न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश काडर की चर्चित IAS अधिकारी और वर्तमान में लखीमपुर खीरी की जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) ने 1.63 करोड़ रुपये का नोटिस भेजा है। यह नोटिस पूसा रोड, दिल्ली स्थित सरकारी बंगले पर लगभग तीन साल तक अनधिकृत कब्जा बनाए रखने के एवज में भेजा गया है।
क्या है पूरा मामला?
2015 में दुर्गा शक्ति नागपाल को कृषि मंत्रालय में OSD नियुक्त किया गया था, जिसके तहत उन्हें IARI परिसर स्थित टाइप 6A बंगला आवंटित किया गया था। 2019 में उनका ट्रांसफर वाणिज्य मंत्रालय में हो गया, जिसके बाद से संस्थान ने बार-बार बंगला खाली करने की मांग की।
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हालांकि, नागपाल ने माता-पिता के इलाज का हवाला देते हुए कई बार अवधि बढ़वाई। इसके बावजूद जब तय सीमा के बाद भी बंगला खाली नहीं किया गया, तो मामला दिल्ली पुलिस तक पहुंचा। आखिरकार फरवरी 2025 में उन्होंने बंगला खाली किया।
कैसे बना 1.63 करोड़ का हर्जाना?
संस्थान ने दुर्गा शक्ति नागपाल से आवंटन अवधि के दौरान बंगले का किराया 6600 रुपये लिया था। आवंटन खत्म होने के बाद कब्जे का बेसिक हर्जाना 92 हजार रुपये तय हुआ और प्रचलित नियमों के मुताबिक दूसरे महीने हर्जाना बढ़कर 1.02 लाख, तीसरे महीने 1.10 लाख, चौथे माह 1.28 लाख, पांचवें महीने 1.65 लाख, छठे महीने 2.39 लाख और आठवें महीने से आगे हर माह 4.60 लाख रुपया फिक्स हो गया। इन्हीं दरों के आधार पर मई 2022 से फरवरी 2025 तक का हर्जाना जोड़कर ₹1.63 करोड़ की मांग की गई है। यह नोटिस मई 2025 में दुर्गा शक्ति नागपाल को भेजा गया था।
नागपाल का पक्ष
द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, नागपाल का कहना है कि उन्होंने हर्जाना माफ करने का अनुरोध किया है, जिसे राज्य सरकार ने दिल्ली को भेज दिया है और मामला फिलहाल विचाराधीन है।
दुर्गा शक्ति नागपाल 2010 बैच की IAS अधिकारी हैं और पहली बार 2013 में सुर्खियों में आई थीं, जब उन्होंने नोएडा में अवैध बालू खनन पर कार्रवाई की थी। इसके बाद एक धार्मिक स्थल की दीवार गिराने के आरोप में उन्हें तत्कालीन सपा सरकार ने सस्पेंड कर दिया था। बाद में IAS पति अभिषेक सिंह के साथ सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मिलने के बाद उनका सस्पेंशन रद्द हुआ था।



