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10 साल की उम्र में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का हिस्सा बने सरवन सिंह, राष्ट्रपति से मिला बाल पुरस्कार

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- महज 10 साल की उम्र में देशसेवा की मिसाल पेश करने वाले सरवन सिंह को शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान जवानों की मदद करने वाले सरवन की बहादुरी और समर्पण की अब पूरे देश में सराहना हो रही है।

पाकिस्तान के साथ तनाव और सीमा पर गोलीबारी के बीच सरवन सिंह ने अपनी जान की परवाह किए बिना गांव के पास तैनात जवानों तक दूध, पानी और लस्सी पहुंचाई। सरवन का कहना है कि यह उनका खुद का फैसला था कि चाहे हालात जैसे भी हों, सैनिकों के लिए जरूरी चीजें जरूर पहुंचाई जाएं।

सरवन ने बताया कि जब ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ और सेना के जवान गांव के आसपास तैनात हुए, तब वह रोजाना दूध, लस्सी, चाय और बर्फ लेकर उनके पास जाता था। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि इस काम के लिए उन्हें राष्ट्रपति से सम्मान मिलेगा। अधिकारियों के मुताबिक, इतने खतरनाक हालात में बाहर जाने के लिए सरवन को उसके परिवार ने भी नहीं कहा था, यह पूरी तरह उसका अपना जज्बा था।

कौन हैं सरवन सिंह

कक्षा 4 में पढ़ने वाले सरवन सिंह पंजाब के फिरोजपुर जिले के ममडोट क्षेत्र के तारा वाली गांव के रहने वाले हैं। उनका गांव पाकिस्तान सीमा से महज दो किलोमीटर दूर स्थित है। मई महीने में 7वीं इन्फैंट्री डिवीजन के जनरल कमांडिंग ऑफिसर मेजर जनरल रंजीत सिंह मनराल ने पहली बार सरवन के साहस की जानकारी साझा की थी।

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सरवन का कहना है कि वह बड़े होकर फौजी बनना चाहते हैं और देश की सेवा करना उनका सपना है। उनके पिता भी बेटे की इस देशभक्ति और हिम्मत पर गर्व महसूस कर रहे हैं।

पंजाब के लिए गर्व का क्षण

पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने सरवन सिंह को बाल पुरस्कार मिलने पर बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अद्वितीय साहस दिखाने के लिए 10 वर्षीय सरवन सिंह को राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जाना पूरे पंजाब के लिए गर्व की बात है। जाखड़ ने सरवन को शुभकामनाएं देते हुए उसके देशभक्ति के जज्बे को सलाम किया।

सरवन सिंह की कहानी न सिर्फ बच्चों, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा बन गई है।

‘पैर छूने वालों को काम, सवाल उठाने वालों को तिरस्कार’-कानपुर में अपनी ही मेयर पर फूट पड़ा भाजपा पार्षदों का गुस्सा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के कानपुर में शुक्रवार को नगर निगम सदन की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई। महापौर प्रमिला पांडेय की अध्यक्षता में शुरू हुई बैठक में भाजपा के ही दो पार्षदों ने नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए सदन में जमकर विरोध किया। ग्वालटोली से पार्षद अंकित मौर्य और अशोक नगर से पार्षद पवन गुप्ता ने जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज बुलंद की।

अंकित मौर्य ने सदन में आरोप लगाया कि भाजपा पार्षदों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो पार्षद महापौर की “चापलूसी” करते हैं, उन्हें काम मिल जाता है, जबकि सवाल उठाने वालों को नजरअंदाज किया जाता है। अंकित ने दावा किया कि 15वें वित्त आयोग से जुड़े कार्य पिछले तीन वर्षों से लंबित हैं और इसके प्रमाण उनके पास मौजूद हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका पार्टी संगठन से कोई विवाद नहीं है।

मेयर की सख्त चेतावनी, हंगामे के बीच प्रस्ताव पारित

सदन में बढ़ते शोर-शराबे के बीच महापौर प्रमिला पांडेय ने हस्तक्षेप करते हुए कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पहले एजेंडे पर चर्चा पूरी होने दी जाए, बीच में बोलने पर कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ी तो सदन से बाहर भी किया जा सकता है। हंगामे के बावजूद सदन में 11 प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें 6500 रुपये में नामांतरण और नानाराव पार्क में श्यामोत्सव के दौरान निशुल्क पार्किंग जैसे प्रस्ताव शामिल रहे। इसके बाद राष्ट्रगान के साथ सदन की कार्यवाही समाप्त कर दी गई।

भाजपा पार्षदों में टकराव, विपक्ष रहा शांत

जब भाजपा पार्षदों ने हंगामा शुरू किया तो पार्षद दल के नेता नवीन पंडित ने उन्हें शांत रहने को कहा। इस पर मामला और गरमा गया। पार्षदों ने महापौर से कहा कि उनके आश्वासनों पर अमल नहीं हो रहा है। भाजपा पार्षदों के आपसी टकराव को देखकर दूसरी ओर बैठे कांग्रेस, सपा और बसपा पार्षद मुस्कराते नजर आए।

दो पार्षद चार बैठकों के लिए निलंबित

सदन की कार्यवाही के बाद कुछ भाजपा पार्षद महापौर से मिलने पहुंचे और दोनों हंगामा करने वाले पार्षदों पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाया।

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पार्षद दल के नेता की ओर से दिए गए पत्र के आधार पर महापौर ने अंकित मौर्य और पवन गुप्ता को नगर निगम की आगामी चार बैठकों से निलंबित कर दिया। इस मामले की शिकायत पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष से भी की गई है।

सफाई व्यवस्था को लेकर नया ऐलान

इसी बीच महापौर ने सफाई व्यवस्था को लेकर घोषणा की कि एक सप्ताह के भीतर हर वार्ड में चार-चार अतिरिक्त सफाईकर्मी तैनात किए जाएंगे। हालांकि कुछ पार्षदों ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे आश्वासन पहले भी दिए जा चुके हैं। इस पर महापौर ने भरोसा दिलाया कि इस बार फैसले पर अमल जरूर होगा।

नगर निगम सदन में हुए इस घटनाक्रम ने भाजपा के अंदरूनी मतभेदों को एक बार फिर सार्वजनिक मंच पर ला दिया है।

गोरखपुर, लखनऊ और बनारस से दोगुनी होंगी ट्रेनें, रेलवे ने तैयार किया अगले 5 साल का मेगा प्लान

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-  रेलवे ने उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों गोरखपुर, लखनऊ और वाराणसी (बनारस) से चलने वाली ट्रेनों की संख्या अगले पांच वर्षों में दोगुनी करने की योजना तैयार की है। रेलवे बोर्ड की ओर से संकेत मिलने के बाद उत्तर पूर्व रेलवे (एनईआर) ने इस दिशा में अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। नई रेल लाइनों और बाईपास रूट के निर्माण से इस लक्ष्य को हासिल करना आसान माना जा रहा है।

फिलहाल गोरखपुर जंक्शन से करीब 180 ट्रेनों का संचालन हो रहा है। एनईआर क्षेत्र में तीन नई रेल लाइनों के साथ-साथ दो बाईपास लाइनों पर तेजी से काम चल रहा है, जिससे भविष्य में ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो सकेगा।

48 बड़े शहरों में बढ़ेगी रेल क्षमता

रेल मंत्रालय देश के गोरखपुर, लखनऊ समेत 48 बड़े शहरों में अगले पांच साल के भीतर रेल क्षमता दोगुनी करने की योजना पर काम कर रहा है। मंत्रालय के अनुसार यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए 2030 तक इन शहरों में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार जरूरी हो गया है। इसी उद्देश्य से इन शहरों से शुरू होने वाली ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की रणनीति बनाई गई है।

योजना के तहत बड़े रेलवे टर्मिनलों के साथ-साथ आसपास के स्टेशनों को भी विकसित किया जाएगा, ताकि मुख्य स्टेशनों पर भीड़ कम हो और रेल संचालन सुचारु बना रहे।

नए प्लेटफॉर्म और टर्मिनल होंगे तैयार

क्षमता विस्तार के लिए अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, स्टेबलिंग लाइन, पिट लाइन और शंटिंग सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही शहरी इलाकों और उनके आसपास नए टर्मिनलों की पहचान कर उनका विकास किया जाएगा।

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टर्मिनल विस्तार की योजना बनाते समय आसपास के स्टेशनों को भी समान रूप से सशक्त किया जाएगा। गोरखपुर में कैंट-नकहा और कुसम्ही जैसे स्टेशनों की क्षमता बढ़ाने की भी तैयारी है।

तीन साल में पूरा होगा गोरखपुर जंक्शन का पुनर्विकास

गोरखपुर जंक्शन के पुनर्विकास का काम अगले तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। स्टेशन पर नए फुट ओवरब्रिज का निर्माण तेजी से चल रहा है, जिसे करीब आठ महीने में पूरा करने की योजना है।

खलीलाबाद–श्रावस्ती–बहराइच नई रेल लाइन

करीब 240 किलोमीटर लंबी खलीलाबाद–श्रावस्ती–बहराइच ब्रॉड गेज रेल लाइन परियोजना को 2018 में मंजूरी दी गई थी। यह लाइन उत्तर प्रदेश के पिछड़े इलाकों को जोड़ने के साथ क्षेत्रीय विकास में अहम भूमिका निभाएगी। परियोजना को 2026 से 2029 के बीच पूरा करने का लक्ष्य है।

आनंदनगर–महराजगंज–घुघली रेल लाइन

आनंदनगर से महराजगंज होते हुए घुघली तक प्रस्तावित यह नई रेल लाइन लगभग 52.7 किलोमीटर लंबी होगी। इसके निर्माण से गोंडा से आनंदनगर होकर घुघली जाने की दूरी करीब 42 किलोमीटर कम हो जाएगी। इस मार्ग पर सरयू नदी पर एक लंबा पुल भी बनाया जाएगा।

रेलवे के इस मेगा प्लान से न सिर्फ ट्रेन सेवाओं में इजाफा होगा, बल्कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और तेज कनेक्टिविटी भी मिल सकेगी।

किशोरों के स्मार्टफोन पर पाबंदी, लड़के-लड़कियों के हाफ पैंट पहनने पर रोक; बागपत खाप पंचायत का फैसला

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में खाप पंचायत ने सामाजिक नियमों को लेकर एक अहम निर्णय लिया है। पंचायत ने 18 से 20 वर्ष से कम उम्र के किशोरों के स्मार्टफोन इस्तेमाल पर रोक लगाने के साथ ही लड़कों और लड़कियों दोनों के लिए हाफ पैंट पहनने पर भी प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है। खाप पंचायत का कहना है कि यह कदम पश्चिमी प्रभाव को रोकने और पारंपरिक सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए जरूरी है।

इसके साथ ही पंचायत ने शादियों को लेकर भी नई गाइडलाइन जारी की है। तय किया गया है कि विवाह समारोह अब केवल गांव या घर में ही आयोजित किए जाएंगे, मैरिज हॉल में शादी करने की अनुमति नहीं होगी। अतिथियों की संख्या सीमित रखने और शादी के खर्च को नियंत्रित करने पर जोर दिया गया है। वहीं, शादी के निमंत्रण कार्ड की जगह अब व्हाट्सएप के जरिए निमंत्रण भेजने की व्यवस्था अपनाने की बात कही गई है।

पंचायत के अनुसार 18 से 20 वर्ष से कम उम्र के किशोरों को स्मार्टफोन का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा लड़कों और लड़कियों, दोनों के लिए हाफ पैंट पहनने पर भी रोक रहेगी। पंचायत का मानना है कि इन नियमों से सामाजिक अनुशासन मजबूत होगा और अवांछित प्रथाओं पर लगाम लगेगी।

‘मोबाइल से बच्चों पर पड़ता है गलत असर’
खाप सदस्य चौधरी ब्रजपाल सिंह ने कहा कि समाज का सामूहिक निर्णय सर्वोपरि होता है। उन्होंने बताया कि बच्चों को परिवार और बुजुर्गों के साथ समय बिताकर सही शिक्षा और सामाजिक संस्कार मिलने चाहिए। उनके अनुसार 18–20 साल के युवाओं को स्मार्टफोन की विशेष जरूरत नहीं है, और इस फैसले को लागू करने के लिए गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

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वहीं दगड़ खाप के चौधरी ओमपाल सिंह ने कहा कि लड़कियों को मोबाइल देने से गलत आदतें लगने की आशंका रहती है, इसलिए यही नियम लड़कों पर भी समान रूप से लागू होगा। उन्होंने यह भी कहा कि मोबाइल फोन केवल घर में ही रखा जाना चाहिए।

पूरे यूपी में लागू करने की तैयारी
स्थानीय निवासी नरेश पाल ने बताया कि यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया है। उनका कहना है कि स्कूल में मोबाइल की जरूरत अलग बात है, लेकिन घर पर इसके उपयोग को नियंत्रित करना जरूरी है। पंचायत ने इस निर्णय को पूरे उत्तर प्रदेश में लागू करने के लिए अन्य खापों के साथ समन्वय कर राज्यस्तरीय अभियान चलाने का भी फैसला किया है। खाप पंचायत का उद्देश्य इन नियमों के जरिए पारंपरिक मूल्यों और सामाजिक अनुशासन को बढ़ावा देना है।

Aaj ka Rashifal 27 December 2025:शनि-चंद्रमा के विष योग से दिन में रह सकती है अस्थिरता, जानें सभी 12 राशियों का हाल

Aaj ka Rashifal 27 December 2025: आज ग्रहों की चाल कई राशियों के लिए सावधानी का संकेत दे रही है। गुरु मिथुन राशि में, केतु सिंह में और बुध वृश्चिक राशि में विराजमान हैं। वहीं सूर्य, शुक्र और मंगल धनु राशि में हैं। राहु कुंभ राशि में स्थित है, जबकि शनि और चंद्रमा मीन राशि में एक साथ आकर विष योग का निर्माण कर रहे हैं। इस कारण दिनभर मानसिक दबाव, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां और कार्यों में रुकावट देखने को मिल सकती है। आइए जानते हैं 12 राशियों का दैनिक राशिफल—

मेष राशि

आज सिरदर्द, आंखों में दर्द और साझेदारी से जुड़े मामलों में तनाव रह सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखें, नहीं तो बजट बिगड़ सकता है। मन में अज्ञात भय बना रह सकता है। प्रेम और संतान पक्ष संतोषजनक रहेगा। व्यापार सामान्य रहेगा। उपाय: नीली वस्तु का दान करें।

वृषभ राशि

यात्रा के दौरान सावधानी बरतें, कष्ट संभव है। किसी भ्रमित करने वाली सूचना से मन परेशान हो सकता है। आय में उतार-चढ़ाव रहेगा। प्रेम और संतान की स्थिति मध्यम है। व्यापार ठीक-ठाक रहेगा। उपाय: शनिदेव को नमन करें।

मिथुन राशि

कानूनी मामलों से दूरी बनाकर रखें। व्यवसाय में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। पिता के स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी है। स्वयं की सेहत भी प्रभावित हो सकती है। प्रेम और संतान पक्ष अच्छा रहेगा। उपाय: काली माता को प्रणाम करें।

कर्क राशि

मान-सम्मान को ठेस पहुंचने की आशंका है। यात्रा टालना बेहतर रहेगा। भाग्य के भरोसे कोई बड़ा निर्णय न लें। स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है। प्रेम और संतान की स्थिति भी सामान्य रहेगी। उपाय: लाल वस्तु अपने पास रखें।

सिंह राशि

चोट लगने या किसी परेशानी में फंसने की संभावना है। परिस्थितियां अनुकूल नहीं हैं, इसलिए सतर्क रहें। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें। प्रेम और संतान पक्ष अच्छा है। व्यापार में लाभ के संकेत हैं। उपाय: नीली वस्तु का दान करें।

कन्या राशि

जीवनसाथी और स्वयं के स्वास्थ्य को लेकर सावधानी जरूरी है। प्रेम और संतान से सुख मिलेगा। व्यापार सामान्य गति से चलेगा। उपाय: पीली वस्तु का दान करें।

तुला राशि

शत्रुओं पर विजय मिलेगी और ज्ञान में वृद्धि होगी। वरिष्ठों का सहयोग और आशीर्वाद प्राप्त होगा। स्वास्थ्य थोड़ा प्रभावित रह सकता है। प्रेम, संतान और व्यापार की स्थिति ठीक रहेगी। उपाय: पीली वस्तु का दान करें।

वृश्चिक राशि

बच्चों की सेहत पर ध्यान दें। प्रेम संबंधों में विवाद से बचें। मानसिक तनाव रह सकता है। प्रेम और संतान मध्यम रहेंगे। व्यापार सामान्य रहेगा। उपाय: पीली वस्तु पास रखें।

धनु राशि

घरेलू विवाद की आशंका है। पारिवारिक सुख में कमी महसूस हो सकती है। जमीन, मकान या वाहन से जुड़े मामलों में अड़चनें आ सकती हैं। मां और स्वयं के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। प्रेम और संतान पक्ष अच्छा है। व्यापार भी अनुकूल रहेगा। उपाय: नीली वस्तु का दान करें।

मकर राशि

पराक्रम का अपेक्षित फल नहीं मिलेगा। व्यापार में हल्का उतार-चढ़ाव रहेगा। नाक, कान और गले से जुड़ी परेशानी हो सकती है। प्रेम और संतान सामान्य रहेंगे। उपाय: काली माता को प्रणाम करें।

कुंभ राशि

धन हानि के योग बन रहे हैं, इसलिए निवेश से बचें। मुख संबंधी रोग हो सकता है। पारिवारिक वातावरण में तनाव रहेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। प्रेम और संतान पक्ष ठीक रहेगा। व्यापार सामान्य रहेगा। उपाय: हरी वस्तु अपने पास रखें।

मीन राशि

दिनभर घबराहट और बेचैनी महसूस हो सकती है। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। प्रेम और संतान की स्थिति मध्यम रहेगी। व्यापार सामान्य रहेगा। उपाय: भगवान शिव का जलाभिषेक करें।

चेन्नई के शख्स ने सालभर में कंडोम पर खर्च किए 1 लाख से ज्यादा रुपये, 228 बार किया ऑर्डर

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- ऑनलाइन शॉपिंग और क्विक कॉमर्स ने लोगों की खरीदारी की आदतों को पूरी तरह बदल दिया है। अब सिर्फ रोजमर्रा की जरूरतें ही नहीं, बल्कि लोगों के खर्च करने के तरीके भी सामने आ रहे हैं। स्विगी इंस्टामार्ट की 2025 की ईयर-एंड रिपोर्ट में ऐसे ही कई चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में भारतीय ग्राहकों ने दूध और सब्जियों से लेकर आईफोन और सोने जैसी महंगी चीजों तक इंस्टामार्ट के जरिए खरीदीं। इसी रिपोर्ट में चेन्नई का एक ग्राहक सबसे ज्यादा चर्चा में रहा, जिसने पूरे साल में कंडोम पर 1 लाख रुपये से अधिक खर्च कर दिए।

228 बार किया ऑर्डर, बिल पहुंचा 1.06 लाख रुपये

स्विगी इंस्टामार्ट के आंकड़ों के अनुसार, इस ग्राहक ने साल भर में कुल 228 बार कंडोम का ऑर्डर दिया। इन ऑर्डर्स का कुल खर्च 1,06,398 रुपये तक पहुंच गया। कंपनी के मुताबिक, कंडोम इंस्टामार्ट पर सबसे ज्यादा बिकने वाले प्रोडक्ट्स में शामिल रहा।

हर 127 ऑर्डर में एक कंडोम

रिपोर्ट में बताया गया है कि इंस्टामार्ट पर हर 127 ऑर्डर में से एक ऑर्डर में कंडोम शामिल था। खास तौर पर सितंबर महीने में इसकी बिक्री में 24 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

दूध बना सबसे ज्यादा ऑर्डर किया जाने वाला प्रोडक्ट

रोजमर्रा की जरूरतों की बात करें तो दूध एक बार फिर सबसे आगे रहा। आंकड़ों के अनुसार, हर सेकंड चार से ज्यादा पैकेट दूध इंस्टामार्ट पर ऑर्डर किए गए। कंपनी का दावा है कि अगर इस दूध को इकट्ठा किया जाए, तो इससे 26 हजार से ज्यादा ओलंपिक साइज के स्विमिंग पूल भरे जा सकते हैं।

पेट लवर्स और फिटनेस फ्रीक्स ने भी किया बड़ा खर्च

क्विक कॉमर्स पर सिर्फ जरूरी सामान ही नहीं, बल्कि शौक पर भी जमकर खर्च हुआ।

  • चेन्नई के एक पेट लवर ने पालतू जानवरों के सामान पर 24.1 लाख रुपये खर्च किए और उन्हें “साल का बेस्ट पेट ओनर” बताया गया।

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  • नोएडा के एक फिटनेस प्रेमी ने 1,343 प्रोटीन सप्लीमेंट्स ऑर्डर किए और कुल खर्च 28 लाख रुपये तक पहुंच गया।

सोना भी मंगाया गया ऑनलाइन

लग्जरी शॉपिंग भी पीछे नहीं रही। मुंबई के एक यूजर ने इंस्टामार्ट के जरिए 15.16 लाख रुपये का सोना खरीदा, जो दिखाता है कि क्विक कॉमर्स अब सिर्फ किराने तक सीमित नहीं रहा।

सबसे छोटा ऑर्डर भी चर्चा में

दिलचस्प बात यह रही कि बेंगलुरु के एक यूजर ने साल का सबसे छोटा ऑर्डर किया, जिसकी कीमत सिर्फ 10 रुपये थी, वह भी एक प्रिंटआउट के लिए।

क्या कहती है रिपोर्ट

स्विगी इंस्टामार्ट की 2025 की रिपोर्ट साफ तौर पर बताती है कि आज का भारतीय ग्राहक क्विक कॉमर्स का इस्तेमाल सिर्फ सुविधा के लिए नहीं, बल्कि हर छोटी-बड़ी जरूरत और शौक पूरा करने के लिए कर रहा है—चाहे वह दूध हो, कंडोम हो, पेट प्रोडक्ट्स हों या फिर सोना।

सरकारी विमान से छत्तीसगढ़ पहुंचे बाबा बागेश्वर, पुलिसकर्मी द्वारा पैर छूने पर छिड़ा विवाद

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री उर्फ बाबा बागेश्वर इन दिनों छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं। वे भिलाई में आयोजित पांच दिवसीय हनुमंत कथा में भाग लेने के लिए गुरुवार, 25 दिसंबर को राज्य पहुंचे। हालांकि, उनके छत्तीसगढ़ आगमन के तरीके को लेकर अब सियासी और सामाजिक विवाद खड़ा हो गया है।

सरकारी विमान के इस्तेमाल पर सवाल

जानकारी के अनुसार, बाबा बागेश्वर छत्तीसगढ़ सरकार के शासकीय विमान से रायपुर पहुंचे, जिसके बाद वे भिलाई गए। बताया जा रहा है कि उन्हें लाने के लिए राज्य सरकार के एक मंत्री पहले मध्य प्रदेश के सतना गए और वहीं से उसी विमान द्वारा बाबा बागेश्वर को लेकर रायपुर पहुंचे। इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर सरकारी संसाधनों के उपयोग को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

आलोचकों का कहना है कि धीरेंद्र शास्त्री एक धार्मिक कथावाचक हैं और किसी संवैधानिक पद पर नहीं हैं, ऐसे में निजी धार्मिक कार्यक्रम के लिए सरकारी विमान का इस्तेमाल नियमों के खिलाफ माना जा रहा है।

पुलिसकर्मी द्वारा पैर छूने का वीडियो वायरल

विवाद को और हवा तब मिली जब रायपुर स्थित स्टेट हैंगर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस वीडियो में एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी, जूते उतारकर बाबा बागेश्वर के पैर छूता नजर आ रहा है। इस घटना को लेकर भी सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

लोगों का कहना है कि वर्दी में रहते हुए इस तरह का व्यवहार पुलिस की गरिमा और सरकारी आचार संहिता के खिलाफ है। कई यूजर्स ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए संबंधित पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की मांग की है।

सोशल मीडिया पर उठे संवैधानिक सवाल

सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा कि संविधान का अनुच्छेद 14 समानता का अधिकार देता है। यदि एक धार्मिक कथावाचक को सरकारी विमान की सुविधा दी जा सकती है, तो फिर आम नागरिक, लेखक, कलाकार या सामाजिक कार्यकर्ता को क्यों नहीं? यह फैसला आस्था के आधार पर लिया गया या सत्ता से नजदीकी के आधार पर—यह सवाल उठ रहे हैं।

भिलाई पहुंचने के बाद क्या बोले बाबा बागेश्वर

भिलाई पहुंचने के बाद बाबा बागेश्वर ने मीडिया से बातचीत में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही हिंसा का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर भारत में ऐसी स्थिति नहीं देखनी है तो हिंदुओं को एकजुट होना होगा। उन्होंने कांकेर की हालिया घटना का भी उल्लेख करते हुए हिंदू समाज की एकता की सराहना की।

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उन्होंने यह भी कहा कि जब तक भारत हिंदू राष्ट्र नहीं बन जाता, तब तक वे यात्राएं करते रहेंगे और छत्तीसगढ़ की यात्रा अभी बाकी है।

धर्मांतरण पर दिया बयान

धर्मांतरण के मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में बाबा बागेश्वर ने कहा कि भारत में धर्मांतरण एक गंभीर समस्या है। उन्होंने इसके पीछे अशिक्षा, अंधविश्वास और आर्थिक तंगी को मुख्य कारण बताया और कहा कि समाज को जागरूक करने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे पूजा-पाठ के नाम पर कराए जा रहे धर्मांतरण के विरोधी हैं।

VIDEO: पीएम मोदी का कार्यक्रम खत्म होते ही लखनऊ में गमले ले गए लोग, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर पूरे क्षेत्र को भव्य रूप से सजाया गया था। प्रेरणा स्थल से लेकर आसपास की सड़कों तक फूलों, पौधों, गमलों और हैंगिंग वॉल के माध्यम से हरियाली की खूबसूरत झलक देखने को मिल रही थी।

प्रधानमंत्री के स्वागत और कार्यक्रम को विशेष बनाने के लिए नगर निगम द्वारा स्थल मार्ग, वसंत कुंज रोड और ग्रीन कॉरिडोर पर बड़ी संख्या में छोटे-छोटे गमले लगाए गए थे। पूरा इलाका सजावट के कारण आकर्षक नजर आ रहा था।

कार्यक्रम खत्म होते ही उजड़ गई सजावट

हालांकि, यह सुंदर सजावट ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी। प्रधानमंत्री के लखनऊ से रवाना होने के कुछ ही समय बाद आसपास के लोग सड़क किनारे लगाए गए गमलों को उठाकर ले जाते दिखाई दिए। बाइक सवारों से लेकर कार में सवार लोग और पैदल राहगीर तक पौधों को अपने साथ ले जाते नजर आए। देखते ही देखते सड़क किनारे की हरियाली गायब होने लगी।

वीडियो हुआ सोशल मीडिया पर वायरल

इस पूरी घटना को वहां से गुजर रहे कुछ लोगों ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

 

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वायरल फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि लोग बिना किसी रोक-टोक के गमले उठाकर ले जा रहे हैं। हालांकि, इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

सरकारी संपत्ति को हुआ नुकसान

प्रशासन द्वारा इन पौधों और सजावटी सामग्री पर भारी खर्च किया गया था, लेकिन कुछ ही समय में उसे नुकसान पहुंचा दिया गया। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

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कई यूजर्स इसे शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण बता रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे राजधानी लखनऊ की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला करार दे रहे हैं।

यात्रीगण ध्यान दें! आज से रेल यात्रा हुई महंगी, जानें आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अगर आप ट्रेन से सफर करने की योजना बना रहे हैं तो यह खबर आपके लिए अहम है। भारतीय रेलवे ने यात्री किराए में बढ़ोतरी लागू कर दी है, जो आज यानी 26 दिसंबर से प्रभावी हो गई है। रेलवे ने साफ किया है कि 26 दिसंबर से पहले की गई बुकिंग पर नया किराया लागू नहीं होगा, लेकिन आज या इसके बाद कराई गई टिकट बुकिंग पर बढ़ा हुआ किराया देना होगा।

इन यात्रियों को राहत

रेलवे के मुताबिक उपनगरीय ट्रेन सेवाओं और सीजन टिकटों के किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी रोजाना लोकल ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों पर इस बढ़ोतरी का कोई असर नहीं पड़ेगा।

एक साल में दूसरी बार बढ़ा किराया

गौरतलब है कि यह पिछले एक साल में दूसरी बार है जब रेल मंत्रालय ने यात्री किरायों में संशोधन किया है। इससे पहले जुलाई 2025 में भी किराया बढ़ाया गया था

कितना बढ़ा रेल किराया?

रेल मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार— 215 किलोमीटर से अधिक दूरी की यात्रा पर साधारण श्रेणी (जनरल क्लास) में 1 पैसा प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी, मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की गैर-वातानुकूलित श्रेणियों और सभी ट्रेनों की वातानुकूलित श्रेणियों में 2 पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि की गई है

इन ट्रेनों में लागू हुआ नया किराया

नया किराया कई प्रमुख ट्रेनों पर लागू किया गया है, जिनमें शामिल हैं—

  • राजधानी, तेजस राजधानी
  • शताब्दी, दुरंतो
  • वंदे भारत, हमसफर
  • अमृत भारत, तेजस
  • महामना, गतिमान
  • गरीब रथ, जन शताब्दी
  • अंत्योदय, युवा एक्सप्रेस
  • नमो भारत रैपिड रेल
  • सामान्य गैर-उपनगरीय सेवाएं (एसी मेमू/डेमू को छोड़कर)
  • कितनी महंगी होगी आपकी यात्रा?

रेलवे ने दूरी के हिसाब से किराया बढ़ोतरी तय की है—

  • 215 किमी तक: कोई बढ़ोतरी नहीं
  • 216 से 750 किमी: ₹5 की वृद्धि
  • 751 से 1250 किमी: ₹10 की वृद्धि
  • 1251 से 1750 किमी: ₹15 की वृद्धि
  • 1751 से 2250 किमी: ₹20 की वृद्धि

रेलवे का कहना है कि इस संशोधन से कम दूरी और रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों पर असर नहीं पड़ेगा, जबकि लंबी दूरी की यात्रा करने वालों को थोड़ा अतिरिक्त खर्च उठाना होगा।

यादव कृष्ण के वंशज नहीं वाले बयान पर इंद्रेश महाराज ने मांगी माफी, बोले- सब ठाकुर जी के हैं

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय महाराज द्वारा यादव समाज को लेकर दिए गए एक पुराने बयान पर मचा विवाद अब शांत होने की ओर है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद उठे विरोध के बीच इंद्रेश महाराज ने सार्वजनिक रूप से यादव समुदाय से माफी मांग ली है

उन्होंने हाथ जोड़कर जारी किए गए एक वीडियो संदेश में कहा कि उनका उद्देश्य किसी भी समाज या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। अगर उनके शब्दों से यादव समाज आहत हुआ है, तो इसके लिए वे क्षमाप्रार्थी हैं।

चार साल पुराना वीडियो बना विवाद की वजह

दरअसल, यह विवाद एक चार-पांच साल पुरानी कथा का वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर दोबारा वायरल होने के बाद सामने आया। वायरल क्लिप में इंद्रेश महाराज यह कहते नजर आ रहे हैं कि यादव भगवान श्रीकृष्ण की संतान नहीं हैं और भगवान के प्रस्थान के बाद कोई भी यदुवंशी जीवित नहीं बचा था। इस टिप्पणी के बाद मथुरा सहित कई क्षेत्रों में यादव समाज में नाराजगी देखने को मिली।

यादव समाज ने जताया कड़ा विरोध

वीडियो सामने आने के बाद यादव समुदाय के लोगों ने इस बयान को सिरे से खारिज करते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। यादव समाज के जिला अध्यक्ष संजय यादव ने कहा था कि इंद्रेश महाराज को पूरे समाज के सामने सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी कि माफी नहीं मिलने की स्थिति में लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से विरोध किया जाएगा।

इंद्रेश महाराज का स्पष्टीकरण

माफी मांगते हुए इंद्रेश महाराज ने कहा कि वह कथा हमेशा प्रेम और सद्भाव के भाव से करते हैं, विवाद पैदा करना उनका उद्देश्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उस समय कथा के दौरान किसी राजघराने के व्यक्ति द्वारा व्यक्त किए गए भाव उन्होंने दोहरा दिए थे।

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उन्होंने यह भी कहा कि उनके कई मित्र यादव समाज से हैं और वे सभी को ठाकुर जी का ही अंश मानते हैं। साथ ही यह भी जोड़ा कि बाद की कई कथाओं में उन्होंने इस विषय पर अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया था, लेकिन वह हिस्सा लोगों तक नहीं पहुंच सका।

‘समाज को बांटने की कोशिश हो रही’

इंद्रेश महाराज ने कहा कि समाज को आपस में लड़ाने के लिए कुछ अराजक तत्व इस तरह के मुद्दों को हवा देते हैं, जबकि वास्तव में हम सब एक हैं और अलग होने का कोई कारण नहीं है।