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LPG संकट टला? सरकार का दावा—रिफाइनरियों ने 10% बढ़ाया उत्पादन, सप्लाई सामान्य

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और Iran से जुड़ी स्थिति के बीच एलपीजी सप्लाई को लेकर पैदा हुई चिंताओं पर केंद्र सरकार ने बड़ा बयान दिया है। सरकार ने कहा है कि देश में एलपीजी (रसोई गैस) की कोई कमी नहीं है और हाल के दिनों में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की संभावित कमी को लेकर जो आशंकाएं जताई जा रही थीं, अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, तेल रिफाइनरियों को निर्देश देने के बाद देश में एलपीजी उत्पादन में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही जमाखोरी और अनियमितताओं को रोकने के लिए अतिरिक्त प्रशासनिक कदम भी उठाए गए हैं।

रिफाइनरियां 100% क्षमता पर कर रही काम

अधिकारियों के मुताबिक देश की सभी तेल रिफाइनरियां फिलहाल 100 प्रतिशत क्षमता के साथ काम कर रही हैं, ताकि एलपीजी की सप्लाई लगातार बनी रहे। वितरण प्रणाली पर निगरानी को और सख्त करने के लिए मॉनिटरिंग अवधि को 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है।

सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए Essential Commodities Act के प्रावधान लागू किए हैं। हालांकि अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि Essential Services Maintenance Act (ESMA) लागू नहीं किया गया है।

अफवाहों से बचने की अपील

सरकार ने कहा कि कुछ समय के लिए बाजार में चिंता का माहौल बना था, लेकिन अब गैस की आपूर्ति सामान्य हो चुकी है। लोगों से सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करने की अपील की गई है। अधिकारियों का कहना है कि अफवाहों के कारण अनावश्यक घबराहट और जमाखोरी की स्थिति बन सकती है।

घरेलू उपभोक्ताओं को दी जा रही प्राथमिकता

सरकारी अधिकारियों ने बताया कि घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। कुछ उद्योग संगठनों ने व्यावसायिक एलपीजी की संभावित कमी को लेकर चिंता जताई थी, लेकिन सरकार का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सप्लाई प्रभावित नहीं होगी।

वैश्विक तनाव के बीच भारत की तैयारी

सरकारी सूत्रों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई चेन पर दबाव के बावजूद India ऊर्जा आपूर्ति के मामले में कई देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है।

ऊर्जा मंत्रालय और तेल कंपनियां लगातार अंतरराष्ट्रीय आपूर्तिकर्ताओं के संपर्क में हैं, ताकि एलपीजी सप्लाई में किसी तरह की बाधा न आए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और फिलहाल किसी भी तरह का संकट नहीं है।

यूपी में ओला-उबर को भी कराना होगा रजिस्ट्रेशन, योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में अब ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं पर भी सख्त नियम लागू होंगे। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया है कि अब Ola Cabs और Uber जैसी कंपनियों को राज्य में संचालन के लिए अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा।

परिवहन मंत्री Dayashankar Singh ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। अब राज्य में ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं को लाइसेंस, पंजीकरण और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।

मोटर व्हीकल एक्ट के तहत लागू होगा नियम

परिवहन मंत्री के अनुसार यह व्यवस्था Motor Vehicles Act 1988 की धारा 93 के तहत लागू की जाएगी। केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2025 को नियमों में संशोधन किया था, जिसे अब उत्तर प्रदेश सरकार भी लागू करेगी।

अब तक इन कंपनियों पर राज्य स्तर पर सीधा नियंत्रण नहीं था, लेकिन नए नियम लागू होने के बाद इन्हें लाइसेंस लेना होगा और नियमित रूप से शुल्क भी जमा करना होगा।

ड्राइवर की पूरी जानकारी होगी अनिवार्य

नए नियमों के तहत अब ऐप आधारित टैक्सी चलाने वाले ड्राइवरों के लिए कई अनिवार्य शर्तें लागू होंगी। इनमें शामिल हैं:

  • ड्राइवर का मेडिकल टेस्ट
  • पुलिस वेरिफिकेशन
  • वाहन का फिटनेस टेस्ट
  • ड्राइवर और वाहन की पूरी जानकारी का रिकॉर्ड

सरकार एक ऐसा डिजिटल ऐप भी विकसित करेगी, जिसमें ड्राइवर और वाहन से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रहेगी।

इतना देना होगा शुल्क

नए नियमों के अनुसार:

  • पंजीकरण आवेदन शुल्क: ₹25,000
  • लाइसेंस शुल्क (50-100 या उससे अधिक गाड़ियां चलाने वाली कंपनियों के लिए): ₹5 लाख
  • लाइसेंस रिन्यूअल: हर 5 साल में
  • रिन्यूअल शुल्क: ₹5,000

नोटिफिकेशन जारी होने के बाद यह नियम पूरे प्रदेश में लागू कर दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 को भी मंजूरी

कैबिनेट बैठक में परिवहन से जुड़ा एक और बड़ा फैसला लिया गया। सरकार ने Mukhyamantri Gram Parivahan Yojana 2026 को मंजूरी दे दी है।

इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश के हर गांव तक बस सेवा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल प्रदेश के करीब 12,200 गांवों में बस सेवा नहीं पहुंचती, लेकिन नई नीति के बाद 59,163 ग्राम सभाओं तक बस सेवा उपलब्ध कराने की योजना है।

ग्रामीणों और छात्रों को होगा बड़ा लाभ

नई योजना के तहत निजी लोगों को बस चलाने की अनुमति दी जाएगी। इन बसों को परमिट और टैक्स से भी छूट दी जाएगी।  बसें रात में गांव में ही रुकेंगी, सुबह ब्लॉक और तहसील होते हुए जिला मुख्यालय तक जाएंगी | छात्रों, कर्मचारियों और छोटे व्यापारियों को सुविधा मिलेगी जिन गांवों में बड़ी बसें नहीं जा सकतीं, वहां 7 मीटर लंबाई और अधिकतम 28 सीट वाली छोटी बसें चलाई जाएंगी।

LPG सिलेंडरों की कमी पर सरकार सख्त, लागू किया ESMA; किसे मिलेंगे पहले प्राथमिकता

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- देश में एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई में आई कमी को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए Essential Services Maintenance Act (ESMA) लागू कर दिया है, ताकि घरेलू गैस की सप्लाई प्रभावित न हो।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मध्य-पूर्व में जारी तनाव और विशेष रूप से Iran में चल रहे संघर्ष के कारण गैस सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ गया है। इसी वजह से कई इलाकों में एलपीजी की कमी की आशंका जताई जा रही है।

रिफाइनरी कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने का आदेश

सरकार ने तेल और गैस से जुड़ी कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे एलपीजी का उत्पादन बढ़ाएं और सप्लाई व्यवस्था को मजबूत करें। साथ ही कहा गया है कि फिलहाल कॉमर्शियल सिलेंडरों के मुकाबले घरेलू गैस सिलेंडरों की सप्लाई को प्राथमिकता दी जाए

सरकार का कहना है कि उत्पादन से लेकर ट्रांसपोर्ट और वितरण तक किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

इन सेक्टरों को मिलेगी 100% सप्लाई

सरकार के आदेश के अनुसार कुछ जरूरी सेक्टरों को गैस की पूरी यानी 100 फीसदी सप्लाई जारी रखी जाएगी। इनमें शामिल हैं:पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस),सीएनजी सेवाएं,एलपीजी वितरण,अन्य पाइपलाइन आधारित गैस सेवाएं| इसके अलावा कुछ उद्योगों के लिए सीमित सप्लाई का प्रावधान किया गया है।

उद्योगों को कितनी मिलेगी गैस

सरकारी आदेश के मुताबिक फर्टिलाइजर प्लांट्स को उनकी सामान्य सप्लाई का लगभग 70% गैस दी जाएगी। चाय उद्योग, मैन्युफैक्चरिंग और अन्य औद्योगिक इकाइयों को उनके कोटे की करीब 80% गैस सप्लाई जारी रहेगी। गैस वितरण कंपनियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे कॉमर्शियल और इंडस्ट्रियल सेक्टर को करीब 80% सप्लाई बनाए रखें।

सिलेंडर बुकिंग के लिए फिर लागू हुआ 25 दिन का नियम

सरकार ने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग को लेकर भी नया नियम लागू किया है। अब यदि किसी उपभोक्ता ने एक सिलेंडर लिया है तो वह अगला सिलेंडर 25 दिन बाद ही बुक कर पाएगा। यह नियम पहले कुछ समय के लिए हटा दिया गया था, लेकिन अब दोबारा लागू कर दिया गया है।

जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने की कोशिश

सरकार का कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोका जा सके। अफवाहों के कारण अचानक मांग बढ़ने से बाजार में संकट की स्थिति पैदा हो सकती है।

फिलहाल सरकार का दावा है कि हालात पर नजर रखी जा रही है और जल्द ही सप्लाई व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद है।

मिर्जापुर अस्पताल के शवगृह में रखे शव को चूहों ने कुतरा? परिजनों के हंगामे के बाद जांच शुरू

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के Mirzapur में स्थित Mirzapur Divisional Hospital से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि अस्पताल के शवगृह में रखे एक युवक के शव को चूहों ने कुतर दिया। इस घटना के सामने आने के बाद परिजनों ने 9 मार्च को अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। मामला बढ़ने पर अस्पताल प्रशासन ने इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, मिर्जापुर के तारकपुर इलाके के रहने वाले 26 वर्षीय अभिषेक माली ने 8 मार्च की सुबह कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया।

पोस्टमार्टम से पहले शव को अस्पताल के शवगृह में रखा गया था। अगले दिन 9 मार्च को जब परिजन शव लेने पहुंचे, तो उन्होंने दावा किया कि मृतक के शरीर पर कई जगह कटे और कुतरे हुए जैसे निशान दिखाई दे रहे थे। इसके बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि शव को चूहों ने कुतर दिया।

परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लगाए आरोप

मृतक के परिवार का आरोप है कि उन्होंने अस्पताल प्रशासन से शव को फ्रीजर में रखने की मांग की थी। परिजनों का कहना है कि अस्पताल कर्मियों ने उन्हें बताया कि शवगृह का फ्रीजर खराब है और इसलिए शव को बर्फ पर रखा गया है।

परिवार का दावा है कि यदि शव को सही तरीके से फ्रीजर में रखा जाता तो इस तरह की घटना नहीं होती। इसी को लेकर परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

अस्पताल प्रशासन ने दिए जांच के आदेश

अस्पताल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक Sachin Kishore ने कहा कि घटना की जांच के लिए समिति गठित की गई है। उन्होंने बताया कि यदि जांच में किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी Sunil Singh ने बताया कि शव पर कुछ घाव जरूर मिले हैं, लेकिन फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ये निशान चूहों के कारण हुए हैं या किसी अन्य वजह से। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

कोविड वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सरकार को मुआवजा नीति बनाने का निर्देश

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- कोविड-19 वैक्सीन के कथित दुष्परिणामों से हुई मौतों के मामले में सुनवाई करते हुए Supreme Court of India ने केंद्र सरकार को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि टीकाकरण के बाद होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों के मामलों के लिए सरकार को मुआवजा नीति तैयार करनी चाहिए

हालांकि अदालत ने दुष्प्रभावों की जांच के लिए किसी नए विशेषज्ञ पैनल के गठन से इनकार कर दिया और कहा कि मौजूदा निगरानी व्यवस्था जारी रहेगी।

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच में सुनवाई

मामले की सुनवाई Justice Vikram Nath और Justice Sandeep Mehta की पीठ ने की।याचिका में मांग की गई थी कि कोविड-19 टीकाकरण के बाद कथित दुष्प्रभावों से हुई मौतों के मामलों में पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जाए। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इन याचिकाओं का निपटारा करते हुए सरकार को मुआवजा नीति पर विचार करने का निर्देश दिया।

अलग एक्सपर्ट कमेटी बनाने से इनकार

अदालत ने कहा कि फिलहाल वैक्सीन के दुष्प्रभावों की निगरानी के लिए जो व्यवस्था मौजूद है, वही पर्याप्त है। इसलिए अदालत की ओर से किसी नई स्वतंत्र जांच समिति के गठन की जरूरत नहीं है।

साथ ही कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह आदेश इस बात से नहीं जोड़ा जाना चाहिए कि सरकार ने किसी प्रकार की गलती या कानूनी जिम्मेदारी स्वीकार कर ली है।

सरकार को क्या निर्देश दिए गए

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि:कोविड-19 वैक्सीन के गंभीर दुष्प्रभावों के मामलों के लिए मुआवजा नीति तैयार की जाए। टीकाकरण के बाद होने वाले दुष्प्रभावों से जुड़े मामलों की निगरानी के लिए मौजूदा प्रणाली जारी रखी जाए। ऐसे मामलों से जुड़ा डेटा समय-समय पर सार्वजनिक किया जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

याचिका में क्या कहा गया था

यह याचिका उन दो लड़कियों के माता-पिता की ओर से दाखिल की गई थी, जिनकी कथित तौर पर कोविड-19 वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स के बाद मौत होने का दावा किया गया था।

याचिकाकर्ताओं ने मांग की थी कि: मौत के मामलों की स्वतंत्र जांच के लिए अलग समिति बनाई जाए। पोस्टमार्टम और जांच से जुड़ी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। मृतकों के परिवारों को आर्थिक मुआवजा दिया जाए।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने नई जांच समिति बनाने से इनकार करते हुए सरकार को मुआवजा नीति तैयार करने का निर्देश देकर मामले का निपटारा कर दिया।

आज का राशिफल 10 मार्च: इन राशियों के लिए आय के नए अवसर, कुछ को बरतनी होगी सावधानी

आज का राशिफल 10 मार्च राशिफल: आज ग्रहों की स्थिति मिश्रित परिणाम देने वाली मानी जा रही है। ज्योतिष के अनुसार गुरु वक्री होकर मिथुन राशि में संचरण कर रहे हैं। केतु सिंह राशि में स्थित हैं और चंद्रमा नीच अवस्था में वृश्चिक राशि में हैं। वहीं सूर्य, बुध, मंगल और राहु कुंभ राशि में एक साथ होने से कई प्रकार के अशुभ योग बन रहे हैं। शुक्र और शनि मीन राशि में मौजूद हैं, जहां शुक्र उच्च स्थिति में हैं जबकि शनि कमजोर अवस्था में माने जा रहे हैं। ऐसे में कुछ राशियों को लाभ मिलने की संभावना है, जबकि कुछ को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। स्वास्थ्य, प्रेम, संतान और व्यापार से जुड़े मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत है। किसी भी प्रकार का जोखिम लेने से बचें।
उपाय: सूर्य को जल अर्पित करें और काली वस्तु का दान करें।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के लोगों के लिए दिन सुखद रहने वाला है। वैवाहिक जीवन में मधुरता रहेगी और प्रेम संबंधों में भी मजबूती आएगी। स्वास्थ्य में सुधार के संकेत हैं और नौकरी-पेशा लोगों के लिए भी समय अनुकूल है।
उपाय: देवी काली को प्रणाम करें।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए दिन सामान्य रहेगा। विरोधी भी मित्रवत व्यवहार कर सकते हैं। स्वास्थ्य को लेकर थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। व्यापार की स्थिति ठीक बनी रहेगी।
उपाय: सफेद वस्तु अपने पास रखें और लाल वस्तु का दान करें।

कर्क राशि

कर्क राशि वालों को मानसिक अस्थिरता से बचने की जरूरत है। भावनाओं में बहकर लिए गए फैसले नुकसान पहुंचा सकते हैं। स्वास्थ्य और व्यापार की स्थिति सामान्य रह सकती है।
उपाय: लाल वस्तु अपने पास रखें।

सिंह राशि

सिंह राशि के लोगों के लिए संपत्ति से जुड़े मामलों में लाभ के संकेत हैं। भूमि, भवन या वाहन की खरीद का योग बन सकता है। हालांकि स्वास्थ्य और पारिवारिक मामलों में थोड़ी सावधानी जरूरी है।
उपाय: पीली वस्तु अपने पास रखें।

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए दिन सकारात्मक रहेगा। मेहनत का फल मिलेगा और रोजगार के क्षेत्र में तरक्की के संकेत हैं। व्यापार की स्थिति मजबूत हो सकती है।
उपाय: शनि देव को प्रणाम करें।

तुला राशि

तुला राशि के लोगों के लिए धन आगमन के योग बन रहे हैं। हालांकि निवेश के मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत है। जुआ, सट्टा या लॉटरी जैसे जोखिम भरे कामों से दूरी बनाकर रखें।
उपाय: शनि देव को प्रणाम करें।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए दिन अपेक्षाकृत अच्छा रहेगा। मानसिक सकारात्मकता के कारण स्वास्थ्य में भी सुधार हो सकता है। प्रेम, संतान और व्यापार के क्षेत्र में अच्छे संकेत मिल रहे हैं।
उपाय: काली वस्तु का दान करें।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए दिन थोड़ा तनावपूर्ण रह सकता है। मन में चिंता, घबराहट और खर्च बढ़ने की स्थिति बन सकती है। हालांकि व्यापार सामान्य रूप से चलता रहेगा।
उपाय: लाल वस्तु अपने पास रखें।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए आर्थिक दृष्टि से अच्छा दिन है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और पुराने निवेश से भी लाभ मिल सकता है। यात्रा और शुभ समाचार मिलने के योग भी हैं।
उपाय: देवी काली को प्रणाम करें।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के लोगों को कार्यक्षेत्र में सफलता मिल सकती है। कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में राहत मिलने की संभावना है। सरकारी या राजनीतिक क्षेत्र में लाभ के संकेत हैं।
उपाय: हरी वस्तु अपने पास रखें।

मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए भाग्य का साथ मिल सकता है। रोजगार और करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। हालांकि स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
उपाय: भगवान शिव का जलाभिषेक करें।

कौन हैं स्वाति अघोरी? आशुतोष ब्रह्मचारी पर हमले की जिम्मेदारी लेने के बाद चर्चा में

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश की राजनीति और धार्मिक जगत में उस समय हलचल मच गई, जब ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य Swami Avimukteshwaranand के खिलाफ मामला दर्ज कराने वाले Ashutosh Brahmachari पर चलती ट्रेन में रविवार को हमला कर दिया गया।

इस घटना के बाद एक महिला, जिसने खुद को स्वाति अघोरी बताया है, ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। महिला ने न केवल घटना से जुड़ाव का संकेत दिया, बल्कि पुलिस को चुनौती देते हुए गिरफ्तारी की बात भी लिखी।

कौन हैं स्वाति अघोरी

सोशल मीडिया प्रोफाइल के अनुसार Swati Aghori उत्तराखंड के गंगोत्री क्षेत्र की रहने वाली बताई जाती हैं। वह खुद को सनातन धर्म की अघोरी परंपरा से जुड़ी साध्वी और वक्ता बताती हैं।

स्वाति सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं और उनके फेसबुक पर 10 हजार से अधिक फॉलोअर्स बताए जाते हैं। अपने प्रोफाइल में वह वेद, पुराण और उपनिषदों की ज्ञाता होने का दावा करती हैं।

उनके प्रोफाइल के अनुसार वह ‘काल भैरव युवा वाहिनी’ नामक संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बताई जाती हैं और असम के प्रसिद्ध Kamakhya Temple से भी जुड़ाव होने का दावा करती हैं।

शंकराचार्य से क्या है संबंध

स्वाति अघोरी खुद को Swami Avimukteshwaranand की शिष्या बताती हैं। उनके सोशल मीडिया पेज पर भी शंकराचार्य के गुरु Swami Swaroopanand Saraswati की तस्वीर लगी हुई है।

बताया जाता है कि वह शंकराचार्य से जुड़े कई धार्मिक अभियानों और आंदोलनों में समर्थन देती रही हैं। हाल ही में जब आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की, तो स्वाति ने इसे सनातन धर्म के खिलाफ कदम बताया था।

सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ा विवाद

आशुतोष ब्रह्मचारी पर हमले के बाद स्वाति अघोरी की फेसबुक पोस्ट ने मामले को और चर्चा में ला दिया।उन्होंने अपनी पोस्ट में आशुतोष को ‘भगोड़ा’ बताया और संकेत दिया कि यह हमला उनके समर्थकों की ओर से किया गया हो सकता है।

यह भी पढ़े:क्या दुनिया में फिर आएगा 1973 जैसा तेल संकट?भारत को बड़ी टेंशन, इन देशों में भी कोहराम मचेगा

बाद में एक और पोस्ट में उन्होंने एक पुलिसकर्मी की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि अब शायद उन्हें गिरफ्तार करने की तैयारी हो रही है। उन्होंने यह भी लिखा कि वह धर्म के लिए गिरफ्तारी से भी नहीं डरतीं।

पुलिस कर रही जांच

फिलहाल पुलिस स्वाति अघोरी की सोशल मीडिया पोस्ट और उनके दावों की जांच कर रही है। अभी तक इस मामले में कोई नई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है, लेकिन जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि घटना के समय उनकी लोकेशन क्या थी और क्या उनके संगठन का इस हमले से कोई सीधा संबंध है।

पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

क्या दुनिया में फिर आएगा 1973 जैसा तेल संकट?भारत को बड़ी टेंशन, इन देशों में भी कोहराम मचेगा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजार में दबाव तेजी से बढ़ गया है। कच्चे तेल की कीमत कुछ ही दिनों में बढ़कर करीब 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जिससे दुनिया में एक बार फिर 1973 जैसे तेल संकट की आशंका जताई जा रही है।

मध्य-पूर्व में तनाव के चलते Strait of Hormuz से तेल की सप्लाई प्रभावित होने की खबरें सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है और मंदी के हालात भी बन सकते हैं।

दुनिया के 20% तेल की सप्लाई इसी रास्ते से

अमेरिकी ऊर्जा एजेंसी U.S. Energy Information Administration के मुताबिक, दुनिया में हर दिन करीब 20 मिलियन बैरल तेल की सप्लाई होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होती है।

यह वैश्विक तेल खपत का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा है। ऐसे में इस मार्ग पर किसी भी तरह की रुकावट पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकती है।

भारत, चीन और एशियाई देशों पर सबसे बड़ा असर

होर्मुज से गुजरने वाले तेल का बड़ा हिस्सा एशियाई देशों द्वारा खरीदा जाता है। इनमें खास तौर पर

  • India
  • China
  • Japan
  • South Korea

देश शामिल हैं। यदि सप्लाई में बाधा आती है तो इन देशों की अर्थव्यवस्था पर सबसे पहले और सबसे बड़ा असर पड़ सकता है।

1973 के तेल संकट से भी बड़ा हो सकता है खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात 1973 Oil Crisis से भी ज्यादा गंभीर हो सकते हैं।1973 के दौरान दुनिया की तेल खपत आज के मुकाबले काफी कम थी। उस समय इस रास्ते से करीब 4.5 से 5 मिलियन बैरल तेल की सप्लाई होती थी।

वहीं Iranian Revolution के समय भी यह आंकड़ा करीब 6 मिलियन बैरल प्रतिदिन था।आज के समय में यह बढ़कर करीब 20 मिलियन बैरल प्रतिदिन तक पहुंच चुका है, जिससे संकट की आशंका और अधिक बढ़ जाती है।

तेल के साथ गैस संकट की भी आशंका

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में लंबे समय तक रुकावट आती है तो सिर्फ तेल ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक गैस और अन्य ईंधनों की सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है। इससे वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा होने का खतरा है।

सऊदी अरब और यूएई से मिल सकती है आंशिक राहत

हालांकि कुछ राहत की उम्मीद भी है। Saudi Arabia और United Arab Emirates जैसे देश वैकल्पिक मार्गों से तेल की सप्लाई जारी रखने की कोशिश कर सकते हैं।

यह भी पढ़े:- शराब नीति केस में CBI को बड़ी राहत, दिल्ली हाईकोर्ट ने क्या कहा

लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हालात में सप्लाई की लागत बढ़ जाएगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में और तेजी आ सकती है।

भारत के लिए बढ़ सकती है चिंता

भारत अपनी कुल तेल जरूरतों का करीब 85 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है। ऐसे में यदि वैश्विक सप्लाई बाधित होती है तो इसका सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था और ईंधन कीमतों पर पड़ सकता है।

फिलहाल भारत सरकार वैश्विक हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।

शराब नीति केस में CBI को बड़ी राहत, दिल्ली हाईकोर्ट ने क्या कहा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- दिल्ली शराब नीति मामले में Central Bureau of Investigation को बड़ी राहत मिली है। Delhi High Court ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है, जिसमें जांच में कथित खामियों को लेकर सीबीआई अधिकारी के खिलाफ जांच कराने का निर्देश दिया गया था।

हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि जब तक वह इस मामले में अंतिम फैसला नहीं सुनाता, तब तक ट्रायल कोर्ट प्रवर्तन निदेशालय यानी Enforcement Directorate से जुड़े मामले में कोई फैसला न सुनाए।

केजरीवाल, सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को नोटिस

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में सीबीआई की उस अपील पर सुनवाई की, जिसमें ट्रायल कोर्ट द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal, पूर्व उपमुख्यमंत्री Manish Sisodia समेत 23 आरोपियों को बरी करने के फैसले को चुनौती दी गई है।

जस्टिस Justice Swarana Kanta Sharma ने सीबीआई की दलीलें सुनने के बाद केजरीवाल सहित सभी आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को निर्धारित की गई है।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलील

सीबीआई की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta ने अदालत में कहा कि यह मामला स्पष्ट रूप से भ्रष्टाचार से जुड़ा है।

उन्होंने कहा कि मामले में रिश्वत लेने और बैठकों से जुड़े फोरेंसिक सबूत मौजूद हैं। मेहता ने अदालत से कहा कि उन्होंने शायद ही किसी जांच एजेंसी को इतने विस्तार से सबूत इकट्ठा करते देखा हो।

उन्होंने जोर देकर कहा कि वह कोई बढ़ा-चढ़ाकर बयान नहीं दे रहे हैं और अदालत में तथ्यों के आधार पर अपनी बात साबित करना चाहते हैं।

तूफानी बल्लेबाजी, कातिल गेंदबाजी और मैदान पर गरमागरमी… टी20 विश्व कप फाइनल के यादगार पल

भारत ने रविवार को अहमदाबाद के Narendra Modi Stadium में खेले गए फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने तीसरी बार ICC Men’s T20 World Cup का खिताब अपने नाम किया। खास बात यह रही कि टीम इंडिया ने लगातार दूसरी बार यह ट्रॉफी जीती और ऐसा करने वाली दुनिया की पहली टीम बन गई।

इतना ही नहीं, पहली बार किसी मेजबान देश ने टी20 विश्व कप का खिताब जीता और पहली बार किसी टीम ने इस आईसीसी टूर्नामेंट को तीन बार जीतने का कारनामा किया। फाइनल में भारतीय टीम ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग—तीनों विभागों में शानदार प्रदर्शन किया।

तूफानी बल्लेबाजी से बना मजबूत स्कोर

फाइनल में भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। खास बात यह रही कि टीम के टॉप ऑर्डर के तीनों बल्लेबाजों ने अर्धशतक जड़े। टी20 विश्व कप के इतिहास में यह पहली बार हुआ जब किसी टीम के शीर्ष तीन बल्लेबाजों ने एक ही मैच में 50+ रन बनाए।

पावरप्ले में ही बरसे रन

भारत की विस्फोटक शुरुआत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शुरुआती छह ओवर के पावरप्ले में टीम ने बिना कोई विकेट गंवाए 92 रन बना डाले।

संजू सैमसन का शानदार प्रदर्शन

ओपनर Sanju Samson ने एक बार फिर शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने 46 गेंदों पर 89 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 5 चौके और 8 छक्के शामिल थे।

सैमसन के लिए यह टूर्नामेंट बेहद यादगार रहा। वेस्टइंडीज के खिलाफ 97* रन और सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 89 रन बनाने के बाद उन्होंने फाइनल में भी कमाल की पारी खेली।

हालांकि शुरुआत में उनकी प्लेइंग इलेवन में जगह पक्की नहीं मानी जा रही थी, लेकिन मौका मिलने पर उन्होंने खुद को टीम की बल्लेबाजी की मजबूत कड़ी साबित किया। पांच मैचों में 321 रन बनाकर वह टूर्नामेंट में तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे और उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया।

अभिषेक शर्मा ने बड़े मैच में दिखाया दम

Abhishek Sharma फाइनल से पहले संघर्ष कर रहे थे। शुरुआती तीन मैचों में वह खाता तक नहीं खोल पाए थे, लेकिन टीम मैनेजमेंट ने उन पर भरोसा बनाए रखा।

फाइनल में उन्होंने 21 गेंदों पर 52 रन की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें 6 चौके और 3 छक्के शामिल थे। इसके अलावा गेंदबाजी में भी उन्होंने एक विकेट हासिल किया और टीम की जीत में अहम योगदान दिया।

ईशान किशन की दमदार पारी

विकेटकीपर बल्लेबाज Ishan Kishan ने भी फाइनल में शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने 25 गेंदों में 54 रन बनाए और टीम के स्कोर को मजबूत आधार दिया।

पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने 9 मैचों में 317 रन बनाए और चौथे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे।

शिवम दुबे की विस्फोटक फिनिशिंग

अंतिम ओवरों में Shivam Dube ने तेजी से रन बटोरते हुए सिर्फ 8 गेंदों में नाबाद 26 रन बनाए। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने 5 विकेट पर 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।

बुमराह की कातिलाना गेंदबाजी

भारतीय तेज गेंदबाज Jasprit Bumrah फाइनल के असली हीरो साबित हुए। उन्होंने 4 ओवर में सिर्फ 15 रन देकर 4 विकेट झटके और न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।

उनकी इकॉनमी सिर्फ 3.75 रही और उन्हें फाइनल का प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

होम ग्राउंड पर अक्षर पटेल का जलवा

ऑलराउंडर Axar Patel ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 3 ओवर में 27 रन देकर 3 विकेट लिए। इसके अलावा पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने कई शानदार कैच लेकर भी अपनी फील्डिंग का लोहा मनवाया। अहमदाबाद में अपने होम ग्राउंड पर खेलना उनके लिए भावनात्मक पल भी था।

अर्शदीप सिंह और मिचेल के बीच तनाव

मुकाबले के दौरान एक समय मैदान पर हल्का तनाव भी देखने को मिला। न्यूजीलैंड के बल्लेबाज Daryl Mitchell ने 11वें ओवर में Arshdeep Singh की गेंदों पर लगातार दो छक्के जड़ दिए।

इसके बाद अर्शदीप ने गुस्से में तेज थ्रो किया जो मिचेल की जांघ पर जाकर लगा। इससे दोनों खिलाड़ियों के बीच कुछ देर के लिए बहस जैसी स्थिति बन गई। हालांकि अंपायर और भारतीय कप्तान Suryakumar Yadav ने बीच-बचाव किया। बाद में अर्शदीप ने मिचेल से माफी मांग ली और मामला शांत हो गया।

फाइनल मुकाबले में भारत ने हर विभाग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को एकतरफा अंदाज में हराया। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने न केवल तीसरी बार टी20 विश्व कप जीता, बल्कि विश्व क्रिकेट में एक नया इतिहास भी रच दिया।