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Aaj Ka Rashifal 10 December 2025: जानें आज कैसा रहेगा आपका दिन, मेष से मीन तक सभी राशियों का हाल

Aaj Ka Rashifal 10 December 2025:- 10 दिसंबर 2025 का दिन ग्रहों की चाल के साथ कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। वर्तमान ग्रह स्थिति के अनुसार गुरु मिथुन में, चंद्रमा और केतु सिंह में, सूर्य–बुध–शुक्र वृश्चिक में, मंगल धनु में, राहु कुंभ में और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का आज का राशिफल—

मेष राशि

दिनभर मानसिक बेचैनी और अनजाना भय महसूस हो सकता है। प्रेम संबंधों या संतानों को लेकर चिंता बढ़ सकती है। शारीरिक रूप से स्थिति बेहतर रहेगी, लेकिन मानसिक तनाव बना रह सकता है। व्यापार सामान्य से अच्छा रहेगा। सूर्य को जल अर्पित करना शुभ माना गया है।

वृषभ राशि

घर–परिवार में विवाद या तनाव की स्थिति बन सकती है। संपत्ति या भौतिक वस्तुओं की खरीद में अड़चनें आ सकती हैं। रक्तचाप में उतार-चढ़ाव संभव है। प्रेम और संतान से जुड़ी स्थिति अनुकूल रहेगी। व्यापार में लाभ के संकेत हैं। तांबे की वस्तु दान करना शुभ रहेगा।

मिथुन राशि

किए गए प्रयास उम्मीद के अनुरूप रंग नहीं दिखा पाएंगे। नाक, कान या गले से संबंधित दिक्कतें सताती रह सकती हैं। प्रेम और संतान की स्थिति ठीक रहेगी। व्यापार सामान्य रहेगा। तांबे का दान लाभकारी होगा।

कर्क राशि

वित्तीय नुकसान से सावधान रहें, किसी भी प्रकार का निवेश फिलहाल टालें। वाणी पर संयम रखें वरना विवाद की स्थिति बन सकती है। परिवारिक माहौल प्रभावित हो सकता है। प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में राहत रहेगी। व्यापार बेहतर प्रदर्शन करेगा। लाल रंग की कोई वस्तु अपने पास रखें।

सिंह राशि

घबराहट और बेचैनी दिनभर परेशान कर सकती है। स्वास्थ्य थोड़ा कमजोर दिख रहा है। प्रेम और संतान का समय अच्छा रहेगा। व्यापार में भी लाभ की संभावना है। पीली वस्तु साथ रखना शुभ माना गया है।

कन्या राशि

अत्यधिक खर्च आपकी चिंता बढ़ा सकते हैं। सिरदर्द या मानसिक तनाव परेशान कर सकता है। प्रेम और संतान से सम्बंधित स्थिति स्थिर रहेगी। व्यापार में भी सामान्य गति बनी रहेगी। शनि देव का आशीर्वाद लेना लाभकारी होगा।

तुला राशि

आय में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रह सकती है। माता की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। यात्रा थकान या परेशानी बढ़ा सकती है। भ्रमित करने वाली खबरें मिल सकती हैं। स्वास्थ्य ठीक, प्रेम व संतान की स्थिति मध्यम रहेगी। व्यापार अच्छा रहेगा। सूर्य को जल चढ़ाना फलदायी होगा।

वृश्चिक राशि

व्यापार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। कानूनी मामलों में सावधानी जरूरी है, हार की स्थिति बन सकती है। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। प्रेम और संतान का समय शुभ है। व्यापार अच्छा रहेगा। पीली वस्तु रखने से लाभ मिलेगा।

धनु राशि

अपमान या आलोचना का सामना करने का डर बना रह सकता है। यात्रा कष्टदायी हो सकती है, सतर्क रहें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। प्रेम और संतान की स्थिति बेहतर रहेगी। व्यापार भी अच्छा चलेगा। तांबे की वस्तु पास रखें।

मकर राशि

दिन आपके पक्ष में नहीं रहेगा। चोट, दुर्घटना या अचानक परेशानी से सावधान रहें। स्वास्थ्य मध्यम, प्रेम और संतान का हाल सामान्य रहेगा। व्यापार ठीक-ठाक चलेगा। काली देवी की आराधना शुभ मानी जाती है।

कुंभ राशि

जीवनसाथी और स्वयं के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। प्रेम और संतान की स्थिति सकारात्मक है। व्यापार में लाभ मिलता रहेगा। हरी वस्तु साथ रखना शुभ संकेत देगा।

मीन राशि

प्रतिद्वंदियों पर आपकी पकड़ मजबूत रहेगी। स्वास्थ्य मध्यम रहने की संभावना है। प्रेम और संतान से संबंधित स्थिति सामान्य रहेगी। व्यापार लगभग स्थिर रहेगा। तांबे का दान और सूर्य देव को जल अर्पित करना शुभ रहेगा।

कोडीन कफ सिरप मामले में एक्शन में योगी सरकार, SIT गठित-ये अफसर करेंगे जांच

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध बिक्री, भंडारण और तस्करी के मामले में बड़ा कदम उठाते हुए तीन सदस्यीय SIT गठित कर दी है। गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार आईजी लॉ एंड ऑर्डर एल.आर. कुमार को SIT का अध्यक्ष बनाया गया है।

SIT के सदस्य

आईजी लॉ एंड ऑर्डर – एल.आर. कुमार (अध्यक्ष), SSP STF – सुशील धूले चंद्रभान (सदस्य), FSDA अधिकारी – अखिलेश कुमार जैन (सदस्य) सरकार ने निर्देश दिए हैं कि एक महीने के भीतर रिपोर्ट शासन को सौंपी जाए।

सरकार का कड़ा रुख

गृह सचिव मोहित गुप्ता ने बताया कि कोडीन सिरप के अवैध नेटवर्क को खत्म करने के लिए यह विशेष जांच दल बनाया गया है। कोडीन मिश्रित कफ सिरप की बिक्री और तस्करी को लेकर कई जिलों में एफआईआर दर्ज की गई हैं और जांच चल रही है।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे मामले को “बेहद गंभीर” बताते हुए तत्काल SIT गठन का आदेश दिया था।

SIT करेगी ये मुख्य काम

प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद के अनुसार-सभी जिलों में चल रही जांचों की नियमित समीक्षा, गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के हर सुराग की जांच, अवैध कारोबार से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच, अंतर्जनपदीय और अंतर-विभागीय आपराधिक नेटवर्क पर कार्रवाई|

सरकार का कहना है कि हाल के दिनों में कोडीन सिरप की अवैध बिक्री व तस्करी से जुड़े संगठित गिरोह सामने आए हैं, जिन्हें जड़ से खत्म करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

SSC GD Constable Recruitment 2025: 25,487 पदों पर भर्ती, आवेदन से पहले जानें चयन प्रक्रिया

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-  देशभर के लाखों युवाओं के लिए बड़ी खबर! कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने SSC GD Constable Recruitment 2025–26 के लिए स्टेट-वाइज 25,487 वैकेंसी जारी कर दी है।

यह भर्ती CAPFs, असम राइफल्स और SSF में बड़े पैमाने पर की जा रही है। रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि – 31 दिसंबर 2025, एग्जाम – फरवरी से अप्रैल 2026 के बीच प्रस्तावित | जो उम्मीदवार इन प्रतिष्ठित पदों पर नौकरी पाना चाहते हैं, उनके लिए चयन प्रक्रिया, परीक्षा पैटर्न और सिलेबस को समझना बेहद जरूरी है।

SSC GD Constable Selection Process (चयन प्रक्रिया)

SSC GD की भर्ती 4 चरणों में पूरी होती है:

1. कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT)

– ऑनलाइन परीक्षा
– उम्मीदवार के सामान्य ज्ञान और समझ का परीक्षण

2.  शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) व शारीरिक मानक परीक्षण (PST)

– लंबाई, छाती (पुरुष), वजन आदि का परीक्षण
– निर्धारित दूरी की रनिंग

3. मेडिकल टेस्ट (DME)

– शारीरिक परीक्षण पास करने वालों का विस्तृत मेडिकल परीक्षण

4. डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन

– सभी आवश्यक प्रमाणपत्रों की जांच
– इसके बाद अंतिम मेरिट लिस्ट जारी की जाती है

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SSC GD Constable Exam Pattern (परीक्षा पैटर्न)

  • परीक्षा मोड: ऑनलाइन (CBT)
  • कुल प्रश्न: 80
  • कुल अंक: 160
  • प्रति प्रश्न अंक: 2
  • समय सीमा: 60 मिनट
  • नेगेटिव मार्किंग: 0.25 अंक

पेपर चार सेक्शन में विभाजित होगा:

सेक्शन प्रश्न अंक
जनरल इंटेलिजेंस और रीजनिंग 20 40
जनरल नॉलेज और जनरल अवेयरनेस 20 40
एलिमेंट्री मैथमेटिक्स 20 40
अंग्रेजी/हिंदी 20 40

SSC GD Constable Syllabus (मुख्य सिलेबस)

1. रीजनिंग और जनरल इंटेलिजेंस

  • एनालॉग्स
  • कोडिंग-डिकोडिंग
  • सीरीज
  • विजुअल मेमोरी
  • समस्या समाधान

2. जनरल नॉलेज और अवेयरनेस

  • इतिहास, भूगोल
  • भारतीय संविधान
  • संस्कृति
  • खेल
  • करेंट अफेयर्स
  • विज्ञान व अनुसंधान

3. एलिमेंट्री मैथमेटिक्स (कक्षा 10 स्तर)

  • संख्या प्रणाली
  • प्रतिशत
  • अनुपात-समानुपात
  • औसत
  • लाभ-हानि
  • ब्याज
  • समय व दूरी

4. हिंदी/अंग्रेजी भाषा

  • व्याकरण
  • विलोम-पर्यायवाची
  • वाक्य निर्माण
  • एक शब्द के लिए वाक्यांश

सलाह: उम्मीदवार आधिकारिक नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ें और जल्द आवेदन कर तैयारी शुरू करें। SSC GD देश के सबसे लोकप्रिय और आसान एंट्री-लेवल सुरक्षा बलों की नौकरियों में से एक है।

जज्बा हो तो ऐसा! IPS पूनम दलाल की कहानी, 3 महीने के बच्चे के साथ UPSC पास की

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- यह कहानी है हिम्मत, जज्बा और प्रेरणा की। आईपीएस पूनम दलाल ने साबित किया कि मातृत्व और करियर दोनों को एक साथ संभाला जा सकता है।

पूनम दलाल ने यह दिखा दिया कि अगर मन में ठान लिया जाए, तो कोई भी शारीरिक चुनौती या पारिवारिक जिम्मेदारी आपके सपनों के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती।

9 महीने की प्रेग्नेंसी में UPSC प्रीलिम्स

पूनम दलाल का सपना था UPSC सिविल सेवा परीक्षा (CSE) पास करना और एक बेहतर रैंक हासिल करना। जब यूपीएससी प्रीलिम्स परीक्षा की तारीख आई, तब पूनम नौ महीने की गर्भवती थीं।

इतनी मुश्किल स्थिति में भी उन्होंने हार नहीं मानी और परीक्षा हॉल में बैठकर अपनी परीक्षा दी। दर्द और बेचैनी के बावजूद उन्होंने प्रीलिम्स सफलतापूर्वक पास किया।

3 महीने के बच्चे के साथ मेंस और इंटरव्यू

मेंस की परीक्षा के समय पूनम की 3 महीने की बेटी थी। रातभर जागना और बच्चे की देखभाल, लंबी-लंबी पढ़ाई और मेंस की परीक्षा| इन सबके बीच पूनम ने बेहतरीन तालमेल दिखाया।

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उनके परिवार और पति का सहयोग उनके लिए बेहद मददगार साबित हुआ। उन्होंने साबित कर दिया कि सही सपोर्ट और खुद पर विश्वास होने पर कोई भी बाधा आपको रोक नहीं सकती।

सफलता और प्रेरणा

पूनम पहले भी दिल्ली पुलिस में नौकरी कर चुकी थीं और यूपीएससी में एक बार छोटी रैंक भी हासिल की थी।  उन्होंने अपनी आखिरी कोशिश में UPSC 2015 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 308 हासिल की और IPS बनीं।

IPS पूनम दलाल की कहानी उन सभी महिलाओं के लिए मिसाल है जो मानती हैं कि मातृत्व या जिम्मेदारियां करियर में रुकावट बन सकती हैं। यह सिर्फ एक परीक्षा पास करने की कहानी नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास और मेहनत की जीत की कहानी है।

जनवरी 2026 से केंद्रीय कर्मचारियों का DA 60% तक बढ़ेगा !, जानें पूरी डिटेल…

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) की खबर आई है। फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2026 से DA सिर्फ 2% बढ़ेगा, जिससे मौजूदा 58% DA करीब 60% हो जाएगा।

यह पिछले सात सालों में सबसे कम DA हाइक माना जा रहा है, ठीक वैसे ही जैसे जनवरी 2025 में सिर्फ 2% की बढ़ोतरी हुई थी। बढ़ती महंगाई के बावजूद कर्मचारियों में निराशा देखने को मिल रही है।

इस बार का DA हाइक क्यों खास है

यह पहली DA बढ़ोतरी होगी जो 7वीं वेतन आयोग के 10 साल के चक्र के बाहर लागू होगी। 7वें वेतन आयोग (7th CPC) का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो रहा है। 8वां वेतन आयोग अभी प्रक्रिया में है और उसकी टर्म्स ऑफ रेफरेंस में स्पष्ट नहीं है कि नई वेतन संरचना कब लागू होगी।

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आयोग को रिपोर्ट देने में लगभग 18 महीने लगेंगे, और मंजूरी व लागू करने की प्रक्रिया में आमतौर पर 2 साल और लग जाते हैं। ऐसे में नया वेतन ढांचा संभवतः 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत में कर्मचारियों को मिलेगा।

DA की गणना कैसे होती है

DA की गणना ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के आधार पर होती है। जुलाई से अक्टूबर 2025 तक इंडेक्स 146.5 से बढ़कर 147.7 तक पहुंचा। इस ट्रेंड के अनुसार महंगाई बढ़ रही है, लेकिन DA में बड़ा उछाल आने की संभावना कम है। नवंबर और दिसंबर के आंकड़े जोड़ने के बाद जनवरी 2026 का DA लगभग 60% रहने का अनुमान है। उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी का बेसिक वेतन 50,000 रुपए है, तो 58% DA पर 29,000 रुपए मिलते थे | 60% DA पर यह 30,000 रुपए हो जाएगा, यानी सिर्फ 1,000 रुपए की मासिक बढ़ोतरी।

आगे का असर

आने वाले चार DA हाइक—जनवरी 2026, जुलाई 2026, जनवरी 2027 और जुलाई 2027—बहुत महत्वपूर्ण होंगे। यह नए बेसिक वेतन में शामिल होंगे जब 8वें वेतन आयोग लागू होगा। इसलिए, भले ही जनवरी 2026 का DA हाइक छोटा है, इसका असर भविष्य की वेतन संरचना पर काफी बड़ा होगा।

कर्नाटक में टीपू जयंती पर फिर गर्माया माहौल, कांग्रेस विधायक ने रख दी मांग ?

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- कर्नाटक में टीपू सुल्तान की जयंती को लेकर विवाद फिर से उभर आया है। सत्ताधारी कांग्रेस के विधायक शिवानंद कशप्पनवार ने 18वीं सदी के मैसुरू शासक की जयंती के आयोजन को लेकर कर्नाटक विधानसभा में ध्यानार्षण प्रस्ताव पेश करने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के पिछले कार्यकाल के दौरान यह परंपरा शुरू हुई थी, लेकिन कोडागु और अन्य स्थानों पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद इसे रोक दिया गया था। कोडागु में विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत भी हुई थी। इसके बाद टीपू जयंती बेहद सादगी से मनाई गई और धीरे-धीरे इसे स्थगित कर दिया गया।

कांग्रेस विधायक का तर्क

कशप्पनवार चाहते हैं कि सरकार टीपू जयंती का आयोजन प्रायोजित करे। उन्होंने दावा किया कि भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा ने टीपू की तरह पोशाक पहनकर जयंती समारोह में हिस्सा लिया था। कशप्पनवार ने कहा, “जब उन्हें जरूरत थी, तब उन्होंने इसे मनाया, लेकिन अब वे इसे नहीं चाहते। हम चाहते हैं कि इसका आयोजन हो।”

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वहीं, विपक्षी भाजपा ने इस प्रस्ताव पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने कहा, “वे चाहे टीपू जयंती मनाएं, ओसामा बिन लादेन का जन्मदिन या पाकिस्तान का स्वतंत्रता दिवस—यह उनकी सरकार है। जनता को पता चलेगा कि उनका झुकाव किसकी तरफ है।”

सरकार की प्रतिक्रिया

कर्नाटक के वक्फ और आवास मंत्री बी जेड जमीर अहमद खान ने कहा कि टीपू जयंती का आयोजन हमेशा किया जाता रहा है। उन्होंने कहा, “देश भर में टीपू के अनुयायी इसकी जयंती मनाते हैं। पिछले महीने हमने भी आयोजन किया था। सिद्धरमैया इसे विधान सौध के बैंक्वेट हॉल में आयोजित किया करते थे, जिसे अब रोक दिया गया है। अगर वहां आयोजन नहीं होता, तो इसे कहीं और करना चाहिए।”

रेणुका चौधरी ने BJP पर साधा निशाना, कहा-आजादी के समय कहां थे?

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने मंगलवार को वंदे मातरम् को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला किया। एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा, “वो जो बोलना चाहते हैं, बोल लेते हैं। लेकिन जब अपना क्रेडेंशियल साबित नहीं कर पाते, तो दूसरों पर उंगली क्यों उठाते हैं?”

चौधरी ने कहा कि वंदे मातरम् बोलने का दावा अब उन्हीं लोग कर रहे हैं जो “घुटना टेककर और विलायतियों से संपर्क में” रहकर खुद को बचाते रहे। उन्होंने सवाल उठाया कि “इस देश की आजादी के समय ये कहां थे? क्या किसी ने जेल जाया?”

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सांसद ने आगे कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने जेल में रहते हुए देश का इतिहास लिखा, जबकि वर्तमान में कुछ लोग संसद में फर्जी पेपर लाते हैं और पढ़े-लिखे होने का दिखावा करते हैं। चौधरी ने BJP पर आरोप लगाया कि उनकी पार्टी “धोखेबाज” है और अब जाकर वे वंदे मातरम् बोल रहे हैं।

मनीष तिवारी ने उठाया SIR और चुनावों का मुद्दा

वहीं कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया और चुनाव संबंधी मुद्दों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा: चुनाव आयोग के पास पूरे राज्य या देश में SIR कराने का कानूनी औचित्य नहीं है। EVM पर लोगों का भरोसा नहीं है, इसलिए 6 प्रदेशों में चुनाव होने जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि चुनाव पेपर बैलेट पर कराए जाएं। सरकारी पैसा चुनाव से पहले लोगों के खातों में जाता है, इसे रोका जाना चाहिए।

बिजली चोरी रोकने और वसूली बढ़ाने पर इंजीनियरों की जवाबदेही तय,…..तभी प्रमोशन

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में बिजली चोरी रोकने और राजस्व वसूली बढ़ाने के लिए अब अभियंताओं और कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। पावर कॉरपोरेशन ने निर्णय लिया है कि इन दोनों मानकों को वार्षिक गोपनीय आख्या (ACR) में शामिल किया जाएगा। यानी बिजली चोरी पर नियंत्रण और बकाया वसूली जितनी बेहतर होगी, उतनी ही अच्छी ACR बनेगी—और अच्छी ACR से प्रमोशन का रास्ता साफ होगा।

पावर कॉरपोरेशन लंबे समय से उपभोक्ताओं और सरकारी विभागों में फंसी बकाया राशि की वसूली और लाइन लॉस कम करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन व्यापक सुधार देखने को नहीं मिला। अब प्रदर्शन को सीधे ACR से जोड़कर जिम्मेदारी तय की जाएगी।

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सूत्रों के अनुसार, ACR में दर्ज जानकारी की पुष्टि संबंधित अधिकारी के एक स्तर ऊपर का अभियंता करेगा। फिलहाल कॉरपोरेशन 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के घाटे में चल रहा है।

राजस्व बढ़ा तो उपभोक्ताओं को भी होगा फायदा

बिजली कंपनियों का सबसे बड़ा नुकसान बिजली चोरी और लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली न होने से होता है। जब बिजली खरीद पर होने वाले खर्च और उसकी वसूली के बीच अंतर बढ़ता है, तो कंपनियों को बिजली दरें बढ़ाने के प्रस्ताव देने पड़ते हैं।

अधिकारियों का मानना है कि: बिजली चोरी में कमी, बकाया वसूली में मजबूती दोनों का सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा और भविष्य में बिजली दरें बढ़ने की संभावना कम होगी। हालांकि कई अभियंता इस कदम को अव्यावहारिक बताते हुए विरोध भी जता रहे हैं।

कौन-सा मंत्र देता है मन को शांति? प्रेमानंद महाराज ने दिया ये जबाव

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई कुछ पल सुकून की तलाश में रहता है। इसी बीच एक व्यक्ति ने प्रेमानंद महाराज के प्रवचन के दौरान सवाल किया कि ऐसा कौन-सा मंत्र है जिससे मन शांत हो जाए और जीवन में सब ठीक हो जाए। इस पर महाराज ने “राधा नाम” का जाप करने की सलाह दी और इसका महत्व विस्तार से बताया।

राधा नाम का जाप क्यों ज़रूरी? महाराज ने बताईं खूबियां

प्रेमानंद महाराज ने कहा कि राधा नाम का जाप मन, बुद्धि और चित्त—तीनों को शांत करता है। उन्होंने कहा:“राधा जपो। अगर आपके दुख, शोक और भय दूर न हों तो हमसे कहना।” “राधा नाम को हम अनुभव करके कहते हैं, यह हमारे जीवन की शक्ति है।” “राधा नाम कर्ता, विधाता, पालनहार और सबका पूज्य है।”

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“राधा नाम के ध्यान से मन शुद्ध होता है और प्रेम बढ़ता है।” “निकुंज तक की यात्रा भी इसी नाम में छिपी होती है।” महाराज ने कहा कि जहां राधा नाम की उपस्थिति होती है, वहां कोई बाधा नहीं टिकती।

“बुरी आदतें छोड़ो, राधा नाम अपनाओ”

प्रेमानंद महाराज ने आगे बताया कि राधा नाम का जाप करने वाले इंसान पर कष्ट, भय, अशुभ और कलिकाल का प्रभाव नहीं पड़ता। उन्होंने कहा: “राधा नाम है तो किसी का श्राप भी असर नहीं करता।” “शांति चाहिए तो राधा नाम का जाप करो, सिर्फ खुद शांत नहीं रहोगे बल्कि दूसरों को भी शांति दोगे।” महाराज ने अनुयायियों से आग्रह किया कि वे – शराब से दूर रहें , मांसाहार न करें | पराई स्त्रियों पर गलत दृष्टि न डालें| उन्होंने कहा, “राधा राधा रटो… देखो तुम्हारे दुख खत्म होते हैं या नहीं, और तुम आनंद से झूम उठते हो या नहीं।”

सोनागाछी की सेक्स वर्कर्स का सवाल-“हमें फिर मिटा देंगे?” SIR के बीच चिंता, CEO ने दिया आश्वासन

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- एशिया के सबसे बड़े रेड लाइट एरिया सोनागाछी की सैकड़ों सेक्स वर्कर्स मंगलवार को निर्वाचन आयोग के विशेष सहायता शिविरों में पहुंचीं। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान उनके चेहरे पर मतदाता सूची से नाम हटने की आशंका साफ दिखाई दी। कई महिलाओं के पास माता-पिता का कोई रिकॉर्ड नहीं है—कई बचपन में तस्करी का शिकार हुईं, तो कई परित्यक्त होने के कारण पारिवारिक संपर्क खो चुकी हैं।

30 वर्षीय एक महिला ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “हमसे उन माता-पिता के बारे में पूछा जा रहा है जिन्हें हमें भूल जाने को मजबूर किया गया था। डर है कि हमें फिर मिटा दिया जाएगा।”

चुनाव आयुक्त का आश्वासन

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज अग्रवाल ने शिविर का निरीक्षण कर सेक्स वर्कर्स की आशंकाएं दूर करने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि इस वार्ड के लगभग 11,000 मतदाताओं में 3,500 सेक्स वर्कर्स अभी तक सर्वे में शामिल नहीं हो पाई हैं, जिन्हें जल्द ही जोड़ा जाएगा।

CEO ने कहा: “हमें विशेष अधिकार दिए गए हैं कि वे महिलाएं भी शामिल की जाएं जो 2002 की मतदाता सूची में नहीं थीं, लेकिन 2021 और 2024 में मतदान कर चुकी हैं। उनके नाम 11 दिसंबर तक सुरक्षित कर लिए जाएंगे।”

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जिनके पास नागरिकता के अन्य प्रमाण उपलब्ध हैं, वे 16 दिसंबर से फॉर्म-6 जमा कर सकेंगी। अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी।

“रिश्तेदारों के दस्तावेज न होने पर भी घबराने की जरूरत नहीं” – CEO

मनोज अग्रवाल ने साफ किया कि जिन महिलाओं के पास पारिवारिक दस्तावेज नहीं हैं, उनके सत्यापन में स्थानीय लोग और पंजीकृत NGOs मदद करेंगे।
उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के लिए लगने वाले विशेष कैंप की तरह, यहां भी अधिकारी और NGO प्रतिनिधि फॉर्म भरवाने और जरूरी दस्तावेज जुटाने में सहयोग करेंगे, ताकि कोई भी योग्य मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।

निरीक्षण के दौरान CEO ने कई महिलाओं से बातचीत की। एक नवजात को गोद में लिए एक युवती ने बताया कि उसे चार साल पहले दक्षिण बंगाल के एक जिले से तस्करी कर यहां लाया गया था। उसने कहा—“मुझे नहीं पता मेरे माता-पिता कहां हैं। मेरे पास सिर्फ मेरी बेटी है।”
इस पर CEO ने उसे आश्वस्त किया, “चिंता न करें, आपका नाम सूची में बरकरार रहेगा।”

“तकनीकी कारणों से वोट नहीं छीना जा सकता”—शशि पांजा

इससे पहले महिला एवं बाल विकास मंत्री शशि पांजा ने सोनागाछी का दौरा करते हुए कहा कि राज्य सरकार सुनिश्चित करेगी कि वंचित वर्ग की कोई भी पात्र महिला अपने मताधिकार से वंचित न हो।उन्होंने कहा, “ये महिलाएं भारत की नागरिक हैं। तकनीकी कारणों से उनका वोट नहीं हटाया जा सकता।”

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उधर 30 वर्षीय एक महिला ने कहा,“हमसे उन माता-पिता के बारे में पूछा जा रहा है जो हमें भूल जाने को कहकर मिटा दिए गए थे। अब डर है कि हमें फिर से मिटा दिया जाएगा।”

पुराने दर्द फिर ताज़ा

47 वर्षीय पूजा दास के लिए यह प्रक्रिया पुराने घावों को कुरेदने जैसा साबित हो रही है। 20 साल की उम्र में उन्हें नादिया जिले से नौकरी का झांसा देकर लाया गया था और तब से वे अपने घर नहीं लौट सकीं।
उन्होंने कहा- “मैंने यहीं अपने बच्चों को जन्म दिया और पाला। अब मुझसे पूछा जा रहा है कि मेरे माता-पिता कौन हैं और 2002 में मैं कहां थी। मेरे लिए यह SIR कोविड जितना बड़ा संकट है—उस समय भूख थी, अब डर है।”

सोनागाछी की एक कोठी में पली-बढ़ी 40 साल की एक महिला ने फॉर्म को देखकर कहा, “मुझे अपना असली नाम तक याद नहीं। बचपन से जिस औरत ने पाला, उसी को मां बुलाती आई हूं। अगर असली परिवार ने मुझे त्याग दिया, तो यहां क्या लिखूं?”

वहीं, 51 वर्षीय कोहिनूर बेगम बोलीं- “यहां हर घंटा कमाई का होता है। लोकतंत्र जरूरी है, लेकिन आज रात का खाना भी उतना ही जरूरी है। अगर काम न करूं तो कौन खिलाएगा?”