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राजपाल यादव के बाद अब अमीषा पटेल पर भी कानूनी शिकंजा, नॉन-बेलेबल वारंट जारी होने के बाद पहला पोस्ट 

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बॉलीवुड अभिनेता Rajpal Yadav के बाद अब हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की अभिनेत्री Ameesha Patel कानूनी विवाद में घिर गई हैं। साल 2017 के एक चेक बाउंस मामले में 16 फरवरी को सुनवाई के दौरान कोर्ट में पेश न होने पर उनके खिलाफ नॉन-बेलेबल वारंट जारी किया गया है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अमीषा पटेल ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी है।

इंस्टाग्राम पर दिया जवाब

अमीषा पटेल ने इंस्टाग्राम स्टोरी के माध्यम से कहा कि यह मामला पुराना और पहले ही सुलझाया जा चुका है। उन्होंने लिखा कि मीडिया में जिस शिकायतकर्ता पवन वर्मा का नाम सामने आ रहा है, उन्होंने पहले ही सेटलमेंट डीड पर हस्ताक्षर कर तय रकम ले ली थी।

अभिनेत्री का दावा है कि मामला खत्म होने के बावजूद अब झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके वकील संबंधित व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने की तैयारी कर रहे हैं। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपने काम पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।

क्या है 2017 का चेक बाउंस मामला?

यह मामला इवेंट ऑर्गनाइजर पवन वर्मा की शिकायत पर आधारित है। आरोप है कि 16 नवंबर 2017 को एक शादी समारोह में परफॉर्म करने के लिए अमीषा पटेल को 14.50 लाख रुपये एडवांस दिए गए थे, लेकिन वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हुईं।

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शिकायतकर्ता का दावा है कि अभिनेत्री ने रकम लौटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। वहीं अमीषा पटेल का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है।

2023 में भी सामने आया था मामला

इससे पहले 2023 में भी अमीषा पटेल एक अन्य चेक बाउंस मामले में कानूनी प्रक्रिया का सामना कर चुकी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2018 में रांची में एक फिल्म प्रोजेक्ट की फाइनेंसिंग को लेकर बिजनेसमैन अजय कुमार सिंह से विवाद हुआ था। निवेश की गई रकम के बदले जारी किया गया चेक बाउंस हो गया था, जिसके बाद अभिनेत्री को अदालत में सरेंडर करना पड़ा था।

आगे क्या?

फिलहाल इस मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है। नॉन-बेलेबल वारंट जारी होने के बाद अब अगली सुनवाई और अदालत की कार्यवाही पर सबकी नजरें टिकी हैं। अभिनेत्री ने अपने बयान में आरोपों को निराधार बताया है, जबकि शिकायतकर्ता अपने दावों पर कायम है। मामले का अंतिम फैसला अदालत में ही तय होगा।

चुनावी राज्यों में लड़खड़ा रही कांग्रेस? केरल से असम तक गुटबाजी ने बढ़ाई राहुल गांधी की टेंशन

आगामी विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस कई राज्यों में अंदरूनी कलह और नेतृत्व को लेकर उठते सवालों से जूझती नजर आ रही है। केरल, असम, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे अहम राज्यों में पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आया है, जिससे केंद्रीय नेतृत्व, खासकर Rahul Gandhi की चिंताएं बढ़ गई हैं।

केरल: मणिशंकर अय्यर के बयान से बढ़ा असहजता का माहौल

केरल में वरिष्ठ कांग्रेस नेता Mani Shankar Aiyar के एक बयान ने पार्टी को असहज कर दिया है। अय्यर ने भविष्यवाणी की कि मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan के नेतृत्व वाली सरकार लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी कर सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि एक गांधीवादी होने के नाते वे सच बोलने के लिए बाध्य हैं, भले ही वे एक कांग्रेसी के रूप में UDF की जीत चाहते हों। गौरतलब है कि 2021 में विजयन के नेतृत्व में वाम मोर्चा दोबारा सत्ता में लौटा था, जबकि परंपरागत रूप से राज्य में हर पांच साल में सत्ता परिवर्तन होता रहा है। अय्यर के बयान को कांग्रेस की चुनावी रणनीति के लिए झटका माना जा रहा है।

असम: इस्तीफे से उजागर हुआ आंतरिक असंतोष

असम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Bhupen Kumar Borah के इस्तीफे और फिर वापसी ने संगठन में चल रहे मतभेदों को उजागर कर दिया। बोरा ने पार्टी अध्यक्ष Mallikarjun Kharge को इस्तीफा भेजते हुए आरोप लगाया था कि राज्य इकाई में उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है।

हालांकि केंद्रीय नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद उन्होंने इस्तीफा वापस ले लिया। असम में कांग्रेस पहले से ही मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के सामने कमजोर स्थिति में है। ऐसे में आंतरिक खींचतान ने पार्टी की चुनौतियां और बढ़ा दी हैं।

तमिलनाडु: गठबंधन में खटास?

तमिलनाडु में कांग्रेस और सत्तारूढ़ Dravida Munnetra Kazhagam के बीच तालमेल को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री M. K. Stalin ने साफ किया है कि चुनाव के बाद सत्ता साझेदारी की कोई व्यवस्था नहीं होगी।

सीट बंटवारे और सरकार में हिस्सेदारी की मांग को लेकर दोनों दलों के बीच मतभेद सामने आए हैं। कांग्रेस नेता Manickam Tagore ने गठबंधन बनाए रखने की वकालत की है, लेकिन राज्य में बदलते राजनीतिक समीकरणों और नए दलों के उभार ने स्थिति को जटिल बना दिया है।

पश्चिम बंगाल: ‘एकला चलो’ की रणनीति

पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और All India Trinamool Congress के बीच दूरी बढ़ती दिख रही है। मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने आगामी विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान किया है। जवाब में कांग्रेस ने भी सभी सीटों पर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का संकेत दिया है।

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राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकता की बात करने वाले दलों के बीच राज्य स्तर पर तालमेल न बन पाना विपक्षी रणनीति पर सवाल खड़े कर रहा है।

भाजपा का हमला

इन घटनाक्रमों पर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि जब पार्टी के वरिष्ठ नेता ही नेतृत्व को लेकर सवाल उठा रहे हैं, तो जनता के बीच संदेश नकारात्मक जाएगा।

Aaj Ka Rashifal 17 February 2026: सूर्य ग्रहण का प्रभाव, जानें मेष से मीन तक कैसा रहेगा दिन

Aaj Ka Rashifal 17 February 2026: 17 फरवरी 2026, मंगलवार को ग्रह-नक्षत्रों की विशेष स्थिति बन रही है। आज कुंभ राशि में वलयाकार सूर्य ग्रहण लग रहा है, हालांकि भारत में यह मान्य नहीं होगा। वर्तमान में गुरु मिथुन राशि में, केतु सिंह राशि में, मंगल और चंद्रमा मकर राशि में स्थित हैं। दोपहर बाद चंद्रमा कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे, जहां सूर्य, बुध, शुक्र और राहु के साथ युति बनाएंगे। वहीं शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। ग्रहों की इसी चाल के आधार पर प्रस्तुत है आज का राशिफल—

मेष राशि

आय के नए स्रोत खुल सकते हैं, लेकिन गलत रास्तों से बचना जरूरी होगा। यात्रा कष्टदायक लेकिन लाभकारी रह सकती है। किसी भ्रामक सूचना से मन परेशान हो सकता है। प्रेम और संतान पक्ष सामान्य रहेगा। मानसिक तनाव संभव है। व्यापार अनुकूल रहेगा। काली वस्तु का दान शुभ रहेगा।

वृषभ राशि

कारोबार में शॉर्टकट अपनाने से बचें। कानूनी मामलों से दूरी रखें। पिता के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें। प्रोफेशनल जीवन में हल्की बाधाएं आ सकती हैं। प्रेम और संतान पक्ष मध्यम रहेगा। हरी वस्तु पास रखना लाभकारी होगा।

मिथुन राशि

सम्मान को लेकर चिंता बनी रह सकती है। फिलहाल लंबी यात्रा टालना बेहतर रहेगा। स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। प्रेम और संतान पक्ष में भी उतार-चढ़ाव संभव है। व्यापार सामान्य रहेगा। देवी काली की आराधना शुभ रहेगी।

कर्क राशि

दिन थोड़ा सावधानी भरा है। चोट या दुर्घटना की आशंका है, इसलिए सतर्क रहें। स्वास्थ्य कमजोर दिख रहा है। हालांकि प्रेम, संतान और व्यापार की स्थिति ठीक रहेगी। काली वस्तु का दान करना लाभकारी होगा।

सिंह राशि

स्वास्थ्य और जीवनसाथी की सेहत पर ध्यान देने की जरूरत है। नौकरीपेशा लोगों को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। प्रेम संबंधों में असहज स्थिति बन सकती है। व्यापार सामान्य रहेगा। काली वस्तु का दान शुभ रहेगा।

कन्या राशि

स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। विरोधियों पर बढ़त रहेगी, लेकिन विरोधियों की संख्या बढ़ सकती है। प्रेम और संतान पक्ष सामान्य रहेगा। व्यापार स्थिर रहेगा। शनिदेव की पूजा करना लाभकारी होगा।

तुला राशि

मानसिक दबाव बना रह सकता है, खासकर संतान और प्रेम संबंधों को लेकर। निर्णय क्षमता प्रभावित हो सकती है, इसलिए बड़े फैसले टालें। व्यापार सुचारू रूप से चलता रहेगा। शनिदेव का स्मरण शुभ रहेगा।

वृश्चिक राशि

घरेलू विवाद बढ़ सकते हैं। शांति और संयम से काम लें। स्वयं और माता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। प्रेम, संतान और व्यापार पक्ष अच्छा रहेगा। पीली वस्तु पास रखें तथा काली वस्तु का दान करें।

धनु राशि

नाक, कान और गले से जुड़ी परेशानी हो सकती है। व्यापार में उतार-चढ़ाव रहेगा। प्रेम और संतान पक्ष अनुकूल है। स्वास्थ्य और आर्थिक मामलों में सावधानी रखें। काली वस्तु का दान लाभकारी होगा।

मकर राशि

वाणी पर संयम रखें। धन हानि के संकेत हैं, इसलिए निवेश से बचें। मुख रोग की संभावना है। प्रेम, संतान और व्यापार की स्थिति सामान्य रहेगी। काली वस्तु का दान शुभ रहेगा।

कुंभ राशि

घबराहट और मानसिक अशांति रह सकती है। हालांकि प्रेम, संतान और व्यापार ठीक रहेंगे, फिर भी एक प्रकार की बेचैनी बनी रह सकती है। हरी वस्तु पास रखना लाभकारी होगा।

मीन राशि

सिरदर्द, आंखों में तकलीफ और अनजाना भय परेशान कर सकता है। साझेदारी में दिक्कतें आ सकती हैं। खर्चों में वृद्धि होगी। व्यापार भी प्रभावित हो सकता है। काली वस्तु का दान करें और शिवजी का जलाभिषेक करना शुभ रहेगा।

यूपी में न दंगा न कर्फ्यू, सब चंगा: विधान परिषद में सीएम योगी का विपक्ष पर हमला

उत्तर प्रदेश विधान परिषद में सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के अभिभाषण पर अपने विचार व्यक्त किए| इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने प्रदेश को अराजकता अव्यवस्था का गढ़ बना दिया था| उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश अराजकता और अव्यवस्था का गढ़ बन चुका था, लेकिन अब “डबल इंजन सरकार” की नीतियों के चलते उत्तर प्रदेश बीमारू छवि से बाहर निकलकर विकास के नए चरण में पहुंचा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश में “वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया” जैसी स्थिति थी और अपराधी समानांतर सरकार चलाते थे। अब “रूल ऑफ लॉ” स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा, “यूपी में न दंगा, न कर्फ्यू… अब सब चंगा है।”

‘फियर जोन से फेथ जोन’ बना यूपी

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश अब “फियर जोन” से “फेथ जोन” में बदल चुका है। उन्होंने दावा किया कि पहले कर्फ्यू कल्चर था, जबकि अब जीरो टॉलरेंस नीति लागू है। धार्मिक आयोजनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में “फेस्टिव और टेंपल इकोनॉमी” तेजी से बढ़ रही है।

उन्होंने प्रयागराज के माघ मेले का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले जहां सीमित संख्या में श्रद्धालु आते थे, वहीं अब करोड़ों लोग पहुंच रहे हैं क्योंकि उन्हें सुरक्षा और व्यवस्था पर भरोसा है।

पुलिस भर्ती और महिला सशक्तिकरण पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद से पुलिस में 2.19 लाख भर्तियां निकाली गईं, जिनमें 20 प्रतिशत महिलाएं हैं। उन्होंने बताया कि 2017 में यूपी पुलिस में लगभग 10 हजार महिला कर्मी थीं, जो अब बढ़कर 44 हजार से अधिक हो चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में फॉरेंसिक लैब की संख्या दो थी, जो अब बढ़कर 12 हो चुकी है और छह अन्य निर्माणाधीन हैं। सभी 75 जिलों में फॉरेंसिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

पीएसी के संबंध में उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में इसे कमजोर किया गया था, जबकि अब 34 वाहिनियां कार्यरत हैं, जिनमें तीन नई महिला बटालियन—उदा देवी, झलकारी बाई और अवंती बाई—शामिल हैं।

राष्ट्रवाद और विपक्ष पर हमला

सीएम योगी ने प्रधानमंत्री Narendra Modi का आभार जताते हुए कहा कि वंदे मातरम् राष्ट्र की आन-बान-शान का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि Samajwadi Party के कुछ सदस्य राष्ट्रगीत का सम्मान नहीं करते, जो संविधान और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का अपमान है।

राम मंदिर और काशी विश्वनाथ का जिक्र करते हुए उन्होंने विपक्ष पर विरोध की राजनीति करने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि उनकी सरकार ने बहराइच में महाराजा सुहेलदेव के नाम पर स्मारक का निर्माण कराया है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में दोहराया कि राज्य सरकार कानून-व्यवस्था, विकास और सुशासन के एजेंडे पर प्रतिबद्धता से काम कर रही है।

भाजपा की सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ? सपा मुखिया अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग और भाजपा पर बोला जोरदार हमला

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सोमवार को लखनऊ  में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग (Election Commission of India) और भाजपा (Bharatiya Janata Party) पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि जहां-जहां समाजवादी पार्टी को जीत मिली थी, वहां सुनियोजित तरीके से मतदाता सूची से नाम कटवाए जा रहे हैं।

फर्जी फॉर्म-7 के जरिए नाम कटवाने का आरोप

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि फर्जी हस्ताक्षरों के माध्यम से बड़ी संख्या में फॉर्म-7 भरकर सैकड़ों मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के बीएलओ तक के नाम सूची से हटा दिए गए। औरैया के विधुना क्षेत्र का उदाहरण देते हुए उन्होंने दावा किया कि वहां एक बीएलओ द्वारा 126 वोट कटवाए गए। इसके अलावा एक विधायक की पत्नी और अयोध्या में कई मतदाताओं के नाम हटाए जाने की बात भी उन्होंने कही।

उन्होंने आरोप लगाया कि “अज्ञात” लोगों द्वारा एक लाख से अधिक फॉर्म-7 भरे गए, जबकि समाजवादी पार्टी की ओर से केवल 47 फॉर्म-7 दाखिल किए गए। उनका कहना था कि यह पूरी प्रक्रिया संदिग्ध है और इससे निष्पक्ष चुनाव पर सवाल खड़े होते हैं।

आयोग पर उठाए सवाल, कोर्ट जाने के संकेत

सपा प्रमुख ने कहा कि चुनाव आयोग ने विपक्ष को अनावश्यक कार्यों में उलझा दिया है। उन्होंने सवाल किया कि जब उनके ही नगर अध्यक्ष के हस्ताक्षर से उनके समर्थक का वोट काट दिया गया, तो यह कैसे संभव हुआ। उन्होंने संकेत दिए कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो अदालत का दरवाजा खटखटाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। साथ ही बताया कि सपा विधायक चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखेंगे।

मुख्यमंत्री पर साधा निशाना

अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री Yogi Adityanath पर भी परोक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि यादव और मुस्लिम समुदाय के मतदाताओं के नाम अधिक संख्या में हटाए गए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए मुख्यमंत्री के भाषण को “अमृतवाणी” बताया।

सामाजिक न्याय और जातीय जनगणना की मांग

प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने जातीय जनगणना की मांग दोहराई और कहा कि आबादी के अनुपात में सभी को अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाकर “सामाजिक न्याय का राज” स्थापित करना चाहती है।

इसके अलावा उन्होंने नोटबंदी, किसान आंदोलन और निवेश जैसे मुद्दों पर भी भाजपा सरकार की नीतियों की आलोचना की। शंकराचार्य के संदर्भ में उन्होंने कहा कि धार्मिक पदों का सम्मान होना चाहिए और जो लोग प्रमाण मांग रहे हैं, उन्हें पहले स्वयं पारदर्शिता दिखानी चाहिए।

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव जीतने में असफल रहने के कारण मतदाता सूची में हेरफेर कर रही है और बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।

जेल से रिहा होंगे राजपाल यादव, इतने करोड़ रुपये जमा करने के बाद मिली राहत

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव आठ दिन बाद तिहाड़ जेल से बाहर आएंगे। दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया है। जमानत से पहले अभिनेता ने अदालत के निर्देश पर मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को 1.5 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट सौंपा। इससे पहले भी इस मामले में रकम जमा की जा चुकी है।

अभिनेता के वकील ने 12 फरवरी को जानकारी दी थी कि मूल रूप से यह मामला 5 करोड़ रुपये का था, जो अब बढ़कर 11 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। अब तक कुल 2.5 करोड़ रुपये जमा किए जा चुके हैं, जिनमें से करीब 1 करोड़ रुपये पहले रजिस्ट्री में जमा किए गए थे।

सुनवाई के दौरान क्या हुआ?

दोपहर करीब 2 बजे: सुनवाई शुरू हुई। अभिनेता की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल बिना किसी शर्त के फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद (FDR) के माध्यम से 1.5 करोड़ रुपये जमा करने के लिए तैयार हैं।

अदालत की टिप्पणी: जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने स्पष्ट किया कि भुगतान डिमांड ड्राफ्ट के जरिए ही किया जाना है। कोर्ट ने यह भी दर्ज किया कि 25 लाख रुपये का एक डिमांड ड्राफ्ट पहले से प्रतिवादी के नाम पर मौजूद है और 75 लाख रुपये का एक अन्य डीडी भी पूर्व में जमा किया जा चुका है।

कोर्ट की शर्त: अदालत ने कहा कि यदि दोपहर 3 बजे तक 1.5 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा कर दिया जाता है, तो जमानत दे दी जाएगी, अन्यथा अगले दिन सुनवाई होगी।

यह भी पढ़े:- तीसरी बार IAS अधिकारी बने अवि प्रसाद, इस बार भी कलेक्टर से रचाई शादी

शाम 3 बजे के बाद: निर्धारित समय पर रकम जमा किए जाने के बाद अदालत ने अभिनेता को जमानत दे दी। मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को तय की गई है।

इस फैसले के बाद राजपाल यादव के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।

तीसरी बार IAS अधिकारी बने अवि प्रसाद, इस बार भी कलेक्टर से रचाई शादी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य प्रदेश कैडर के सीनियर IAS अधिकारी अवि प्रसाद ने अपनी तीसरी शादी कर ली है। इस बार उनकी जीवनसंगिनी 2017 बैच की IAS अधिकारी अंकिता धाकरे हैं। दोनों ने 11 फरवरी को कुनो नेशनल पार्क में शादी की। शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं और प्रशासनिक व राजनीतिक गलियारों में इस पर चर्चा भी शुरू हो गई है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी तरह उनका व्यक्तिगत फैसला है।

आईपीएस से IAS तक का सफर और राजनीतिक पृष्ठभूमि

अवि प्रसाद 2014 बैच के IAS अधिकारी हैं। इससे पहले 2013 में उन्होंने UPPSC की परीक्षा पास कर आईपीएस में चयन पाया था, लेकिन अगले साल ऑल इंडिया रैंक 13 हासिल कर IAS सेवा जॉइन की। वे उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से आते हैं और एक राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके दादा तम्बेश्वर प्रसाद उर्फ़ बच्चा बाबू पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की सरकार में मंत्री रह चुके थे।

तीनों पत्नियां IAS अधिकारी

अवि प्रसाद की यह तीसरी शादी है और दिलचस्प बात यह है कि उनकी तीनों पत्नियां IAS अधिकारी रही हैं। उनकी पहली शादी रिजू बाफना से हुई थी, जो वर्तमान में मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले की कलेक्टर हैं। दोनों की मुलाकात दिल्ली में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान हुई थी, लेकिन बाद में उनका तलाक हो गया।

इसके बाद अवि प्रसाद ने 2016 बैच की IAS अधिकारी मिशा सिंह से शादी की। मिशा सिंह का कैडर मध्य प्रदेश में ट्रांसफर हुआ, लेकिन चार साल बाद यह रिश्ता भी समाप्त हो गया। फिलहाल मिशा सिंह रतलाम जिले की कलेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।

प्रशासनिक करियर और उपलब्धियां

अवि प्रसाद ने अपने प्रशासनिक करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। वे विभिन्न जिलों में जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर के रूप में तैनात रहे हैं। कटनी जिले में कलेक्टर रहते हुए उन्होंने कुपोषण के खिलाफ कई पहलों की शुरुआत की थी, जिसे काफी सराहा गया। वर्तमान में वे मध्य प्रदेश रोजगार गारंटी परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।

यूपी: लखनऊ, मेरठ, अयोध्या समेत 18 जिला अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़ :-उत्तर प्रदेश में 18 जिलों की जिला अदालतों को बम धमकी मिलने के बाद प्रशासन अलर्ट मोड़ पर आ गया है। धमकी ई-मेल के जरिए भेजी गई थी, जिसमें मेरठ, लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, आजमगढ़, अमरोहा समेत अन्य जिलों की अदालतों को निशाना बनाया गया।

सूचना मिलते ही सघन सुरक्षा अभियान शुरू कर दिया गया। अदालत परिसरों में तलाशी अभियान चलाया गया और बम निरोधक दस्तों के साथ-साथ डॉग स्क्वायड को भी मौके पर तैनात किया गया।

पुलिस ई-मेल भेजने वाले की पहचान कर रही है और मामले की जांच जारी है। यह धमकी दो दिन पहले भी अदालतों को दी गई थी, जिसके बाद सुरक्षा उपाय और भी कड़े कर दिए गए हैं।

अधिकारियों का कहना है कि अदालत परिसरों में जनता और कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी जिलों में अलर्ट जारी है।

सोना हुआ सस्ता, चांदी में भारी गिरावट: जानें नए भाव

सोमवार, 16 फरवरी को सुबह के कारोबार में कीमती धातुओं के बाजार में कमजोरी देखने को मिली। एमसीएक्स पर सोने की कीमतों में करीब 1% की गिरावट आई। विशेषज्ञों के अनुसार यह निवेशकों द्वारा मुनाफा निकालने का असर है, क्योंकि पिछले सत्र में सोने की कीमतों में लगभग 2% की तेजी दर्ज हुई थी।

इस दौरान अमेरिकी डॉलर में मजबूती का भी असर देखा गया, जिससे सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बना। एमसीएक्स पर अप्रैल डिलीवरी वाले सोने का भाव 1,54,743 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा। वहीं, चांदी के मार्च वायदा में 3% से अधिक की गिरावट आई और यह 2,36,100 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।

डॉलर मजबूती और सोने-चांदी पर असर

डॉलर इंडेक्स में 0.10% की बढ़त हुई और यह 97 के स्तर पर पहुंच गया। डॉलर की मजबूती से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना महंगा हो गया, जिससे विदेशी मुद्रा वाले निवेशकों की मांग प्रभावित हुई।

यह तेजी अमेरिका में जनवरी के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़ों के बाद आई। जनवरी में महंगाई दर सालाना आधार पर 2.4% पर आ गई, जो दिसंबर में 2.7% थी। बाजार का मानना है कि फेडरल रिजर्व इस साल के दूसरे भाग में कम से कम दो बार ब्याज दरों में कटौती कर सकता है।

चांदी में सबसे ज्यादा गिरावट

सोमवार को चांदी के भाव में तेज गिरावट देखी गई। एमसीएक्स पर चांदी 3.3% टूटकर 2,36,100 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर 0.6% गिरकर 76.92 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। शुक्रवार को इसमें 3% की तेजी देखी गई थी।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की चमक फीकी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतें कमजोर रही। स्पॉट गोल्ड 0.4% गिरकर 5,020.10 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। अमेरिकी गोल्ड वायदा (अप्रैल डिलीवरी) में भी 0.1% की गिरावट दर्ज हुई और यह 5,039.50 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ।

यह भी पढ़े:- साली ने ठुकराई शादी तो देवर ने भाभी की हत्या

अन्य कीमती धातुओं में भी गिरावट रही। स्पॉट प्लैटिनम 0.4% फिसलकर 2,054.35 डॉलर प्रति औंस पर गया, जबकि पैलेडियम में हल्की बढ़त देखी गई और यह 1,692.23 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा।

साली ने ठुकराई शादी तो देवर ने भाभी की हत्या

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। नौहझील थाना क्षेत्र के कटैलिया गांव में रविवार सुबह पारिवारिक विवाद ने खूनी रूप ले लिया। शादी से इनकार को लेकर नाराज युवक ने अपनी भाभी की कथित तौर पर धारदार ब्लेड से हत्या कर दी और बाद में खुद पर भी हमला कर लिया।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, कटैलिया निवासी 23 वर्षीय दीपक के बड़े भाई प्रमोद की शादी करीब तीन माह पहले आगरा के सामूहिक विवाह समारोह में करिश्मा (22) से हुई थी। करिश्मा नंदलालपुर, थाना खंदौली क्षेत्र की रहने वाली थीं।

बताया जा रहा है कि दीपक की शादी की बातचीत करिश्मा की बहन से चल रही थी, लेकिन युवती ने रिश्ता ठुकरा दिया। इसी बात को लेकर दीपक अपनी भाभी को जिम्मेदार मानता था और दोनों के बीच अक्सर कहासुनी होती रहती थी।

रविवार सुबह करीब आठ बजे एक बार फिर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि गुस्से में आकर दीपक ने भाभी पर धारदार ब्लेड से हमला कर दिया। घटना के बाद उसने स्वयं को भी घायल कर लिया। चीख-पुकार सुनकर परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे तो दोनों खून से लथपथ मिले।

अस्पताल ले जाते समय खुला मामला

परिजन दोनों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौहझील ले गए, जहां चिकित्सकों ने करिश्मा को मृत घोषित कर दिया। वहीं दीपक की हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल और बाद में आगरा रेफर किया गया।

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अस्पताल से सूचना मिलने के बाद पुलिस हरकत में आई। मौके पर पहुंची टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कमरे में मौजूद कुछ सामान हटाया गया था और खून के निशान मिटाने की कोशिश की गई थी। पास के चूल्हे से एक धारदार ब्लेड बरामद हुआ है, जिसे हमले में प्रयुक्त किए जाने की आशंका है।

जांच जारी

पुलिस ने मृतका के परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की गहन जांच के निर्देश दिए हैं।

यह घटना एक बार फिर पारिवारिक विवादों के गंभीर परिणामों की ओर इशारा करती है। पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है और आरोपी की हालत में सुधार होने पर उससे पूछताछ की जाएगी।