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Aaj Ka Rashifal 9 March 2026: इन 4 राशियों को मिलेगा धन लाभ, कुछ राशियों को रहना होगा सतर्क

Aaj Ka Rashifal 9 March 2026: 9 मार्च 2026 को ग्रहों की स्थिति कई राशियों के जीवन में उतार-चढ़ाव लेकर आ सकती है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार गुरु मिथुन राशि में, केतु सिंह राशि में स्थित हैं। सूर्योदय के समय चंद्रमा तुला राशि में रहेंगे, इसके बाद वह वृश्चिक राशि में प्रवेश कर नीच के हो जाएंगे।

वहीं सूर्य, बुध, मंगल और राहु कुंभ राशि में स्थित हैं, जबकि शुक्र और शनि मीन राशि में हैं। मीन राशि में शुक्र उच्च के माने जाते हैं जबकि शनि यहां शत्रु क्षेत्र में हैं। ग्रहों के इस विशेष संयोग के कारण आने वाले करीब दो से ढाई दिन कई लोगों के लिए मानसिक तनाव, दांपत्य जीवन में तनाव और व्यवहार में आक्रामकता जैसी स्थितियां पैदा कर सकते हैं। इसलिए इस दौरान संयम और सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।

मेष राशि

आज का दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। चोट लगने या किसी विवाद में फंसने की आशंका है। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार तीनों क्षेत्रों में सावधानी बरतने की जरूरत है। काली वस्तु का दान करना और लाल रंग की वस्तु अपने पास रखना शुभ रहेगा।

वृषभ राशि

दांपत्य जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा और नौकरी-पेशा से जुड़े लोगों के लिए भी समय अनुकूल रहेगा। प्रेम, संतान और व्यापार से जुड़े मामलों में स्थिति अच्छी रहेगी। हरे रंग की वस्तु साथ रखना लाभदायक होगा।

मिथुन राशि

प्रतिस्पर्धियों पर आपका प्रभाव बना रहेगा, हालांकि कुछ मानसिक अस्थिरता बनी रह सकती है। स्वास्थ्य थोड़ा प्रभावित हो सकता है, लेकिन प्रेम, संतान और व्यापार के मामलों में अच्छे संकेत हैं। शनि देव को प्रणाम करना शुभ रहेगा।

कर्क राशि

भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला लेने से बचें। प्रेम संबंधों में विवाद की स्थिति बन सकती है। संतान पक्ष और प्रेम जीवन सामान्य रहेगा। व्यापारिक मामलों में भी संतुलित स्थिति रहेगी। लाल रंग की वस्तु साथ रखना लाभकारी रहेगा।

सिंह राशि

घर-परिवार में विवाद की स्थिति बन सकती है, लेकिन भौतिक सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। प्रेम और संतान का सहयोग मिलेगा तथा व्यापार में भी लाभ के संकेत हैं। सूर्य को जल अर्पित करना शुभ माना गया है।

कन्या राशि

आपका पराक्रम आज सफलता दिला सकता है। नौकरी और रोज़गार में प्रगति के अवसर मिल सकते हैं। विरोधियों पर भी आपका प्रभाव बना रहेगा। स्वास्थ्य थोड़ा कमजोर रह सकता है, लेकिन प्रेम, संतान और व्यापार अच्छा रहेगा। शनि देव को प्रणाम करना लाभकारी होगा।

तुला राशि

धन लाभ के योग बन रहे हैं और परिवार में खुशियां बढ़ सकती हैं। हालांकि मन थोड़ा उदास रह सकता है। बातचीत में संयम रखें और जल्दबाजी में कुछ भी कहने से बचें। फिलहाल निवेश करने से बचना बेहतर रहेगा। लाल वस्तु का दान शुभ रहेगा।

वृश्चिक राशि

आपका स्वभाव शांत और संतुलित रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। प्रेम और संतान पक्ष अच्छा रहेगा जबकि व्यापार में अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है। लाल रंग की वस्तु अपने पास रखें।

धनु राशि

मन में चिंता बनी रह सकती है और अचानक खर्च बढ़ सकते हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में मध्यम स्थिति रहेगी जबकि व्यापार लगभग सामान्य रहेगा। पीली वस्तु साथ रखना शुभ माना गया है।

मकर राशि

आय के नए स्रोत बन सकते हैं और पुराने माध्यमों से भी लाभ मिल सकता है। परिवार में वृद्धि और खुशियों का माहौल रहेगा। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार की स्थिति अच्छी रहेगी। यात्रा के योग भी बन सकते हैं। काली माता को प्रणाम करना शुभ रहेगा।

कुंभ राशि

कानूनी मामलों में सफलता मिलने के संकेत हैं और व्यापार में लाभ होगा। हालांकि मन में बेचैनी या घबराहट बनी रह सकती है। प्रेम और संतान पक्ष थोड़ा सामान्य रहेगा। हरे रंग की वस्तु साथ रखना लाभकारी रहेगा।

मीन राशि

आज का दिन आपके लिए सकारात्मक संकेत लेकर आ सकता है। स्वास्थ्य में सुधार होगा और प्रेम व संतान का सहयोग मिलेगा। व्यापार में भी अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है। लाल रंग की वस्तु अपने पास रखना शुभ रहेगा।

कैसे ईरान का ‘शाहेद ड्रोन’ अमेरिका के लिए बना बड़ी चुनौती,दुबई से बहरीन तक मचाई तबाही

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Iran और United States के बीच टकराव ने नया मोड़ ले लिया है। जहां एक ओर अमेरिका और Israel अपनी उन्नत वायुसेना के दम पर हमले कर रहे हैं, वहीं ईरान कम लागत वाले लेकिन घातक ‘शाहेद ड्रोन’ के जरिए जवाब दे रहा है। इन ड्रोन हमलों ने खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं बढ़ा दी हैं।

आत्मघाती हथियार हैं शाहेद ड्रोन

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा विकसित ‘शाहेद’ सीरीज के ड्रोन को लोइटरिंग म्यूनिशन यानी आत्मघाती ड्रोन कहा जाता है। इनमें सबसे चर्चित मॉडल Shahed-136 है, जो लक्ष्य से टकराकर विस्फोट करता है।

इन ड्रोन की खासियत यह है कि ये कम ऊंचाई पर उड़ते हुए रडार से बचने की क्षमता रखते हैं और सीधे अपने लक्ष्य से टकराकर हमला करते हैं।

कई संस्करणों में मौजूद ड्रोन

ईरान ने शाहेद ड्रोन के कई अलग-अलग संस्करण विकसित किए हैं। इनमें

  • Shahed-136 – आत्मघाती हमला
  • Shahed-131 – छोटा संस्करण
  • Shahed-129 – निगरानी मिशन
  • Shahed-149 Gaza – लंबी दूरी की क्षमता

विशेषज्ञों के अनुसार ये ड्रोन 30 से 50 किलोग्राम तक विस्फोटक ले जा सकते हैं और करीब 180 से 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरते हुए लगभग 2500 किलोमीटर तक हमला कर सकते हैं।

सस्ता लेकिन घातक हथियार

इन ड्रोन की सबसे बड़ी ताकत इनकी कम कीमत है। रिपोर्ट्स के मुताबिक एक शाहेद ड्रोन की कीमत लगभग 20 से 40 हजार डॉलर के बीच होती है। वहीं इन्हें रोकने के लिए अमेरिका और उसके सहयोगियों को लाखों डॉलर कीमत की मिसाइलें इस्तेमाल करनी पड़ती हैं।

यही कारण है कि बड़ी संख्या में लॉन्च किए गए ये ड्रोन किसी भी एयर डिफेंस सिस्टम पर भारी दबाव बना सकते हैं।

रूस-यूक्रेन युद्ध में भी इस्तेमाल

ईरान की इस तकनीक का इस्तेमाल Russia भी Russia–Ukraine War में कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस इन्हें ‘गेरान-2’ नाम से इस्तेमाल करता है। हालांकि Ukraine ने समय के साथ इन ड्रोन के खिलाफ अपने रक्षा तंत्र को मजबूत किया है।

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ी चिंता

ईरान द्वारा किए गए जवाबी हमलों में खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में ड्रोन हमलों की खबरें सामने आई हैं। इनमें Dubai, Bahrain और Kuwait जैसे इलाकों का जिक्र किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी संख्या में लॉन्च किए जाने वाले ये सस्ते ड्रोन पारंपरिक युद्ध की रणनीतियों को चुनौती दे रहे हैं और आधुनिक युद्ध में नए खतरे पैदा कर रहे हैं।

संजू सैमसन-अभिषेक शर्मा का धमाका, टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में पहली बार 50+ ओपनिंग साझेदारी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- ICC Men’s T20 World Cup 2026 के फाइनल में India national cricket team के सलामी बल्लेबाजों ने इतिहास रच दिया। Sanju Samson और Abhishek Sharma ने न्यूजीलैंड के खिलाफ धमाकेदार शुरुआत करते हुए टी20 वर्ल्ड कप फाइनल के इतिहास में नया रिकॉर्ड बना दिया।

New Zealand national cricket team ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, लेकिन भारतीय ओपनर्स ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए कीवी गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। दोनों बल्लेबाजों के बीच पहले विकेट के लिए 43 गेंदों में 98 रन की साझेदारी हुई।

फाइनल के इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा

टी20 विश्व कप फाइनल के इतिहास में पहली बार किसी सलामी जोड़ी ने 50 से अधिक रन की साझेदारी की है। इस दौरान भारत ने केवल 4 ओवर में ही 50 रन पूरे कर लिए, जो टी20 वर्ल्ड कप के किसी भी सेमीफाइनल या फाइनल मैच में सबसे तेज टीम फिफ्टी है।

इससे पहले यह रिकॉर्ड West Indies cricket team के नाम था, जिसने 2016 के फाइनल में 4.3 ओवर में 50 रन बनाए थे।

17 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा

संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की 98 रन की ओपनिंग साझेदारी टी20 वर्ल्ड कप फाइनल की सबसे बड़ी साझेदारी बन गई। इससे पहले 2009 के फाइनल में Kamran Akmal और Salman Butt ने 48 रन की ओपनिंग साझेदारी की थी।

अभिषेक शर्मा की शानदार पारी

टूर्नामेंट में अब तक संघर्ष कर रहे अभिषेक शर्मा ने फाइनल में शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने Narendra Modi Stadium में 21 गेंदों पर 6 चौके और 3 छक्कों की मदद से 52 रन बनाए।

मैच में भारत ने अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं किया, जबकि न्यूजीलैंड ने Cole McConchie की जगह Jacob Duffy को टीम में शामिल किया।

यूएई पर ईरान का बड़ा हमला, 16 बैलिस्टिक मिसाइलें और 117 से ज्यादा ड्रोन दागे

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Iran ने United Arab Emirates पर बड़ा हमला किया है। यूएई के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक रविवार को ईरान की ओर से 16 बैलिस्टिक मिसाइलें और 117 से ज्यादा ड्रोन लॉन्च किए गए।

यूएई रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने सभी 16 बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, जबकि 17वीं मिसाइल समुद्र में गिर गई। मंत्रालय का कहना है कि अधिकतर ड्रोन भी इंटरसेप्ट कर लिए गए, हालांकि चार ड्रोन यूएई के इलाके में गिरने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार देश किसी भी खतरे का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

हमलों की पहले दी गई थी चेतावनी

इससे पहले Masoud Pezeshkian ने चेतावनी दी थी कि United States और Israel के लगातार हमलों के जवाब में ईरान पूरे क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना सकता है। हालांकि यूएई की ओर से जारी बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि हमले किन-किन स्थानों पर हुए।

बहरीन ने भी लगाया हमला करने का आरोप

इसी बीच Bahrain ने आरोप लगाया है कि एक ईरानी ड्रोन ने उसके एक समुद्री जल शुद्धीकरण संयंत्र को निशाना बनाया। खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के दौरान यह पहली बार है जब किसी अरब देश ने ईरान पर इस तरह के सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करने का आरोप लगाया है।

खाड़ी देशों के लिए अहम हैं जल शुद्धीकरण संयंत्र

खाड़ी देशों में प्राकृतिक मीठे पानी के स्रोत बहुत सीमित हैं, इसलिए यहां समुद्री पानी को शुद्ध कर पीने योग्य बनाने वाले संयंत्रों पर काफी निर्भरता है। शोध संस्थानों के अनुसार खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों के पास दुनिया की कुल जल शुद्धीकरण क्षमता का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा है और क्षेत्र में 400 से अधिक संयंत्र संचालित हैं।

आंकड़ों के मुताबिक United Arab Emirates के पीने के पानी का करीब 42 प्रतिशत हिस्सा इन संयंत्रों से आता है। वहीं Kuwait में यह लगभग 90 प्रतिशत, Oman में 86 प्रतिशत और Saudi Arabia में करीब 70 प्रतिशत पानी समुद्री जल शुद्धीकरण संयंत्रों के जरिए उपलब्ध कराया जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर युद्ध के दौरान ऐसे महत्वपूर्ण संयंत्रों को निशाना बनाया गया तो इससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में जल आपूर्ति और ऊर्जा सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है।

यूएई में भारतीयों के लिए एडवाइजरी: फोटो-वीडियो शेयर न करें, सुरक्षा निर्देशों का पालन करें

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अबूधाबी में भारतीय दूतावास यूएई में रहने वाले भारतीयों के लिए चेतावनी जारी की है। इमसें कहा गया है कि जिन जगहों पर घटनाएं हुई हैं, वहां पर फोटो लेने या वीडियो बनाने न जाएं। इसके भारतीयों से यह भी कहा गया है कि इस तरह की फोटो या वीडियो सोशल मीडिया पर भी डालने से बचें। गौरतलब है कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला बोला है। जवाब में ईरान ने भी पड़ोसी देशों पर बम बरसाए हैं. इसके चलते मिडिल ईस्ट में हालात काफी मुश्किल हो गए हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खमनेई की हत्या भी हो चुकी है।

एडवाइजरी में क्या कहा गया

दूतावास की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यूएई प्रशासन ने बिना अनुमति किसी भी घटना को कैमरे में रिकॉर्ड करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। प्रतिबंधित क्षेत्रों और हवाई अड्डों के अंदर फोटो या वीडियो बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।

भारतीय नागरिकों को निम्न निर्देशों का पालन करने को कहा गया है यदि किसी क्षेत्र में चेतावनी या अलर्ट सायरन सुनाई दे तो तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं और अलर्ट हटने तक वहीं रहें। किसी भी घटना स्थल पर जाकर फोटो या वीडियो बनाने की कोशिश न करें। धमाके या मिसाइल हमले से हुए नुकसान की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से बचें। यदि आसपास कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु दिखाई दे तो तुरंत स्थानीय अधिकारियों को सूचना दें और उससे दूरी बनाए रखें। एयरपोर्ट या प्रतिबंधित इलाकों में फोटो या वीडियो रिकॉर्डिंग बिल्कुल न करें।

दूतावास ने यह भी अपील की है कि यूएई में रह रहे या यात्रा करने वाले सभी भारतीय स्थानीय कानूनों और सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

क्षेत्र में बढ़ा तनाव

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच United Arab Emirates, Kuwait, Saudi Arabia और Bahrain ने दावा किया है कि उन्होंने हाल के ईरानी हमलों को रोक दिया है। वहीं, क्षेत्र में सुरक्षा कारणों से तेल उत्पादन में भी कमी की खबरें हैं क्योंकि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz के बंद होने की आशंका जताई जा रही है।

यह समुद्री मार्ग दुनिया के कुल ऊर्जा निर्यात का लगभग पांचवां हिस्सा वहन करता है, इसलिए यहां किसी भी तरह का संकट वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकता है।

इधर Masoud Pezeshkian ने कहा है कि उन्होंने सेना को निर्देश दिया है कि उन देशों पर हमला न किया जाए जो ईरान पर हमला नहीं कर रहे हैं। उन्होंने पड़ोसी देशों से हालात को लेकर खेद भी जताया है।

11 मार्च को लखनऊ में ‘गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ का शंखनाद, अहिंसक आंदोलन होगा: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गाय को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने की मांग को लेकर 11 मार्च को लखनऊ में होने वाली बड़ी सभा से पहले अपनी यात्रा शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि यह अभियान पूरी तरह अहिंसक और वैचारिक होगा, जिसमें ‘शास्त्र और संवाद’ को ही आंदोलन का माध्यम बनाया जाएगा।

शनिवार सुबह वाराणसी में गौमाता का पूजन करने के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मठ से पालकी में सवार होकर चिंतामणि गणेश मंदिर पहुंचे। यहां पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने संकटमोचन हनुमान मंदिर में दर्शन किए और हनुमान चालीसा व बजरंग बाण का पाठ किया। इसके बाद उनका काफिला रायबरेली की ओर रवाना हुआ।

इससे पहले शुक्रवार शाम को काशी के शंकराचार्य घाट पर ‘गो-ब्राह्मण प्रतिपालक’ छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर गंगा पूजन और शिवाजी महाराज का स्मरण कर ‘गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ के शंखनाद का संकल्प लिया गया।

लखनऊ की सभा में तय होगी आंदोलन की रणनीति

यात्रा शुरू करने से पहले मीडिया से बातचीत में शंकराचार्य ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश में गौमाता की रक्षा के लिए आंदोलन की जरूरत पड़ रही है। उन्होंने बताया कि 11 मार्च को लखनऊ में ‘गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ नाम से एक बड़ी सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें देशभर के संत-महात्मा शामिल होंगे। इसी बैठक में आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी।

सरकार को दिया गया समय लगभग खत्म

शंकराचार्य ने कहा कि प्रदेश सरकार को गाय को ‘राज्यमाता’ घोषित करने और उत्तर प्रदेश से बीफ निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने सहित पांच सूत्रीय मांगों को लागू करने के लिए 40 दिन का समय दिया गया था, जिसमें से अब अधिकांश समय बीत चुका है। उनका कहना है कि यदि निर्धारित समय में कोई निर्णय नहीं लिया जाता, तो आगे की जिम्मेदारी सरकार और राजनीतिक नेतृत्व की होगी।

‘शास्त्र और संवाद’ होगा आंदोलन का आधार

उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ पूरी तरह शांतिपूर्ण और वैचारिक आंदोलन होगा। इसमें किसी प्रकार की हिंसा का स्थान नहीं होगा। उनका कहना है कि यह यात्रा सरकार को उसकी नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी का स्मरण कराने के लिए निकाली जा रही है।

जगह-जगह हुआ स्वागत

यात्रा के दौरान वाराणसी से रायबरेली तक कई स्थानों पर शंकराचार्य का भव्य स्वागत किया गया। बाबतपुर हाईवे, जमदग्नि आश्रम जमेठा, सीहीपुर चौराहा, बदलापुर हाईवे, ढकवा चौराहा और लंभुआ बाजार सहित कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने फूल-मालाओं और पुष्पवर्षा से उनका स्वागत किया।

इसके अलावा सुल्तानपुर, गौरीगंज और अमेठी मार्ग पर भी बड़ी संख्या में लोगों ने उनका अभिनंदन किया। गौरीगंज में पादुका पूजन और धर्मसभा का आयोजन किया गया, जहां संतों और आचार्यों ने उनका स्वागत किया। महिलाओं ने आरती उतारकर और पुष्पवर्षा कर अभिनंदन किया।

यात्रा के दौरान लोगों को 11 मार्च को लखनऊ में होने वाली सभा में शामिल होने का आह्वान भी किया गया। रायबरेली पहुंचने के बाद शंकराचार्य ने रात्रि विश्राम किया, जबकि आगे का कार्यक्रम उन्नाव में निर्धारित है।

‘मिडिल ईस्ट का लूजर है ईरान’, ट्रंप की खुली चेतावनी-आज होंगे जोरदार हमले

न्यूज़ डेस्क/ सर्वोदय न्यूज़:- मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Donald Trump ने Iran को लेकर तीखी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान पर और भी बड़े हमले कर सकता है और जरूरत पड़ने पर नए टारगेट भी शामिल किए जाएंगे।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा, “आज ईरान पर बहुत जोरदार हमला होगा।” उन्होंने ईरान को “मिडिल ईस्ट का लूजर” बताते हुए कहा कि उसके बर्ताव के कारण उन समूहों और इलाकों को भी निशाना बनाया जा सकता है, जिन पर पहले विचार नहीं किया गया था।

ईरान ने कहा- सरेंडर नहीं करेंगे

ट्रंप की यह प्रतिक्रिया उस बयान के बाद आई है जिसमें ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा था कि उनका देश कभी भी Israel और अमेरिका के सामने सरेंडर नहीं करेगा।

पेजेशकियन ने सरकारी टीवी पर प्रसारित भाषण में खाड़ी क्षेत्र के पड़ोसी देशों से हमलों को लेकर माफी भी मांगी थी। उन्होंने कहा था कि तेहरान अब पड़ोसी देशों को तब तक निशाना नहीं बनाएगा जब तक उन पर पहले हमला न किया जाए।

ट्रंप ने माफी को बताया दबाव का परिणाम

ट्रंप ने अपने पोस्ट में ईरानी राष्ट्रपति की माफी का जिक्र करते हुए कहा कि यह अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों का परिणाम है।
उन्होंने दावा किया कि ईरान अब क्षेत्र में दबदबा बनाने वाला देश नहीं रहा और उसे “मिडिल ईस्ट का बुली” नहीं बल्कि “मिडिल ईस्ट का लूजर” कहा जा सकता है।

विशेषज्ञों ने जताई चिंता

इस बीच अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ Yan Xuetong ने चेतावनी दी है कि मौजूदा हालात वैश्विक राजनीति के लिए चिंताजनक संकेत हैं।

यह भी पढ़े:- रूस से तेल खरीदने पर अमेरिका को भारत का करारा जवाब, कहा– किसी की इजाजत की 

उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन की नीतियों के तहत भविष्य में अन्य देशों के साथ भी टकराव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार पिछले एक साल में कई देशों पर सैन्य कार्रवाई हुई है और अब ईरान को निशाना बनाया जा रहा है।

वैश्विक व्यवस्था पर भी उठे सवाल

येन श्वेतोंग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ऐसे संस्थागत ढांचे और नियमों की जरूरत है जो देशों की संप्रभुता की सुरक्षा को सिर्फ सिद्धांत नहीं बल्कि व्यवहार में भी सुनिश्चित कर सकें।
उनके अनुसार इस दिशा में क्षेत्रीय सहयोग सबसे व्यावहारिक पहला कदम हो सकता है।

रूस से तेल खरीदने पर अमेरिका को भारत का करारा जवाब, कहा– किसी की इजाजत की जरूरत नहीं

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- रूस से तेल आयात को लेकर अमेरिका के दावे पर India ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। भारत सरकार ने स्पष्ट कहा है कि उसे Russia से तेल खरीदने के लिए किसी भी देश की अनुमति की आवश्यकता नहीं है और यह आयात आगे भी जारी रहेगा।

दरअसल, हाल ही में United States की ओर से दावा किया गया था कि भारतीय रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की अस्थायी छूट दी गई है। इस पर भारत ने साफ कहा कि वह ऐसी किसी शॉर्ट-टर्म छूट पर निर्भर नहीं है।

रूस भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता

भारत सरकार के Press Information Bureau (PIB) की ओर से जारी बयान में कहा गया कि भारत कभी भी रूसी तेल खरीदने के लिए किसी देश की मंजूरी पर निर्भर नहीं रहा है।
बयान के मुताबिक फरवरी 2026 में भी रूस भारत को कच्चे तेल की आपूर्ति कर रहा है और वह अभी भी भारत का सबसे बड़ा क्रूड ऑयल सप्लायर बना हुआ है।

वैश्विक तनाव से तेल बाजार में उथल-पुथल

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ा है। Iran के खिलाफ अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।
ईरान द्वारा Strait of Hormuz से जहाजों को गुजरने से रोकने की धमकी के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है।

भारत के पास पर्याप्त तेल भंडार

सरकार के मुताबिक भारत के पास किसी भी अल्पकालिक संकट से निपटने के लिए 250 मिलियन बैरल से अधिक कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार मौजूद है।

हालांकि, घरेलू स्तर पर सरकार ने शनिवार को एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की है। इसके साथ ही कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम भी बढ़ाए गए हैं।

क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज उछाल

वैश्विक बाजार में शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में करीब 8.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं इस सप्ताह कुल मिलाकर कीमतों में लगभग 30 प्रतिशत तक उछाल आया है।

यह भी पढ़े:- नीतीश कुमार को पीएम बनाना चाहती थी सपा, अब राज्यसभा भेजा जा रहा: अखिलेश यादव का तंज

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष तभी खत्म होगा जब ईरान बिना शर्त आत्मसमर्पण करेगा।

रूस ने भी आंकड़े साझा करने से किया इनकार

रूस की ओर से भी बयान आया है कि वह भारत को भेजे जाने वाले कच्चे तेल की मात्रा सार्वजनिक नहीं करेगा।
रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के प्रवक्ता Dmitry Peskov ने कहा कि कई ऐसे लोग हैं जो रूस के खिलाफ हैं, इसलिए तेल निर्यात के आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए जाएंगे।

नीतीश कुमार को पीएम बनाना चाहती थी सपा, अब राज्यसभा भेजा जा रहा: अखिलेश यादव का तंज

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने बिहार की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी चाहती थी कि Nitish Kumar देश के प्रधानमंत्री बनें, लेकिन अब उन्हें राज्यसभा भेजा जा रहा है।

शनिवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में अखिलेश यादव ने कहा कि जब ‘इंडिया’ गठबंधन बना था, तब सभी दल मिलकर नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे। लेकिन अब हालात ऐसे हो गए हैं कि उन्हें राज्यसभा सदस्य के रूप में सेवानिवृत्त किया जा रहा है।

भाजपा पर लगाया अपमान का आरोप

अखिलेश यादव ने कहा कि यह कदम पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समाज का अपमान है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि लोगों को बताना चाहिए कि राज्यसभा सदस्य बड़ा पद है या मुख्यमंत्री का पद।
अखिलेश का कहना था कि नीतीश कुमार पिछड़ा वर्ग से आते हैं और उन्हें इस तरह राज्यसभा भेजना राजनीतिक संदेश देता है।

सोशल मीडिया पर भी साधा निशाना

इससे पहले नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजे जाने की खबरों पर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी टिप्पणी की थी। उन्होंने इसे बिहार के इतिहास का “सबसे बड़ा राजनीतिक और आर्थिक अपहरण” बताया था।

विदेश नीति और खाड़ी देशों पर भी बोले

अमेरिका-ईरान विवाद से जुड़े सवाल पर सपा प्रमुख ने कहा कि भारत की विदेश नीति भारत की सरकार और जनता तय करेगी, न कि विदेशों में बैठे लोग।

यह भी पढ़े:गौ रक्षा के लिए काशी से लखनऊ तक यात्रा, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद बोले—धर्मयुद्ध शुरू

खाड़ी देशों में फंसे भारतीय नागरिकों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग वापस आना चाहते हैं, उन्हें सरकार को जिम्मेदारी के साथ देश वापस लाना चाहिए।

बेरोजगारी और महंगाई को लेकर भी हमला

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में बेरोजगारी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार टैक्स के जरिए महंगाई बढ़ा रही है और हाल ही में गैस सिलेंडर के दाम 60 रुपये तक बढ़ा दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि एक बार महंगाई बढ़ने के बाद उसे कम करना मुश्किल हो जाता है और जहां-जहां भाजपा की सरकार है वहां लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

चुनाव आयोग पर भी उठाए सवाल

सपा प्रमुख ने चुनाव आयोग पर भी निशाना साधते हुए कहा कि फॉर्म-7 को लेकर आयोग का बयान सही नहीं है। उनके अनुसार, चुनाव से जुड़े मामलों में पारदर्शिता होनी चाहिए।

प्रेसवार्ता से पहले कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

गौ रक्षा के लिए काशी से लखनऊ तक यात्रा, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद बोले—धर्मयुद्ध शुरू

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती ने गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर काशी से लखनऊ तक “गौ प्रतिष्ठार्थ धर्मयुद्ध यात्रा” की शुरुआत कर दी है। शनिवार को वाराणसी से रवाना होने से पहले उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि अपने ही देश में चुनी हुई सरकार के सामने गौमाता की रक्षा के लिए धर्मयुद्ध करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि अब यह आंदोलन शुरू हो चुका है और जिस जिले से यात्रा गुजरेगी, वहां के सांसद और विधायक को स्पष्ट करना होगा कि वे गौमाता के समर्थन में हैं या विरोध में।

11 मार्च को लखनऊ में होगी बड़ी सभा

शंकराचार्य ने बताया कि यह यात्रा 11 मार्च को लखनऊ पहुंचेगी, जहां हजारों साधु-संतों की मौजूदगी में बड़ी जनसभा आयोजित की जाएगी। इस सभा में सरकार से गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग उठाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्ग—ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र—गौमाता की रक्षा चाहते हैं और इस अभियान में बड़ी संख्या में लोग जुड़ रहे हैं।

सरकार को दिया था 40 दिन का अल्टीमेटम

शंकराचार्य ने बताया कि उन्होंने 30 जनवरी को उत्तर प्रदेश सरकार को 40 दिन का अल्टीमेटम दिया था। उस समय कहा गया था कि यदि सरकार गाय को राष्ट्रमाता घोषित नहीं करती है तो आंदोलन शुरू किया जाएगा। उसी क्रम में अब यह यात्रा निकाली जा रही है।

मंदिरों में पूजा के बाद शुरू हुई यात्रा

यात्रा शुरू करने से पहले शंकराचार्य ने गौशाला जाकर गाय की पूजा की। इसके बाद Chintamani Ganesh Temple में पूजा-अर्चना की और फिर Sankat Mochan Hanuman Temple में हनुमान चालीसा का पाठ किया।

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इसके बाद शंखनाद और जयकारों के बीच वे अपने काफिले के साथ लखनऊ के लिए रवाना हुए।

कई जिलों से होकर गुजरेगी यात्रा

यह यात्रा काशी से निकलकर जौनपुर, सुल्तानपुर, अमेठी, रायबरेली, उन्नाव, हरदोई और सीतापुर होते हुए लगभग पांच दिनों में लखनऊ पहुंचेगी। यात्रा में 20 से अधिक गाड़ियां और करीब 500 श्रद्धालु शामिल हैं। रास्ते में लोगों को पोस्टर भी बांटे जा रहे हैं।

डिप्टी सीएम के बयान पर प्रतिक्रिया

डिप्टी सीएम Keshav Prasad Maurya के स्वागत वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य ने कहा कि यह सही समय है जब लोग खुलकर अपनी राय रखें।
उन्होंने कहा कि जो लोग गौमाता के पक्ष में हैं, वे खुलकर बोल रहे हैं, जबकि विरोध करने वाले चुप हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 11 मार्च को लखनऊ में होने वाली संतों की सभा में इस आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी।