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मद्रास हाई कोर्ट के जज पर महाभियोग की तैयारी, 120 सांसदों ने स्पीकर को सौंपा नोटिस

संसद के मौजूदा शीतकालीन सत्र में मद्रास हाई कोर्ट के एक वर्तमान जज के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने की दिशा में विपक्षी दलों ने बड़ा कदम उठाया है। इंडिया गठबंधन से जुड़े करीब 120 सांसदों ने जस्टिस जी.आर. स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग नोटिस पर हस्ताक्षर किए और इसे मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंपा।

नोटिस सौंपने के दौरान स्पीकर के चैम्बर में DMK की सांसद और संसदीय दल की नेता कनिमोझी, टी.आर. बालू, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी मौजूद थे। 9 दिसंबर को तैयार किए गए इस प्रस्ताव में संविधान के अनुच्छेद 217 और 124 के तहत जस्टिस स्वामीनाथन को पद से हटाने की मांग की गई है।

जस्टिस स्वामीनाथन पर क्या आरोप लगाए गए?

महाभियोग नोटिस में आरोप है कि जस्टिस स्वामीनाथन के आचरण ने न्यायिक निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन पर एक वरिष्ठ वकील और एक विशेष समुदाय से जुड़े वकीलों का अनुचित समर्थन करने तथा हाल के फैसलों में राजनीतिक विचारधारा के प्रभाव का आरोप लगाया गया है। विपक्षी दलों का कहना है कि यह रवैया भारतीय संविधान के सेक्युलर सिद्धांतों के खिलाफ है। नोटिस के साथ राष्ट्रपति और मुख्य न्यायाधीश को भेजे गए पत्रों की प्रतियां भी संलग्न की गई हैं।

DMK ने यह कदम क्यों उठाया?

DMK की नाराजगी की जड़ हाल ही में आया वह आदेश है, जिसमें जस्टिस स्वामीनाथन ने मदुरै स्थित थिरुपरनकुंद्रम पहाड़ियों पर बने मंदिर में पारंपरिक कार्तिगई दीपम जलाने का निर्देश दिया था। हाई कोर्ट ने कहा था कि इस धार्मिक अनुष्ठान से दरगाह या मुस्लिम समुदाय के अधिकारों पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन तमिलनाडु सरकार ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए आदेश लागू करने से इनकार कर दिया था।

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DMK का आरोप है कि इस आदेश के बाद राज्य में भाजपा ने सांप्रदायिक तनाव भड़काने की कोशिश की। इसके बाद राज्य सरकार ने हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचाया। सुप्रीम कोर्ट ने 5 दिसंबर को तमिलनाडु सरकार की याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमति जताई थी।

मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने 4 दिसंबर को जिला प्रशासन और पुलिस की अपील खारिज करते हुए एकल न्यायाधीश के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें श्रद्धालुओं को दीपथून पर कार्तिगई दीपम जलाने की अनुमति दी गई थी। आदेश के पालन न होने पर अदालत ने 3 दिसंबर को फिर से निर्देश दिया कि श्रद्धालु स्वयं दीप जला सकते हैं और सुरक्षा की जिम्मेदारी CISF को सौंपी। (भाषा इनपुट्स के साथ)

क्या PM को CJI पर भरोसा नहीं? चुनाव सुधार बहस में राहुल गांधी के तीखे सवाल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- लोकसभा में चुनाव सुधार पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि “वोट चोरी” किसी भी राष्ट्र के खिलाफ सबसे बड़ा अपराध है और आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के कुछ लोग इस प्रकार की गतिविधियों को अंजाम देकर “आइडिया ऑफ इंडिया” को कमजोर कर रहे हैं।
चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने सत्तापक्ष और आरएसएस पर निर्वाचन आयोग सहित संस्थाओं पर कब्जा करने का आरोप भी लगाया।

राहुल गांधी ने रखी कई मांगें

चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए राहुल गांधी ने कहा कि—चुनाव से एक महीने पहले सभी पार्टी को मशीन से पढ़ने योग्य मतदाता सूची दी जाए। मतदान के दौरान की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराई जाए। ईवीएम की संरचना और कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी साझी की जाए।

उन्होंने 2023 में पारित उस कानून को बदलने की मांग की, जिसके तहत चुनाव आयुक्तों को “काफी अधिक स्वतंत्रता” प्रदान की गई है।

CJI को चयन समिति से हटाने पर सवाल

राहुल गांधी ने सरकार से पूछा कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करने वाली समिति से CJI को क्यों हटाया गया? उन्होंने कहा-“CJI को सिलेक्शन पैनल से क्यों हटाया गया? क्या CJI पर भरोसा नहीं है?”

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विपक्ष के नेता होने के नाते वे स्वयं इस समिति का हिस्सा हैं, लेकिन उनका कहना है कि उनके पास “संख्या बल नहीं होने” के कारण वहां उनकी आवाज़ कमजोर पड़ जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि समिति में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की मौजूदगी के चलते निर्णय एकतरफा हो जाते हैं।

चुनाव आयुक्तों को सजा से छूट पर भी उठाए सवाल

राहुल गांधी ने 2023 में पास किए गए एक और कानून का जिक्र किया, जिसमें CJI की जगह एक केंद्रीय मंत्री को तीन सदस्यीय समिति में शामिल किया गया है। यह समिति राष्ट्रपति को चुनाव आयुक्तों के नाम सुझाती है। इसके अलावा उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाया कि— चुनाव आयुक्तों को उनकी “आधिकारिक क्षमता में किए गए कार्यों पर” कानूनी कार्रवाई से छूट देने वाला कानून क्यों पारित किया गया?

IND vs SA 1st T20I Live Streaming: फ्री में ऐसे देखें पहला टी20 मैच, कटक में होगी रोमांचक भिड़ंत

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स्पोर्ट्स डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज आज मंगलवार, 9 दिसंबर से शुरू होने जा रही है। पहला मुकाबला कटक के बाराबती स्टेडियम में खेला जाएगा। टेस्ट और वनडे सीरीज के बाद अब दोनों टीमें टी20 फॉर्मेट में आमने-सामने होंगी। टेस्ट सीरीज दक्षिण अफ्रीका ने जीती थी, जबकि भारत ने वनडे सीरीज पर कब्जा किया था। ऐसे में टी20 सीरीज बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि टी20 विश्व कप 2026 की तैयारियाँ भी इसी के साथ तेज हो जाएंगी।
जानिए कब, कहां और कैसे देख सकते हैं पहला टी20 मुकाबला—वो भी बिल्कुल फ्री में।

IND vs SA 1st T20I: मैच कब खेला जाएगा?

भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका टी20 सीरीज का पहला मुकाबला मंगलवार, 9 दिसंबर को खेला जाएगा।

पहला टी20 मैच कहाँ होगा?

IND vs SA का पहला टी20 मैच कटक के बाराबती स्टेडियम में आयोजित होगा।

मैच कितने बजे शुरू होगा?

मैच शुरू होने का समय: शाम 7:00 बजे (IST), टॉस: शाम 6:30 बजे,  इस मुकाबले में भारतीय टीम की कप्तानी सूर्यकुमार यादव, जबकि दक्षिण अफ्रीका की कमान एडेन मार्करम संभालेंगे।

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IND vs SA T20 Live Telecast: टीवी पर कैसे देखें लाइव?

पहले टी20 मैच का लाइव प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर उपलब्ध रहेगा। यहां आपको हिंदी, अंग्रेजी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में कमेंट्री सुनने का विकल्प मिलेगा।

IND vs SA 1st T20I Live Streaming: ऑनलाइन कहां देखें?

इस मुकाबले की लाइवस्ट्रीमिंग हॉटस्टार ऐप और हॉटस्टार की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी।
हॉटस्टार पर भी मल्टी-लैंग्वेज कमेंट्री का विकल्प मिलेगा।

IND vs SA Match Free में कैसे देखें?

यदि आप यह मैच फ्री में टीवी पर देखना चाहते हैं, तो आपके पास DD Free Dish होना चाहिए। DD Sports चैनल पर सभी भारतीय घरेलू मैचों का लाइव टेलीकास्ट बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध रहता है।

इसके अलावा मैच से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट और लाइव स्कोर के लिए आप किसी भी प्रमुख स्पोर्ट्स न्यूज पोर्टल या लाइव स्कोर सेक्शन पर विजिट कर सकते हैं।

Aaj Ka Rashifal 9 December 2025: आज का राशिफल: मेष से मीन तक जानिए कैसा रहेगा आपका दिन

Aaj Ka Rashifal 9 December 2025:- ग्रहों की चाल के अनुसार 9 दिसंबर 2025 का दिन कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण संकेत लेकर आया है। इस समय गुरु मिथुन में, चंद्रमा कर्क में, केतु सिंह में, सूर्य-बुध-शुक्र वृश्चिक में, मंगल धनु में, राहु कुंभ में और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। आइए जानें, सभी 12 राशियों के लिए आज का दिन कैसा रहेगा—

मेष राशि

स्वास्थ्य काफी हद तक बेहतर रहेगा। प्रेम और संतान से जुड़ी स्थिति सामान्य बनी रह सकती है। व्यापार में लाभ के संकेत हैं। घर के लिए किसी सुविधा से जुड़ी वस्तु की खरीदारी संभावित है। भौतिक सुख-सुविधा में वृद्धि के योग। किसी तरह के वाद-विवाद से बचें। पीले रंग से जुड़े वस्त्र या सामान शुभ रहेंगे।

वृषभ राशि

सरकारी कार्यों में सहयोग प्राप्त होगा। स्वास्थ्य में सुधार दिखेगा। प्रेम और संतान पक्ष मजबूत रहेगा। व्यापार बेहद अनुकूल। यह समय व्यावसायिक विस्तार के लिए विशेष लाभकारी हो सकता है। पीली वस्तु का दान शुभता बढ़ाएगा। काली माता का स्मरण लाभकारी रहेगा।

मिथुन राशि

जीवनसाथी के साथ संबंधों में कुछ दूरी की संभावना है, सावधानी रखें। नौकरी में जोखिम न लें और फिलहाल निवेश से बचें। वाणी पर नियंत्रण आवश्यक। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार की स्थिति संतुलित रहेगी। लाल वस्तु का दान शुभकारी होगा।

कर्क राशि

आप दिनभर सकारात्मक बने रहेंगे। स्वास्थ्य में सुधार के संकेत हैं। प्रेम और संतान पक्ष औसत रहेगा। क्रोध पर नियंत्रण जरूरी है। व्यापारिक स्थिति सामान्य रहेगी। लाल रंग से जुड़ी वस्तु अपने पास रखें।

सिंह राशि

मन में बेचैनी और चिंताएँ बढ़ सकती हैं। खर्च बढ़ने से तनाव संभव है। प्रेम संबंधों में कमी का अनुभव हो सकता है, हालांकि संतान की स्थिति में सुधार रहेगा। कुल मिलाकर दिन थोड़ा अस्थिर रह सकता है, लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं होगा। लाल वस्तु साथ रखना शुभ।

कन्या राशि

आय के नए स्रोत बनेंगे, साथ ही पुराने स्रोतों से भी धन प्राप्ति के योग हैं। घरेलू वातावरण थोड़ा गरम हो सकता है। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार सामान्य से बेहतर रहेंगे। लाल वस्तु का दान करना लाभ देगा।

तुला राशि

कानूनी मामलों में सफलता मिलेगी। आपके प्रयास रंग लाएंगे, पर अत्यधिक उत्साह में कोई निर्णय न लें। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार सभी क्षेत्रों में स्थितियाँ अच्छी रहेंगी। बजरंगबली का आशीर्वाद लेना शुभ माना गया है।

वृश्चिक राशि

स्वास्थ्य और संतान पक्ष उत्तम रहेगा। मानसिक रूप से थोड़ी उथल-पुथल की संभावना है। वाणी में कठोरता से बचें, अन्यथा रिश्तों पर प्रभाव पड़ सकता है। लाल रंग की वस्तु पास रखना शुभ।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए समय काफी अनुकूल रहेगा। प्रेम और संतान पक्ष में नजदीकियाँ बढ़ेंगी। स्वास्थ्य थोड़ा कमजोर रह सकता है—चोट या किसी परेशानी से सावधान रहें। व्यापार ठीक चलता रहेगा। लाल वस्तु अपने पास रखें।

मकर राशि

जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। करियर में उन्नति के अवसर बनेंगे। खर्च थोड़ा बढ़ सकता है जिससे मन में तनाव संभव है। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार सामान्य रूप से अच्छे रहेंगे। लाल वस्तु का दान शुभ रहेगा।

कुंभ राशि

शत्रुओं पर विजय के योग हैं। ज्ञान और गुणों में वृद्धि होगी। बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त होगा। प्रेम, संतान और व्यापार की स्थिति अनुकूल रहेगी। हरी वस्तु साथ रखना शुभ।

मीन राशि

विद्यार्थियों के लिए दिन अत्यंत उपयुक्त। पढ़ाई-लिखाई के लिए अच्छा समय। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। प्रेम और संतान से जुड़ी स्थिति बेहतर होगी। व्यापार भी संतोषजनक रहेगा। भगवान शिव का जलाभिषेक करना शुभ माना गया है।

AIIMS गोरखपुर में सीनियर रेजिडेंट की सीधी भर्ती 2025: योग्यता, वेतन और चयन प्रक्रिया

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- गोरखपुर स्थित ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (AIIMS Gorakhpur) ने वर्ष 2025 के लिए सीनियर रेजिडेंट के 61 पदों पर भर्ती की घोषणा की है। इस भर्ती की खास बात यह है कि उम्मीदवारों को लंबी ऑनलाइन प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा और वॉक-इन इंटरव्यू के जरिए चयन किया जाएगा।

कुल पद और विभाग

AIIMS गोरखपुर ने इस भर्ती में 12 से अधिक मेडिकल विभागों में 61 पदों की घोषणा की है।

  • एनेस्थीसिया और ट्रॉमा/इमरजेंसी विभाग: 10-10 पद
  • जनरल मेडिसिन और जनरल सर्जरी: 7-7 पद
  • पीडियाट्रिक्स: 4 पद
    सभी वर्गों (SC, ST, OBC, EWS, UR) के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं।

योग्यता

  • उम्मीदवार के पास NMC मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से MD, MS या DNB डिग्री होनी चाहिए।
  • ट्रॉमा और इमरजेंसी विभाग के लिए संबंधित शाखाओं की डिग्री मान्य है: एनेस्थीसिया, इमरजेंसी मेडिसिन, जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स।

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  • इंटरव्यू के समय एनएमसी/एमसीआई/स्टेट रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है।
  • पहले किसी सरकारी अस्पताल में 3 वर्ष की सीनियर रेजिडेंसी पूरी कर चुके उम्मीदवार इस भर्ती के लिए पात्र नहीं हैं।

आयु सीमा

  • अधिकतम आयु: 45 वर्ष (10 दिसंबर 2025 तक)
  • SC/ST: 5 वर्ष की छूट
  • OBC: 3 वर्ष की छूट
  • दिव्यांग उम्मीदवार: 10–15 वर्ष की छूट

वेतन और भत्ते

चयनित उम्मीदवार को 67,700 रुपये प्रति माह (लेवल-11, 7th CPC) मिलेगा। इसके अलावा सामान्य भत्ते और एनपीएस (यदि लागू) भी प्रदान किए जाएंगे।

चयन प्रक्रिया

  • सभी योग्य उम्मीदवार सीधे वॉक-इन इंटरव्यू में शामिल होंगे।
  • यदि किसी विभाग में आवेदन अधिक होंगे, तो लिखित परीक्षा भी आयोजित की जा सकती है।
  • अंतिम चयन इंटरव्यू प्रदर्शन के आधार पर होगा।

आवेदन प्रक्रिया

  • उम्मीदवार आवेदन फॉर्म (Annexure I) और बायोडाटा (Annexure II) डाउनलोड कर भरें।
  • NEFT ट्रांजैक्शन विवरण फॉर्म में दर्ज करें।
  • इंटरव्यू के दिन भरा हुआ फॉर्म, शुल्क रसीद और सभी मूल प्रमाणपत्र साथ लाएं।
  • सरकारी संस्थान में कार्यरत उम्मीदवारों के लिए NOC अनिवार्य है।

वॉक-इन इंटरव्यू की तारीख: 10 दिसंबर 2025, स्थान और रिपोर्टिंग टाइम: AIIMS गोरखपुर की वेबसाइट पर उपलब्ध

पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का दावा: असदुद्दीन ओवैसी के पूर्वज हिन्दू, ब्राह्मण कुल में जन्म

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- यूपी के कैसरगंज से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने सोमवार को एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी पर विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ओवैसी के पूर्वज हिन्दू थे और उनका जन्म ब्राह्मण कुल में हुआ।

पूर्व सांसद शहर में एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे थे और उन्होंने वंदे मातरम के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा। उनका कहना था कि वंदे मातरम पर विवाद केवल कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा है, और इस गाने से किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “वंदे मातरम को आधार बनाकर स्वतंत्रता संग्राम लड़ा गया। इस लड़ाई में बड़ी संख्या में मुस्लिम भी शामिल थे। अंग्रेजों ने भारत और पाकिस्तान को मज़हब के नाम पर बांटा।”

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साथ ही उन्होंने कल्कि धाम पर भी अपने विचार साझा किए। बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि कल्कि धाम बहुत सुंदर बन रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका शिलान्यास किया था और आचार्य प्रमोद कृष्णम कामकाज देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में वर्णित है कि कलयुग के अंत में कल्कि भगवान का अवतार होगा।

यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, हालांकि लाइव हिन्दुस्तान ने किसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं की है।

भगवान से मन्नत मांगने का सही तरीका क्या है? जानें प्रेमानंद महाराज ने क्या कहा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- सनातन धर्म में मन्नत मांगने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। अक्सर लोग भगवान से किसी विशेष काम के पूरा होने के लिए मन में इच्छा व्यक्त करते हैं और मन्नत पूरी होने पर उनका आभार प्रकट करते हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या भगवान से मन्नत मांगने का कोई सही तरीका है?

वृंदावन के जाने-माने संत प्रेमानंद महाराज ने इस पर स्पष्ट उत्तर दिया। एक शिष्य ने उनसे पूछा कि क्या यह सही है कि हम कहें—“भगवान, आप मेरी यह मनोकामना पूरी कर दो, तो मैं आपको ऐसा करूंगा।”

भगवान से हक से मांगें

प्रेमानंद महाराज ने कहा कि भगवान से ऐसा कहना ठीक नहीं है। भगवान हमारे परम दाता हैं और हम उनके बच्चे। जैसे हम अपने पिता से बिना किसी शर्त के मदद मांगते हैं, वैसे ही भगवान से भी सीधे अपने हक और जरूरत के अनुसार मांग करनी चाहिए।

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महाराज ने कहा, “भगवान से सीधे कहें—‘हे प्रभु, यह हमारी समस्या है, इसका समाधान कीजिए।’ किसी शर्त के साथ नहीं, बिना किसी लालच या वचन के।”

भोग अर्पित करने का तरीका

महाराज ने यह भी स्पष्ट किया कि भोग या चढ़ावा भगवान को समर्पित करना हमेशा आभार और श्रद्धा से होना चाहिए, न कि किसी शर्त या मांग के लिए। उन्होंने कहा, “अज्ञानवश हम कहते हैं कि अगर भगवान मेरी मनोकामना पूरी करें तो 100 रुपये के लड्डू का भोग लगाऊंगा। ऐसा नहीं होना चाहिए। भोग हमेशा भगवान को समर्पित भाव से लगाएं, लेकिन मांग सीधे अपने हक और आवश्यकता के अनुसार करें।”

संदेश यह है कि भगवान से मन्नत पिता की तरह प्रेम और विश्वास के साथ मांगनी चाहिए, शर्तों और सौदों के साथ नहीं।

कांग्रेस का नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी पर बड़ा ऐक्शन, पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- कांग्रेस पार्टी ने पंजाब में एक बड़े राजनीतिक विवाद के बीच नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी और पूर्व विधायक नवजोत कौर सिद्धू के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई उस बयान के बाद हुई जिसमें उन्होंने दावा किया था कि “500 करोड़ रुपये का सूटकेस देने वाला ही मुख्यमंत्री बनता है।”

क्या था विवादित बयान?

राज्य की कानून-व्यवस्था और अन्य मुद्दों को लेकर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात के बाद नवजोत कौर सिद्धू ने मीडिया से कहा था कि “हम हमेशा पंजाब और पंजाबियत की बात करते हैं, लेकिन हमारे पास मुख्यमंत्री बनने के लिए 500 करोड़ का सूटकेस देने की क्षमता नहीं है।”
उन्होंने यह भी कहा कि किसी ने उनसे पैसा नहीं मांगा, लेकिन “जो 500 करोड़ का सूटकेस देता है, वही मुख्यमंत्री बन जाता है।”

सफाई भी काम नहीं आई

विवाद बढ़ने के बाद नवजोत कौर ने सोशल मीडिया पर सफाई दी कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल यह कहा था कि कांग्रेस ने उनसे कभी कुछ नहीं मांगा और न ही उनके पास किसी को देने के लिए ऐसा पैसा है।

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लेकिन यह सफाई कांग्रेस हाईकमान को संतुष्ट नहीं कर पाई और उनसे पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छीन ली गई।

विपक्ष का कांग्रेस पर हमला

उनके बयान पर भाजपा और आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस को घेरते हुए दावा किया कि इससे पार्टी की “अंदरूनी सच्चाई” उजागर हो गई है। दोनों दलों ने कांग्रेस पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।

केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू का बड़ा बयान

केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने भी नवजोत कौर के बयान का समर्थन कर कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि,
“जब मेरे दादाजी मुख्यमंत्री थे तब कांग्रेस में ऐसी चीजें नहीं होती थीं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में स्थिति बदल गई है। इसी वजह से मेरे जैसे लोग पार्टी छोड़ चुके हैं।”

इसके साथ ही बिट्टू ने कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे पर भी सवाल उठाए और कहा कि उन्हें नहीं लगता कांग्रेस इस मामले की जांच कराएगी। उन्होंने अपने पुराने अनुभवों का हवाला देते हुए कई गंभीर आरोप भी लगाए।

इस पूरे मामले ने पंजाब की राजनीति में हलचल मचा दी है और कांग्रेस के लिए नया सिरदर्द खड़ा कर दिया है।

MP में मंत्री का भाई गांजा तस्करी में गिरफ्तार, धान की बोरियों में छिपाकर रखा था लाखों का माल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य प्रदेश के सतना जिले में नशा तस्करी का एक हाई-प्रोफाइल मामला सामने आया है। प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के सगे भाई अनिल बागरी को पुलिस ने गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के नेटवर्क से 46 किलो 134 ग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी कीमत लगभग 9.22 लाख रुपये आंकी गई है।

एडिशनल एसपी प्रेमलाल कुर्वे के अनुसार पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र के मरौहा गांव में बड़ी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ छिपाए गए हैं। इसके बाद 7–8 दिसंबर की रात पुलिस टीम ने मरौहा निवासी पंकज सिंह के घर छापा मारा। घर के बाहर रखी धान की बोरियों के नीचे से चार संदिग्ध बोरी मिलीं जिनमें 48 पैकेट गांजा रखा हुआ था।

पूछताछ में पंकज सिंह ने बताया कि यह पूरा माल मंत्री के भाई अनिल बागरी और उसके जीजा शैलेंद्र सिंह का है। इसके बाद पुलिस ने सोमवार को अनिल बागरी को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह शैलेंद्र सिंह चलाता था, जिसे यूपी के बांदा में 3 दिसंबर को गांजा तस्करी के केस में गिरफ्तार किया जा चुका है।

यह भी पढ़े:- इंडिगो ने DGCA को सौंपा जवाब, बोली– ‘संकट का कारण बताना संभव नहीं’

सोमवार को अनिल बागरी और पंकज सिंह को विशेष एनडीपीएस अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 19 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। तीनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 8/20 और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है।

इस मामले में मंत्री के बहनोई शैलेंद्र सिंह का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। इससे पहले सिंहपुर पुलिस ने उसे नशीली कफ सिरप तस्करी में गिरफ्तार किया था, जिसमें करीब 5.5 करोड़ रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ था।

रैगांव की पूर्व विधायक कल्पना वर्मा ने इस घटना पर सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया है कि नशा-विरोधी अभियान चलाने वाली सरकार के ही मंत्री के रिश्तेदार नशा तस्करी में पकड़े जा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

इंडिगो ने DGCA को सौंपा जवाब, बोली– ‘संकट का कारण बताना संभव नहीं’

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- इंडिगो एयरलाइंस ने हाल ही में देशभर में बड़े पैमाने पर हुई फ्लाइट कैंसिलेशन और ऑपरेशनल गड़बड़ियों पर नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा जारी शो-कॉज नोटिस का विस्तृत जवाब भेज दिया है। नियामक संस्था के अनुसार, एयरलाइन की ओर से CEO और COO द्वारा हस्ताक्षरित जवाब 8 दिसंबर 2025 को शाम 6:01 बजे जमा किया गया। बीते दिनों देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर हजारों यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद DGCA ने तत्काल स्पष्टीकरण मांगा था। अब DGCA इंडिगो के उत्तर की विस्तृत जांच कर रहा है और जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई करने की बात कही है।

इंडिगो ने क्या कहा?

एयरलाइन ने अपने जवाब में यात्रियों से खेद प्रकट करते हुए कहा है कि यह पूरा संकट कई अलग-अलग वजहों के एक साथ अप्रत्याशित रूप से उभरने के कारण हुआ। कंपनी का कहना है कि फिलहाल इस अव्यवस्था का “सटीक मूल कारण निर्धारित करना संभव नहीं है” और परिचालन की जटिलता को देखते हुए उन्हें अधिक समय दिया जाना चाहिए। इंडिगो ने कहा कि DGCA नियमों के अनुसार कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए 15 दिन का समय मिलता है, इसलिए “मूल कारण विश्लेषण” पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय आवश्यक है। एयरलाइन का कहना है कि विश्लेषण पूरा होते ही उसे नियामक के साथ साझा किया जाएगा।

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गौरतलब है कि DGCA ने 6 दिसंबर को नोटिस जारी कर 7 दिसंबर तक जवाब मांगा था। इंडिगो की मांग पर समय सीमा बढ़ाई गई और फिर 8 दिसंबर को एयरलाइन ने अपना जवाब सौंप दिया।

एयरलाइन ने किन कारणों का उल्लेख किया?

प्रारंभिक जांच में इंडिगो ने पांच मुख्य वजहें गिनाई हैं—छोटी-छोटी तकनीकी खामियां, विंटर शेड्यूल के चलते समयसारिणी में बदलाव, खराब मौसम, एयर ट्रैफिक में अचानक बढ़ोतरी, नए क्रू रोस्टर नियम FDTL Phase II लागू होने की चुनौतियां |

एयरलाइन ने बताया कि FDTL Phase II के प्रावधानों को लेकर वह पहले से ही DGCA के साथ चर्चा कर रही थी और इन नियमों में कुछ राहत की मांग भी की थी। इन सभी कारणों के संयुक्त प्रभाव से दिसंबर की शुरुआत में नेटवर्क की ऑन-टाइम परफॉर्मेंस प्रभावित हुई, जिसके चलते क्रू की उपलब्धता भी कम हुई और कैंसिलेशन लगातार बढ़ते गए।

स्थिति संभालने के लिए उठाए गए कदम

इंडिगो ने बताया कि 5 दिसंबर को “नेटवर्क रीबूट” जैसा कठोर कदम उठाना पड़ा, जिसमें कई उड़ानों को रद्द किया गया ताकि एयरपोर्ट्स पर दबाव कम किया जा सके, फंसे यात्रियों को राहत दी जा सके और क्रू व एयरक्राफ्ट की पुन: तैनाती सही ढंग से हो सके। कंपनी का दावा है कि 6 दिसंबर से परिचालन धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगा।

साथ ही एयरलाइन का कहना है कि यात्रियों को समय-समय पर जानकारी, भोजन-पानी, होटल आवास और स्थानीय परिवहन जैसी सुविधाएं DGCA के नियमों के अनुरूप उपलब्ध कराई गईं। अधिकांश यात्रियों के रिफंड भी प्रोसेस किए जा चुके हैं।

फिलहाल DGCA इंडिगो के विस्तृत जवाब की समीक्षा कर रहा है और आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि नियामक आगे क्या कदम उठाता है।