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UPSSSC भर्ती 2026: विधान भवन गार्ड व फायरमैन के 170 पदों पर वैकेंसी, 12वीं पास करें आवेदन

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने विधान भवन रक्षक (गार्ड) और अग्निक/अग्निरक्षक (फायरमैन) के कुल 170 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है।
इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 9 जून 2026 से शुरू होंगे और अभ्यर्थी 29 जून 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। आवेदन में संशोधन की अंतिम तिथि 6 जुलाई 2026 तय की गई है। इच्छुक उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए आवेदन कर सकते हैं।
इस भर्ती में वही अभ्यर्थी आवेदन कर पाएंगे जिन्होंने यूपी पीईटी 2025 में हिस्सा लिया है। PET स्कोर के आधार पर उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। आवेदन शुल्क सभी वर्गों के लिए 25 रुपये निर्धारित किया गया है।

 पदों का विवरण

विधान भवन रक्षक (120 पद):

  • अनारक्षित: 51
  • एससी: 31
  • एसटी: 2
  • ओबीसी: 24
  • ईडब्ल्यूएस: 12

अग्निक/अग्निरक्षक (50 पद):

  • अनारक्षित: 26
  • एससी: 9
  • ओबीसी: 9
  • एसटी: 1
  • ईडब्ल्यूएस: 5

 शैक्षिक योग्यता

दोनों पदों के लिए अभ्यर्थी का 12वीं (इंटरमीडिएट) या समकक्ष परीक्षा पास होना अनिवार्य है।

 आयु सीमा

  • न्यूनतम: 18 वर्ष
  • अधिकतम: 40 वर्ष
  • आरक्षित वर्गों को नियमानुसार आयु में छूट मिलेगी।

 वेतनमान

दोनों पदों के लिए पे-मैट्रिक्स लेवल-3 (₹21,700 – ₹69,100) निर्धारित है।

 चयन प्रक्रिया

भर्ती प्रक्रिया में निम्न चरण शामिल होंगे:
  • लिखित परीक्षा
  • शारीरिक मानक व दक्षता परीक्षा

शारीरिक मानक

पुरुष उम्मीदवार:

  • ऊंचाई: 168 सेमी (सामान्य/ओबीसी/एससी), 160 सेमी (एसटी)
  • सीना: 84 सेमी (फुलाने पर)

महिला उम्मीदवार:

  • ऊंचाई: 152 सेमी (सामान्य/ओबीसी/एससी), 147 सेमी (एसटी)
  • वजन: 45–58 किलोग्राम

लिखित परीक्षा पैटर्न

  • कुल अंक: 100
  • समय: 2 घंटे
  • प्रश्न प्रकार: वस्तुनिष्ठ
  • नेगेटिव मार्किंग: 1/4 (25%)

विषय:

  • इतिहास, भूगोल, राजनीति, सामान्य विज्ञान
  • कंप्यूटर व आईटी ज्ञान
  • उत्तर प्रदेश से संबंधित सामान्य जानकारी

महत्वपूर्ण तिथियां

नाराज विपक्ष को मनाने की कोशिश, महिला आरक्षण बिल पर…, पीएम मोदी ने सभी दलों को लिखा पत्र

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- महिला आरक्षण विधेयक को लेकर विपक्ष की नाराजगी के बीच केंद्र सरकार आम सहमति बनाने की दिशा में सक्रिय हो गई है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा और राज्यसभा के सभी दलों के नेताओं को पत्र लिखकर इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करने की अपील की है।
प्रधानमंत्री ने संसद के आगामी सत्र से पहले लिखे अपने पत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर होने वाली चर्चा को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र को और मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है और सभी दलों को मिलकर इसे सफल बनाना चाहिए।
पीएम मोदी ने सांसदों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस विधेयक के समर्थन में एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक दल या व्यक्ति का मुद्दा नहीं, बल्कि देश की महिलाओं और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय है।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
अपने पत्र में प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति महिलाओं की प्रगति पर निर्भर करती है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि निर्णय लेने और नेतृत्व में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए जरूरी है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अंतरिक्ष, खेल, सशस्त्र बलों और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में भारतीय महिलाएं लगातार अपनी पहचान बना रही हैं, ऐसे में राजनीति में उनकी भागीदारी बढ़ाना समय की मांग है।
2029 चुनाव से लागू करने की तैयारी
प्रधानमंत्री ने कहा कि लंबे विचार-विमर्श और विशेषज्ञों से सलाह के बाद सरकार इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि अब इस कानून को लागू करने का समय आ गया है। उन्होंने संकेत दिया कि 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव महिला आरक्षण के साथ कराए जाने का लक्ष्य है, जिससे लोकतांत्रिक संस्थाओं में नई ऊर्जा आएगी।
विपक्ष की नाराजगी बरकरार
वहीं विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने इस मुद्दे पर उन्हें विश्वास में नहीं लिया और समय को लेकर भी एकतरफा फैसला किया। विपक्ष का कहना है कि पहले सर्वदलीय बैठक बुलाकर सहमति बनानी चाहिए थी।
सरकार ने घोषणा की है कि 16 से 18 अप्रैल तक होने वाले संसद के विशेष सत्र में इस विधेयक पर विस्तृत चर्चा होगी और आवश्यक संशोधनों पर विचार किया जाएगा।

आशा भोसले का निधन: 92 साल की उम्र में ली अंतिम सांस, संगीत जगत को बड़ा झटका

न्यूज़ डेस्क /सर्वोदय न्यूज़:- भारतीय संगीत जगत को गहरा आघात पहुंचा है। दिग्गज गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने रविवार को अंतिम सांस ली। उनके निधन से फिल्म और संगीत उद्योग में शोक की लहर दौड़ गई है।
बताया जा रहा है कि कार्डिएक अरेस्ट और फेफड़ों में संक्रमण के चलते उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार सुबह से ही उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी, जिसके बाद उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।
आशा भोसले के निधन की खबर सामने आते ही बॉलीवुड समेत पूरे देश में शोक का माहौल है। उन्हें संगीत के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए दादासाहेब फाल्के पुरस्कार और पद्म विभूषण जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया था।
उनकी पोती जनाई भोसले ने पहले जानकारी दी थी कि आशा जी सीने के संक्रमण और कमजोरी से जूझ रही थीं और उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी।

12 हजार से ज्यादा गानों को दी आवाज

आशा भोसले, महान गायिका लता मंगेशकर की छोटी बहन थीं। उन्होंने अपने लंबे करियर में 12,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए और कई भाषाओं में अपनी आवाज का जादू बिखेरा।
उन्होंने मीना कुमारी, मधुबाला, जीनत अमान, काजोल और उर्मिला मातोंडकर सहित कई मशहूर अभिनेत्रियों के लिए अपनी आवाज दी।
उनके लोकप्रिय गीतों में ‘चुरा लिया है तुमने जो दिल को’, ‘अभी ना जाओ छोड़कर’ और ‘इंतहा हो गई इंतजार की’ जैसे कई सदाबहार गाने शामिल हैं।
2023 में उन्होंने अपने 90वें जन्मदिन के मौके पर दुबई में आयोजित ‘Asha90: Live in Concert’ में प्रस्तुति देकर अपने प्रशंसकों को मंत्रमुग्ध कर दिया था।
आशा भोसले के निधन से संगीत जगत ने अपनी एक अनमोल आवाज खो दी है, जिसकी भरपाई शायद ही कभी हो सके।

आशा भोसले अस्पताल में भर्ती, पीएम मोदी ने जताई चिंता; जल्द स्वस्थ होने की कामना

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-  संगीत जगत की दिग्गज गायिका आशा भोसले की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी तबीयत को लेकर देशभर में चिंता का माहौल है और फैंस उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनकी सेहत को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि आशा भोसले जी के अस्पताल में भर्ती होने की खबर से उन्हें दुख हुआ है और वे उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।
परिवार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, उनकी पोती जनाई भोसले ने बताया कि छाती में संक्रमण और कमजोरी के चलते उन्हें शनिवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि 92 वर्षीय गायिका को कार्डियक अरेस्ट और फेफड़ों से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
फिलहाल उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन उनकी गंभीर स्थिति की खबर ने पूरे देश में चिंता बढ़ा दी है।

संगीत जगत में खास पहचान

आशा भोसले का करियर सात दशकों से भी अधिक लंबा रहा है। उन्होंने शास्त्रीय संगीत से लेकर फिल्मी और पॉप म्यूजिक तक, कई भाषाओं में हजारों गानों को अपनी आवाज दी है। उनकी बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित गायिकाओं में शामिल किया है।

सम्मानों से नवाजी गईं

संगीत के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें पद्म विभूषण और दादासाहेब फाल्के पुरस्कार जैसे देश के सर्वोच्च सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।
जैसे ही उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर उनके फैंस और संगीत जगत के लोगों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। हर कोई उनकी सेहत में जल्द सुधार की उम्मीद कर रहा है।

अमेरिका-ईरान वार्ता फेल: ‘फालतू मांगों’ पर अड़ा रहा अमेरिका, इस्लामाबाद में 21 घंटे की बातचीत बेनतीजा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में चली अहम वार्ता करीब 21 घंटे तक जारी रहने के बाद बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई। दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर चर्चा तो हुई, लेकिन किसी भी ठोस समझौते पर सहमति नहीं बन सकी।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बातचीत के बाद कहा कि इस वार्ता से जुड़ी एक अच्छी और एक बुरी खबर है। उनके मुताबिक, सकारात्मक पक्ष यह है कि दोनों देशों ने अहम मुद्दों पर खुलकर बातचीत की, लेकिन नकारात्मक पहलू यह रहा कि कोई समझौता नहीं हो सका। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने ईरान के सामने “फाइनल और बेस्ट ऑफर” रख दिया है, जिसे मानना या ठुकराना अब ईरान पर निर्भर है।
वहीं ईरान ने वार्ता विफल होने के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। ईरानी सरकारी प्रसारक के मुताबिक, उनके प्रतिनिधिमंडल ने पूरी सकारात्मकता के साथ बातचीत की, लेकिन अमेरिका की “बेवजह और फालतू मांगों” के कारण वार्ता में रुकावट आई और अंततः कोई नतीजा नहीं निकल सका।

परमाणु मुद्दे पर अड़चन

जेडी वेंस ने साफ कहा कि अमेरिका की मुख्य चिंता ईरान का परमाणु कार्यक्रम है। उनका कहना है कि ईरान परमाणु हथियारों पर रोक लगाने के लिए तैयार नहीं है, जो कि अमेरिका के लिए सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। इसी वजह से बातचीत आगे नहीं बढ़ पाई।

ट्रंप से कई बार संपर्क

वार्ता के दौरान वेंस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कई बार बातचीत की। यह बैठक इसलिए भी खास मानी जा रही थी क्योंकि करीब 47 साल बाद इस स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच सीधे संवाद हुआ था।
अमेरिकी टीम में विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के सलाहकार जारेड कुशनर भी शामिल थे। वहीं ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष मोहम्मद गालिबाफ और विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने हिस्सा लिया।
हालांकि, बातचीत बेनतीजा रही, लेकिन अमेरिका ने यह संकेत जरूर दिया है कि अगर ईरान उसके प्रस्ताव को स्वीकार करता है तो आगे भी समझौते की संभावनाएं बनी रह सकती हैं।

अमेरिका-ईरान वार्ता बेनतीजा, फिर भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से राहत की खबर; एक दिन में 16 जहाजों की आवाजाही

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। दोनों देशों के बीच प्रमुख मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई, हालांकि इस बातचीत पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई थीं। इसकी सबसे बड़ी वजह था स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग माना जाता है।
तनाव के बीच भी इस जलमार्ग से अच्छी खबर सामने आई है। शनिवार को यहां से कम से कम 16 जहाजों की आवाजाही दर्ज की गई, जो युद्धविराम के बाद अब तक का सबसे व्यस्त दिन बताया जा रहा है। यह संकेत है कि हालात धीरे-धीरे सामान्य होने की ओर बढ़ रहे हैं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM के अनुसार, अमेरिकी नौसेना के गाइडेड मिसाइल विध्वंसक USS Frank E. Petersen और USS Michael Murphy इस क्षेत्र में तैनात हैं। इनका मुख्य उद्देश्य समुद्र में बिछाई गई संभावित बारूदी सुरंगों को हटाकर जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता तैयार करना है।
समुद्री गतिविधियों पर नजर रखने वाली संस्था Marine Traffic के मुताबिक, USS Michael Murphy की निगरानी में चीन, हांगकांग और लाइबेरिया के झंडे वाले तीन बड़े कच्चे तेल टैंकर सुरक्षित रूप से इस मार्ग से गुजरे।
इस बीच, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अपने बयान में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर किसी भी मतभेद का जिक्र नहीं किया। गौरतलब है कि यह मार्ग दुनिया के कुल तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत वहन करता है। ऐसे में इसका बंद होना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

पाकिस्तान का संयुक्त गश्त प्रस्ताव

इस्लामाबाद में हुई इस बैठक के दौरान पाकिस्तान ने एक अहम प्रस्ताव भी रखा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त गश्त का सुझाव दिया है। इसका उद्देश्य इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को सुरक्षित और निर्बाध बनाए रखना है।

क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?

दुनिया के कुल तेल निर्यात का लगभग पांचवां हिस्सा इसी संकरे समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है। हालिया तनाव के चलते जब इस मार्ग पर खतरा मंडराया, तो वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता देखने को मिली। अब एक ही दिन में 16 जहाजों का गुजरना अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए राहत भरी खबर माना जा रहा है।

यूपी में कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज, संगठन में बदलाव के संकेत; कल लखनऊ आएंगे तावड़े

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार और संगठनात्मक फेरबदल को लेकर चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं।

शनिवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष Pankaj Chaudhary की मुख्यमंत्री Yogi Adityanath से मुलाकात के बाद इन अटकलों को और बल मिला है।

संगठन और रणनीति पर हुई चर्चा

सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में पार्टी संगठन से जुड़े लंबित मुद्दों, आगामी राजनीतिक रणनीति और सरकार-संगठन के बीच समन्वय को मजबूत करने पर विस्तार से बातचीत हुई। बैठक को संभावित फेरबदल और आने वाले चुनावों की तैयारियों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।

तावड़े का दौरा अहम

इसी क्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता Vinod Tawde रविवार को लखनऊ पहुंचेंगे। उनके दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री Dharampal Singh के साथ महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है।

इस बैठक में संगठनात्मक ढांचे, विभिन्न मोर्चों में बदलाव और संभावित कैबिनेट विस्तार पर गहन मंथन होने की संभावना है।

कई नामों पर चल रही चर्चा

पार्टी सूत्रों का कहना है कि सरकार और संगठन दोनों स्तरों पर कई नामों पर विचार किया जा रहा है। अंदरखाने बैठकों का दौर तेज है और संभावित बदलावों को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं।

केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी जरूरी

हालांकि अंतिम फैसला Bharatiya Janata Party के केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी के बाद ही होगा। बताया जा रहा है कि फिलहाल शीर्ष नेतृत्व अन्य राज्यों, खासकर West Bengal के राजनीतिक अभियानों में व्यस्त है।

जल्द हो सकते हैं बड़े बदलाव

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यूपी भाजपा में संगठनात्मक और प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जो 2027 के चुनावी समीकरणों पर भी असर डाल सकते हैं।

डीजल पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला: ₹36 तक बढ़ा दिए गए एक्सपोर्ट ड्यूटी के साथ  ये चार्ज

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज:- वैश्विक स्तर पर जारी तनाव और ईंधन संकट के बीच India सरकार ने डीजल को लेकर बड़ा कदम उठाया है। Ministry of Finance की अधिसूचना के अनुसार हाई-स्पीड डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी और अन्य शुल्कों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

कितनी बढ़ी ड्यूटी?

सरकार ने डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी को 21.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 55.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। इसके अलावा:

  • स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी: 24 रुपये प्रति लीटर
  • रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर सेस: 36 रुपये प्रति लीटर

वहीं, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर भी ड्यूटी 29.5 रुपये से बढ़ाकर 42 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। हालांकि पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी अभी भी शून्य रखी गई है।

पहले भी लिया गया था फैसला

इससे पहले 26 मार्च को सरकार ने डीजल पर 21.50 रुपये प्रति लीटर और ATF पर 29.5 रुपये प्रति लीटर की एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाई थी, जिसे अब और बढ़ाया गया है।

क्यों बढ़ाए गए शुल्क?

सरकार के इस फैसले के पीछे मुख्य वजह घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। United States, Israel और Iran के बीच जारी संघर्ष के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। ऐसे में निर्यातकों द्वारा अंतरराष्ट्रीय कीमतों का फायदा उठाने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

क्या होगा असर?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से घरेलू बाजार में डीजल की उपलब्धता बेहतर हो सकती है, लेकिन निर्यात पर असर पड़ने की संभावना है। साथ ही, एयरलाइन सेक्टर पर ATF महंगा होने का दबाव भी बढ़ सकता है।

वैश्विक हालात का असर

पश्चिम एशिया में हालिया संघर्ष के बाद तेल आपूर्ति बाधित हुई थी, जिससे दुनियाभर में फ्यूल संकट गहरा गया। हालांकि 8 अप्रैल को संघर्ष विराम के बाद स्थिति कुछ हद तक स्थिर हुई है, लेकिन बाजार में अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है।

यूपी चुनाव 2027: महिलाओं को ऐसे साधेगी भाजपा, सरकार-संगठन मिलकर चलाएंगे विशेष अभियान

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दल सक्रिय हो गए हैं। इसी कड़ी में Bharatiya Janata Party ने महिलाओं को साधने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की है। पार्टी सरकार और संगठन स्तर पर मिलकर “आधी आबादी” को जोड़ने का अभियान चलाने जा रही है।

हर जिले में होंगे कार्यक्रम

भाजपा की योजना के तहत प्रदेश के सभी जिलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में महिलाओं के हित में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किए गए कामों को प्रमुखता से बताया जाएगा। साथ ही महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर रहेगा।

इसके लिए पार्टी ने जिला स्तर पर संयोजकों की नियुक्ति भी कर दी है, जो इस अभियान को जमीन पर उतारेंगे।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को बनाया जाएगा मुख्य मुद्दा

महिला एवं बाल विकास मंत्री Baby Rani Maurya ने Nari Shakti Vandan Adhiniyam को ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति निर्माण में भागीदार बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव है।

मौर्य के अनुसार, पीएममोदी के नेतृत्व में लाया गया यह प्रावधान संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण सुनिश्चित करता है, जिससे लोकतंत्र अधिक समावेशी बनेगा।

पंचायत मॉडल अब संसद-विधानसभाओं में

उन्होंने बताया कि देश में पंचायत स्तर पर महिलाओं की भागीदारी करीब 46% तक पहुंच चुकी है, जो उनकी नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है। अब इसी मॉडल को संसद और विधानसभा स्तर पर लागू करने की तैयारी है।

महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर

भाजपा का मानना है कि पिछले एक दशक में महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक भागीदारी में तेजी आई है साथ ही बड़ी संख्या में महिलाओं के बैंक खाते खुले एवं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ाव बढ़ा है इसके अलावा सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिला है |

पार्टी की चुनावी रणनीति

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, महिलाओं पर फोकस बढ़ाकर भाजपा 2027 चुनाव में मजबूत बढ़त बनाने की कोशिश कर रही है। महिला वोट बैंक को साधने के लिए यह अभियान आने वाले समय में और तेज हो सकता है।

इस दौरान Babita Chauhan, Ranjana Upadhyay और Mamta Pandey समेत कई महिला नेता भी मौजूद रहीं।

ईरान वार्ता के बीच ट्रंप का बड़ा ऐलान: अमेरिका पहुंच रहे खाली टैंकर, तेल-गैस करेंगे लोड

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- United States और Iran के बीच जारी बातचीत के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई बड़े खाली तेल टैंकर इस समय अमेरिका की ओर बढ़ रहे हैं, जहां उन्हें तेल और गैस से भरा जाएगा।

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि अमेरिका के पास दुनिया के शीर्ष तेल उत्पादक देशों से भी ज्यादा और बेहतर गुणवत्ता वाला तेल मौजूद है।

इस्लामाबाद में जारी अहम वार्ता

यह बयान ऐसे समय आया है, जब Islamabad में अमेरिकी और ईरानी अधिकारी पाकिस्तानी मध्यस्थों के साथ बातचीत कर रहे हैं। यह वार्ता पिछले करीब छह हफ्तों से जारी तनाव को खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

होर्मुज को लेकर ट्रंप की सख्त राय

इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि Strait of Hormuz से गुजरने वाले टैंकरों पर ईरान को कोई शुल्क नहीं लगाना चाहिए। उनका मानना है कि इस कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा है।

ईरान की शर्तें

ईरान ने बातचीत के लिए 10 बिंदुओं की योजना पेश की है, जिसमें प्रमुख मांगें शामिल हैं:

  • पश्चिम एशिया से अमेरिकी सैन्य वापसी
  • ईरान पर लगे प्रतिबंध हटाना
  • होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण की अनुमति

ईरान की ओर से विदेश मंत्री Abbas Araghchi प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। इस टीम में करीब 70 से ज्यादा अधिकारी, विशेषज्ञ और सुरक्षा कर्मी शामिल हैं।

लेबनान को लेकर भी तनाव

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने Lebanon पर Israel के हमलों को युद्धविराम का उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में बातचीत का महत्व कम हो सकता है।

अमेरिका का तेल कारोबार कितना बड़ा?

अमेरिका वैश्विक ऊर्जा बाजार में बड़ा खिलाड़ी है। साल 2025 में उसने करीब 4 मिलियन बैरल प्रतिदिन कच्चे तेल का निर्यात किया।

मुख्य आयातक देशों में शामिल हैं:

  • Netherlands
  • Mexico
  • Canada
  • South Korea
  • Japan
  • China
  • India

इसके अलावा Brazil, United Kingdom और Spain भी प्रमुख खरीदार हैं। अमेरिका कुल 140 से अधिक देशों को तेल निर्यात करता है।

वैश्विक असर

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका का यह कदम वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकता है। एक ओर जहां ईरान के साथ तनाव जारी है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका अपने निर्यात को बढ़ाकर बाजार में पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।