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आतंक के खिलाफ बिहार का बड़ा एक्शन प्लान: इन जिलों में खुलेंगे ATS के नए कमांड ऑफिस

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। बिहार पुलिस की विशेष इकाई एटीएस (आतंकवाद निरोध दस्ता) के चार नए क्षेत्रीय कमांड कार्यालय खोले जाएंगे। पटना स्थित मुख्यालय के अलावा गया, मोतिहारी, दरभंगा और पूर्णिया में एक-एक क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित किए जाएंगे।

इस संबंध में बिहार पुलिस मुख्यालय की ओर से प्रस्ताव तैयार कर गृह विभाग को भेज दिया गया है। मंजूरी मिलते ही इन कार्यालयों के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यह जानकारी एडीजी (विधि-व्यवस्था) पंकज कुमार दराद ने सोमवार को पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में दी।

आसपास के जिलों पर भी रखी जाएगी नजर

एडीजी दराद ने बताया कि जिन जिलों में ये क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित होंगे, उनसे सटे जिलों को भी इनके कार्यक्षेत्र में शामिल किया जाएगा। इससे एटीएस की कार्यक्षमता और निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जा सकेगा।

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उन्होंने कहा कि इन कार्यालयों की जिम्मेदारी सिर्फ आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों तक सीमित नहीं होगी, बल्कि धार्मिक उन्माद, राष्ट्रविरोधी और संगठित आपराधिक गतिविधियों पर भी लगातार नजर रखी जाएगी। यह व्यवस्था सभी जिलों में सक्रिय स्पेशल ब्रांच के समानांतर कार्य करेगी।

DSP रैंक के अधिकारी संभालेंगे कमान

प्रत्येक क्षेत्रीय एटीएस कार्यालय की कमान डीएसपी रैंक के अधिकारी को सौंपी जाएगी। एटीएस सीमावर्ती क्षेत्रों में भी संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखेगी। इसके अलावा, राष्ट्रविरोधी मामलों में जेल से रिहा हुए व्यक्तियों पर भी नजर बनाए रखने और उनसे जुड़ी सूचनाएं जुटाने का कार्य किया जाएगा।

सोशल मीडिया निगरानी से 176 संदिग्ध चिन्हित

एडीजी ने बताया कि एटीएस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग यूनिट के माध्यम से अब तक 176 लोगों को चरमपंथी विचारधारा से जुड़ा हुआ चिन्हित किया गया है। इनमें से 12 लोगों को अतिचरमपंथी प्रवृत्ति के चलते काउंसलिंग और समझाइश के जरिए मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया गया।

हर थाने में तैनात होंगे इंटेलिजेंस अधिकारी

उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिलों के थानों में एक अधिकारी और एक सिपाही को विशेष रूप से आसूचना संग्रह की जिम्मेदारी दी गई है। ये अधिकारी मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध शराब कारोबार, आतंकवाद और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़ी सूचनाएं एकत्र कर जिला और मुख्यालय स्तर तक पहुंचाएंगे। ये टीमें जिलों में कार्यरत सीएटी (Counter Action Team) के साथ समन्वय बनाकर काम करेंगी।

257 संवेदनशील संस्थानों की निगरानी में SWAT टीम

एडीजी दराद ने बताया कि एसटीएस के अंतर्गत गठित स्पेशल स्वाट (SWAT) टीम राज्य के 257 संवेदनशील संस्थानों की सुरक्षा और निगरानी का जिम्मा संभाल रही है। पिछले वर्ष 194 और इस वर्ष अब तक 41 स्थानों पर मॉक ड्रिल और रेकी की जा चुकी है।

उन्होंने बताया कि अब तक 176 एटीएस कमांडो को विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इन कमांडो को एसजी के मानेसर और कोलकाता स्थित प्रशिक्षण केंद्रों में आधुनिक तकनीकों और रणनीतियों की ट्रेनिंग दी गई है।

10 साल दिया आशीर्वाद, 5 साल और दें तो एक-एक घुसपैठिए को बाहर करेंगे: असम में अमित शाह

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को असम की राजधानी गुवाहाटी में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए घुसपैठ के मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य के कई इलाकों में घुसपैठियों ने अवैध कब्जा कर रखा था, लेकिन बीते 10 वर्षों में और खासतौर पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में पिछले 5 वर्षों के दौरान 1 लाख 29 हजार बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है।

अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस से यह सवाल पूछा जाना चाहिए कि घुसपैठ के बाद क्या असम की संस्कृति सुरक्षित रह सकती है। उन्होंने कहा, “अब तक बहुत काम हुआ है, लेकिन इससे संतोष नहीं है। असम की जनता ने 10 साल तक भाजपा को आशीर्वाद दिया है। अगर 5 साल और समर्थन मिल जाए तो हम एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुनकर यहां से बाहर करेंगे।”

ज्योति बिष्णु ऑडिटोरियम का उद्घाटन

केंद्रीय गृह मंत्री ने गुवाहाटी में ज्योति बिष्णु ऑडिटोरियम का उद्घाटन भी किया। अधिकारियों के अनुसार, 291 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस अत्याधुनिक सभागार में 5,000 दर्शकों के बैठने की क्षमता है। यह ऑडिटोरियम खानापारा क्षेत्र में 45 बीघा भूमि पर विकसित परिसर का हिस्सा है।

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परिसर में मुख्य सभागार के अलावा कन्वेंशन सेंटर, 5 वीआईपी सुइट, 450 वाहनों की पार्किंग सुविधा, आधुनिक ऑडियो-विजुअल सिस्टम और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है। अधिकारियों ने दावा किया कि यह पूर्वोत्तर भारत का सबसे बड़ा ऑडिटोरियम है।

हरित ऊर्जा से संचालित होगा परिसर

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि पूरा परिसर हरित ऊर्जा से संचालित होगा और इसकी छत पर सौर पैनल लगाए गए हैं। कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने जन्मजात हृदय रोग कार्यक्रम के 1,000 लाभार्थियों को सम्मानित भी किया।

2,000 CCTV कैमरों वाली निगरानी प्रणाली का उद्घाटन

अमित शाह ने गुवाहाटी पुलिस आयुक्त कार्यालय के नवनिर्मित 8 मंजिला भवन और शहर में 2,000 सीसीटीवी कैमरों से लैस निगरानी प्रणाली का भी उद्घाटन किया। पुलिस आयुक्त कार्यालय भवन का निर्माण 111 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है और यह खानापारा क्षेत्र में स्थित है।

इसके साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री ने राज्य के CID द्वारा आपराधिक कानूनों पर आयोजित प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। इन दोनों परियोजनाओं पर कुल 292 करोड़ रुपये की लागत आई है।

यूपी में खेल क्रांति की तैयारी: हर गांव में मैदान, ब्लॉक में मिनी स्टेडियम और मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज – सीएम योगी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान, हर ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम, हर जिले में बड़ा स्टेडियम और हर मंडल मुख्यालय पर स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की जाएगी। सरकार इस दिशा में ठोस तैयारी कर रही है।

मुख्यमंत्री योगी सोमवार को गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित विधायक खेल स्पर्धा–2025 के पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज परिसर में आयोजित हुआ।

खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार मजबूत कर रही सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार कर रही है। उन्होंने बताया कि गोरखपुर के बेलीपार क्षेत्र के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनने जा रहा है। वहीं, रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम का 63 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण किया जा रहा है। वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में भी आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्टेडियम का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

उन्होंने कहा कि मेरठ में मेजर ध्यानचंद के नाम पर स्थापित स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, जिसका विश्वस्तरीय निर्माण कार्य जारी है। अब सरकार की योजना हर मंडल मुख्यालय में स्पोर्ट्स कॉलेज खोलने की है।

संस्थाओं से एक-एक खेल गोद लेने की अपील

सीएम योगी ने बताया कि वह शीघ्र ही गोरखपुर महानगर की विभिन्न संस्थाओं के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में संस्थाओं से एक-एक खेल को गोद लेने का आह्वान किया जाएगा। सरकार और संस्थाएं मिलकर सहयोग करेंगी तथा अच्छे प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी, जिससे बच्चों को बेहतर प्रशिक्षण और मंच मिल सके।

कामकाजी और रिटायर्ड लोगों के लिए भी होंगी खेल प्रतियोगिताएं

मुख्यमंत्री ने विधायक खेल स्पर्धा को और व्यापक बनाने की योजना साझा करते हुए कहा कि अगली बार बच्चों और छात्रों के साथ-साथ कामकाजी और सेवानिवृत्त लोगों के लिए भी वार्ड स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसके बाद उपनगरीय और नगर स्तर पर बड़ी प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा, जिसमें विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।

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उन्होंने बताया कि छात्र-छात्राओं की प्रतियोगिताएं बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा स्तर पर बालक और बालिका वर्ग में आयोजित होंगी।

सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं भी होंगी आयोजित

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर में खेलों के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। गायन, वादन, नृत्य और नाट्य जैसी विधाओं में प्रतियोगिताएं जनवरी के पहले सप्ताह में होंगी। 11 से 13 जनवरी को गोरखपुर महोत्सव के दौरान विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।

‘खेलेगा युवा, तो खिलेगा देश’

सीएम योगी ने कहा कि युवा खेलेगा तो देश खिलेगा, और विकसित भारत का सपना इसी मार्ग से साकार होगा। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर के बिना जीवन में सफलता संभव नहीं है, और स्वास्थ्य खेलकूद व योग के माध्यम से ही प्राप्त किया जा सकता है।

11 वर्षों में खेल जगत में बड़ा बदलाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश में खेलों के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन आया है। आज कबड्डी, हॉकी, बैडमिंटन और एथलेटिक्स में भारत को वैश्विक पहचान मिली है। ओलंपिक, एशियाड, कॉमनवेल्थ और विश्व चैंपियनशिप में भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ी है, जिसे देखते हुए सरकार खेल सुविधाओं को लगातार मजबूत कर रही है।

खिलाड़ियों के उत्साह की सराहना

भीषण ठंड के बावजूद खिलाड़ियों के उत्साह की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इस आयोजन में 1000 खिलाड़ियों ने प्रत्यक्ष और लगभग 10 हजार खिलाड़ियों ने अप्रत्यक्ष रूप से भाग लिया। विधायक खेल स्पर्धा 2025 में एथलेटिक्स, कबड्डी, वॉलीबॉल, जूडो और कुश्ती प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।

बिना भेदभाव मिल रहे हैं अवसर: संजय निषाद

प्रदेश के मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में खेलों के क्षेत्र में बिना किसी भेदभाव के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब हथियारों के खेल की जगह वास्तविक खेल संस्कृति विकसित हुई है।

यूपी बनेगा पदक तालिका में अग्रणी: गिरीश चंद्र यादव

प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि सीएम योगी के नेतृत्व में खेल अधोसंरचना और प्रतिभा निखारने के लिए ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सर्वाधिक पदक विजेता खिलाड़ी उत्तर प्रदेश से होंगे।

डबल इंजन सरकार दे रही हर सुविधा: रविकिशन शुक्ल

सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि डबल इंजन सरकार गांव-देहात के बच्चों तक खेल सुविधाएं पहुंचा रही है। सीएम योगी, पीएम मोदी के ‘खेलेगा इंडिया, आगे बढ़ेगा इंडिया’ के संकल्प को साकार कर रहे हैं।

सीएम ने देखे फाइनल मुकाबले, विजेताओं को किया सम्मानित

समापन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कुश्ती (74 किग्रा वर्ग) और कबड्डी के फाइनल मुकाबले देखे और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कुश्ती प्रतियोगिता के विजेता शुभम यादव, उपविजेता अनुराग यादव तथा कबड्डी में विजेता रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम टीम और उपविजेता नीना थापा टीम को पदक, ट्रॉफी और उपहार प्रदान किए।

आसाराम पर सवाल सुनते ही धीरेंद्र शास्त्री ने दिया क्रिकेट का उदाहरण, बोले– टेस्ट मैच में टिके रहना ही असली खेल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री उर्फ बाबा बागेश्वर इन दिनों छत्तीसगढ़ के भिलाई दौरे पर हैं, जहां वे पांच दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन कर रहे हैं। अपने बेबाक और रोचक बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले धीरेंद्र शास्त्री ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उनसे जेल में बंद स्वयंभू संत आसाराम बापू को लेकर सवाल किया गया, जिस पर उन्होंने गंभीर मुद्दे का जवाब अपने अलग अंदाज में दिया।

बाबाओं के पतन पर सवाल

IBC 24 चैनल को दिए इंटरव्यू में धीरेंद्र शास्त्री से पूछा गया कि कई संत और महात्मा ऊंचे मुकाम पर पहुंचने के बाद ऐसे विवादों में कैसे फंस जाते हैं, जिससे उनकी वर्षों की प्रतिष्ठा खत्म हो जाती है। इस सवाल में आसाराम बापू समेत अन्य संतों के पतन का भी जिक्र किया गया।

बोले- बड़ा बनना नहीं, बड़ा बने रहना चुनौती

इस पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि प्रसिद्धि पाने वाले व्यक्ति को, चाहे वह धर्म, राजनीति या किसी भी क्षेत्र से जुड़ा हो, खुद को बनाए रखने के लिए कुछ बातों से दूरी बनानी जरूरी होती है। उन्होंने कहा, “बड़ा बनना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन कितने समय तक आप बड़े बने रहते हैं, यही असली चुनौती है।”

क्रिकेट से समझाया सिद्धांत

धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी बात समझाने के लिए क्रिकेट का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, “टेस्ट मैच में एक सिद्धांत चलता है- रन आएं या न आएं, क्रीज पर टिके रहना जरूरी होता है। इसी वजह से राहुल द्रविड़ को ‘वॉल ऑफ इंडिया’ कहा जाता था।”
उन्होंने आगे कहा कि ऊंचे पद पर पहुंचने वाले व्यक्ति को तीन चीजों से बचकर रहना चाहिए—स्त्री से जुड़ा गलत आचरण, काला धन और गंदी राजनीति। उनका कहना था कि इनसे दूरी बनाए रखने वाला व्यक्ति लंबे समय तक टिक सकता है।

‘हीरो से जीरो और जीरो से हीरो’

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि यही तीन बातें किसी को हीरो से जीरो बना सकती हैं और यदि इन पर नियंत्रण हो जाए तो जीरो से हीरो बनने का रास्ता भी खुलता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि खुद उन्हें भी हर पल इनसे दूर रहने का प्रयास करना चाहिए।

परिस्थितियां कैसे बनती हैं, कहना मुश्किल

जब उनसे पूछा गया कि जो महात्मा त्याग और संयम की शिक्षा देते हैं, वे खुद कैसे ऐसे मामलों में फंस जाते हैं, तो इस पर उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियां कैसे बनती हैं, यह कहना बेहद कठिन है। उन्होंने कहा कि यह स्वांग है, षड्यंत्र है या व्यक्ति की वृत्ति भटक जाती है—इस पर निश्चित रूप से कुछ कहना आसान नहीं है।

धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान ने एक बार फिर धार्मिक जगत और सामाजिक विमर्श में चर्चा को तेज कर दिया है।

Aaj Ka Rashifal 29 December 2025: आज इन 5 राशियों पर मेहरबान रहेगा भाग्य, पराक्रम से मिलेगी सफलता

आज 29 दिसंबर 2025, रविवार का दिन ग्रह-नक्षत्रों की चाल के अनुसार कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आया है। चंद्रमा मेष राशि में गोचर कर रहे हैं। गुरु मिथुन, शनि मीन, राहु कुंभ और केतु सिंह राशि में स्थित हैं। वहीं सूर्य, शुक्र और मंगल धनु राशि में विराजमान हैं। आइए जानते हैं आज का राशिफल—

मेष राशि

आज आपके भीतर सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी। स्वास्थ्य में सुधार के संकेत हैं। प्रेम संबंधों और संतान पक्ष से सहयोग मिलेगा। व्यापार भी लाभ की स्थिति में रहेगा। हरी वस्तु का दान करना शुभ रहेगा।

वृषभ राशि

खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे मन थोड़ा विचलित रहेगा। किसी अनजाने डर का अनुभव हो सकता है। सिरदर्द या आंखों से जुड़ी हल्की समस्या रह सकती है, लेकिन कोई गंभीर परेशानी नहीं होगी। प्रेम और संतान का साथ मिलेगा। व्यापार सामान्य से अच्छा रहेगा। लाल वस्तु दान करें।

मिथुन राशि

आय के नए स्रोत बनेंगे और पुराने निवेश से भी लाभ होगा। यात्रा के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार तीनों क्षेत्रों में स्थिति बेहद अनुकूल रहेगी। लाल वस्तु का दान लाभदायक रहेगा।

कर्क राशि

कानूनी मामलों में सफलता मिल सकती है। व्यापार में मजबूती आएगी। स्वास्थ्य पहले से बेहतर रहेगा। प्रेम और संतान पक्ष थोड़ा सामान्य रह सकता है, लेकिन व्यापार में अच्छा लाभ मिलेगा। लाल वस्तु अपने पास रखें।

सिंह राशि

आज भाग्य आपका पूरा साथ देगा। यात्रा के योग हैं और धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। स्वास्थ्य में सुधार होगा। प्रेम, संतान और व्यापार तीनों में संतोषजनक स्थिति रहेगी। पीली वस्तु पास रखें।

कन्या राशि

आज परिस्थितियां थोड़ी चुनौतीपूर्ण रह सकती हैं। सावधानी बरतने की जरूरत है, चोट या नुकसान की आशंका है। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। प्रेम और संतान का सहयोग मिलेगा। व्यापार भी ठीक रहेगा। लाल वस्तु का दान शुभ होगा।

तुला राशि

जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन अच्छा रहेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार सभी क्षेत्रों में सकारात्मक स्थिति रहेगी। बजरंगबली का स्मरण करना शुभ रहेगा।

वृश्चिक राशि

आज शत्रुओं पर आपका प्रभाव बना रहेगा। ज्ञान और अनुभव में वृद्धि होगी। वरिष्ठों और बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। प्रेम, संतान और व्यापार में स्थिति अच्छी रहेगी। पीली वस्तु पास रखें।

धनु राशि

विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल है। पढ़ाई-लिखाई और रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय लेने से बचें। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। प्रेम, संतान और व्यापार भी संतोषजनक रहेंगे। लाल वस्तु पास रखें।

मकर राशि

घर-परिवार में तनाव की स्थिति बन सकती है, संयम से काम लें। भूमि, भवन या वाहन से जुड़ा कोई अवसर मिल सकता है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। प्रेम, संतान और व्यापार में स्थिति अनुकूल रहेगी। मां काली का स्मरण करें।

कुंभ राशि

आज आपका पराक्रम रंग लाएगा। रोजी-रोजगार में तरक्की के योग हैं। व्यवसाय में सफलता मिलेगी। परिवार और अपनों का साथ मिलेगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा। प्रेम, संतान और व्यापार अच्छे रहेंगे। हरी वस्तु पास रखें।

मीन राशि

स्वास्थ्य में स्पष्ट सुधार होगा। प्रेम और संतान से भरपूर सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और धन संचय बढ़ेगा। परिवार का साथ मिलेगा। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार तीनों क्षेत्रों में दिन बेहद शुभ रहेगा। लाल वस्तु पास रखें।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच कुलदीप सेंगर के समर्थन में पहुंची महिला कौन? पुरुष आयोग से जुड़ाव आया सामने

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उन्नाव रेप मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सोमवार को पीड़िता अपनी मां के साथ जंतर-मंतर पहुंची। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने अदालत के आदेश का विरोध किया और आरोपी पूर्व भाजपा नेता कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ नारे लगाए। इसी बीच माहौल तब चौंकाने वाला हो गया, जब एक महिला हाथ में तख्ती लेकर सेंगर के समर्थन में नारे लगाती नजर आई।

कौन हैं सेंगर की समर्थक महिला?
जानकारी के मुताबिक, कुलदीप सेंगर के पक्ष में प्रदर्शन करने वाली महिला ‘पुरुष आयोग’ की अध्यक्ष बरखा त्रेहान हैं। दिल्ली की महिला एक्टिविस्ट योगिता भयाना ने बताया कि पूरे प्रदर्शन के दौरान सेंगर के समर्थन में केवल यही एक महिला सामने आई। उनके अनुसार, पीड़िता और उसके समर्थन में मौजूद लोगों के लिए यह दृश्य बेहद निराशाजनक था।

प्रदर्शन के दौरान पीड़िता का समर्थन कर रहे लोगों और ‘पुरुष आयोग’ से जुड़े सदस्यों के बीच तीखी बहस भी हुई, जो कुछ समय के लिए झड़प में बदल गई।

पीड़िता समर्थकों का कहना
पीड़िता के समर्थन में मौजूद प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका विरोध तथ्यों और अदालती रिकॉर्ड के आधार पर है। उनका कहना है कि कुलदीप सेंगर एक सजायाफ्ता अपराधी है और उसे मिली जमानत व सजा के निलंबन के खिलाफ ही यह प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने चिंता जताई कि ऐसे घटनाक्रम पीड़िता के मनोबल पर नकारात्मक असर डालते हैं।

सुप्रीम कोर्ट में कब होगी सुनवाई?
उन्नाव रेप केस अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। इस मामले में अगली सुनवाई सोमवार को होगी। कार्यसूची के अनुसार, भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई में न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति अगस्टीन जॉर्ज मसीह की तीन-न्यायाधीशों वाली वेकेशन बेंच मामले पर सुनवाई करेगी।
इसके साथ ही अधिवक्ताओं अंजले पटेल और पूजा शिल्पकार की ओर से दायर एक अलग याचिका पर भी सुनवाई होगी, जिसमें हाई कोर्ट के आदेश पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है।

नया साल 2026: 1 जनवरी से बदल जाएंगे ये बड़े नियम, बैंकिंग से लेकर किसानों और गैस तक पड़ेगा असर

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- नया साल 2026 दस्तक देने वाला है और इसके साथ ही 1 जनवरी 2026 से कई अहम नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं। ये बदलाव बैंकिंग, टैक्स, राशन व्यवस्था, किसानों की योजनाओं, सोशल मीडिया नियमों और गैस की कीमतों से जुड़े हैं। इनका असर नौकरीपेशा लोगों, किसानों, बुजुर्ग पेंशनरों और मिडिल क्लास परिवारों पर पड़ना तय है। ऐसे में जरूरी है कि समय रहते इन नए नियमों की जानकारी ले ली जाए।

किसानों से जुड़े बड़े बदलाव

2026 में कई राज्यों में किसान आईडी को अनिवार्य किया जा रहा है। किसान आईडी नहीं होने की स्थिति में पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त अटक सकती है। इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में भी नए नियम लागू किए जाएंगे, जिससे बीमा प्रक्रिया और दावों में बदलाव देखने को मिल सकता है।

पैन-आधार लिंक अनिवार्य

अगर 1 जनवरी 2026 तक पैन कार्ड को आधार से लिंक नहीं कराया गया, तो पैन निष्क्रिय हो सकता है। इससे बैंकिंग लेनदेन, इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने और अन्य वित्तीय कार्यों में परेशानी आ सकती है।

सरकारी स्कूलों में डिजिटल हाजिरी

नए साल से कई राज्यों के सरकारी स्कूलों में टैब के माध्यम से डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य शिक्षकों की उपस्थिति पर निगरानी बढ़ाना और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है।

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बैंकिंग और इनकम टैक्स से जुड़े नियम

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म में बदलाव की संभावना है, जिसमें पहले से ज्यादा डेटा आधारित जानकारी देनी पड़ सकती है। वहीं अप्रैल 2026 से क्रेडिट स्कोर अपडेट होने की समय-सीमा घटकर 7 दिन रह जाएगी, जो अभी 15 दिन है। इसके अलावा SBI समेत कई बैंकों ने लोन की ब्याज दरों और एफडी रेट्स में भी बदलाव किए हैं।

सोशल मीडिया पर बढ़ेगी सख्ती

2026 में सोशल मीडिया के नियम और सख्त हो सकते हैं। 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक या कड़े पेरेंटल कंट्रोल की व्यवस्था लागू की जा सकती है। उम्र सत्यापन के बिना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच मुश्किल हो सकती है।

LPG और CNG की कीमतों में राहत की उम्मीद

हर महीने की पहली तारीख को LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा होती है। 1 जनवरी 2026 से घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में कमी की संभावना जताई जा रही है। टैक्स ढांचे और जोन सिस्टम में बदलाव के चलते CNG और PNG के दाम भी घट सकते हैं।

राशन कार्ड से जुड़े नए नियम

नए साल से राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को और सरल बनाया जाएगा। इससे खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों को फायदा होगा। अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी और घर बैठे सेवाएं मिल सकेंगी।

8वें वेतन आयोग पर नजर

केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू होने की उम्मीद है। अगर इसमें देरी होती है, तो भी कर्मचारियों को एरियर मिलने की संभावना बनी हुई है।

कुल मिलाकर, 2026 की शुरुआत कई बड़े बदलावों के साथ होने जा रही है। इन नियमों की जानकारी पहले से होना लोगों को बेहतर योजना बनाने में मदद करेगा।

अयोध्या राम मंदिर में नए साल से पहले भारी भीड़, 1 जनवरी तक के VIP पास खत्म, नए साल पर आरती के सभी स्लॉट फुल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-  नए साल के आगमन से पहले अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा के मुताबिक, 1 जनवरी 2026 तक के सभी वीआईपी दर्शन पास पूरी तरह बुक हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि बीते एक महीने से अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, हालांकि इसके बावजूद मंदिर प्रशासन की ओर से दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित की जा रही है।

डॉ. मिश्रा के अनुसार, सामान्य दर्शन मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं को औसतन 30 मिनट के भीतर रामलला के दर्शन हो जा रहे हैं। मंदिर में पास प्रणाली के तहत दर्शन की एक तय दैनिक सीमा रखी गई है। हर दो घंटे के स्लॉट में 400 वीआईपी पास जारी किए जाते हैं, जो 1 जनवरी तक पूरी तरह भर चुके हैं। इसके साथ ही मंदिर में होने वाली आरती के लिए जारी किए जाने वाले सभी पास भी बुक हो चुके हैं।

31 दिसंबर को मनाई जाएगी प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की दूसरी वर्षगांठ

रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की दूसरी वर्षगांठ प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर 31 दिसंबर को मनाई जाएगी। इस विशेष आयोजन में मुख्य अतिथि और यजमान के रूप में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल होंगे। इससे पहले शनिवार से पंचदिवसीय अनुष्ठानों का विधिवत शुभारंभ किया जाएगा, जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के न्यासी और पेजावर मठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु माध्वाचार्य स्वामी विश्व प्रसन्न तीर्थ के निर्देशन में यह आयोजन संपन्न होगा। अनुष्ठानों की व्यवस्था के लिए स्वामी श्री तीर्थ अयोध्या पहुंच चुके हैं। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि रामलला के श्रीविग्रह में दैवीय शक्तियों के आधान के लिए अनुष्ठान प्रातःकाल से शुरू होंगे, जबकि प्रतिदिन सायंकाल भगवान की पालकी यात्रा निकाली जाएगी।

इस अनुष्ठान के यजमान के रूप में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू भी रविवार को अयोध्या पहुंचेंगे। वह करीब ढाई घंटे तक राम मंदिर परिसर में रहेंगे।

अभिषेक, आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का विस्तृत कार्यक्रम

ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने बताया कि 31 दिसंबर को यज्ञशाला में होने वाले अनुष्ठान और मंदिर के भीतर अभिषेक का कार्यक्रम सुबह 9:30 बजे से शुरू होगा। अभिषेक का सजीव प्रसारण श्रद्धालु देख सकेंगे। श्रृंगार और अभिषेक के बाद 11:30 बजे भगवान का पट भोग के लिए बंद किया जाएगा, जबकि दोपहर 12 बजे भगवान की आरती संपन्न होगी। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहेंगे।

इसके बाद दोपहर 2 बजे अंगद टीला पर आयोजित समारोह में दोनों अतिथि अपना संबोधन देंगे। समारोह के उपरांत रामकथा का शुभारंभ होगा और सायंकाल सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इससे पहले 29 दिसंबर से संगीतमय मानस पाठ का आयोजन प्रतिदिन सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक होगा। वहीं, दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक जगद्गुरु राम दिनेशाचार्य महाराज के श्रीमुख से कथा प्रवचन होगा।

उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं के लिए अंगद टीला में प्रवेश सुग्रीव पथ के माध्यम से कराया जाएगा। नए साल से पहले राम नगरी अयोध्या पूरी तरह भक्ति और उत्सव के रंग में रंगती नजर आ रही है।

हर विधानसभा में कितने घटे वोट? अखिलेश यादव ने पेश किया गणित, भाजपा में घमासान की वजह भी बताई

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची से नाम हटने के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश ने न सिर्फ वोट कटने को लेकर सवाल उठाए, बल्कि यह भी बताया कि इससे भाजपा को हर विधानसभा में कितना नुकसान हुआ है। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर भाजपा के लिए “खुद के खोदे गड्ढे” जैसा साबित हुआ है।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि एसआईआर के तहत कुल 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे गए हैं, जिनमें से करीब 85 से 90 प्रतिशत वोट भाजपा समर्थकों के ही थे। उन्होंने इसे राजनीतिक गणित बताते हुए कहा कि अगर 2.89 करोड़ का सिर्फ 85 प्रतिशत भी माना जाए, तो यह संख्या लगभग 2 करोड़ 45 लाख से ज्यादा होती है। इस आंकड़े को उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों से भाग देने पर औसतन करीब 61 हजार वोट प्रति सीट का नुकसान भाजपा को होगा।

सपा प्रमुख ने कहा कि इसका सीधा मतलब है कि भाजपा हर विधानसभा सीट पर आनुपातिक रूप से लगभग 61 हजार वोट कम पाएगी। ऐसे में भाजपा सरकार कैसे बनाएगी, जब वह दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी। अखिलेश ने दावा किया कि यही असली वजह है, जिसके चलते भाजपा में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ रही है।

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उन्होंने कहा कि ऊपर से देखने में भले ही भाजपा में चल रही ‘विद्रोही बैठकें’ घमासान की वजह लगें, लेकिन असल कारण यह है कि भाजपा विधायकों को पहले से अंदाजा हो गया है कि एसआईआर ने उनके चुनावी आधार को कितना नुकसान पहुंचाया है। यही कारण है कि अब भाजपा में एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप, टोका-टोकी और खुलेआम नोटिस देने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं।

अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि भाजपा विधायक अलग-अलग बैठकें कर यह जताने की कोशिश कर रहे हैं कि न तो सरकार उनकी सुन रही है, न संगठन और न ही उनके सहयोगी। ऐसे में जब चुनाव से पहले उनके कामों का मूल्यांकन होगा, तो वे असफल साबित होंगे। इसी डर से अब सभी एकजुट होकर अपनी सफाई देने में लगे हुए हैं।

सपाइयों ने मनाई महाराजा खेत सिंह खंगार की जयंती

इससे पहले शनिवार को समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में वीर शिरोमणि महाराजा खेत सिंह खंगार की जयंती मनाई गई। इस मौके पर अखिलेश यादव, राष्ट्रीय सचिव राजेन्द्र चौधरी समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण किया। अखिलेश ने कहा कि महाराजा खेत सिंह खंगार एक महान योद्धा और कुशल प्रशासक थे, जिन्होंने पृथ्वीराज चौहान के साथ कई युद्ध लड़े और इतिहास में अपनी अलग पहचान बनाई।

यह बयान ऐसे समय आया है, जब यूपी की सियासत में मतदाता सूची और आगामी चुनावों को लेकर हलचल तेज होती जा रही है।

राबड़ी आवास में तहखाने का दावा, सोना‑चांदी और दस्तावेज होने की आशंका; जेडीयू ने सरकार से निगरानी की मांग की

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को खाली किए जाने को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि राबड़ी आवास में एक तहखाना मौजूद हो सकता है, जिसमें कीमती सामान रखा गया हो। जेडीयू का कहना है कि सरकार को इस पूरे मामले पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।

जेडीयू के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने शनिवार को आरोप लगाया कि राबड़ी देवी के सरकारी आवास में तहखाना होने की संभावना है, जहां सोना‑चांदी, नकदी और जमीन से जुड़े अहम दस्तावेज रखे जा सकते हैं। उन्होंने मांग की कि आवास खाली करने की प्रक्रिया के दौरान सरकार को सतर्क रहना चाहिए, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता न हो।

नीरज कुमार ने यह भी सवाल उठाया कि जब राबड़ी देवी का परिवार फिलहाल पटना में नहीं है और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव विदेश यात्रा पर हैं, तो फिर आवास से पेड़‑पौधे किसकी अनुमति से बाहर ले जाए गए। उन्होंने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए कि ये पौधे लालू परिवार की निजी संपत्ति थे या फिर उद्यान विभाग की ओर से लगाए गए थे।

जेडीयू प्रवक्ता ने भवन निर्माण विभाग से अपील की कि राबड़ी आवास में मौजूद सभी सरकारी सामानों की सूची को अपडेट किया जाए। उन्होंने आशंका जताई कि तहखाने में भी सरकारी या अन्य सामग्री हो सकती है। साथ ही उन्होंने कहा कि आवास खाली करते समय पंखे, रेगुलेटर, नल, पाइप समेत अन्य सरकारी सामानों पर भी निगरानी रखी जाए और यदि कोई गड़बड़ी सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई हो।

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दरअसल, बिहार में पिछले महीने नई सरकार के गठन के बाद भवन निर्माण विभाग ने विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के लिए पटना के 39, हार्डिंग रोड स्थित बंगले को आवंटित कर दिया है। इसके चलते पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली कर नए बंगले में शिफ्ट होना होगा। बताया जा रहा है कि लालू परिवार पिछले करीब 20 वर्षों से 10 सर्कुलर रोड वाले आवास में रह रहा था, जिसे लेकर पहले से ही राजनीतिक बयानबाजी चल रही है।

इसी बीच गुरुवार देर रात का एक वीडियो सामने आया, जिसमें राबड़ी आवास से गाड़ियों में पौधे और कुछ सामान ले जाते हुए दिखाया गया। इसके बाद भाजपा और जेडीयू ने आरोप लगाया कि लालू परिवार रात के अंधेरे में आवास खाली कर रहा है। वहीं, आरजेडी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि सरकार लालू परिवार की निगरानी और जासूसी करवा रही है।

राबड़ी आवास को लेकर उठा यह विवाद अब सियासी आरोप‑प्रत्यारोप का नया केंद्र बन गया है।