लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़: उत्तर प्रदेश के जेवर में निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पहचान देने का फैसला किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कैबिनेट बैठक के बाद इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राज्य मंत्रिपरिषद ने उनके सम्मान में एयरपोर्ट का नाम उनके नाम पर रखने से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
कैबिनेट के इस फैसले की जानकारी देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मीडिया के सामने पहुंचे। इस दौरान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित सहयोगी दलों के नेता भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य ने पिछले वर्षों में बुनियादी ढांचे, उद्योग, कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में प्रगति की है।
प्रधानमंत्री के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर फैसला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक सेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश में विकास की विभिन्न परियोजनाओं को आगे बढ़ाया गया है।
सीएम योगी के मुताबिक, वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश को प्रशासनिक कमजोरियों, कानून-व्यवस्था की चुनौतियों और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। इसके बाद सरकार ने पारदर्शी प्रशासन, तकनीक के इस्तेमाल और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इन प्रयासों से राज्य में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों के लिए बेहतर माहौल तैयार हुआ है।
जेवर एयरपोर्ट के पहले चरण में 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश की प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च 2026 को एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया था। परियोजना को चार चरणों में विकसित करने की योजना है।
पहले चरण में लगभग 3,300 एकड़ क्षेत्र में टर्मिनल और रनवे से संबंधित सुविधाएं तैयार की गई हैं। उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, इस चरण में सालाना करीब 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता निर्धारित की गई है। परियोजना के सभी चरण पूरे होने के बाद एयरपोर्ट की क्षमता में और विस्तार होगा।
60 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से राष्ट्रीय राजमार्गों का विकास
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सड़क और परिवहन सुविधाओं के विस्तार का जिक्र करते हुए बताया कि लगभग 60 हजार करोड़ रुपये की लागत से 2,483 किलोमीटर लंबाई के 42 राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया गया है।
उन्होंने दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून, दिल्ली-मेरठ और कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। इसके अलावा दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत रेल कॉरिडोर के संचालन और लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद तथा नोएडा-ग्रेटर नोएडा में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार को परिवहन क्षेत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिनाया।
ब्रह्मोस यूनिट और पीएम मित्रा पार्क से औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा
मुख्यमंत्री के अनुसार, उत्तर प्रदेश में औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई परियोजनाओं पर काम किया गया है। दादरी में पूर्वी और पश्चिमी समर्पित मालवाहक रेल गलियारों का जंक्शन राज्य की लॉजिस्टिक्स क्षमता के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इन गलियारों का 1,050 किलोमीटर से अधिक हिस्सा उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है।
वाराणसी में मल्टीमॉडल इनलैंड पोर्ट टर्मिनल और फ्रेट विलेज विकसित किए गए हैं। वहीं, लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल असेंबली यूनिट, रक्षा औद्योगिक गलियारे और लगभग एक हजार एकड़ में प्रस्तावित पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क को औद्योगिक विकास के प्रमुख केंद्रों के रूप में प्रस्तुत किया गया।
तीन करोड़ से अधिक किसानों को मिला पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ
कृषि क्षेत्र की योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत उत्तर प्रदेश के तीन करोड़ से अधिक किसानों के खातों में एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि भेजी जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि 86 लाख लघु एवं सीमांत किसानों के कर्ज माफ किए गए। किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 5.50 करोड़ किसानों को 13.42 लाख करोड़ रुपये से अधिक का फसली ऋण उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा किसानों को फसल क्षतिपूर्ति और गन्ना किसानों को भुगतान किए जाने का भी उल्लेख किया गया।
65 लाख से अधिक परिवारों को प्रधानमंत्री आवास
मुख्यमंत्री ने गरीब कल्याण योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में 65 लाख से अधिक परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।
जल जीवन मिशन के तहत 2.46 करोड़ ग्रामीण परिवारों को नल से जल का कनेक्शन देने, 3.37 करोड़ शौचालयों के निर्माण और 59,183 सामुदायिक शौचालयों की स्थापना का भी उल्लेख किया गया। उज्ज्वला योजना के तहत 1.86 करोड़ मुफ्त गैस कनेक्शन दिए जाने की जानकारी भी मुख्यमंत्री ने साझा की। राज्य सरकार की ओर से होली और दीपावली पर पात्र लाभार्थियों को मुफ्त गैस सिलेंडर देने की योजना का भी जिक्र किया गया।
आयुष्मान योजना के तहत करोड़ों लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं
स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में छह करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए गए हैं। उनके मुताबिक, इन कार्डों के माध्यम से पात्र लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिली है और गंभीर बीमारियों के इलाज पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत 1.09 करोड़ गंभीर रोगियों को 18,798 करोड़ रुपये से अधिक के मुफ्त उपचार का लाभ मिला। इसके साथ ही प्रदेश में आरोग्य मेलों के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। गोरखपुर और रायबरेली में एम्स के संचालन को भी स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से जोड़कर देखा गया।
सरकारी नौकरियों और युवाओं को तकनीकी संसाधन देने पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब तक 9.50 लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां की गई हैं। इसके अतिरिक्त निजी क्षेत्र में करीब 65 लाख नियुक्तियों का दावा किया गया। युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने के उद्देश्य से प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए गए और 62 लाख से अधिक युवाओं को स्मार्टफोन तथा टैबलेट वितरित किए गए।
खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय और वाराणसी में आधुनिक खेल सुविधाओं का भी उल्लेख किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पहलों से युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं।
स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं एक करोड़ से अधिक महिलाएं
महिला सशक्तीकरण के संबंध में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में लगभग 10 लाख स्वयं सहायता समूहों से एक करोड़ से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इन समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों और स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने पीएम स्वनिधि योजना के जरिए रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को मिली सहायता और स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को घरौनी उपलब्ध कराने का भी जिक्र किया।
ओडीओपी उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए एक जिला, एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों की विशिष्ट कलाओं और उत्पादों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के प्रयास किए गए हैं।
काशी की गुलाबी मीनाकारी, निजामाबाद की ब्लैक पॉटरी, कन्नौज का इत्र और लखनऊ की जरदोजी जैसी पारंपरिक कलाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने इन्हें प्रदेश की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान का हिस्सा बताया। कृषि क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश को खाद्यान्न, दूध, गन्ना, आम, आंवला और मिलेट उत्पादन के प्रमुख राज्यों में शामिल बताया गया।
राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर, वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम के विस्तार और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।
इसके अलावा महाकुंभ, काशी तमिल संगमम, बौद्ध सर्किट और संत रविदास की जन्मस्थली से जुड़ी पहलों का जिक्र किया गया। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन आयोजनों और परियोजनाओं से उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित करने में मदद मिली है।
विकसित भारत-2047 के लक्ष्य पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्ष की जनसेवा यात्रा के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बुनियादी ढांचे, औद्योगिक निवेश, रोजगार, कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए काम करती रहेगी।
नोट: एयरपोर्ट के नामकरण और परियोजना की वर्तमान स्थिति से संबंधित जानकारी को प्रकाशित करने से पहले आधिकारिक कैबिनेट निर्णय तथा एयरपोर्ट प्राधिकरण की नवीनतम सूचना से सत्यापित करना उचित होगा।


