EU के बाद अमेरिका से भी बड़ी डील के करीब भारत, व्यापार समझौते पर अहम प्रगति के संकेत

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भारत को जल्द ही एक और बड़ी आर्थिक खुशखबरी मिल सकती है। यूरोपीय संघ (EU) के साथ बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते के बाद अब भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर बातचीत निर्णायक मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच वार्ता में “बेहद महत्वपूर्ण प्रगति” हुई है और समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में सकारात्मक माहौल बना हुआ है।

हालांकि, सरकार की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

भारत-अमेरिका वार्ता को लेकर बातचीत तेज

पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के अनुसार, आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि भारत ने EU के साथ FTA को अंतिम चरण में पहुंचाने के साथ-साथ अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता की रफ्तार भी बनाए रखी है।
सूत्रों का कहना है कि भारत-EU एफटीए को अमेरिका के विकल्प के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

सूत्रों ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर बातचीत में उल्लेखनीय प्रगति हुई है और दोनों पक्ष सकारात्मक नतीजे को लेकर आशावान हैं। एक अधिकारी ने कहा, “इस दिशा में लगातार प्रयास हो रहे हैं और हमें अच्छे परिणाम की उम्मीद है।”

टैरिफ विवाद से रुकी थी बातचीत

गौरतलब है कि पिछले साल भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर कई दौर की बातचीत हुई थी। हालांकि, अगस्त में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक शुल्क लगाए जाने के बाद बातचीत में अड़चन आ गई थी।
इसमें रूसी तेल आयात को लेकर लगाया गया 25 प्रतिशत का दंडात्मक शुल्क भी शामिल था। इसके अलावा आव्रजन नीति और अन्य मुद्दों पर भी दोनों देशों के रिश्तों में तनाव देखने को मिला था।

क्या अमेरिका को जवाब देने के लिए EU से हुआ समझौता?

EU के साथ FTA के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि भारत ने अमेरिका की सख्त टैरिफ नीति के जवाब में यह कदम उठाया है। हालांकि, आधिकारिक सूत्रों ने इस धारणा को खारिज किया है।
सूत्रों के अनुसार, भारत-EU समझौता पूरी तरह आपसी हित और लाभ पर आधारित है। भारत की रणनीति अमेरिका और यूरोप—दोनों बाजारों में निर्यात बढ़ाकर रोजगार सृजन और घरेलू विनिर्माण को मजबूती देने की है।

अमेरिका दौरे पर जा सकते हैं विदेश मंत्री जयशंकर

इस बीच खबर है कि विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर अगले सप्ताह अमेरिका की यात्रा कर सकते हैं। वह चार फरवरी को वॉशिंगटन में होने वाली महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़ी बैठक में हिस्सा लेने की संभावना है। इस बैठक की मेजबानी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो करेंगे।

भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर पहले ही संकेत दे चुके हैं कि भारत को अमेरिका के नेतृत्व वाले आठ देशों के समूह पैक्स सिलिका में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा था कि व्यापार, टैरिफ और रूस से तेल आयात को लेकर लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों के बाद अब भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में आगे बढ़ने की उम्मीद है।

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