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इन राज्यों में पसीना बहाओ, दिल्ली में कुर्सी पाओ! ऐसे अपनी नई टीम तैयार करेंगे भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के कार्यभार संभालते ही संगठन में बड़े बदलावों के संकेत मिलने लगे हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, आगामी विधानसभा चुनावों में नेताओं के प्रदर्शन के आधार पर ही उन्हें नितिन नवीन की नई राष्ट्रीय टीम में जगह मिल सकती है। खास तौर पर असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी पर पार्टी का फोकस है।

भाजपा नेतृत्व का स्पष्ट संदेश है—जो नेता मैदान में बेहतर प्रदर्शन करेंगे, वही दिल्ली में बड़ी जिम्मेदारी पाएंगे।

असम के लिए बनाई गई स्पेशल टीम

असम विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा ने राष्ट्रीय स्तर के करीब एक दर्जन नेताओं की एक विशेष टीम तैनात की है। इस टीम की कमान राज्य के चुनाव प्रभारी बैजयंत ‘जय’ पांडा के हाथों में है।

टीम में दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज, प्रवेश वर्मा, विधायक अनिल शर्मा, पवन शर्मा, राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश और राष्ट्रीय सचिव अलका गुर्जर जैसे अनुभवी नेताओं को शामिल किया गया है। यह टीम असम में भाजपा, आरएसएस और दिल्ली स्थित शीर्ष नेतृत्व के बीच समन्वय की भूमिका निभाएगी।

केवल प्रचार नहीं, जमीनी जिम्मेदारी

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इन नेताओं को केवल प्रचार तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर के ठोस काम सौंपे गए हैं। जैसे हर नेता को एक से दो लोकसभा सीटों के भीतर चुनावी प्रबंधन का जिम्मा दिया गया है। जनसांख्यिकीय आंकड़ों का विश्लेषण और बूथ स्तर की रणनीति बनाना का काम भी दिया गया है। इसके अलावा, चुनाव करीब आने पर ये नेता टिकटों के बंटवारे से जुड़े फैसलों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वे मतदाताओं के बीच पार्टी की छवि को मजबूत करेंगे।

चयन का पैमाना क्या है?

सूत्रों के अनुसार, टीम चयन में नेताओं की RSS पृष्ठभूमि, ABVP और युवा मोर्चा से जुड़ाव,संगठनात्मक अनुभव को प्राथमिकता दी गई है।चुनाव नतीजों के बाद जिन नेताओं का प्रदर्शन बेहतर रहेगा, उन्हें नितिन नवीन की राष्ट्रीय टीम में  बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी मिल सकती है।

भाजपा में पीढ़ीगत बदलाव के संकेत

45 वर्षीय नितिन नवीन की ताजपोशी को भाजपा में पीढ़ीगत परिवर्तन के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी के अंदर चर्चा है कि उनकी टीम में युवा नेताओं और अनुभवी दिग्गजों का संतुलन होगा।

इस साल कई वरिष्ठ नेता राज्यसभा से सेवानिवृत्त हो रहे हैं और एनडीए सरकार के तीसरे कार्यकाल का आधा समय पूरा हो रहा है। ऐसे में कैबिनेट फेरबदल की अटकलें भी तेज हैं।

बंगाल से दक्षिण तक बनेगी ऐसी ही टीमें

असम के बाद पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के लिए भी इसी तर्ज पर टीमें गठित की जाएंगी। इन नेताओं के लिए यह चुनाव सिर्फ जीत-हार नहीं, बल्कि भाजपा के नए संगठनात्मक ढांचे में अपनी जगह पक्की करने का मौका होगा।

नितिन नवीन की पहली बड़ी परीक्षा

2026 के असम और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव भाजपा और नितिन नवीन दोनों के लिए बेहद अहम हैं। असम में भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने का लक्ष्य लेकर चल रही है। पार्टी का फोकस घुसपैठ और जनसांख्यिकीय बदलाव जैसे मुद्दों पर है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा लगातार इन मुद्दों के जरिए हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

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नितिन नवीन ने असम में बूथों की संख्या 28 हजार से बढ़ाकर 31,400 करने का लक्ष्य तय किया है, ताकि माइक्रो-मैनेजमेंट मजबूत किया जा सके।

बंगाल में कड़ी चुनौती

हालांकि असम के मुकाबले बंगाल में भाजपा के लिए चुनौती थोड़ी कठिन है क्योंकि यहां वह 14 साल के ममता बनर्जी के शासन को चुनौती दे रही है। भाजपा के पास बंगाल में ममता बनर्जी के कद का कोई एक ‘मास लीडर’ नहीं है। इसलिए पार्टी एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे और ‘विकास’ के मॉडल पर निर्भर है। भाजपा ने बंगाल को अलग-अलग जोन में बांटकर ‘क्षेत्रीय वॉर-रूम’ बनाए हैं। हर जोन के लिए राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को तैनात किया गया है। पार्टी भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण और कानून-व्यवस्था को मुख्य चुनावी मुद्दा बना रही है। साथ ही, केंद्रीय योजनाओं के लाभ को सीधे जनता तक पहुँचाने का वादा किया जा रहा है। नितिन नवीन ने पद संभालते ही बंगाल का दौरा शुरू कर दिया है। उन्होंने दुर्गापुर में कोर टीम के साथ बैठक कर जमीनी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का ‘रोडमैप’ तैयार किया है।

Aaj Ka Rashifal 31 January 2026:इन 5 राशियों के लिए भाग्यशाली रहेगा आज का दिन, जानिए सभी 12 राशियों का हाल

Aaj Ka Rashifal 31 January 2026:- आज 31 जनवरी 2026, शनिवार का दिन ग्रह-नक्षत्रों की चाल कई राशियों के लिए शुभ संकेत दे रही है। आज गुरु और चंद्रमा मिथुन राशि में विराजमान हैं। केतु सिंह में, सूर्य-बुध-शुक्र-मंगल मकर राशि में स्थित हैं। वहीं राहु कुंभ और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी राशियों का दैनिक राशिफल—

मेष राशि

आज व्यापार से जुड़े लोगों को लाभ मिलेगा। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिलने के योग हैं। सेहत में सुधार होगा। प्रेम जीवन और संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकता है। कुल मिलाकर दिन अनुकूल रहेगा। पीली वस्तु पास रखें।

वृषभ राशि

भाग्य आपका पूरा साथ देगा। नौकरी और व्यवसाय में प्रगति होगी। पिता और सरकारी तंत्र का सहयोग मिलेगा। आय के स्रोत बढ़ेंगे और परिवार में खुशहाली आएगी। दिन बेहद शुभ रहेगा। पीली वस्तु का दान करें।

मिथुन राशि

हालात धीरे-धीरे आपके पक्ष में आ रहे हैं। हालांकि आने वाले समय को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता है। आज का दिन सकारात्मक रहेगा और आवश्यक संसाधन उपलब्ध होंगे। मन में नई ऊर्जा का संचार होगा। पीली वस्तु दान करना लाभकारी रहेगा।

कर्क राशि

जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा और करियर में उन्नति होगी। हालांकि खर्च बढ़ने से मानसिक चिंता रह सकती है। स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी सावधानी रखें। प्रेम, संतान और व्यापार की स्थिति अच्छी रहेगी। लाल वस्तु पास रखें।

सिंह राशि

आय के नए अवसर मिलेंगे और पुराने निवेश से भी लाभ होगा। यात्रा के योग बन रहे हैं। विरोधियों पर आपकी पकड़ मजबूत रहेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। प्रेम और व्यापार में शानदार स्थिति रहेगी। सूर्य को जल अर्पित करें।

कन्या राशि

कारोबार में सफलता मिलेगी। कानूनी मामलों में जीत संभव है। पिता का सहयोग मिलेगा और सेहत अच्छी रहेगी। हालांकि प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में थोड़ी परेशानी हो सकती है। पीली वस्तु का दान शुभ रहेगा।

तुला राशि

घरेलू सुख में थोड़ी कमी महसूस हो सकती है। संपत्ति या वाहन की खरीद में रुकावट आ सकती है। भाग्य साथ देगा और यात्रा के योग हैं। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। पीली वस्तु का दान करें।

वृश्चिक राशि

दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। चोट या किसी परेशानी की आशंका है, सतर्क रहें। साहस और पराक्रम से सफलता मिलेगी। व्यवसाय में लाभ होगा। प्रेम और संतान की स्थिति सामान्य रहेगी। पीली वस्तु पास रखें।

धनु राशि

जीवनसाथी का साथ मिलेगा। नौकरी में स्थिति मजबूत होगी। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी। परिवार में वृद्धि के योग हैं। धन निवेश और बचत बढ़ेगी। दिन शुभ है। पीली वस्तु साथ रखें।

मकर राशि

मन में घबराहट और बेचैनी रह सकती है। ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्या हो सकती है, क्रोध पर नियंत्रण रखें। शत्रु भी मित्रवत व्यवहार करेंगे। ज्ञान और अनुभव में वृद्धि होगी। बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। काली माता को प्रणाम करें।

कुंभ राशि

विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल है। पढ़ाई, लेखन और प्रेम संबंधों में सफलता मिलेगी। संतान पक्ष से खुशखबरी संभव है। साझेदारी और सरकारी मामलों में सावधानी बरतें। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। तांबे की वस्तु दान करें।

मीन राशि

संपत्ति, वाहन या घर खरीदने के योग बन रहे हैं। आय के नए स्रोत सामने आएंगे। यात्रा संभव है। स्वास्थ्य पर ध्यान दें। प्रेम, संतान और व्यापार के लिहाज से दिन बेहद शुभ है। पीली वस्तु पास रखें।

RRB Group D Vacancy Notification 2026: 22000 पदों पर रेलवे ग्रुप डी भर्ती, आवेदन तिथि बदली

रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने ग्रुप डी की बहुप्रतीक्षित भर्ती को लेकर नया अपडेट जारी किया है। बोर्ड ने 22000 पदों पर होने वाली इस भर्ती के लिए नई आवेदन तिथियों के साथ ताज़ा शॉर्ट नोटिफिकेशन प्रकाशित कर दिया है। यह नोटिस शुक्रवार को विभिन्न राष्ट्रीय समाचार पत्रों में जारी किया गया।

नए नोटिफिकेशन के अनुसार, रेलवे ग्रुप डी भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया 31 जनवरी 2026 से शुरू होकर 2 मार्च 2026 तक चलेगी। इससे पहले जारी शॉर्ट नोटिफिकेशन में आवेदन की तारीख 21 जनवरी से 20 फरवरी 2026 निर्धारित की गई थी। रेलवे भर्ती बोर्ड पहले ही अपनी आधिकारिक वेबसाइटों पर आवेदन प्रक्रिया को 10 दिनों के लिए स्थगित करने की सूचना दे चुका था।

सूत्रों के मुताबिक, विस्तृत (डिटेल्ड) नोटिफिकेशन आज शाम तक जारी किया जा सकता है, जिसमें पदवार योग्यता, जोन-वाइज रिक्तियां और अन्य शर्तों की पूरी जानकारी दी जाएगी।

कहां और कैसे करें आवेदन

इच्छुक और योग्य उम्मीदवार www.rrbapply.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। रेलवे की इस सबसे बड़ी भर्ती में एक करोड़ से अधिक आवेदन आने की संभावना जताई जा रही है।

आधार कार्ड को लेकर RRB की अहम सलाह

रेलवे भर्ती बोर्ड ने उम्मीदवारों को आवेदन से पहले अपने आधार कार्ड की जानकारी अपडेट रखने की सलाह दी है।

  • आधार कार्ड में लगी फोटो हालिया होनी चाहिए
  • आधार में दर्ज नाम और जन्मतिथि 10वीं के प्रमाणपत्र से पूरी तरह मेल खानी चाहिए
  • फिंगरप्रिंट और आइरिस बायोमेट्रिक्स भी अपडेट होने चाहिए

आरआरबी ने स्पष्ट किया है कि आधार से सत्यापन नहीं होने पर भर्ती प्रक्रिया के हर चरण में अतिरिक्त जांच होगी, जिससे उम्मीदवारों को देरी और असुविधा हो सकती है। यह सूचना केवल संभावित उम्मीदवारों को तैयार रहने के उद्देश्य से जारी की गई है। भर्ती से जुड़ी सभी शर्तें केंद्रीकृत रोजगार अधिसूचना संख्या 09/2025 के अनुसार ही लागू होंगी।

कितने पद कहां

प्रस्तावित आंकड़ों के अनुसार:

  • पूर्व मध्य रेलवे – 993 पद
  • दक्षिण पूर्व रेलवे – 1,199 पद

कुल 22000 पदों में से सबसे अधिक पद इंजीनियरिंग विभाग में स्वीकृत किए गए हैं।

  • ट्रैक मेंटेनर ग्रेड-4 – 11,000 पद
  • ट्रैफिक पॉइंट्समैन बी – 5,000 पद
  • असिस्टेंट (S&T) – 1,500
  • असिस्टेंट (C&W) – 1,000
  • असिस्टेंट ऑपरेशन – 500
  • असिस्टेंट लोको शेड – 200
  • असिस्टेंट (TRD) – 800
  • असिस्टेंट (P-Way) – 300
  • असिस्टेंट (ट्रैक मशीन) – 600
  • असिस्टेंट (ब्रिज) – 600

अंतिम और पुख्ता पदों की जानकारी डिटेल्ड नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही मिलेगी।

आयु सीमा

  • न्यूनतम आयु: 18 वर्ष
  • अधिकतम आयु: 33 वर्ष
  • ओबीसी वर्ग को 3 वर्ष और
  • एससी/एसटी वर्ग को 5 वर्ष की आयु छूट दी जाएगी

चयन प्रक्रिया

उम्मीदवारों का चयन निम्न चरणों में किया जाएगा:

  1. कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT)
  2. शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET)
  3. दस्तावेज़ सत्यापन
  4. मेडिकल परीक्षण

सीबीटी में सफल उम्मीदवारों को ही पीईटी के लिए बुलाया जाएगा।

CBT परीक्षा पैटर्न

  • समय: 90 मिनट
  • कुल प्रश्न: 100

विषयवार प्रश्न वितरण:

  • गणित – 25
  • सामान्य विज्ञान – 25
  • सामान्य बुद्धिमत्ता एवं तर्क – 30
  • सामान्य जागरूकता एवं करेंट अफेयर्स – 20

प्रत्येक गलत उत्तर पर 1/3 अंक की नेगेटिव मार्किंग होगी। मार्क्स नॉर्मलाइजेशन लागू किया जाएगा। कुल रिक्तियों के तीन गुना उम्मीदवारों को पीईटी के लिए बुलाया जाएगा।

न्यूनतम क्वालिफाइंग अंक:

  • यूआर / ईडब्ल्यूएस – 40%
  • ओबीसी (NCL) – 30%
  • एससी / एसटी – 30%

फिजिकल टेस्ट मानक

पुरुष उम्मीदवार

  • 35 किलो वजन के साथ 100 मीटर – 2 मिनट
  • 1000 मीटर दौड़ – 4 मिनट 15 सेकेंड

महिला उम्मीदवार

  • 20 किलो वजन के साथ 100 मीटर – 2 मिनट
  • 1000 मीटर दौड़ – 5 मिनट 40 सेकेंड

एक ही RRB में करें आवेदन

उम्मीदवार केवल एक रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) के लिए आवेदन कर सकते हैं। एक से अधिक RRB में आवेदन करने पर फॉर्म रद्द कर दिया जाएगा। हालांकि, एक ही RRB में विभिन्न पदों के लिए एक ही आवेदन फॉर्म के माध्यम से विकल्प दिया जा सकता है।

वेतनमान

चयनित उम्मीदवारों को लेवल-1 के तहत ₹18,000 प्रतिमाह का प्रारंभिक वेतन मिलेगा।

आवेदन शुल्क

  • सामान्य / ओबीसी / ईडब्ल्यूएस: ₹500
  • सीबीटी में शामिल होने पर ₹400 की राशि रिफंड की जाएगी

यूपी में कल चलेगा विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान, बूथों पर BLO दिखाएंगे ड्राफ्ट वोटर लिस्ट

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और संशोधन के लिए शनिवार को विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक मौजूद रहेंगे। बूथों पर मतदाताओं को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट दिखाई जाएगी और मौके पर ही आवेदन की सुविधा दी जाएगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक बूथ पर बीएलओ समय से उपस्थित रहें। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मृतक, स्थानांतरित या अनुपस्थित पाए गए 2.89 करोड़ मतदाताओं के नामों की बूथवार सूची प्रदर्शित की जाएगी।

जो नागरिक 1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं, वे मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 भर सकेंगे। वहीं, मृत्यु या अन्य कारणों से नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 और पता या अन्य विवरण संशोधन के लिए फॉर्म-8 की सुविधा उपलब्ध रहेगी। मतदाता सूची पर 6 फरवरी तक आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं।

नोटिस का जवाब देने पहुंचे केवल 35 प्रतिशत मतदाता

विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान न होने वाले 1.04 करोड़ मतदाताओं को चरणबद्ध तरीके से नोटिस भेजी जा रही है। पहले चरण में भेजी गई 25 लाख से अधिक नोटिसों में से केवल 35 प्रतिशत मतदाता ही जवाब देने पहुंचे हैं।

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मतदाताओं की कम उपस्थिति के पीछे दूर बनाए गए सुनवाई केंद्र, नौकरीपेशा और व्यापारियों की व्यस्तता जैसे कारण सामने आ रहे हैं।

एक बार अनुपस्थित रहने पर मिलेगा दोबारा मौका

निर्वाचन आयोग ने एईआरओ को निर्देश दिए हैं कि यदि कोई मतदाता तय तारीख पर उपस्थित नहीं हो पाता है तो उसे दूसरी तारीख दी जाए, ताकि बिना जवाब के किसी का नाम मतदाता सूची से न हटे।

महोबा में जल शक्ति मंत्री से हुई नोकझोंक के बाद नाराज़ विधायक बृजभूषण, बोले– जरूरत पड़ी तो लखनऊ में करेंगे घेराव

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के एक दिवसीय दौरे पर आए जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को उस समय असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, जब चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत ने ग्राम प्रधानों के साथ उनका काफिला रोक लिया। विधायक ने जल जीवन मिशन के कार्यों में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी नाराजगी जताई। मंत्री और विधायक के बीच हुई तीखी नोकझोंक के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया।

घटना के बाद मंत्री और विधायक कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां अधिकारियों की मौजूदगी में एक घंटे से अधिक समय तक बैठक चली। बैठक समाप्त होने के बाद मंत्री अपने काफिले के साथ रवाना हो गए, जबकि विधायक बृजभूषण राजपूत ने खुलकर नाराजगी जाहिर की और कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वह लखनऊ जाकर घेराव और धरना करेंगे।

दरअसल, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह शुक्रवार को जल जीवन मिशन के जल अर्पण दिवस कार्यक्रम में शामिल होने महोबा पहुंचे थे। कबरई विकासखंड के लिलवाही गांव में कार्यक्रम के बाद शहर के एक निजी महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम से निकलते समय विधायक बृजभूषण राजपूत ने अपने समर्थकों और ग्राम प्रधानों के साथ सड़क पर वाहन लगाकर मंत्री के काफिले को रोक लिया।

विधायक ने आरोप लगाया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन की स्थिति बेहद खराब है। उन्होंने कहा कि कागजों में जिला भले ही बेहतर स्थिति में दिखाया जा रहा हो, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अलग हैं। सड़कों की मरम्मत और पाइपलाइन बिछाने के नाम पर लापरवाही हो रही है। विधानसभा में मुद्दा उठाने के बावजूद अधिकारी केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित हैं और ग्राम प्रधानों की शिकायतों का समाधान नहीं हो पा रहा है।

यह भी पढ़े:- भोजपुरी सिनेमा में पवन सिंह की नई फिल्म की चर्चा, ‘राजा जी के दिलवा’ का शुभ मुहूर्त संपन्न

विधायक के तेवर देखते हुए मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने समस्याओं को मौके पर देखने की बात कही और उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाकर कलेक्ट्रेट ले जाया गया। वहां ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई।

20 दिन में सुधार का मिला आश्वासन

बैठक के बाद विधायक बृजभूषण राजपूत ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों ने 20 दिन के भीतर व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया है। विधायक ने चेतावनी दी कि तय समय में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे लखनऊ जाकर धरना प्रदर्शन करेंगे।

बैठक में जिलाधिकारी गजल भारद्वाज, पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह, एमएलसी जितेंद्र सिंह सेंगर, जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा, कोऑपरेटिव बैंक चेयरमैन चक्रपाणि त्रिपाठी सहित जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

भोजपुरी सिनेमा में पवन सिंह की नई फिल्म की चर्चा, ‘राजा जी के दिलवा’ का शुभ मुहूर्त संपन्न

लखनऊ से हरीराम की रिपोर्ट-

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री इन दिनों लगातार सुर्खियों में बनी हुई है और इसकी सबसे बड़ी वजह सुपरस्टार पवन सिंह हैं। भोजपुरी सिनेमा में अगर इस समय किसी नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, तो वह पवन सिंह ही हैं। अपने दमदार अभिनय और शानदार गानों के लिए पहचाने जाने वाले पवन सिंह अब एक नई पारिवारिक फिल्म के साथ दर्शकों के बीच आने को तैयार हैं।

पवन सिंह की आगामी फिल्म ‘राजा जी के दिलवा’ का शुभ मुहूर्त हाल ही में बड़े ही धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। यह शुभ अवसर जलसा रिजॉर्ट में आयोजित किया गया, जहां फिल्म से जुड़े कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। इस मौके पर फिल्म की पूरी टीम ने शूटिंग शुरू होने से पहले पूजा-अर्चना कर फिल्म की सफलता की कामना की।

फिल्म ‘राजा जी के दिलवा’ को एक शुद्ध पारिवारिक और कॉमेडी फिल्म बताया जा रहा है, जिसे दर्शक अपने पूरे परिवार के साथ बैठकर देख सकते हैं। फिल्म में मनोरंजन के साथ-साथ पारिवारिक भावनाओं और हल्के-फुल्के हास्य का भी भरपूर तड़का देखने को मिलेगा।

इस फिल्म में मुख्य भूमिका में पवन सिंह नजर आएंगे, जबकि निर्देशन की जिम्मेदारी मनोज नायर संभाल रहे हैं। फिल्म के डीओपी देवेंद्र जी हैं, जो बेहतरीन सिनेमैटोग्राफी के लिए जाने जाते हैं। वहीं, फिल्म के निर्माता अमृत जी हैं और लाइन प्रोड्यूसर की भूमिका नितिन भास्कर जी निभा रहे हैं।

यह भी पढ़े:- राहुल गांधी ने महात्मा गांधी पुण्यतिथि पर कहा: “बापू केवल व्यक्ति नहीं, बल्कि अमर सोच हैं”

फिल्म की शूटिंग की शुरुआत लखनऊ से की जा रही है, जहां कई महत्वपूर्ण सीन फिल्माए जाएंगे। फिल्म की कहानी और प्रस्तुति को लेकर टीम काफी उत्साहित नजर आ रही है। माना जा रहा है कि ‘राजा जी के दिलवा’ भोजपुरी दर्शकों के लिए एक साफ-सुथरी, मनोरंजक और यादगार फिल्म साबित हो सकती है।

पवन सिंह के फैंस इस फिल्म को लेकर पहले से ही काफी उत्साहित हैं और फिल्म के रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने महात्मा गांधी पुण्यतिथि पर कहा: “बापू केवल व्यक्ति नहीं, बल्कि अमर सोच हैं”

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि बापू केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा हैं, जो कभी मिट नहीं सकती। राहुल ने जोर देकर कहा कि गांधी की यह सोच भारत की आत्मा में हमेशा जीवित रहेगी।

राहुल गांधी ने कहा कि इस सोच को कभी अंग्रेज़ी साम्राज्य, कभी नफरत की विचारधारा, और कभी अहंकारी सत्ता ने समाप्त करने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे। उन्होंने एक्स (Twitter/X) पर लिखा:“महात्मा गांधी एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा हैं। यह सोच जिसे किसी साम्राज्य, किसी नफरत की विचारधारा या अहंकारी सत्ता ने मिटाने की कोशिश की, मगर असफल रहे। राष्ट्रपिता ने हमें यह मूलमंत्र दिया कि सत्ता की ताकत से बड़ी सत्य की शक्ति होती है, और हिंसा व भय से बड़े अहिंसा और साहस।”

राहुल गांधी ने इस बात पर भी बल दिया कि गांधी की यह सोच अमर है और इसे कोई मिटा नहीं सकता।

श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लिखे गए पत्रों का जिक्र

पुण्यतिथि के अवसर पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने 1948 में सरदार वल्लभभाई पटेल और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बीच हुए पत्राचार का उल्लेख किया। उन्होंने एक्स पर साझा किया कि महात्मा गांधी की हत्या से दो दिन पहले पंडित जवाहरलाल नेहरू ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को एक पत्र लिखा था। कुछ महीनों बाद, 18 जुलाई 1948 को, सरदार पटेल ने भी श्यामा प्रसाद मुखर्जी को पत्र लिखा।

यह भी पढ़े:- रायबरेली में गांधी परिवार के खिलाफ याचिका, कोर्ट ने पुलिस से मांगी रिपोर्ट

जयराम रमेश ने कहा कि इन पत्रों में स्वयं को राष्ट्रवाद का संरक्षक बताने वालों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ राजनीतिक नेताओं ने यह कहा कि वे गांधी और नाथूराम गोडसे के बीच चयन नहीं कर सकते। रमेश ने महात्मा गांधी की हत्या के बाद नेहरू के राष्ट्र के नाम संबोधन का लिंक भी साझा किया।

ज्ञात हो कि नाथूराम गोडसे ने 30 जनवरी 1948 को नई दिल्ली में एक प्रार्थना सभा के दौरान महात्मा गांधी की हत्या कर दी थी।

रायबरेली में गांधी परिवार के खिलाफ याचिका, कोर्ट ने पुलिस से मांगी रिपोर्ट

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के रायबरेली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत पूरे गांधी परिवार के खिलाफ एक याचिका दायर की गई है। याचिका में सरकारी भूमि में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। इस मामले में सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, राहुल गांधी, जिलाधिकारी सहित कुल 45 लोगों को पक्षकार बनाया गया है। एपीएमएल कोर्ट ने याचिका पर संज्ञान लेते हुए शहर कोतवाली पुलिस से रिपोर्ट तलब की है और सुनवाई की अगली तारीख 9 फरवरी तय की है।

पाजा फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष बृजेंद्र शरण श्रीवास्तव और वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष लाखन सिंह की ओर से एमपीएमएल कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि सरकारी भूमि और तालाब की जमीन पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भवन निर्माण कराया गया तथा इसी आधार पर सीबीएसई की मान्यता भी प्राप्त की गई। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि इस पूरे प्रकरण में रमेश समेत कई अधिकारी और अन्य लोग शामिल हैं और गांधी परिवार ने भी इसमें सहयोग किया है।

याचिका में तहसील स्तर के कई अधिकारियों के साथ-साथ वर्तमान जिलाधिकारी पर भी आरोप लगाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं ने सभी आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। न्यायालय ने मामले में पुलिस रिपोर्ट मांगी है। याचिकाकर्ता लाखन सिंह के अनुसार, मामले की सुनवाई 9 फरवरी को होगी।

सिखों पर बयान से जुड़े मामले में सुनवाई स्थगित

वहीं वाराणसी की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा अमेरिका में सिख समुदाय को लेकर दिए गए कथित बयान से जुड़े मामले की सुनवाई टल गई है। विशेष न्यायाधीश यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत में दाखिल रिवीजन याचिका पर अब 19 फरवरी को सुनवाई होगी।

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इसी अदालत में ब्राउन यूनिवर्सिटी में भगवान श्रीराम को लेकर कथित टिप्पणी से संबंधित निगरानी याचिका की सुनवाई भी स्थगित कर दी गई है। इन दोनों मामलों में राहुल गांधी को पक्षकार बनाया गया है।

सिखों से जुड़े बयान के मामले में पिछली सुनवाई के दौरान राहुल गांधी को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा गया था। यह मामला तिलमापुर सारनाथ निवासी नागेश्वर मिश्र द्वारा दायर किया गया था। इससे पहले अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एमपी-एमएलए) की अदालत ने याचिका खारिज कर दी थी, जिसके खिलाफ सत्र न्यायालय में निगरानी याचिका दाखिल की गई। सत्र न्यायालय के आदेश पर निचली अदालत ने दोबारा सुनवाई की, लेकिन याचिका पुनः खारिज कर दी गई। इसके बाद वादी ने एक बार फिर निगरानी याचिका दाखिल की है।

खुशखबरी! तत्काल टिकट बुकिंग के नियम बदले, अब आम यात्रियों को मिलेगी राहत

Tatkal Ticket New Rules: भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग को लेकर बड़ा बदलाव किया है। लंबे समय से यात्रियों की यह शिकायत रही है कि बुकिंग शुरू होते ही कुछ ही सेकंड में टिकट खत्म हो जाते हैं। अब रेलवे ने तकनीक और नियमों में व्यापक सुधार करते हुए दावा किया है कि नए सिस्टम से वास्तविक यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना पहले से कहीं ज्यादा बढ़ेगी।

केवल सत्यापित IRCTC अकाउंट से होगी बुकिंग

नए नियमों के अनुसार, अब तत्काल टिकट सिर्फ उन्हीं IRCTC अकाउंट से बुक किए जा सकेंगे जो पूरी तरह सत्यापित होंगे। यात्रियों को अपना IRCTC प्रोफाइल आधार कार्ड या मान्य सरकारी पहचान पत्र से लिंक करना अनिवार्य होगा। जिन अकाउंट्स का वेरिफिकेशन पूरा नहीं है या प्रोफाइल अधूरी है, उन्हें तत्काल बुकिंग विंडो के दौरान अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया जाएगा।

बुकिंग के समय यात्री को वही पहचान विवरण दर्ज करना होगा, जो उसके आधार या सरकारी आईडी से मेल खाता हो। इससे फर्जी नामों पर टिकट बुक कर उन्हें महंगे दामों पर बेचने जैसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लग सकेगी।

ऑटो बुकिंग सॉफ्टवेयर पर लगेगा ब्रेक

रेलवे ने तकनीकी स्तर पर भी सख्ती बढ़ा दी है। तत्काल विंडो के शुरुआती मिनटों में ऑटो-फिल टूल्स और स्क्रिप्ट आधारित बुकिंग को रोकने के लिए उन्नत तकनीकी फिल्टर लगाए गए हैं। इससे अब सॉफ्टवेयर की मदद से चंद सेकंड में टिकट हड़पना आसान नहीं रहेगा।

पेमेंट फेल होने की समस्या होगी कम

यात्रियों की सबसे बड़ी परेशानी—पेमेंट फेल होना—को भी ध्यान में रखा गया है। नए सिस्टम में पेमेंट गेटवे को पहले से ज्यादा तेज और सुरक्षित बनाया गया है, जिससे बुकिंग के आखिरी चरण में टिकट रद्द होने की संभावना काफी कम हो जाएगी।

एजेंटों पर रहेगी कड़ी निगरानी

तत्काल बुकिंग शुरू होते ही एजेंटों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। रेलवे ने उनके लिए नए प्रतिबंध और ट्रैकिंग सिस्टम लागू किए हैं, ताकि आम यात्रियों को प्राथमिकता मिल सके और टिकटों की कालाबाजारी रोकी जा सके।

यात्रियों के लिए क्या है फायदा?

रेलवे का कहना है कि जिन यात्रियों का IRCTC प्रोफाइल पहले से अपडेट है और आधार से लिंक है, उनके लिए कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना पिछले वर्षों की तुलना में कई गुना अधिक होगी।

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यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे बुकिंग से पहले अपने प्रोफाइल, इंटरनेट कनेक्शन और लॉगिन डिटेल्स की जांच कर लें।

भरोसा लौटाने की कोशिश

2026 में लागू किए गए ये नए नियम रेलवे की उस कोशिश का हिस्सा हैं, जिसके जरिए टिकट बुकिंग सिस्टम में पारदर्शिता लाई जा सके और यात्रियों का भरोसा दोबारा कायम हो। अनिवार्य पहचान सत्यापन और तकनीकी सुधारों के जरिए रेलवे ने दलालों और अवैध सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करने वालों पर सीधा प्रहार किया है।

अजित पवार का प्लेन क्यों हुआ क्रैश, ब्लैक बॉक्स में क्या मिला? 3 बड़े सवाल…

Ajit Pawar Plane Crash Update: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत वाले विमान हादसे को लेकर सामने आया नया सीसीटीवी फुटेज कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। लैंडिंग की दूसरी कोशिश के दौरान रिकॉर्ड हुए इस वीडियो में विमान का बायां पंख अचानक नीचे झुकता दिखता है, जिसके बाद विमान असंतुलित होकर आग की चपेट में आ जाता है। एविएशन विशेषज्ञों के मुताबिक, यह दृश्य हादसे की तीन संभावित वजहों की ओर इशारा करता है।

 एरोडायनामिक स्टॉल की आशंका

वीडियो में विमान का अचानक एक तरफ झुकना असममित एरोडायनामिक स्टॉल का संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि कम रफ्तार या ज्यादा एंगल पर उड़ान के दौरान पंख हवा से पर्याप्त लिफ्ट नहीं बना पाते। लियरजेट-45 जैसे विमानों में इंजन पीछे की ओर लगे होते हैं और मोड़ लेते समय यदि एक पंख लिफ्ट खो दे, तो विमान पर नियंत्रण बनाए रखना बेहद मुश्किल हो जाता है।

इंजन फेल होना

हादसे से ठीक पहले किसी एक इंजन के बंद होने की संभावना भी जताई जा रही है। एविएशन एक्सपर्ट मार्क मार्टिन के अनुसार, सिंगल इंजन फेल्योर की स्थिति में दूसरा इंजन विमान को एक दिशा में खींच सकता है, जिससे असंतुलन पैदा होता है।

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हालांकि, लैंडिंग की अनुमति मिलने और क्रैश के बीच लगभग एक मिनट के समय में पायलट द्वारा कोई Mayday कॉल दर्ज न होना इस थ्योरी पर सवाल खड़े करता है।

आखिरी क्षणों में लिया गया खतरनाक मोड़

तीसरी संभावना यह है कि खराब दृश्यता और सूरज की तेज रोशनी के कारण पायलट को रनवे देर से नजर आया हो। रनवे के अनुरूप विमान को सीध में लाने के लिए अंतिम क्षणों में लिया गया तीखा मोड़ हादसे की वजह बन सकता है।

बारामती एयरपोर्ट की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

हादसे के बाद बारामती एयरपोर्ट की तकनीकी सुविधाएं भी जांच के दायरे में हैं। रिपोर्ट के अनुसार, एयरपोर्ट पर PAPI (Precision Approach Path Indicator) और ILS (Instrument Landing System) जैसी जरूरी लैंडिंग सुविधाएं मौजूद नहीं थीं। उस दिन दृश्यता महज 800 से 3000 मीटर के बीच थी, जिसे सुरक्षित लैंडिंग के लिए अपर्याप्त माना जाता है।

ब्लैक बॉक्स से मिला अहम सुराग

ब्लैक बॉक्स और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) के शुरुआती डेटा के मुताबिक, टकराने से कुछ सेकंड पहले कॉकपिट में पायलट की आवाज़ में अचानक घबराहट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि पायलट को किसी गंभीर तकनीकी समस्या का एहसास हुआ था, लेकिन प्रतिक्रिया के लिए समय बेहद कम बचा था।