नीतीश कुमार को पीएम बनाना चाहती थी सपा, अब राज्यसभा भेजा जा रहा: अखिलेश यादव का तंज

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने बिहार की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी चाहती थी कि Nitish Kumar देश के प्रधानमंत्री बनें, लेकिन अब उन्हें राज्यसभा भेजा जा रहा है।

शनिवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में अखिलेश यादव ने कहा कि जब ‘इंडिया’ गठबंधन बना था, तब सभी दल मिलकर नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे। लेकिन अब हालात ऐसे हो गए हैं कि उन्हें राज्यसभा सदस्य के रूप में सेवानिवृत्त किया जा रहा है।

भाजपा पर लगाया अपमान का आरोप

अखिलेश यादव ने कहा कि यह कदम पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समाज का अपमान है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि लोगों को बताना चाहिए कि राज्यसभा सदस्य बड़ा पद है या मुख्यमंत्री का पद।
अखिलेश का कहना था कि नीतीश कुमार पिछड़ा वर्ग से आते हैं और उन्हें इस तरह राज्यसभा भेजना राजनीतिक संदेश देता है।

सोशल मीडिया पर भी साधा निशाना

इससे पहले नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजे जाने की खबरों पर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी टिप्पणी की थी। उन्होंने इसे बिहार के इतिहास का “सबसे बड़ा राजनीतिक और आर्थिक अपहरण” बताया था।

विदेश नीति और खाड़ी देशों पर भी बोले

अमेरिका-ईरान विवाद से जुड़े सवाल पर सपा प्रमुख ने कहा कि भारत की विदेश नीति भारत की सरकार और जनता तय करेगी, न कि विदेशों में बैठे लोग।

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खाड़ी देशों में फंसे भारतीय नागरिकों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग वापस आना चाहते हैं, उन्हें सरकार को जिम्मेदारी के साथ देश वापस लाना चाहिए।

बेरोजगारी और महंगाई को लेकर भी हमला

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में बेरोजगारी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार टैक्स के जरिए महंगाई बढ़ा रही है और हाल ही में गैस सिलेंडर के दाम 60 रुपये तक बढ़ा दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि एक बार महंगाई बढ़ने के बाद उसे कम करना मुश्किल हो जाता है और जहां-जहां भाजपा की सरकार है वहां लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

चुनाव आयोग पर भी उठाए सवाल

सपा प्रमुख ने चुनाव आयोग पर भी निशाना साधते हुए कहा कि फॉर्म-7 को लेकर आयोग का बयान सही नहीं है। उनके अनुसार, चुनाव से जुड़े मामलों में पारदर्शिता होनी चाहिए।

प्रेसवार्ता से पहले कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

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