लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड में आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को कोर्ट ने 10 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। गुरुवार को अदालत में पेशी से पहले पुलिस ने तीनों से करीब साढ़े छह घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान हत्या, कथित साजिश और फरारी के दौरान मिली मदद से जुड़े करीब 120 सवाल पूछे गए।
पुलिस ने तीनों को मंगलवार को महाराष्ट्र के नागपुर स्थित बेतलारोड़ी इलाके के एक फ्लैट से गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें लखनऊ लाया गया। गुरुवार सुबह करीब पौने 10 बजे तीनों को हजरतगंज कोतवाली लाया गया, जहां पुलिस उपायुक्त मध्य के सर्विलांस कार्यालय में पूछताछ की गई।
पूछताछ के बाद देर शाम तीनों को प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 31 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। आरोपियों के वकील की ओर से न्यायिक रिमांड मंजूर न करने की मांग वाली अर्जी भी दाखिल की गई थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।
श्रद्धा दुबे ने खुद को बताया निर्दोष
पुलिस पूछताछ के दौरान श्रद्धा दुबे ने खुद को निर्दोष बताया। उसने दावा किया कि 9 अक्टूबर को विवाद के बाद शिवा ने फ्लैट से कूदकर जान दे दी थी। पुलिस हत्या और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं पर उसके बयान की जांच कर रही है।
पुलिस ने फरारी के दौरान मदद करने वालों के बारे में भी सवाल किए। खबर के मुताबिक, इस सवाल पर श्रद्धा ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। पुलिस को बरामद मोबाइल फोन से कुछ संदिग्ध नंबर मिलने की बात भी सामने आई है, जिनकी जांच की जा रही है।
पुलिस ने श्रद्धा के पास से एक आईफोन सहित दो मोबाइल फोन और 25 हजार रुपये बरामद किए हैं। जांच एजेंसियां मोबाइल फोन में मौजूद डेटा और संपर्कों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही हैं।
नेपाल में पुराने मोबाइल फोन गायब होने का दावा
पूछताछ के दौरान श्रद्धा ने कथित तौर पर बताया कि उसका और उसकी बहन का पुराना मोबाइल फोन नेपाल में कहीं खो गया था। पुलिस इन फोन के गायब होने की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पुराने मोबाइल फोन में कोई अहम जानकारी थी या नहीं और उनके गायब होने का मामले से कोई संबंध है या नहीं। फिलहाल, इस संबंध में किसी निष्कर्ष को जांच पूरी होने से पहले अंतिम तथ्य नहीं माना जा सकता।
मोबाइल से व्हाट्सएप चैट डिलीट होने की बात
पुलिस के मुताबिक, बरामद दोनों मोबाइल फोन में सिम कार्ड नहीं मिले। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इन मोबाइलों का इस्तेमाल वाई-फाई या हॉटस्पॉट के जरिए किया जा रहा था।
पुलिस को आशंका है कि 9 अक्टूबर के बाद की कुछ व्हाट्सएप चैट श्रद्धा और ड्राइवर दानिश ने डिलीट की थीं। दोनों मोबाइल फोन को सील कर फोरेंसिक लैब भेजे जाने की जानकारी दी गई है, ताकि डेटा रिकवरी कर डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा सके।
फोरेंसिक जांच से यह स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है कि मोबाइल फोन पर किन लोगों से संपर्क किया गया था और घटना के बाद आरोपियों की गतिविधियां क्या थीं।
न्यायिक रिमांड का विरोध करने वाली अर्जी खारिज
श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश की ओर से अदालत में न्यायिक रिमांड मंजूर न करने की अर्जी दाखिल की गई थी। प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने अर्जी खारिज कर दी और तीनों को 31 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
अब मामले में पुलिस की जांच, मोबाइल डेटा की फोरेंसिक रिपोर्ट और आरोपियों के बयानों की पड़ताल अहम होगी। हत्याकांड में आरोपों की पुष्टि और घटना की पूरी परिस्थितियां जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगी।


