लोकसभा में PM मोदी का संबोधन: “अंग्रेज मानते थे-बंगाल टूटेगा तो भारत टूट जाएगा, लेकिन वंदे मातरम् दीवार बनकर खड़ा रहा”

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर सोमवार को लोकसभा में विशेष चर्चा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। उन्होंने कहा कि भारत को विभाजित करने की अंग्रेजों की कोशिशों के बीच वंदे मातरम् वह शक्ति थी जिसने उनके मंसूबों को विफल किया। लोकसभा में इस विषय पर 10 घंटे की चर्चा निर्धारित की गई है, जबकि मंगलवार को राज्यसभा में इसी मुद्दे पर चर्चा होगी, जिसकी शुरुआत केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह करेंगे।

“अंग्रेजों ने बंगाल को बनाया था विभाजन की प्रयोगशाला”

सदन को संबोधित करते हुए PM मोदी ने कहा कि 1857 के बाद अंग्रेजों को समझ आ गया था कि भारत में टिकना उनके लिए आसान नहीं होगा, इसलिए उन्होंने “बांटो और राज करो” की नीति अपनाई।

मोदी ने कहा—“अंग्रेजों ने महसूस किया कि जब तक भारत को अंदर से तोड़ा नहीं जाएगा, तब तक यहां शासन करना कठिन होगा। इसलिए उन्होंने सबसे पहले पश्चिम बंगाल को चुना, क्योंकि वह समय बंगाल का बौद्धिक सामर्थ्य पूरे देश को मार्ग दिखा रहा था।”

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उन्होंने कहा कि अंग्रेजों का मानना था कि यदि बंगाल टूट जाएगा तो देश भी कमजोर पड़ जाएगा।

“1905 का विभाजन, लेकिन वंदे मातरम् ने मोड़ दिया इतिहास”

प्रधानमंत्री ने कहा- “1905 में अंग्रेजों ने बंगाल का विभाजन कर दिया। लेकिन वंदे मातरम् एक अडिग चट्टान की तरह उनके सामने खड़ा हो गया। इस राष्ट्रगीत ने देश को एकजुट किया और स्वतंत्रता संग्राम को नई ऊर्जा दी।”

उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि स्वतंत्र भारत के संकल्प, साहस और राष्ट्रवाद का प्रतीक है।

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