न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDU) में मंगलवार को छात्रों के आंदोलन के दौरान जमकर हंगामा हुआ। प्रशासनिक भवन के बाहर धरने पर बैठे छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच विवाद बढ़ गया। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच भी तीखी नोकझोंक हुई।
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारी छात्रों को सख्त लहजे में चेतावनी देता हुआ नजर आ रहा है। वीडियो में दारोगा कथित तौर पर कहते सुनाई दे रहे हैं, “इतनी फोर्स लगाऊंगा कि ठंडा कर दूंगा, गोरखपुर पुलिस है।” वीडियो सामने आने के बाद इसको लेकर सियासी प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं।
छात्रों ने प्रशासनिक भवन के गेट पर लगाया ताला
विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव समेत पांच मांगों को लेकर कुछ छात्र 25 अगस्त से प्रशासनिक भवन के बाहर धरने पर बैठे हैं। छात्रों का आरोप है कि लंबे समय से आंदोलन के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से उनकी मांगों पर उचित बातचीत नहीं की गई।
मंगलवार को प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्रशासनिक भवन के दोनों मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। इससे कई कर्मचारी और अधिकारी भवन के अंदर फंस गए। सूचना मिलने पर विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और गेट खुलवाने का प्रयास किया।
इसी दौरान स्थिति बिगड़ गई और प्रदर्शनकारी छात्रों तथा विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। आरोप है कि छात्रों ने एक अधिकारी को घेर लिया और उनके साथ हाथापाई का प्रयास किया। इसके बाद परिसर में अफरातफरी मच गई।
पुलिस ने संभाली स्थिति, प्रशासनिक भवन के बाहर फोर्स तैनात
विवाद की सूचना मिलने पर कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। किसी तरह प्रशासनिक भवन के गेट खुलवाए गए और बाद में परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
हंगामे के दौरान ही एक दारोगा द्वारा छात्रों को चेतावनी देने का वीडियो सामने आया। वीडियो में पुलिसकर्मी काफी आक्रामक अंदाज में छात्रों से बात करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो की सत्यता और पूरे घटनाक्रम के संदर्भ में आधिकारिक स्तर पर क्या कार्रवाई हुई है, यह अलग विषय है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस तेज हो गई है।
वायरल वीडियो पर अखिलेश यादव ने उठाए सवाल
वीडियो वायरल होने के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो साझा करते हुए पुलिस के रवैये पर सवाल उठाया।
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्र आंदोलनकारी हैं, अपराधी नहीं। उन्होंने पुलिस से संयम और सौम्यता बरतने की अपील की।
समाजवादी पार्टी के मीडिया सेल ने भी इस घटना को लेकर यूपी पुलिस और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल और धमकी दी गई।
पांच मांगों को लेकर जारी है छात्रों का आंदोलन
गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्रों का आंदोलन छात्रसंघ चुनाव समेत पांच मांगों को लेकर चल रहा है। छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन को बातचीत करनी चाहिए। मंगलवार की घटना के बाद अब यह मामला छात्रों के मुद्दों से आगे बढ़कर पुलिस के कथित व्यवहार को लेकर भी चर्चा में आ गया है।
फिलहाल वायरल वीडियो के बाद मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। विश्वविद्यालय परिसर में तनाव को देखते हुए प्रशासनिक भवन के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई है।


