लखनऊ /सर्वोदय न्यूज़: उत्तर प्रदेश में पुलिस विभाग को जल्द ही बड़ा मानव संसाधन बल मिलने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में चल रही पुलिस भर्ती प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी भर्तियां पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और तकनीक आधारित निगरानी के साथ तय समयसीमा में पूरी की जाएं।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश पुलिस को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने के लिए यह वर्ष बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि वर्तमान में 81,472 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है।
तकनीक आधारित निगरानी पर जोर
मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि भर्ती बोर्ड की कार्यप्रणाली पारदर्शी और भरोसेमंद बनी रहे, इसके लिए तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाए।
होमगार्ड्स के 41 हजार से अधिक पदों पर भर्ती
बैठक में जानकारी दी गई कि वर्तमान में विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इनमें उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों के 4,543 पद, होमगार्ड्स के 41,424 पद, आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष के 32,679 पद शामिल हैं।
इसके अलावा कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए के 1,352, उप निरीक्षक गोपनीय और पुलिस सहायक उप निरीक्षक के 537, प्रोग्रामर ग्रेड-2 के 55, रेडियो सहायक परिचालक के 44, कुशल खिलाड़ी भर्ती के 637 और मृतक आश्रित भर्ती के 201 पदों पर भी प्रक्रिया जारी है।
जुलाई में आ सकता है SI भर्ती का परिणाम
उप निरीक्षक नागरिक पुलिस भर्ती-2025 के लिए दस्तावेज सत्यापन और शारीरिक परीक्षण जून में प्रस्तावित हैं, जबकि अंतिम परिणाम जुलाई के तीसरे सप्ताह तक जारी किया जा सकता है।
होमगार्ड भर्ती 2025 के लिए जुलाई में डीवी/पीएसटी, अगस्त में पीईटी और सितंबर के दूसरे सप्ताह में अंतिम परिणाम जारी करने की तैयारी है।
वहीं आरक्षी भर्ती परीक्षा 8, 9 और 10 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। इस भर्ती के लिए करीब 28 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इसका अंतिम परिणाम अक्टूबर 2026 के अंतिम सप्ताह तक जारी करने का लक्ष्य रखा गया है।
नौ साल में 2.21 लाख से अधिक चयन
समीक्षा बैठक में बताया गया कि वर्ष 2017 से मई 2026 तक विभिन्न संवर्गों में कुल 2,21,245 अभ्यर्थियों का चयन किया जा चुका है। इसी अवधि में 1,60,819 पुलिस कर्मियों को पदोन्नति भी दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस देश के सबसे बड़े पुलिस बलों में शामिल है और भर्ती प्रक्रियाओं को तेज, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाकर इसे और अधिक मजबूत किया जाएगा।