Wednesday, February 25, 2026

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लखनऊ विश्वविद्यालय में लाल बारादरी विवाद: नमाज के विरोध में हनुमान चालीसा पाठ, परिसर में तनाव

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के लखनऊ विश्वविद्यालय में विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को भी परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही और यह तीसरे दिन भी शांत नहीं हो सका। मुस्लिम छात्रों के नमाज पढ़ने के विरोध में एक अन्य छात्र समूह ने हनुमान चालीसा का पाठ शुरू किया। जैसे ही छात्र चालीसा पढ़ने के लिए इकट्ठा हुए, पुलिस मौके पर पहुंच गई और कई छात्रों को पकड़कर गाड़ियों में बैठा लिया गया। इस दौरान छात्रों ने विरोध स्वरूप हंगामा किया।

पुलिस और प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने पहले छात्रों को शांत करने की कोशिश की, लेकिन छात्र किसी भी समझौते के लिए तैयार नहीं दिखे। चालीसा पाठ करने वाले छात्रों का कहना है कि जब परिसर में नमाज पढ़ी गई और इफ्तार कार्यक्रम आयोजित हुआ, तब प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। ऐसे में हनुमान चालीसा पाठ पर कार्रवाई क्यों की जा रही है, यह छात्र सवाल कर रहे हैं।

छात्रों ने चालीसा पाठ से पहले एक पोस्टर भी जारी किया था, जिसमें उन्होंने कैंपस के “शुद्धिकरण” की मांग की। पोस्टर में यह भी कहा गया कि विश्वविद्यालय का परिसर धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से सुरक्षित रहना चाहिए।

इससे पहले सोमवार को भी विश्वविद्यालय परिसर का माहौल तनावपूर्ण रहा। लाल बारादरी में रविवार दोपहर से ही एनएसयूआई, समाजवादी छात्र सभा और मुस्लिम छात्रों के समूह ने नमाज पढ़ी और इफ्तार किया। इसके तुरंत बाद एक अन्य छात्र समूह सामने आया। इस समूह का नेतृत्व छात्र नेता जतिन शुक्ला ने किया। जतिन शुक्ला और उनके साथियों ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के पास जाकर जय श्रीराम और जय भवानी के नारे लगाए। इससे विश्वविद्यालय परिसर में माहौल और बिगड़ गया।

जतिन शुक्ला का आरोप है कि ऐतिहासिक धरोहर लाल बारादरी को नुकसान पहुंचाया गया और कुछ छात्र सड़क पर नमाज अता कर रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और मांग की कि परिसर में इस तरह की गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि देश की धरोहर को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।

इस विवाद के बीच कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने भी मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने फेसबुक पर लिखा कि विश्वविद्यालय प्रशासन परिसर को “नफरत की प्रयोगशाला” न बनाए और इसे बच्चों और विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित रखा जाए।

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वास्तव में, लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर अब पूरी तरह से छावनी में बदल गया है। प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात किया है। प्रशासनिक भवन से लेकर लाल बारादरी तक पुलिस की लगातार आवाजाही और तैनाती देखी जा रही है। इस दौरान छात्रों ने लाल बारादरी से प्रशासनिक भवन तक मार्च भी किया, जिसे पुलिस के उच्च अधिकारियों ने नियंत्रित करने की कोशिश की।

इस विवाद के कारण विश्वविद्यालय का शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है। दोनों गुटों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है और परिसर में दिन-प्रतिदिन सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी होती जा रही है। प्रशासन ने फिलहाल यह स्पष्ट किया है कि कोई भी छात्र समूह कानून और विश्वविद्यालय नियमों का उल्लंघन नहीं करे, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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