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सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी रूल्स पर रोक लगाई, समाज में बंटवारे की आशंका जताई; पढ़ें 5 बड़ी बातें

यूजीसी (UGC) के नए नियमों को लेकर चल रहा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। देशभर में विरोध और याचिकाओं के बीच सुप्रीम कोर्ट ने इन नियमों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। अदालत ने साफ कहा है कि यदि समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया गया, तो इसके गंभीर और दूरगामी परिणाम हो सकते हैं, जो समाज में विभाजन की स्थिति पैदा कर सकते हैं।

इन नियमों को लेकर सवर्ण समाज की ओर से कड़ा ऐतराज जताया गया था। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि नए नियमों में सवर्णों को पहले से ही दोषी मान लिया गया है और उन्हें भेदभाव की स्थिति में शिकायत करने का कोई अधिकार नहीं दिया गया।

सुप्रीम कोर्ट ने क्यों लगाई रोक?

चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि यूजीसी नियमों की भाषा प्रथम दृष्टया स्पष्ट नहीं है और इसका दुरुपयोग होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

अदालत ने केंद्र सरकार को सलाह दी कि वह एक विशेष कमेटी का गठन कर इन नियमों की समीक्षा करे और स्पष्ट भाषा के साथ नए सिरे से नियम जारी करे।
तब तक 2012 के पुराने UGC रेगुलेशन ही लागू रहेंगे

इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 19 मार्च की तारीख तय की गई है। उस दिन केंद्र सरकार और यूजीसी अदालत को बताएंगे कि नियमों की समीक्षा को लेकर अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। यानी सरकार के पास लगभग 50 दिन का समय दिया गया है।

याचिका में क्या कहा गया?

याचिका में दलील दी गई थी कि नए नियमों में एससी, एसटी और ओबीसी को तो भेदभाव की शिकायत का अधिकार दिया गया है, लेकिन सवर्ण वर्ग को यह अधिकार नहीं दिया गया। इससे यह संदेश जाता है कि सवर्णों को पहले से ही दोषी मान लिया गया है।

इसके अलावा यह भी मांग की गई थी कि यदि कोई शिकायत झूठी पाई जाती है, तो झूठा आरोप लगाने वालों पर भी कार्रवाई का प्रावधान होना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट की 5 बड़ी टिप्पणियां

1. समाज में बंटवारे की चेतावनी

अदालत ने कहा, “अगर हमने हस्तक्षेप नहीं किया, तो इसके खतरनाक परिणाम होंगे और समाज में विभाजन की स्थिति पैदा होगी।”

2. नियमों की भाषा अस्पष्ट

बेंच ने कहा कि प्रथम दृष्टया नियमों की भाषा स्पष्ट नहीं है और विशेषज्ञों को इसकी समीक्षा करनी होगी ताकि इसका दुरुपयोग न हो सके।

3. क्षेत्रीय और सामाजिक विविधता का सवाल

चीफ जस्टिस ने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई छात्र दक्षिण भारत से उत्तर भारत में या उत्तर से दक्षिण में पढ़ने जाता है, तो सामान्य सांस्कृतिक टिप्पणियां भी हो सकती हैं। ऐसे मामलों में यह तय होना चाहिए कि समाधान किस नियम के तहत मिलेगा।

4. वर्गहीन समाज की अवधारणा पर चिंता

मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “75 वर्षों में हमने जिस देश को वर्गहीन समाज की ओर ले जाने की कोशिश की है, क्या अब हम उसे पीछे ले जा रहे हैं?”

उन्होंने छात्रावासों, अंतरजातीय विवाह और सांस्कृतिक विविधता का भी उल्लेख किया।

 5.संविधान के अनुच्छेद 14 का मुद्दा

सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि नियमों के सेक्शन 3(सी) में जातिगत भेदभाव की परिभाषा में जनरल कैटेगरी को शामिल नहीं किया गया है, जो संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता के अधिकार) का उल्लंघन है।

“अगर खिलाना नहीं, तो साथ क्यों रखना…” श्रेयस अय्यर पर आकाश चोपड़ा का टीम मैनेजमेंट से तीखा सवाल

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स्पोर्ट्स डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज जीतने के बाद भारतीय टीम जब चौथे मुकाबले में उतरी, तो टीम चयन को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई। इस मैच में ईशान किशन चोट के कारण उपलब्ध नहीं थे। वह पहले ही तिलक वर्मा की जगह टीम में शामिल किए गए थे। ऐसे हालात में उम्मीद थी कि तिलक वर्मा के रिप्लेसमेंट के तौर पर टीम में शामिल श्रेयस अय्यर को मौका मिलेगा, लेकिन टीम मैनेजमेंट ने उन्हें एक बार फिर बाहर बैठाए रखा।

मैनेजमेंट की ओर से दलील दी गई कि टीम नए कॉम्बिनेशन को आजमा रही है, लेकिन इस फैसले पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने कड़ा सवाल उठाया है

आकाश चोपड़ा बोले— “वह कोई बच्चा नहीं हैं”

आकाश चोपड़ा ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर साझा किए गए एक वीडियो में कहा, “अगर आपने मन ही बना लिया है कि श्रेयस अय्यर को खिलाना नहीं है, तो फिर उन्हें टीम में रखने का मतलब क्या है? वह कोई छोटे बच्चे नहीं हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी खिलाड़ी को मौका नहीं देना है, तो बेहतर है कि किसी युवा खिलाड़ी को टीम में बुलाकर उसे अनुभव दिलाया जाए। “आप आयुष बडोनी या शाहबाज अहमद जैसे किसी युवा को टीम के साथ रख सकते हैं और उसे बाहर बिठा सकते हैं, लेकिन श्रेयस अय्यर को इस तरह बेंच पर बैठाना समझ से बाहर है।”

लगातार बाहर बैठना बना सवाल

श्रेयस अय्यर सिर्फ पहले तीन टी20 मैचों में ही नहीं, बल्कि चौथे मुकाबले में भी प्लेइंग इलेवन से बाहर रहे। पहले तीन मैचों में ईशान किशन को तरजीह दी गई और जब ईशान चोटिल हो गए, तब भी श्रेयस को मौका नहीं मिला। इसके बजाय टीम ने एक अतिरिक्त तेज गेंदबाज के साथ उतरने का फैसला किया।

यह नया कॉम्बिनेशन पूरी तरह असफल साबित हुआ और भारतीय टीम को 50 रन से हार का सामना करना पड़ा।

“ड्रेसिंग रूम में बैठाने का कोई तुक नहीं”

आकाश चोपड़ा ने कहा, “यह समझ में आता है कि वह वर्ल्ड कप टीम की प्राथमिक योजना में नहीं हैं, लेकिन जब ईशान किशन इंजर्ड हो जाते हैं और श्रेयस अय्यर ही एकमात्र विशेषज्ञ बल्लेबाज बेंच पर बैठे हैं, तब भी आप उन्हें नहीं खिलाते—यह हैरान करने वाला है।”

उन्होंने आगे कहा कि श्रेयस अय्यर को सिर्फ ड्रेसिंग रूम का अनुभव दिलाने के लिए टीम में रखना तर्कसंगत नहीं है। “वह कोई ऐसा खिलाड़ी नहीं है जिसे आप यह कहें कि टीम के साथ रहने से अनुभव मिलेगा।”

टीम कॉम्बिनेशन पर भी उठाए सवाल

आकाश चोपड़ा ने यह भी कहा कि गौतम गंभीर की कोचिंग में पहली बार ऐसा हुआ, जब टीम ने चार मुख्य गेंदबाज खिलाए और पांचवें गेंदबाज के तौर पर हर्षित राणा को नंबर सात पर उतारा। “जो चीज टेस्ट में भी नहीं करते, वह टी20 में कर दी गई।”

“या खिलाइए, या घर भेज दीजिए”

आकाश चोपड़ा ने साफ शब्दों में कहा कि श्रेयस अय्यर के साथ यह व्यवहार सही नहीं है। “मेरे हिसाब से या तो उन्हें खिलाना चाहिए था, और अगर खिलाने का इरादा ही नहीं है, तो उन्हें घर भेज दीजिए। इस तरह टीम के साथ रखना उनके लिए भी ठीक नहीं है।”

उन्होंने अंत में कहा कि किसी भी हाल में यह संदेश जाना कि “चाहे कुछ भी हो जाए, श्रेयस अय्यर नहीं खेलेंगे”—स्वीकार्य नहीं है

पहली बार चांदी ₹4 लाख के पार, सोना ₹2 लाख के करीब पहुंचा

Gold Silver Rate Today: गुरुवार, 29 जनवरी को MCX पर सुबह के सत्र में सोना और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली। MCX गोल्ड फरवरी वायदा करीब ₹10,000 या 6% की बढ़त के साथ ₹1,75,869 प्रति 10 ग्राम के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया। वहीं, चांदी भी 6% बढ़कर ₹4,06,863 प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर को छू गई।

MCX के आंकड़ों के अनुसार, गोल्ड फरवरी फ्यूचर्स में लगभग ₹10,000 और सिल्वर मार्च फ्यूचर्स में ₹21,500 की तेजी दर्ज की गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बढ़त

सिंगापुर में सुबह 8:02 बजे तक सोना 0.8% बढ़कर 5,461.98 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इससे पहले सोना 5,588.71 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर को भी पार कर चुका था। चांदी 0.9% बढ़कर 117.119 डॉलर प्रति औंस पर पहुंची। वहीं, प्लैटिनम और पैलेडियम में गिरावट रही। ब्लूमबर्ग डॉलर स्पॉट इंडेक्स 0.2% नीचे था।

अमेरिकी फेड के फैसले का असर सीमित

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के निर्णय का सोने पर बहुत अधिक असर नहीं पड़ा क्योंकि बाजार ने इसे पहले ही भांप लिया था।

तेजी के पीछे क्या हैं कारण?

विशेषज्ञों के अनुसार, प्रमुख कारण हैं:

  1. अमेरिका-ईरान तनाव: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव ने निवेशकों को सुरक्षित संपत्ति यानी सोना और चांदी की ओर आकर्षित किया।
  2. डॉलर में कमजोरी: डॉलर इंडेक्स में 0.3% से अधिक की गिरावट हुई, जिससे विदेशी खरीदारों के लिए डॉलर आधारित सोना सस्ता हो गया।
  3. भू-राजनीतिक और आर्थिक फैसले: ट्रंप प्रशासन के बयान, वेनेजुएला और ग्रीनलैंड से जुड़े कदम और दक्षिण कोरिया-चीन व्यापार से संबंधित धमकियों ने बाजारों को अस्थिर किया।

एक्सपर्ट की राय

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितता और फेड की ब्याज दर नीति से निवेशक सुरक्षित संपत्ति की ओर बढ़ रहे हैं। उनका कहना है कि आज के सत्र में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

यह भी पढ़े:- बरेली से लखनऊ भेजे गए PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री, फेसबुक पोस्ट के जरिए चेताया

  • सोना तब तक खरीदा जा सकता है जब तक यह ₹1,64,400 प्रति 10 ग्राम के स्तर को बनाए रखता है। लक्ष्य ₹1,70,000 – ₹1,75,000 रखा जा सकता है।
  • चांदी तब तक खरीदी जा सकती है जब तक यह ₹3,64,000 प्रति किलोग्राम बनाए रखती है। लक्ष्य ₹4,00,000 – ₹4,10,000 तय किया गया है।

बरेली से लखनऊ भेजे गए PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री, फेसबुक पोस्ट के जरिए चेताया

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के कथित अपमान और यूजीसी की नई नियमावली के विरोध में गणतंत्र दिवस के दिन इस्तीफा देकर सुर्खियों में आए PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री को बरेली से लखनऊ भेज दिया गया है। हालांकि, इस पूरे मामले को लेकर विवाद अब भी थमता नजर नहीं आ रहा है।

बुधवार दोपहर प्रशासन ने अलंकार अग्निहोत्री के बरेली से रवाना होने के बाद दावा किया कि वह स्वेच्छा से लखनऊ गए हैं, लेकिन शाम करीब 7:30 बजे अलंकार की सोशल मीडिया पोस्ट ने इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए।

फेसबुक पोस्ट से दिया सख्त संदेश

लखनऊ रवाना होने के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने फेसबुक पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा—“कहां-कहां आप मुझको जिला बदर करोगे… जहां जाएंगे, कारवां बढ़ता जाएगा।” उन्होंने इस पोस्ट में #UGCrollback हैशटैग भी लगाया।

इसके अलावा एक व्हाट्सएप ग्रुप में उन्होंने लिखा—“अनऑफिशियल जिला बदर, जल्द फिर मिलेंगे।” इन संदेशों से यह संकेत मिला कि उन्हें बरेली से जबरन भेजा गया है।

व्हाट्सएप स्टेटस में भी जताई बात

अलंकार अग्निहोत्री ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर लिखा कि वह बरेली छोड़ने के लिए इसलिए तैयार हुए क्योंकि पुलिस और प्रशासन नहीं चाहते थे कि वह वहां रहें
उन्होंने यह भी लिखा कि परिवार की ओर से कोई आपत्ति नहीं है और वह लखनऊ के आलमबाग स्थित स्नेह नगर पहुंच रहे हैं।

प्रशासन के दावे और पोस्ट में विरोधाभास

एक ओर जिला प्रशासन यह कहता रहा कि अलंकार अग्निहोत्री अपनी इच्छा से लखनऊ गए हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी सोशल मीडिया गतिविधियों से यह आभास मिल रहा है कि उन्हें दबाव में स्थानांतरित किया गया

सुबह हुई थी मान-मनौव्वल

इससे पहले बुधवार सुबह प्रशासन ने अलंकार अग्निहोत्री के आवास पर निलंबन का नोटिस चस्पा किया था। इसके बाद एडीएम सिटी सौरभ दुबे, एसडीएम सदर प्रमोद कुमार, सीओ सहित अन्य अधिकारी उनके आवास पहुंचे और बातचीत की।

यह भी पढ़े:- संजय निषाद के स्वागत के दौरान बड़ा हादसा, JCB पलटने से पार्टी कार्यकर्ता की मौत, तीन घायल

परशुराम युवा मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन मिश्रा और अलंकार के परिजनों ने भी उन्हें समझाने का प्रयास किया। सूत्रों के अनुसार, पहले अलंकार प्रयागराज जाकर निलंबन के खिलाफ याचिका दायर करने की बात कह रहे थे, लेकिन परिजनों से बातचीत के बाद उन्होंने लखनऊ जाने का निर्णय लिया।

‘हाउस अरेस्ट’ के विरोध में प्रदर्शन

बुधवार को अलंकार अग्निहोत्री को कथित हाउस अरेस्ट से मुक्त करने की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों के लोग एडीएम कंपाउंड के गेट पर पहुंचे और जोरदार नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि मंगलवार रात से अलंकार को घर में नजरबंद कर रखा गया है और उन्हें बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा कि अलंकार का मोबाइल फोन भी बंद है और उन्हें तुरंत रिहा किया जाना चाहिए ताकि वह अपने आंदोलन को आगे बढ़ा सकें।

संजय निषाद के स्वागत के दौरान बड़ा हादसा, JCB पलटने से पार्टी कार्यकर्ता की मौत, तीन घायल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद के काफिले के स्वागत के दौरान बुधवार को बड़ा हादसा हो गया। जेसीबी से पुष्प वर्षा के दौरान एक ट्रक की टक्कर से जेसीबी पलट गई, जिसमें निषाद पार्टी के एक कार्यकर्ता की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

यह घटना कुशीनगर जिले के तमकुहीराज क्षेत्र में फोरलेन पर अस्थायी क्रॉसिंग के पास हुई। घायलों को तत्काल नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया गया।

स्वागत के दौरान हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, डॉ. संजय निषाद का काफिला जब तमकुहीराज पहुंचा, तो पार्टी कार्यकर्ता जेसीबी पर चढ़कर पुष्प वर्षा कर रहे थे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने जेसीबी में टक्कर मार दी। टक्कर के बाद जेसीबी असंतुलित होकर पलट गई।

हादसे में सेवरही क्षेत्र के परसा उर्फ सिरिसिया निवासी शंभू निषाद (50), तमकुही कस्बा निवासी अखिलेश, सिकंदर और गोलू गंभीर रूप से घायल हो गए।

इलाज के दौरान कार्यकर्ता की मौत

घटना के बाद कैबिनेट मंत्री संजय निषाद और उनके सहयोगियों ने गंभीर रूप से घायल शंभू निषाद को एंबुलेंस से गोरखपुर भेजा। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अन्य घायलों का इलाज जारी है।

संजय निषाद ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप

हादसे पर दुख जताते हुए डॉ. संजय निषाद ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने रास्ता खोल दिया था, जिससे ट्रक की एंट्री हो गई और यह दुर्घटना हुई।

यह भी पढ़े:- कोलंबिया में बड़ा विमान हादसा, सांसद समेत विमान में सवार सभी 15 लोगों की मौत

मंत्री के अनुसार, यदि यातायात को नियंत्रित किया गया होता, तो हादसे से बचा जा सकता था।

कार्यक्रम में मची अफरातफरी

हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई और कुछ देर के लिए कार्यक्रम बाधित हो गया। पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को संभालते हुए यातायात को नियंत्रित किया।

निषाद पार्टी ने जारी किया आधिकारिक बयान

निषाद पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि संवैधानिक आरक्षण पदयात्रा के दौरान यह बेहद दुखद और हृदयविदारक घटना हुई। पार्टी के अनुसार, शंभू निषाद कृषि कार्य से तमकुहीराज आए थे और स्वागत कार्यक्रम की जानकारी मिलने पर वहीं रुक गए थे। भारी यातायात और वन-वे मार्ग के कारण ट्रक की टक्कर से जेसीबी पलट गई, जिससे यह हादसा हुआ।

अस्पताल पहुंचे कैबिनेट मंत्री

डॉ. संजय निषाद ने बताया कि सूचना मिलते ही वह क्षेत्रीय विधायक डॉ. असीम राय के साथ अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना। शंभू निषाद को बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर स्थित रचित सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। मंत्री ने अस्पताल जाकर परिजनों से मुलाकात की और शोक संवेदना व्यक्त की।

कोलंबिया में बड़ा विमान हादसा, सांसद समेत विमान में सवार सभी 15 लोगों की मौत

न्यूज़ डेक्स/सर्वोदय न्यूज़:- कोलंबिया में बुधवार, 28 जनवरी को एक दर्दनाक विमान दुर्घटना सामने आई, जिसमें एक सांसद सहित विमान में सवार सभी 15 लोगों की मौत हो गई। कोलंबियाई विमानन अधिकारियों के मुताबिक, ट्विन-इंजन प्रोपेलर विमान वेनेजुएला सीमा के पास नॉर्थ सैंटेंडर के पहाड़ी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

यह विमान कोलंबिया की सरकारी एयरलाइन सटेना (SATENA) का था, जिसने कुकुटा से उड़ान भरी थी और उसे ओकाणा में लैंड करना था। उड़ान भरने के करीब 12 मिनट बाद विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया। इसके बाद बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

घंटों की तलाश के बाद मिला मलबा

कई घंटे की खोज के बाद कोलंबियाई वायुसेना ने ‘प्लाया डी बेलन’ के ग्रामीण इलाके में विमान का मलबा बरामद किया। हादसे में किसी भी यात्री के जीवित बचने की सूचना नहीं है।

हादसे में सांसद डायोजनीज क्विंटरो की मौत

मृतकों में 36 वर्षीय डायोजनीज क्विंटरो भी शामिल हैं, जो कोलंबिया की संसद के सदस्य थे। वे कटाटुम्बो क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे, जो लंबे समय से संघर्ष और कोका की खेती के लिए जाना जाता है।

यह भी पढ़े:- EU के बाद अमेरिका से भी बड़ी डील के करीब भारत, व्यापार समझौते पर अहम प्रगति के संकेत

क्विंटरो वर्ष 2022 में उन 16 प्रतिनिधियों में शामिल थे, जिन्हें कोलंबिया के दशकों पुराने संघर्ष के पीड़ितों के लिए आरक्षित विशेष सीटों से संसद में चुना गया था। इस दुर्घटना में आगामी चुनावों के उम्मीदवार कार्लोस साल्सेडो की भी मौत हो गई।

दुर्गम इलाका और खराब मौसम बना वजह?

जिस स्थान पर विमान क्रैश हुआ, वह एंडीज पर्वतमाला का अत्यंत दुर्गम और पहाड़ी इलाका है। यह क्षेत्र कोलंबिया के सक्रिय गुरिल्ला संगठन नेशनल लिबरेशन आर्मी (ELN) के प्रभाव वाला माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, खराब मौसम और पहाड़ी भूगोल इस हादसे की संभावित वजह हो सकते हैं।

राष्ट्रपति ने जताया शोक

कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने सोशल मीडिया पर इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
विमानन एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या मौसम संबंधी परिस्थितियों की वजह से।

EU के बाद अमेरिका से भी बड़ी डील के करीब भारत, व्यापार समझौते पर अहम प्रगति के संकेत

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भारत को जल्द ही एक और बड़ी आर्थिक खुशखबरी मिल सकती है। यूरोपीय संघ (EU) के साथ बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते के बाद अब भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर बातचीत निर्णायक मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच वार्ता में “बेहद महत्वपूर्ण प्रगति” हुई है और समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में सकारात्मक माहौल बना हुआ है।

हालांकि, सरकार की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

भारत-अमेरिका वार्ता को लेकर बातचीत तेज

पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के अनुसार, आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि भारत ने EU के साथ FTA को अंतिम चरण में पहुंचाने के साथ-साथ अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता की रफ्तार भी बनाए रखी है।
सूत्रों का कहना है कि भारत-EU एफटीए को अमेरिका के विकल्प के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

सूत्रों ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर बातचीत में उल्लेखनीय प्रगति हुई है और दोनों पक्ष सकारात्मक नतीजे को लेकर आशावान हैं। एक अधिकारी ने कहा, “इस दिशा में लगातार प्रयास हो रहे हैं और हमें अच्छे परिणाम की उम्मीद है।”

टैरिफ विवाद से रुकी थी बातचीत

गौरतलब है कि पिछले साल भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर कई दौर की बातचीत हुई थी। हालांकि, अगस्त में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक शुल्क लगाए जाने के बाद बातचीत में अड़चन आ गई थी।
इसमें रूसी तेल आयात को लेकर लगाया गया 25 प्रतिशत का दंडात्मक शुल्क भी शामिल था। इसके अलावा आव्रजन नीति और अन्य मुद्दों पर भी दोनों देशों के रिश्तों में तनाव देखने को मिला था।

क्या अमेरिका को जवाब देने के लिए EU से हुआ समझौता?

EU के साथ FTA के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि भारत ने अमेरिका की सख्त टैरिफ नीति के जवाब में यह कदम उठाया है। हालांकि, आधिकारिक सूत्रों ने इस धारणा को खारिज किया है।
सूत्रों के अनुसार, भारत-EU समझौता पूरी तरह आपसी हित और लाभ पर आधारित है। भारत की रणनीति अमेरिका और यूरोप—दोनों बाजारों में निर्यात बढ़ाकर रोजगार सृजन और घरेलू विनिर्माण को मजबूती देने की है।

अमेरिका दौरे पर जा सकते हैं विदेश मंत्री जयशंकर

इस बीच खबर है कि विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर अगले सप्ताह अमेरिका की यात्रा कर सकते हैं। वह चार फरवरी को वॉशिंगटन में होने वाली महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़ी बैठक में हिस्सा लेने की संभावना है। इस बैठक की मेजबानी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो करेंगे।

भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर पहले ही संकेत दे चुके हैं कि भारत को अमेरिका के नेतृत्व वाले आठ देशों के समूह पैक्स सिलिका में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा था कि व्यापार, टैरिफ और रूस से तेल आयात को लेकर लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों के बाद अब भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में आगे बढ़ने की उम्मीद है।

Aaj Ka Rashifal 29 January 2026: जानिए गुरुवार का दिन सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा

Aaj Ka Rashifal 29 January 2026: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों और नक्षत्रों की चाल का प्रभाव हमारे दैनिक जीवन पर पड़ता है। आज 29 जनवरी 2026, गुरुवार का दिन है। ग्रहों की स्थिति की बात करें तो चंद्रमा वृषभ राशि में विराजमान हैं। वहीं गुरु मिथुन, केतु सिंह, सूर्य-बुध-शुक्र-मंगल मकर, राहु कुंभ और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन राशि तक आज का राशिफल—

मेष राशि

आज आपका व्यावसायिक पक्ष पहले से अधिक मजबूत होता नजर आएगा। राजनीति और कानूनी मामलों में सफलता मिल सकती है। धन आगमन के योग हैं और पारिवारिक सुख बढ़ेगा। प्रेम, संतान और व्यापार—तीनों ही क्षेत्रों में संतोषजनक स्थिति रहेगी। सूर्य को जल अर्पित करें और मां काली का स्मरण करें।

वृषभ राशि

आज आप ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरपूर रहेंगे। लोगों के आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं। स्वास्थ्य में सुधार होगा। प्रेम और संतान का सहयोग मिलेगा। व्यापार में उन्नति के संकेत हैं और भाग्य आपका साथ देगा। हरी वस्तु पास रखना शुभ रहेगा।

मिथुन राशि

आज का दिन थोड़ा संभलकर बिताने की जरूरत है। स्वास्थ्य, खर्च और मानसिक तनाव को लेकर सावधानी रखें। पिता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो सकती है। यह समय अस्थायी है, जल्द ही परिस्थितियां बेहतर होंगी। हरी वस्तु पास रखें।

कर्क राशि

आय में उतार-चढ़ाव के बावजूद प्रगति बनी रहेगी। कोई शुभ समाचार मिल सकता है। यात्रा के योग हैं और नौकरी में स्थिति अनुकूल रहेगी। दांपत्य जीवन में थोड़ी ठंडक महसूस हो सकती है। लाल रंग की वस्तु शुभ रहेगी।

सिंह राशि

व्यवसाय के लिहाज से दिन ठीक रहेगा, लेकिन स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। विरोधियों पर दबाव बना रहेगा। प्रेम और संतान का पक्ष मजबूत रहेगा। दिन थोड़ा व्यस्त और उलझन भरा हो सकता है। सूर्य को जल अर्पित करना लाभकारी रहेगा।

कन्या राशि

मानसिक अस्थिरता रह सकती है। बच्चों के स्वास्थ्य और प्रेम संबंधों में सावधानी बरतें। क्रोध से बचें। भाग्य का सहयोग मिलेगा और यात्रा के संकेत भी हैं। शनिदेव का आशीर्वाद लें।

तुला राशि

आज परिस्थितियां कुछ प्रतिकूल रह सकती हैं। स्वास्थ्य और वाहन चलाते समय विशेष सावधानी रखें। घरेलू वातावरण में तनाव संभव है। हालांकि प्रेम, संतान और व्यापार सामान्य रहेंगे। शनिदेव को प्रणाम करें।

वृश्चिक राशि

आज का दिन बेहद शुभ रहेगा। नौकरी में सफलता मिलेगी। प्रेम जीवन में मधुरता आएगी और मुलाकात के योग बनेंगे। साहस और पराक्रम रंग लाएगा। व्यापार में लाभ के संकेत हैं। पीली वस्तु पास रखें।

धनु राशि

स्वास्थ्य में हल्का उतार-चढ़ाव रह सकता है, लेकिन धन लाभ के योग मजबूत हैं। परिवार में खुशियां बढ़ेंगी। राजनीति से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है। दिन शुभ है, बस थोड़ी सतर्कता जरूरी है। लाल वस्तु शुभ रहेगी।

मकर राशि

भावनाओं और क्रोध पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार—तीनों क्षेत्रों में स्थिति अनुकूल है। तांबे की वस्तु का दान करना शुभ रहेगा।

कुंभ राशि

गृह कलह और मानसिक तनाव के संकेत हैं। सरकारी कार्यों, साझेदारी और रिश्तों में सावधानी बरतें। कई मोर्चों पर संघर्ष करना पड़ सकता है। मां काली का स्मरण लाभ देगा।

मीन राशि

स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। व्यवसाय में जबरदस्त सफलता मिलेगी। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में प्रभाव बढ़ेगा। कुल मिलाकर शानदार समय है। नीली वस्तु का दान शुभ रहेगा।

UGC नियमों पर BJP में भी मतभेद, वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र ने बताया असंवैधानिक, वापस लेने की मांग

नई दिल्ली/लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर अब सियासी घमासान भारतीय जनता पार्टी के भीतर भी दिखाई देने लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र ने इन नियमों को पूरी तरह असंवैधानिक बताते हुए सरकार से इन्हें वापस लेने की मांग की है।

कलराज मिश्र ने कहा कि एससी-एसटी के साथ होने वाले भेदभाव को लेकर पहले से ही 2012 की गाइडलाइंस मौजूद थीं, जिनके तहत शिकायत की व्यवस्था थी। अब नए नियमों में ओबीसी को भी जोड़ दिया गया है, लेकिन समस्या यह है कि शिकायत का अधिकार जाति आधारित कर दिया गया है। उनका कहना है कि जाति के आधार पर अलग-अलग प्रावधान बनाने के बजाय हर उस व्यक्ति को शिकायत का अधिकार मिलना चाहिए, जिसके साथ भेदभाव हो रहा है।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि नए नियमों में झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ किसी तरह के दंड का प्रावधान नहीं है, जो गंभीर चिंता का विषय है। कलराज मिश्र ने दो टूक कहा कि यह व्यवस्था न केवल असंतुलित है बल्कि संविधान की भावना के भी खिलाफ है।

देशभर में UGC नियमों का विरोध
गौरतलब है कि यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ इस समय देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। यूजीसी ने इन नियमों को उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव रोकने के उद्देश्य से लागू करने की बात कही है, लेकिन सामान्य वर्ग के छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि इससे उलटा भेदभाव को बढ़ावा मिलेगा।

दो दिन पहले बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री भी इन नियमों के खिलाफ मुखर होकर सामने आए थे। वहीं, सामान्य वर्ग के प्रदर्शनकारी लगातार जनप्रतिनिधियों पर दबाव बना रहे हैं कि वे इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करें।

अब तक इस विषय पर अधिकांश राजनीतिक दलों के नेता चुप्पी साधे हुए थे, लेकिन भाजपा के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र के बयान से यूजीसी नियमों का विरोध कर रहे लोगों को नई ताकत मिली है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी के भीतर से उठी यह आवाज आने वाले दिनों में सरकार के लिए दबाव बढ़ा सकती है।

अयोध्या गैंगरेप केस में बड़ा फैसला: सपा नेता मोईद खान बरी, नौकर राजू खान दोषी

अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़:- भदरसा क्षेत्र से जुड़े चर्चित गैंगरेप मामले में अदालत का अहम फैसला सामने आया है। पाक्सो प्रथम न्यायालय ने समाजवादी पार्टी के नेता मोईद खान को सभी आरोपों से बाइज्जत बरी कर दिया है, जबकि उनके नौकर राजू खान को दोषी ठहराया गया है। राजू खान को दोषसिद्ध पाए जाने के बाद अब उसकी सजा पर फैसला बुधवार को सुनाया जाएगा।

यह मामला 29 जुलाई 2024 को थाना पूराकलंदर में दर्ज किया गया था। पीड़िता की शिकायत के आधार पर गैंगरेप समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया था। मामला सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में जबरदस्त हलचल मच गई थी।

जांच के दौरान प्रशासन ने मोईद खान की बेकरी और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पर बुलडोजर की कार्रवाई भी की थी, जिससे यह प्रकरण और अधिक सुर्खियों में आ गया था।

डीएनए रिपोर्ट बनी फैसले की आधारशिला
जांच के दौरान मोईद खान और राजू खान दोनों का डीएनए परीक्षण कराया गया था। अदालत में पेश की गई डीएनए रिपोर्ट में मोईद खान का डीएनए नमूना नेगेटिव पाया गया, जबकि राजू खान का डीएनए पीड़िता से मेल खाता हुआ पाया गया। इसी वैज्ञानिक साक्ष्य को निर्णायक मानते हुए अदालत ने मोईद खान को दोषमुक्त कर दिया।

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वहीं, राजू खान के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप प्रमाणित पाए गए। कोर्ट ने उसे सभी धाराओं में दोषी ठहराते हुए सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए अगली तारीख तय की है।

फैसले के बाद मोईद खान के समर्थकों ने राहत की सांस ली है, जबकि पीड़िता पक्ष की नजरें अब दोषी को मिलने वाली सजा पर टिकी हैं। यह मामला न केवल आपराधिक दृष्टि से बल्कि राजनीतिक और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर भी बेहद संवेदनशील रहा है। न्यायालय के इस निर्णय को डीएनए साक्ष्यों और निष्पक्ष न्याय प्रक्रिया की अहम मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।