न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों पर सरकार ने निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अभियान की कमान स्वयं संभालते हुए सोमवार को ‘योगी की पाती’ में स्पष्ट संदेश दिया कि प्रदेश में किसी भी प्रकार की घुसपैठ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीएम योगी ने लिखा कि प्रदेश के संसाधन केवल उसके नागरिकों के हैं, घुसपैठियों के नहीं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संसाधनों पर अनधिकृत बोझ हटाना आवश्यक है।
अगले चुनावों से पहले सक्रिय हुई सरकार
पंचायत चुनाव (2026) और विधानसभा चुनाव (2027) से पहले सीएम योगी लगातार प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने हर मंडल मुख्यालय पर डिटेंशन सेंटर विकसित करने और पूरे प्रदेश में घुसपैठियों की पहचान का अभियान चलाने का आदेश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का हवाला
योगी ने ‘योगी की पाती’ में लिखा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि घुसपैठियों के लिए लाल कालीन नहीं बिछाई जा सकती। सीएम ने आगे लिखा—“यह स्पष्ट है कि किसी भी कीमत पर घुसपैठ स्वीकार्य नहीं है। Uttar Pradesh की सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और कानून–व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
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उन्होंने बताया कि सभी नगरीय निकायों को संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान कर सूची बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
“अनधिकृत बोझ की सफाई जरूरी”
सीएम ने कहा—सार्वजनिक संसाधनों पर अनधिकृत भार को कम करना आवश्यक है। योजनाओं के लाभ को असली पात्रों तक पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से दस्तावेज सत्यापन का विशेष अभियान चल रहा है। चिन्हित घुसपैठियों को डिटेंशन सेंटर भेजकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी मंडलों में डिटेंशन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं।
नागरिकों से की अपील
सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से अपील की— “घरेलू या व्यावसायिक कार्य में किसी व्यक्ति को नियुक्त करने से पहले उसकी पहचान अवश्य सत्यापित करें। सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, और सुरक्षा ही समृद्धि की आधारशिला है।”



