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मणिपुर में शांति की नई उम्मीद? खेमचंद सिंह बने मुख्यमंत्री, नेमचा किपगेन और एल डिखो ने ली डिप्टी CM की शपथ

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- लंबे समय से अशांत रहे मणिपुर में राजनीतिक स्थिरता की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। भाजपा विधायक दल के नेता वाई खेमचंद सिंह ने बुधवार को मणिपुर के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। लोकभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा भी मौजूद रहे।

मणिपुर को मिले दो उपमुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह के शपथ ग्रहण के बाद राज्यपाल ने भाजपा विधायक नेमचा किपगेन और नगा पीपुल्स फ्रंट (NPF) के विधायक एल डिखो को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई।

कुकी समुदाय से आने वाली विधायक नेमचा किपगेन ने ऑनलाइन माध्यम से उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वहीं भाजपा के गोविंदास कोंथौजम और एनपीपी नेता के. लोकेन सिंह ने मंत्री पद की शपथ ली। मणिपुर में दो डिप्टी सीएम बनाए जाने को सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन के तौर पर देखा जा रहा है।

राष्ट्रपति शासन हटाया गया

मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के गठन से पहले केंद्र सरकार ने मणिपुर से राष्ट्रपति शासन हटा लिया। राज्य में 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू था। 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है, लेकिन राष्ट्रपति शासन के दौरान विधानसभा निलंबित कर दी गई थी।

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राष्ट्रपति की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि संविधान के अनुच्छेद 356(2) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मणिपुर में 13 फरवरी 2025 को लागू राष्ट्रपति शासन को 4 फरवरी 2026 से समाप्त किया जाता है।

क्यों लगा था राष्ट्रपति शासन

गौरतलब है कि पिछले वर्ष 9 फरवरी को मेइती और कुकी समुदायों के बीच महीनों तक चली जातीय हिंसा के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। विपक्ष और कई सामाजिक संगठनों ने राज्य सरकार पर हालात संभालने में विफल रहने का आरोप लगाया था। इसके बाद केंद्र ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था।

अब नए मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के गठन के साथ राज्य में शांति, कानून-व्यवस्था और पुनर्निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।

बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए साइकिल वितरण, सुरेश यादव बोले-शिक्षा से सशक्त होगा समाज

अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़:- बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अयोध्या विधानसभा क्षेत्र के ऐमी आलापुर में साइकिल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कैंसर दिवस एवं नशा मुक्ति जागरूकता अभियान के तहत आयोजित हुआ, जिसमें समाजसेवी संस्थान अयोध्याधाम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश यादव ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।

कार्यक्रम में मेधावी छात्राओं को साइकिलें प्रदान की गईं, ताकि उनकी शिक्षा में किसी प्रकार की बाधा न आए और वे आत्मनिर्भर बन सकें।

समाज सेवा ही राष्ट्र सेवा: सुरेश यादव

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुरेश यादव ने कहा कि समाज सेवा ही सच्ची राष्ट्र सेवा है। उन्होंने बताया कि बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उनकी संस्था निरंतर साइकिलों के साथ-साथ पठन-पाठन सामग्री का भी वितरण कर रही है।

उन्होंने कहा कि जब एक बालिका शिक्षित होती है, तो वह दो परिवारों को रोशन करती है। यही कारण है कि बालिका शिक्षा समाज के विकास की मजबूत नींव है। सुरेश यादव ने बताया कि संस्था द्वारा अब तक हजारों छात्राओं को साइकिलें वितरित की जा चुकी हैं।

गरीब और जरूरतमंदों की लगातार मदद

सुरेश यादव ने कहा कि साइकिल वितरण के साथ-साथ संस्था द्वारा कंबल वितरण एवं गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों की निरंतर सहायता की जा रही है। संस्था का उद्देश्य समाज और राष्ट्र को आगे बढ़ाना है।

आयोजकों के प्रति जताया आभार

इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम के आयोजक मां अन्नपूर्णा सेवा संस्थान के अध्यक्ष राजेश चौबे एवं ‘ब्लड मैन’ के नाम से प्रसिद्ध आकाश गुप्ता के प्रति आभार व्यक्त किया।

कैंसर व नशा मुक्ति पर जागरूकता

कार्यक्रम के दौरान कैंसर दिवस और नशा मुक्ति जागरूकता अभियान के तहत लोगों को नशे से होने वाले दुष्परिणामों और कैंसर से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। इस मौके पर सैकड़ों महिलाओं को कंबल का वितरण भी किया गया।

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मुख्य अतिथि का स्वागत समाजसेवी राजेश चौबे एवं आकाश गुप्ता ने माल्यार्पण कर किया। कार्यक्रम में राकेश पांडेय, राम सिंह यादव, बजरंगी यादव, सोमई निषाद, दुर्गा निषाद सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान दिव्या दुबे, जासमीन, बबीता निषाद, आस्था तिवारी, प्रतीक्षा तिवारी सहित अन्य मेधावी छात्राओं को साइकिलें प्रदान की गईं।

वैदेही भवन में भव्य श्रीराम कथा का समापन, गोपाल दाधीच महाराज की वाणी से भावविभोर हुए श्रद्धालु

अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़:- रामलला की पावन नगरी अयोध्या एक बार फिर भक्ति और अध्यात्म के अनुपम संगम की साक्षी बनी। महाराष्ट्र के नागपुर से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक गोपाल दाधीच महाराज के सानिध्य में वैदेही भवन में आयोजित भव्य श्रीराम कथा का श्रद्धा, उल्लास और भक्तिभाव के साथ समापन हुआ।

कथा के अंतिम दिन श्रद्धालु पूरी तरह भक्ति में लीन नजर आए और वैदेही भवन परिसर ‘जय श्रीराम’ के गगनभेदी जयघोष से गूंज उठा।

रामायण और भागवत का सरल संदेश

श्रीराम कथा के दौरान गोपाल दाधीच महाराज ने रामायण और श्रीमद्भागवत जैसे सनातन ग्रंथों की महत्ता को अत्यंत सरल, ओजस्वी और भावपूर्ण शैली में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि आधुनिकता की अंधी दौड़ में युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और संस्कारों से दूर नहीं होना चाहिए।

महाराज श्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे सनातन ग्रंथों का अध्ययन कर जीवन में नैतिकता, मर्यादा और सेवा भाव को अपनाएं।

श्रीराम का जीवन है आदर्शों की पाठशाला

प्रभु श्रीराम के चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कथावाचक ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जीवन हर युग और हर वर्ग के लिए प्रेरणास्रोत है। एक आदर्श पुत्र, कर्तव्यनिष्ठ पति, न्यायप्रिय राजा और समाज के संरक्षक के रूप में उन्होंने जीवन के प्रत्येक दायित्व का निर्वहन किया।

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उन्होंने कहा कि कथा श्रवण की सार्थकता तभी है, जब हम श्रीराम के आदर्शों को अपने दैनिक जीवन में उतारें।

देशभर से पहुंचे श्रद्धालु

इस आयोजन की विशेषता यह रही कि इसमें अयोध्या के साथ-साथ नागपुर समेत देश के विभिन्न राज्यों और शहरों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्ति-भजनों और ओजस्वी प्रवचनों के बीच श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर नजर आए।

आयोजन को लेकर दिखा विशेष उत्साह

कार्यक्रम के संयोजक सतनारायण लोहिया ने बताया कि रामनगरी अयोध्या में गुरुजी के सानिध्य में श्रीराम कथा का आयोजन होना सभी भक्तों के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

वहीं नागपुर से आए श्रद्धालु रमो अग्रवाल ने कहा कि अयोध्या का दिव्य और भव्य स्वरूप मन को अभिभूत करने वाला है। सुदृढ़ सड़कें, आध्यात्मिक वातावरण और प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर उनका जीवन धन्य हो गया।

‘धन्यवाद योगी जी’-19 साल बाद खुशी की पहली आवाज, सीएम की पहल से बदली किस्मत

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित ग्वालटोली इलाके की रहने वाली 19 वर्षीय खुशी गुप्ता के जीवन में लंबे इंतज़ार के बाद खुशियों की दस्तक हुई है। जन्म से मूक-बधिर रही खुशी अब न केवल सुन पा रही है, बल्कि धीरे-धीरे बोलने की भी शुरुआत कर चुकी है। कॉख्लियर इम्प्लांट ऑपरेशन के बाद उसके मुंह से निकले पहले शब्द थे—‘धन्यवाद योगी जी।’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से संभव हुए इस इलाज ने पूरे परिवार को नई उम्मीद दी है। खुशी की मां गीता देवी ने बताया कि ऑपरेशन के बाद बेटी के व्यवहार और संवाद में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अब वह खाने की मांग शब्दों में करती है और अपनी बात कहने की कोशिश कर रही है, जबकि पहले केवल इशारों से ही संवाद होता था। मां ने बताया कि बेटी के सफल इलाज के बाद परिवार ने पूजा-अर्चना कर ईश्वर का आभार जताया।

खुशी के पिता कल्लू गुप्ता के अनुसार, 20 नवंबर 2025 को खुशी बिना बताए घर से निकल गई थी। परिजनों की काफी तलाश के बाद 22 नवंबर को लखनऊ से सूचना मिली कि वह पुलिस के पास सुरक्षित है। पूछताछ के दौरान खुशी ने स्केच और इशारों के माध्यम से बताया कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलना चाहती है।

नवंबर में मुख्यमंत्री से हुई थी मुलाकात

24 नवंबर को परिवार को सूचना मिली कि मुख्यमंत्री खुशी से मिलना चाहते हैं। इसके बाद 26 नवंबर 2025 को खुशी मुख्यमंत्री आवास पहुंची, जहां योगी आदित्यनाथ ने उससे मुलाकात कर आशीर्वाद दिया और उसके इलाज, शिक्षा व परिवार को सहयोग देने के निर्देश दिए।

सीएम के निर्देश पर शुरू हुआ इलाज

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद खुशी का इलाज शुरू किया गया। 5 दिसंबर को पहले एक कान का ऑपरेशन किया गया, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिले। इसके बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों ने कॉख्लियर इम्प्लांट की सलाह दी। फाउंडेशन और दिव्यांगजन अधिकारियों के सहयोग से 26 जनवरी 2026 को खुशी का कॉख्लियर इम्प्लांट ऑपरेशन किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा।

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डॉक्टरों के मुताबिक, खुशी अब सुनने लगी है और टूटे-फूटे शब्दों में बोल भी रही है। फिलहाल उसे स्पीच थेरेपी दी जा रही है। चिकित्सकों को उम्मीद है कि तीन महीने में उसकी बोलने की क्षमता और बेहतर हो जाएगी, जबकि एक साल के भीतर वह सामान्य बातचीत करने में सक्षम हो सकती है।

खुशी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को टीवी पर देखकर उनकी तस्वीरें भी बनाती है। उसका सपना है कि वह भविष्य में पुलिस अफसर बने। परिवार का कहना है कि मुख्यमंत्री की संवेदनशील पहल ने उनकी बेटी को एक नई जिंदगी दी है।

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न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। टीला मोड़ थाना क्षेत्र स्थित भारत सिटी टाउनशिप की एक सोसाइटी में तीन सगी नाबालिग बहनों की मौत हो गई। घटना बुधवार तड़के करीब दो बजे टावर बी-1 में हुई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों बच्चियों को तत्काल लोनी के संयुक्त अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजते हुए मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

मृतकों की पहचान

पुलिस के अनुसार, मृतक बच्चियों की पहचान पाखी (12 वर्ष), प्राची (14 वर्ष) और विशिका (16 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों सगी बहनें थीं और आपस में काफी घनिष्ठ बताई जा रही हैं।

प्रारंभिक जांच में क्या सामने आया

प्रारंभिक जांच में पुलिस को जानकारी मिली है कि तीनों बच्चियां लंबे समय से मोबाइल पर ऑनलाइन गेम खेलने की आदी थीं। इसी बात को लेकर परिवार में उन्हें अक्सर समझाया और टोका जाता था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या किसी ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म या डिजिटल गतिविधि का इस घटना से कोई सीधा संबंध है।

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बताया गया है कि कोरोना काल के बाद से तीनों बच्चियों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई थी। सबसे बड़ी बहन की उम्र 16 वर्ष होने के बावजूद वह कक्षा चार में पढ़ रही थी।

पुलिस का बयान

एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह ने बताया कि देर रात पीआरवी के माध्यम से घटना की सूचना प्राप्त हुई थी। मौके पर पहुंचकर जांच की गई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच जारी है।

इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है, वहीं सोसाइटी के लोग भी स्तब्ध हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

‘डोनाल्ड ट्रंप के आगे झुक गई सरकार?’ ट्रेड डील पर क्यों भड़के किसान, खेती और डेयरी पर छिड़ा विवाद

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा के बाद सियासी और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई है। सरकार जहां इस डील को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर बता रही है, वहीं किसान संगठनों और विपक्ष ने इसे किसानों के हितों के खिलाफ करार दिया है।

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया है कि इस समझौते में कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है। उनके मुताबिक यह ट्रेड डील भारत के कई सेक्टरों के लिए “गेम-चेंजर” साबित होगी। हालांकि इन दावों के बावजूद किसान संगठनों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है।

ट्रेड डील पर संयुक्त किसान मोर्चा का तीखा विरोध

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा के बाद संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने कड़ा ऐतराज जताया है। एसकेएम ने इसे किसानों के साथ “ऐतिहासिक विश्वासघात” बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में झुकने का आरोप लगाया।

किसान संगठन ने एक बयान में प्रधानमंत्री के पिछले स्वतंत्रता दिवस भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि लाल किले से किसानों के हितों की रक्षा का जो वादा किया गया था, यह समझौता उस भरोसे को तोड़ने जैसा है।

‘अमेरिकी कृषि उत्पादों से भर जाएगा भारतीय बाजार’

एसकेएम का दावा है कि इस समझौते के जरिए अमेरिका को अपने भारी सब्सिडी वाले कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में उतारने का रास्ता मिल जाएगा। संगठन का कहना है कि इससे देश का कृषि और डेयरी सेक्टर बुरी तरह प्रभावित होगा।

2020-21 के किसान आंदोलन का नेतृत्व करने वाले एसकेएम ने कहा कि अमेरिकी उत्पादों पर शून्य प्रतिशत आयात शुल्क की अनुमति देना किसानों और आम जनता के साथ सीधा विश्वासघात है। संगठन ने आरोप लगाया कि सरकार अमेरिकी दबाव के आगे झुक गई है, जिसका खामियाजा देश के किसान वर्ग को भुगतना पड़ेगा।

क्या खेती और डेयरी सुरक्षित हैं?

सरकार ने साफ किया है कि अनाज, मक्का, सोयाबीन और जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) खाद्य उत्पादों को इस द्विपक्षीय व्यापार समझौते से बाहर रखा जा सकता है। अधिकारियों के मुताबिक किसानों और पशुपालन से जुड़े लोगों के हितों की पूरी तरह रक्षा की गई है।

सरकार का दावा है कि कपड़ा, चमड़ा, समुद्री उत्पाद, रत्न और आभूषण जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों को इस समझौते से सीधा लाभ मिलेगा, जिससे रोजगार और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।

टैरिफ में राहत, MSMEs को फायदा

इस व्यापार समझौते के तहत अमेरिका भारतीय उत्पादों पर लगाए गए जवाबी टैरिफ को मौजूदा 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमत हुआ है। इससे भारतीय MSMEs और निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत अमेरिका पर लगाए गए शुल्क को शून्य तक ले जाएगा और ऊर्जा समेत 500 अरब डॉलर से अधिक के अमेरिकी उत्पाद खरीदेगा।

आयात और निवेश के आंकड़ों पर सवाल

विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रंप का 500 अरब डॉलर का दावा फिलहाल आंकड़ों से मेल नहीं खाता। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का कुल वस्तु आयात लगभग 721 अरब डॉलर रहा है। अनुमान है कि आने वाले पांच वर्षों में अमेरिका से भारत का सालाना आयात करीब 100 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है, जो पिछले वर्ष लगभग 46 अरब डॉलर था।

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भारत मुख्य रूप से अमेरिका से कच्चा तेल, एलएनजी, हाई-वैल्यू चिप्स, डेटा सेंटर उपकरण, विमान व उनके पुर्जे और परमाणु उपकरणों का आयात बढ़ा सकता है।

चरणबद्ध लागू होंगी टैरिफ रियायतें

सरकार ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका को दी जाने वाली कुछ टैरिफ छूट चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएंगी। कई उत्पादों को आयात कोटा के तहत अनुमति दी जा सकती है, जैसा कि भारत ने हाल में यूरोपीय संघ, ब्रिटेन और न्यूजीलैंड के साथ किए गए समझौतों में किया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उम्मीद जताई है कि पिछले साल अमेरिकी टैरिफ के कारण प्रभावित हुए भारतीय निर्यात में अब तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि भारतीय उत्पादों ने नए बाजारों में अपनी जगह बनाई है और अमेरिकी बाजार में दोबारा पहुंच से निर्यात को और मजबूती मिलेगी।

फिलहाल दोनों देशों के अधिकारी संयुक्त बयान को अंतिम रूप देने में जुटे हैं और यह व्यापार समझौता आने वाले हफ्तों में पूरी तरह लागू होने की संभावना है।

वाराणसी में आधी रात तड़तड़ाईं गोलियां,STF एनकाउंटर में एक लाख का इनामी बनारसी यादव ढेर 

वाराणसी: जिले में मंगलवार देर रात उस वक्त सनसनी फैल गई, जब सारनाथ क्षेत्र में एसटीएफ और कुख्यात अपराधी के बीच मुठभेड़ हो गई। यूपी एसटीएफ वाराणसी यूनिट ने कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम हत्याकांड में वांछित एक लाख रुपये के इनामी बदमाश बनारसी यादव को एनकाउंटर में मार गिराया। मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से कई राउंड फायरिंग हुई।

मृतक बदमाश बनारसी यादव गाजीपुर जिले के गौरहट (करंडा) थाना क्षेत्र का रहने वाला था और उस पर हत्या, लूट समेत गंभीर धाराओं में 21 मुकदमे दर्ज थे।

हत्या के बाद से था फरार

पुलिस के अनुसार, 21 अगस्त को सारनाथ स्थित अरिहंत नगर कॉलोनी फेज-2 में कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की गोली मारकर हत्या की गई थी। इस वारदात को बनारसी यादव ने अपने साथियों अरविंद यादव उर्फ फौजी उर्फ कल्लू और विशाल के साथ अंजाम दिया था। हत्या के बदले उसे पांच लाख रुपये की सुपारी मिली थी।

STF को मिली थी गुप्त सूचना

एसटीएफ वाराणसी को सूचना मिली थी कि बनारसी यादव किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से बरियासनपुर होते हुए दयालपुर की ओर जा रहा है। इस इनपुट पर अपर पुलिस अधीक्षक विनोद सिंह के निर्देशन में निरीक्षक अमित श्रीवास्तव और निरीक्षक अनिल कुमार सिंह टीम के साथ मौके पर तैनात हो गए।

इसी दौरान बाइक सवार दो संदिग्ध वहां पहुंचे। एसटीएफ द्वारा रोकने पर बाइक चला रहा बदमाश फरार हो गया, जबकि पीछे बैठे बनारसी यादव ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसे सीने में गोली लगी और वह गिर पड़ा।

अस्पताल में घोषित किया गया मृत

घायल अवस्था में एसटीएफ टीम उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, बाइक सवार दूसरा बदमाश मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।

दोनों हाथों से चला रहा था पिस्टल

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आमने-सामने की मुठभेड़ में बनारसी यादव दोनों हाथों से .30 और .32 बोर की पिस्टल से फायरिंग कर रहा था। इस दौरान निरीक्षक अमित श्रीवास्तव और निरीक्षक अनिल कुमार सिंह को एक-एक गोली लगी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट पहनने की वजह से दोनों की जान बच गई।

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एनकाउंटर स्थल से दो अवैध पिस्टल और बड़ी संख्या में कारतूस बरामद किए गए हैं।

50 करोड़ की जमीन बना हत्या की वजह

जांच में सामने आया है कि मुंबई में रह रहे गाजीपुर के रामपुर ढकवां (खानपुर) निवासी बिल्डर और प्रॉपर्टी डीलर जोगेंद्र यादव उर्फ फैटू ने इस हत्या की साजिश रची थी। उसके साथ सिंहपुर (सारनाथ) निवासी संपूर्णानंद शुक्ला उर्फ चंदन शुक्ला और पूर्व प्रधान श्यामप्रकाश राजभर उर्फ रेखा प्रधान भी शामिल थे।

करीब 50 करोड़ रुपये की 40 बिस्वा जमीन के विवाद में हत्या की योजना बनाई गई थी। इन सभी आरोपियों को सारनाथ पुलिस पहले ही 27 अगस्त को गिरफ्तार कर चुकी है।

Aaj Ka Rashifal 4 February 2026: 6 राशियों के जीवन में रहेगा उतार-चढ़ाव, जानें सभी 12 राशियों का हाल

Aaj Ka Rashifal 4 February 2026: ग्रह-नक्षत्रों की चाल आज कई राशियों के जीवन में हलचल पैदा कर सकती है। आज गुरु मिथुन राशि में विराजमान हैं, जबकि चंद्रमा और केतु सिंह राशि में स्थित हैं। सूर्य, शुक्र और मंगल मकर राशि में गोचर कर रहे हैं। वहीं बुध और राहु कुंभ राशि में और शनि मीन राशि में मौजूद हैं। आइए जानते हैं आज का दिन आपकी राशि के लिए कैसा रहेगा—

मेष राशि

आज बच्चों की सेहत को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। कोई बड़ा फैसला फिलहाल टालना बेहतर रहेगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई-लिखाई में एकाग्रता की कमी महसूस हो सकती है। प्रेम जीवन और संतान से जुड़े मामलों में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिलेगा। व्यापार की स्थिति अनुकूल है। सूर्य को जल अर्पित करना लाभकारी रहेगा।

वृषभ राशि

घरेलू सुख-सुविधाओं में बाधा आ सकती है। जमीन, मकान या वाहन से जुड़े कार्यों में रुकावट संभव है। माता के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। खुद की सेहत को भी नजरअंदाज न करें। प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में मध्यम स्थिति रहेगी, जबकि व्यापार संतोषजनक रहेगा। हरे रंग की वस्तु साथ रखें।

मिथुन राशि

स्वास्थ्य में पहले से कुछ राहत मिलेगी। प्रेम संबंध और संतान पक्ष अभी औसत रहेगा। व्यापार सामान्य रूप से आगे बढ़ेगा। आज आपका साहस और पराक्रम रंग लाएगा, जिससे नौकरी और व्यवसाय में प्रगति के योग बन रहे हैं। सूर्य को जल देना शुभ रहेगा।

कर्क राशि

आज मुख से संबंधित परेशानी हो सकती है। आर्थिक नुकसान की आशंका है, इसलिए खर्चों पर नियंत्रण रखें। वाणी में संयम बरतना जरूरी है। प्रेम जीवन और संतान सुखद स्थिति में रहेंगे। व्यापार सामान्य रहेगा। निवेश करने से फिलहाल बचें। तांबे की वस्तु का दान शुभ फल देगा।

सिंह राशि

मन में घबराहट और बेचैनी बनी रह सकती है। जीवनसाथी और खुद के स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी है। त्वचा से जुड़ी समस्या हो सकती है। कार्यक्षेत्र में हालात पहले से बेहतर होंगे। नौकरी और व्यापार दोनों में सुधार के संकेत हैं। काले रंग की वस्तु दान करें।

कन्या राशि

आज मानसिक तनाव, अनजाना भय, सिरदर्द और आंखों से जुड़ी परेशानी हो सकती है। खर्चों में बढ़ोतरी संभव है। पार्टनरशिप में भी मतभेद रह सकते हैं। हालांकि प्रेम जीवन, संतान और व्यापार की स्थिति अच्छी बनी रहेगी। सूर्य को जल अर्पित करना शुभ रहेगा।

तुला राशि

आय में उतार-चढ़ाव रहेगा, लेकिन अंततः लाभ के योग बनेंगे। प्रेम जीवन और संतान का भरपूर सहयोग मिलेगा। व्यापार में भी सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। तांबे की वस्तु का दान करें।

वृश्चिक राशि

कोर्ट-कचहरी या कानूनी मामलों से दूरी बनाए रखें। राजनीति या उच्च अधिकारियों से जुड़े मामलों में खींचतान हो सकती है। सीने से जुड़ी समस्या संभव है। पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। समय मध्यम रहेगा। प्रेम, संतान और व्यापार सामान्य से अच्छे रहेंगे। पीली वस्तु पास रखें।

धनु राशि

आज यात्रा से बचना बेहतर रहेगा। मान-सम्मान को लेकर सतर्क रहें। भाग्य में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। प्रेम जीवन और संतान पक्ष मजबूत रहेगा। व्यापार में भी संतोषजनक स्थिति रहेगी। लाल रंग की वस्तु साथ रखें।

मकर राशि

आज परिस्थितियां कुछ प्रतिकूल रह सकती हैं। चोट लगने या किसी परेशानी में फंसने की आशंका है। स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें और वाहन सावधानी से चलाएं। प्रेम और संतान का सहयोग मिलेगा। व्यापार सामान्य रहेगा। काली जी को प्रणाम करना शुभ रहेगा।

कुंभ राशि

प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में सुधार के संकेत हैं। जीवनसाथी और खुद की सेहत पर ध्यान देने की जरूरत है। बच्चों के साथ जो दूरी थी, वह अब कम होगी। हालांकि कुछ नकारात्मकता बनी रह सकती है, लेकिन स्थिति धीरे-धीरे बेहतर होगी। नौकरी, व्यापार और पारिवारिक जीवन में सुधार होगा। काले रंग की वस्तु दान करें।

मीन राशि

जीवनसाथी से मतभेद संभव हैं। शत्रु सक्रिय रह सकते हैं। स्वास्थ्य भी प्रभावित हो सकता है। हालांकि धीरे-धीरे आप इन परिस्थितियों पर विजय प्राप्त करेंगे। शिवलिंग पर जल चढ़ाना और तांबे की वस्तु दान करना शुभ रहेगा।

यूपी के किसानों के लिए बड़ी राहत, हर ब्लॉक में शुरू होंगे पशुधन औषधि केंद्र; मुफ्त मिलेगा चारा बीज

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के किसानों और पशुपालकों के लिए योगी सरकार ने बड़ी सौगात का ऐलान किया है। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि प्रदेश के सभी विकास खंडों (ब्लॉकों) में पशुओं के इलाज के लिए पशुधन औषधि केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर 24 घंटे एथनोमेडिसिन की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

मंत्री ने कहा कि गोवंश सहित अन्य पशुओं के बेहतर इलाज के लिए पीपीपी मॉडल के तहत वेटनरी और पैरावेटनरी सेवाएं शुरू की जाएंगी। इसके साथ ही पशुओं की जांच के लिए अलग से पैथोलॉजी केंद्र भी खोले जाएंगे। किसानों को राहत देते हुए सरकार ने नई चारा नीति लागू की है, जिसके तहत किसानों को चारे का बीज मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे अपने खेतों में चारे का उत्पादन कर सकें।

धर्मपाल सिंह मंगलवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय बजट के बाद उत्तर प्रदेश के पशुपालन और दुग्ध विकास क्षेत्र को मिलने वाले लाभों की जानकारी दे रहे थे।

अनुदान राशि में 3.5 गुना बढ़ोतरी

उन्होंने बताया कि पशुपालकों को लाभ पहुंचाने वाली अनुदानित योजनाओं के लिए वर्ष 2021-22 में जहां 6.02 करोड़ रुपये का बजट था, वहीं वर्ष 2025-26 में इसे बढ़ाकर 22.45 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो करीब साढ़े तीन गुना वृद्धि है। बकरी, भेड़, सूकर और बैकयार्ड कुक्कुट पालन जैसी योजनाओं से पशुपालकों की आय बढ़ेगी और पोषण स्तर में भी सुधार होगा।

दुग्ध और अंडा उत्पादन में बड़ा इजाफा

प्रदेश में पशुजन्य उत्पादों का सकल मूल्यवर्धन वर्ष 2017-18 में 0.99 लाख करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 1.72 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इसी अवधि में पशुपालन क्षेत्र में 8.2 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की गई है।

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दुग्ध उत्पादन भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। वर्ष 2017-18 में जहां दुग्ध उत्पादन 290.52 लाख मीट्रिक टन था, वह 2024-25 में बढ़कर 388.15 लाख मीट्रिक टन हो गया है, यानी करीब 33 प्रतिशत की वृद्धि। वहीं अंडा उत्पादन 244 करोड़ से बढ़कर 611 करोड़ पहुंच गया है, जो लगभग ढाई गुना वृद्धि को दर्शाता है।

बर्ड फ्लू को लेकर सरकार सतर्क

बिहार में फैल रहे बर्ड फ्लू को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पूरी तरह सतर्क है। बिहार से सटे सीमावर्ती जिलों में निगरानी बढ़ा दी गई है और वहां से आने वाले मुर्गी व अंडों से लदे वाहनों की सख्ती से जांच की जा रही है। सभी सीमावर्ती जिलों में वैक्सीन और दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है। फिलहाल प्रदेश में बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है।

आसन की ओर कागज फेंकने वाले सांसदों पर सख्त कार्रवाई, वोटिंग के बाद…किन-किन पर गिरी गाज?

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान लोकसभा में दूसरे दिन भी भारी हंगामा देखने को मिला। मंगलवार (3 फरवरी) को नेता विपक्ष राहुल गांधी द्वारा पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे के संस्मरण का जिक्र किए जाने पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई, जिसके बाद सदन का माहौल गर्म हो गया।

हंगामे के बीच कुछ विपक्षी सांसदों द्वारा आसन की ओर कागज उछाले जाने का मामला सामने आया। इस घटना के बाद संसद में सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित सांसदों पर कार्रवाई की गई। संसदीय कार्य मंत्री की ओर से पेश प्रस्ताव के बाद इन सांसदों को मौजूदा बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया।

इन सांसदों पर गिरी कार्रवाई

आसन की गरिमा को ठेस पहुंचाने और सदन में अव्यवस्था फैलाने के आरोप में जिन सांसदों को निलंबित किया गया है, उनमें मणिक्कम टैगोर, किरण कुमार रेड्डी, प्रशांत पडोले, हिबी ईडन, डीन कुरिया कोस, एस. वेंकटेशन, गुरजीत सिंह औजला और अमरेंद्र सिंह राजा वारिंग शामिल हैं। कुल आठ विपक्षी सांसदों को सस्पेंड किया गया है।

नियम 374(2) के तहत हुआ निलंबन

हंगामे के चलते पहले सदन की कार्यवाही दोपहर तीन बजे तक स्थगित की गई थी। बाद में कार्यवाही शुरू होने पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इन सांसदों के निलंबन से जुड़ा प्रस्ताव सदन में रखा। प्रस्ताव में कहा गया कि इन सदस्यों ने आसन की अवमानना की और लोकसभा अधिकारियों की मेजों के पास जाकर कागज उछालकर सदन की मर्यादा को नुकसान पहुंचाया। सदन ने इस प्रस्ताव को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी।

राहुल-प्रियंका समेत विपक्ष का प्रदर्शन

निलंबन की घोषणा के बाद पीठासीन सभापति दिलीप सैकिया ने आठों सांसदों के नाम पढ़कर कार्रवाई की जानकारी दी और सदन की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी। इसके बाद लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य कांग्रेस सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान 8 सांसदों के निलंबन और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में नारेबाजी की गई।

क्यों हुआ था हंगामा

दरअसल, विपक्षी सांसद राहुल गांधी को बोलने की अनुमति न मिलने से नाराज थे। राहुल गांधी ने जनरल नरवणे की पुस्तक पर आधारित लेख को सदन के पटल पर रखते हुए चीन के साथ सीमा विवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाया।

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उन्होंने इसे राष्ट्रपति के अभिभाषण से जुड़ा अहम विषय बताया, लेकिन आसन से उन्हें आगे बोलने की अनुमति नहीं मिली, जिसके बाद विपक्ष ने विरोध तेज कर दिया।