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कुछ सीटों पर ‘जीतकर भी हार’ की स्थिति संभव,महाराष्ट्र में चुनावी तस्वीर धुंधली:आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती:

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- महाराष्ट्र में ओबीसी आरक्षण को लेकर जारी विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने स्थानीय निकाय चुनावों पर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने शुक्रवार (28 नवंबर) को राज्य निर्वाचन आयोग को उन निकायों में 50% से अधिक आरक्षण अधिसूचित करने से रोक दिया है, जहां अभी चुनाव की घोषणा बाकी है।
हालांकि जहां पहले से अधिक आरक्षण तय हो चुका है, वहां मतदान तो तय कार्यक्रम के अनुसार होंगे, लेकिन नतीजे अंतिम न्यायिक फैसले पर निर्भर रहेंगे। इससे कई सीटों पर ऐसी स्थिति बन सकती है कि उम्मीदवार जीतकर भी आधिकारिक तौर पर विजेता घोषित न हो पाए।

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने महाराष्ट्र में ओबीसी आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश जारी किए। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि किसी निकाय में 50 प्रतिशत की अधिकतम सीमा का उल्लंघन होता है और बाद में आरक्षण मॉडल खारिज होता है, तो संबंधित विजेता को पद छोड़ना पड़ सकता है।

 चुनावी स्थिति: कहां क्या हो रहा है?

सुनवाई के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता बलबीर सिंह ने बताया कि 246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायतों में चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 2 दिसंबर को मतदान होना है।
इनमें से 40 नगर परिषदों और 17 नगर पंचायतों में आरक्षण 50% से अधिक तय किया गया है। वहीं, 29 नगर परिषदों, 32 जिला परिषदों और 346 पंचायत समितियों के चुनाव अभी अधिसूचित होने बाकी हैं।

इसी बीच, अदालत ने मामला तीन जजों की बड़ी पीठ को भेजते हुए 21 जनवरी को अगली सुनवाई की तारीख तय की। कोर्ट ने यह भी कहा कि जहां भी चुनाव की अधिसूचना जारी हो चुकी है, वहां मतदान बिना देरी हो। लेकिन अधिक आरक्षण वाले सभी निकायों के परिणाम याचिकाओं के अंतिम फैसले पर निर्भर रहेंगे।

दो महानगरपालिकाओं में भी आरक्षण बढ़ने की आशंका

आयोग के वकील ने कोर्ट को बताया कि केवल दो नगर निगम ऐसे हैं, जहां आरक्षण 50% से ऊपर जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि इनके चुनाव की अधिसूचना जारी की जा सकती है, लेकिन परिणाम सुरक्षित रहेंगे।

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सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने टिप्पणी की कि किसी भी परिस्थिति में समाज को जातीय विभाजन की रेखाओं में नहीं बांटा जाना चाहिए।

क्यों उलझे महाराष्ट्र के स्थानीय चुनाव?

महाराष्ट्र में दिसंबर 2021 से स्थानीय निकाय चुनाव ओबीसी आरक्षण के कारण रोक पर हैं। सुप्रीम कोर्ट ने तब कहा था कि ओबीसी आरक्षण तभी लागू किया जा सकता है जब ‘ट्रिपल टेस्ट’ की प्रक्रिया पूरी की जाए। इसके बाद मार्च 2022 में राज्य सरकार ने बंठिया आयोग का गठन किया, जिसने जुलाई 2022 में अपनी रिपोर्ट सौंपी।

मई 2025 में कोर्ट ने आयोग की रिपोर्ट से पूर्व की स्थिति के आधार पर OBC आरक्षण लागू करते हुए 4 महीने में चुनाव कराने का आदेश दिया, लेकिन पिछले हफ्ते कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी हालत में आरक्षण 50% की सीमा पार नहीं कर सकता।

स्लीपर बस में लगी आग, पुलिस की तत्परता से बचीं 45 यात्रियों की जान

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के कानपुर में शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। दिल्ली से वाराणसी जा रही एक स्लीपर बस में रामा देवी फ्लाईओवर पर अचानक आग लग गई। उस समय अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे। ड्राइवर आग लगते ही बस रोककर मौके से फरार हो गया, लेकिन पास ही यातायात पुलिस पिकेट पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति को भांपते हुए तुरंत एक्शन लिया और यात्रियों को खींच-खींचकर बस से बाहर निकाला। उनकी तत्परता से दर्जनों जानें बच गईं।

बताया गया कि बस में आग सबसे पहले ऊपर रखे सामान में लगी, जिसके बाद आग तेजी से फैलने लगी। वाराणसी की पलक ट्रैवल्स की यह स्लीपर बस गुरुवार रात दिल्ली से निकली थी और उसमें 40–45 यात्री सवार थे। ड्राइवर ने बस की छत पर भी भारी मात्रा में यात्रियों का सामान लाद रखा था। फ्लाईओवर पर पहुंचते ही संदिग्ध परिस्थितियों में सामान में आग भड़क उठी।

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पुलिस पिकेट पॉइंट से करीब 70 मीटर की दूरी पर बस में आग देखकर यातायात पुलिसकर्मी दौड़कर पहुंचे और यात्रियों को एक-एक कर बाहर निकाला। इसी बीच आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया और फ्लाईओवर पर लंबा जाम लग गया।

घटना की जानकारी मिलते ही दमकल की पांच गाड़ियाँ मौके पर पहुंचीं और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। चकेरी पुलिस ने भी पूरे अभियान में सहयोग किया। आग इतनी भीषण थी कि बस में रखा यात्रियों का पूरा सामान जलकर राख हो गया।

जाजमऊ फायर स्टेशन के अग्निशमन अधिकारी राहुल नंदन के अनुसार, आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। सौभाग्य से इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। पुलिस ने आग पर काबू पाने के बाद बस को क्रेन की मदद से हटवाकर फ्लाईओवर पर यातायात सामान्य कराया।

1978 दंगे के ‘राज़’ पर फिर शुरू हुई चर्चाएं,संभल के चर्चित कुएं की खुदाई पर बढ़ी हलचल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के संभल में उस चर्चित कुएं की खुदाई को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है, जिसके बारे में कहा जाता है कि वर्ष 1978 में हुए दंगे के कई ‘राज़’ इसमें दफन हो सकते हैं। शुक्रवार तड़के उस पेड़ को काट दिया गया, जो खुदाई कार्य में रुकावट बन रहा था। पेड़ हटते ही कुएं के फिर से खोले जाने और पुराने दंगे की यादों को लेकर शहर में तरह-तरह की बातें फैलने लगी हैं।

हालाँकि सिटी मजिस्ट्रेट ने साफ किया है कि यह खुदाई दंगों से जुड़े किसी नए खुलासे के उद्देश्य से नहीं की जा रही। उनके मुताबिक नगर पालिका द्वारा प्राचीन कुओं, कूपों और तीर्थ स्थलों को पारंपरिक स्वरूप में पुनर्स्थापित करने के अभियान के तहत ही यह कार्य कराया जा रहा है।

पुराने पेड़ ने रोकी थी खुदाई, वन विभाग ने सुबह-सुबह हटाया

संभल कोतवाली क्षेत्र स्थित एकता पुलिस चौकी के पास मौजूद यह कई दशक पुराना कुआं बुधवार को शुरू हुई खुदाई के बाद चर्चा में आया था। श्रमिकों द्वारा फावड़े से की जा रही मैन्युअल खुदाई में पास का एक विशाल पेड़ लगातार बाधा बन रहा था।
शुक्रवार की भोर में वन विभाग की टीम ने पेड़ को काटकर मार्ग साफ कर दिया, जिसके बाद कुएं की खुदाई दोबारा शुरू किए जाने की संभावना है।

नगर पालिका द्वारा नवंबर महीने से चल रहे सफाई और पुनर्संरक्षण अभियान में इस कुएं को भी शामिल किया गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कुआं वर्ष 1978 के दंगे के दौरान खूब सुर्खियों में रहा था, इसलिए इसकी खुदाई शुरू होते ही शहर में पुराने किस्से एक बार फिर चर्चा का विषय बन गए हैं।

क्या हुआ था संभल में 47 साल पहले?

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 1978 में संभल में बड़ा दंगा हुआ था, जिसमें कई निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। चर्चा है कि उसी दौरान व्यापारी रामशरण रस्तोगी की हत्या कर दी गई थी, और आरोप है कि उनका शव व दुकान का सामान इसी कुएं में फेंका गया था।
इसी वजह से जब दशकों बाद इस कुएं की सफाई और खुदाई शुरू हुई, तो शहर में एक बार फिर पुराने दंगे से जुड़े संभावित ‘राज़’ उजागर होने की बातों ने जोर पकड़ लिया।

शुक्रवार सुबह पेड़ हटाए जाने के बाद स्थानीय लोगों में उत्सुकता और बढ़ गई है, जबकि प्रशासन यह दोहराता रहा है कि यह कार्य केवल ऐतिहासिक जल स्रोतों के संरक्षण अभियान का हिस्सा है।

Aaj Ka Rashifal 28 Nov 2025: मेष, वृषभ और कन्या समेत सभी 12 राशियों के लिए बढ़ते सुख-साधन और आकस्मिक लाभ के संकेत

Aaj Ka Rashifal 28 Nov 2025: पंचांग और ग्रह-नक्षत्रों की गणना पर आधारित दैनिक राशिफल में आज 12 राशियों के जातकों के लिए नौकरी, व्यापार, स्वास्थ्य, पारिवारिक संबंधों और कई शुभ-अशुभ घटनाओं की भविष्यवाणी की गई है। ज्योतिषाचार्य, वास्तु एवं अंक ज्योतिष विशेषज्ञ आचार्य अभिषेक भट्ट ने बताया कि शुक्रवार, 28 नवंबर 2025 का दिन कई राशियों के लिए सौभाग्य लेकर आएगा।

मेष (Aries)

स्वभाव: उत्साही | राशि स्वामी: मंगल | शुभ रंग: नीला
आज का दिन धन के लिहाज से अनुकूल रहेगा। अचानक लाभ मिलने की संभावना है, जिससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और कार्यक्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करेंगे। संतान की ओर से कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है। बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। बिजनेस में बड़ी डील फाइनल होने के योग बन रहे हैं।

वृषभ (Taurus)

स्वभाव: धैर्यवान | राशि स्वामी: शुक्र | शुभ रंग: हरा
दिन व्यस्तताओं से भरा रहेगा, लेकिन सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। किसी मित्र की सलाह पर सोच-समझकर ही कदम उठाएं। परिवार में नए मेहमान के आगमन की संभावना है। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें। यात्रा के दौरान महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।

मिथुन (Gemini)

स्वभाव: जिज्ञासु | राशि स्वामी: बुध | शुभ रंग: लाल
खर्चों पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है। जीवनसाथी की सलाह फायदेमंद साबित होगी। नया काम शुरू करने का विचार पनप सकता है। वाहन खरीदने की इच्छा पूरी हो सकती है, लेकिन किसी से उधार लेकर वाहन न चलाएं। किसी अजनबी पर तुरंत भरोसा न करें।

कर्क (Cancer)

स्वभाव: भावुक | राशि स्वामी: चंद्र | शुभ रंग: ग्रे
वाणी और व्यवहार में संयम बनाए रखें। कला और कौशल में निखार आएगा। परिवार में शुभ कार्यक्रम होने की संभावना है। धार्मिक कार्यों में मन लगेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और लिया हुआ कर्ज भी उतार सकते हैं।

सिंह (Leo)

स्वभाव: आत्मविश्वासी | राशि स्वामी: सूर्य | शुभ रंग: आसमानी
काम पर ध्यान केंद्रित करें। किसी सहकर्मी से अनावश्यक विवाद हो सकता है। विद्यार्थी प्रतियोगिताओं में सफलता पा सकते हैं। किसी शुभ कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर मिलेगा। पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।

कन्या (Virgo)

स्वभाव: मेहनती | राशि स्वामी: बुध | शुभ रंग: गुलाबी
व्यापार में लाभ और नई साझेदारी के योग हैं। आय के नए स्रोत विकसित होंगे। माता-पिता के आशीर्वाद से अटका काम पूरा होगा। आंखों से संबंधित समस्या पर ध्यान दें। किसी के कहने में आकर निर्णय न लें।

तुला (Libra)

स्वभाव: संतुलित | राशि स्वामी: शुक्र | शुभ रंग: सफेद
लंबे समय से रुके कार्यों को पूरा करने का दिन है। कानूनी मामलों में राहत मिलेगी। छात्रों को उच्च शिक्षा में सफलता मिल सकती है। नए काम गति पकड़ेंगे। संतान से जुड़ी बाधाएं दूर होंगी। यात्रा के दौरान अहम जानकारी मिल सकती है।

वृश्चिक (Scorpio)

स्वभाव: रहस्यमय | राशि स्वामी: मंगल | शुभ रंग: लाल
दिन चिंता से भरा रह सकता है, लेकिन पारिवारिक विवाद सुलझेंगे। किसी नए कार्य को शुरू करने की इच्छा बनेगी। वित्तीय लेन-देन सोच-समझकर करें। दोस्तों के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। पुराना लेनदेन निपट सकता है। नई नौकरी के संकेत हैं।

धनु (Sagittarius)

स्वभाव: दयालु | राशि स्वामी: गुरु | शुभ रंग: पीला
कामकाज में आपकी पहचान बढ़ेगी। बिजनेस में योजनाओं में बदलाव करेंगे। जीवनसाथी के साथ शॉपिंग का कार्यक्रम बन सकता है। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। मित्रों से पुराना विवाद उभर सकता है। बिजनेस में अजनबियों पर भरोसा न करें।

मकर (Capricorn)

स्वभाव: अनुशासित | राशि स्वामी: शनि | शुभ रंग: गुलाबी
कामकाज में ध्यान देना होगा। सरकारी कार्य समय पर पूरे होने से राहत मिलेगी। खर्चों पर नियंत्रण आवश्यक है। दूसरों के मामलों में दखल न दें। संतान से शुभ समाचार मिलेगा। प्रॉपर्टी से जुड़े मामले में कुछ परेशानी हो सकती है।

कुंभ (Aquarius)

स्वभाव: मानवतावादी | राशि स्वामी: शनि | शुभ रंग: लाल
राजनीति से जुड़े लोगों के लिए दिन अनुकूल है। धन वृद्धि के योग हैं। अनजान लोगों से दूरी बनाए रखें। कार्यक्षेत्र में समय से पहले कार्य पूरा कर सराहना पाएंगे। घर के अटके काम पूरे होंगे। माता-पिता का आशीर्वाद साथ रहेगा।

मीन (Pisces)

स्वभाव: संवेदनशील | राशि स्वामी: बृहस्पति | शुभ रंग: गोल्डन
दिन अनुकूल है। नया काम शुरू करेंगे, जो लाभदायक रहेगा। बिजनेस में प्रगति होगी। विवाह में आ रही बाधा दूर होगी। धन संबंधी समस्याएं खत्म होंगी। परिवार के साथ सुखद समय बिताने का मौका मिलेगा। गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें। मनोकामना पूर्ण हो सकती है।

RRC NR Apprentice Recruitment 2025: रेलवे में 10वीं पास युवाओं के लिए 4116 अप्रेंटिस पद, आवेदन शुरू

RRC NR Apprentice Recruitment 2025: रेलवे में सरकारी नौकरी का सपना देखने वाले 10वीं और आईटीआई पास युवाओं के लिए बड़ा मौका आया है। रेलवे भर्ती सेल (RRC), नॉर्दर्न रेलवे ने कुल 4116 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 25 नवंबर 2025 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक उम्मीदवार RRC की आधिकारिक वेबसाइट rrcnr.org पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 24 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है। इसी दिन आवेदन शुल्क का भुगतान भी करना होगा।

इन पदों पर चयन होने वाले अभ्यर्थियों को रेलवे के विभिन्न विभागों में अप्रेंटिस के रूप में नियुक्त किया जाएगा।

योग्यता और आयु सीमा

भर्ती के लिए उम्मीदवारों को निम्न शैक्षणिक और आयु संबंधी योग्यताएँ पूरी करनी होंगी: उम्मीदवार की आयु 15 से 24 वर्ष के बीच होनी चाहिए (24 दिसंबर 2025 को आधार तिथि माना जाएगा)। SC/ST उम्मीदवारों को आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट, OBC उम्मीदवारों को 3 वर्ष की छूट, जबकि PwBD उम्मीदवारों को 10 वर्ष की छूट मिलेगी।

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उम्मीदवार ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं/SSC परीक्षा कम से कम 50% अंकों के साथ पास की हो। संबंधित ट्रेड में एनसीवीटी/एससीवीटी मान्यता प्राप्त आईटीआई सर्टिफिकेट होना जरूरी है।

Railway RRC NR Apprentice Recruitment 2025 Notification Link

Railway RRC NR Apprentice Recruitment 2025 Apply Link

आवेदन शुल्क

  • जनरल/OBC/EWS उम्मीदवारों के लिए शुल्क: 100 रुपये
  • SC, ST, PwBD और सभी महिला उम्मीदवारों के लिए शुल्क: शून्य (कोई शुल्क नहीं)

कैसे करें आवेदन

  1. उम्मीदवार RRC NR की वेबसाइट rrcnr.org पर जाएं।
  2. Apprentice Recruitment 2025 लिंक पर क्लिक करें।
  3. रजिस्ट्रेशन करने के बाद आवेदन फॉर्म भरें।
  4. जरूरी दस्तावेज अपलोड करके आवेदन शुल्क जमा करें।
  5. फॉर्म सबमिट कर प्रिंट आउट सुरक्षित रख लें।

इच्छुक उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि आवेदन करने से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन ध्यान से पढ़ लें। भर्ती से संबंधित विस्तृत जानकारी RRC NR की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

65% उछलेगा इस कंपनी का शेयर? निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी: शेयर 7% चढ़ा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-  बाजार में तेजी के बीच SAMHI Hotels के शेयरों ने गुरुवार को मजबूत उछाल दर्ज किया। सप्ताह के चौथे दिन शेयर में करीब 7% की तेज खरीदारी देखने को मिली। कारोबार के अंत में स्टॉक 6.43% उछलकर 192.85 रुपये पर बंद हुआ।

हालांकि, कंपनी का शेयर अपने 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर 254.60 रुपये से अब भी 30% से ज्यादा नीचे कारोबार कर रहा है। इसके बावजूद ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि मौजूदा स्तरों पर यह स्टॉक आकर्षक वैल्यूएशन पर उपलब्ध है।

YES Securities का बड़ा दावा—300 रुपये तक जा सकता है शेयर

ब्रोकरेज फर्म YES सिक्योरिटीज ने SAMHI Hotels पर सकारात्मक रुख बनाए रखा है। फर्म के विश्लेषकों का कहना है कि कंपनी वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में मजबूत प्रदर्शन करने की स्थिति में है।

YES सिक्योरिटीज के मुताबिक-SAMHI का पोर्टफोलियो प्रीमियम सेगमेंट की ओर शिफ्ट हो रहा है कंपनी का नेट डेब्ट/EBITDA लगातार घट रहा है, जिससे बैलेंस शीट मजबूत हो रही है| घरेलू यात्रा में बढ़ोतरी, विदेशी पर्यटकों की वापसी नॉन-मेट्रो शहरों में कारोबारी विस्तार ये सभी फैक्टर कंपनी के लिए बड़े ट्रिगर साबित हो सकते हैं।

ब्रोकरेज का अनुमान:

  • राजस्व CAGR: 13% (FY25–FY28)
  • EBITDA CAGR: 17%
  • PAT CAGR: 54%

YES सिक्योरिटीज ने शेयर का टारगेट प्राइस 300 रुपये तय किया है, जो मौजूदा भाव से करीब 65% की संभावित तेजी दिखाता है।

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शेयरखान भी बुलिश

दूसरी ब्रोकरेज फर्म शेयरखान ने भी SAMHI Hotels पर सकारात्मक रेटिंग दी है और शेयर के लिए 247 रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया है।

कब हुई थी कंपनी की लिस्टिंग?

SAMHI Hotels ने सितंबर 2023 में शेयर बाजार में लिस्टिंग की थी। कंपनी का पोर्टफोलियो इंडिया के प्रमुख होटल ब्रांडों के साथ जुड़ा है, जिसमें शामिल हैं—Renaissance, Sheraton, Hyatt Regency, Fairfield by Marriott, Holiday Inn Express, कंपनी अपस्केल, अपर-अपस्केल और मिड-स्केल कैटेगरी के प्रॉपर्टी सेगमेंट में काम करती है।

विश्व विजेता खिलाड़ियों पर जमकर बोली, दीप्ति शर्मा को यूपी वॉरियर्स ने इतने करोड़ में किया रिटेन

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स्पोर्ट्स डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-  ICC महिला वनडे विश्व कप 2025 जीतने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विश्व विजेता खिलाड़ियों की लोकप्रियता महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 की मेगा नीलामी में साफ दिखी। नीलामी में कई फ्रेंचाइजी टीमों ने स्टार खिलाड़ियों पर जमकर बोली लगाई।
सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र रही दीप्ति शर्मा, जिन्हें खरीदने के लिए कई टीमें आमने-सामने आ गईं। हालांकि यूपी वॉरियर्स ने अपने राइट टू मैच (RTM) कार्ड का इस्तेमाल करते हुए उन्हें 3 करोड़ 20 लाख रुपये में वापस अपनी टीम में शामिल कर लिया। नीलामी में वह दूसरी सबसे महंगी खिलाड़ी बनीं।

दीप्ति हाल ही में समाप्त हुए विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रही थीं और फाइनल में उनके हरफनमौला प्रदर्शन ने उन्हें नीलामी का सबसे बड़ा आकर्षण बना दिया था।

अन्य विश्व विजेता खिलाड़ियों पर भी जमकर बरसी धनराशि

नीलामी में विश्व कप टीम की अन्य सदस्यों पर फ्रेंचाइजी ने उदारता दिखाई। महत्वपूर्ण सौदे इस प्रकार रहे—

 स्नेह राणा — दिल्ली कैपिटल्स

50 लाख रुपये में खरीदा।

हरलीन देओल — यूपी वॉरियर्स

50 लाख रुपये में टीम में शामिल।

 रेणुका ठाकुर — गुजरात जायंट्स

गेंदबाजी की धाक जमाने वाली रेणुका को 60 लाख रुपये में खरीदा गया।

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 राधा यादव — RCB

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने उनके लिए 65 लाख रुपये खर्च किए।

 क्रांति गौड़ — यूपी वॉरियर्स (RTM)

टीम ने 50 लाख रुपये में RTM का उपयोग कर उन्हें वापस लिया।

श्री चरणी — दिल्ली कैपिटल्स

विश्व कप में दमदार प्रदर्शन के बाद नीलामी में लगातार बोली लगती रही और अंत में दिल्ली ने 1.30 करोड़ रुपये में उन्हें टीम से जोड़ा। उनकी बेस प्राइस सिर्फ 30 लाख रुपये थी।

अरुंधति रेड्डी — RCB

उन्हें 75 लाख रुपये में खरीदा गया।

कुछ खिलाड़ी रहीं अनसोल्ड

विश्व कप विजेता विकेटकीपर उमा छेत्री इस नीलामी में खरीदार नहीं ढूंढ पाईं और अनसोल्ड रहीं। वहीं स्मृति मंधाना, हरमनप्रीत कौर, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स और ऋचा घोष जैसी टॉप खिलाड़ी अपनी-अपनी फ्रेंचाइजियों द्वारा पहले ही रिटेन की जा चुकी थीं, इसलिए वे नीलामी का हिस्सा नहीं थीं।

योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई: लखनऊ में एडिशनल कमिश्नर सहित 3 राज्य कर अधिकारी सस्पेंड

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-  उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य कर विभाग में बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए लखनऊ विशेष अनुसंधान शाखा में तैनात अपर आयुक्त संजय कुमार मिश्र, संयुक्त आयुक्त सुशील कुमार सिंह और उपायुक्त धनश्याम मधेशिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
इन अधिकारियों पर बिना माल के 5 करोड़ रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) पास कराने का गंभीर आरोप है। विशेष सचिव, राज्य कर श्याम प्रकाश नारायण ने इनके निलंबन का आदेश जारी किया।

कैसे हुआ ITC घोटाला?

जांच में पाया गया कि नीचे दिए गए चार वाहनों के नाम पर बिना किसी वास्तविक माल के ई-वे बिल जारी किए गए  UP 82 T 9714, HR 63 E 9906, SR 38 T 9341, PB 10 V 5297 ये ई-वे बिल आकाश कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली से बिल्ड-टू: गासपेल प्रेस, सी-135 निराला नगर, लखनऊ शिप-टू गासपेल प्रेस, नादरगंज, अमौसी, लखनऊ के नाम पर बनाए गए।  इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों ने  न तो किसी वाहन मालिक, चालक या ट्रांसपोर्टर पर कार्रवाई की,  न ही कोई FIR दर्ज कराई।

जांच में लापरवाही और गड़बड़ी

जांच रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं तलाशी के दौरान अधिकारियों ने न तो फैक्ट्री गेट का CCTV फुटेज मांगा, न ही उसका रिकॉर्ड जोड़ा। माल आने के गेट रजिस्टर की एंट्री चेक नहीं की गई, जबकि बाद में पाया गया कि वह रजिस्टर अधिकारियों ने व्यापारी से लिया था। रिपोर्ट में व्यापारी के बयान पर भरोसा करके दिखा दिया गया कि “चारों वाहनों का माल फैक्ट्री में आया”, जबकि कोई भौतिक सत्यापन नहीं किया गया।

यह भी पढ़े:- ‘10 रुपये वाला बिस्कुट कितने का है’ से फेमस यूट्यूबर को विवादित वीडियो

स्टॉक रजिस्टर उपलब्ध न होने के बावजूद 3.57 करोड़ के स्टॉक को सही मान लिया गया और सिर्फ 44.87 लाख का जुर्माना लगाया गया। नियम के अनुसार, जुर्माना माल की लागत के बराबर होना चाहिए था, लेकिन केवल टैक्स के बराबर जुर्माना लगाया गया। इसके बाद 5 करोड़ रुपये का कपटपूर्ण ITC क्लेम कर लिया गया।

इन सभी अनियमितताओं को व्यापारी को “अनुचित लाभ” पहुंचाने की मंशा से किया गया माना गया है। इसी आधार पर योगी सरकार ने तीनों अधिकारियों के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई की।

‘10 रुपये वाला बिस्कुट कितने का है’ से फेमस यूट्यूबर को विवादित वीडियो पर मिली कोर्ट से जमानत

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ कई बार कानूनी परेशानी का कारण बन जाती है। ऐसा ही मामला यूपी के मेरठ से सामने आया है, जहां ‘10 रुपये वाला बिस्कुट कितने का है जी’ वीडियो से फेमस हुए यूट्यूबर शादाब जकाती को पुलिस ने विवादित कंटेंट बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया। बाद में उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई।

फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लाखों फॉलोअर्स वाले शादाब पिछले कई वर्षों से कॉन्टेंट क्रिएशन कर रहे हैं। खाड़ी देशों में काम करने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो बनाना शुरू किया और कम समय में काफी लोकप्रियता हासिल कर ली। हाल में वायरल हुए बिस्कुट वाला वीडियो भी इन्हें बड़ी पहचान दिलाने में कामयाब रहा।

किस वीडियो के कारण फंसे शादाब?

कुछ समय पहले शादाब जकाती ने अपनी पत्नी और बेटी के साथ मिलकर एक वीडियो बनाया था, जिसमें वह दुकानदार की भूमिका में नजर आते हैं। वीडियो में एक बच्ची चिप्स-बिस्किट खरीदने आती है और कहती है कि उसकी माँ पैसे देंगी। बच्ची के जाते ही शादाब उस बच्ची की माँ को लेकर अशोभनीय टिप्पणी करते हैं और बाद में पैसे लेने उसके घर पहुंचते हुए ‘पप्पी’ मांगने वाली बात कहते दिखाई देते हैं।

यह भी पढ़े:- CM सिद्धारमैया का तंज-“शब्दों में ताकत तभी है जब लोगों का जीवन बदले”, शिवकुमार

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर विरोध शुरू हो गया। शास्त्रीनगर निवासी राहुल ठाकुर ने इस वीडियो को महिलाओं की छवि धूमिल करने वाला बताते हुए डीजीपी, सीएम, महिला आयोग और बाल आयोग तक शिकायत भेजी। शिकायत में POCSO एक्ट और आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की गई।

गिरफ्तारी और जमानत

इंचौली पुलिस ने शिकायत और जांच के बाद गुरुवार को शादाब जकाती को थाने बुलाकर पूछताछ की और धारा 296 व 67 आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया।

एसडीएम सदर डॉ. दीक्षा जोशी की कोर्ट में माफीनामा और शपथपत्र देने के बाद शादाब को जमानत मिल गई। इंचौली एसओ जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने पुष्टि की कि गिरफ्तारी के बाद कोर्ट से जमानत मिलते ही उन्हें रिहा कर दिया गया।

CM सिद्धारमैया का तंज-“शब्दों में ताकत तभी है जब लोगों का जीवन बदले”, शिवकुमार के पोस्ट पर सियासी पारा चढ़ा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही खींचतान एक बार फिर सुर्खियों में है। उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के एक रहस्यमय सोशल मीडिया पोस्ट ने पार्टी के भीतर हलचल बढ़ा दी थी। अपने पोस्ट में उन्होंने कहा था कि दुनिया में सबसे बड़ी ताकत अपनी बात रखने की क्षमता है।

उनके इस बयान पर अब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी तीखा जवाब दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा- “शब्द तभी शक्ति बनते हैं, जब वे लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाएँ।”

उन्होंने आगे कहा कि जनता ने उन्हें सिर्फ कुछ पलों के लिए नहीं, बल्कि पूरे 5 साल के जनादेश के साथ जिम्मेदारी सौंपी है।

सिद्धारमैया ने सरकारी योजनाओं का किया उल्लेख

CM सिद्धारमैया ने अपनी पोस्ट में सरकार की गारंटी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी टीम ने सत्ता संभालते ही वादों को धरातल पर उतारने का काम शुरू कर दिया।

उन्होंने शक्ति, गृह लक्ष्मी, युवा निधि जैसी प्रमुख योजनाओं को इस बात का उदाहरण बताया कि उनकी सरकार केवल बातों पर नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई पर विश्वास करती है।

“हमारी प्रतिबद्धता नारेबाजी नहीं” — सिद्धारमैया

सिद्धारमैया ने लिखा- “कर्नाटक की जनता का मैंडेट एक क्षणिक निर्णय नहीं, बल्कि 5 साल की पूरी जिम्मेदारी है। कांग्रेस अपनी करुणा, निरंतरता और साहस के साथ लोगों के लिए काम कर रही है।”

शिवकुमार का पोस्ट क्या कहता है?

इससे पहले उपमुख्यमंत्री शिवकुमार ने लिखा था- “शब्दों का प्रभाव सबसे बड़ा होता है… दुनिया में अपनी बात रखने से बड़ी शक्ति कोई नहीं, भले वह जज हो, प्रेसिडेंट हो या मैं ही क्यों न हूँ।”

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राजनीतिक जानकारों के मुताबिक उनका यह संदेश सत्ता साझेदारी को लेकर चल रही असंतोष की ओर संकेत देता है।

पावर शेयरिंग फार्मूले पर बढ़ रही दरार

कर्नाटक कांग्रेस में सिद्धारमैया बनाम शिवकुमार की जंग अब खुलकर सामने आने लगी है। बताया जाता है कि 2023 विधानसभा चुनाव के बाद दोनों नेताओं के बीच ढाई-ढाई साल का पावर-शेयरिंग फॉर्मूला तय हुआ था।
लेकिन अब हालात ऐसे दिख रहे हैं कि सिद्धारमैया पद छोड़ने को इच्छुक नहीं हैं, जबकि शिवकुमार का गुट उन्हें मुख्यमंत्री बनाने के लिए जोरदार लॉबिंग कर रहा है। पार्टी के लिए यह अंदरूनी टकराव एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।