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माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का अनशन जारी, बोले-साजिश थी भगदड़ कराकर मारने की

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या पर संगम स्नान को लेकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और प्रशासन के बीच टकराव गहराता चला गया। संगम स्नान से रोके जाने के बाद नाराज शंकराचार्य ने समर्थकों के साथ धरना शुरू कर दिया, जो देर रात तक चलता रहा। सूर्यास्त के बाद उन्होंने मौन व्रत के साथ अनशन भी शुरू कर दिया, जो फिलहाल जारी है। शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि उनके साथ जानबूझकर बदसलूकी की गई और भगदड़ कराकर उन्हें नुकसान पहुंचाने की साजिश रची गई।

संगम स्नान को लेकर बढ़ा विवाद

रविवार सुबह करीब 9:47 बजे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पालकी पर सवार होकर अपने अनुयायियों के साथ संगम नोज पहुंचे। संगम तट पर पहले से बैरिकेडिंग लगी थी। प्रशासन ने यह कहते हुए उन्हें रोक दिया कि पालकी पर बैठकर स्नान की अनुमति नहीं है और पैदल जाकर स्नान करने का आग्रह किया गया। संगम घाट की दूरी मात्र करीब 50 मीटर थी, लेकिन इसे लेकर विवाद खड़ा हो गया।

शंकराचार्य के अनुयायियों ने इसका विरोध किया और धक्का-मुक्की के बीच संगम वॉच टावर तक पहुंच गए। स्थिति बिगड़ती देख मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार को भीड़ को देखते हुए पालकी आगे न बढ़ने देने के निर्देश दिए।

पुलिस और समर्थकों में झड़प

पुलिस अधिकारियों ने शंकराचार्य और उनके अनुयायियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बन सकी। करीब तीन घंटे तक संगम तट पर हो-हल्ला और खींचतान चलती रही। इस दौरान कुछ अनुयायियों को पुलिस ने संगम चौकी के भीतर ले जाकर रोके रखा। मौके पर डीएम मनीष कुमार वर्मा और मेलाधिकारी ऋषिराज भी पहुंचे, लेकिन पैदल स्नान के सुझाव पर सहमति नहीं बन पाई।

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आरोप है कि इस दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच कई बार धक्का-मुक्की हुई और शंकराचार्य के शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरि सहित कई संतों के साथ मारपीट की गई। कुछ संतों को बाल पकड़कर घसीटे जाने के भी आरोप लगाए गए। दोपहर करीब 12:15 बजे तक स्थिति यह हो गई कि शंकराचार्य पालकी पर अकेले रह गए, जिसके बाद कुछ लोगों ने पालकी को वहां से हटाया।

बिना स्नान लौटे शंकराचार्य

लगातार गतिरोध के बाद शंकराचार्य बिना संगम स्नान किए लौट गए। उन्होंने कहा कि जब तक बदसलूकी करने वाले अधिकारी उन्हें सम्मानपूर्वक स्नान के लिए नहीं ले जाएंगे, तब तक वह स्नान नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो वह मेला छोड़ सकते हैं।

छत्र टूटने का आरोप, शिविर के बाहर धरना

शंकराचार्य की पालकी को अक्षयवट मार्ग पर छोड़ दिया गया, जहां कथित तौर पर उनका छत्र टूट गया। इसे लेकर समर्थकों में भारी नाराजगी देखी गई। आरोप है कि करीब आधे घंटे तक शंकराचार्य वहां अकेले खड़े रहे। बाद में समर्थक पहुंचे और उन्हें त्रिवेणी मार्ग स्थित शिविर तक ले गए, जहां उन्होंने धरना शुरू किया।

प्रशासन का पक्ष

मंडलायुक्त का कहना है कि अमावस्या के कारण संगम क्षेत्र को नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया था। उनके अनुसार, बिना अनुमति पालकी पर सवार होकर करीब 200 अनुयायियों के साथ संगम पहुंचना परंपरा और नियमों के विपरीत था। भीड़ अत्यधिक थी और बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने से जनसामान्य को परेशानी हुई, जिससे किसी भी तरह की अप्रिय घटना की आशंका बन गई थी।

बैरियर तोड़ने को लेकर जांच

पुलिस आयुक्त ने दावा किया कि शंकराचार्य के समर्थकों ने पांटून पुल नंबर दो का बैरियर तोड़ा है। हालांकि समर्थकों ने इस आरोप से इनकार किया है। पुलिस अब सुबह 9:30 बजे की फुटेज के जरिए इसकी पुष्टि करने की बात कह रही है।

फिलहाल, पूरे घटनाक्रम को लेकर माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और शंकराचार्य का अनशन जारी है।

चांदी ने रचा इतिहास, पहली बार ₹3 लाख के पार पहुंची कीमत, सोने में भी ₹3,000 की जबरदस्त तेजी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- कमोडिटी बाजार में सोमवार को ऐतिहासिक तेजी देखने को मिली। MCX पर चांदी ने पहली बार ₹3 लाख प्रति किलोग्राम का आंकड़ा पार कर लिया, जबकि सोना भी जोरदार उछाल के साथ रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वैश्विक स्तर पर बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव और ट्रेड वॉर की आशंका के चलते निवेशकों का रुझान तेजी से सुरक्षित निवेश यानी सेफ-हेवन एसेट्स की ओर बढ़ा है।

MCX पर चांदी का मार्च वायदा ₹13,550 यानी करीब 5 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ ₹3,01,315 प्रति किलोग्राम के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया। बाजार में यह उछाल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड को लेकर टैरिफ की धमकी के बाद देखने को मिला, जिससे वैश्विक अनिश्चितता और बढ़ गई।

सोने ने भी बनाया नया रिकॉर्ड

चांदी की तेजी का असर सोने की कीमतों पर भी साफ दिखा। MCX पर सोने का फरवरी वायदा लगभग ₹3,000 या 2 फीसदी से अधिक चढ़कर ₹1,45,500 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी रिकॉर्ड तेजी

ट्रेड वॉर की आशंका के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने-चांदी ने नई ऊंचाइयों को छू लिया। ब्लूमबर्ग के अनुसार, सिंगापुर में सुबह 8:11 बजे तक स्पॉट गोल्ड 1.6 फीसदी की बढ़त के साथ 4,668.76 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि इससे पहले यह 4,690.59 डॉलर के शिखर को छू चुका था। वहीं चांदी 3.2 फीसदी चढ़कर 93.02 डॉलर प्रति औंस पर पहुंची और 94.12 डॉलर के उच्च स्तर तक गई।

आगे कहां तक जा सकती है चांदी

एनरिच मनीके के सीईओ पॉनमुदी आर का कहना है कि COMEX पर चांदी ने 93.7 डॉलर का उच्च स्तर छूने के बाद 89-90 डॉलर के दायरे में हल्का सुधार दिखाया है। यह तेजी के लंबे दौर के बाद मुनाफावसूली का संकेत है, न कि ट्रेंड बदलने का। उनके मुताबिक मजबूत औद्योगिक मांग और सप्लाई की कमी के चलते चांदी में गिरावट पर खरीदारी देखने को मिल रही है।

MCX पर चांदी के अहम स्तर

पॉनमुदी के अनुसार, MCX पर चांदी का भाव कंसॉलिडेशन के बावजूद अपने तेजी वाले ढांचे में बना हुआ है। 2,80,000 से 2,83,000 रुपये का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। अगर कीमतें 2,95,000 रुपये के ऊपर टिकती हैं, तो चांदी 3,05,000 से 3,20,000 रुपये के स्तर की ओर तेजी से बढ़ सकती है।

तकनीकी नजरिया

सेबी-पंजीकृत कमोडिटी विशेषज्ञ अनुज गुप्ता के मुताबिक, चांदी ने 93 डॉलर प्रति औंस के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट दिया है। अगर यह स्तर कुछ समय तक बरकरार रहता है, तो निकट अवधि में चांदी 95 डॉलर और आगे चलकर 100 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है।

2025 में सोने से आगे निकली चांदी

पिछले साल चांदी ने रिटर्न के मामले में सोने को पीछे छोड़ दिया था। अक्टूबर में शॉर्ट स्क्वीज और लंदन में लगातार सप्लाई की कमी के चलते चांदी की कीमतों में करीब 150 फीसदी की तेजी आई थी।

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फिलहाल बाजार की नजर अमेरिकी सेक्शन 232 जांच पर है, जिसके तहत चांदी पर टैरिफ लगने की संभावना है। इस आशंका ने अमेरिकी वेयरहाउस में सप्लाई को रोक दिया है, जिससे वैश्विक इन्वेंट्री घट गई है।

क्यों लगातार चढ़ रही है चांदी

चांदी की कीमतों में तेजी की वजह सिर्फ जियोपॉलिटिकल तनाव नहीं, बल्कि मजबूत औद्योगिक मांग और सीमित सप्लाई भी है। चांदी केवल सिक्कों या आभूषणों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर एनर्जी, ऑटोमोबाइल और मेडिकल सेक्टर में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होती है। सोने के बाद चांदी को सबसे बेहतर सुचालक माना जाता है।

कहां-कहां होता है चांदी का इस्तेमाल

चांदी का उपयोग स्मार्टफोन, लैपटॉप, टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के सर्किट बोर्ड और सेमीकंडक्टर में होता है। सोलर पैनल के फोटोवोल्टिक सेल, मेडिकल उपकरण, बैटरियों और ऑटो उद्योग के इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों में भी इसका अहम योगदान है। इसके अलावा पेट्रोकेमिकल सेक्टर में इसे उत्प्रेरक के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में बढ़ती मांग के चलते आने वाले समय में चांदी की औद्योगिक खपत और बढ़ सकती है, जिससे कीमतों को और समर्थन मिलेगा।

Aaj Ka Rashifal 19 January 2026: इन 5 राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण दिन, धन हानि के योग

Aaj Ka Rashifal 19 January 2026:आज 19 जनवरी 2026 को ग्रहों की चाल कई राशियों के लिए सतर्कता का संकेत दे रही है। वर्तमान ग्रह स्थिति के अनुसार गुरु मिथुन राशि में, केतु सिंह में, सूर्य, बुध, शुक्र, मंगल और चंद्रमा मकर राशि में विराजमान हैं। वहीं राहु कुंभ और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। इन ग्रह योगों का प्रभाव कुछ राशियों पर नकारात्मक पड़ सकता है, खासतौर पर आर्थिक मामलों में। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी राशियों का आज का हाल—

मेष राशि

व्यापार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। कानूनी मामलों से दूरी रखें। स्वयं के साथ-साथ पिता के स्वास्थ्य का भी ध्यान दें। प्रेम और संतान पक्ष सामान्य रहेगा। व्यापार मध्यम स्थिति में रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य है। उपाय: लाल वस्तु साथ रखें और नीली वस्तु का दान करें।

वृषभ राशि

मान-सम्मान को लेकर सतर्क रहें। यात्रा के दौरान परेशानी हो सकती है। धार्मिक मामलों में कट्टरता से बचें। स्वास्थ्य में सुधार दिखेगा। प्रेम, संतान और व्यापार की स्थिति संतोषजनक है। उपाय: हरी वस्तु अपने पास रखें।

मिथुन राशि

दिन थोड़ा संभलकर बिताने की जरूरत है। हालात आपके पक्ष में नहीं हैं, इसलिए जोखिम लेने से बचें। स्वास्थ्य और पारिवारिक मामलों पर ध्यान दें। व्यापार सामान्य रहेगा। उपाय: काली जी को प्रणाम करें और हरी वस्तु पास रखें।

कर्क राशि

जीवनसाथी के स्वास्थ्य और अपने स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। नौकरी में कोई बड़ा कदम न उठाएं। प्रेम और संतान पक्ष ठीक रहेगा। व्यापार औसत रहेगा। उपाय: लाल वस्तु अपने पास रखें।

सिंह राशि

शत्रुओं पर आपका प्रभाव बना रहेगा। कुछ परेशानियां रहेंगी लेकिन अंततः जीत आपकी होगी। स्वास्थ्य सामान्य, प्रेम और संतान पक्ष मजबूत रहेगा। व्यापार में लाभ के योग हैं। उपाय: नीली वस्तु का दान करें।

कन्या राशि

संतान की सेहत पर ध्यान दें। प्रेम संबंधों में विवाद से बचें। मानसिक असमंजस और बेचैनी रह सकती है। व्यापार ठीक चलेगा। उपाय: नीली वस्तु का दान शुभ रहेगा।

तुला राशि

घर का माहौल थोड़ा तनावपूर्ण रह सकता है। गुस्सा या उदासी हावी हो सकती है। रक्तचाप से जुड़ी समस्या हो सकती है। प्रेम, संतान और व्यापार के मामले में स्थिति अच्छी है। उपाय: शनि देव को प्रणाम करें।

वृश्चिक राशि

कारोबार में उतार-चढ़ाव रहेगा। मेहनत का पूरा फल नहीं मिलेगा। नाक, कान या गले से जुड़ी समस्या हो सकती है। प्रेम और संतान पक्ष मजबूत है। उपाय: पीली वस्तु पास रखें।

धनु राशि

आज निवेश से नुकसान हो सकता है, इसलिए सावधान रहें। पारिवारिक सुख में बाधा आ सकती है। वाणी पर नियंत्रण रखें। प्रेम और संतान की स्थिति में सुधार होगा। व्यापार सामान्य रहेगा। उपाय: लाल वस्तु अपने पास रखें।

मकर राशि

ऊर्जा में कमी महसूस हो सकती है। मन थोड़ा उदास रह सकता है। प्रेम और संतान के साथ संबंध अच्छे रहेंगे, लेकिन उत्साह कम रहेगा। व्यापार सामान्य रहेगा। उपाय: काली जी को प्रणाम करें।

कुंभ राशि

हानि के संकेत हैं। अनजाना भय परेशान कर सकता है। कर्ज की स्थिति बन सकती है। सिरदर्द, आंखों की समस्या और मानसिक तनाव रह सकता है। साझेदारी में दिक्कतें आ सकती हैं। व्यापार औसत रहेगा। उपाय: हरी वस्तु पास रखें।

मीन राशि

आय में उतार-चढ़ाव रहेगा। यात्रा असहज हो सकती है। प्रेम, संतान और स्वास्थ्य मध्यम रहेंगे। व्यापार भी सामान्य स्थिति में रहेगा। उपाय: पीली वस्तु अपने पास रखें।

डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

आंवला के साथ इसका काढ़ा बना कर पिने से घट सकता है मोटापा, आचार्य बालकृष्ण ने बताया सेवन का सही तरीका

लाइफस्टाइल/सर्वोदय न्यूज़:- आज के समय में मोटापा एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। बदलती लाइफस्टाइल, गलत खान-पान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण कम उम्र में ही लोग वजन बढ़ने की समस्या से जूझ रहे हैं। मोटापा न सिर्फ शरीर की बनावट बिगाड़ता है, बल्कि डायबिटीज, हाई बीपी और हार्ट डिजीज जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ाता है।

अगर आप वजन कम करने के लिए जिम या दवाओं का सहारा लेने से पहले कोई प्राकृतिक उपाय आज़माना चाहते हैं, तो पतंजलि के सह-संस्थापक आचार्य बालकृष्ण द्वारा बताया गया यह आयुर्वेदिक काढ़ा आपके लिए उपयोगी हो सकता है।

मोटापा कम करने के लिए आयुर्वेदिक काढ़ा

आचार्य बालकृष्ण के अनुसार, त्रिफला, गिलोय और आंवला से बना काढ़ा नियमित रूप से पीने से वजन घटाने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही यह शरीर को कई अन्य स्वास्थ्य लाभ भी देता है।

काढ़ा बनाने के लिए सामग्री

  • त्रिफला
  • गिलोय
  • आंवला
  • बहेड़ा
  • नागर मोथा
  • शहद
  • पानी

काढ़ा बनाने की विधि

पहला तरीका:

  • 20 ग्राम त्रिफला को आधा लीटर पानी में मिट्टी के बर्तन में रातभर भिगो दें।
  • सुबह इस पानी को उबालें, जब तक यह आधा न रह जाए।
  • छानकर इसमें थोड़ा शहद मिलाएं।
  • इस काढ़े को सुबह खाली पेट चाय की तरह पिएं।

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दूसरा तरीका:

  • 20 ग्राम त्रिफला के साथ गिलोय, बहेड़ा, नागर मोथा और आंवला पानी में भिगोकर रखें।
  • सुबह इसे हल्का गर्म करें।
  • छानकर शहद मिलाएं और सेवन करें।

दोनों तरीकों से तैयार किया गया काढ़ा लाभकारी माना जाता है। इसे गुनगुना पानी पीने के बाद भी लिया जा सकता है।

काढ़ा पीने के संभावित फायदे

आचार्य बालकृष्ण के अनुसार इस काढ़े के सेवन से—

  • वजन और पेट की चर्बी कम करने में मदद मिल सकती है
  • पाचन तंत्र मजबूत होता है और कब्ज की समस्या दूर हो सकती है
  • शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकलने में सहायता मिलती है
  • आंतों की सफाई में मदद मिलती है
  • इम्युनिटी मजबूत हो सकती है
  • सर्दियों में शरीर को अंदर से गर्माहट मिलती है

जरूरी सावधानी

यह उपाय आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों पर आधारित है। किसी भी प्रकार की बीमारी, गर्भावस्था या दवाइयों के सेवन की स्थिति में इसे अपनाने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें

रोजगार की बड़ी सौगात, 870 से अधिक पदों पर सीधी भर्ती; यहां जानें पूरी डिटेल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मध्यप्रदेश में युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में युवा संगम 2026 एक बड़ा अवसर लेकर आ रहा है। इसके तहत प्रदेश में दो बड़े जिला स्तरीय रोजगार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जहां निजी क्षेत्र की नामी कंपनियां सीधे युवाओं की भर्ती करेंगी। इन आयोजनों के माध्यम से 870 से अधिक रिक्त पदों पर नियुक्ति की जाएगी।

अलीराजपुर में युवा संगम, 230 पदों पर भर्ती

अलीराजपुर जिले के कट्ठिवाड़ा क्षेत्र में 20 जनवरी 2026 को युवा संगम कार्यक्रम आयोजित होगा। इस आयोजन का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को औद्योगिक और तकनीकी क्षेत्र से जोड़ना है।

इस रोजगार मेले में तीन प्रमुख निजी कंपनियां भाग लेंगी—

  • न्यू जील, बदनावर
  • प्रतिभा सिंटेक्स, पीथमपुर
  • लॉरिट्ज़ नुडसन, गुजरात

इन कंपनियों द्वारा कुल 230 पदों पर भर्ती की जाएगी। पदों में मशीन ऑपरेटर, सुपरवाइजर, मैकेनिकल व सर्विसिंग स्टाफ शामिल हैं।

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यह अवसर विशेष रूप से आईटीआई, डिप्लोमा धारक और तकनीकी अनुभव रखने वाले युवाओं के लिए फायदेमंद रहेगा।

सिवनी में जिला स्तरीय रोजगार मेला, 640 पद उपलब्ध

दूसरा बड़ा आयोजन 21 जनवरी 2026 को शासकीय महाविद्यालय, छपारा (जिला सिवनी) में किया जाएगा। यह जिला स्तरीय रोजगार, स्वरोजगार और अप्रेंटिसशिप मेला होगा।

इस मेले में 10 से अधिक निजी कंपनियां भाग लेंगी, जिनमें प्रमुख हैं—

  • आमधन प्राइवेट लिमिटेड (अहमदाबाद)
  • एलएनजेडीडीयूजीकेवाय (जबलपुर)
  • ग्रो फास्ट एग्रीकल्चर (जबलपुर)
  • मोबिटेक पे (नई दिल्ली)
  • एसबीआई (सिवनी)
  • गोल्डन फार्मर ऑर्गेनिक एग्रीकल्चर (सागर)
  • सीआईआई स्किल ट्रेनिंग सेंटर (छिंदवाड़ा)
  • मारुति सुजुकी (गुजरात)
  • अदाणी सोलर (गुजरात)
  • साई प्रसाद इंडस्ट्रियल सर्विसेस (पुणे)

यहां 640 से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। उपलब्ध पदों में ट्रेनी, सुरक्षा गार्ड, टेक्नीशियन, मशीन ऑपरेटर, बीमा एजेंट, फील्ड वर्कर, ऑफिसर, अप्रेंटिस, बीपीओ और सेल्स रिप्रेजेंटेटिव शामिल हैं।

युवाओं के लिए सुनहरा मौका

युवा संगम 2026 केवल रोजगार मेला नहीं, बल्कि युवाओं को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने का सशक्त मंच है। ऐसे आयोजनों से स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के अवसर मिलते हैं, जिससे पलायन पर रोक लगती है और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लक्ष्य को मजबूती मिलती है।

किश्तवाड़ में आतंकियों से मुठभेड़, तीन दहशतगर्द घेरे में; एक जवान घायल

किश्तवाड़ (जम्मू-कश्मीर)/सर्वोदय न्यूज़:- जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में रविवार को सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई। चतरू क्षेत्र के दुर्गम वन इलाके में चल रहे इस अभियान के दौरान एक जवान के घायल होने की खबर है। वहीं, तीन आतंकियों के सुरक्षाबलों के घेरे में फंसे होने की सूचना है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ये आतंकी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हो सकते हैं।

तलाशी अभियान के दौरान हुई मुठभेड़

अधिकारियों के मुताबिक, चतरू क्षेत्र के मन्द्रल-सिंघूरा के पास सोननार गांव में रविवार पूर्वाह्न घेराबंदी और तलाशी अभियान के दौरान आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद इलाके में मुठभेड़ छिड़ गई।

भारतीय सेना की जम्मू स्थित व्हाइट नाइट कोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ नाम दिया गया है। यह संयुक्त अभियान सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा चलाया जा रहा है।

भारी हथियारों से लैस हैं आतंकी

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि घिरे हुए आतंकियों के पास भारी मात्रा में गोला-बारूद और हथगोले मौजूद हो सकते हैं। आतंकियों ने घेराबंदी तोड़कर भागने की कोशिश में अंधाधुंध गोलीबारी की और ग्रेनेड भी फेंके, हालांकि सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रण में रखा।

अतिरिक्त बल तैनात, अभियान जारी

सेना ने बताया कि इलाके की घेराबंदी को और मजबूत करने के लिए सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के अतिरिक्त जवान मौके पर भेजे गए हैं। चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद जवानों ने संयम और पेशेवर अंदाज में मोर्चा संभाला है।

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अधिकारियों के अनुसार, आतंकियों का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए व्यापक तलाशी अभियान जारी है। दोनों पक्षों के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी हो रही है।

पहले भी हो चुकी हैं मुठभेड़

गौरतलब है कि किश्तवाड़ और इसके आसपास के इलाकों में बीते कुछ महीनों में कई बार आतंकियों के साथ मुठभेड़ हो चुकी है। इससे पहले 8 जनवरी को कठुआ जिले में भी सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई थी।

माघ मौनी अमावस्या पर ऐतिहासिक रिकॉर्ड, 4.52 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई आस्था की डुबकी

प्रयागराज/सर्वोदय न्यूज़:- माघ मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर संगम की रेती ने आस्था का नया इतिहास रच दिया। प्रशासन के मुताबिक रविवार रात तक 4 करोड़ 52 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में पुण्य स्नान किया। इसके साथ ही वर्ष 2013 के कुम्भ मेले में बने मौनी अमावस्या के स्नान रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया गया है।

वर्ष 2013 के कुम्भ मेले में मौनी अमावस्या के दिन करीब 3 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान का दावा किया गया था, जबकि इस बार माघ मेले में ही यह आंकड़ा कहीं अधिक पहुंच गया।

शनिवार रात से शुरू हुआ स्नान, रविवार को उमड़ा जनसैलाब

मौनी अमावस्या के महास्नान के लिए श्रद्धालुओं का आगमन शनिवार रात से ही शुरू हो गया था। आधी रात से लेकर रविवार सुबह तक संगम क्षेत्र में घना कोहरा छाया रहा, लेकिन आस्था का सैलाब कोहरे को चीरता हुआ संगम की ओर बढ़ता रहा।

सुबह नौ बजे के बाद संगम क्षेत्र में हर तरफ श्रद्धालुओं का हुजूम दिखाई देने लगा। संगम नोज पर बढ़ते दबाव को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं को काली पांटून पुल के माध्यम से झूंसी की ओर डायवर्ट किया, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।

घंटे-दर-घंटे बढ़ता गया स्नान का आंकड़ा

प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार—

  • सुबह 8 बजे तक: लगभग 1.5 करोड़
  • दोपहर 12 बजे तक: 3.15 करोड़
  • शाम 4 बजे तक: 3.83 करोड़
  • शाम 6 बजे तक: 4.36 करोड़
  • रात 8 बजे के बाद अंतिम आंकड़ा: 4.52 करोड़ श्रद्धालु

संगम नोज पर गृह सचिव मोहित गुप्ता, मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार, डीएम मनीष कुमार वर्मा, मेलाधिकारी ऋषिराज और मेला एसपी नीरज पांडेय स्वयं व्यवस्थाओं की निगरानी करते नजर आए।

दो दिनों में 6 करोड़ से अधिक स्नानार्थी

यदि शनिवार और रविवार के आंकड़ों को जोड़ा जाए, तो दो दिनों में 6 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके हैं। यह संख्या कुम्भ मेला 2019 के मौनी अमावस्या स्नान आंकड़े से भी अधिक बताई जा रही है।

हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा, श्रद्धालु हुए भावविभोर

रविवार सुबह करीब 10 बजे संगम नोज पर एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला। संगम में स्नान कर रहे श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई। जैसे ही फूलों की वर्षा शुरू हुई, श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम और हर-हर गंगे के उद्घोष लगाए। दोपहर तक कई चरणों में पुष्पवर्षा की गई।

प्रशासन का बयान

मेलाधिकारी ऋषिराज ने बताया कि मौनी अमावस्या का स्नान पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता के लिए सभी विभाग अलर्ट मोड पर रहे।

अयोध्या में भी उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

मौनी अमावस्या के अवसर पर अयोध्या में लगभग 2.5 लाख श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन किए। पूरे रामधाम में श्रद्धालुओं की संख्या 5 लाख से अधिक आंकी गई।

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राम जन्मभूमि परिसर के अनुसार, दो दिनों में करीब 4.40 लाख राम भक्त दर्शन के लिए पहुंचे।

 पिछले वर्षों में मौनी अमावस्या पर स्नान के आंकड़े

वर्ष अवसर श्रद्धालु
माघ मेला 2026 18 जनवरी 4.52 करोड़
महाकुम्भ 2025 29 जनवरी 7.64 करोड़
माघ मेला 2024 9 फरवरी 2.18 करोड़
माघ मेला 2023 21 जनवरी 2.09 करोड़
कुम्भ मेला 2019 4 फरवरी 5 करोड़

तुम्हारा काम तमाम कर देंगे… जगद्गुरु परमहंसाचार्य को फोन पर मिली धमकी

अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़:- तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंसाचार्य को शुक्रवार को फोन पर जान से मारने की गंभीर धमकी मिलने का मामला सामने आया है। धमकी देने वाले ने हिंदू राष्ट्र पर बयान देने को लेकर अपमानजनक और अश्लील भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि अगर गुरु जी ऐसे ही बोलते रहे तो “इतने टुकड़े कर दिए जाएंगे कि पहचान में भी नहीं आएंगे।”

संत समाज में आक्रोश

इस घटना के बाद जगतगुरु के शिष्य, समर्थक और संत समाज में भारी आक्रोश फैल गया है। संत समाज ने इसे सनातन धर्म पर हमला बताया और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

राजर्षि महंत एकनाथ महाराज का संदेश

ओजस्वी फाउंडेशन के अध्यक्ष और उत्तराधिकारी राजर्षि महंत एकनाथ महाराज ने योगी सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा: “हमारे गुरु जी राष्ट्र के लिए समर्पित हैं। हिंदू राष्ट्र, गौ माता और साधु-संतों के हित में उन्होंने हमेशा निर्भीक होकर आवाज उठाई है। ऐसे संत पर खुलेआम जानलेवा धमकी दी जा रही है और सरकार मौन है।”

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उन्होंने बताया कि गुरु जी की कोशिशों से अयोध्या की पांच और चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग में शराब और मांस-मदिरा की बिक्री बंद कराई गई।

सुरक्षा और चेतावनी

राजर्षि महंत एकनाथ महाराज ने योगी सरकार से Z+ सुरक्षा की तत्काल मांग की और चेतावनी दी कि अगर गुरु जी को कोई क्षति हुई, तो संपूर्ण भारत के नागा साधुओं के साथ व्यापक आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार हिंदुओं के नाम पर राजनीति करती है, लेकिन महान सनातन प्रेमी संत की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करती, तो इसका राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।

संत समाज की मांग

संत समाज और सनातन संगठनों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, कड़ी कानूनी कार्रवाई और जगतगुरु परमहंसाचार्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। प्रशासन को मामले की जानकारी दे दी गई है, लेकिन यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं होती, तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।

यूपी में भाजपा नेता करोड़ों रुपये के नोटों के बंडल के साथ वीडियो में वायरल

महराजगंज/सर्वोदय न्यूज़:- यूपी के महराजगंज जिले में एक भाजपा नेता का करोड़ों रुपये के नोटों के बंडल के साथ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से सनसनी फैल गई है। भाजपा नेता का कहना है कि यह वीडियो झूठे आरोप और धोखाधड़ी का परिणाम है।

मामला: तंत्र-मंत्र और प्रॉपर्टी डीलिंग का झांसा

भाजपा नेता ने बताया कि वाराणसी का रहने वाला मुख्य आरोपी और उसके साथी तंत्र-मंत्र और जमीन संबंधी कारोबार का झांसा देकर उन्हें फंसाने का प्रयास कर रहे थे।

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भाजपा नेता सहित चार लोग जालसाज़ों के झांसे में आकर 1.43 करोड़ रुपये उनके खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसमें किसी ने अपनी स्कार्पियो और मकान तक बेचना पड़ा।

नोटों के बंडल का वीडियो

जालसाज़ों ने भाजपा नेता के साथ नोटों के बंडल का वीडियो बना लिया। नेता का कहना है कि वह नोटों को छू नहीं पाए क्योंकि आरोपियों ने कहा कि यह पैसा तंत्र-मंत्र से सुरक्षित रखा गया है। भाजपा नेता का दावा है कि यह सब धोखाधड़ी है और वीडियो को वायरल कर उन्हें बदनाम किया गया।

पुलिस जांच

भाजपा नेता ने कोतवाली पुलिस में प्रार्थना पत्र देकर जांच की मांग की है। पुलिस ने कहा कि प्रार्थना पत्र मिलने के बाद पूरी जांच की जाएगी।

नोट:यह न्यूज़ गूगल पर अन्य समाचार न्यूज़ पोर्टलो स्थापित न्यूज़ न्यूज़ के आधार पर है, वायरल वीडियो की सत्यता की   पुष्टि ससंस्थान द्वारा नहीं की जाती है।

हिंदुस्तान में मंदिर नहीं बनेगा, तो क्या पाकिस्तान में बनेगा,लालगढ़ पर निशिकांत दुबे का बड़ा ऐलान

देवघर, झारखंड/सर्वोदय न्यूज़:- झारखंड के देवघर जिले में लालगढ़ मोहल्ला स्थित मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर विवाद गरमाया हुआ है। हाल ही में मंदिर जीर्णोद्धार को लेकर दोनों पक्षों में झड़प हुई थी, जिसमें पुलिस ने 7 लोगों को हिरासत में लिया था। इस मामले में गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने तंज कसा और बड़ा ऐलान किया है।

निशिकांत दुबे का लालगढ़ पर बयान

भाजपा सांसद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “एक्स” पर ट्वीट कर बताया कि 31 जनवरी 2026 सुबह 8 बजे माघ शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि पर वह स्वयं लालगढ़ जाकर मंदिर के रुके हुए निर्माण कार्य को फिर से शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि यह मंदिर भव्य और सुंदर होगा तथा मधुपुर का सबसे ऊँचा मंदिर बनकर तैयार होगा।

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दुबारा उन्होंने जोर देकर लिखा, “अनुसूचित जाति के अपने ज़मीन पर यदि हिंदुस्तान में मंदिर नहीं बनेगा, तो क्या पाकिस्तान में बनेगा। हो जाओ तैयार, हम हैं भगवा के झंडाबरदार।”

मंदिर जीर्णोद्धार पर विवाद

मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर विवाद बुधवार रात से शुरू हुआ था। आरोप है कि स्थानीय लोग और कुछ राजनीतिक दलों के समर्थक मंदिर निर्माण को लेकर तनाव बढ़ा रहे थे। इस दौरान झड़प में पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए 7 लोगों को हिरासत में लिया। निशिकांत दुबे ने कांग्रेस, झामुमो और राजद पर हमलावर रुख अपनाते हुए कहा कि हिंदू झारखंड में अपनी जमीन पर मंदिर भी नहीं बना पा रहे हैं।