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अटल जयंती मंच से कुमार विश्वास बोले-योगी संत हैं, दुष्ट मिले तो मोक्ष तय

पूर्व प्रधानमंत्री और ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती की पूर्व संध्या पर लखनऊ के साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित अटल गीत गंगा कार्यक्रम में कवि कुमार विश्वास आकर्षण का केंद्र रहे। अपनी कविताओं और व्यंग्य से उन्होंने पूरे सभागार को बांधे रखा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मंच पर मौजूद थे।

कुमार विश्वास ने अपने चुटीले अंदाज में कहा कि संत दो प्रकार के होते हैं। एक वे जिनसे सज्जन मिलते हैं और मोक्ष प्राप्त करते हैं, जबकि दूसरे संत योगी आदित्यनाथ जैसे होते हैं, जिनसे अगर कोई दुष्ट मिल जाए तो उसे भी मोक्ष मिल जाता है। उन्होंने इसे जरूरी बताते हुए व्यंग्य में कहा कि पहले डॉक्टर पर्चे पर ‘आरएक्स’ लिखते थे, अब ‘आरडीएक्स’ लिखने लगे हैं। इस टिप्पणी पर सभागार तालियों से गूंज उठा।

कुमार विश्वास ने सामाजिक बदलाव पर टिप्पणी करते हुए कहा कि एक समय आगरा के सफेद कब्रिस्तान को देखने लोग जाते थे, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं और आज अयोध्या को देखने वालों की संख्या कहीं ज्यादा है। उन्होंने राम मंदिर आंदोलन से जुड़ा एक किस्सा सुनाते हुए कहा कि जब राम के अस्तित्व पर कोर्ट में केस चल रहा था और उसी दौरान राम नवमी की छुट्टी पड़ गई तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा था कि जब छुट्टी है, तो राम जरूर हैं। इस टिप्पणी पर भी दर्शकों ने जोरदार तालियां बजाईं।

कार्यक्रम में कुमार विश्वास ने अपनी चर्चित और नई कविता ‘भवानी सुन लो राम कहानी’ का सस्वर पाठ किया, जिसने श्रोताओं को भावुक कर दिया। इसके अलावा उन्होंने श्रोताओं की मांग पर कई अन्य रचनाएं भी सुनाईं।

अटल जी जैसा दूरदर्शी नेता कोई नहीं: योगी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अटल बिहारी वाजपेयी की कविता ‘हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा’ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अटल जी की कविताएं संकट के समय हर नागरिक को प्रेरणा देती हैं। अटल जी कवि हृदय होने के साथ-साथ देश के लिए मजबूत इच्छाशक्ति वाले नेता भी थे। ग्राम्य विकास, नगरीय कनेक्टिविटी और अंत्योदय के लक्ष्य को साकार करने में उनका योगदान अतुलनीय रहा।

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सीएम योगी ने कहा कि अटल जी ने विपरीत परिस्थितियों में भी भाजपा का नेतृत्व किया और हमेशा आशा का संदेश दिया। उन्होंने विपक्ष को दिया गया अटल जी का संदेश दोहराया—“भाजपा से लड़ो, भारत से नहीं।” योगी ने कहा कि अटल जी की कविताएं आज भी हर कार्यकर्ता और देशवासी को दिशा देती हैं।

पाकिस्तान में भी लोकप्रिय थे अटल जी: राजनाथ सिंह

कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी उन दुर्लभ नेताओं में से थे जिन्हें पद के बिना भी सम्मान मिलता था। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान यात्रा के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा था कि अटल जी पाकिस्तान में भी इतने लोकप्रिय हैं कि अगर वे वहां से चुनाव लड़ें तो जीत सकते हैं। राजनाथ सिंह ने अटल जी के जीवन से जुड़े कई रोचक प्रसंग भी साझा किए।

अरावली पहाड़ियों पर केंद्र सरकार का सख्त फैसला, नए खनन पट्टों पर पूर्ण प्रतिबंध

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अरावली पहाड़ियों के संरक्षण को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। बुधवार को केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने सभी संबंधित राज्यों को अरावली क्षेत्र में किसी भी प्रकार के नए खनन पट्टे जारी न करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अरावली की जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है।

दिल्ली से गुजरात तक फैली अरावली पर्वत श्रृंखला बीते कुछ समय से विवादों में रही है। सोशल मीडिया पर भी अरावली को लेकर विरोध और चिंताएं सामने आ रही थीं। इन्हीं सबके बीच अवैध खनन पर रोक लगाने के उद्देश्य से मंत्रालय ने यह अहम फैसला लिया है।

पर्यावरण मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा है कि यह प्रतिबंध पूरी अरावली रेंज पर समान रूप से लागू होगा। इसका उद्देश्य पर्वत श्रृंखला की भौगोलिक निरंतरता और प्राकृतिक संरचना को सुरक्षित रखना है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि इन निर्देशों के जरिए गुजरात से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तक फैली अरावली को एक सतत भूवैज्ञानिक संरचना के रूप में संरक्षित किया जाएगा और किसी भी तरह की अनियमित खनन गतिविधियों को रोका जाएगा।

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इसके साथ ही मंत्रालय ने इंडियन काउंसिल ऑफ फॉरेस्ट्री रिसर्च एंड एजुकेशन (ICFRE) को निर्देश दिए हैं कि वह पूरे अरावली क्षेत्र में ऐसे अतिरिक्त इलाकों की पहचान करे, जहां खनन पर प्रतिबंध लगाया जाना जरूरी है। ये क्षेत्र पहले से अधिसूचित प्रतिबंधित इलाकों से अलग होंगे और इनका निर्धारण पारिस्थितिक, भूवैज्ञानिक और लैंडस्केप स्तर के मानकों के आधार पर किया जाएगा।

सरकार ने यह भी कहा है कि जहां खनन गतिविधियां पहले से जारी हैं, वहां राज्य सरकारें सभी पर्यावरणीय नियमों और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ खनन को ध्यान में रखते हुए मौजूदा खदानों को अतिरिक्त शर्तों के साथ कड़े नियमन में रखा जाएगा।

गौरतलब है कि नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण मंत्रालय की अगुवाई वाली समिति की सिफारिशों के आधार पर अरावली पहाड़ियों और अरावली रेंज की एक समान कानूनी परिभाषा को मंजूरी दी थी। इसके अनुसार, आसपास के क्षेत्र से कम से कम 100 मीटर ऊंची भू-आकृति को ‘अरावली पहाड़ी’ और 500 मीटर के दायरे में स्थित दो या उससे अधिक पहाड़ियों के समूह को ‘अरावली रेंज’ माना गया है। इस परिभाषा के सामने आने के बाद सरकार की आलोचना भी हुई थी।

इस मुद्दे पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कांग्रेस पर भ्रम फैलाने और गलत जानकारी देने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि नई परिभाषा के तहत अरावली क्षेत्र के केवल 0.19 प्रतिशत हिस्से में ही कानूनी रूप से खनन की अनुमति संभव है। यादव ने दावा किया कि नरेंद्र मोदी सरकार अरावली के संरक्षण और पुनर्स्थापन को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में राजस्थान में बड़े पैमाने पर अवैध खनन को बढ़ावा मिला, जबकि अब उसी मुद्दे पर भ्रम फैलाया जा रहा है।

सोना-चांदी ने बनाया नया रिकॉर्ड, चांदी जीएसटी सहित ₹2.25 लाख के पार

Gold Silver Price 24 Dec: खरमास के इस महीने में बाजार की धीमी चाल के बीच सोना और चांदी ने निवेशकों को चौंका दिया है। सर्राफा बाजार में आज दोनों की कीमतें नए ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई हैं।

चांदी के भाव में आज एक झटके में 7,954 रुपये प्रति किलो की तेजी आई और यह 2,18,954 रुपये प्रति किलो पर खुली। वहीं सोने के भाव में 10 ग्राम के हिसाब से 352 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। जीएसटी समेत चांदी का भाव अब 2,25,522 रुपये प्रति किलो हो गया है, जबकि 24 कैरेट गोल्ड का रेट जीएसटी सहित 1,40,734 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।

मंगलवार को चांदी बिना जीएसटी 2,11,000 रुपये प्रति किलो और सोना 1,36,283 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। आज बिना जीएसटी सोना 1,36,635 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर खुला, जबकि चांदी बिना जीएसटी 2,18,954 रुपये प्रति किलो के भाव पर खुली। इस साल अब तक सोना 60,895 रुपये और चांदी 1,32,937 रुपये की तेजी दर्ज कर चुकी है।

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आईबीजेए द्वारा जारी किए गए ये रेट दिन में दो बार अपडेट किए जाते हैं – दोपहर 12 बजे और शाम 5 बजे के आसपास।

सोना-चांदी के रेट्स में तेजी के कारण

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की भविष्य की ब्याज दर नीति इस तेजी के पीछे एक बड़ा कारण है। बाजार में उम्मीद है कि 2026 में अमेरिकी फेडरल रिजर्व दो बार ब्याज दर में कटौती कर सकता है। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी नरम मौद्रिक नीति अपनाने की बात की है, जिससे कीमती धातुओं की मांग बढ़ी है।

कैरेट के हिसाब से गोल्ड रेट्स

  • 23 कैरेट गोल्ड: 351 रुपये की तेजी, 1,36,088 रुपये प्रति 10 ग्राम, जीएसटी सहित 1,40,170 रुपये।
  • 22 कैरेट गोल्ड: 323 रुपये की बढ़ोतरी, 1,25,158 रुपये प्रति 10 ग्राम, जीएसटी सहित 1,28,912 रुपये।
  • 18 कैरेट गोल्ड: 264 रुपये की तेजी, 1,02,467 रुपये प्रति 10 ग्राम, जीएसटी सहित 1,05,550 रुपये।
  • 14 कैरेट गोल्ड: 205 रुपये की बढ़ोतरी, 79,931 रुपये प्रति 10 ग्राम, जीएसटी सहित 82,328 रुपये।

लिफ्ट खराब और एंबुलेंस न मिलने से गेट पर हुआ प्रसव, बदायूं में नवजात की मौत

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के बदायूं स्थित जिला महिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं ने एक बार फिर स्वास्थ्य तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एंबुलेंस न मिलने और अस्पताल की लिफ्ट खराब होने के कारण एक गर्भवती महिला को अस्पताल के गेट पर ही प्रसव कराना पड़ा। इलाज में हुई देरी के चलते नवजात की मौत हो गई।

घटना सोमवार देर रात की है। उझानी ब्लॉक क्षेत्र के सिरसौली गांव निवासी सूरज की पत्नी सविता को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने 102 एंबुलेंस सेवा के लिए लगातार फोन किया, लेकिन काफी देर तक कोई मदद नहीं मिल सकी। महिला की हालत बिगड़ती देख परिजन उसे ई-रिक्शा से करीब 12 किलोमीटर दूर जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचे।

अस्पताल पहुंचने पर भी हालात नहीं सुधरे। गेट पर न तो कोई वार्ड बॉय मौजूद था और न ही सुरक्षा गार्ड। परिजन खुद ही गर्भवती को ई-रिक्शा से उतारकर लेबर रूम की ओर ले जाने लगे, लेकिन तभी महिला की तबीयत और बिगड़ गई और पंजीकरण कक्ष के पास ही उसका प्रसव हो गया।

परिजनों का आरोप है कि इस दौरान प्रसूता दर्द से चीखती रही, लेकिन डॉक्टर और कर्मचारी लापरवाह बने रहे। काफी देर बाद जब परिजनों ने हंगामा किया, तब जाकर स्टाफ को बुलाया गया। इसके बाद मां और नवजात बच्ची को वार्ड में शिफ्ट किया गया, लेकिन तब तक बच्ची की मौत हो चुकी थी।

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नवजात की मौत से नाराज परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि यदि समय रहते स्ट्रेचर, व्हीलचेयर या मेडिकल स्टाफ की मदद मिल जाती तो बच्ची की जान बचाई जा सकती थी।

इस मामले में जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. शोभा अग्रवाल ने बताया कि प्रसूता को भर्ती कर लिया गया है। उनका कहना है कि महिला अस्पताल पहुंचने में देर से आई, इसी कारण गेट पर डिलीवरी हुई। फिर भी पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।

पहले भी सामने आ चुकी है लापरवाही

यह पहली बार नहीं है जब जिला महिला अस्पताल पर लापरवाही के आरोप लगे हों। करीब दो साल पहले भी अस्पताल के मुख्य गेट पर प्रसव के दौरान नवजात की मौत का मामला सामने आया था। उस समय जांच में डॉक्टर और कर्मचारी दोषी पाए गए थे और कार्रवाई के तहत कई कर्मचारियों को निलंबित किया गया था। बावजूद इसके, अस्पताल की व्यवस्थाओं में कोई ठोस सुधार नजर नहीं आ रहा है।

नमो भारत ट्रेन में आपत्तिजनक हरकत का मामला, छात्र-छात्रा और वीडियो वायरल करने वाले पर FIR

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- दिल्ली–मेरठ रूट पर चलने वाली नमो भारत ट्रेन में सामने आए आपत्तिजनक वीडियो मामले में कार्रवाई तेज हो गई है। एनसीआरटीसी ने मुरादनगर थाने में तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इनमें चलती ट्रेन में आपत्तिजनक कृत्य करने वाला युवक-युवती और सीसीटीवी फुटेज से वीडियो रिकॉर्ड कर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने वाला कर्मचारी शामिल है। आरोपी कर्मचारी को पहले ही सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है।

करीब एक सप्ताह पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप वायरल हुई थी, जिसके बाद इसी तरह के कुछ अन्य वीडियो भी सामने आए। इन वीडियो में ट्रेन की सीट पर बैठे एक युवक और युवती आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रहे हैं। दोनों के पहनावे के आधार पर उनके कॉलेज स्टूडेंट होने की आशंका जताई जा रही है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि युवक बीटेक और युवती बीसीए की छात्रा है, हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

जांच में सामने आया कि वीडियो ट्रेन के सीसीटीवी सिस्टम से रिकॉर्ड किया गया था। इस मामले में आरोपी ऑपरेटर रिषभ कुमार के खिलाफ पहले विभागीय कार्रवाई करते हुए उसे बर्खास्त किया गया और अब उस पर आपराधिक मामला भी दर्ज कर लिया गया है। एनसीआरटीसी की ओर से मेंटेनेंस एजेंसी के अधिकारी दुष्यंत कुमार ने मुरादनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

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एसीपी मसूरी सर्किल लिपि नगायच ने बताया कि छात्र-छात्रा और आरोपी कर्मचारी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और वीडियो में दिख रहे युवक-युवती की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनके सफर के रूट को भी खंगाला जा रहा है।

पुलिस के अनुसार आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 (सार्वजनिक स्थान पर अशोभनीय कृत्य), धारा 77 (दृश्यरति/वॉयेरिज़्म) और आईटी एक्ट की धारा 67 (इलेक्ट्रॉनिक रूप में आपत्तिजनक सामग्री का प्रकाशन या प्रसारण) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

क्या हो सकती है सजा?
जांच से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि दोष सिद्ध होने पर बीएनएस की धारा 296 के तहत अधिकतम तीन महीने की कैद, एक हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है। वहीं, धारा 77 के अंतर्गत न्यूनतम एक वर्ष से लेकर अधिकतम तीन वर्ष तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है।

कुलदीप सेंगर को जमानत मिलने से डरी उन्नाव रेप पीड़िता, बोली- अब जान का खतरा बढ़ गया है

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन्नाव रेप कांड एक बार फिर सुर्खियों में है। फैसले के बाद पीड़िता और उसका परिवार गहरे डर में है। पीड़िता ने अपने बयान में कहा है कि जमानत के बाद उनके लिए हालात और भी खतरनाक हो गए हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद पीड़िता ने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ से फोन पर बातचीत में अपनी आशंका जताई। रोती हुई आवाज में उसने कहा, “आज जमानत मिली है, कल घर छीन लिया जाएगा और फिर हमें मार दिया जाएगा।” उसने बताया कि फैसले के वक्त वह अपनी मां के साथ कोर्ट में मौजूद थी और विरोध भी किया, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई।

पीड़िता का कहना है कि पहले परिवार, पैरोकार और गवाहों की सुरक्षा हटाई गई और अब यह फैसला उनके लिए किसी बड़े खतरे से कम नहीं है। उसने कहा कि कई बार आत्महत्या का विचार आता है, लेकिन बच्चों की जिम्मेदारी उसे रोक देती है। “मैं मर गई तो बच्चों का क्या होगा,” उसने कहा।

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पीड़िता ने बताया कि उसने वर्ष 2023 में आजमगढ़ के एक युवक से छिपकर शादी की थी और फिलहाल दिल्ली में पति के साथ रह रही है। उसके दो छोटे बच्चे हैं और दिव्यांग सास भी साथ रहती हैं। हालांकि, परिवार के अन्य सदस्यों के लिए कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। उसका कहना है कि कुलदीप सेंगर के जेल से बाहर आने पर सामान्य जीवन जीना मुश्किल हो जाएगा, यहां तक कि सुरक्षा के लिए जेल में शरण लेने की नौबत आ सकती है।

मार्च में हटाई गई थी सीआरपीएफ सुरक्षा

उन्नाव रेप कांड में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पीड़िता, उसके परिजनों, गवाहों और वकील को सीआरपीएफ सुरक्षा दी गई थी। केंद्र सरकार ने 2019 में यह कहते हुए सुरक्षा हटाने की मांग की थी कि मामले में दोष सिद्ध हो चुका है। इसी आधार पर इस साल मार्च में सीआरपीएफ सुरक्षा हटाने का फैसला लिया गया।

दिल्ली में धरने से हटाई गईं महिलाएं

हाईकोर्ट के फैसले के बाद महिला अधिकार कार्यकर्ता योगिता भयाना ने मंगलवार रात इंडिया गेट पर धरना दिया। हालांकि, कर्तव्य पथ पुलिस ने उन्हें और दो अन्य महिलाओं को जबरन वहां से हटा दिया। बाद में थाने ले जाकर छोड़ दिया गया।

पुरानी रंजिश से शुरू हुई थी त्रासदी

बताया जाता है कि प्रधानी चुनाव के दौरान शुरू हुई रंजिश ने पीड़िता के परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया। गांव में दोनों परिवारों के बीच वर्षों से चली आ रही दुश्मनी हिंसा में बदली, जिसमें पीड़िता ने अपने परिवार के चार सदस्यों को खो दिया। डर और दबाव के चलते आज हालत यह है कि रिश्तेदार भी साथ देने से कतराते हैं।

पुलिसकर्मियों पर भी हुई कार्रवाई

पीड़िता के पिता की जेल में हुई मौत के मामले में तत्कालीन माखी थाने के एसओ और एक दरोगा को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। जांच के बाद थाने के छह पुलिसकर्मियों को निलंबित भी किया गया था।

कुल मिलाकर, जमानत के फैसले ने एक बार फिर पीड़िता की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Aaj Ka Rashifal 24 December 2025: जानिए मेष से मीन तक सभी राशियों का हाल

Aaj Ka Rashifal 24 December 2025: ग्रह-नक्षत्रों की चाल आज कई राशियों के लिए शुभ संकेत दे रही है। गुरु मिथुन में, केतु सिंह में, बुध वृश्चिक में, सूर्य-शुक्र-मंगल धनु में, चंद्रमा मकर में, राहु कुंभ में और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। आइए जानते हैं, आज आपका दिन कैसा बीतेगा।

मेष राशि

आज व्यापार में मजबूती देखने को मिलेगी। कामकाज में कुछ नया करने का अवसर मिलेगा, जो भविष्य के लिए फायदेमंद रहेगा। पिता और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार तीनों ही पक्ष अनुकूल हैं। सूर्य को जल अर्पित करना शुभ रहेगा।

वृषभ राशि

भाग्य का साथ मिलेगा और अटके काम पूरे हो सकते हैं। यात्रा के योग बन रहे हैं। धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। प्रेम, संतान और व्यापार की स्थिति संतोषजनक है। हरी वस्तु साथ रखें।

मिथुन राशि

आज किसी भी तरह का जोखिम लेने से बचें। वाहन सावधानी से चलाएं और स्वास्थ्य का ध्यान रखें। प्रेम और संतान पक्ष से सहयोग मिलेगा। व्यापार सामान्य रहेगा। नीली वस्तु पास रखना लाभकारी होगा।

कर्क राशि

जीवनसाथी और प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी। नौकरी में स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य में सुधार के संकेत हैं। कुल मिलाकर दिन अनुकूल रहेगा। नीली वस्तु का दान करें।

सिंह राशि

शत्रुओं पर आपका प्रभाव बना रहेगा, लेकिन मानसिक बेचैनी रह सकती है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। प्रेम, संतान और व्यापार में स्थिति अच्छी बनी रहेगी। पीली वस्तु पास रखें।

कन्या राशि

विद्यार्थियों के लिए समय अच्छा है। प्रेम संबंधों में हल्की नोकझोंक हो सकती है। कोई बड़ा निर्णय फिलहाल टालना बेहतर रहेगा। भावनाओं में बहकर फैसला न लें। शनिदेव को प्रणाम करना शुभ होगा।

तुला राशि

भूमि, भवन या वाहन की खरीदारी के योग बन सकते हैं। पारिवारिक मतभेद संभव हैं। स्वास्थ्य में सुधार होगा। प्रेम, संतान और व्यापार में सहयोग मिलेगा। मां काली को प्रणाम करें।

वृश्चिक राशि

नए व्यापार की शुरुआत के लिए समय अनुकूल है। परिवार और करीबी लोगों का सहयोग मिलेगा। योजनाओं को अमल में लाना फायदेमंद रहेगा। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार अच्छे रहेंगे। नीली वस्तु का दान शुभ है।

धनु राशि

आज वाणी पर संयम रखें और निवेश से फिलहाल बचें। प्रेम और संतान पक्ष में सुधार रहेगा। स्वास्थ्य ठीक रहेगा और व्यापार सामान्य से बेहतर रहेगा। लाल वस्तु पास रखें।

मकर राशि

आज सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करेंगे। स्वास्थ्य पहले से बेहतर रहेगा। प्रेम, संतान और व्यापार में संतोषजनक परिणाम मिलेंगे। मां काली को प्रणाम करना लाभदायक होगा।

कुंभ राशि

मन थोड़ा अशांत रह सकता है, हालांकि चिंता की कोई ठोस वजह नहीं है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। प्रेम, संतान और व्यापार में स्थिति अच्छी बनी रहेगी। हरी वस्तु साथ रखें।

मीन राशि

आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। यात्रा लाभदायक साबित हो सकती है। शुभ समाचार मिलने के योग हैं। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार सभी क्षेत्रों में अनुकूलता रहेगी। शिवजी का जलाभिषेक करें।

भगवद गीता पढ़ाने से कोई ट्रस्ट धार्मिक नहीं बन जाता: मद्रास HC की दो टूक, FCRA पर केंद्र को निर्देश

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै पीठ ने विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम यानी FCRA से जुड़े एक अहम मामले में स्पष्ट किया है कि भगवद गीता की शिक्षा देने मात्र से कोई ट्रस्ट धार्मिक संस्था नहीं हो जाता। अदालत ने कहा कि गीता को FCRA के उद्देश्य से धार्मिक ग्रंथ नहीं माना जा सकता और केवल इसी आधार पर किसी संस्था को विदेशी फंडिंग से वंचित नहीं किया जा सकता।

न्यायमूर्ति जी.आर. स्वामीनाथन की एकल पीठ ने अर्श विद्या परम्परा ट्रस्ट की याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा FCRA पंजीकरण खारिज करने के आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट ने आदेश को अपर्याप्त तर्क और प्रक्रियात्मक खामियों से भरा हुआ बताया।

गृह मंत्रालय को तीन महीने में पुनर्विचार का आदेश

हाई कोर्ट ने गृह मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह ट्रस्ट के FCRA आवेदन पर तीन महीने के भीतर दोबारा विचार करे। अदालत ने कहा कि यदि किसी तरह के फंड ट्रांसफर को लेकर ठोस सबूत मौजूद हों, तो मंत्रालय नया और विस्तृत नोटिस जारी करे तथा ट्रस्ट को जवाब देने का पूरा अवसर दिया जाए।

ट्रस्ट की गतिविधियां क्या हैं?

अर्श विद्या परम्परा ट्रस्ट की स्थापना वर्ष 2017 में हुई थी। यह ट्रस्ट कोयंबटूर स्थित अर्श विद्या गुरुकुलम के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती के शिष्यों द्वारा बनाया गया है। ट्रस्ट का उद्देश्य—वेदांत और संस्कृत की शिक्षा, योग और हठ योग का प्रचार, योग दर्शन का अध्ययन एवं प्राचीन भारतीय पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण और संरक्षण, ट्रस्ट भारत के साथ-साथ विदेशों में भी पारंपरिक भारतीय ज्ञान का प्रसार करता है।

क्यों खारिज किया गया था FCRA आवेदन?

रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रस्ट ने 2021 में FCRA पंजीकरण के लिए आवेदन किया था, जो लंबे समय तक लंबित रहा। गृह मंत्रालय ने 2024 और 2025 में स्पष्टीकरण मांगे। नया आवेदन दाखिल करने के बावजूद सितंबर 2025 में मंत्रालय ने पंजीकरण अस्वीकार कर दिया, जिसके खिलाफ ट्रस्ट ने हाई कोर्ट का रुख किया।

गृह मंत्रालय का तर्क था कि ट्रस्ट भगवद गीता, उपनिषद और वेदांत की शिक्षा देता है, इसलिए यह धार्मिक संस्था प्रतीत होती है।

कोर्ट की अहम टिप्पणी

हाई कोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा—“भगवद गीता को किसी एक धर्म तक सीमित नहीं किया जा सकता। यह नैतिक विज्ञान और भारतीय सभ्यता का हिस्सा है।”

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि वेदांत एक दार्शनिक विचारधारा है और योग शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा सार्वभौमिक अभ्यास है। इनकी शिक्षा देना किसी संगठन को स्वतः धार्मिक नहीं बना देता।

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कोर्ट ने कहा कि FCRA की धारा 11 के तहत पंजीकरण खारिज करने से पहले अधिकारियों को स्पष्ट और ठोस निष्कर्ष पर पहुंचना होगा, केवल “धार्मिक प्रतीत होता है” जैसे अस्पष्ट आधार स्वीकार्य नहीं हैं।

विदेशी फंड लेने का आरोप भी नहीं टिका

मंत्रालय ने यह भी आरोप लगाया था कि ट्रस्ट ने एक ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) ट्रस्टी से बिना अनुमति 9 लाख रुपये का विदेशी अंशदान लिया। ट्रस्ट ने गलती स्वीकार करते हुए इसे धारा 41 के तहत कंपाउंड करा लिया था और अगस्त 2025 में प्रक्रिया पूरी हो गई थी।

कोर्ट ने कहा कि एक बार उल्लंघन कंपाउंड हो जाने के बाद उसे पंजीकरण अस्वीकार करने का आधार नहीं बनाया जा सकता। इसके अलावा, अंतिम आदेश में उठाया गया फंड ट्रांसफर का नया आरोप भी प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ पाया गया।

कोर्ट का अंतिम फैसला

इन सभी तथ्यों को देखते हुए हाई कोर्ट ने FCRA अस्वीकृति आदेश को रद्द कर दिया और गृह मंत्रालय को निर्देश दिया कि वह कानून के अनुसार नए सिरे से फैसला करे और ट्रस्ट को पूरा अवसर दे।

BHU में 12 साल बाद ‘मुर्दा’ लौट आया जिंदा, खुद की पेंशन रुकवाने पहुंचा दफ्तर

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक कर्मचारी को कागजों में मृत मान लिया गया और उसके परिवार को पांच साल से अधिक समय तक पेंशन मिलती रही, जबकि वह कर्मचारी जीवित था। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब संबंधित कर्मचारी खुद अपनी पारिवारिक पेंशन रुकवाने कुलसचिव कार्यालय पहुंच गया।

मामला बीएचयू के एबी हॉस्टल कमच्छा में वरिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत रहे रमाशंकर राम से जुड़ा है। वे वर्ष 2013 में अचानक लापता हो गए थे। परिवार की ओर से 19 मई 2013 को लंका थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी।

सात साल बाद शुरू हुई पारिवारिक पेंशन

नियमों के अनुसार, लंबे समय तक लापता रहने के बाद बीएचयू प्रशासन ने सात साल की प्रतीक्षा अवधि पूरी होने पर रमाशंकर राम को मृत मानते हुए उनके परिवार के लिए पारिवारिक पेंशन स्वीकृत कर दी। इसके बाद करीब पांच साल तक उनके परिजनों को नियमित रूप से पेंशन मिलती रही।

हालांकि, नवंबर 2025 में यह मामला उस समय पलट गया, जब रमाशंकर राम अचानक सामने आए।

खुद दफ्तर पहुंचकर दी जानकारी

रमाशंकर राम ने बताया कि वर्ष 2007 के बाद उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया था और शरीर के बाएं हिस्से में लकवा भी मार गया था। लंबे समय तक वे कहां रहे, इसकी उन्हें स्पष्ट याद नहीं है। स्वास्थ्य में सुधार होने और धीरे-धीरे याददाश्त लौटने पर उन्हें यह जानकारी मिली कि उनके नाम पर परिवार को पेंशन मिल रही है।

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इसके बाद उन्होंने 7 नवंबर और 25 नवंबर को बीएचयू के कुलसचिव कार्यालय में पत्र देकर खुद के जीवित होने के प्रमाण प्रस्तुत किए और पारिवारिक पेंशन बंद करने के साथ रिकवरी की मांग की।

पेंशन पर तत्काल रोक, जांच शुरू

मामला सामने आते ही बीएचयू के सेवा पुस्तिका एवं निवृत्तिका अनुभाग ने 29 नवंबर को पारिवारिक पेंशन पर रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन अब भी आधिकारिक तौर पर कर्मचारी के जीवित होने से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच कर रहा है।

प्रशासन का कहना है कि सभी पुराने अभिलेखों की गहन जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

क्या कहते हैं पेंशन नियम?

पेंशन अनुभाग के एक अधिकारी के अनुसार, किसी कर्मचारी की गुमशुदगी की स्थिति में नियमानुसार सात साल तक प्रतीक्षा की जाती है। इसके बाद पुलिस रिपोर्ट और न्यायालय के आदेश के आधार पर कर्मचारी को मृत मानते हुए परिवार को पेंशन दी जाती है। लंबे समय तक लापता कर्मचारियों को सेवानिवृत्त घोषित करने का भी प्रावधान है।

रमाशंकर राम के मामले में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई थी, लेकिन अब उनके लौट आने से पूरा मामला दोबारा जांच के दायरे में आ गया है।

विंटर स्पेशल : हरे लहसुन की चटनी, स्वाद के साथ सेहत का जबरदस्त तड़का

Winter Special Recipe: ठंड का मौसम आते ही शरीर को गर्म रखने और इम्युनिटी मजबूत करने वाले देसी व्यंजनों की डिमांड बढ़ जाती है। ऐसे में हरे लहसुन की चटनी न सिर्फ स्वाद बढ़ाती है, बल्कि सेहत के लिहाज से भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है। हरा लहसुन एंटीऑक्सिडेंट्स और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है, जो सर्दियों में होने वाली सर्दी-खांसी और कमजोरी से बचाने में मदद करता है।

उत्तर भारत और महाराष्ट्र में सर्दियों के दौरान यह चटनी खास तौर पर बनाई जाती है। रोटी, पराठा, बाजरे की भाखरी या दाल-चावल के साथ इसका स्वाद और भी निखर जाता है। घर पर बनी यह चटनी हेल्दी होने के साथ-साथ केमिकल और प्रिजरवेटिव से भी मुक्त होती है।

हरे लहसुन की चटनी की आसान रेसिपी

सामग्री

  • 1 कप हरा लहसुन (कटा हुआ)
  • 2–3 हरी मिर्च
  • ½ कप धनिया पत्ता
  • 1–2 चम्मच मूंगफली या तिल
  • स्वादानुसार नमक
  • 1 चम्मच नींबू का रस
  • 1–2 चम्मच सरसों का तेल

बनाने की विधि

  1. हरे लहसुन को अच्छी तरह धोकर मोटा-मोटा काट लें।
  2. मिक्सर जार में हरा लहसुन, हरी मिर्च, मूंगफली/तिल और नमक डालें।
  3. थोड़ा पानी डालकर दरदरी चटनी पीस लें।

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  1. पैन में सरसों का तेल गरम करें और जीरा डालकर हल्का भूनें।
  2. इसमें पिसी हुई चटनी डालें और 1–2 मिनट हल्का पकाएं।
  3. गैस बंद कर नींबू का रस मिलाएं। स्वादिष्ट चटनी तैयार है।

 हरे लहसुन की चटनी के फायदे

  • इम्युनिटी मजबूत करने में मददगार
  • एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर
  • सर्दी, खांसी और जुकाम से राहत
  • पाचन को बेहतर बनाता है
  • शरीर को नेचुरल डिटॉक्स करने में सहायक

यह चटनी कम कैलोरी और पोषण से भरपूर होती है, इसलिए वजन को लेकर सतर्क रहने वालों के लिए भी बेहतर विकल्प है। हालांकि, जिन लोगों को एसिडिटी या पेट से जुड़ी परेशानी रहती है, उन्हें इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।

अगर आप सर्दियों में अपने खाने में देसी स्वाद के साथ सेहत भी जोड़ना चाहते हैं, तो हरे लहसुन की चटनी जरूर ट्राय करें।