न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का पता जल्द ही इतिहास बन जाएगा। आज़ादी के बाद से साउथ ब्लॉक में स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय को अगले महीने नई लोकेशन पर स्थानांतरित किया जाएगा। सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत विकसित “एग्जिक्यूटिव एन्क्लेव” में अब नया PMO काम करेगा।
नए एग्जिक्यूटिव एन्क्लेव में प्रधानमंत्री कार्यालय के अलावा कैबिनेट सचिवालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और उन्नत कॉन्फ्रेंसिंग सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। बताया जा रहा है कि यह स्थान प्रधानमंत्री के नए आवास के काफी नजदीक होगा, जिससे कार्य संचालन और समन्वय में सुगमता आएगी।
साउथ ब्लॉक स्थित वर्तमान PMO न केवल स्थान की दृष्टि से सीमित था, बल्कि वहाँ आधुनिक तकनीकी और आधारभूत सुविधाओं की भी कमी महसूस की जा रही थी। इसके चलते कार्यालय के स्थानांतरण की योजना काफी समय से विचाराधीन थी, जिसे अब अमलीजामा पहनाया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, नए कार्यालय का नाम बदलने पर भी विचार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अपने एक संबोधन में कहा था कि “PMO किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि जनता का कार्यालय होना चाहिए।” ऐसे में यह संकेत मिल रहे हैं कि नए भवन को कोई नया, अधिक समावेशी नाम दिया जा सकता है।
नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक, जो पिछले लगभग 8 दशकों से भारत सरकार के प्रशासनिक केंद्र रहे हैं, को अब सार्वजनिक संग्रहालय के रूप में परिवर्तित किया जाएगा। इन भवनों को ‘युगे युगीन भारत संग्रहालय’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे आम जनता भारत के प्रशासनिक इतिहास को करीब से जान सकेगी।
हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने ‘कर्तव्य भवन-3’ के उद्घाटन के दौरान कहा था कि आज भी कई सरकारी विभाग ब्रिटिश काल की इमारतों से संचालित हो रहे हैं, जिनमें न रोशनी की उचित व्यवस्था है और न ही वेंटिलेशन। ऐसे में आधुनिक भारत के लिए आधुनिक प्रशासनिक ढांचे की आवश्यकता अब अनिवार्य हो गई है।



