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रोहित शर्मा का सबसे ज्यादा T20I खेलने का वर्ल्ड रिकॉर्ड टूटा, इस खिलाड़ी ने रचा इतिहास

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स्पोर्ट्स डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- आयरलैंड के कप्तान पॉल स्टर्लिंग ने यूएई के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में उतरते ही क्रिकेट इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया। इस मैच के साथ ही स्टर्लिंग T20I क्रिकेट में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी बन गए हैं, उन्होंने इस मामले में रोहित शर्मा का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया।

यह पॉल स्टर्लिंग के टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का 160वां मुकाबला था। वहीं, 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद टी20I क्रिकेट से संन्यास ले चुके रोहित शर्मा ने अपने करियर में कुल 159 मैच खेले थे।

T20I क्रिकेट में 150+ मैच खेलने वाले सिर्फ 3 खिलाड़ी

टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में अब तक केवल तीन खिलाड़ी ऐसे हैं, जिन्होंने 150 से अधिक मैच खेले हैं। खास बात यह है कि इनमें से दो खिलाड़ी आयरलैंड से हैं।

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रोहित शर्मा और पॉल स्टर्लिंग के अलावा जॉर्ज डॉकरेल तीसरे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने आयरलैंड के लिए 153 T20I मैच खेले हैं। इसके अलावा अफगानिस्तान के मोहम्मद नबी और इंग्लैंड के जोस बटलर भी इस सूची में टॉप-5 में शामिल हैं।

T20I में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी

  • पॉल स्टर्लिंग – 160
  • रोहित शर्मा – 159
  • जॉर्ज डॉकरेल – 153
  • मोहम्मद नबी – 148
  • जोस बटलर – 144

ऐतिहासिक मैच में नहीं चला स्टर्लिंग का बल्ला

हालांकि यह ऐतिहासिक मुकाबला पॉल स्टर्लिंग के लिए व्यक्तिगत रूप से खास नहीं रहा। यूएई के खिलाफ वह 3 गेंदों पर 8 रन बनाकर आउट हो गए। अपनी छोटी सी पारी में उन्होंने 2 चौके जरूर लगाए।

आयरलैंड ने यूएई को 57 रन से हराया

इसके बावजूद आयरलैंड ने इस मैच में शानदार प्रदर्शन किया और 57 रनों से बड़ी जीत दर्ज की।
पहले बल्लेबाजी करते हुए आयरलैंड ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 178 रन बनाए। दिलचस्प बात यह रही कि टीम का कोई भी बल्लेबाज अर्धशतक नहीं लगा सका।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी यूएई की टीम 19.5 ओवर में 121 रन पर ऑलआउट हो गई और मुकाबला आयरलैंड के नाम रहा।

पी टी उषा के पति वी श्रीनिवासन का निधन, पीएम मोदी ने फोन कर जताया शोक

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न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद पी टी उषा के पति वी श्रीनिवासन का शुक्रवार को निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, वह 67 वर्ष के थे। शुक्रवार तड़के वह अपने आवास पर अचानक बेहोश हो गए, जिसके बाद उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।

CISF के सेवानिवृत्त अधिकारी थे श्रीनिवासन

वी श्रीनिवासन पोंनानी के वेंगली थरवाड़ के निवासी थे। उन्होंने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में डिप्टी सुपरिंटेंडेंट के पद पर सेवाएं दी थीं और सेवानिवृत्त होने के बाद भी सामाजिक रूप से सक्रिय रहे। उन्होंने वर्ष 1991 में पी टी उषा से विवाह किया था।

पीएम मोदी समेत कई हस्तियों ने जताया दुख

श्रीनिवासन के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय खेल मंत्री, भारतीय ओलंपिक संघ के अधिकारियों और कई पूर्व खिलाड़ियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

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पीएम मोदी ने इस दुखद घटना पर पी टी उषा को फोन कर संवेदना व्यक्त की और परिवार के प्रति अपनी सहानुभूति प्रकट की।

उषा के करियर में रहे मजबूत सहारा

पूर्व केंद्रीय कर्मचारी रहे श्रीनिवासन, पी टी उषा के खेल और राजनीतिक जीवन में हमेशा उनके साथ खड़े रहे। उन्हें उषा के शानदार करियर के पीछे एक मजबूत संबल और प्रेरणा स्रोत माना जाता था। दंपति का एक बेटा है, जिसका नाम उज्ज्वल है। घटना के समय पी टी उषा दिल्ली में संसद सत्र में भाग लेने के लिए मौजूद थीं और घर पर नहीं थीं।

भारतीय एथलेटिक्स की ‘गोल्डन गर्ल’ हैं पी टी उषा

पी टी उषा को भारतीय एथलेटिक्स की महानतम धावकों में गिना जाता है। उन्हें ‘पय्योली एक्सप्रेस’ और ‘गोल्डन गर्ल’ के नाम से जाना जाता है।
उन्होंने एशियाई खेलों और एशियन चैंपियनशिप में कई स्वर्ण पदक जीते हैं। 1984 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में वह 400 मीटर बाधा दौड़ में केवल 1/100 सेकंड से कांस्य पदक से चूक गई थीं, जो भारतीय खेल इतिहास का सबसे भावुक क्षण माना जाता है।

रिकॉर्ड ऊंचाई से 44 हजार रुपये टूटी चांदी, आखिर क्यों आया कीमतों में इतना बड़ा झटका?

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- शुक्रवार 30 जनवरी को चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट देखने को मिली। मजबूत अमेरिकी डॉलर के दबाव में चांदी करीब 6% टूट गई, हालांकि इसके बावजूद यह धातु जनवरी महीने में अब भी ऐतिहासिक प्रदर्शन की ओर बढ़ रही है।

MCX पर 6% की गिरावट, रिकॉर्ड हाई से 10% नीचे

एमसीएक्स (MCX) पर चांदी की कीमत 6% गिरकर 3,75,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। यह स्तर 29 जनवरी को बने रिकॉर्ड हाई 4,20,048 रुपये प्रति किलो से करीब 44,000 रुपये (लगभग 10%) नीचे है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव

वैश्विक बाजार में स्पॉट सिल्वर की कीमत 0.2% गिरकर 115.83 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। एक दिन पहले गुरुवार को चांदी ने 121.64 डॉलर प्रति औंस का नया रिकॉर्ड बनाया था।
इसके बावजूद, चांदी ने जनवरी में अब तक करीब 62% की बढ़त दर्ज की है, जो इसके इतिहास का सबसे मजबूत मासिक प्रदर्शन माना जा रहा है।

चांदी में गिरावट की मुख्य वजहें

डॉलर इंडेक्स में मजबूती

आज की गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में हल्की तेजी रही। इस सप्ताह अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले के बाद डॉलर को समर्थन मिला।

फेड का रुख और महंगाई चिंता

फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने संकेत दिया कि दिसंबर में महंगाई दर अभी भी 2% के लक्ष्य से ऊपर रह सकती है। इससे निवेशकों की धारणा पर असर पड़ा।

अमेरिकी रोजगार आंकड़े

ताजा आंकड़ों में अमेरिकी बेरोजगारी दावों में गिरावट देखी गई है, जो यह दर्शाती है कि नौकरी बाजार फिलहाल मजबूत बना हुआ है। इससे भी डॉलर को सहारा मिला।

भू-राजनीतिक तनाव बरकरार

रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ संभावित कदमों पर विचार की खबरों से भू-राजनीतिक अनिश्चितता बनी हुई है, जिसने बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा दिया।

सोने और अन्य कीमती धातुओं का हाल

  • स्पॉट गोल्ड: 0.9% गिरकर 5,346.42 डॉलर प्रति औंस
    (एक दिन पहले 5,594.82 डॉलर का रिकॉर्ड स्तर)
  • जनवरी में सोने की तेजी: 24% से ज्यादा, 1980 के बाद सबसे बड़ी मासिक बढ़त
  • स्पॉट प्लैटिनम: 0.9% गिरकर 2,606.15 डॉलर
  • पैलेडियम: 0.5% की तेजी के साथ 2,016.69 डॉलर

आगे का आउटलुक: क्या फिर चढ़ेंगी कीमतें?

विशेषज्ञों के मुताबिक, आर्थिक विकास, व्यापार नीतियों और राजकोषीय स्थिरता को लेकर अनिश्चितता अमेरिकी डॉलर पर दबाव बनाए रख सकती है। इससे आगे चलकर कीमती धातुओं को समर्थन मिलने की संभावना है।

वीटी मार्केट्स के ग्लोबल स्ट्रैटेजी ऑपरेशंस लीड रॉस मैक्सवेल का कहना है कि मौजूदा माहौल सेफ-हेवन एसेट्स के लिए सकारात्मक बना हुआ है।

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उनके अनुसार,“शेयर बाजार में तेजी संभव है, लेकिन अलग-अलग एसेट क्लास में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। कमजोर या सीमित दायरे में रहने वाला डॉलर सोने और चांदी के लिए फायदेमंद होता है।”

विशेषज्ञ मानते हैं कि बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता के बीच सोना और चांदी निवेशकों की पसंद बने रह सकते हैं, भले ही अल्पकाल में उतार-चढ़ाव जारी रहे।

14 साल बाद कराची पहुंचा बांग्लादेशी विमान, भारत रखे हुए है पूरी नजर; सरकार ने क्या बताया?

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-  पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच 14 वर्षों के अंतराल के बाद सीधी विमान सेवा फिर से शुरू हो गई है। बांग्लादेश की राजधानी ढाका से उड़ान भरकर एक यात्री विमान गुरुवार को पाकिस्तान के कराची स्थित जिन्ना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच एक दशक से अधिक समय बाद हवाई संपर्क बहाल हो गया है।

इस घटनाक्रम पर भारत सरकार ने भी सतर्क रुख अपनाया है और स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए है।

कराची एयरपोर्ट पर हुआ पारंपरिक स्वागत

पाकिस्तान एयरपोर्ट अथॉरिटी (PAA) के अनुसार, बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की फ्लाइट BG-341 गुरुवार शाम ढाका से कराची पहुंची। प्राधिकरण ने एक बयान में कहा कि यह पिछले 14 सालों में ढाका से कराची पहुंचने वाली पहली सीधी उड़ान है।
कराची एयरपोर्ट पर विमान के उतरते ही वॉटर सैल्यूट देकर पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। PAA ने इसे पाकिस्तान और बांग्लादेश के संबंधों में नया अध्याय बताया है।

हफ्ते में दो बार उड़ानें, अस्थायी लाइसेंस जारी

सूत्रों के मुताबिक, बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस ढाका-कराची रूट पर सप्ताह में दो उड़ानें संचालित करेगी। हालांकि, एयरलाइन को फिलहाल 30 मार्च तक का अस्थायी लाइसेंस दिया गया है, जिसके दौरान संचालन और सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की जाएगी।

भारत सरकार ने क्या कहा?

इस बीच भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह इस पूरे घटनाक्रम से अवगत है। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि सरकार ने ढाका-कराची के बीच सीधी वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत से जुड़ी रिपोर्टों पर संज्ञान लिया है

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उन्होंने कहा,“भारत सरकार ने बिमान बांग्लादेश द्वारा ढाका-कराची सेक्टर पर सीधी उड़ानें शुरू करने के प्रस्ताव को नोट किया है।”

भारतीय हवाई क्षेत्र को लेकर क्या स्थिति है?

विदेश मंत्रालय से यह भी पूछा गया था कि क्या बांग्लादेश, पाकिस्तान या किसी एयरलाइन ने भारतीय हवाई क्षेत्र के उपयोग को लेकर कोई अनुरोध किया है। इस पर मंत्री ने बताया कि“1978 में भारत और बांग्लादेश के बीच हुए द्विपक्षीय वायु सेवा समझौते के तहत सभी प्रासंगिक पहलुओं पर विचार करने के बाद उड़ान संबंधी अनुरोधों को निपटाया गया है।”

सरकार ने संकेत दिया कि भारत राष्ट्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक हितों को ध्यान में रखते हुए पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

Aaj Ka Rashifal, 30 January 2026: जानिए शुक्रवार का दिन मेष से मीन राशि वालों के लिए कैसा रहेगा

Aaj Ka Rashifal, 30 January 2026: आज का राशिफल ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के आधार पर तैयार किया गया है। 30 जनवरी 2026 को शुक्रवार है। इस दिन गुरु और चंद्रमा मिथुन राशि में विराजमान हैं। केतु सिंह, राहु कुंभ और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। वहीं सूर्य, बुध, शुक्र और मंगल मकर राशि में स्थित हैं। आइए जानते हैं, इन ग्रहों की चाल का आपकी राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

मेष राशि

आज आपका साहस और आत्मविश्वास रंग लाएगा। जिन योजनाओं पर आप काम कर रहे हैं, उन्हें अमल में लाने का यह सही समय है। व्यापार में सफलता मिलेगी। प्रेम और संतान पक्ष से सुख मिलेगा। स्वास्थ्य में भी सुधार रहेगा। हरी वस्तु का दान शुभ रहेगा।

वृषभ राशि

आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में खुशहाली बढ़ेगी। वाणी से जुड़े कार्यों में लाभ के योग हैं। प्रेम और संतान का सहयोग मिलेगा। व्यापार अच्छा चलेगा। पीली वस्तु का दान करें।

मिथुन राशि

आज आप सौम्य और आकर्षक व्यक्तित्व के कारण चर्चा में रहेंगे। सामाजिक मान-सम्मान बढ़ेगा। जरूरत की चीजें आसानी से मिलेंगी। प्रेम और संतान के मामलों में थोड़ा सतर्क रहें। व्यापार सामान्य रहेगा। काली माता को प्रणाम करना शुभ होगा।

कर्क राशि

स्वास्थ्य थोड़ा कमजोर रह सकता है। सिरदर्द, आंखों से जुड़ी परेशानी या अनजाना भय हो सकता है। प्रेम और संतान का सहयोग मिलेगा। व्यापार ठीक रहेगा, लेकिन शुभ कार्यों में अधिक खर्च से मन परेशान हो सकता है। पीली वस्तु पास रखें।

सिंह राशि

आय के नए स्रोत बनेंगे और पुराने निवेश से भी लाभ मिलेगा। यात्रा के योग हैं और कोई शुभ समाचार मिल सकता है। प्रेम, संतान और व्यापार के लिए दिन अनुकूल है। लाल वस्तु साथ रखें।

कन्या राशि

कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिल सकती है। राजनीति या प्रशासन से लाभ होगा। पिता और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार—तीनों ही पक्ष मजबूत रहेंगे। भगवान विष्णु का स्मरण करें।

तुला राशि

परिस्थितियां आपके पक्ष में रहेंगी। यात्रा और धार्मिक गतिविधियों में भागीदारी हो सकती है। भाग्य आपका साथ देगा, लेकिन मान-सम्मान को लेकर सतर्क रहें। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार अच्छा रहेगा। हरी वस्तु पास रखें।

वृश्चिक राशि

आज थोड़ा संभलकर चलने की जरूरत है। चोट लगने या किसी परेशानी में फंसने की आशंका है। कोई जोखिम भरा फैसला न लें। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। प्रेम, संतान और व्यापार सामान्य रहेंगे। हरी वस्तु गणेश जी को अर्पित करें।

धनु राशि

जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा। नौकरी-पेशा लोगों के लिए समय अनुकूल है। प्रेमी जोड़ों की मुलाकात संभव है। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार सभी क्षेत्रों में सकारात्मक स्थिति रहेगी। हरी वस्तु का दान शुभ रहेगा।

मकर राशि

आज शत्रु भी मित्रवत व्यवहार कर सकते हैं। ज्ञान और अनुभव में वृद्धि होगी। बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। स्वास्थ्य पर थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है। प्रेम, संतान और व्यापार में अच्छा समय है। हरी वस्तु साथ रखें।

कुंभ राशि

दिन की शुभता बढ़ेगी, खासकर विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है। प्रेम संबंधों में विवाद से बचें। भावनाओं में बहकर कोई फैसला न लें। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार मध्यम रहेंगे। हरी वस्तु पास रखें।

मीन राशि

भूमि, भवन या वाहन खरीदने के प्रबल योग बन रहे हैं। घर में किसी शुभ आयोजन की संभावना है। स्वास्थ्य में सुधार होगा। प्रेम, संतान और व्यापार से सुख मिलेगा। आय के नए स्रोत बनेंगे और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। हरी वस्तु का दान करें।

UGC नियमों पर SC की रोक के बाद मायावती का बयान, बोलीं-सवर्णों को कमिटी में रखते तो बवाल नहीं होता

नई दिल्ली/लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद सियासी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने केंद्र सरकार और यूजीसी पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि नए नियम लागू करने से पहले सभी पक्षों को विश्वास में लिया जाता और जांच समितियों में सवर्ण समाज को भी उचित प्रतिनिधित्व दिया जाता, तो इस मुद्दे पर विवाद और सामाजिक तनाव पैदा नहीं होता।

मायावती ने कहा कि यूजीसी द्वारा सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों में जातिवादी घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से जो नए नियम बनाए गए हैं, उन्होंने देश में सामाजिक तनाव का माहौल बना दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट का यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगाने का फैसला उचित है।

बसपा प्रमुख ने यह भी कहा कि अगर यूजीसी ने नियम लागू करने से पहले सभी वर्गों से संवाद किया होता और नेचुरल जस्टिस के तहत अपरकास्ट समाज को भी जांच समितियों में प्रतिनिधित्व दिया होता, तो इस तरह का बवाल खड़ा ही नहीं होता।

अखिलेश यादव ने भी फैसले का किया स्वागत

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि सच्चा न्याय वही है, जिसमें किसी पर अत्याचार या अन्याय न हो। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि कानून की भाषा और भावना दोनों स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बात सिर्फ नियमों की नहीं, बल्कि नीयत की भी होती है।

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अखिलेश यादव ने कहा कि किसी का उत्पीड़न न हो, किसी के साथ अन्याय या जुल्म न हो—यही सच्चे न्याय की पहचान है और न्यायालय इसी सिद्धांत को सुनिश्चित करता है।

सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए नियमों पर लगाई रोक

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के हालिया नियमों के खिलाफ दायर कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए इन नियमों के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है। याचिकाओं में आरोप लगाया गया था कि यूजीसी ने जाति-आधारित भेदभाव की परिभाषा को गैर-समावेशी तरीके से तय किया है और कुछ वर्गों को संस्थागत संरक्षण से बाहर कर दिया गया है।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने इस मामले में केंद्र सरकार और यूजीसी को नोटिस जारी किया है। उल्लेखनीय है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव से जुड़ी शिकायतों की जांच और समानता को बढ़ावा देने के लिए सभी संस्थानों में ‘समानता समितियां’ गठित करने से संबंधित ये नए नियम 13 जनवरी को अधिसूचित किए गए थे।

यूपी सरकार की भर्ती में इनको उम्र में 3 साल की छूट और अनुभव का मिलेगा वेटेज

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में कुल 32 प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 30 को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे अहम निर्णय मुख्यमंत्री फेलो (CM Fellow) योजना से जुड़े युवाओं को लेकर लिया गया, जिसके तहत उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार की भर्तियों में विशेष राहत प्रदान की गई है।

कैबिनेट के फैसले के अनुसार, अब मुख्यमंत्री फेलो को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के माध्यम से होने वाली भर्तियों में आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी जाएगी। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री फेलो के रूप में प्राप्त प्रशासनिक अनुभव के आधार पर उन्हें अतिरिक्त वेटेज (भारांक) भी मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे योग्य और प्रतिभाशाली युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर अवसर मिलेंगे और उनके अनुभव का लाभ प्रशासन को भी मिलेगा।

शिक्षकों के लिए भी बड़ी सौगात

मंत्रिपरिषद की बैठक में शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों के लिए भी राहत भरे फैसले लिए गए। बेसिक शिक्षा विभाग के 11 लाख 95 हजार 391 शिक्षक और कर्मियों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने का निर्णय लिया गया है। वहीं, माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत 2 लाख 97 हजार 589 शिक्षकों और कर्मचारियों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

बजट सत्र की तारीखें तय

बैठक में उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की तारीखों की भी घोषणा की गई। विधानसभा का बजट सत्र 9 फरवरी से शुरू होगा, जबकि 11 फरवरी को वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना राज्य का बजट प्रस्तुत करेंगे।

शहरी विकास से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी

शहरी विकास से संबंधित प्रस्तावों को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली। वाराणसी के 18 वार्डों में सीवरेज लाइन बिछाने के लिए 266 करोड़ रुपये की परियोजना को स्वीकृति दी गई है। वहीं, गोरखपुर में 721 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज परियोजना को मंजूरी दी गई।

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इसके साथ ही उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति-2026 को भी स्वीकृति प्रदान की गई, जिसके तहत पुरानी और अनुपयोगी संपत्तियों को ध्वस्त कर नई इमारतों के निर्माण का रास्ता साफ होगा।

शोक प्रस्ताव भी पारित

मंत्रिपरिषद की बैठक में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया और शोक प्रस्ताव पारित किया गया। कैबिनेट ने इसे अपूरणीय क्षति बताते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

बजट से पहले टैक्सपेयर्स को मिल सकता है बड़ा तोहफा, आर्थिक सर्वे में मिले अहम संकेत

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले मोदी सरकार ने गुरुवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश कर दिया। इस सर्वे में टैक्सपेयर्स के लिए कई सकारात्मक संकेत मिले हैं। सर्वे से साफ होता है कि सरकार देश के टैक्स सिस्टम को धीरे-धीरे सरल, पारदर्शी और भरोसे पर आधारित बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मिडिल क्लास को इनकम टैक्स में राहत से लेकर GST सिस्टम में बड़े बदलाव तक, आने वाले समय में टैक्स देना न सिर्फ आसान होगा बल्कि आम लोगों पर आर्थिक बोझ भी कम हो सकता है।

इनकम टैक्स में बड़ी राहत के संकेत

आर्थिक सर्वे के अनुसार, डायरेक्ट टैक्स के मोर्चे पर सबसे बड़ा बदलाव ₹12 लाख तक की सालाना आय को टैक्स फ्री करने का है। यानी जिन लोगों की वार्षिक आय ₹12 लाख तक है, उन्हें इनकम टैक्स नहीं देना होगा। इसके अलावा नौकरीपेशा लोगों को ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी मिलेगा, जिससे टैक्स-फ्री इनकम की सीमा बढ़कर ₹12.75 लाख तक पहुंच जाती है।

सर्वे में कहा गया है कि इन बदलावों से मिडिल क्लास को बड़ी राहत मिली है और लोगों के पास खर्च करने के लिए अधिक डिस्पोजेबल इनकम बच रही है। साथ ही नया इनकम टैक्स कानून 1 अप्रैल 2026 से लागू किया जाएगा, जिससे टैक्स नियम और प्रक्रियाएं और अधिक सरल व समझने योग्य होंगी।

टैक्स देने वालों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

आर्थिक सर्वे में यह भी सामने आया है कि देश में टैक्सपेयर्स की संख्या तेजी से बढ़ी है। इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने वालों की संख्या FY22 में 6.9 करोड़ थी, जो FY25 में बढ़कर 9.2 करोड़ हो गई है। सरकार का कहना है कि यह बढ़ोतरी सख्ती के कारण नहीं, बल्कि डिजिटल सिस्टम के विस्तार और अर्थव्यवस्था के औपचारिक होने की वजह से हुई है।

खास बात यह है कि टैक्स विभाग अब ‘नज मॉडल’ अपना रहा है, जिसके तहत टैक्सपेयर्स को डराने के बजाय डेटा के माध्यम से गलतियां सुधारने का मौका दिया जाता है। इस मॉडल के जरिए ₹29,000 करोड़ से अधिक की विदेशी संपत्तियों का खुलासा हुआ है।

GST सिस्टम में बड़े बदलाव की तैयारी

इनडायरेक्ट टैक्स यानी GST को लेकर भी आर्थिक सर्वे में अहम संकेत दिए गए हैं। सरकार GST 2.0 के तहत दो स्लैब सिस्टम—5% और 18%—की ओर बढ़ रही है। रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं जैसे साबुन, शैंपू और साइकिल पर GST घटाकर 5% करने का सुझाव दिया गया है, जबकि दूध, ब्रेड और पनीर जैसी आवश्यक वस्तुओं को टैक्स से बाहर रखा गया है।

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सबसे बड़ी राहत लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी पर GST खत्म करने के संकेत हैं, जिससे बीमा पॉलिसियां सस्ती हो सकती हैं और आम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

क्या कहता है आर्थिक सर्वे

कुल मिलाकर, आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 यह दर्शाता है कि सरकार टैक्स सिस्टम को सख्त बनाने के बजाय सरल, तकनीक-आधारित और भरोसेमंद बनाने पर जोर दे रही है। अगर इन संकेतों पर बजट में मुहर लगती है, तो आने वाला वित्त वर्ष टैक्सपेयर्स, खासकर मिडिल क्लास के लिए बड़ी राहत लेकर आ सकता है।

यूपी के 15 कर्मियों को बड़ी सौगात, इस काम के लिए नहीं देने होंगे पैसे, फ्री में होगा काम

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इस फैसले के तहत अब बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़े करीब 15 लाख शिक्षक, कर्मी और उनके आश्रित सरकारी के साथ-साथ सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी बिना भुगतान इलाज करा सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने इस योजना की घोषणा बीते वर्ष शिक्षक दिवस के अवसर पर की थी, जिस पर अब कैबिनेट की औपचारिक स्वीकृति मिल गई है। इस योजना के क्रियान्वयन पर सरकार को कुल लगभग 448 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है। कैबिनेट बैठक में कुल 32 प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 30 को स्वीकृति दी गई। यह जानकारी वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने प्रेस वार्ता में दी।

इन शिक्षकों को मिलेगा लाभ

फैसले के अनुसार माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत अनुदानित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक, व्यावसायिक शिक्षा के विषय विशेषज्ञ, मानदेय शिक्षक, संस्कृत शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक, स्ववित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षक और राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत कर्मियों को आईपीडी (अंत:रोगी) इलाज की कैशलेस सुविधा मिलेगी। इस योजना का लाभ उनके आश्रित परिवार के सदस्य भी उठा सकेंगे।

माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने बताया कि इस योजना से लगभग 2.97 लाख लोग लाभान्वित होंगे और इस पर करीब 89.25 करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित है।

बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मी भी शामिल

बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन कार्यरत शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक, अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की वार्डेन, पूर्णकालिक एवं अंशकालिक शिक्षक, प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइये और उनके आश्रितों को भी इस योजना में शामिल किया गया है।

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बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के अनुसार इस योजना से लगभग 11.95 लाख से अधिक शिक्षक और कर्मी लाभान्वित होंगे। सरकार की ओर से प्रति कर्मी करीब 3000 रुपये वार्षिक प्रीमियम के आधार पर कुल 358.61 करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित है।

निजी अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज

कैशलेस चिकित्सा सुविधा सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ योजना से संबद्ध निजी अस्पतालों में भी उपलब्ध होगी। इलाज की दरें प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप होंगी। स्ववित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षकों को योजना का लाभ वेरिफिकेशन के बाद मिलेगा, जिसके लिए जिलों में जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी।

हालांकि, जो शिक्षक या कर्मी पहले से किसी अन्य केंद्रीय या राज्य स्वास्थ्य योजना, आयुष्मान भारत या मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत आच्छादित हैं, वे इस योजना के पात्र नहीं होंगे।

शिक्षकों-शिक्षामित्रों को कैशलेस इलाज की सौगात, DL होगा फेसलेस; योगी कैबिनेट में 30 प्रस्तावों को मंजूरी

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शिक्षा जगत और आम जनता को बड़ी राहत देते हुए कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 32 प्रस्ताव रखे गए, जिनमें से 30 को स्वीकृति दी गई। बैठक करीब दो घंटे तक चली। इसमें शिक्षकों और शिक्षामित्रों के लिए ऐतिहासिक कैशलेस मेडिकल सुविधा, ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी फेसलेस सेवाएं, EV नीति, विकास परियोजनाएं और बजट सत्र बुलाने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।

शिक्षकों और शिक्षामित्रों को 5 लाख तक कैशलेस मेडिकल सुविधा

योगी सरकार ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षकों, शिक्षामित्रों, रसोइयों और अन्य कर्मियों को कैशलेस मेडिकल बीमा का लाभ देने का फैसला किया है। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक का इलाज बिना किसी भुगतान के मिल सकेगा।
इस सुविधा का दायरा अशासकीय सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षकों तक भी बढ़ाया गया है। बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत आने वाले शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक, अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का स्टाफ और PM पोषण योजना के रसोइये अपने परिवार सहित इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बेसिक शिक्षा विभाग के करीब 11.95 लाख शिक्षक और कर्मचारी तथा माध्यमिक शिक्षा विभाग के 2.97 लाख कर्मी इस कैशलेस चिकित्सा सुविधा के दायरे में आएंगे।

CM फेलो को भर्ती में राहत

कैबिनेट ने सीएम फेलो के लिए भी बड़ा फैसला लिया है। राज्य लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से होने वाली भर्तियों में सीएम फेलो को आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट के साथ अनुभव के आधार पर अतिरिक्त भारांक दिया जाएगा।

परिवहन विभाग में फेसलेस व्यवस्था, नई भर्तियों को हरी झंडी

परिवहन सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में योगी सरकार ने ‘फेसलेस’ प्रणाली को और विस्तार दिया है। अब ड्राइविंग लाइसेंस में जन्मतिथि संशोधन, पहाड़ी क्षेत्रों में वाहन संचालन की अनुमति जैसे कार्यों के लिए लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे।

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इसके साथ ही सहायक मोटर यान निरीक्षक के 351 नए पदों के सृजन और भर्ती के लिए नियमावली को मंजूरी दी गई है। राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए शुद्ध EV के पंजीकरण शुल्क में बड़ी छूट देने का भी फैसला हुआ है।

नोएडा को मिलेगा महानगर का दर्जा, जेवर एयरपोर्ट का होगा विस्तार

पश्चिमी यूपी के विकास को गति देने के लिए नोएडा को ‘मेट्रोपॉलिटन कॉरपोरेशन’ बनाए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। वहीं, जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के दूसरे और तीसरे चरण के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण को भी मंजूरी मिल गई है।

जिलों में विकास परियोजनाओं को मंजूरी

कैबिनेट ने कई जिलों के लिए विशेष विकास योजनाओं को हरी झंडी दी है। बरेली और मुरादाबाद में विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला निर्माण के लिए विकास प्राधिकरणों को कार्यदायी संस्था बनाया गया है।
गोरखपुर में ₹721 करोड़ और वाराणसी के 18 वार्डों में ₹266 करोड़ की सीवरेज परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा लखनऊ-हरदोई सीमा पर प्रस्तावित टेक्सटाइल पार्क के लिए ₹458 करोड़ से अधिक की जलापूर्ति योजना को मंजूरी मिली है।

मानवीय निर्णय और नियमावली में संशोधन

पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से आए विस्थापित हिंदू बंगाली परिवारों के पुनर्वास के लिए भूमि और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है। साथ ही उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा और सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) नियमों में संशोधन के प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई है।