नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़: शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर केंद्र सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के समर्थन में चल रहे आंदोलन में शामिल वांगचुक पिछले कई दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। CJP का आरोप है कि नीट समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
एक मीडिया इंटरव्यू में सोनम वांगचुक ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार को जनता की बात सुननी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि सरकार को संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि देश में ईमानदारी और जवाबदेही को मजबूत करने की आवश्यकता है।
‘सिर्फ इस्तीफा नहीं, जवाबदेही भी जरूरी’
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर पूछे गए सवाल के जवाब में वांगचुक ने कहा कि केवल किसी एक व्यक्ति के पद छोड़ने से पूरी समस्या का समाधान नहीं होगा। हालांकि, इससे जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। उनके मुताबिक, जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होगी, तब तक व्यवस्था में सुधार लाना मुश्किल होगा।
उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। यदि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार गड़बड़ियां होती रहेंगी तो इसका असर भविष्य में डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य पेशेवरों की गुणवत्ता पर भी पड़ेगा, जो पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है।
सरकार से अब तक नहीं हुआ कोई संपर्क
वांगचुक ने बताया कि आंदोलन शुरू होने के बाद अब तक केंद्र सरकार की ओर से उनसे किसी प्रकार का प्रत्यक्ष या परोक्ष संपर्क नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी अपनी आवाज को और मजबूती से उठाने की कोशिश करेंगे ताकि उनकी मांगें सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंच सकें।
संसद में शिक्षा सुधार पर चर्चा की मांग
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए संसद के आगामी सत्र में गंभीर चर्चा होनी चाहिए। उनका सुझाव है कि सरकार शिक्षा विशेषज्ञों, युवाओं और संबंधित पक्षों को साथ लेकर सुधारों की रूपरेखा तैयार करे ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति न हो।
आंदोलन को मिल रहा लोगों का समर्थन
सोशल मीडिया और जमीनी समर्थन के सवाल पर वांगचुक ने कहा कि प्रतिदिन हजारों लोग आंदोलन स्थल पर पहुंच रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे शिक्षा सुधार और पारदर्शिता की मांग के समर्थन में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी भागीदारी दर्ज कराएं।
सभी दलों से समर्थन की अपील
राहुल गांधी, अखिलेश यादव समेत विपक्षी नेताओं के संभावित समर्थन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार का मुद्दा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी राजनीतिक दलों के नेता इस विषय पर सकारात्मक रुख अपनाएंगे।
प्रधानमंत्री के नाम संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अपने संदेश में सोनम वांगचुक ने कहा कि लोकतंत्र संवाद, सहानुभूति और संवेदनशीलता से मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता की आवाज सुननी चाहिए और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर सभी पक्षों के साथ बातचीत कर समाधान तलाशना चाहिए।



