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3 फीट लंबे, सिर्फ 20 किलो वजन-गुजरात के गणेश बरैया बने डॉक्टर

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- कहावत है—“कद नहीं, किरदार बड़ा होना चाहिए।” गुजरात के 3 फीट लंबे और 20 किलो वजन वाले गणेश बरैया ने इस बात को सच कर दिखाया है। जन्म से दिव्यांग गणेश ने न केवल सभी मुश्किलों का सामना किया, बल्कि कोर्ट से लेकर समाज तक सभी चुनौतियों को पार करते हुए आखिरकार डॉक्टर बन गए। अब उन्हें मेडिकल ऑफिसर के पद पर नियुक्ति मिल चुकी है।

72% दिव्यांगता, लेकिन हिम्मत 100%

25 वर्षीय गणेश बरैया जन्म से बैनेपन (ड्वार्फिज्म) के शिकार हैं। इस कारण उन्हें चलने-फिरने में कठिनाई और 72% शारीरिक विकलांगता है। आर्थिक परिस्थितियाँ भी कमजोर थीं। भावनगर जिले के गोरखी गांव में जन्मे गणेश 8 भाई-बहनों में से एक हैं।

शारीरिक रूप से कमजोर होने के बावजूद गणेश की मेधा और दृढ़ संकल्प बचपन से ही अलग थे। उन्होंने 12वीं कक्षा में 87% अंक हासिल कर सबको चौंका दिया।

NEET पास किया, पर लंबाई बनी बाधा

12वीं के बाद गणेश ने NEET परीक्षा उत्तीर्ण की, लेकिन 2018 में गुजरात सरकार ने उनकी शारीरिक स्थिति का हवाला देते हुए उन्हें एमबीबीएस में प्रवेश देने से इनकार कर दिया। यह कहा गया कि कम कद की वजह से वे आपातकालीन परिस्थितियों को संभाल नहीं पाएंगे। लेकिन गणेश ने हार नहीं मानी।

हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक संघर्ष

गणेश के स्कूल प्रिंसिपल और मेंटर्स ने उन्हें आगे बढ़ने की सलाह दी। उन्होंने अपनी समस्या जिला कलेक्टर और राज्य के शिक्षा मंत्री तक पहुंचाई। इसके बाद मामला गुजरात हाई कोर्ट पहुँचा, लेकिन वहाँ से निराशा मिली।

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आखिरकार गणेश ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। देश की सर्वोच्च अदालत ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए एमबीबीएस में दाखिले का आदेश दिया। वर्ष 2019 में गणेश ने आखिरकार अपनी मेडिकल शिक्षा शुरू की।

स्वयं गणेश ने बताया-“लंबाई की वजह से मुझे खारिज कर दिया गया था”

पिछले साल एएनआई से बातचीत में गणेश ने अपनी संघर्ष यात्रा साझा की थी। उन्होंने कहा- “NEET पास करने के बाद जब मैंने फॉर्म भरा, तो मेडिकल काउंसिल की समिति ने मेरी लंबाई के कारण आवेदन खारिज कर दिया। कहा गया कि मैं इमरजेंसी केस नहीं संभाल पाऊंगा।”

उन्होंने बताया कि स्कूल प्रिंसिपल डॉ. दलपतभाई कटारिया और रेवसीश सर्वैया ने उन्हें अधिकारियों से मिलने और कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए प्रेरित किया। “हम हाई कोर्ट में केस हारे, लेकिन हिम्मत नहीं छोड़ी। फिर सुप्रीम कोर्ट में अपील की और वहां जीत मिली।”

अब बने मेडिकल ऑफिसर-पूरा देश कर रहा सलाम

आज गणेश बरैया लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन गए हैं। उनकी कहानी बताती है कि सपनों की ऊंचाई कद से नहीं, हिम्मत से तय होती है।

धर्मेंद्र के निधन के बाद हेमा मालिनी का पहला भावुक संदेश-“इतने लंबे साथ के बाद…”

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र के निधन के तीन दिन बाद उनकी पत्नी और दिग्गज अभिनेत्री हेमा मालिनी ने सोशल मीडिया पर अपना पहला भावुक संदेश साझा किया। हेमा ने अपने पोस्ट में लिखते हुए कहा कि धर्मेंद्र सिर्फ एक प्यार करने वाले पति और जिम्मेदार पिता ही नहीं थे, बल्कि हर रिश्ते को निभाने वाले बेहद स्नेही इंसान थे। उन्होंने उन्हें एक ऐसा पब्लिक फिगर बताया, जिसकी उपलब्धियां और सौम्य व्यक्तित्व उन्हें एक अनोखे आइकन के रूप में स्थापित करता है।

हेमा मालिनी का इमोशनल पोस्ट

धर्मेंद्र की एक तस्वीर साझा करते हुए हेमा मालिनी ने लिखा-“वह मेरे लिए बहुत कुछ थे… मेरे जीवनसाथी, हमारी बेटियों एशा और अहाना के स्नेही पिता, मेरे दोस्त, समझदार साथी, मार्गदर्शक, कवि और जीवन के हर मोड़ पर मेरा सहारा। सच कहूं तो वह मेरे लिए सब कुछ थे। अच्छे और मुश्किल समय में हमेशा मेरे साथ खड़े रहे।”

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हेमा लिखती हैं कि धर्मेंद्र न केवल उनके परिवार के हर सदस्य से घुल-मिल गए थे, बल्कि सभी के प्रति स्नेह और सम्मान भी रखते थे।

“सबसे अलग आइकन थे धर्मेंद्र”

हेमा मालिनी ने आगे कहा, “एक पब्लिक पर्सनैलिटी के रूप में उनकी प्रतिभा, लोकप्रियता और विनम्रता ने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री के महान कलाकारों में एक अलग पहचान दी। उनके काम और उनका प्रभाव हमेशा याद किया जाएगा।”

“जो खालीपन रह गया है, वह कभी नहीं भर सकता”

अपने निजी दर्द को बयां करते हुए हेमा ने लिखा- “मेरे व्यक्तिगत नुकसान को शब्दों में बताना मुश्किल है। उनके जाने से जो जगह खाली हुई है, वह जीवनभर नहीं भर पाएगी। इतने सालों की हमारी लंबी यात्रा के बाद अब मेरे पास उनकी अनगिनत यादें ही सहारा हैं।”

45 साल से अधिक का साथ

धर्मेंद्र और हेमा मालिनी ने 1980 में शादी की थी। हेमा ने अपनी बायोग्राफी में बताया था कि उनकी मां चाहती थीं कि वे अभिनेता जितेंद्र से शादी करें, क्योंकि धर्मेंद्र पहले से शादीशुदा और चार बच्चों के पिता थे।

लेकिन हेमा ने कहा था कि किस्मत ने उन्हें धर्मेंद्र से ही जोड़ा था। दोनों की पहली मुलाकात 1970 में ‘तू हसीन मैं जवां’ के सेट पर हुई थी।

“वह मेरी खुशी थे”

अपनी बायोग्राफी में हेमा ने लिखा है- “लोग बातें करते थे, इल्जाम लगते थे, लेकिन मुझे सिर्फ इतना पता था कि धर्मेंद्र ने मुझे हमेशा खुश रखा। मेरी जिंदगी में वही मेरी खुशी थे।”

 व्हाइट हाउस के पास की गोलीबारी- खतरनाक था इरादा, कौन है अफगानी शरणार्थी रहमानुल्लाह?

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अमेरिका में राष्ट्रपति आवास ‘व्हाइट हाउस’ से कुछ ही दूरी गोलीबारी पर हुई। इस घटना में कम से कम तीन लोग घायल हुए, जिनमें दो जवान भी शामिल हैं। दोनों जवान वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के सदस्य थे और देश की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में तैनात थे। हमला करने वाली एक संदिग्ध की पहचान अफगानी नागरिक के रूप में हुई है।

दरअसल, व्हाइट हाउस से कुछ ही दूरी पर नेशनल गार्ड के जवान गश्त पर थे, तभी हमलावर एक कोने से आया और उन पर घात लगाकर हमला कर दिया। गोलीबारी के बाद अन्य गार्ड सदस्यों ने संदिग्ध को घेर लिया और गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान 29 वर्षीय रहमानुल्लाह लकनवाल, अफगानी नागरिक के रूप में हुई है। इस संदिग्ध बंदूकधारी ने व्हाइट हाउस से कुछ ही ब्लॉक की दूरी पर वाशिंगटन डीसी में तैनात वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के दो सदस्यों को एक हिंसात्मक घटना में गोली मार दी थी।

कौन है रहमानुल्लाह?

अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रहमानुल्लाह लकनवाल, जिसने “दो नेशनल गार्ड्स को गंभीर रूप से घायल” किया था, अफगानिस्तान से एक प्रवासी है, लकनवाल ऑपरेशन एलाइज वेलकम के तहत अमेरिका में दाखिल हुआ और उन्हें वाशिंगटन के बेलिंगहैम में बसाया गया। जांच से परिचित लोगों ने बताया कि लकनवाल अमेरिका पहुंचने के बाद वाशिंगटन राज्य में रह रहा था।

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न्यूयॉर्क पोस्ट ने कानून प्रवर्तन सूत्रों के हवाले से बताया कि लकनवाल ने उत्तर-पश्चिम डीसी में फर्रागुट वेस्ट मेट्रो स्टेशन के पास करीब 2:15 बजे (स्थानीय समय) कोने पर पहुंचने से पहले इंतजार किया, इसके बाद गोलीबारी शुरू कर दी, जिसमें उसने एक महिला गार्ड के सीने में गोली मारी और फिर उसके सिर में गोली मार दी।

गश्त पर थे जवान

बताया जा रहा है कि पागल बंदूकधारी ने दूसरे गार्ड पर भी गोली चलाई – जब तक कि पास में तैनात एक तीसरा गार्ड दौड़कर उस गार्ड को पकड़ नहीं लेता। जब संदिग्ध ने उन पर गोली चलाई, तब दोनों हथियारबंद जवान सड़कों पर गश्त कर रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें पास के एक अस्पताल ले जाया गया है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

क्या था मकसद?

केंद्रीय संघीय जांच एजेंसी FBI के डायरेक्टर काश पटेल और वॉशिंगटन की मेयर म्यूरिल बाउजर ने कहा कि गार्ड के सदस्यों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। बाउजर ने कहा कि नेशनल गार्ड के सदस्यों को निशाना बनाकर गोली मारी गई है।

फिलहाल मामले की जांच जारी है। इसके पीछे हमलावरों का मकसद क्या था यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। एनबीसी ने बताया कि एफबीआई इस हमले की जांच आतंकवाद की संभावित कार्रवाई के रूप में कर रही है।

चुकानी होगी भारी कीमत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप हमला के वक्त थैंक्सगिविंग के लिए फ्लोरिडा में थे। व्हाइट हाउस के पास हुई गोलीबारी को लेकर वो एक्शन में हैं। सोशल मीडिया पर एक बयान में चेतावनी दी कि जिस “जानवर” ने गार्डों को गोली मारी, उसे “बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।”

Aaj Ka Rashifal 27 November 2025: राहु-चंद्रमा के मिलने से बनेगा ग्रहण योग, जानें आज आपका दिन कैसा रहेगा

27 नवंबर 2025 का दैनिक राशिफल—ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार आज का दिन कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। ग्रहों की चाल में आज विशेष परिवर्तन होगा। गुरु कर्क राशि में विराजमान हैं, जबकि केतु सिंह राशि में स्थित हैं। सूर्य तुला में और शुक्र व मंगल वृश्चिक राशि में गोचर कर रहे हैं। चंद्रमा दिन के उत्तरार्ध में मकर से चलकर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे, जहां राहु के साथ उनकी युति ग्रहण योग बनाएगी। वहीं शनि मीन राशि में अपना प्रभाव बनाए हुए हैं।

मेष (Aries)

आय में उतार–चढ़ाव देखने को मिल सकता है। यात्रा असुविधाजनक रहेगी, पर बड़ा नुकसान नहीं होगा। प्रेम और संतान पक्ष सामान्य रहेगा, व्यापार स्थिति बेहतर है। काले रंग की वस्तु का दान लाभकारी होगा।

वृषभ (Taurus)

कानूनी मामलों से दूरी बनाए रखें। पिता और खुद के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें। प्रेम और संतान सुख सामान्य रहेगा। व्यापार भी औसत स्थिति में रहेगा। मां काली की आराधना करना शुभ रहेगा।

मिथुन (Gemini)

सम्मान को ठेस लगने का डर बना रह सकता है। यात्राएं परेशान कर सकती हैं। धार्मिक मामलों में अति न करें और भाग्य पर निर्भर न रहें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। प्रेम और संतान से संतोष मिलेगा। व्यापार स्थिर रहेगा। काली मां को प्रणाम करें।

कर्क (Cancer)

चोट या किसी परेशानी में पड़ने की आशंका है। हालात थोड़ा प्रतिकूल रह सकते हैं। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। प्रेम व संतान पक्ष अच्छा रहेगा। व्यवसाय सामान्य रूप से चलेगा। काली वस्तु का दान करना शुभ है।

सिंह (Leo)

अपनी और जीवनसाथी की सेहत की अनदेखी न करें। नौकरी में जोखिम लेने से बचें। प्रेम संबंधों में जल्दबाजी करना हानि पहुंचा सकता है। स्वास्थ्य, प्रेम और संतान स्थिति मध्यम रहेगी। काली वस्तु दान करें।

कन्या (Virgo)

शत्रुओं पर बढ़त बनी रहेगी। विरोध करने वाले स्वयं परेशान होंगे। पैरों में चोट लग सकती है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। प्रेम व संतान स्थिति भी मध्यम रहेगी। व्यापार सही रहेगा। शनि देव के दर्शन शुभ होंगे।

तुला (Libra)

बच्चों की सेहत पर ध्यान देने की जरूरत है। रिश्तों में अनावश्यक तकरार से बचें। मानसिक तनाव बढ़ सकता है। प्रेम-संतान स्थिति सामान्य रहेगी, व्यापार ठीक-ठाक चलेगा। शनि देव को प्रणाम करें।

वृश्चिक (Scorpio)

घर में शांति भंग हो सकती है और नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव महसूस होगा। संपत्ति या वाहन खरीदारी में बाधा आ सकती है। सीने में परेशानी संभव है। प्रेम और संतान की स्थिति उत्तम, और व्यापार अच्छा रहेगा। पीली वस्तु साथ रखें।

धनु (Sagittarius)

नए व्यापार की शुरुआत न करें। नाक, कान या गले की समस्या परेशान कर सकती है। खुद की और परिवार की सेहत को लेकर सावधानी बरतें। प्रेम व संतान पक्ष ठीक रहेगा। काली वस्तु का दान शुभ रहेगा।

मकर (Capricorn)

वाणी पर नियंत्रण रखें। निवेश से बचें, आर्थिक हानि की आशंका है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, मुख रोग बढ़ सकते हैं। प्रेम और संतान स्थिति अच्छी रहेगी, व्यापार भी समर्थित रहेगा। काली मां की पूजा लाभ देगी।

कुंभ (Aquarius)

बेचैनी व मानसिक घबराहट महसूस हो सकती है। स्वास्थ्य पर ध्यान दें, मन में नकारात्मकता बढ़ सकती है। प्रेम और संतान की स्थिति अच्छी रहेगी। व्यापारिक हालात अनुकूल रहेंगे। हरी वस्तु अपने पास रखें।

मीन (Pisces)

अनावश्यक खर्च बढ़ेंगे। प्रेम और संतान पक्ष में दूरी बनी रह सकती है। पार्टनरशिप में बाधाएं आएंगी। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार सबमें मध्यम स्थिति बनी रहेगी। काली वस्तु दान करना लाभकारी होगा।

बाराबंकी में बड़ा हादसा: ओवरब्रिज तोड़कर रेलवे ट्रैक पर गिरा ट्रक

न्यूज डेस्क/सर्वोदय न्यूज:-उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में बुधवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बुढ़वल रेलवे ओवर ब्रिज पर जा रहा एक ट्रक अचानक नियंत्रण खो बैठा और बैरिकेडिंग तोड़ते हुए सीधे रेल ट्रैक पर जा गिरा। हादसे के समय उस ट्रैक से कोई ट्रेन नहीं गुजर रही थी, जिसकी वजह से बड़ी दुर्घटना टल गई। हालांकि बगल वाले ट्रैक पर एक ट्रेन खड़ी हुई दिखी, जिसके ऊपर टूटे हुए ब्रिज का कुछ मलबा गिरा, लेकिन ट्रेन को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा।

घटना के बाद स्थल पर अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही आरपीएफ, स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया। हादसे में ट्रक चालक की मौत की पुष्टि हुई है।

मिल रही जानकारी के अनुसार ट्रक में प्लाई की चादरें लदी थीं। अचानक नियंत्रण खोने के कारण कंटेनर सीधे नीचे ट्रैक पर गिर गया। जोरदार धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और बड़ी संख्या में भीड़ इकट्ठा हो गई। पुलिस ने क्रेन की मदद से ट्रक को हटवाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

रेल रूट प्रभावित, ट्रैक सुरक्षित – SSP
अधिकारियों का कहना है कि जिस ट्रैक पर ट्रक गिरा वह सुरक्षित है और ट्रेन संचालन को जल्द सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। एडिशनल SP विकास त्रिपाठी ने बताया कि ट्रेन को कोई नुकसान नहीं हुआ है और राहत-बचाव कार्य तेजी से जारी है।

रामनगर–फतेहपुर मार्ग पर बने इस ओवरब्रिज पर हादसे के चलते सड़क यातायात भी कुछ समय तक बाधित रहा। फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं और ट्रैक को जल्द बहाल किए जाने की प्रक्रिया चल रही है।

सिर्फ 20 रुपये में 2 लाख रुपये का बीमा कवर, मोदी सरकार की जबरदस्त योजना-जानें पूरी डिटेल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- केंद्र सरकार गरीब और निम्न-आय वर्ग के लोगों को ध्यान में रखते हुए कई योजनाएँ चला रही है। ऐसी ही एक बेहद किफायती और लोकप्रिय योजना है प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY), जिसके तहत नागरिकों को मात्र 20 रुपये वार्षिक प्रीमियम में 2 लाख रुपये तक का बीमा कवर उपलब्ध कराया जाता है। आइए जानते हैं इस योजना के लाभ और इसकी पूरी प्रक्रिया।

पहले कार्यकाल में की गई थी शुरुआत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना को लॉन्च किया था। यह योजना 18 से 70 वर्ष की आयु के उन लोगों के लिए है जो दुर्घटना से मृत्यु या स्थायी विकलांगता की स्थिति में वित्तीय सुरक्षा चाहते हैं।

योजना के लाभ:

  • दुर्घटना से मृत्यु या पूर्ण विकलांगता पर ₹2,00,000 का बीमा कवर
  • आंशिक विकलांगता पर ₹1,00,000 का लाभ
  • प्रीमियम मात्र ₹20 प्रति वर्ष, यानी ₹2 प्रति माह से भी कम

बैंक अकाउंड / डाकघर से ऑटो-डेबिट

योजना का कवरेज 1 जून से 31 मई तक एक वर्ष के लिए मान्य होता है। इसके लिए खाताधारक को अपने बैंक या डाकघर खाते से ऑटो-डेबिट की अनुमति देनी होती है।

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ध्यान रखने योग्य बात यह है कि किसी व्यक्ति के कई बैंक या डाकघर खाते होने पर वह केवल एक ही खाते के माध्यम से इस योजना का लाभ ले सकता है।

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) भी है फायदेमंद

सुरक्षा बीमा योजना की तरह प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना भी बेहद किफायती है। इस योजना में—

  • प्रीमियम: ₹436 प्रति वर्ष
  • बीमा कवर: ₹2,00,000
  • लाभ किसी भी कारण से मृत्यु पर नॉमिनी को दिया जाता है।
  • प्रीमियम बैंक या डाकघर खाते से ऑटो-डेबिट द्वारा एकमुश्त काटा जाता है।
  • योजना में शामिल होने की आयु सीमा 18 से 50 वर्ष है।

नामांकन के बाद 30 दिनों की प्रतीक्षा अवधि (waiting period) लागू होती है, जिसके बाद पॉलिसी सक्रिय मानी जाती है |

गूगल मैप पर भरोसा पड़ा भारी: कार कीचड़ में फंसी, इंजन गर्म होकर लगी आग—मिनटों में जलकर खाक

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के हरदोई ज़िले में गूगल मैप पर भरोसा करना एक शख्स को भारी पड़ गया। गलत रास्ते में फंसी कार कीचड़ में धँस गई और इंजन गर्म होने से उसमें आग लग गई। कुछ ही मिनटों में पूरी कार जलकर राख हो गई। हादसे में ड्राइवर ने समय रहते कूदकर अपनी जान बचा ली।

गलत रास्ता दिखा कर संकरी गलियों में पहुंचा दिया मैप

नई दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर निवासी राजन साहनी हरदोई में अपने मामा डॉ. ए.के. नथानी के यहां एक पारिवारिक कार्यक्रम में आए थे। दिल्ली लौटते समय उन्होंने गूगल मैप पर मार्ग सेट किया और उसी अनुसार कार चला रहे थे।

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मैप की दिशा का पालन करते हुए उनकी कार पिहानी चुंगी क्षेत्र की बेहद संकरी, टेढ़ी-मेढ़ी गलियों में पहुंच गई। इसी दौरान गाड़ी तालाब किनारे की कीचड़ भरी जगह पर जा फंसी।

इंजन गर्म होने से धुआं उठा, फिर भड़की आग

राजन साहनी ने कार को बाहर निकालने का कई बार प्रयास किया, लेकिन कीचड़ में फंसे पहिये ज़्यादा घूमने लगे, जिससे इंजन गर्म हो गया। कुछ मिनटों में बोनट से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते आग की तेज लपटें उठने लगीं। मौके पर हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों की मदद से चालक ने बाहर निकलकर जान बचाई।

लाखों का सामान जलकर राख

दमकल विभाग को सूचना दी गई, जिस पर फायर ब्रिगेड की टीम पहुंचकर आग बुझाई। लेकिन तब तक कार के साथ ही अंदर रखा लगभग दो लाख रुपये नकद, लैपटॉप, दो मोबाइल फोन और अन्य जरूरी सामान जलकर खाक हो चुका था। हालांकि गनीमत यह रही कि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई और कार में बैठे सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आए।

यूपी में ड्यूटी के दौरान बीएलओ की मौत, हार्ट अटैक आते ही सुपरवाइजर भागा—ग्रामीणों में आक्रोश

उत्तर प्रदेश के बरेली ज़िले से एसआईआर ड्यूटी के दौरान लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। भोजीपुरा तहसील के परदोली गांव में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य पर लगाए गए बीएलओ की अचानक हृदय गति रुकने से मौत हो गई। मृतक की पहचान प्राथमिक विद्यालय परदोली में तैनात शिक्षक सर्वेश गंगवार के रूप में हुई है।

ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ी, सुपरवाइजर मदद करने के बजाय भागा

जानकारी के अनुसार सर्वेश गंगवार एसआईआर सर्वे के कार्य में जुटे हुए थे, तभी उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मौके पर मौजूद सुपरवाइजर ने उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय वहां से भागने का प्रयास किया। इस लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

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ग्रामीणों ने खुद पहुंचाया अस्पताल, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

तबीयत तेजी से बिगड़ने पर ग्रामीणों ने स्वयं शिक्षक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने सर्वेश गंगवार को मृत घोषित कर दिया।

चार महीने पहले पत्नी का भी निधन, परिवार पर दोहरा सदमा

परिवार पहले से ही गहरे शोक में था, क्योंकि लगभग चार माह पहले सर्वेश गंगवार की पत्नी की कैंसर से मौत हो गई थी। अब इस हादसे से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

लापरवाह सुपरवाइजर पर कार्रवाई की मांग

स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ड्यूटी के दौरान मदद न करने और मौके से भागने वाले सुपरवाइजर पर सख्त कार्रवाई की जाए। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और रोष दोनों का माहौल है।

यूपी में SIR के दौरान लापरवाही पर सख्त ऐक्शन: लेखपाल-बीएलओ निलंबित, 23 कार्मिकों की सैलरी रोकी गई

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान बरती जा रही लापरवाही पर प्रशासनिक कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। आज़मगढ़ और अमरोहा जिलों में अधिकारियों ने गंभीर खामियां पाए जाने पर निलंबन से लेकर वेतन रोकने तक के निर्देश जारी किए हैं।

आजमगढ़: लेखपाल और बीएलओ निलंबित

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत चल रहे एसआईआर की समीक्षा के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी ने लालगंज विधानसभा क्षेत्र के कई बूथों का निरीक्षण किया।
शाहपुर के प्राथमिक विद्यालय स्थित बूथ संख्या 407 पर बीएलओ रफीउल्लाह का काम असंतोषजनक पाया गया। फॉर्म वितरण और डिजिटलीकरण में लापरवाही मिलने पर उन्हें निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए गए।

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उधरा कूबा स्थित प्राथमिक विद्यालय (बूथ संख्या 385) और शिवका प्राथमिक विद्यालय (बूथ संख्या 383) पर निरीक्षण के दौरान पाया गया कि लेखपाल/पर्यवेक्षक विनोद कुमार यादव ने बीएलओ को आवश्यक सहयोग नहीं दिया और कार्य में ढिलाई बरती। इस पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने लेखपाल विनोद कुमार यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए।

अमरोहा: 23 बीएलओ व सहायक कर्मियों की सैलरी रोकी

अमरोहा में भी एसआईआर कार्य में उपेक्षा सामने आने पर एसडीएम पुष्कर नाथ चौधरी ने बड़ा कदम उठाया है। निरीक्षण के दौरान मतदान केंद्रों से अनुपस्थित पाए गए 23 अध्यापक, शिक्षामित्र और अनुदेशकों—जिन्हें बीएलओ या सहायक के रूप में तैनात किया गया था—का वेतन रोकने के आदेश दिए गए हैं। इस संबंध में विभागाध्यक्षों को पत्र भी भेजा गया है।

एसडीएम ने स्पष्ट कहा कि निर्वाचन जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में ड्यूटी से अनुपस्थित पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इसके अतिरिक्त, अमरोहा में 25 बीएलओ और सुपरवाइजर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है। इससे पहले भी एक लेखपाल को निलंबित करते हुए चार कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया था।

इमरान खान जिंदा हैं या नहीं? मौत की अफवाहों के बीच बहनों पर लाठियां, देशभर में हंगामा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर हाल के दिनों में कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं। पाकिस्तान की राजनीतिक इतिहास में नेताओं की रहस्यमयी मौतें, हत्याएं और फांसी की घटनाएं पहले भी सुर्खियां बन चुकी हैं। इसी बीच सोशल मीडिया और विदेशी मीडिया में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि अदियाला जेल में बंद इमरान खान की हालत बेहद खराब है, यहां तक कि उनकी हत्या किए जाने की आशंकाएं भी जताई जा रही हैं।

इमरान खान की तीन बहनें—नूरीन खान, अलीमा खान और उज्मा खान—ने दावा किया है कि उन्हें तीन सप्ताह से अपने भाई से मिलने नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वे मुलाकात की मांग लेकर जेल पहुंचे, तो पुलिस ने उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया और लाठियां बरसाईं।

अदियाला जेल के बाहर भारी विरोध प्रदर्शन

रावलपिंडी स्थित अदियाला जेल के बाहर इमरान खान के समर्थकों की भीड़ इकट्ठा हो गई और सरकार व सेना के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। कई अन्य शहरों से भी ऐसे वीडियो सामने आए, जिनमें PTI समर्थक इमरान खान की सुरक्षा को लेकर विरोध जताते दिखे।
पार्टी का कहना है कि तीन सप्ताह से न तो उनका कोई नेता और न ही परिवार का सदस्य इमरान खान से संपर्क कर पाया है। PTI ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

“71 साल की उम्र में बाल पकड़कर घसीटा” — बहन का आरोप

पंजाब पुलिस प्रमुख उस्मान अनवर को लिखे पत्र में नूरीन नियाज़ी ने बताया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद पुलिस ने उन्हें और अन्य महिलाओं को बेरहमी से पीटा।
उन्होंने कहा, “मैंने किसी तरह की उकसावे वाली हरकत नहीं की। फिर भी 71 साल की उम्र में मुझे बाल पकड़कर घसीटा गया। मुझे चोटें आई हैं और कई महिलाओं के साथ भी यही किया गया।”

यह भी पढ़े:- सिम फ्रॉड की चेतावनी: आपके नाम पर सिम का गलत इस्तेमाल हुआ तो पुलिस पहुंचेगी,

बहनों ने यह भी कहा कि वे केवल इमरान खान की सेहत के बारे में जानकारी मांग रही थीं, क्योंकि लंबे समय से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।

वकील भी नहीं कर पा रहे मुलाकात

इमरान खान के वकील खालिद यूसुफ चौधरी ने भी बताया कि उन्हें अपने मुवक्किल से मिलने की अनुमति नहीं मिल रही। उनके अनुसार, खान तक जरूरी कानूनी दस्तावेज और व्यक्तिगत सामान भी नहीं पहुंचने दिया जा रहा है।

इस बीच, अफगानिस्तान के कुछ मीडिया संस्थानों ने यह दावा किया है कि इमरान खान की जेल में हत्या किए जाने की आशंका है। हालांकि, अब तक पाकिस्तान सरकार, सेना या जेल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है, जिससे अटकलें और तेज हो गई हैं।

बढ़ती अटकलें—इमरान खान जिंदा हैं या नहीं?

लगातार तीन हफ्तों से मुलाकात न होना, परिवार पर हमला, और सरकार की चुप्पी—इन सभी वजहों से इमरान खान की सेहत और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
पाकिस्तान में बढ़ते विरोध के बीच लोग अब सीधे सवाल पूछ रहे हैं—क्या इमरान खान सुरक्षित हैं? या फिर वे जीवित भी हैं या नहीं?