न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज होती नजर आ रही है। इसी बीच आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना लोकसभा सीट से सांसद एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद को उनकी प्रस्तावित “सत्ता परिवर्तन यात्रा” शुरू होने से पहले पुलिस ने उनके आवास पर ही रोक दिया।
जानकारी के अनुसार, चंद्रशेखर 4 जून से बिजनौर जिले के धामपुर से सत्ता परिवर्तन यात्रा की शुरुआत करने वाले थे। यात्रा के पहले चरण को तीन दिनों तक चलाने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, यात्रा प्रारंभ होने से पहले ही पुलिस और प्रशासन की टीम उनके आवास पहुंच गई और कानून-व्यवस्था तथा सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी।
प्रशासन का कहना है कि यात्रा और प्रस्तावित रैली के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में समर्थकों के जुटने की संभावना को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए गए। चंद्रशेखर के आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। मौके पर कई वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय थाना प्रभारी भी मौजूद रहे।
बताया जा रहा है कि आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता कई दिनों से यात्रा और रैली की तैयारियों में जुटे थे। सोशल मीडिया के माध्यम से समर्थकों से बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील भी की जा रही थी। प्रशासन को आशंका थी कि बिना अनुमति आयोजित होने वाला कार्यक्रम कानून-व्यवस्था की स्थिति को प्रभावित कर सकता है।
चंद्रशेखर ने इस यात्रा को बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों से प्रेरित बताते हुए कहा था कि इसका उद्देश्य बहुजन समाज, पिछड़े वर्ग, आदिवासी, किसान, युवा और महिलाओं को एक मंच पर लाना है। पार्टी ने दावा किया था कि यात्रा के माध्यम से सामाजिक न्याय और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
पार्टी की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि सरकार डॉ. आंबेडकर के अस्थिकलश को अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की योजना बना रही है, जिसका विरोध किया जाएगा। इसके अलावा पार्टी ने शिक्षा, आरक्षण, रोजगार और पेपर लीक जैसे मुद्दों को भी अपने अभियान का प्रमुख एजेंडा बताया है।
फिलहाल धामपुर में स्थिति सामान्य बनी हुई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हैं। पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है।