Silver Price Today: भारत में मुहर्रम के कारण कमोडिटी बाजार बंद रहे, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली। शुक्रवार (26 जून) को कॉमेक्स (COMEX) पर चांदी की कीमत में 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि सोना भी दबाव में कारोबार करता नजर आया।
चांदी में 4.44% की बड़ी गिरावट
कॉमेक्स पर चांदी (Silver) का भाव 4.44 फीसदी टूटकर 55.77 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में यह 58.025 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ था। वहीं, कॉमेक्स गोल्ड 44.80 डॉलर यानी 1.11 फीसदी की गिरावट के साथ 4,002.80 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। कारोबार के दौरान सोना 4,001.20 डॉलर प्रति औंस के निचले स्तर तक भी फिसला।
चीन की कमजोर मांग से बढ़ा दबाव
बाजार में गिरावट की बड़ी वजह चीन से आई कमजोर मांग मानी जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मई महीने में हांगकांग के जरिए चीन के शुद्ध सोना आयात में करीब 38 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। चीन दुनिया के सबसे बड़े कीमती धातु उपभोक्ताओं में शामिल है, इसलिए वहां की मांग में कमी का असर वैश्विक कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है।
अमेरिकी महंगाई ने बढ़ाई चिंता
अमेरिका में मई महीने की मुद्रास्फीति तीन साल में पहली बार 4 फीसदी के ऊपर पहुंच गई। ऊर्जा कीमतों में तेजी के कारण महंगाई बढ़ने से यह उम्मीद मजबूत हुई है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है या आगे और सख्ती कर सकता है।
फेडरल रिजर्व का सख्त रुख
फेड अधिकारियों ने भी महंगाई को लेकर सतर्क रुख अपनाया है। उनका कहना है कि महंगाई अभी भी केंद्रीय बैंक के 2 फीसदी लक्ष्य से काफी ऊपर बनी हुई है। CME FedWatch के अनुसार, बाजार अब इस साल ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना देख रहा है। ऊंची ब्याज दरों का असर सोना और चांदी जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों पर नकारात्मक पड़ता है।
मजबूत डॉलर भी बना बड़ी वजह
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स लगातार मजबूत हो रहा है। डॉलर मजबूत होने पर अन्य देशों के खरीदारों के लिए सोना और चांदी महंगे हो जाते हैं, जिससे मांग घटती है और कीमतों पर दबाव बढ़ता है।
भू-राजनीतिक तनाव से बढ़ी अनिश्चितता
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रम भी बाजार की चिंता बढ़ा रहे हैं। समुद्री सुरक्षा को लेकर बढ़ी अनिश्चितता वैश्विक सप्लाई चेन पर असर डाल सकती है, जिससे कमोडिटी बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
अब PCE डेटा पर बाजार की नजर
अब निवेशकों की निगाहें अमेरिका के PCE (Personal Consumption Expenditures) मुद्रास्फीति आंकड़ों पर टिकी हैं। यह फेडरल रिजर्व का पसंदीदा महंगाई संकेतक माना जाता है। इसके आंकड़े आगे ब्याज दरों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं, जिसका सीधा असर सोना और चांदी की कीमतों पर देखने को मिलेगा।



