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ट्रंप नहीं सबसे ताकतवर नेता, मोदी और जिनपिंग उनसे आगे; अमेरिकी एक्सपर्ट का दावा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भले ही वैश्विक राजनीति में एक प्रभावशाली चेहरा माना जाता हो, लेकिन एक अमेरिकी राजनीतिक विशेषज्ञ का मानना है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे अधिक मजबूत स्थिति में हैं।

यह टिप्पणी ऐसे समय पर सामने आई है, जब ट्रंप लगातार टैरिफ नीति, युद्धविराम कराने के दावे और यहां तक कि नोबेल शांति पुरस्कार का हकदार होने की बात कहकर सुर्खियों में बने हुए हैं।

अमेरिका ताकतवर, लेकिन ट्रंप नहीं: इयन ब्रेमर

मीडिया से बातचीत में प्रसिद्ध राजनीतिक विश्लेषक इयन ब्रेमर ने कहा कि अमेरिका भले ही दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश हो, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उसके राष्ट्रपति सबसे ताकतवर नेता भी हों।

ब्रेमर के अनुसार,“राष्ट्रपति ट्रंप दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेता नहीं हैं। यह स्थान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के पास है।”

उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा कि जिनपिंग को न तो मिडटर्म चुनावों का दबाव झेलना पड़ता है और न ही स्वतंत्र न्यायपालिका जैसी संस्थागत सीमाओं का सामना करना पड़ता है। वहीं, ट्रंप का कार्यकाल सीमित है और वे कुछ वर्षों में पद छोड़ देंगे, जबकि शी जिनपिंग लंबे समय तक सत्ता में बने रह सकते हैं।

मोदी की स्थिति भी ट्रंप से मजबूत

इयन ब्रेमर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्थिति को भी ट्रंप से बेहतर बताया। उन्होंने कहा कि मोदी का लंबा और स्थिर कार्यकाल उन्हें दीर्घकालिक नीतियां लागू करने और उनके परिणाम देखने का अवसर देता है।

ब्रेमर के मुताबिक,“जब ट्रंप मीडिया की सुर्खियां बटोरने में व्यस्त रहते हैं, तब शी जिनपिंग और नरेंद्र मोदी कहीं ज्यादा मजबूत स्थिति में नजर आते हैं।”

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उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता में निरंतरता और नीति स्थिरता के कारण पीएम मोदी कई यूरोपीय नेताओं की तुलना में भी अधिक प्रभावी ढंग से अंतरराष्ट्रीय दबाव का सामना कर पाते हैं, जिसका उदाहरण हाल के वर्षों में देखा गया है।

ट्रंप के ‘शांति बोर्ड’ से कई बड़े देश दूर

इसी बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने हमास और इजराइल के बीच हुए युद्धविराम को बनाए रखने के उद्देश्य से अपने प्रस्तावित ‘पीस बोर्ड’ का औपचारिक ऐलान किया। हालांकि, अमेरिका के कई प्रमुख सहयोगी देशों ने इसमें शामिल होने से दूरी बना ली है।

ब्रिटेन ने इस बोर्ड पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया है, जबकि रूस अभी इस पर विचार कर रहा है। फ्रांस के मना करने के बाद नॉर्वे और स्वीडन ने भी संकेत दिए हैं कि वे इस पहल का हिस्सा नहीं बनेंगे।

फ्रांसीसी अधिकारियों ने साफ किया कि उनका देश गाजा में शांति प्रयासों का समर्थन करता है, लेकिन उन्हें आशंका है कि यह नया बोर्ड संयुक्त राष्ट्र की भूमिका को कमजोर करने की कोशिश कर सकता है।

Aaj Ka Rashifal 23 January 2026: जानिए 12 राशियों का आज का दिन कैसा रहेगा

Aaj Ka Rashifal 23 January 2026: आज 23 जनवरी 2026, शुक्रवार को ग्रहों की चाल का सभी राशियों पर विशेष प्रभाव देखने को मिलेगा। गुरु मिथुन राशि में विराजमान हैं। केतु सिंह राशि में स्थित हैं। सूर्य, बुध, शुक्र और मंगल मकर राशि में गोचर कर रहे हैं। वहीं चंद्रमा और राहु कुंभ राशि में हैं। दोपहर के बाद चंद्रमा मीन राशि में प्रवेश कर शनि के साथ युति बनाएंगे। आइए जानते हैं आज का दिन सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा—

मेष राशि

आज मन में बेचैनी और घबराहट रह सकती है। सिरदर्द और आंखों से जुड़ी परेशानी संभव है। खर्चे बढ़ सकते हैं और कर्ज की चिंता बनी रह सकती है। हालांकि प्रेम संबंध, संतान पक्ष और व्यापार की स्थिति संतोषजनक रहेगी। काली वस्तु का दान करना लाभकारी रहेगा।

वृषभ राशि

आय के नए अवसर सामने आएंगे। पुराने निवेश से भी धन लाभ संभव है। यात्रा के योग बन रहे हैं, दूर की यात्रा भी हो सकती है। हालांकि मानसिक रूप से असमंजस और भय बना रहेगा। प्रेम और संतान को लेकर भी कुछ दुविधा रह सकती है। शनिदेव की आराधना शुभ फल देगी।

मिथुन राशि

स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। प्रेम और संतान पक्ष मध्यम रह सकता है। व्यापार में अच्छी प्रगति के संकेत हैं। कोर्ट-कचहरी या सरकारी मामलों में सफलता मिल सकती है। शनिदेव को प्रणाम करना लाभकारी रहेगा।

कर्क राशि

भाग्य का साथ थोड़ा कमजोर रहेगा। यात्रा के दौरान सावधानी रखें, कष्ट संभव है। स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। हालांकि प्रेम, संतान और व्यापार की स्थिति अच्छी बनी रहेगी। नीली वस्तु का दान शुभ रहेगा।

सिंह राशि

आज चोट लगने या किसी परेशानी में फंसने की आशंका है। परिस्थितियां थोड़ी प्रतिकूल रह सकती हैं। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा, लेकिन प्रेम, संतान और व्यापार में सकारात्मकता बनी रहेगी। पीली वस्तु पास रखें।

कन्या राशि

जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा। नौकरी और करियर में संघर्ष के बाद सफलता मिल सकती है। प्रेम और संतान पक्ष भी मजबूत रहेगा। कुल मिलाकर दिन शुभ संकेत दे रहा है। नीली वस्तु अपने पास रखें।

तुला राशि

शत्रुओं पर प्रभाव बना रहेगा। ज्ञान और अनुभव में वृद्धि होगी। बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। स्वास्थ्य में हल्का उतार-चढ़ाव रह सकता है। नीली वस्तु पास रखना शुभ होगा।

वृश्चिक राशि

आज बच्चों की सेहत पर विशेष ध्यान दें। प्रेम संबंधों में वाद-विवाद से बचें। मानसिक तनाव रह सकता है। व्यापार की स्थिति अच्छी बनी रहेगी। नीली वस्तु का दान करें।

धनु राशि

भूमि, भवन या वाहन की खरीदारी में अड़चनें आ सकती हैं। पारिवारिक कलह के संकेत हैं। मां और स्वयं के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। प्रेम, संतान और व्यापार सामान्य रहेंगे। लाल वस्तु पास रखें।

मकर राशि

आज आपका पराक्रम सफलता दिलाएगा। रोज़गार और करियर में उन्नति के योग हैं। परिवार और अपनों का सहयोग मिलेगा। प्रेम, संतान और व्यापार तीनों ही क्षेत्र में दिन अच्छा रहेगा। काली जी को प्रणाम करें।

कुंभ राशि

धन प्राप्ति के योग बन रहे हैं। परिवार में वृद्धि या शुभ समाचार मिल सकता है। फिलहाल निवेश से बचें, नुकसान की आशंका है। हरी वस्तु पास रखना शुभ रहेगा।

मीन राशि

स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है। रक्तचाप से जुड़ी समस्या हो सकती है, सावधानी बरतें। प्रेम और संतान पक्ष मध्यम रहेगा। व्यापार की स्थिति अच्छी बनी रहेगी। शिवजी का जलाभिषेक करें और नीली वस्तु का दान करें।

बेटियों के साथ खिलवाड़ सहन नहीं: योगी आदित्यनाथ

सोनीपत/लखनऊ(सर्वोदय न्यूज़): गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लव जिहाद, अवैध धर्मांतरण तथा राष्ट्रविरोधी षड्यंत्रों में लिप्त तत्वों को सख्त चेतावनी दी कि हमारी बेटियों के साथ किसी तरह का खिलवाड़ सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों के प्रति समाज को जागरूक रहना होगा तथा इनका प्रतिकार करने के लिए पूज्य साधु-संतों को भी आगे आना होगा। गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ गुरुवार को हरियाणा के सोनीपत जिले में मुरथल स्थित बाबा नागे वाला धाम में आयोजित नाथ संप्रदाय के मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा एवं आठ मान के भव्य भंडारा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
सीएम ने यह भी कहा कि कई कालनेमि धर्म की आड़ में सनातन धर्म को हानि पहुंचा रहे हैं, इनसे भी सतर्क रहना होगा। एक योगी के लिए, एक संत के लिए, एक सन्यासी के लिए, धर्म व राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं होता। यही उसके जीवन का ध्येय होना चाहिए। उसकी व्यक्तिगत प्रॉपर्टी कुछ नही होती। धर्म ही उसकी प्रॉपर्टी है, राष्ट्र ही उसका स्वाभिमान होता है। अगर कोई राष्ट्रीय स्वाभिमान को चुनौती देता है तो हमें खुलकर उसके सामने आकर खड़े हो जाना चाहिए। ऐसे बहुत कालनेमि होंगे, जो धर्म की आड़ में सनातन धर्म को कमजोर करने की साज़िश रच रहे होंगे, हमें उनसे सतर्क रहना होगा।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अवैध धर्मांतरण और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को पूरी तरह नियंत्रित किया जाएगा। इसके साथ ही डेमोग्राफी बदलने की जो साजिश हो रही है, लव जिहाद के नाम पर हमारी बेटियों के साथ जो खिलवाड़ किया जा रहा है। हम उसे रोकेंगे, पूरी शक्ति से रोकेंगे, जागरूकता से रोकेंगे। समाज के जागरूक लोगों और पूज्य संतों को भी इसके लिए आगे बढ़ना होगा। परिवारों को सुसंस्कृत किया जाएगा। सीएम ने कहा कि याद करिए, वर्ष 2009 में केरल के माननीय उच्च न्यायालय ने कहा था कि ‘लव जिहाद’ केरल जैसे राज्य को इस्लामी राज्य बनाने की साजिश का हिस्सा है। आज जब मैं देखता हूं तो तमाम राज्यों में बड़े पैमाने पर ये षड्यंत्र हो रहे हैं। हमारी संयुक्त परिवारों की परंपरा पहले संस्कारित होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती थी, लेकिन धीरे-धीरे यह परंपरा विखंडित होती दिखाई दे रही है। इसे पुनः जीवित करने की आवश्यकता है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि परिवार, संस्कार और सांस्कृतिक चेतना के माध्यम से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण होगा। धर्म केवल उपासना विधि नहीं, बल्कि अभ्युदय और उत्थान का मार्ग है, जिसमें भौतिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विकास साथ-साथ चलते हैं। धर्मों के संरक्षण के प्रति हमें जागृत होना पड़ेगा। उनकी पवित्रता, मर्यादा को बनाए रखना होगा। सनातन धर्म व आध्यात्मिक विरासत में नाथ पंथ भारत की प्राचीनतम उपासना विधियों में से एक है। गुरु परंपरा के प्रति गहन श्रद्धा भाव के साथ जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा समारोह एवं भव्य भंडारे का आयोजन किया गया है, जो सचमुच अभिनंदनीय और सराहनीय है। सीएम ने नाथ संप्रदाय और योगी सभा की ओर से उपस्थित सभी पूज्य संतों, योगियों एवं श्रद्धालु जनों का स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि नाथ परंपरा ने सदैव समाज को जोड़ने, साथ लेकर आगे बढ़ने और जीवन को सार्थक ढंग से जीने की प्रेरणा दी है। यही कारण है कि वृहत्तर भारत में उत्तर से दक्षिण, पूरब से पश्चिम तक सिद्ध महंतों और योगियों की एक लंबी श्रृंखला दिखाई देती है। उनके मठ, मंदिर और धर्मस्थल सनातन धर्म के मूल्यों के प्रति नाथ पंथ की प्रतिबद्धता को प्रस्तुत करते हैं।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ को साकार होते हुए देख रहा है। यह हमारा सौभाग्य है कि लगभग एक हजार वर्षों तक विदेशी आक्रांताओं का सामना करते हुए गुलामी की जंजीरों को तोड़कर भारत पुनः अपने वैभव की ओर अग्रसर है। हालांकि, एक समय ऐसा भी आया, जब लोगों को लगने लगा था कि गुलामी हमारी नियति बन गई है, लेकिन भारत की चेतना ने अंगड़ाई ली और देश फिर उठ खड़ा हुआ। आजादी के अमृत काल में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जो अभियान आगे बढ़ाया जा रहा है, उसमें भारत और सनातन धर्म का कल्याण एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है। दोनों को अलग-अलग करके नहीं देखा जा सकता। सनातन धर्म मजबूत होगा तो विश्व मानवता के कल्याण का मार्ग भी सुदृढ़ होगा। इसलिए भारत का सशक्त होना भी आवश्यक है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धार्मिक, आध्यात्मिक या राजनीतिक नेतृत्व ऐसे हाथों में होना चाहिए, जो देश को नई दिशा दे सकें और विकास की उन ऊंचाइयों तक पहुंचा सकें, जहां भारत डेढ़-दो हजार वर्ष पहले था। बीते 11 वर्षों में भारत ने एक शानदार यात्रा की है। कभी किसी ने कल्पना की थी कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होगा? संघर्ष तो था, लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण आज डबल इंजन की सरकार डबल ताकत और डबल स्पीड के साथ परिणाम दे रही है। गुलामी के ढांचे टूटे, अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण हुआ और आज सनातन धर्म की ध्वजा पूरे वैभव के साथ फहरा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी में बाबा विश्वनाथ धाम का कायाकल्प भी इसका जीवंत उदाहरण है। पहले दस श्रद्धालुओं का एक साथ दर्शन कर पाना कठिन था, आज 50 हजार श्रद्धालु एक साथ और प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। अयोध्या धाम में प्रतिदिन डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु आ रहे हैं। कहीं कोई भय नहीं, कोई अफरा-तफरी नहीं। प्रयागराज में मौनी अमावस्या के दिन साढ़े चार करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया। दुनिया के कई देशों की आबादी इतनी नहीं है, जितनी संख्या में हमारे यहां एक दिन में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते हैं। 8वीं शताब्दी से लेकर 19वीं सदी तक भारत ने गुलामी और आक्रांताओं को झेला। अब अगले हजार वर्ष भारत के हैं। सनातन धर्म को परम वैभव तक ले जाने का यह कालखंड है। इसके लिए हम सबको मिलकर कार्य करना होगा, आने वाले हजार वर्षों तक दुनिया में भारत और उसके सनातन धर्म का डंका बजेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी विकसित भारत की बात करते हैं, उसे हम सभी को मिलकर पूरा करना होगा। यह तभी साकार होगा जब हरियाणा विकसित होगा, मुरथल विकसित होगा। बाबा नागे वाला धाम में सिद्ध बाबा की प्रेरणा से इस क्षेत्र में नॉनवेज का सेवन नहीं होता, यह आध्यात्मिक ऊर्जा का उदाहरण है। एक संत के आशीर्वाद से वीरान भूमि आज एक भव्य धाम में परिवर्तित हो गई है। हमें युवा पीढ़ी को भी नशे से बचाना है। देश के दुश्मन हमारी सशक्त सरकार, सेना, अर्धसैनिक व पुलिस बल के आगे बेबस हैं। हमारे जवान दुश्मन को ऐसा मिट्टी में मिलाते हैं कि कब्र की जगह भी नहीं मिल पाती, इसलिए वह सामने से नहीं लड़ना चाहते। दुश्मन चोरी छुपे नशे के जरिये भारत की नौजवान पीढ़ी को खराब करना चाहता है। किसी को कोई अधिकार नहीं है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करे। सीमा पार से आने वाला ड्रग देश के दुश्मनों की साजिश का परिणाम है। कोई उसमें लिप्त है तो लोकल पुलिस को अवगत कराएं। समाज को और उसके परिवार को अवगत कराया जाए। इसके खिलाफ समाज संगठित होकर उसके विरोध में खड़ा हो जाए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रयागराज में माघ मेला के दौरान मौनी अमावस्या के दिन साढ़े चार करोड़ श्रद्धालु वहां जाकर संगम में आस्था की डुबकी लगाते हैं। हमारे ऋषि मुनियों ने इसके लिए प्रेरित किया। किसी को क्या अधिकार मिल सकता है कि हमारी देवतुल्य नदियों को प्रदूषित करे। हमें किसी को यह अधिकार नहीं देना चाहिए। हमारा भी दायित्व बनता है कि तालाब है, तो उसका भी संरक्षण करें। तालाब जल संरक्षण का भी काम करता है। जैसे बैंक में जमा किए बिना पैसा नहीं मिलता, वैसे ही जल संरक्षण किए बिना भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता। हरियाणा में सरस्वती नदी के पुनर्जीवन के प्रयासों की उन्होंने सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राम की मर्यादा, कृष्ण की लीला, शिव की चेतना और प्रयागराज की समरसता संघर्षों से होकर ही सामने आती हैं। यही सनातन धर्म का भाव है। मां गंगा जब 1000 किलोमीटर की यात्रा तय करती हैं, तब प्रयागराज में आती हैं। पत्थरों और पेड़ों को तोड़कर, उनका मुकाबला करते हुए प्रयागराज पहुंचती हैं। मां यमुना प्रयागराज पहुंचती हैं। मां सरस्वती के साथ जब तीनों का संगम होता है, तब त्रिवेणी बनती है और एक पवित्र धाम का निर्माण होता है। तब लोग उचित मुहूर्त देखकर आस्था की डुबकी लगाकर अपने जीवन को धन्य महसूस करते हैं। यही तो सनातन धर्म है, यही सनातन धर्म का भाव है। पूरा देश अगर अयोध्या आ रहा है, तो इसलिए कि अयोध्या धाम में आज भी प्रभु श्रीराम की मर्यादा का स्मरण होता है।

उन्होंने कहा कि याद करिए जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में रामलला की भव्य मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम संपन्न कराया था। इससे पहले 2020 में राम मंदिर के शिलान्यास का कार्यक्रम संपन्न हुआ था। तब से अब तक 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम आ चुके हैं। श्रद्धालुओं की कमी नहीं, कमी हमारे प्रयासों में नहीं होनी चाहिए। हर मंदिर को एक धाम के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य होना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हवन एवं आरती की। भगवान गोरक्षनाथ की प्रतिमा भेंटकर उनका स्वागत किया गया। उन्होंने आयोजन के संरक्षक बाबा मत्स्य नाथ धाम के श्री महंत योगी बालकनाथ महाराज, संयोजक व आयोजक बाबा नागेवाले धाम के श्री महंत बालयोगी मसारनाथ जी महाराज को इस सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में हरियाणा के जनप्रतिनिधियों, संत समाज और देशभर से आए श्रद्धालुओं की बड़ी उपस्थिति रही। भंडारे में संतों ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ कदम से कदम मिलाकर राष्ट्र निर्माण में आगे बढ़ने का आह्वान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देखते ही लोग उत्साहित होकर नारे लगाने लगे।

समारोह में ये संत रहे मौजूद
बाबा नागे वाला धाम में सिद्ध योगी श्री श्री 1008 महंत काले बाबा नाथ जी, योगी बजीरनाथ जी और योगी प्रेम नाथ जी की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा एवं आठ मान भंडारा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नाथ सम्प्रदाय के संत उपस्थति रहे। इनमें प्रमुख रूप से योगी महासभा के महामंत्री श्री महंत चैताईनाथ, रमतो के 12 के श्री महंत बाबा कृष्णनाथ, 18 के श्री महंत बाबा समुद्रनाथ, पिहोवा गरीबनाथ मठ के श्री महंत पीर शेरनाथ, कोथ कलां हिसार के श्री महंत पीर जटाईनाथ, उजाना के श्री महंत पीर राजनाथ, राइसन के श्री महंत पीर लहरनाथ, हीरो कलां के श्री महंत पीर पूर्णनाथ, धनौरी के श्री महंत पीर हरिनाथ, सांगल के श्री महंत पीर शेरनाथ प्रमुख थे।

ट्रंप ने लॉन्च किया ‘बोर्ड ऑफ पीस’, पाकिस्तान भी बना सदस्य; सुलझाएगा वैश्विक झगड़े

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक नए अंतरराष्ट्रीय मंच ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (Board of Peace) के पहले चार्टर का औपचारिक ऐलान किया। संयुक्त राष्ट्र की तर्ज पर बनाए गए इस बोर्ड का शुरुआती उद्देश्य गाजा संकट को सुलझाना बताया गया है, हालांकि भविष्य में इसका दायरा दुनिया भर के विवादों तक बढ़ाया जा सकता है।

ट्रंप ने बताया कि इस बोर्ड में पाकिस्तान समेत कई देशों ने सदस्यता के लिए सहमति जता दी है। लॉन्च के मौके पर उन्होंने साफ कहा कि गाजा सीजफायर समझौते के तहत हमास को हथियार छोड़ने होंगे, अन्यथा यह फिलिस्तीनी आंदोलन के अंत की ओर बढ़ सकता है।

सदस्यों को देना होगा 1 बिलियन डॉलर का योगदान

बोर्ड ऑफ पीस को लेकर ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि इसके स्थायी सदस्यों को प्रत्येक को 1 बिलियन डॉलर का फंड योगदान देना होगा। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका के पारंपरिक पश्चिमी सहयोगी और अन्य बड़ी वैश्विक शक्तियां फिलहाल इस संगठन में शामिल होने को लेकर हिचकिचाहट दिखा रही हैं।

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गौरतलब है कि अमेरिका के अलावा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अन्य स्थायी सदस्य देश—जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और कानून में अहम भूमिका निभाते रहे हैं—अब तक इस बोर्ड में शामिल होने के लिए आगे नहीं आए हैं।

दावोस में हुआ चार्टर पर हस्ताक्षर

बोर्ड ऑफ पीस के गठन की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से पूरा करने के लिए कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधियों ने मंच पर चार्टर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए।

इसके बाद व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लेविट ने कहा कि हस्ताक्षर के साथ ही बोर्ड ऑफ पीस का चार्टर प्रभावी हो गया है और यह अब एक अंतरराष्ट्रीय संगठन के रूप में अस्तित्व में आ चुका है।

यह हस्ताक्षर समारोह स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित किया गया, जहां इस समय वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) चल रहा है। इस मंच पर दुनिया भर के राजनीतिक और कारोबारी नेता एकत्र होते हैं।

जम्मू-कश्मीर में सेना का वाहन 200 फीट गहरी खाई में गिरा; कई जवानों की मौत, 9 घायल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को एक गंभीर सड़क हादसा हुआ। सेना का वाहन खाई में गिरने से कम से कम 4 जवानों की मौत हो गई और 9 अन्य घायल हो गए। यह घटना भद्रवाह-चंबा इंटरस्टेट रोड पर खन्नी टॉप के पास हुई।

सेना के अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना के समय बुलेट-प्रूफ वाहन में 17 जवान सवार थे। वाहन एक ऊंची पोस्ट की ओर जा रहा था, तभी खन्नी टॉप पर ड्राइवर वाहन का संतुलन खो बैठा। गाड़ी लगभग 200 फुट गहरी खाई में गिर गई।

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तत्काल सेना और पुलिस ने संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। बचाव कार्य के दौरान 4 जवानों के शव बरामद किए गए और 9 अन्य घायल सैनिकों को उपचार के लिए उधमपुर मिलिट्री अस्पताल में एयरलिफ्ट किया गया। उनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है।

अधिकारियों ने बताया कि घायलों का इलाज जारी है और हादसे की कारणों की जांच की जा रही है।

अखिलेश को ओवैसी की जरूरत नहीं, शिवपाल यादव ने AIMIM गठबंधन की अटकलों को किया खारिज

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर चल रही सियासी चर्चाओं पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अखिलेश यादव को असदुद्दीन ओवैसी या उनकी पार्टी AIMIM की कोई जरूरत नहीं है। इसके साथ ही शिवपाल ने सपा और AIMIM के संभावित गठबंधन की अटकलों पर पूरी तरह विराम लगा दिया।

शिवपाल यादव ने कहा कि 2027 के चुनाव को लेकर AIMIM से किसी भी तरह की बातचीत या समझौते की कोई योजना नहीं है। सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चल रही गठबंधन की चर्चाओं को उन्होंने निराधार और अफवाह करार दिया। उनका कहना है कि समाजवादी पार्टी में अपने दम पर चुनाव लड़ने और सरकार बनाने की पूरी क्षमता है।

‘सपा अपने दम पर सत्ता में लौटेगी’

शिवपाल ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी पहले भी अकेले चुनाव लड़कर सत्ता में आ चुकी है और आगे भी जनता के सहयोग से खुद के बलबूते सरकार बनाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि सपा को किसी बाहरी दल के सहारे की आवश्यकता नहीं है।

सांसद के बयान से बढ़ी थीं अटकलें

दरअसल, हाल ही में समाजवादी पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा के लिए अपने सभी सांसदों की बैठक बुलाई थी। बैठक के बाद जब सलेमपुर से सांसद रमाशंकर राजभर से AIMIM के साथ गठबंधन की संभावना को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने किसी पार्टी का नाम लिए बिना कहा था कि भाजपा को हराने के लिए जो भी दल साथ आना चाहता है, उसका स्वागत है

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राजभर का यह बयान इसलिए अहम माना गया क्योंकि अब तक सपा, ओवैसी की पार्टी को अक्सर ‘वोट कटवा’ बताकर उससे दूरी बनाए रखती आई है।

बिहार चुनाव के बाद बदली सियासी रणनीति?

बिहार विधानसभा चुनाव में RJD की हार के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। तेजस्वी यादव की हार से सबक लेते हुए समाजवादी पार्टी 2027 के चुनाव के लिए अपनी रणनीति को नए सिरे से मजबूत करने में जुटी है।

अखिलेश यादव PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को और धार देने की कोशिश कर रहे हैं और छोटे दलों को साथ लाने की संभावनाओं पर भी विचार हो रहा है। इसी बीच रमाशंकर राजभर के बयान से AIMIM के साथ गठबंधन की चर्चाएं तेज हुई थीं, जिन्हें अब शिवपाल यादव ने सिरे से खारिज कर दिया है।

ट्रंप के बयान का असर: सोना हुआ सस्ता, चांदी में तेजी; जानें आज के लेटेस्ट रेट

Gold Silver Rate Today (22 January): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड से जुड़े बयान के बाद गुरुवार को घरेलू वायदा बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। वहीं, मजबूत मांग के चलते चांदी के दामों में तेजी दर्ज की गई। ट्रंप द्वारा यूरोपीय देशों पर शुल्क लगाने की धमकी से पीछे हटने के बाद वैश्विक बाजारों में जोखिम धारणा बदली है, जिसका सीधा असर कीमती धातुओं पर पड़ा।

घरेलू वायदा बाजार का हाल

सुबह करीब 9:05 बजे, MCX पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना ₹1,52,879 प्रति 10 ग्राम के आसपास सपाट कारोबार करता दिखा। वहीं मार्च डिलीवरी की चांदी 0.90% की मजबूती के साथ ₹3,21,343 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। विशेषज्ञों के अनुसार, स्पॉट मार्केट में मजबूत मांग ने चांदी को सहारा दिया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी गिरावट

वैश्विक स्तर पर भी सोने-चांदी की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली। ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप के नरम रुख के बाद अमेरिका में फरवरी गोल्ड फ्यूचर्स करीब 1% गिर गए
सिंगापुर बाजार में सुबह 8:30 बजे तक:

  • सोना 1% टूटकर $4,783.27 प्रति औंस
  • चांदी 2.1% गिरकर $91.13 प्रति औंस पर आ गई

इसके अलावा प्लैटिनम और पैलेडियम की कीमतों में भी दबाव देखा गया।

क्यों आई सोने में गिरावट?

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक,

  • मुनाफावसूली
  • भू-राजनीतिक तनाव में कमी के संकेत
  • डॉलर की मजबूती

इन कारणों से सोने और चांदी में अल्पकालिक दबाव बना है।

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हालांकि, कमोडिटी एक्सपर्ट जैन का कहना है कि अमेरिकी व्यापार शुल्क नीतियां और वैश्विक अनिश्चितता आगे चलकर कीमती धातुओं में सुरक्षित निवेश की मांग को बनाए रख सकती हैं।

आगे क्या रहेगा रुख?

जैन के अनुसार, अमेरिकी बेरोजगारी दावों के आंकड़े और डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव के चलते इस सप्ताह सोना और चांदी दोनों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

गोल्ड और सिल्वर के सपोर्टरेजिस्टेंस लेवल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में:

  • सोने का सपोर्ट: $4,785 और $4,740
  • सोने का रेजिस्टेंस: $4,855 और $4,890
  • चांदी का सपोर्ट: $89.80 और $87.40
  • चांदी का रेजिस्टेंस: $94.60 और $96.80

MCX पर:

  • सोने का सपोर्ट: ₹1,50,500 और ₹1,47,700
  • सोने का रेजिस्टेंस: ₹1,55,000 और ₹1,58,000
  • चांदी का सपोर्ट: ₹3,14,000 और ₹3,06,000
  • चांदी का रेजिस्टेंस: ₹3,24,000 और ₹3,28,000

जैन ने सलाह दी है कि बाजार में स्थिरता आने तक नई पोजीशन लेने से बचें

मुख्तार अंसारी के विधायक बेटे अब्बास की बढ़ीं मुश्किलें, आचार संहिता उल्लंघन केस में आरोप तय

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पूर्व बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के बेटे और मौजूदा विधायक अब्बास अंसारी की कानूनी परेशानियां एक बार फिर बढ़ गई हैं। चुनाव आचार संहिता उल्लंघन से जुड़े मामले में अदालत ने अब्बास अंसारी समेत पांच आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। अब इस केस में साक्ष्य की प्रक्रिया शुरू होगी।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. कृष्ण प्रताप सिंह की अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 4 फरवरी की तारीख निर्धारित की है। अब्बास की पेशी को देखते हुए कोर्ट परिसर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। मुख्य द्वार पर सघन तलाशी के बाद ही लोगों को अंदर प्रवेश दिया गया।

2022 विधानसभा चुनाव से जुड़ा है मामला

यह मामला 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान प्रचार से संबंधित है। आरोप है कि चुनाव प्रचार के समय अब्बास अंसारी ने तय सीमा से अधिक वाहनों के काफिले के साथ प्रचार किया था, जो चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन माना गया।

इस संबंध में 12 फरवरी 2022 को दक्षिणटोला थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। चुनाव आयोग की शिकायत पर तत्कालीन थानाध्यक्ष पंकज कुमार सिंह ने अब्बास अंसारी के साथ-साथ शाहिद लारी, साकिब लारी, इसराइल अंसारी और रमेश राम के खिलाफ केस दर्ज किया था।

कोर्ट ने दो धाराएं हटाईं, एक में आरोप तय

अब्बास अंसारी के अधिवक्ता दरोगा सिंह के अनुसार, अदालत ने मामले में लगाई गई तीन धाराओं में से दो धाराएं हटा दी हैं। हालांकि, धारा 133 के तहत चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के मामले में प्रथम दृष्टया पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोप तय कर दिए गए हैं।

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पेशी के दौरान अब्बास अंसारी ने मीडिया से दूरी बनाए रखी और सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने केवल इतना कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।

गैंगस्टर एक्ट केस में मिल चुकी है जमानत

गौरतलब है कि इससे पहले 13 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने गैंगस्टर एवं समाज-विरोधी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1986 के तहत दर्ज मामले में अब्बास अंसारी की पूर्ण जमानत याचिका मंजूर की थी।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति एम. पांचोली की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा था कि अब्बास अंसारी लंबे समय से अंतरिम जमानत पर हैं और अब तक उन्होंने जमानत की शर्तों का उल्लंघन नहीं किया है।

आतंकियों की ‘26-26’ साजिश बेनकाब, बड़े मंदिर निशाने पर; दिल्ली से अयोध्या तक हाई अलर्ट

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- गणतंत्र दिवस से पहले देश को दहलाने की एक बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा हुआ है। खुफिया एजेंसियों के अनुसार, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद मिलकर ‘कोड 26-26’ के तहत हमलों की योजना बना रहे हैं। इस इनपुट के बाद दिल्ली समेत कई प्रमुख शहरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

सुरक्षा एजेंसियों को किया गया सतर्क

खतरे की जानकारी मिलते ही खुफिया एजेंसियों ने दिल्ली पुलिस, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य केंद्रीय सुरक्षा बलों को अलर्ट जारी किया है। इसी कड़ी में दिल्ली पुलिस ने पहली बार एक स्पेशल वांटेड नोटिस जारी किया है, जिसमें अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े संदिग्ध आतंकी मोहम्मद रेहान की तस्वीर साझा की गई है, जो दिल्ली का निवासी बताया जा रहा है।

वांटेड लिस्ट में कई बड़े नाम

जारी पोस्टर में शाहिद फैसल का नाम भी शामिल है, जिसे बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट समेत दक्षिण भारत में हुए कई धमाकों का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। खुफिया रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि आतंकी संगठन गणतंत्र दिवस से पहले अलग-अलग राज्यों में एक साथ हमले करने की फिराक में हैं।

बड़े मंदिरों पर हमले की आशंका

कोड 26-26’ का आशय गणतंत्र दिवस से पहले देश में बड़े पैमाने पर आतंकी वारदात को अंजाम देना बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक आतंकियों के निशाने पर देश के प्रमुख धार्मिक स्थल हैं, ताकि सांप्रदायिक माहौल को बिगाड़ा जा सके।

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संभावित लक्ष्यों में अयोध्या का राम मंदिर और जम्मू का रघुनाथ मंदिर भी शामिल बताए जा रहे हैं।

सीमावर्ती इलाकों में भी कड़ी निगरानी

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल के साथ-साथ बीएसएफ को भी सीमावर्ती इलाकों में पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। पूरे उत्तर भारत में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट मोड पर रखा गया है और लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को फिर नोटिस, प्रयागराज माघ मेले से आजीवन प्रतिबंध की चेतावनी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- प्रयागराज के संगम तट पर आयोजित माघ मेले को लेकर प्रशासन और ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बीच टकराव और गहराता जा रहा है। मेला प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को एक और नोटिस जारी करते हुए 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है। चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक उत्तर न मिलने पर उन्हें मेले से आजीवन प्रतिबंधित किया जा सकता है।

नोटिस जारी होते ही उनके समर्थकों और अनुयायियों में नाराजगी देखने को मिल रही है और मामले ने तूल पकड़ लिया है।

प्रशासन की कार्रवाई पर भड़के समर्थक

शंकराचार्य के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र योगिराज सरकार ने प्रशासन की कार्रवाई को बदले की भावना से प्रेरित बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मेला प्रशासन ने पारदर्शिता का उल्लंघन करते हुए शिविर पांडाल के पीछे बैकडेट में नोटिस चस्पा किया।
उनका कहना है कि नोटिस लगाए जाने के बाद अधिकारी स्वयं आकर जवाब न देने का सवाल पूछने लगे, जो पूरी प्रक्रिया को संदिग्ध बनाता है।

24 घंटे में जवाब देने की चेतावनी

नोटिस में साफ कहा गया है कि यदि 24 घंटे के भीतर जवाब नहीं दिया गया, तो शंकराचार्य से जुड़ी संस्था को दी गई भूमि और सभी सुविधाएं निरस्त कर दी जाएंगी और भविष्य में मेले में प्रवेश पर स्थायी रोक लगा दी जाएगी। इस पर शैलेन्द्र योगिराज सरकार ने स्पष्ट किया कि नोटिस का जवाब तैयार कर लिया गया है और शीघ्र ही प्रशासन को सौंपा जाएगा।

बग्घी पर सवार होने को लेकर विवाद

प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में आरोप लगाया गया है कि मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बिना अनुमति के बग्घी पर सवार होकर संगम क्षेत्र की ओर बढ़े।नोटिस के अनुसार, त्रिवेणी पंटून पुल नंबर-2 पर लगे बैरियर को तोड़ते हुए संगम अपर मार्ग से प्रवेश किया गया, जबकि मेला प्रशासन द्वारा पहले ही संगम क्षेत्र में किसी भी प्रकार के वाहन ले जाने पर रोक लगाई गई थी।

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प्रशासन का कहना है कि उस समय संगम क्षेत्र में लाखों श्रद्धालु मौजूद थे और केवल पैदल आवागमन की अनुमति थी। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में वाहन ले जाने से भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को गंभीर चुनौती पैदा हुई।

सुप्रीम कोर्ट आदेश का भी उल्लंघन का आरोप

नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा स्वयं को शंकराचार्य बताते हुए बोर्ड और प्रचार सामग्री लगाई गई है, जबकि उनके शंकराचार्य होने को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगी हुई है। प्रशासन ने इसे अदालत की अवमानना की श्रेणी में बताया है।

मेले से स्थायी प्रतिबंध की चेतावनी

नोटिस के अंत में कहा गया है कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो यह मान लिया जाएगा कि संबंधित पक्ष को कोई आपत्ति नहीं है और इसके बाद आजीवन मेला प्रतिबंध का आदेश पारित कर दिया जाएगा।