काम किया, उस दौरान हुए खर्च और विकास कार्यों के भुगतान को लेकर भी सवाल खड़े हो सकते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में यदि उस अवधि के खर्च पर सवाल उठे तो प्रधानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।

ठेकेदारों के भुगतान का भी उठाया मुद्दा

उन्होंने कहा कि जिन ठेकेदारों ने ग्राम पंचायतों में काम किया है, वे अब भुगतान के लिए प्रधानों के पास पहुंचेंगे। इससे ग्राम प्रधानों में भाजपा सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ सकती है।

क्या कहा इलाहाबाद हाईकोर्ट ने?

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसमें ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें प्रशासक के रूप में काम जारी रखने की अनुमति दी गई थी।

कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 243E के अनुसार पंचायतों का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है और अगले चुनाव समय पर कराना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सरकार किसी अध्यादेश या कानून के जरिए पंचायतों का कार्यकाल नहीं बढ़ा सकती। मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को निर्धारित की गई है।

श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र दान प्रकरण में पहली एफआईआर के बाद सीएम योगी ने कहा- एसआईटी रिपोर्ट आते ही शुरू हो गई कार्रवाई

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र दान प्रकरण में पहली एफआईआर दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। एसआईटी की रिपोर्ट आते ही तत्काल कार्रवाई प्रारंभ हो गई। मैं आश्वस्त करता हूं और मैंने कहा भी था कि हम दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेंगे। जन आस्था के साथ जो भी खिलवाड़ करेगा, वह उसका भुक्तभोगी होगा। यह छूट किसी को भी नहीं दी जा सकती।

देवरिया में शुक्रवार को विकास परियोजनाओं के शिलान्यास/लोकार्पण अवसर पर जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं 19 जून को अयोध्या दौरे पर था। मैंने तब भी कहा था कि अयोध्या हम सबकी आस्था की प्रतीक है, भारत के सनातन धर्म की प्रतीक है। अयोध्या पर आक्षेप न करो, प्रभु श्रीराम की मर्यादा का पालन करना सीखो। अयोध्या के बारे में जो समाचार मिल रहे थे, उस पर मैंने कहा था कि एसआईटी की रिपोर्ट आने के साथ ही हमारी कार्रवाई भी प्रारंभ हो जाएगी।

आक्षेप लगाने वालों की मंशा अच्छी नहीं

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों व रामभक्तों से कहा कि जो लोग आज आक्षेप लगाने का प्रयास कर रहे हैं, उनकी मंशा अच्छी नहीं है। ये वो लोग हैं जो भगवान राम को नकार चुके थे, भगवान राम के अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर चुके थे। कांग्रेस व सपा को आड़े हाथ लेते हुए सीएम ने कहा कि एक पार्टी कहती थी कि राम हुए ही नहीं, यानी वे लोग अयोध्या को भी नहीं मानना चाहते थे। वे लगातार न्यायालय में मुकदमा लड़ते रहे, वकीलों की फौज खड़ी करते रहे। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन और मंदिर निर्माण के खिलाफ खड़े रहे। वहीं दूसरा पक्ष उन लोगों का है, जो भगवान राम का नाम लेने वालों पर गोली चलाता था और आज वही लोग कहते हैं कि आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है। ये लोग बताएंगे हमें आस्था ! रामनवमी पर दंगा करवाते थे, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को बैन करते थे, कांवड़ यात्रा नहीं निकलने देते थे, दुर्गा पूजा में दंगा करवाते थे। लार का दंगा तो सबको याद ही है। और, ये लोग कहते हैं कि आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है !

एसआईटी की सिफारिश के अनुरूप कार्रवाई को आगे बढ़ा रही सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दलों के काले कारनामों का काला चिट्ठा है। कांग्रेस ने देश को लूटा ही नहीं, बल्कि बेईमानी व भ्रष्टाचार के कीर्तिमान स्थापित किए थे। वही लोग आज अयोध्या पर आक्षेप लगा रहे हैं। डबल इंजन सरकार ने सपा की डकैती रोकी इसीलिए वह छटपटाहट रही है। जब उसे कुछ नहीं मिला तो जन आस्था के साथ खिलवाड़, रामभक्तों पर आक्षेप और अयोध्या को बदनाम करने में जुट गई। यह स्वीकार्य नहीं है। सरकार की मंशा पहले दिन से स्पष्ट है। मैं फिर अपील करूंगा कि रामभक्तों की अग्निपरीक्षा मत लो। रामभक्तों और उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ करना बंद करो। अगर पुष्ट प्रमाण नहीं हैं तो आरोप-प्रत्यारोप बंद करो और अगर प्रमाण हैं तो प्रस्तुत करो, एसआईटी का सहयोग करो। एसआईटी की सिफारिश के अनुरूप सरकार कार्रवाई को आगे बढ़ा रही है। जब वरिष्ठ अधिकारियों की टीम काम कर रही है तो फिर राजनीतिक बयानबाजी बंद होनी चाहिए।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा, 8 आरोपी गिरफ्तार

अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़: राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में जांच तेज होने के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि जांच की निष्पक्षता बनाए रखने और जांच पूरी होने तक दोनों ने यह फैसला लिया है।

हालांकि, ट्रस्ट की ओर से इस्तीफे को लेकर अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

जांच के बीच आया इस्तीफा

सूत्रों के अनुसार, चढ़ावा गबन मामले में दर्ज एफआईआर और एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद दोनों पदाधिकारियों ने पद छोड़ने का निर्णय लिया। ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने कहा कि उन्हें फिलहाल इस घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी नहीं है।

8 आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजने की तैयारी

चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने नामजद सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मेडिकल परीक्षण के बाद उन्हें अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

पुलिस का कहना है कि एसआईटी की रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच जारी रहेगी तथा आवश्यकता पड़ने पर अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

एफआईआर में किन लोगों के नाम?

एफआईआर में चंपत राय के ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा के रिश्तेदार अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा समेत मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र और गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव को आरोपी बनाया गया है। इनके अलावा कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।

सभी पर चढ़ावे की राशि और कीमती सामान में कथित हेराफेरी करने के लिए आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है।

एसआईटी जांच में करोड़ों की हेराफेरी का दावा

एसआईटी की प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये की नकदी और सोना-चांदी सहित कीमती आभूषणों में कथित अनियमितता सामने आने का दावा किया गया है। जांच के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर करीब तीन करोड़ रुपये की बरामदगी भी हुई है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कुल कितनी राशि और कितने कीमती आभूषणों की हेराफेरी हुई।

CCTV फुटेज बने अहम सबूत

जांच एजेंसियों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में कई आरोपी चढ़ावा गणना प्रक्रिया के दौरान संदिग्ध गतिविधियों में दिखाई दिए हैं। जांच में सामने आया कि गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस अब इन इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को विवेचना का हिस्सा बना रही है।

जमीन खरीद-फरोख्त का मामला भी जांच के घेरे में

चढ़ावा विवाद के साथ-साथ राम मंदिर के लिए जमीन खरीद-फरोख्त के मामलों पर भी सवाल उठने लगे हैं। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने एसआईटी को 11 दस्तावेज सौंपते हुए आरोप लगाया है कि कई जमीनें बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर खरीदी गईं, जिससे करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।

उन्होंने कुछ जमीन सौदों में करोड़ों रुपये के मूल्य अंतर का दावा करते हुए पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है। एसआईटी ने इन दस्तावेजों के आधार पर भी जांच शुरू कर दी है।

जांच जारी, आधिकारिक निष्कर्ष का इंतजार

फिलहाल चढ़ावा चोरी और जमीन खरीद से जुड़े मामलों की जांच जारी है। आरोपों और दावों पर अंतिम निष्कर्ष एसआईटी की जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

मोदी कैबिनेट में फेरबदल की अटकलें तेज, धर्मेंद्र प्रधान समेत 2 मंत्री हो सकते हैं बाहर,नीतीश कुमार को मौके के आसार

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में जल्द कैबिनेट फेरबदल होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में कई मंत्रियों के विभाग बदलने और कुछ नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं।

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अलग-अलग मुलाकात के बाद इन चर्चाओं को और बल मिला है।

उत्तर प्रदेश में संगठन विस्तार के बाद बढ़ी अटकलें

भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के तहत प्रदेश संगठन में बड़ा बदलाव किया है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम में कई नए चेहरों को जगह दी गई है। पार्टी ने उपाध्यक्ष, महामंत्री और मंत्री स्तर के पदों की संख्या भी बढ़ाई है।

नई टीम में करीब 60 प्रतिशत नए चेहरों को शामिल किया गया है, जबकि कई पुराने नेताओं को बाहर रखा गया है। संगठन में ओबीसी और महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया है।

किन मंत्रियों पर मंडरा सकता है खतरा?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जिम्मेदारी बदली जा सकती है। पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार उन पर निशाना साध रहा है।

इसके अलावा केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के विभाग में भी बदलाव की चर्चा है। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि निर्मला सीतारमण, नितिन गडकरी और मनोहर लाल खट्टर के मंत्रालयों में भी फेरबदल संभव है। हालांकि इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

नए चेहरों को मिल सकती है जगह

सूत्रों के हवाले से सामने आई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि महाराष्ट्र के सांसद श्रीकांत शिंदे को केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी केंद्र सरकार में अहम भूमिका दिए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं।

कुछ रिपोर्ट्स में सुखेंदु शेखर रे का नाम भी संभावित चेहरों में शामिल बताया गया है। वहीं, राघव चड्ढा को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन इस संबंध में किसी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा पहले ही स्वीकार

हाल ही में राज्यसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने मंत्रिपद से इस्तीफा दे दिया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। हालांकि, रवनीत सिंह बिट्टू सहित कुछ अन्य मंत्री अभी भी अपने पदों पर बने हुए हैं।

आधिकारिक घोषणा का इंतजार

फिलहाल कैबिनेट विस्तार या फेरबदल को लेकर केंद्र सरकार या भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में मंत्रियों के नाम, विभागों में बदलाव और नए चेहरों की एंट्री को लेकर जारी सभी चर्चाएं और दावे फिलहाल अटकलों के दायरे में हैं।

Silver Price Today: चांदी के भाव में गिरावट का तूफान, चीन का क्या है कनेक्शन?

Silver Price Today: भारत में मुहर्रम के कारण कमोडिटी बाजार बंद रहे, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली। शुक्रवार (26 जून) को कॉमेक्स (COMEX) पर चांदी की कीमत में 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि सोना भी दबाव में कारोबार करता नजर आया।

चांदी में 4.44% की बड़ी गिरावट

कॉमेक्स पर चांदी (Silver) का भाव 4.44 फीसदी टूटकर 55.77 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में यह 58.025 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ था। वहीं, कॉमेक्स गोल्ड 44.80 डॉलर यानी 1.11 फीसदी की गिरावट के साथ 4,002.80 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। कारोबार के दौरान सोना 4,001.20 डॉलर प्रति औंस के निचले स्तर तक भी फिसला।

चीन की कमजोर मांग से बढ़ा दबाव

बाजार में गिरावट की बड़ी वजह चीन से आई कमजोर मांग मानी जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मई महीने में हांगकांग के जरिए चीन के शुद्ध सोना आयात में करीब 38 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। चीन दुनिया के सबसे बड़े कीमती धातु उपभोक्ताओं में शामिल है, इसलिए वहां की मांग में कमी का असर वैश्विक कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है।

अमेरिकी महंगाई ने बढ़ाई चिंता

अमेरिका में मई महीने की मुद्रास्फीति तीन साल में पहली बार 4 फीसदी के ऊपर पहुंच गई। ऊर्जा कीमतों में तेजी के कारण महंगाई बढ़ने से यह उम्मीद मजबूत हुई है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है या आगे और सख्ती कर सकता है।

फेडरल रिजर्व का सख्त रुख

फेड अधिकारियों ने भी महंगाई को लेकर सतर्क रुख अपनाया है। उनका कहना है कि महंगाई अभी भी केंद्रीय बैंक के 2 फीसदी लक्ष्य से काफी ऊपर बनी हुई है। CME FedWatch के अनुसार, बाजार अब इस साल ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना देख रहा है। ऊंची ब्याज दरों का असर सोना और चांदी जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों पर नकारात्मक पड़ता है।

मजबूत डॉलर भी बना बड़ी वजह

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स लगातार मजबूत हो रहा है। डॉलर मजबूत होने पर अन्य देशों के खरीदारों के लिए सोना और चांदी महंगे हो जाते हैं, जिससे मांग घटती है और कीमतों पर दबाव बढ़ता है।

भू-राजनीतिक तनाव से बढ़ी अनिश्चितता

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रम भी बाजार की चिंता बढ़ा रहे हैं। समुद्री सुरक्षा को लेकर बढ़ी अनिश्चितता वैश्विक सप्लाई चेन पर असर डाल सकती है, जिससे कमोडिटी बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

अब PCE डेटा पर बाजार की नजर

अब निवेशकों की निगाहें अमेरिका के PCE (Personal Consumption Expenditures) मुद्रास्फीति आंकड़ों पर टिकी हैं। यह फेडरल रिजर्व का पसंदीदा महंगाई संकेतक माना जाता है। इसके आंकड़े आगे ब्याज दरों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं, जिसका सीधा असर सोना और चांदी की कीमतों पर देखने को मिलेगा।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: संजय राउत ने ट्रस्ट से पूछा- 4 किलो चांदी की ईंट और 1 करोड़ रुपये दिए थे कहां गई?

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: श्रीराम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। चढ़ावा चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से शिवसेना द्वारा दान की गई 4 किलो चांदी की ईंट और 1 करोड़ रुपये का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है। वहीं, सिंधी समाज ने भी वर्ष 2021 में दान की गई 200 किलो चांदी की ईंटों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठाई है।

संजय राउत ने उठाए सवाल

संजय राउत ने सोशल मीडिया पर कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की ओर से हजारों शिवसैनिकों और संतों की मौजूदगी में एक करोड़ रुपये और चार किलो की चांदी की पवित्र ईंट ट्रस्ट को सौंपी गई थी। उनका आरोप है कि कई वर्ष बीत जाने के बावजूद ट्रस्ट की ओर से न तो दान की कोई रसीद जारी की गई और न ही चांदी की ईंट के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी दी गई।

उन्होंने सवाल किया कि दान में दी गई चांदी की ईंट कहां है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

सिंधी समाज ने भी मांगा जवाब

विश्व सिंधी सेवा संगम ने भी ट्रस्ट से 200 किलो चांदी की ईंटों का ब्यौरा मांगा है। संगठन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजू मनवानी के अनुसार, 26 जनवरी 2021 को देश-विदेश के सिंधी समाज के सहयोग से 200 चांदी की ईंटें ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को सौंपी गई थीं। इन ईंटों पर भगवान झूलेलाल की आकृति अंकित थी और समारोह में 12 देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए थे।

‘आज तक नहीं मिली रसीद’

डॉ. मनवानी का कहना है कि ट्रस्ट ने उस समय चांदी की शुद्धता की जांच के बाद रसीद देने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक न तो कोई रसीद मिली और न ही दान की गई ईंटों के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी साझा की गई। उन्होंने कहा कि हालिया विवाद के बाद सिंधी समाज की चिंता और बढ़ गई है तथा जल्द ही समाज का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेगा।

चढ़ावा मामले में 8 लोगों पर एफआईआर

दूसरी ओर, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) पूरे मामले की जांच कर रहा है। सरकार ने कहा है कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि, शिवसेना और सिंधी समाज द्वारा उठाए गए सवालों पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।