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रोहित पांडेय, पूर्व डीआईजी समेत कई नेता सपा में शामिल, अखिलेश यादव ने भाजपा पर साधा निशाना

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में संतकबीरनगर से पूर्व लोकसभा प्रत्याशी Rohit Kumar Pandey ने शनिवार को सैकड़ों समर्थकों के साथ Samajwadi Party का दामन थाम लिया।

लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav ने रोहित पांडेय का स्वागत किया। इस दौरान पूर्व डीआईजी Ram Sharad Ram, डीएनएनएस यादव, अंकित सिंह और पूर्व पुलिस अधिकारी राजीव गुप्ता भी सपा में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर महंगाई और कानून-व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला।

महंगाई को लेकर भाजपा पर हमला

अखिलेश यादव ने एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और टैक्स को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि टैक्स के जरिए महंगाई लगातार बढ़ाई जा रही है और सिलेंडर के दाम सीधे 60 रुपये बढ़ा दिए गए।
उन्होंने कहा, “जब जाएंगे भाजपाई, तभी हटेगी महंगाई।” उनके मुताबिक महंगाई एक बार बढ़ने के बाद कम होना मुश्किल हो जाता है।

कानून-व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

सपा प्रमुख ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में पुलिसकर्मियों की अपराधियों से मिलीभगत सामने आई है। उन्होंने कहा कि कॉल डिटेल से पता चला है कि कुछ पुलिसकर्मी अपराधियों को सूचना दे रहे हैं।
गांजा तस्करी के मामलों का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि बड़ी मात्रा में पकड़ा गया गांजा आखिर कहां जाता है।

सपा सरकार की उपलब्धियां गिनाईं

अखिलेश यादव ने अपनी सरकार (2012–2017) के दौरान किए गए विकास कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय एक्सप्रेसवे, लैपटॉप वितरण, रिवर फ्रंट और थर्मल प्लांट जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट पूरे किए गए थे।

योगी सरकार पर भी तंज

मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की विदेश यात्रा पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यह पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो अपनी विदाई से पहले घूमने निकल गए।
साथ ही भाजपा द्वारा जारी किए गए एक गाने पर भी उन्होंने आपत्ति जताई और कहा कि इसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

बेरोजगारी और विदेश नीति पर टिप्पणी

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में बेरोजगारी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों को सुरक्षित वापस लाना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने Russia को भारत का पुराना मित्र बताते हुए कहा कि यदि सस्ता तेल मिलता है तो रूस से अधिक तेल खरीदा जाना चाहिए।

यह भी पढ़े:- बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर हलचल, अमित शाह ने सम्राट चौधरी को दिल्ली बुलाया

रोहित कुमार पांडे पहले भी लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं और संतकबीरनगर क्षेत्र में सक्रिय राजनीतिक चेहरा माने जाते हैं। सपा नेताओं का कहना है कि उनके पार्टी में शामिल होने से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी।

बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर हलचल, अमित शाह ने सम्राट चौधरी को दिल्ली बुलाया

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अमित शाह  ने बिहार के डिप्टी सीएम Samrat Choudhary को दिल्ली बुलाया है। राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर तेज होती सियासी चर्चाओं के बीच यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है। जानकारी के मुताबिक सम्राट चौधरी रविवार को पटना से दिल्ली जाकर शाह से मुलाकात करेंगे।

दरअसल, Nitish Kumar के राज्यसभा जाने की घोषणा के बाद बिहार की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। माना जा रहा है कि उनके राज्यसभा सांसद बनने के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की संभावना है, जिसके बाद राज्य में नई सरकार का गठन हो सकता है।

नई सरकार के गठन पर हो सकती है चर्चा

हालांकि गृह मंत्री अमित शाह ने सम्राट चौधरी को दिल्ली क्यों बुलाया है, इसकी आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है। लेकिन राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार में नई सरकार के गठन और संभावित मुख्यमंत्री के नाम पर बातचीत हो सकती है।

सम्राट चौधरी फिलहाल बिहार में एनडीए सरकार में नंबर दो की भूमिका में हैं और उनके पास राज्य का अहम गृह विभाग भी है, जो पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास था।

राज्यसभा जाने के बाद बदल सकती है सियासत

हाल ही में नीतीश कुमार ने पटना में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया के जरिए खुद राज्यसभा जाने की जानकारी दी थी और कहा था कि यह उनका व्यक्तिगत फैसला है।

इसके बाद मुख्यमंत्री आवास पर पार्टी की बैठक भी हुई, जिसमें उनके बेटे Nishant Kumar के राजनीति में आने को लेकर भी चर्चा हुई।

16 मार्च को राज्यसभा चुनाव

बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होना है। मौजूदा सांसदों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त होगा, जिसके बाद नए सदस्य शपथ लेंगे। माना जा रहा है कि राज्यसभा सांसद बनने के बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़ सकते हैं।

नए सीएम की रेस में कई नाम

बिहार में अगला मुख्यमंत्री भाजपा से होने की संभावना जताई जा रही है। इस रेस में सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। वह पिछड़ा वर्ग की कुशवाहा जाति से आते हैं और भाजपा के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं।

यह भी पढ़े:- ईरान ने पड़ोसी देशों से मांगी माफी, राष्ट्रपति पेजेशकियन बोले—अब नहीं करेंगे हमला

इसके अलावा केंद्रीय मंत्री Nityanand Rai का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल बताया जा रहा है, जो पार्टी के प्रमुख यादव चेहरे माने जाते हैं।

राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि भाजपा अन्य राज्यों की तरह यहां भी किसी नए चेहरे को मुख्यमंत्री बनाकर सभी को चौंका सकती है।

ईरान ने पड़ोसी देशों से मांगी माफी, राष्ट्रपति पेजेशकियन बोले—अब नहीं करेंगे हमला

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Masoud Pezeshkian ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पड़ोसी देशों से माफी मांगते हुए कहा कि अब Iran किसी भी पड़ोसी देश पर हमला नहीं करेगा और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सहयोग चाहता है।

ईरान के सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित वीडियो संदेश में पेजेशकियन ने कहा कि जिन पड़ोसी देशों को हमलों का सामना करना पड़ा, उनसे माफी मांगना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ईरान का उद्देश्य क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना है और अब किसी भी देश पर हमला करने का इरादा नहीं है।

सेना को दिए गए नए निर्देश

राष्ट्रपति पेजेशकियन ने बताया कि सैन्य बलों को स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं कि अब पड़ोसी देशों पर तब तक हमला न किया जाए जब तक पहले ईरान पर हमला न हो।
उन्होंने कहा कि कुछ ताकतें क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं और देशों को इसके जाल में नहीं फंसना चाहिए।

पेजेशकियन ने यह भी कहा कि किसी बाहरी ताकत के समर्थन में जाकर ईरान के खिलाफ खड़ा होना सम्मान और स्वतंत्रता का रास्ता नहीं है।

सऊदी अरब ने दी थी कड़ी चेतावनी

इससे पहले Saudi Arabia ने मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी। सऊदी रक्षा मंत्री Khalid bin Salman ने कहा था कि ईरान को किसी भी तरह की गलतफहमी या गलत आकलन से बचना चाहिए।

सऊदी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, राजधानी रियाद के दक्षिण-पूर्व में स्थित Prince Sultan Air Base को निशाना बनाकर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को रास्ते में ही नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा इसी एयर बेस की ओर दागी गई दूसरी मिसाइल को भी सफलतापूर्वक विफल कर दिया गया।

ड्रोन हमलों को भी किया गया नाकाम

सऊदी प्रेस एजेंसी के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात की सीमा के पास स्थित Shaybah Oil Field को निशाना बनाकर किए गए कई ड्रोन हमलों को भी सेना ने नाकाम कर दिया। इसके साथ ही रियाद के पूर्वी इलाके में किए गए एक अन्य ड्रोन हमले को भी रोक दिया गया।

इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था, लेकिन ईरानी राष्ट्रपति के इस बयान को हालात शांत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

Aaj Ka Rashifal 7 March 2026: इन 6 राशियों के लिए दिन रहेगा खास, जीवन में दिखेंगे बड़े बदलाव

Aaj Ka Rashifal 7 March 2026: शनिवार 7 मार्च का दिन कई राशियों के लिए बदलाव और नए अवसर लेकर आया है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज गुरु मिथुन राशि में, केतु सिंह राशि में और चंद्रमा तुला राशि में चित्रा नक्षत्र में स्थित हैं। चित्रा नक्षत्र को प्रभावशाली माना जाता है और इस नक्षत्र में चंद्रमा होने से व्यक्ति की सोच परिपक्व और संतुलित होती है।
वहीं कुंभ राशि में सूर्य, बुध, मंगल और राहु की युति बन रही है, जबकि मीन राशि में शुक्र और शनि विराजमान हैं। ग्रहों की यह स्थिति कई राशियों के लिए शुभ संकेत दे रही है, हालांकि कुछ राशियों को सावधानी बरतने की भी सलाह दी गई है। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का आज का राशिफल।

मेष राशि

आज का दिन सुखद और आनंददायक रह सकता है। प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी और प्रियजन से मुलाकात संभव है। स्वास्थ्य थोड़ा कमजोर रह सकता है और कारोबार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि धीरे-धीरे स्थिति बेहतर होने के संकेत हैं। काली वस्तु का दान करना लाभकारी रहेगा।

वृषभ राशि

विरोधियों पर आपकी पकड़ मजबूत रहेगी। कुछ मानसिक तनाव बना रह सकता है और स्वास्थ्य में हल्की गिरावट महसूस हो सकती है। परिवार और बच्चों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं और कोई नई शुरुआत संभव है। शनिदेव का स्मरण करना शुभ रहेगा।

मिथुन राशि

विद्यार्थियों और रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों के लिए दिन अच्छा रहेगा। लेखन, साहित्य और कला के क्षेत्र में सफलता मिल सकती है। स्वास्थ्य थोड़ा कमजोर रह सकता है लेकिन व्यापारिक मामलों में प्रगति के योग बन रहे हैं। शनिदेव की पूजा करना लाभदायक रहेगा।

कर्क राशि

आज का दिन थोड़ा सावधानी से बिताने की जरूरत है। कार्यों में जोखिम बढ़ सकता है और नौकरी या व्यापार में चुनौतियां सामने आ सकती हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा लेकिन उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अपने व्यवहार और निर्णयों में संयम रखें। लाल वस्तु साथ रखना शुभ माना गया है।

सिंह राशि

आज आप साहस और आत्मविश्वास से भरे रहेंगे। यदि किसी नए काम की शुरुआत करना चाहते हैं तो समय अनुकूल है। हालांकि स्वास्थ्य और दांपत्य जीवन में थोड़ी परेशानी आ सकती है। पेट से जुड़ी समस्याओं का ध्यान रखें। सूर्य को जल अर्पित करना और काली वस्तु का दान करना शुभ रहेगा।

कन्या राशि

आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत मिल रहे हैं और धन लाभ के योग बन सकते हैं। परिवार में सुखद माहौल रहेगा। विरोधियों की संख्या बढ़ सकती है, लेकिन आप उन पर भारी पड़ेंगे। नौकरी और करियर के मामलों में स्थिति बेहतर रहेगी। शनिदेव को प्रणाम करना शुभ रहेगा।

तुला राशि

आज आपका व्यक्तित्व प्रभावशाली रहेगा और लोग आपके काम की सराहना करेंगे। हालांकि मानसिक रूप से थोड़ी उलझन और असमंजस बना रह सकता है। प्रेम संबंधों और पढ़ाई से जुड़े मामलों में निर्णय लेने में कठिनाई हो सकती है। नीली वस्तु अपने पास रखना शुभ रहेगा।

वृश्चिक राशि

मानसिक तनाव और खर्च बढ़ने की संभावना है। सिरदर्द या आंखों से जुड़ी परेशानी हो सकती है। प्रेम और संतान से जुड़ी स्थिति सामान्य रहेगी और व्यापार भी ठीक रहेगा। मां काली का स्मरण करना शुभ रहेगा।

धनु राशि

आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और पुराने कार्यों से भी लाभ मिल सकता है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। प्रेम और बच्चों से जुड़े मामलों में थोड़ी चिंता रह सकती है। फिलहाल किसी नए व्यापार की शुरुआत करने से बचें। लाल वस्तु साथ रखना शुभ रहेगा।

मकर राशि

आज धन हानि के संकेत मिल सकते हैं, इसलिए निवेश करते समय सावधानी रखें। मुख या दांत से जुड़ी समस्या हो सकती है। अनावश्यक विवाद या कठोर भाषा से बचें। हालांकि कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिलने की संभावना है। मां काली का स्मरण करना शुभ रहेगा।

कुंभ राशि

भाग्य आपका साथ देगा और रुके हुए काम बनने की संभावना है। जोखिम भरे कार्यों से बाहर निकलने का अवसर मिल सकता है। मानसिक और शारीरिक दबाव बना रह सकता है, लेकिन व्यापार और पारिवारिक मामलों में स्थिति ठीक रहेगी। सफेद वस्तु साथ रखना लाभकारी रहेगा।

मीन राशि

आज का दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कई दिशाओं से दबाव महसूस हो सकता है। स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है और कामकाज में भी धीमापन रहेगा। धैर्य और सावधानी से दिन बिताना बेहतर रहेगा। मां काली को सफेद वस्तु अर्पित करना शुभ माना गया है।

UPSC CSE 2025: AIIMS से MBBS कर चुके अनुज अग्निहोत्री बने देश के टॉपर, तीसरे प्रयास में हासिल की पहली रैंक

देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक UPSC Civil Services Examination 2025 का रिजल्ट जारी हो गया है। इस साल परीक्षा में राजस्थान के अनुज अग्निहोत्री ने पूरे देश में पहली रैंक हासिल कर टॉप किया है।

राजस्थान के रावतभाटा निवासी Anuj Agnihotri ने तीसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की है। इससे पहले भी वह यूपीएससी परीक्षा पास कर चुके थे और उन्हें DANICS कैडर मिला था।

AIIMS जोधपुर से की MBBS

अनुज अग्निहोत्री की शुरुआती पढ़ाई रावतभाटा से हुई। इसके बाद उन्होंने जोधपुर जाकर All India Institute of Medical Sciences Jodhpur से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की।
उन्होंने वर्ष 2023 में एमबीबीएस की डिग्री हासिल की और इसके बाद सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की।

अनुज के पिता केबी अग्निहोत्री राजस्थान परमाणु बिजलीघर की इकाई में कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां मंजू अग्निहोत्री गृहिणी हैं। अनुज ने अपनी स्कूली शिक्षा रावतभाटा स्थित परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय से की, जहां 12वीं कक्षा में उन्होंने 94 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे।

क्यों चुनी सिविल सेवा

एक मॉक इंटरव्यू के दौरान अनुज ने बताया कि उन्होंने सिविल सेवा इसलिए चुनी क्योंकि उन्हें इस काम का स्वभाव पसंद है। उनके मुताबिक सिविल सेवा में अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने और जिम्मेदारियों की व्यापक रेंज मिलती है, जिससे काम कभी नीरस नहीं लगता।

पढ़ाई के अलावा उन्हें टेबल टेनिस खेलना, क्रिकेट देखना और स्टैंडअप कॉमेडी देखना पसंद है। उन्होंने बताया कि एमबीबीएस की पढ़ाई के साथ यूपीएससी की तैयारी करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन अनुशासन और सही रणनीति से उन्होंने यह लक्ष्य हासिल किया।

टॉप 5 उम्मीदवार

यूपीएससी सीएसई 2025 में टॉप 5 उम्मीदवार इस प्रकार हैं:

  1. अनुज अग्निहोत्री
  2. राजेश्वरी सुवे एम
  3. अकांश ढुल
  4. राघव झुनझुनवाला
  5. ईशान भटनागर

कितने उम्मीदवार हुए सफल

इस वर्ष कुल 1087 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी, जिनमें से 958 उम्मीदवारों को सफल घोषित किया गया है। चयनित अभ्यर्थियों में 317 जनरल, 104 ईडब्ल्यूएस, 306 ओबीसी, 158 एससी और 73 एसटी वर्ग से हैं।

इस परीक्षा के जरिए Indian Administrative Service, Indian Police Service, Indian Foreign Service समेत कई प्रतिष्ठित सेवाओं में भर्ती की जाएगी।

तीन चरणों में होती है परीक्षा

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की जाती है—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार। मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू में प्रदर्शन के आधार पर अंतिम मेरिट सूची जारी की जाती है।

इस वर्ष इंटरव्यू 5 जनवरी से शुरू होकर 27 फरवरी 2026 को समाप्त हुए थे। मेन्स परीक्षा के आधार पर 2736 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था।

पटना में जदयू दफ्तर पर हंगामा, पीएम मोदी के पोस्टर पर पोती कालिख; नीतीश के राज्यसभा जाने का विरोध तेज

न्यूज़ डेस्क/सवोदय न्यूज़:– बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar के राज्यसभा जाने के फैसले को लेकर उनकी ही पार्टी Janata Dal (United) के भीतर विरोध तेज हो गया है। शुक्रवार को Patna स्थित जदयू के प्रदेश कार्यालय में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता जुट गए और नीतीश कुमार के समर्थन में नारेबाजी करते हुए उनके फैसले पर पुनर्विचार की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान कार्यालय में लगे पोस्टरों पर भी गुस्सा देखने को मिला। कार्यकर्ताओं ने पोस्टर में प्रधानमंत्री Narendra Modi के चेहरे पर कालिख पोत दी, जिससे वहां कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया।

कार्यकर्ताओं का धरना और नारेबाजी

शुक्रवार सुबह से ही पटना में जदयू कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। कई कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए और बैनर-पोस्टर के साथ नारेबाजी करने लगे।

प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह फैसला बिहार की जनता के जनादेश के खिलाफ है। उनका तर्क है कि राज्य की जनता ने विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार के चेहरे पर वोट दिया था, इसलिए उन्हें ही मुख्यमंत्री पद पर बने रहना चाहिए।

फैसले पर पुनर्विचार की मांग

कार्यकर्ताओं ने जदयू अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से राज्यसभा जाने के अपने फैसले को वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ताओं ने जदयू कार्यालय के गेट पर पोस्टकार्ड लिखकर भी मुख्यमंत्री से अपने निर्णय पर दोबारा विचार करने की अपील की।

पोस्टरों पर कालिख पोती

प्रदर्शन के दौरान कार्यालय के बाहर लगे एक पोस्टर में नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों की तस्वीरें थीं। नाराज कार्यकर्ताओं ने इसी पोस्टर में पीएम मोदी के चेहरे पर कालिख पोत दी, जिससे विरोध और भी चर्चा में आ गया।

राज्यसभा जाने का ऐलान

दरअसल, करीब दो दशक तक बिहार की सत्ता के केंद्र में रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को सोशल मीडिया के जरिए राज्यसभा जाने का ऐलान किया था। इसके साथ ही उन्होंने जदयू उम्मीदवार के तौर पर बिहार विधानसभा में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन भी दाखिल कर दिया।

यह भी पढ़े:- अमेरिका-इजरायल के बाद एक और देश करेगा ईरान पर अटैक!,जवाबी कार्रवाई के लिए सेना

अपने पोस्ट में नीतीश कुमार ने कहा कि वह अपनी इच्छा से राज्यसभा जा रहे हैं और अब संसद के उच्च सदन में नई पारी शुरू करना चाहते हैं। वह पहले विधायक, एमएलसी और लोकसभा सांसद रह चुके हैं।

बिहार में बदल सकती है सत्ता की तस्वीर

राजनीतिक चर्चाओं के मुताबिक, नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद बनने के बाद बिहार में नई सरकार का गठन हो सकता है। ऐसी अटकलें हैं कि राज्य को पहली बार Bharatiya Janata Party का मुख्यमंत्री मिल सकता है।

नीतीश के फैसले को लेकर गुरुवार को भी जदयू कार्यालय और मुख्यमंत्री आवास के बाहर कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। शुक्रवार को संभावित हंगामे को देखते हुए पुलिस ने मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा कड़ी कर दी।

अमेरिका-इजरायल के बाद एक और देश करेगा ईरान पर अटैक!,जवाबी कार्रवाई के लिए सेना को आदेश

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच Iran की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। Azerbaijan ने आरोप लगाया है कि उसकी सीमा की ओर ईरान की तरफ से ड्रोन भेजे गए, जिसके बाद उसने कड़ा रुख अपना लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजरबैजान के राष्ट्रपति Ilham Aliyev ने सेना को जवाबी कार्रवाई की तैयारी के निर्देश दिए हैं।

बताया जा रहा है कि अजरबैजान ने इस घटना पर ईरान से स्पष्टीकरण भी मांगा है। इससे पहले क्षेत्र में United States और Israel के साथ तनाव के कारण हालात पहले से ही संवेदनशील बने हुए हैं।

ड्रोन हमले के आरोप से बढ़ा तनाव

अजरबैजान के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, ईरान की दिशा से नखचिवान क्षेत्र की ओर चार ड्रोन भेजे गए थे। इनमें से एक ड्रोन को अजरबैजानी सेना ने हवा में ही निष्क्रिय कर दिया, जबकि अन्य ड्रोन नागरिक इलाकों के पास गिरे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि एक ड्रोन स्कूल के पास गिरा, जहां उस समय कक्षाएं चल रही थीं। इस घटना के बाद सरकार ने इसे गंभीर सुरक्षा चुनौती बताया।

राष्ट्रपति ने की कड़ी प्रतिक्रिया

राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने ईरान पर “आतंकवाद और आक्रामकता का निराधार कृत्य” करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश के खिलाफ बिना उकसावे के हुई इस कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

रॉयटर्स के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक में अलीयेव ने कहा कि सशस्त्र बलों को संभावित जवाबी कार्रवाई की तैयारी के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अजरबैजान किसी भी दुश्मन ताकत के सामने अपनी शक्ति दिखाने के लिए तैयार है।

ईरान से मांगा जवाब

अजरबैजान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि ईरान की ओर से भेजे गए कई ड्रोन उसके क्षेत्र में गिरे। इनमें से एक ड्रोन ने हवाई अड्डे की टर्मिनल बिल्डिंग को नुकसान पहुंचाया, जबकि दूसरा एक स्कूल के पास गिरा।

यह भी पढ़े:- क्या नीतीश के बदले ‘नीतीश’ देगी भाजपा? बिहार में नए CM को लेकर तेज हुई चर्चा

मंत्रालय ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए अजरबैजान में तैनात ईरानी राजदूत को तलब किया और भविष्य में ऐसी घटनाएं न होने की मांग की।

ईरान ने आरोपों को किया खारिज

दूसरी ओर ईरान ने इन आरोपों से इनकार किया है। ईरान के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ का कहना है कि उनकी ओर से अजरबैजान की दिशा में कोई ड्रोन नहीं भेजा गया।

ईरान ने यह भी कहा कि वह युद्ध के दौरान तेल ठिकानों और अन्य नागरिक स्थानों को निशाना बनाने से बचने की नीति पर कायम है, हालांकि हालिया हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस जारी है।

क्या नीतीश के बदले ‘नीतीश’ देगी भाजपा? बिहार में नए CM को लेकर तेज हुई चर्चा

न्यूज़ डेक्स/ सर्वोदय न्यूज़:- करीब ढाई दशक से बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे मुख्यमंत्री Nitish Kumar अब सक्रिय राज्य की राजनीति से दूरी बनाते नजर आ रहे हैं। गुरुवार को उन्होंने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया, जिसके बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि बिहार को जल्द ही नया मुख्यमंत्री मिलने वाला है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस बार मुख्यमंत्री पद बीजेपी के हिस्से में जा सकता है।

नए मुख्यमंत्री को लेकर कई नामों की चर्चा हो रही है। इनमें मौजूदा डिप्टी सीएम Samrat Choudhary और वरिष्ठ नेता Vijay Kumar Sinha प्रमुख दावेदार बताए जा रहे हैं। वहीं अब एक और नाम तेजी से सामने आ रहा है—Nitish Mishra। दिलचस्प बात यह है कि अगर उन्हें मौका मिलता है तो बिहार की राजनीति में ‘नीतीश के बाद एक और नीतीश’ मुख्यमंत्री बन सकते हैं।

कौन हैं नीतीश मिश्रा?

पूर्व मुख्यमंत्री Jagannath Mishra के बेटे नीतीश मिश्रा मधुबनी जिले के झंझारपुर विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक रह चुके हैं। वर्ष 2000 से लेकर 2025 तक उन्होंने लगातार इस सीट से जीत दर्ज की है और बिहार सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।

राजनीतिक हलकों में माना जा रहा था कि 2025 में उन्हें फिर से कैबिनेट में जगह मिल सकती है, लेकिन ऐसा नहीं होने के बाद से ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि पार्टी उन्हें संगठन या सरकार में बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। अब मुख्यमंत्री पद की संभावित दौड़ में भी उनका नाम जोड़ा जा रहा है।

पढ़े-लिखे और साफ छवि वाले नेता

9 जुलाई 1973 को जन्मे नीतीश मिश्रा को बिहार के शिक्षित और युवा नेताओं में गिना जाता है। उन्होंने नीदरलैंड और यूनाइटेड किंगडम से उच्च शिक्षा हासिल की है। राजनीतिक करियर में वह ग्रामीण विकास मंत्री समेत कई विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
2010 से 2015 के बीच ग्रामीण विकास मंत्री के तौर पर उन्होंने काम किया और इस दौरान कई अन्य विभागों का अतिरिक्त प्रभार भी उनके पास रहा। इसके अलावा आपदा प्रबंधन, गन्ना और उद्योग जैसे विभागों की जिम्मेदारी भी वह निभा चुके हैं। पार्टी संगठन में भी उन्होंने बिहार बीजेपी के उपाध्यक्ष के रूप में काम किया है।

नीतीश कुमार के साथ भी रहा तालमेल

बिहार की मौजूदा सरकार में बीजेपी और जेडीयू साथ मिलकर सत्ता चला रहे हैं। ऐसे में पार्टी ऐसे चेहरे को आगे करना चाह सकती है, जिस पर दोनों दलों का भरोसा हो। इस लिहाज से नीतीश मिश्रा का नाम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह पहले जेडीयू में रह चुके हैं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ लंबे समय तक मंत्री के रूप में काम कर चुके हैं।

मिथिलांचल से CM बनाने की रणनीति?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी मिथिलांचल क्षेत्र को राजनीतिक संदेश देने के लिए यहां से किसी नेता को मुख्यमंत्री बना सकती है। हाल के चुनावों में इस इलाके में एनडीए को बड़ी सफलता मिली है।

यह भी पढ़े:- पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस का इस्तीफा, ममता बनर्जी ने अमित शाह पर

2025 के विधानसभा चुनाव में मिथिलांचल की 37 सीटों में से 31 पर एनडीए ने जीत दर्ज की थी। ऐसे में माना जा रहा है कि पार्टी इस क्षेत्र को ‘रिटर्न गिफ्ट’ देने के तौर पर यहां के किसी नेता को मुख्यमंत्री बना सकती है।

एक समय बिहार की राजनीति में मिथिलांचल का काफी प्रभाव रहा है। Jagannath Mishra और Bhagwat Jha Azad जैसे मुख्यमंत्री इसी इलाके से आए थे। हालांकि बाद के वर्षों में सत्ता में इस क्षेत्र की भागीदारी अपेक्षाकृत कम हो गई।

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस का इस्तीफा, ममता बनर्जी ने अमित शाह पर साधा निशाना

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राज्यपाल के इस्तीफे को लेकर सियासत तेज हो गई है। मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है। उनका कहना है कि यह फैसला केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के दबाव में लिया गया हो सकता है।

चुनाव से पहले राज्यपाल का इस्तीफा, बढ़ी अटकलें

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल C. V. Ananda Bose ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका कार्यकाल नवंबर 2027 तक था, लेकिन उन्होंने लगभग 20 महीने पहले ही पद छोड़ दिया। बोस ने दिल्ली से इस्तीफे की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने करीब साढ़े तीन साल तक बंगाल के राज्यपाल के रूप में काम किया और उनके लिए यह समय पर्याप्त रहा। हालांकि, उन्होंने अपने इस्तीफे के कारणों का खुलासा नहीं किया।

ममता बनर्जी ने जताई चिंता

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि इस अचानक हुए फैसले से वह हैरान और चिंतित हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जानकारी मिली है कि बोस के इस्तीफे के बाद तमिलनाडु के राज्यपाल R. N. Ravi पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे।

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ममता बनर्जी का आरोप है कि इस फैसले में राज्य सरकार से कोई सलाह नहीं ली गई और यह सहकारी संघवाद की भावना के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इस तरह के एकतरफा फैसले लोकतांत्रिक व्यवस्था और राज्यों की गरिमा के लिए सही नहीं हैं।

बीजेपी ने आरोपों को बताया निराधार

वहीं बीजेपी की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष Samik Bhattacharya ने ममता बनर्जी के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि राजभवन में बदलाव होना कोई असामान्य बात नहीं है और जानकारी के मुताबिक बोस ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया है। उन्होंने टीएमसी पर इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया।

चुनावी माहौल में बढ़ी सियासी गर्मी

राजनीतिक हलकों में यह घटनाक्रम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि जल्द ही पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा होने की संभावना है। अपने कार्यकाल के दौरान सी.वी. आनंद बोस और राज्य सरकार के बीच कई मुद्दों को लेकर टकराव भी देखने को मिला था, जिससे यह इस्तीफा और अधिक चर्चा का विषय बन गया है।

ईरान से निपटने के लिए यूक्रेन से मदद चाहता अमेरिका? जेलेंस्की ने रखी शर्त

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:– ईरान के ड्रोन हमलों को लेकर बढ़ती चिंता के बीच यूक्रेन ने बड़ा दावा किया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने कहा है कि अमेरिका और पश्चिम एशिया के कई देश ईरानी शाहेद ड्रोन से निपटने के लिए यूक्रेन के अनुभव का लाभ उठाना चाहते हैं।

जेलेंस्की ने बुधवार देर रात कहा कि अमेरिका सहित कई देशों ने यूक्रेन से संपर्क कर ईरान के ड्रोन हमलों से बचाव को लेकर सहयोग मांगा है। उनके मुताबिक उन्होंने हाल के दिनों में United Arab Emirates, Qatar, Bahrain, Jordan और Kuwait के नेताओं से संभावित सहयोग पर चर्चा की है।

यूक्रेन ने रखी यह शर्त

यूक्रेन के राष्ट्रपति ने साफ कहा कि उनका देश तभी मदद करेगा जब इससे उसकी अपनी सुरक्षा कमजोर न पड़े। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह का सहयोग ऐसा होना चाहिए जिससे रूस के खिलाफ चल रहे संघर्ष में यूक्रेन की स्थिति मजबूत हो और कूटनीतिक प्रयासों को भी समर्थन मिले।

दरअसल, रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले शुरू करने के बाद से हजारों Shahed drone का इस्तेमाल किया गया है। इसी तरह ईरान ने भी हाल के दिनों में अमेरिकी और इजरायली हमलों के जवाब में ड्रोन हमले किए हैं।

जेलेंस्की का तंज

जेलेंस्की ने इस मुद्दे पर तंज कसते हुए कहा कि यूक्रेन उन देशों की मदद करता है जो उसकी मदद करते हैं और जो रूस के साथ युद्ध को न्यायपूर्ण तरीके से समाप्त कराने के प्रयासों का समर्थन करते हैं।

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उन्होंने यह भी कहा कि ईरान से जुड़े तनाव के कारण यूरोप में जारी सबसे बड़े संघर्ष यानी रूस-यूक्रेन युद्ध से दुनिया का ध्यान कुछ हद तक हट गया है। इसी वजह से इस सप्ताह होने वाली अमेरिका की मध्यस्थता वाली रूस-यूक्रेन वार्ता का नया दौर भी टल गया।

खाड़ी देशों में नाराजगी

सूत्रों के अनुसार फारस की खाड़ी के कई अमेरिकी सहयोगी इस बात से नाराज हैं कि Donald Trump के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रशासन ने Israel के साथ मिलकर Iran पर हमले करने से पहले उन्हें भरोसे में नहीं लिया। इतना ही नहीं, जवाबी हमलों से निपटने के लिए भी उन्हें पर्याप्त समय और समर्थन नहीं मिला।

अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों के बाद ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।