नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन से पहले रेल सेवाओं और मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदियों को लेकर बहस तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस मुद्दे पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर कितनी ट्रेनों को रोका जा सकता है और कितनी सड़कों को जाम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को रोकना आसान नहीं है और वे अपनी राह खुद बनाने की क्षमता रखते हैं।
हरियाणा के सोनीपत में एक शैक्षणिक संस्थान के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में चिराग पासवान ने कहा कि भारत के युवाओं में दुनिया को दिशा देने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि पिछली पीढ़ियों की तरह आज के युवा भी अपनी मेहनत और सोच के दम पर आगे बढ़ सकते हैं। उनके मुताबिक, परिवहन और संपर्क व्यवस्था को बाधित करने से युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा, बातचीत से निकलेगा रास्ता
सोनीपत के कुंडली स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (निफ्टम) में आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध-प्रदर्शन की अहम भूमिका है। लोगों को अपनी बात रखने और असहमति जताने का अधिकार है।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि किसी मुद्दे का स्थायी समाधान केवल प्रदर्शन करने से नहीं निकलता। इसके लिए संबंधित पक्षों के बीच बातचीत होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन आज हो या कुछ दिनों बाद, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बातचीत के जरिए समाधान खोजने की कोशिश की जाए।
#WATCH | Sonipat, Haryana: On the cancellation of trains, Union Minister Chirag Paswan says, “These are the youth of India—nothing can stop them. To those attempting to spread such misconceptions, I ask: how many trains can anyone really stop? How much connectivity can be blocked? How many roads can be jammed? These are India’s youth; they possess the capacity to show the world the way—just as previous generations have done—and so, nothing can hold them back.”
— ANI (@ANI) October 9, 2026
चिराग पासवान ने CJP के आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं को दिल्ली पहुंचकर अपनी बात और सुझाव रखने का अवसर मिलना चाहिए। उनके विचारों से सभी सहमत हों, यह जरूरी नहीं है, लेकिन संवाद का रास्ता खुला रहना चाहिए।
निर्वाचन आयोग से बातचीत करने की दी सलाह
इससे पहले भी चिराग पासवान ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं को लेकर राजनीतिक दलों को निर्वाचन आयोग से बातचीत करने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा था कि यदि किसी पार्टी को चुनाव प्रक्रिया पर सवाल हैं, तो उसे आयोग से समय लेकर अपने मुद्दे और आपत्तियां सामने रखनी चाहिए।
लखनऊ में अपने पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को लोकतांत्रिक अधिकार बताया। साथ ही सवाल उठाया कि विपक्षी दल वास्तव में अपनी समस्याओं का समाधान चाहते हैं या केवल विरोध के जरिए राजनीतिक माहौल गर्म रखना चाहते हैं।
उन्होंने निर्वाचन आयोग को एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था बताते हुए कहा कि राजनीतिक दल उसके अधिकारियों से मिल सकते हैं, प्रतिनिधिमंडल के साथ अपनी बात रख सकते हैं और अपने सवालों के जवाब मांग सकते हैं।
CJP के प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा और यातायात पर नजर
10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित CJP प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में यातायात और सार्वजनिक परिवहन से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा हो रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ रेल सेवाओं के रद्द होने और दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों पर प्रतिबंधों की खबरें सामने आई हैं। ऐसे में प्रदर्शनकारियों की आवाजाही और आम लोगों को होने वाली संभावित असुविधा भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
चिराग पासवान के बयान ने इस बहस को एक नया आयाम दिया है। उन्होंने एक ओर युवाओं की आवाज को महत्वपूर्ण बताया, वहीं दूसरी ओर समस्याओं के समाधान के लिए बातचीत और संवाद पर जोर दिया।


