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यूपी में शिक्षामित्रों की ग्राम पंचायत तैनाती कब? मंत्री संदीप सिंह ने दिया जवाब

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र के दौरान शिक्षामित्रों के मानदेय और गृह जिले की ग्राम पंचायत में तैनाती का मुद्दा जोरदार ढंग से उठा। समाजवादी पार्टी के विधायक ओम प्रकाश ने यह मामला सदन में उठाते हुए सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा।

जवाब में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शिक्षामित्रों को उनके गृह जिलों की ग्राम पंचायतों में तैनाती के लिए मुक्त कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि तैनाती से संबंधित आदेश पहले ही जारी हो चुके हैं, लेकिन एसआईआर के कारण फिलहाल रिलीविंग नहीं हो पा रही है।

मानदेय और भर्ती को लेकर उठे सवाल

सपा विधायक ओम प्रकाश ने कहा कि शिक्षामित्रों की भर्ती सरकार की गाइडलाइन के तहत हुई थी, लेकिन वर्तमान में उनकी स्थिति दयनीय है। उन्होंने बताया कि जहां नियमित अध्यापकों को 80 हजार से एक लाख रुपये तक वेतन मिल रहा है, वहीं शिक्षामित्रों को मात्र 10 हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि लगभग 37 हजार शिक्षामित्र टीईटी पास हैं, फिर भी उन्हें 68,500 और 69,000 शिक्षक भर्ती प्रक्रियाओं में शामिल नहीं किया गया। प्रदेश में शिक्षामित्रों की संख्या करीब 1.37 लाख बताई गई।

कैशलेस इलाज और मानदेय पर सरकार का पक्ष

मंत्री संदीप सिंह ने सदन में बताया कि शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और शिक्षकों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा का आदेश जारी किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में शिक्षामित्रों का मानदेय 3500 रुपये था, जिसे बढ़ाकर 10 हजार रुपये किया गया है। आगे भी परिस्थितियों के अनुसार बेहतर निर्णय लिए जाएंगे।

मंत्री के जवाब पर सपा सदस्यों ने कहा कि उनकी सरकार के दौरान शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बनाकर करीब 40 हजार रुपये वेतन दिया गया था।

विधान परिषद में निजीकरण पर सपा-भाजपा में नोकझोंक

इसी बीच विधान परिषद में निजीकरण और आउटसोर्सिंग के मुद्दे पर सपा और भाजपा सदस्यों के बीच तीखी बहस हुई। सपा सदस्यों ने आरोप लगाया कि सरकार विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने के बजाय आउटसोर्सिंग के जरिए भर्तियां कर रही है, जिससे आरक्षण व्यवस्था प्रभावित होती है।

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नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव सहित कई सदस्यों ने काम रोको प्रस्ताव के तहत मुद्दा उठाया। हंगामे के बीच सपा सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन कर गए। विधानसभा और परिषद दोनों सदनों में शिक्षामित्रों और निजीकरण का मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बना रहा|

मथुरा में बाबा रामदेव का बयान: ‘राम-कृष्ण का है देश, बाबर की बात करने वाले बर्बाद होंगे’

मथुरा/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित रमणरेती आश्रम में आयोजित कार्ष्णि गोपाल जयंती के 95वें वार्षिक महोत्सव में योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि भारत भगवान राम, कृष्ण और हनुमान का देश है। उन्होंने कहा कि “यह बाबर का देश नहीं है, जो बाबर की बात करेगा वह बर्बाद हो जाएगा।”

महावन क्षेत्र में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में देशभर से संत-महात्मा और हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान बाबा रामदेव ने योग शिविर का संचालन करते हुए योग के शारीरिक और मानसिक लाभों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से शरीर निरोग रहता है और मानसिक शांति प्राप्त होती है।

समसामयिक मुद्दों पर भी बोले

अपने संबोधन में बाबा रामदेव ने विभिन्न समसामयिक विषयों पर भी विचार व्यक्त किए। बंगाल से जुड़े एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने उपरोक्त टिप्पणी की। साथ ही उन्होंने प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए संत समाज से आपसी मतभेदों से दूर रहने की अपील की।

संतों ने भी दिए प्रवचन

महोत्सव में मलूक पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र दास महाराज ने रमणरेती की महिमा का वर्णन करते हुए इसे ‘कलयुग में स्वर्ग का द्वार’ बताया। उन्होंने कहा कि यह भूमि भक्ति और साधना का प्रमुख केंद्र है।

प्रसिद्ध कथावाचक रमेश भाई ओझा ने ‘नवधा भक्ति’ पर प्रवचन देते हुए रामचरितमानस और श्रीमद्भागवत में वर्णित भक्ति के नौ रूपों की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि भक्ति के ये स्वरूप मानव जीवन को आध्यात्मिक दिशा प्रदान करते हैं।

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कार्यक्रम में स्वामी ज्ञानानंद महाराज, कार्ष्णि सुमेधानंद, कार्ष्णि बृजानंद, स्वामी विश्ववेशरानंद, कार्ष्णि गोविंदानंद, कार्ष्णि हरदेवानंद, कार्ष्णि श्याम सुंदर महाराज, कार्ष्णि नागेंद्र महाराज और आचार्य अशोक जोशी सहित अनेक संतों ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। भव्य आयोजन के साथ रमणरेती आश्रम एक बार फिर भक्ति, योग और सनातन परंपरा के प्रमुख केंद्र के रूप में चर्चा में रहा।

कौन हैं प्रोफेसर नेहा सिंह? चीनी रोबोट विवाद के बाद चर्चा में आईं गलगोटिया यूनिवर्सिटी की फैकल्टी

ग्रेटर नोएडा/सर्वोदय न्यूज़:- गलगोटिया यूनिवर्सिटी से जुड़ा रोबोट डॉग विवाद इन दिनों सुर्खियों में है। दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान यूनिवर्सिटी द्वारा प्रदर्शित रोबोडॉग को लेकर उठे सवालों के बीच प्रोफेसर नेहा सिंह का नाम चर्चा के केंद्र में आ गया है।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

समिट में एक इंटरव्यू के दौरान प्रोफेसर ने रोबोडॉग को यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित बताया। बाद में सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि यह रोबोट चीन की कंपनी Unitree Robotics का कमर्शियल मॉडल है। इसके बाद वीडियो वायरल हुआ और यूनिवर्सिटी की किरकिरी होने लगी।

बताया गया कि एक अन्य वीडियो में सॉकर ड्रोन को भी यूनिवर्सिटी में निर्मित बताया गया, जबकि वह विदेशी उत्पाद जैसा निकला। विवाद बढ़ने पर यूनिवर्सिटी ने बयान जारी कर इसे ‘कन्फ्यूजन’ करार दिया और गलत जानकारी देने की जिम्मेदारी प्रतिनिधि स्तर की त्रुटि बताई।

कौन हैं प्रोफेसर नेहा सिंह?

प्रोफेसर नेहा सिंह, गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में कम्युनिकेशंस की फैकल्टी मेंबर हैं। नवंबर 2023 में यूनिवर्सिटी जॉइन करने से पहले वह ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत थीं। इसके अलावा, उन्होंने करियर लॉन्चर में वर्बल एबिलिटी मेंटर की भूमिका भी निभाई है।

उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से वर्ष 2006 में एमबीए किया। इससे पहले उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बी.कॉम की डिग्री हासिल की। अपने करियर के शुरुआती चरण में वह GITAM University से भी जुड़ी रही हैं।

ट्रोलिंग के बाद दी सफाई

सोशल मीडिया पर विवाद बढ़ने के बाद प्रोफेसर ने सफाई देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य रोबोडॉग को ‘मेड इन इंडिया’ बताना नहीं था, बल्कि संप्रेषण में स्पष्टता की कमी रह गई। उन्होंने कहा कि कैमरे के सामने जल्दबाजी और उत्साह में बात पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई।

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वहीं, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आधिकारिक बयान जारी कर माफी मांगते हुए कहा कि संबंधित प्रतिनिधि को प्रोडक्ट के टेक्निकल ओरिजिन की पूरी जानकारी नहीं थी और संस्थान का किसी भी प्रकार से गलत दावे का इरादा नहीं था। फिलहाल यह मामला तकनीकी नवाचार, पारदर्शिता और संस्थागत जवाबदेही को लेकर व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है।

चुनाव में गठबंधन की खबरें ‘फेक न्यूज़’: मायावती का ऐलान, 2027 में बसपा अकेले लड़ेगी चुनाव

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर चल रही सियासी अटकलों के बीच मायावती ने गठबंधन की खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया और मीडिया के कुछ हिस्सों में चल रही चर्चाओं को ‘फेक न्यूज़’ और साजिश करार दिया।

बसपा सुप्रीमो ने स्पष्ट कहा कि बहुजन समाज पार्टी 2027 का विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़ेगी और पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे किसी भी भ्रामक खबर पर ध्यान न दें और संगठन को मजबूत करने में जुटे रहें।

गठबंधन से बसपा को हुआ नुकसान

मायावती ने कहा कि पूर्व में सपा, कांग्रेस और भाजपा जैसी पार्टियों के साथ गठबंधन का अनुभव बसपा के लिए लाभकारी नहीं रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि गठबंधन के दौरान बसपा का वोट अन्य दलों को ट्रांसफर हुआ, लेकिन उनके वोट बसपा को नहीं मिले, जिससे पार्टी को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा।

उन्होंने कहा कि इन दलों की विचारधारा डॉ. भीमराव आंबेडकर की सोच से मेल नहीं खाती। ऐसे में पार्टी ने तय किया है कि वह ‘हाथी की मस्त चाल’ के साथ अकेले चुनावी मैदान में उतरेगी।

दिल्ली में टाइप-8 बंगले पर दी सफाई

दिल्ली में केंद्र सरकार द्वारा टाइप-8 बंगला आवंटित किए जाने को लेकर उठे सवालों पर भी मायावती ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह आवंटन किया गया है। इससे पहले भी उन्हें इसी श्रेणी का बंगला मिलता रहा है।

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मायावती ने 2 जून 1995 को लखनऊ स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि उस घटना के बाद से उन्हें विशेष सुरक्षा प्रदान की गई है। वर्तमान में सुरक्षा कारणों से ही नया बंगला स्वीकार किया गया है और इसे लेकर फैलाई जा रही खबरें भ्रामक हैं।

उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, विरोधी दल बसपा को कमजोर करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाएंगे। ऐसे में आंबेडकरवादी विचारधारा से जुड़े लोगों को सतर्क और संगठित रहने की जरूरत है।

चीन से मंगाए ‘रोबोट डॉग’ पर विवाद, गलगोटिया यूनिवर्सिटी को AI समिट से स्टॉल हटाने का निर्देश

ग्रेटर नोएडा। गलगोटिया यूनिवर्सिटी एक बार फिर विवादों में है। ‘ओरियन’ नाम से प्रदर्शित रोबोटिक डॉग को लेकर शुरू हुआ विवाद अब और गहरा गया है। ताजा घटनाक्रम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के आयोजकों ने दावों में कथित गड़बड़ी और सोशल मीडिया पर उठे सवालों के बाद यूनिवर्सिटी को एक्सपो वेन्यू खाली करने का निर्देश दिया है। समिट का आयोजन राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में हो रहा है।

क्या है विवाद की जड़?

समिट के दौरान यूनिवर्सिटी के स्टॉल पर चीन निर्मित ‘Unitree Go2’ रोबोट को ‘ओरियन’ नाम से पेश किया गया। उपस्थित विशेषज्ञों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने इसकी प्रामाणिकता पर सवाल उठाए। आरोप है कि एक कमर्शियल प्रोडक्ट को ‘इन-हाउस इनोवेशन’ के रूप में प्रस्तुत किया गया, जो एक्सपो के नियमों के विपरीत है।

विवाद बढ़ने के बाद आयोजकों ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रदर्शन रोकने और स्टॉल हटाने को कहा। सूत्रों का कहना है कि आयोजक किसी भी संभावित बौद्धिक संपदा विवाद या भ्रामक दावों से दूरी बनाए रखना चाहते थे।

सोशल मीडिया और फैक्ट-चेक से बढ़ा दबाव

यूनिवर्सिटी ने सफाई दी कि रोबोट को उनका आविष्कार नहीं बताया गया, बल्कि इसे छात्रों के लिए ‘लर्निंग टूल’ के तौर पर लाया गया था। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में प्रतिनिधि को इसे संस्थान के ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ द्वारा विकसित बताया जाता सुना गया।

बताया जा रहा है कि संबंधित रोबोट चीन की कंपनी Unitree Robotics का ‘Go2’ मॉडल है, जिसकी कीमत लगभग 2 से 3 लाख रुपये बताई जाती है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कम्युनिटी नोट में भी दावे को भ्रामक बताया गया, जिससे आयोजकों पर कार्रवाई का दबाव बढ़ा।

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फिलहाल यूनिवर्सिटी की ओर से एक्सपो खाली करने के निर्देश पर कोई नई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। संस्थान अपने रुख पर कायम है कि उद्देश्य केवल छात्रों को उन्नत तकनीक से परिचित कराना था। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि यदि इसे थर्ड-पार्टी उत्पाद के रूप में स्पष्ट रूप से पेश किया जाता, तो विवाद से बचा जा सकता था।

गुजरात से सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे अयोध्या, राम मंदिर निर्माण को बताया ऐतिहासिक

अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़:- धर्मनगरी अयोध्या में गुजरात से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। श्रद्धालुओं ने राम मंदिर निर्माण को ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए इसे 500 वर्षों की आस्था और संघर्ष का परिणाम बताया।

भक्तों ने कहा कि वर्षों का लंबा इंतजार अब समाप्त हो चुका है और यह पल उनके लिए अत्यंत भावुक एवं गौरवपूर्ण है। उन्होंने बताया कि भव्य मंदिर के दर्शन कर उन्हें आध्यात्मिक शांति और संतोष की अनुभूति हुई।

कथा व्यास रमन भाई शास्त्री ने बताया कि उनका संकल्प था कि प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बनने के बाद वे अपने समूह के साथ अयोध्या आकर दर्शन करेंगे और भागवत कथा का आयोजन करेंगे। उन्होंने कहा, “प्रभु का मंदिर बन गया, हमारी आस्था पूर्ण हुई। अब हम सभी यहां आशीर्वाद लेने पहुंचे हैं।”

अयोध्या के विकास पर उन्होंने कहा कि रामनगरी में तेजी से परिवर्तन देखने को मिल रहा है। बेहतर सड़कें, स्वच्छता व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं इस बात का संकेत हैं कि सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर कार्य किया गया है। उन्होंने इस विकास का श्रेय योगी आदित्यनाथ और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को दिया।

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धार्मिक कार्यक्रम में आयोजनकर्ता मंसू भाई रामाणी, सह-आयोजक माथुरभाई, मुख्य यजमान हिम्मत भाई रायानी, नरेश भाई भलाणा तथा माथुर भाई सोहलिया सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

श्रद्धालुओं ने एक स्वर में कहा कि अयोध्या केवल एक तीर्थ स्थल ही नहीं, बल्कि करोड़ों राम भक्तों की आस्था का केंद्र है, जहां आकर उन्हें आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति का अनुभव हुआ।

रुदौली-मवई में ‘हमारा आंगन, हमारे बच्चे’ कार्यक्रम आयोजित, विधायक रामचंद्र यादव ने बांटी शैक्षिक सामग्री

रुदौली (अयोध्या)। बेसिक शिक्षा विभाग और बाल विकास पुष्टाहार विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ब्लॉक संसाधन केंद्र खैरनपुर परिसर में ‘हमारा आंगन, हमारे बच्चे’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रामचंद्र यादव रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया। कस्तूरबा आवासीय विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत और सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम को आकर्षक बना दिया।

इस अवसर पर विधायक रामचंद्र यादव ने कहा कि प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकारी विद्यालयों की छवि में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने बताया कि ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के माध्यम से विद्यालयों के आधारभूत ढांचे में सुधार हुआ है और आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया गया है।

विधायक ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और शिक्षिकाओं से आह्वान किया कि वे 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों की देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे ही देश का भविष्य हैं, इसलिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना समाज और शिक्षकों की साझा जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के दौरान विकासखंड रुदौली की 10 न्याय पंचायतों के 50 बच्चों को शैक्षिक सामग्री किट वितरित की गई।

इसी क्रम में मवई क्षेत्र की ग्राम पंचायत नेवरा में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां बच्चों को शैक्षिक सामग्री प्रदान की गई तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धति अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नीलमणि त्रिपाठी ने कहा कि विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति और रुचि बनाए रखने के लिए गतिविधि-आधारित शिक्षण को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने ‘निपुण भारत मिशन’ के उद्देश्यों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का संचालन रामकृष्ण गुप्ता ने किया, जबकि आभार ज्ञापन खंड शिक्षा अधिकारी रमाकांत राम ने व्यक्त किया।इस अवसर पर प्राथमिक शिक्षक संघ एवं जूनियर शिक्षक संघ के पदाधिकारी, शिक्षिकाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।

Aaj Ka Rashifal 18 February 2026: धनु राशि की आय में बढ़ोतरी के संकेत, मकर राशि को सतर्क रहने की जरूरत

Aaj Ka Rashifal 18 February 2026:- 18 फरवरी 2026, बुधवार का दिन ग्रह-नक्षत्रों की विशेष स्थिति के साथ आया है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज गुरु मिथुन राशि में, केतु सिंह में, मंगल मकर में, जबकि सूर्य, बुध, शुक्र, चंद्रमा और राहु कुंभ राशि में स्थित हैं। शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए दिन कैसा रहेगा।

मेष राशि

आज का दिन कुछ उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। आय में अस्थिरता बनी रहेगी। प्रेम और संतान पक्ष सामान्य रहेगा। कारोबार में स्थिति ठीक रहेगी, हालांकि मानसिक बेचैनी रह सकती है। काली वस्तु का दान लाभकारी रहेगा।

वृषभ राशि

व्यावसायिक जीवन में रुकावटें आ सकती हैं। कानूनी मामलों से दूरी बनाकर रखें। राजनीति से जुड़े लोगों को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। पारिवारिक और प्रेम संबंधों में सामान्य स्थिति रहेगी। हरे रंग की वस्तु पास रखना शुभ रहेगा।

मिथुन राशि

आज अपमान या आलोचना का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य थोड़ा प्रभावित रह सकता है। प्रेम और संतान पक्ष में भी सावधानी रखें। व्यापार सामान्य रहेगा। देवी उपासना से लाभ मिलेगा।

कर्क राशि

परिस्थितियां थोड़ी प्रतिकूल रह सकती हैं। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। पेट और पैरों से जुड़ी परेशानी हो सकती है। पिता के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। शनिदेव की आराधना से राहत मिलेगी।

सिंह राशि

स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन में तनाव संभव है। नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन मध्यम रहेगा। प्रेम संबंधों में सावधानी बरतें। व्यापारिक स्थिति सामान्य रहेगी। नीली या काली वस्तु का दान शुभ फल देगा।

कन्या राशि

विरोधियों पर आप प्रभाव बनाए रखेंगे, लेकिन प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है। स्वास्थ्य थोड़ा कमजोर रह सकता है। प्रेम और संतान पक्ष सामान्य रहेगा। हरे रंग की वस्तु रखना लाभदायक रहेगा।

तुला राशि

मानसिक असमंजस की स्थिति बन सकती है। महत्वपूर्ण निर्णय टालना बेहतर होगा। विद्यार्थियों के लिए ध्यान केंद्रित करना चुनौतीपूर्ण रह सकता है। व्यापार सामान्य रहेगा। शनिदेव की उपासना लाभकारी रहेगी।

वृश्चिक राशि

घरेलू वातावरण में तनाव संभव है। संपत्ति या वाहन खरीदने के मामलों में बाधाएं आ सकती हैं। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। प्रेम और संतान पक्ष अच्छा रहेगा। पीली वस्तु रखना शुभ रहेगा।

धनु राशि

आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। व्यापार और प्रेम संबंधों में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। धार्मिक कार्यों में निरंतरता बनाए रखें। लाल वस्तु पास रखना लाभदायक रहेगा।

मकर राशि

वाणी पर संयम रखें। धन हानि की आशंका है, इसलिए निवेश से बचें। प्रेम और संतान पक्ष सामान्य रहेगा। व्यवसाय में स्थिति संतुलित रहेगी। देवी आराधना शुभ रहेगी।

कुंभ राशि

मानसिक तनाव और बेचैनी रह सकती है। स्वास्थ्य को लेकर सजग रहें। प्रेम और संतान पक्ष सामान्य रहेगा। व्यापारिक गतिविधियां स्थिर रहेंगी। हरे रंग की वस्तु लाभदायक होगी।

मीन राशि

खर्चों में वृद्धि और कर्ज की स्थिति चिंता बढ़ा सकती है। सिरदर्द या आंखों से जुड़ी समस्या हो सकती है। प्रेम, संतान और स्वास्थ्य के मामलों में सतर्क रहें। भगवान शिव की उपासना से सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

सोना-चांदी की कीमतों में आज भारी गिरावट, जानिए क्या है वजह

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- Gold-Silver Rate Today: घरेलू वायदा बाजार में मंगलवार (17 फरवरी) सुबह सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों के मुताबिक मुनाफावसूली, डॉलर की मजबूती और कमजोर स्पॉट डिमांड इसकी मुख्य वजह रही।

एमसीएक्स पर तेज गिरावट

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर अप्रैल फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट में सोना करीब 1,200 रुपये (लगभग 0.80%) टूटकर 1,53,532 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं सिल्वर मार्च वायदा 4,700 रुपये (करीब 2%) गिरकर 2,35,142 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया।

पिछले सत्र में भी सोना अप्रैल वायदा लगभग 1% गिरकर 1,54,760 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जबकि चांदी मार्च वायदा 2% टूटकर 2,39,891 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था।

डॉलर की मजबूती से दबाव

डॉलर इंडेक्स 2% से अधिक उछलकर 97.15 पर पहुंच गया, जिससे विदेशी खरीदारों के लिए कीमती धातुएं महंगी हो गईं। इसके अलावा, लूनर न्यू ईयर के चलते चीनी बाजारों में छुट्टी और कम ट्रेडिंग वॉल्यूम ने भी कीमतों पर दबाव बनाया।

अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता में संभावित सकारात्मक प्रगति की उम्मीद से सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग भी कमजोर पड़ी है, जिससे सोने-चांदी में अस्थिरता बढ़ी है।

फेड की नीति पर बाजार की नजर

बाजार की नजर अब अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve की पिछली बैठक के मिनट्स, अमेरिकी जीडीपी पूर्वानुमान और पीसीई मुद्रास्फीति आंकड़ों पर है। इन संकेतों से ब्याज दरों के भविष्य पर दिशा मिल सकती है। फिलहाल ट्रेडर्स इस साल तीन दर कटौती की संभावना जता रहे हैं, जिसमें पहली कटौती जुलाई में हो सकती है।

सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल

IndusInd Securities के जिगर त्रिवेदी के अनुसार, एमसीएक्स गोल्ड अप्रैल वायदा 1,54,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक फिसल सकता है क्योंकि वैश्विक बाजारों में रुख कमजोर है।

वहीं Prithvifinmart Commodity Research के मनोज कुमार जैन के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने को 4,970 डॉलर और 4,915 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर सपोर्ट है, जबकि 5,045 डॉलर और 5,080 डॉलर पर रेजिस्टेंस है।

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चांदी के लिए 74 डॉलर और 71.20 डॉलर सपोर्ट स्तर हैं, जबकि 78 डॉलर और 80.40 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस रेजिस्टेंस के रूप में देखे जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि डॉलर की चाल, अमेरिका-ईरान वार्ता और वैश्विक आर्थिक आंकड़ों के बीच इस सप्ताह सोने-चांदी में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों को ऊंचे स्तर पर सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।

जल जीवन मिशन की टंकी फूटने पर सियासत; प्रशासन ने बैठाई जांच,अफसरों का दावा- टंकी फूटी नहीं, ओवरफ्लो हुआ

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में Jal Jeevan Mission के तहत निर्मित पानी की टंकी से पानी गिरने का मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। टेस्टिंग के दौरान टंकी से तेज बहाव में पानी गिरने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा। वहीं प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

अफसरों का दावा- टंकी फूटी नहीं, ओवरफ्लो हुआ

नगाराडांग गांव में बनी इस टंकी के संबंध में जल निगम ग्रामीण के अधिकारियों ने ‘टंकी फटने’ की खबरों का खंडन किया है। अधिशासी अभियंता कार्यालय की ओर से कराई गई जांच में कहा गया कि संरचना में कोई तकनीकी खराबी नहीं मिली। अधिकारियों के मुताबिक, टेस्टिंग के दौरान टंकी ओवरफ्लो हो गई थी, जिस कारण पानी बाहर गिरता दिखाई दिया।

डीएम ने गठित की तीन सदस्यीय जांच टीम

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी Gazal Bhardwaj ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। टीम में अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे), लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता और मौदहा बांध के अधिशासी अभियंता को शामिल किया गया है। टीम को मौके पर जाकर विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस बीच ठेकेदार द्वारा टंकी की मरम्मत का कार्य भी शुरू करा दिया गया है।

विपक्ष का हमला

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav ने घटना को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार का बोझ टंकी नहीं उठा पाई और इसे “कमीशन मिशन” करार दिया।

वहीं कांग्रेस ने भी केंद्र की Narendra Modi सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस योजना में करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग

ग्राम प्रधान और स्थानीय ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर टेस्टिंग के दौरान ही इस तरह की स्थिति सामने आ रही है तो भविष्य में बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्माण में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित पक्षों पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले ने जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक सियासी हलचल तेज कर दी है।