श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र दान प्रकरण में पहली एफआईआर के बाद सीएम योगी ने कहा- एसआईटी रिपोर्ट आते ही शुरू हो गई कार्रवाई

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र दान प्रकरण में पहली एफआईआर दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। एसआईटी की रिपोर्ट आते ही तत्काल कार्रवाई प्रारंभ हो गई। मैं आश्वस्त करता हूं और मैंने कहा भी था कि हम दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेंगे। जन आस्था के साथ जो भी खिलवाड़ करेगा, वह उसका भुक्तभोगी होगा। यह छूट किसी को भी नहीं दी जा सकती।

देवरिया में शुक्रवार को विकास परियोजनाओं के शिलान्यास/लोकार्पण अवसर पर जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं 19 जून को अयोध्या दौरे पर था। मैंने तब भी कहा था कि अयोध्या हम सबकी आस्था की प्रतीक है, भारत के सनातन धर्म की प्रतीक है। अयोध्या पर आक्षेप न करो, प्रभु श्रीराम की मर्यादा का पालन करना सीखो। अयोध्या के बारे में जो समाचार मिल रहे थे, उस पर मैंने कहा था कि एसआईटी की रिपोर्ट आने के साथ ही हमारी कार्रवाई भी प्रारंभ हो जाएगी।

आक्षेप लगाने वालों की मंशा अच्छी नहीं

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों व रामभक्तों से कहा कि जो लोग आज आक्षेप लगाने का प्रयास कर रहे हैं, उनकी मंशा अच्छी नहीं है। ये वो लोग हैं जो भगवान राम को नकार चुके थे, भगवान राम के अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर चुके थे। कांग्रेस व सपा को आड़े हाथ लेते हुए सीएम ने कहा कि एक पार्टी कहती थी कि राम हुए ही नहीं, यानी वे लोग अयोध्या को भी नहीं मानना चाहते थे। वे लगातार न्यायालय में मुकदमा लड़ते रहे, वकीलों की फौज खड़ी करते रहे। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन और मंदिर निर्माण के खिलाफ खड़े रहे। वहीं दूसरा पक्ष उन लोगों का है, जो भगवान राम का नाम लेने वालों पर गोली चलाता था और आज वही लोग कहते हैं कि आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है। ये लोग बताएंगे हमें आस्था ! रामनवमी पर दंगा करवाते थे, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को बैन करते थे, कांवड़ यात्रा नहीं निकलने देते थे, दुर्गा पूजा में दंगा करवाते थे। लार का दंगा तो सबको याद ही है। और, ये लोग कहते हैं कि आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है !

एसआईटी की सिफारिश के अनुरूप कार्रवाई को आगे बढ़ा रही सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दलों के काले कारनामों का काला चिट्ठा है। कांग्रेस ने देश को लूटा ही नहीं, बल्कि बेईमानी व भ्रष्टाचार के कीर्तिमान स्थापित किए थे। वही लोग आज अयोध्या पर आक्षेप लगा रहे हैं। डबल इंजन सरकार ने सपा की डकैती रोकी इसीलिए वह छटपटाहट रही है। जब उसे कुछ नहीं मिला तो जन आस्था के साथ खिलवाड़, रामभक्तों पर आक्षेप और अयोध्या को बदनाम करने में जुट गई। यह स्वीकार्य नहीं है। सरकार की मंशा पहले दिन से स्पष्ट है। मैं फिर अपील करूंगा कि रामभक्तों की अग्निपरीक्षा मत लो। रामभक्तों और उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ करना बंद करो। अगर पुष्ट प्रमाण नहीं हैं तो आरोप-प्रत्यारोप बंद करो और अगर प्रमाण हैं तो प्रस्तुत करो, एसआईटी का सहयोग करो। एसआईटी की सिफारिश के अनुरूप सरकार कार्रवाई को आगे बढ़ा रही है। जब वरिष्ठ अधिकारियों की टीम काम कर रही है तो फिर राजनीतिक बयानबाजी बंद होनी चाहिए।

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