Tibet Earthquake: तिब्बत में 7.0 तीव्रता का भूकंप, 10 किमी गहराई पर था केंद्र; यहीं से आई थी नेपाल में विनाशकारी बाढ़

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: तिब्बत में 7.0 तीव्रता के भूकंप से धरती कांप उठी। चीन के चाइना अर्थक्वेक नेटवर्क्स सेंटर (CENC) के अनुसार, भूकंप गुरुवार रात स्थानीय समय करीब 10:33 बजे उत्तरी तिब्बत के नागकू क्षेत्र में आया। इसका केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर था। भूकंप के झटके स्थानीय इलाकों में महसूस किए गए। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ लोग घायल हुए हैं और कई घरों में दरारें आने की जानकारी सामने आई है।

भूकंप का केंद्र तिब्बत की राजधानी ल्हासा से लगभग 400 किलोमीटर दूर बताया गया है। घटना के बाद प्रभावित क्षेत्र में राहत और आपातकालीन टीमें भेजे जाने की खबर है। फिलहाल नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

तिब्बत में भूकंप के बाद नेपाल की बाढ़ की यादें ताजा

तिब्बत में आए भूकंप के बीच हाल ही में नेपाल-चीन सीमा के आसपास आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन की घटना भी चर्चा में है। 26 अगस्त 2026 को हिमालयी क्षेत्र में बर्फ और चट्टानों के बड़े हिस्से के खिसकने तथा नदी का अस्थायी अवरोध टूटने से अचानक बाढ़ आई थी। इससे नेपाल के कई इलाकों में भारी तबाही हुई और सड़कें, पुल तथा अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा।

हालांकि, ताजा भूकंप और अगस्त में आई बाढ़ के बीच सीधे संबंध का कोई प्रमाण सामने नहीं आया है। बाढ़ की घटना को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में ग्लेशियर क्षेत्र में बर्फ और चट्टानों के खिसकने तथा पानी के अचानक बहाव को प्रमुख कारण बताया गया था।

नेपाल में बाढ़ से भारी नुकसान, हजारों लोग अब भी लापता

नेपाल में बाढ़ के बाद बड़े स्तर पर खोज और बचाव अभियान चलाया गया। सितंबर के अंत तक नेपाल पुलिस के आंकड़ों के हवाले से आई रिपोर्टों में 1,450 से अधिक शव बरामद होने और हजारों लोगों के लापता होने की जानकारी दी गई थी। मृतकों की पहचान करना भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था।

शवों की पहचान के लिए डीएनए नमूने एकत्र किए गए और प्रभावित परिवारों से भी नमूने लिए गए। राहत एवं बचाव एजेंसियों ने प्रभावित लोगों को चिकित्सा सहायता और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराईं।

भूकंप के बाद स्थिति पर नजर

नागकू क्षेत्र में आए भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन टीमें स्थिति का आकलन कर रही हैं। शुरुआती जानकारी में कुछ लोगों के घायल होने और घरों में दरारें पड़ने की खबर है। नुकसान और संभावित आफ्टरशॉक्स को लेकर आधिकारिक अपडेट पर नजर रखी जा रही है।

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